मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया, आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के अमर नायकों और बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हर साल 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल, जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया। उनके क्रांतिकारी विचार और देश प्रेम की भावना आज भी हम सभी को प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए  अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर हमारा प्रदेश आगे बढ़े और विकास के पथ पर सतत अग्रसर रहे, इस के प्रयास हम सभी को मिलजुलकर करने हैं। recent visitors 114

नई औद्योगिक नीति में निर्धारित है विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के मेफेयर रिसार्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लांच किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।   हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमने ऐसी उद्योग नीति तैयार की है जो प्रदेश के उद्योग जगत के सभी जरूरतों को पूरा करेगा। हमारा प्रयास था कि ऐसी नीति बने जिससे  प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे और निवेश को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि नई नीति से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे प्रदेश को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। मंत्री देवांगन ने उद्योग नीति के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और उसके क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।  राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है। इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है। इस नीति में प्रथम बार … Read more

मुख्यमंत्री साय ने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देर रात कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विधायक मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की निःशुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की। recent visitors 63

आठ घंटे के अंदर ही सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त, भोपाल में क्राइम ब्रांच ने पकड़ी 8.4 किलो चरस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस अवैध नशे के कारोबार को नेस्तनाबूद करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में डीजीपी सुधीर सक्सेना के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस ने आज 14 नवम्बर को सुबह 8 बजे से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पहले ही दिन प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सुबह से शाम तक कार्रवाही कर मात्र आठ घंटो में 10 करोड़ रूपए से अधिक की कीमत के सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। भोपाल, खरगौन, सिवनी, छिंदवाड़ा और नीमच में हुई बड़ी कार्रवाही प्रदेशव्यापी अभियान के पहले दिन पुलिस ने 43 स्थानों पर अवैध मादक पदार्थ जब्त करने में सफलता पाई है। भोपाल में क्राइम ब्रांच ने 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन जिले के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी जिले के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना में 42.100 किलोग्राम गांजा तथा नीमच के रतनगढ़ थाना में 60 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त हुआ है। साथ ही 18 आरोपियों सहित 6 कार एवं एक ट्रक भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस प्रकार प्रदेश में पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाही कर 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलो डोडा चूरा, 61 ग्राम एमडी सहित 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अवैध मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 11 वाहनों को भी जब्त किया है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा कई संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर अवैध मादक पदार्थो के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में मादक पदार्थों के उत्पादन और वितरण में शामिल आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध मादक पदार्थों पर रोक लगाना है, बल्कि जनता में इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इस पहल के माध्यम से सरकार राज्य को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें हर संभव प्रयास कर रही है।   recent visitors 88

मुख्यमंत्री यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और कुशलक्षेम पूछी, उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी प्लंबर वारिस खान को एबी रोड हाई-वे पर कार पलटने की घटना में शिवपुरी के परिवार के सात लोगों की जान बचाने पर एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और उसकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव हैं। वारिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से बीनागंज जा रहे थे, तभी सामने आ रही कार दुर्घटनावश खंती में गिर गई। मैंने बिना देरी किये अपने हाथों से कार के कांच तोड़े और एक-एक कर के सभी यात्रियों को बाहर निकाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वारिस के इस साहसी कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वारिस आपने बहुत अच्छा कार्य किया है। मुसीबत के समय में एक दूसरे की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। आपके इस कार्य से सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को 15 अगस्त के अवसर पर लोगों की मदद करने वाले साहसी लोगों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।   recent visitors 81

