महाकुंभ एकता और भाईचारे का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देता है

नई दिल्ली महाकुंभ न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और समुदायों के लोग एक साथ आते हैं, जो एकता और भाईचारे का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। यह आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देता है क्योंकि यहां व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। महाकुंभ का उद्घाटन मुख्य स्नान पर्व के साथ होता है, जो विशेष तिथियों पर मनाया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी पवित्रता को बढ़ाने के लिए संगम में स्नान करते हैं। कुंभ के मुख्य स्नान तिथियों की गणना हिंदू पंचांग के अनुसार की जाती है। महाकुंभ के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं 2025 महाकुंभ के दौरान कई धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख अनुष्ठान यहां बताए जा रहे हैं: महाकुंभ स्नान: श्रद्धालु संगम में स्नान करने आते हैं, जो उन्हें पवित्रता और शांति का अनुभव कराता है। महाकुंभ के दौरान संगम में स्नान का महत्व सर्वोच्च है। श्रद्धालु इस पवित्र जल में स्नान करके अपने पापों का नाश और आत्मा की शुद्धि की कामना करते हैं। विशेष तिथियों पर स्नान करना जैसे कि शाही स्नान और भी महत्वपूर्ण होता है। यह दिन ज्योतिषीय गणना के आधार पर निर्धारित होता है और भक्तजन इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। महाकुंभ यज्ञ और हवन महाकुंभ के दौरान विभिन्न प्रकार के यज्ञ और हवन का आयोजन किया जाता है। ये अनुष्ठान साधु-संतों द्वारा संपन्न किए जाते हैं। यज्ञ का उद्देश्य वातावरण की शुद्धि, समाज के कल्याण और आशीर्वाद की प्राप्ति होता है। श्रद्धालु यज्ञ में आहुतियां देकर अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। महाकुंभ में भजन-कीर्तन महाकुंभ के दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन भी होता है। भक्तजन एकत्र होकर भगवान की स्तुति करते हैं और धार्मिक गीत गाते हैं। यह न केवल श्रद्धा का प्रदर्शन है बल्कि सामूहिक भावना को भी जगाता है। ये भजन अक्सर साधु-संतों द्वारा गाए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणा देते हैं। महाकुंभ में धार्मिक प्रवचन महाकुंभ के दौरान विभिन्न धर्मगुरुओं और संतों द्वारा धार्मिक प्रवचन का आयोजन होता है। इन प्रवचनों में जीवन के विभिन्न पहलुओं, धर्म, नैतिकता और आध्यात्मिकता पर चर्चा की जाती है। श्रद्धालु इन प्रवचनों से ज्ञान प्राप्त करते हैं और अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित होते हैं। महाकुंभ में दर्शन: यहां पर विभिन्न तीर्थ स्थानों के देवी-देवताओं के मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। महाकुंभ में भंडारा: महाकुंभ के दौरान भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों लोगों को निशुल्क भोजन प्रदान किया जाता है। यह परंपरा एकता और सहयोग का प्रतीक है, जहां विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। भंडारे का आयोजन साधु-संतों के आश्रमों और श्रद्धालुओं के द्वारा किया जाता है। महाकुंभ में साधु-संतों का मिलन: इस अवसर पर अनेक साधु-संत और धार्मिक गुरु यहां आते हैं। उनका आगमन और प्रवचन भक्तों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उनकी उपस्थिति और प्रवचन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं। साधु-संतों का मिलन और उनकी शिक्षाएं श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। ये साधु विभिन्न तंत्रों, संप्रदायों और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। महाकुंभ में ध्वजा यात्रा: महाकुंभ के दौरान ध्वजा यात्रा का आयोजन भी होता है, जिसमें साधु-संत अपने ध्वज के साथ संगम की ओर बढ़ते हैं। यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत अनुभव होती है और इसे विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।महाकुंभ के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे नृत्य, संगीत और नाटक भी आयोजित होते हैं। ये कार्यक्रम भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि को प्रदर्शित करते हैं। recent visitors 65

