सराय काले खां बस अड्डे के बाहर चौक का नाम बिरसा मुंडा चौक किया गया

नई दिल्ली झारखंड में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को संपन्न हो चुका है और दूसरे चरण के तहत 20 नवंबर को मतदान होगा। झारखंड में तो चुनावी पारा चढ़ा ही है। अब दिल्ली से भी झारखंड को साधने की कोशिश हो रही है। दिल्ली में सराय काले खां बस अड्डे के बाहर बड़े चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रख दिया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज यानी शुक्रवार 15 नवंबर को इसकी घोषणा की। यहां बिरसा मुंडा की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया ऐलान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि यहां आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक को भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाएगा। इस प्रतिमा और उस चौक का नाम देखकर न केवल दिल्ली के नागरिक बल्कि बस स्टैंड पर आने वाले लोग भी निश्चित रूप से उनके जीवन से प्रेरित होंगे।" बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, "अभी हमारे एलजी साहब ने मुझे बताया कि ये 30 हज़ार हेक्टेयर ज़मीन जिस पर ये बांसेरा बनाया गया है, कभी कूड़े का ढेर हुआ करता था और आज यहां लाखों पक्षी आते हैं। जब कोई सरकार लोगों और समाज के कल्याण को ध्यान में रखकर आती है, तो ये उसका उत्तम उदाहरण है…" उन्होंने कहा, इस चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम से रखा जाता है, ताकि दिल्ली के नागरिक, न सिर्फ दिल्ली के नागरिक, बल्कि अन्य प्रांतों से भी यहां पर आने-जाने वाले लोग जब यहां से गुजरेंगे तो इस प्रतिमा का दर्शन और उस चौक का नाम उनके नाम होने से, उनके जीवन से हमेशा-हमेशा के लिए हमें प्रेरणा मिलती रहेगी। recent visitors 144

शादी सीजन में राहत सोना-चांदी हुआ सस्ता ₹5000 तक गिर गया गोल्ड का भाव, चेक करें सिटी वाइज लेटेस्ट रेट

मुंबई शेयर बाजार (Share Market) में बीते कुछ दिनों से बड़ी गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को भी Sensex-Nifty ने तेज शुरुआत की और कुछ देर बाद फिर से गिरावट में कारोबार करता दिखाई दिया. लेकिन सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोना (Gold) भी लगातार टूट रहा है. Gold Rates में बीते 1 नवंबर से अब तक यानी दो हफ्ते में ही 5000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. आइए जानते हैं क्या है आज 24 कैरेट गोल्ड का ताजा रेट… लगातार सस्ता हो रहा सोना सोने की कीमतों में इस साल बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला है. एक ओर जहां मोदी 3.0 का पहला बजट (Union Budget 2024) पेश होने के दौरान सरकार की ओर से सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी हटाने का ऐलान किए जाने के बाद ये भरभराकर टूटा था, तो इसके अगले ही महीने से Gold Price ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए शिखर पर पहुंच गया. लेकिन बीते दो हफ्तों से Gold Rate में गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड के रेट में 700 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई. दो हफ्ते में इतना घटा Gold Rate एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमतों में बीते दो हफ्ते में हुए बदलाव पर नजर डालें, तो महीने की शुरुआत में यानी 1 नवंबर को पांच दिसंबर की एक्सपायरी वाला Gold Rate 78,867 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, लेकिन गुरुवार 14 नवंबर 2024 मतलब आज ये गिरकर 73,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें तो सोने की कीमत में 1 से 14 नवंबर के दौरान 5,117 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की बड़ी गिरावट (Gold Price Fall) आई है. घरेलू मार्केट में क्या चल रहा सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के साथ ही घरेलू मार्केट में भी सोने की कीमत (Gold Price) में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोशियएसन (IBJA) की वेबसाइट के मुताबिक, बीते 1 नवंबर फाइन गोल्ड (999) की कीमत 81 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई थी, लेकिन अब इसका भाव कम होकर 75,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. मतलब 24 कैरेट गोल्ड के रेट में दो हफ्ते में 6000 रुपये स् ज्यादा की कमी आई है. अन्य क्वालिटी के गोल्ड की घरेलू मार्केट में कीमत पर नजर डालें तो… क्वालिटी        दाम (IBJA के मुताबिक) 24 कैरेट        75,260 रुपये/10 ग्राम 22 कैरेट        73,450 रुपये/10 ग्राम 20 कैरेट        66,980 रुपये/10 ग्राम 18 कैरेट        60,960 रुपये/10 ग्राम गौरतलब है कि घरेलू मार्केट में सोने का ये दाम 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना हैं. मेकिंग चार्ज अलग-अलग होते हैं और इसके चलते देश के तमाम शहरों में सोने की कीमत में बदलाव देखने को मिलता है. Budget के बाद भरभराकर टूटा था सोना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बीते 23 जुलाई को संसद में मोदी 3.0 का बजट पेश करने के बाद अचानक सोने की कीमत में बड़ी गिरावट क्यों देखने को मिली थी? तो बता दें कि बजट में कई बदलावों का ऐलान हुआ था और इनमें से एक Gold-Silver से जुड़ा हुआ था. दरअसल, सरकार ने गोल्ड पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया और इसका असर बजट वाले दिन ही सोने के भाव में करीब 4000 रुपये की गिरावट के रूप में देखने को मिला था और ये गिरावट कई दिनों तक जारी रही थी. ऐसे चेक करें Gold की शुद्धता बता दें कि देश भर में सोने के आभूषणों की कीमत उत्पाद शुल्क, राज्यों के कर और मेकिंग चार्ज के कारण बदलती रहती है. यहां बता दें कि आभूषण बनाने के लिए ज्यादातर 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है, वहीं कुछ लोग 18 कैरेट सोने का भी इस्तेमाल करते हैं. आभूषण पर कैरेट के हिसाब से हॉल मार्क दर्ज होता है. 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999 लिखा होता है, जबकि 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है.   recent visitors 410