अब भोपाल में खादी के कपड़े परंपरागत दुकानों के बजाय अब ब्रांडेड कपड़ों की तरह चमचमाते माॅल में मिलेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में अब खादी के कपड़ों के भी दिन बदलने वाले हैं. खादी के कपड़े परंपरागत दुकानों के बजाय अब ब्रांडेड कपड़ों की तरह चमचमाते माॅल में मिलेंगे. राजधानी भोपाल में प्रदेश का पहला खादी मॉल बनने जा रहा है. अगले छह माह में खादी माॅल संचालित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. राजधानी भोपाल में बनने जा रहे खादी माॅल में खादी के कपड़े, हैंडीक्राफ्ट और अन्य कुटीर उत्पाद मिलेंगे. इसमें हस्तशिल्प, हथकरघा, माटीकला, रेशम और ग्रामोद्योग से जुड़े सभी उत्पाद मिलेंगे. माॅल में उत्पादों के लिए विशेष डिस्प्ले स्पेस भी तैयार किए जाएंगे. भोपाल के एमपी नगर के जोन वन स्थित तीन मंजिला चित्तौड़ कॉम्पलेक्स को मॉल में परिवर्तित किया जाएगा. मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने कॉम्पलेक्स में स्थित सरकारी कार्यालय व बीमा कंपनियों के दफ्तर खाली करा लिए हैं. कॉम्प्लेक्स को माॅल बनाने के लिए मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने टेंडर निकाले हैं. वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर पर खादी एम्पोरियम संचालित है. माॅल निर्माण के दौरान इसका भी रिनोवेशन होगा. माॅल खुलने के बाद विभाग फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से भी करार करने की तैयारी कर रहा है. ताकि उपभोक्ताओं को इन परंपरागत उत्पादों की होम डिलेवरी की सुविधा भी दी जा सके. फर्स्ट फ्लोर पर बनेगा हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन मॉल का फर्स्ट फ्लोर हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन के लिए आरक्षित रखा जाएगा. यहां प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कला और संस्कृति से जुड़े हैंडीक्राफ्ट की स्थाई एग्जिबिशन लगाई जाएगी. यहां फैशनेबल खादी ब्रांड व सिल्क के उत्पाद का एक सेगमेंट होगा. सेकंड फ्लोर में विंध्या वैली ब्रांड और ग्राउंड फ्लोर परंपरागत खादी वस्त्रों के लिए रखा जाएगा. छत पर ओपन कैफेटेरिया भी संचालित किया जाएगा. मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने इसके टेंडर निकाले हैं। माॅल खुलने के बाद विभाग फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से भी करार करने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि इसमें फर्स्ट फ्लोर पर हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन बनेगा।  सेकंड फ्लोर में विंध्या वैली ब्रांड, ग्राउंड फ्लोर परंपरागत खादी वस्त्रों के लिए रखा जाएगा। वहीं छत पर ओपन कैफेटेरिया संचालित किया जाएगा। recent visitors 235

कांदा एक्सप्रेस : नासिक से दिल्ली 1333 टन प्याज लायी मालगाड़ी, अब मिलेगी राहत

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में अब प्याज की कीमतें कम हो सकेंगी। जी हां, इन इलाकों में प्याज की सप्लाई बढ़ सके, इसके लिए नासिक से पिछले दिनों ही एक विशेष एक्सप्रेस ट्रेन चली थी। यह ट्रेन कल यानी बुधवार को ही दिल्ली के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुकी है। इस ट्रेन में 1333 टन प्याज है। इसे यदि ट्रक से मंगाया जाता तो कम से कम 56 ट्रक में लाना होता। कीमतें होंगी स्थिर आजादपुर मंडी के प्याज कारोबारियों का कहना है कि एक मालगाड़ी प्याज आने से अब इसकी कीमतें स्थिर होंगी। दरअसल एक मल्टी एक्सल ट्रक में करीब 25 टन प्याज आता है। ट्रक से प्याज मंगाने पर रेलगाड़ी के मुकाबले ज्यादा समय लगता है। वहीं मालगाड़ी में एक साथ 1333 टन प्याज आ गया। इसे यदि ट्रक से मंगाया जाता तो 56 ट्रक में लाने पड़ते। प्याज लाने में खर्च भी कम लगा केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के एक अधिकारी का कहना है कि यिद ट्रक से इतना प्याज मंगाना पड़ता तो 56 ट्रकों का किराया ही 84 लाख रुपये पड़ता। लेकिन रेलगाड़ी से मंगाने पर रेलवे को 70 लाख 20 हजार रुपये का किराया चुकाना पड़ा। मतलब कि करीब 14 लाख रुपये की बचत। इससे प्याज खुले बाजार में सस्ती बिकेगी। एक और मालगाड़ी की लोडिंग चल रही है रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी से इतने बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई से दिल्ली में प्याज की उपलब्धता में वृद्धि होगी। इस पहल से प्याज़ की आवक बढ़ेगी और मंडियो मे प्याज़ की खुदरा मूल्य स्थिर होंगी । उन्होंने बताया कि इस समय नासिक में एक और मालगाड़ी में प्याज लोड की जा रही है। उस रैक में 1400 टन प्याज लोड किया जाएगा। यह प्याज भी अगले कुछ दिनों में दिल्ली पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार के पास है पौने पांच लाख टन प्याज प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस साल प्याज का 4.7 लाख टन बफर स्टॉक बनाया है। इसी में से प्याज दिल्ली समेत देश के विभिन्न शहरों में भेजा जा रहा है। अभी तक बफर स्टॉक से प्याज गुजरात, कर्नाटक, गोवा, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और मणिपुर भेजा जा चुका है। बफर स्टॉक के लिए जो प्याज की खरीद की गई है, उसकी औसत खरीद मूल्य 28 रुपये किलो है। खुले बाजार में महंगी बिक रही है प्याज इस समय दिल्ली के खुले बाजार में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इस वजह से लोगों का खाना बेस्वाद हो गया है। अब जबकि मालगाड़ी भर कर प्याज दिल्ली आ गई है तो माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इसकी कीमतें स्टेबल हो जाएंगी। recent visitors 132