सोमवार 18 नवंबर 2024 का राशिफल

मेष राशि-ज्यादा पैसे खर्च करते समय थोड़ी सावधानी बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। नौकरीपेशा वालों के लिए शुभ दिन है। प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगा,लेकिन धन का प्रबंधन होशियारी से करें। वृषभ राशि-आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। आपमें आत्मविश्वास भरपूर होगा। निवेश करने से पहले अच्छे से रिसर्च जरूर करें। कुछ जातक दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को संभालकर रखें। मिथुन राशि-खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है। परिजनों से वैचारिक मतभेद हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें और सोच-समझकर धन खर्च करें। कर्क राशि-आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। फैमिली और दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। कुछ जातकों को विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। प्रेमी की बातों को ध्यान से सुनें और धैर्य बनाए रखें। सिंह राशि-आर्थिक मामलों में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। जिसका असर आपके लाइफस्टाइल पर हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिजनों के साथ आनंददायक जीवन गुजारेंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे। सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। कन्या राशि-स्वास्थ्य में सुधार आएगा। करियर में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो सकता है। अपने करियर पर फोकस करें। दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहें। प्रेमी से अपने दिल की बात शेयर करने में संकोच न करें। तुला राशि-प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। आय के कई स्त्रोतों से पैसे आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ऑफिस मीटिंग में इनोवेटिव आइडियाज के साथ शामिल हों। इससे तरक्की के कई मौके मिलेंगे। वृश्चिक राशि-पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। प्रॉपर्टी को लेकर वाद-विवाद संभव है। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। हेल्दी डाइट लें। रेगुलर एक्सरसाइज करें। इससे एनर्जी लेवल मेंटेन रहेगा और आप स्वस्थ रहेंगे। धनु राशि-बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश करें। धन बचत करें। फालतू के खर्चों को कम कर दें। प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में देरी होगी। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। मकर राशि-व्यापार में मुनाफा होगा। घर में किसी फंक्शन या इवेंट के सेलिब्रेशन के चलते खुशियों का माहौल रहेगा। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद बढ़ सकते हैं। आध्यात्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। आज आप प्रेमी के साथ कुछ स्पेशल प्लान बना सकते हैं। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। कुंभ राशि-अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद तनाव बढ़ा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहने वाली है। करियर में तरक्की के सुनहरे मौकों का भरपूर लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। मीन राशि-पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियां दूर होंगी।। व्यापार में विस्तार होगा। अपने बजट पर ध्यान दें और बिना सोचे-समझे पैसे खर्च न करें। वाहन सावधानी से चलाएं। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। recent visitors 111

बम जैसा फटा गैस सिलेंडर, 50 लोग झूलसे, गंभीर हालात में भर्ती

Gas cylinder exploded like a bomb, 50 people burnt, admitted in critical condition छतरपुर । बीच बाजार गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। हादसे में 38 लोग झुलस गए। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। 34 घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, 4 मामूली घायलों का बिजावर के निजी क्लिनिक पर ही इलाज किया गया। घटना रविवार दोपहर ढाई बजे बिजावर के बस स्टैंड पर हुई। घायलों में शामिल एक स्थानीय दुकानदार नीलू बघेल ने बताया कि पेटीज के ठेले पर सिलेंडर से पहले गैस लीक हुई और फिर ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट के बाद मची भगदड़ घायलों ने बताया कि पेटीज की दुकान में तीन सिलेंडर रखे हुए थे। इनमें से एक फट गया। रविवार को बाजार लगता है इसलिए वहां बहुत भीड़ थी। धमाके के बाद भगदड़ जैसे हालात बन गए। आसपास के 100 मीटर तक के दायरे में लपटें उठीं। कई लोगों ने भागने की कोशिश की, फिर भी जल गए। recent visitors 220

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान, इससे ठीक पहले एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान, मैं सीएम पद की रेस में नहीं