रीवा बजरंग खाद भंडार में एसडीएम और कृषि विभाग की छापे मार कार्यवाई मिली खासा अनियमितता

रीवा  मध्य प्रदेश का रीवा जिला आए दिन किसी-न-किसी मुद्दे को लेकर चर्चा का विषय बना रहता है। कभी यहां चोरी, तो कभी डकैती, कभी हत्या जैसे मामले सामने आते ही रहते हैं। इससे लोगों में अलग सा भय देखने को मिल रहा है। लोग अपने घरों पर ताला लगा कर चंद घंटों के लिए भी बाहर नहीं निकलते हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अपराधों को रोकने के लिए धड़-पकड़ अभियान चलाए जाते हैं। जिनमें उन्हें सफलता भी मिलती है। इसके बावजूद, शहर में नशे का कारोबार भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इसका एक ताजा मामला हाल ही सामने आया है, जब पुलिस प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए खाद और बीज की दुकान पर छापामारा है। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। मिल रही थी शिकायत दरअसल, पुलिस प्रशासन को लगातार खाद और बीज की कालाबाजारी की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद टीम का गठन कर गुढ़ चौराहे में स्थित बजरंग खाद बीज भंडार दुकान पर दबीश दी गई। इस दौरान दुकानदार को भी जमकर फटकार लगाई गई। संबंधित दस्तावेज नहीं पाए जाने पर दुकान की गोदाम को सील कर दिया गया है। साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई कृषि विभाग को सौंप दी गई है। गोदाम सील इस दौरान एसडीएम वैशाली जैन, तहसीलदार शिव कुमार शंकर सहित पूरी प्रशासन टीम मौजूद रही। दुकान पहुंचने के बाद दुकानदार से सवाल भी किए गए, लेकिन दुकानदार ने कोई जवाब नहीं दिया। मामले को लेकर एसडीएम ने बताया कि शिकायतकर्ता की बयान दर्ज कर लिए गया है। फिलहाल, आगे की कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 75

नगरपालिका परिषद ने मुलताई को अलग जिला घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया

मुलताई  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में संभाग, जिलों और तहसीलों के पुनर्गठन को लेकर बनाए गए आयोग ने बैतूल की मुलताई (Multai) तहसील को पांढुर्ना जिले में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन, दूसरी तरफ ना सिर्फ इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध हो रहा है, बल्कि मुलताई नगरपालिका परिषद ने तो इसे जिला घोषित करवाने का एक प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया है और सारे राजनीतिक दल और संगठन इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं. बता दें कि ताप्ती नदी (Tapti River) के उद्गम स्थल मुलताई को जिला बनाने की मांग को लेकर पिछले 15 सालों से आंदोलन जारी है, जो इस प्रस्ताव के बाद और तेज हो सकता है. 15 साल से हो रही जिला बनाने की मांग बैतूल की मुलताई तहसील को जिले और राज्य की पवित्र नगरी माना जाता है. पवित्र ताप्ती नदी का उद्गम स्थान मुलताई में है. मुलताई बैतूल जिले की पहचान है. इसे जिला घोषित किए जाने की मांग पिछले 15 साल से लगातार हो रही है, लेकिन अब राज्य पुनर्गठन आयोग के एक प्रस्ताव ने इस आग में घी का काम कर दिया है. आयोग ने मुलताई को जिला नहीं, बल्कि पांढुर्ना जिले में शामिल किए जाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे लेकर मुलताई में विरोध के स्वर उठने लगे हैं. मुलताई के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं. नगरपालिका ने पारित किया प्रस्ताव जैसे ही मुलताई को पांढुर्ना में शामिल करने की बात सामने आई, वैसे ही मुलताई नगरपालिका परिषद ने मुलताई को जिला बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया. इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मुलताई या तो जिला बनेगा या फिर बैतूल में ही रहेगा. बैतूल के सांसद और केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके सहित जिले के सभी पांच भाजपा विधायकों ने ये कह दिया कि मुलताई तहसील किसी भी हाल में पांढुर्ना जिले का हिस्सा नहीं बनेगी. आयोग के प्रस्ताव ने दी हवा धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से मुलताई तहसील बैतूल जिले का एक अहम हिस्सा है. पिछले 15 साल से मुलताई को जिला बनाने की मांग को लेकर कई आंदोलन हुए हैं, जो आश्वासनों के बाद स्थगित हो गए. लेकिन, अब पुनर्गठन आयोग के प्रस्ताव ने इस मुद्दे को दोबारा हवा दे दी है. इससे मुलताई को जिला बनाने की मांग फिर से तेज हो रही है. इस मुद्दे पर आगामी दिनों में बड़े आंदोलन की संभावना है. अगर मुलताई पांढुर्ना जिले में शामिल नहीं भी हुआ, तब भी इसे जिला बनाने की मांग जारी रहेगी. recent visitors 71

इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू होगी

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू हो रही है. यह यात्रा दस दिन की होगी और दक्षिण भारत के विभिन्न दर्शनीय स्थलों का पर्यटक भ्रमण कर सकेगे. रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है. इसके तहत ट्रेन 16 दिसंबर को इंदौर शहर से “दक्षिण दर्शन यात्रा” के लिए रवाना होगी. यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल स्टेशनों से होते हुए जाएगी, जहां से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे. यह यात्रा नौ रात और 10 दिन की है. इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी एवं त्रिवेंद्रम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. आईआरसीटीसी की ओर से पेश सर्व समावेशी टूर में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और लग्‍जरी बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है. बताया गया है कि इस यात्रा में शामिल होने वालों के लिए आईआरसीटीसी ने भोपाल के अलावा जबलपुर व इंदौर के रेलवे स्टेशन के कार्यालय पर विशेष प्रबंध किए है. राज्य के बड़े हिस्से के लोग बड़ी संख्या में दक्षिण भारत की यात्रा पर जाते हैं. इसी को ध्यान में रखकर इस यात्रा को प्राथमिकता दी गई है. पर्यटन में दिलचस्पी रखने वालों को ध्यान में रखकर ही यह यात्रा शुरू की जा रही है. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का मकसद संस्कृति और धार्मिक विरासत को देशी और विदेशी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देना है. ट्रेन में इकॉनमी और डीलक्स दोनों तरह की सुविधाएं हैं. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के जरिए देश के कई ऐतिहासिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों का दर्शन कराया जाता है. recent visitors 172