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को होने वाली वोटिंग से ठीक पहले राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वे सीएम पद की रेस में नहीं हैं। सीएम शिंदे ने कहा, ''मैं मुख्यमंत्री पद की रेस में नहीं हूं, लेकिन महायुति से ही सीएम बनेगा।'' उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि विधानसभा चुनाव के बाद महायुति के सहयोगी दल तय करेंगे कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एकनाथ शिंदे लगभग ढाई सालों से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं और देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार उनकी सरकार में डिप्टी सीएम पद पर कार्यरत हैं। इंटरव्यू के दौरान महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पूछा कि बाला साहेब ठाकरे को राहुल गांधी हिंदू हृदय सम्राट कब बोलेंगे? उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि वह अपने स्वार्थ के लिए ही कांग्रेस के साथ चले गए। उन्होंने बीजेपी की पीठ पर छुरा घोंपा था। यदि आज बाला साहेब जिंदा होते तो वे अपने बेटे उद्धव को जंगल जाकर वाइल्ड लाइफ फोटो खींचने के लिए कहते। महाराष्ट्र की सभी 288 सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग होनी है और झारखंड व अन्य उपचुनावों वाली सीटों के साथ 23 नवंबर को महाराष्ट्र के भी नतीजे सामने आएंगे। महाराष्ट्र में इस बार महायुति और महा विकास अघाड़ी आमने-सामने हैं। महायुति में बीजेपी, एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना, अजित पवार की एनसीपी हिस्सा है, जबकि महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना शामिल हैं। पिछले दो-ढाई सालों में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सबसे पहले साल 2022 में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे से बगावत कर दी थी और बीजेपी की मदद से मुख्यमंत्री बन गए थे। उनके साथ शिवसेना के ज्यादातर सांसद और विधायक भी चले गए। वहीं, पिछले साल एनसीपी में भी तब फूट हुई, जब अजित पवार चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करते हुए महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री पद को लेकर अमित शाह ने क्या कहा था? पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह ने भी महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति पूर्ण बहुमत से सत्ता में लौटेगा और विधानसभा चुनाव के बाद गठबंधन के साझेदार मुख्यमंत्री पद पर फैसला लेंगे। अमित शाह ने कहा, ''अभी एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हैं। चुनाव के बाद गठबंधन के तीनों साझेदार मुख्यमंत्री पद पर फैसला लेंगे।'' बता दें कि महाराष्ट्र के 2019 चुनावों में बीजेपी सबसे ज्यादा सीट जीतने वाली पार्टी बनी थी, लेकिन तब कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने मिलकर सरकार बना ली, जिसमें उद्धव ठाकरे सीएम बने थे, लेकिन ढाई साल के बाद सरकार गिर गई थी। recent visitors 108

पसंद नहीं आई छात्र की हेयर स्टाइल, जबरन मुंडवा दिया सिर, मामला प्रकाश में आने के बाद सरकार ने जांच का आदेश दिया

हैदराबाद जबरन एक मेडिकल छात्र के सिर मुंडवाने का मामला सामने आया है। मामला तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज का है। मेडिकल कॉलेज के एक फैकल्टी सदस्य पर आरोप है कि वह एक छात्र को नाई की दुकान पर ले गया और जबरन उसका सिर मुंडवा दिया। मामला प्रकाश में आने के बाद तेलंगाना सरकार ने जांच का आदेश दिया है। अधिकारियों के मुताबिक मामला 12 नवंबर का है। सरकार ने मामले में गंभीरता से लिया है। तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने मामले की जांच का आदेश दिया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह रैगिंग नहीं है। छात्र की हेयर स्टाइल नहीं आई पसंद तेलंगाना सरकार के अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में कुछ सीनियर ने प्रथम वर्ष के छात्र से कहा कि यह हेयर स्टाइल मेडिकल कॉलेज के छात्र के लिए उचित नहीं है। उसे अपने बाल ट्रिम करवाने को कहा। हालांकि बाद में छात्र ने बाल ट्रिम करवा लिए। मगर छात्रावास में ही रहने वाले रैगिंग विरोधी समिति के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और एक सहायक प्रोफेसर ने कहा कि यह अजीब लग रहा है। इसके बाद दोनों छात्र को सैलून लेकर पहुंचे। यहां उसका सिर मुंडवा दिया।   प्राचार्य ने बनाई जांच समिति मामला प्राचार्य के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने शनिवार को चिकित्सा अधिकारी को छात्रावास से हटाने का आदेश दिया और घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि सहायक प्रोफेसर की ओर से इस तरह की गतिविधि में शामिल होना ठीक नहीं है। उधर, उनके विभाग का कहना है कि ऐसा करने का उनका कोई इरादा नहीं था। वह केवल छात्र को अनुशासित करना चाहते थे। recent visitors 141

लाहौर में लोगों का दम घुट रहा, भीषण प्रदूषण से लोग परेशान, पिछले 30 दिनों में 19 लाख से अधिक लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित

लाहौर पाकिस्तान के लाहौर में लोगों का दम घुट रहा है। भीषण प्रदूषण से लोग परेशान हैं। पिछले 30 दिनों में 19 लाख से अधिक लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित होकर सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे हैं। शनिवार को ही पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 75,000 से अधिक लोगों ने विषैली धुंध और वायु प्रदूषण की वजह से श्वसन संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल पहुंचे। इसके अलावा 3,359 अस्थमा रोगियों, 286 हृदय रोग पीड़ित, 60 स्ट्रोक पीड़ित और 627 कंजंक्टिवाइटिस मरीजों का इलाज किया गया। लाहौर में वायु प्रदूषण से जुड़े सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। यहां 5,353 व्यक्ति सांस संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इनमें 359 अस्थमा के मरीज, 171 हृदय रोगी, 20 स्ट्रोक पीड़ित और 303 कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित हैं। लाहौर के प्रमुख अस्पताल मरीजों से भरे हैं। सांस रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।   लाहौर और मुल्तान संभाग में स्वास्थ्य आपातकाल दोनों ही संभागों में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद। सरकार ने सभी सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। सभी पार्कों को भी किया गया बंद। बाजारों का खुलने का समय सीमित किया गया। कई इलाकों में कृत्रिम बारिश का लिया गया सहारा। चिकित्सा कर्मचारियों की छुट्टियां रद। मरीजों की संख्या बढ़ी तो चरमरा सकती स्वास्थ्य व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के निगरानी शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या चरम पर पहुंच गई है। आने वाले दिनों में बाह्य रोगी और आपातकालीन विभागों में मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना कठिन हो सकता है। एक स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक पिछले 30 दिनों में 1.91 मिलियन से ज़्यादा लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित होकर सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। इनमें से 133,429 मामले सिर्फ लाहौर के हैं। 119,462 अस्थमा के मरीज भी सामने आ चुके हैं। इनमें भी 5,577 पीड़ित लाहौर के हैं। लाहौर में स्थिति गंभीर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 13,862 हृदय रोगियों में से 5,455 लाहौर के हैं। 5,141 स्ट्रोक रोगियों में से 491 लाहौर का संबंध लाहौर से है। कंजंक्टिवाइटिस के कुल 11,913 पीड़ितों में 1,945 अकेले लाहौर से हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता सईद हमद रजा ने माना कि स्थिति गंभीर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिकारियों ने अस्पतालों में व्यापक व्यवस्था की है। चिकित्सा कर्मचारियों की सभी आपातकालीन छुट्टियां रद कर दी गई हैं। चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। recent visitors 182

Happy Birthday : कमलनाथ का व्यक्तित्व व कृतित्व जनसेवा के लिए समर्पित

18 November Happy Birthday: Kamal Nath’s personality and work are dedicated to public service भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और नौ बार सांसद रहे कमलनाथ के लिए जन सेवा ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य है। स्वर्गीय इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे माने जाने वाले कमलनाथ के जन्मदिवस पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर निगाहें डालें तो पिछले 45 वर्ष से छिंदवाड़ा और मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय कमलनाथ मितभाषी और मृदुभाषी नेताओं में से एक हैं। भारतीय राजनीति के शीर्ष चार नेताओं में शामिल होने के बाद भी उदारता और सहजता उनका स्वभाव है। उनके चाहने वाले तो आज भी उन्हें वर्तमान युग का दानवीर कर्ण ही मानते हैं। कमलनाथ के सार्वजनिक जीवन पर दृष्टि डालें तो उनका बुनियादी लक्ष्य हमेशा से यही रहा है कि समाज के सबसे कमजोर लोग, सबसे कमजोर इलाके और सबसे कमजोर वर्ग को किस तरह से अधिक से अधिक फायदा पहुंचाया जा सके। वह भी इस तरह कि लाल फीताशाही की भूमिका न्यूनतम हो जाए। इसी लक्ष्य को निगाह में रखकर उन्होंने जन कल्याण का जो मॉडल अपनाया उसी को आज देश और दुनिया छिंदवाड़ा मॉडल के नाम से जानती है। केंद्र की राजनीति में अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली पदों पर रहते हुए कमलनाथ ने अपनी भूमिका सिर्फ यहां तक सीमित नहीं की कि वे छिंदवाड़ा और मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाएं पहुंचा दें, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि वह परियोजनाएं बहुत तेजी से लोगों के पास पहुंचे और उनका स्वरूप इस तरह का हो कि वे भविष्य में भी रोजगार और विकास का सृजन करती रहे। जैसे, जब उन्होंने छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का जाल बिछाया तो उनकी निगाह में यह बात रही कि सड़क लोगों को आवागमन में तेजी तो उपलब्ध कराएंगी ही, साथ ही इनके निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और सबसे बढ़कर छोटे-छोटे गांव से लेकर कस्बों तक और बड़े शहरों तक आर्थिक गतिविधि में तेज आएगी, जो पूरे इलाके की आर्थिक समृद्धि में और खुशहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई की। इसी तरह 1980 के दशक में ही उन्होंने इस बात की कल्पना कर ली थी कि आने वाले समय में समाज और देश के आर्थिक विकास में निजी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसीलिए उन्होंने बड़ी-बड़ी निजी कंपनियों की उत्पादन इकाइयों को छिंदवाड़ा और आसपास के इलाकों में स्थापित कराया जिससे रोजगार का स्थाई साधन छिंदवाड़ा की जनता के लिए उपलब्ध हुआ। यह दोनों काम करते हुए भी उन्होंने यहां की परंपरागत कोयला खदान को पहले से ज्यादा मजबूत किया और जब तक उनकी औद्योगिक उपयोगिता रही तब तक इन कोयला खदानों ने नए छिंदवाड़ा को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छिंदवाड़ा से नेशनल हाईवे और रेल मार्ग जोड़ना भी कमलनाथ की इसी विकास दृष्टि का परिचायक है। इन्हीं सब पहलुओं को मिलाकर छिंदवाड़ा मॉडल का विकास हुआ है। कमलनाथ जब दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो अपनी इसी जनकल्याणकारी दृष्टि को उन्होंने मध्य प्रदेश के समग्र विकास पर केंद्रित किया। उन्होंने सबसे पहले फैसला यह किया कि मध्य प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ किया जाए। जब किसान कर्ज के बोझ से मुक्त हो जाएंगे तो उनकी आमदनी बढ़ेगी और उनके पास जो सर प्लस पैसा आएगा उससे वे खरीदारी करेंगे। जीवन स्तर को सुधारेंगे। इस तरह से पूरे मध्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधि को नई ऊंचाई मिलेगी। जब बैंकों ने किसानों का कर्ज माफ करने में ना-नुकुर की तो कमलनाथ जी ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के आधार पर ऐसी चाणक्य नीति का परिचय दिया कि बैंक बड़ी आसानी से कर्ज माफ करने के लिए तैयार हो गए और सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ा। सरकार बनने के तुरंत बाद उन्होंने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ कर दिया और अगर सरकार नहीं गिराई जाती तो मध्य प्रदेश के करीब 3 करोड़ किसानों का कर्ज़ वर्ष 2021 तक माफ हो चुका होता। किसानों के साथ ही कमलनाथ ने शहरी नागरिकों के लिए बिजली के बिल सस्ते कर दिए और ₹100 में 100 यूनिट बिजली उपलब्ध कराकर एक किस्म का चमत्कार कर दिया। उनकी दृष्टि समाज के वंचित वर्गों पर पड़ी और वृद्ध, विधवा, विकलांग तथा अन्य तरह की पेंशन को उन्होंने तुरंत दोगुना कर दिया। हनुमान जी के भक्त कमलनाथ के लिए धर्मार्थ कार्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसीलिए उन्होंने अपने कार्यकाल में राम वन गमन पथ, महाकाल कॉरिडोर, ओरछा के राम राजा मंदिर के लिए विशेष प्रावधान किया तथा गौ माता की रक्षा के लिए 1000 गौशालाओं के निर्माण के आदेश दिए। बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कमलनाथ बेरोजगारी भत्ता देना चाहते थे और उसके साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर सिंगल विंडो सिस्टम के आधार पर प्रदेश में ऐसी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का खाका तैयार कर लिया था जो बड़े पैमाने पर मध्य प्रदेश के नौजवानों को सम्मानजनक रोजगार दे। सामाजिक न्याय उनके लिए हमेशा से शीर्ष प्राथमिकता रहा है इसलिए कमलनाथ जी की सरकार ने एक तरफ तो अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया और दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था की। कमलनाथ के जन हितैषी कार्यों से जनता में हर्ष की लहर दौड़ गई और मध्य प्रदेश विकास के राजमार्ग पर सरपट दौड़ने लगा। इससे विरोधी दलों में खलबली मच गई और फिर कुछ गद्दारों के सहयोग से विपक्षी दलों ने कमलनाथ सरकार गिरा दी। लेकिन इससे कमलनाथ जी के जन कल्याण के इरादे पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वह एक विधायक और समाजसेवी के रूप में आज भी मध्य प्रदेश और छिंदवाड़ा की सेवा में संलग्न है। चाहे दिल्ली हो भोपाल हो या छिंदवाड़ा आज भी अगर कोई जरूरतमंद अपना कोई भी काम लेकर कमलनाथ के पास जाता है तो भी यथाशक्ति उसकी मदद करने की न सिर्फ कोशिश करते हैं बल्कि मदद प्रदान भी करते हैं। इसलिए उनका जन्मदिन सिर्फ एक व्यक्ति का जन्मदिन नहीं है बल्कि ऐसी विचारधारा और संस्था का जन्मदिन है जिसे अपना संपूर्णए जीवन जन-जन की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। recent visitors 595