इंदौर में देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया

 इंदौर इंदौर में शुक्रवार को सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर एक भव्य रथयात्रा (रथावर्तन) निकाली गई, जिसमें देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया। बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। यात्रा में दो रथ सोने के, दो रजत के, और 35 से अधिक रथ सोने-चांदी, अन्य धातुओं और बहुमूल्य लकड़ियों से बनाए गए थे। यह संभवतः पहली बार हुआ कि इतने बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों से इतने सारे रथ एक ही शहर में एकत्र हुए हों, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद यह भव्य यात्रा विजय नगर स्थित बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से शुरू हुई। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जो इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को देखने आए थे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी इस यात्रा का गवाह बनने के लिए मौजूद थी, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद इस यात्रा का रिकॉर्ड भी दर्ज हो सकता है। कई राज्यों की संस्कृति दिखी यात्रा बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से आरंभ होकर एलआईजी चौराहा और पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंची। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल लोग पारंपरिक परिधान और देशभक्ति की भावना में लीन दिखे। पारंपरिक भारतीय पोशाकों में सजे हुए श्रद्धालुओं ने यात्रा को एक रंग-बिरंगी छटा प्रदान की। इसके साथ ही, आदिवासी परिधान में मौजूद लोगों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे यात्रा में सांस्कृतिक विविधता भी झलकी। रथयात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन में अपना योगदान दिया और यात्रा के उल्लास को बढ़ाया। यहां से गुजरेगी रथ यात्रा एलआईजी चौराहा, पाटनीपुरा चौराहा, भमोरी चौराहा, रसोमा चौराहे होते हुए पुन: दोपहर 12 बजे तक कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी। यहां समापन होगा। मालवा में पहली बार इतना भव्य आयोजन राहुल जैन, जो धर्म प्रभावना समिति के प्रचार प्रमुख हैं, ने बताया कि यह 108 सिद्ध चक्र महामंडल विधान, जो संभवतः पहली बार मालवा की धरती पर हो रहा है, मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। इस यात्रा में कुछ रथ ऐसे भी शामिल हैं जो विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलते, केवल भारत में ही पाए जाते हैं। महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा ने बताया कि यह रथयात्रा 4 से 4.50 किमी लंबी रहेगी और हर रथ की अपनी एक विशेष महिमा है। परंपरागत रूप से महावीर जयंती पर रथ यात्रा निकाली जाती है, लेकिन इस बार गुरु प्रमाण सागर जी के सानिध्य में सभी विशेष रथों को इंदौर बुलवाया गया है। एक महीने तक की तैयारियां धर्म प्रभावना समिति के उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार जैन के अनुसार, मुनि महाराज की आज्ञा पर दिगंबर जैन समाज के सभी प्रसिद्ध रथों को एकत्र करने का कार्य किया गया है। इन रथों को इंदौर में एकत्र करने के लिए एक महीने पूर्व से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। नेमीनगर बंडा से सर्वाधिक 30 रथ शामिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य शहरों और जिलों के भी रथ यात्रा का हिस्सा बने हैं। इस यात्रा में भारत के 28 राज्यों से आए जैन धर्मावलंबी शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे। देशभर से आए भक्त रथों के विशेष महत्व और धार्मिक महत्ता ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया है। मुनि श्री प्रमाण सागर जी के सानिध्य में पहली बार इंदौर में आयोजित इस रथ यात्रा का जैन समाज के लोगों में विशेष आकर्षण है। रथों की सजावट, धार्मिक माहौल, और भक्तों का उत्साह इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने के लिए शहर और देश भर से हजारों लोगों को खींच लाया है।   recent visitors 85

बुलडोजर संस्कृति पर उच्चतम न्यायालय प्रहार।

Supreme Court attacks bulldozer culture. जब आज से पांच महीने पहले मेने बुलडोजर संस्कृति पर लिखा,,गलत को गलत लिखा, बुलडोजर घर पर नहीं अपराधी पर चले, निरपराधी परिजनों पर कहर नहीं अपराधी को संरक्षण देने वाले पर कहर बरपे।बहुतेरे ने अपने सवाल जवाब किए, पर अब जब उच्चतम न्यायालय ने भी लगभग सुर वहीं छेड़ा तो मुझे लगा,निश्चल भाव मन व सोच का भाव सत्यता की लकीरें हमेशा जीत दिलाती है।अपराधी को सजा मिले कठोर से कठोर मिले, अपराधी के संरक्षकों को भी मिले पर निरपराधी परिजनों को नहीं।चिड़िया जिस तरह तिनका तिनका जोड़कर घोंसला बनाती है बच्चों को सुरक्षित रखने खातिर तो व्यक्ति भी यही करता है, अपराधी तो मेहनत नहीं करता, मेहनत करने वाले परिस्थिति जन्य अपराधी बनते हैं आदतन नहीं होते, परिस्थिति में दुर्भाग्य भी कारक होता है। पर आदतन तो अंधेरी गुफा में स्वयं जाता है। ।।अपराधी का अपराध पहला है, देशद्रोही अपराधी है, समाज या व्यवसाय, महिला शोषणकारी व्यवस्था का अंग है या शोषणकारी, समझने की आवश्यकता है फिर कठोर सजा मिले।बुलडोजर चला आज क्यों, अतिक्रमण दिखा आज क्यों,था तो पहले कौन-कौन दोषी,,, बुलडोजर आज ही क्यों, सुनवाई अवसर क्यों नहीं सबकुछ अधिकारियों को तय करना है।नहीं कानून हैं देश में हिटलरशाही नहीं चलेगी न्यायालय का चाबुक चलेगा न्याय अनुसार चलेगा,।साधुवाद उच्चतम न्यायालयप्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट recent visitors 158