मध्य प्रदेश के गांव-गांव से निकालेंगे खिलाड़ी, 13 दिसंबर से खेलो इंडिया की तर्ज पर एमपी स्टेट गेम्स

भोपाल  मध्य प्रदेश में अगले महीने से ‘खेलो एमपी’ कार्यक्रम की शुरुआत होने जा रही है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर गांव से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करना और उन्हें राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करना है। इस पहल के तहत 25 खेलों के लिए गांव-गांव में खोज अभियान चलाया जाएगा, ताकि युवा खिलाड़ियों को मंच मिल सके और वे अपने खेल में कौशल को और निखार सकें। ‘खेलो MP’ की शुरुआत 13 दिसंबर से 13 दिसंबर 2024 से मध्य प्रदेश सरकार ‘खेलो एमपी’ की शुरुआत करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश भर में खेलों को बढ़ावा देना और युवा खिलाड़ियों को एक संरचित मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा, जिसमें प्रत्येक चरण के दौरान प्रतियोगिताएं विभिन्न स्तरों पर होंगी। राज्य स्तर पर 313 विकासखंडों में होगी प्रतियोगिता खेलो एमपी के तहत राज्य के सभी 313 विकासखंडों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें 19 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी भाग लेंगे। इसके बाद, 55 जिलों में भी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।  प्रतियोगिता में शामिल होंगे 25 खेलों के इवेंट इस बार खेलो एमपी में 25 खेलों के प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं। इसमें एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, खो-खो, मलखंब, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस, योगासन, वॉलीबॉल, टेनिस, शतरंज और क्रिकेट जैसे प्रमुख खेल शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार क्रिकेट को भी ‘खेलो एमपी’ कार्यक्रम में जगह दी गई है, जो युवाओं में क्रिकेट के प्रति बढ़ते हुए रुचि को ध्यान में रखते हुए लिया गया कदम है।  खेलों के प्रचार-प्रसार के लिए टॉर्च रिले अभियान ‘खेलो एमपी’ के प्रचार-प्रसार के लिए टॉर्च रिले निकाली जाएगी, ताकि इस कार्यक्रम की जानकारी राज्य के कोने-कोने में पहुंचे और ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित हों। यह रिले प्रदेशभर में खेलों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। युवाओं को मिलेगा नया अवसर खेलो एमपी का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का मौका देना है। इस पहल के तहत न केवल बड़े शहरों से बल्कि गांव-गांव से खिलाड़ियों को अवसर मिलेंगे, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। यह राज्य में खेलों की संस्कृति को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को सामने लाने में मदद करेगा। ‘खेलो एमपी’ की शुरुआत से राज्य में खेलों को एक नई दिशा मिलेगी और यह युवाओं के लिए करियर बनाने का एक बेहतरीन अवसर साबित होगा। फैक्ट फाइल     अब तक सिर्फ ओलिंपिक गेम्स के जुड़े खेल ही होते रहे हैं     इस बार कुल 25 खेलों को इसमें शामिल किया गया है।     गांव-गांव से लेकर शहर के खिलाड़ी करेंगे भागीदारी।     31 हजार, 21 हजार और 13-13 हजार रुपए की होगी इनामी राशि। स्टेट लेवल ग्वालियर सहित 9 शहरों में होंगे 2022 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स प्रदेश के 8 शहरों में हुए थे। इसी तर्ज पर खेलो एमपी यूथ गेम्स मप्र के 9 शहरों में होंगे। ग्वालियर: हॉकी और बैडमिंटन शिवपुरी: जूडो और क्रिकेट भोपाल: बॉक्सिंग, फेंसिंग, शूटिंग, ताइक्वांडो, रोइंग, तैराकी और कयाकिंग-केनोइंग रीवा: फुटबॉल, टेबल-टेनिस। सागर: वालीबॉल, उज्जैन: कबड्‌डी, मलखंभ, कुश्ती, योगासन। इंदौर: बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेनिस। जबलपुर में खो-खो, एथलेटिक्स, आर्चरी। कटनी: शतरंज टॉर्च रिले भी निकालेगी इन खेलों के प्रचार-प्रसार की दृष्टि से सभी 55 जिलों में एक टार्च रिले निकाली जाएगी। यह यूथ गेम्स है, इसलिए इसमें 19 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी ही भागीदारी कर सकेंगे। इसके लिए खिलाड़ियों को अपना जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। recent visitors 159

राहुल गांधी अपने हालिया छपे लेख को लेकर निशाने पर राजपरिवार ज्योतिरादित्य सिंधिया और दीया कुमारी ने घेरा

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. इस बार वह अपने एक आर्टिकल के कारण चर्चा में हैं, जो एक अखबार में पब्लिश हुआ है और कहा जा रहा है, इस लेख में नेता प्रतिपक्ष ने राज परिवारों पर निशाना साधा है. इस लेख को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है और देश के राज परिवारों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. सोशल मीडिया पर इस लेख को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. राहुल गांधी ने क्या लिखा, जिस पर है आपत्ति? राहुल गांधी ने लेख में लिखा है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत की आवाज अपनी व्यापारिक शक्ति से नहीं बल्कि अपने शिंकजे से कुचली थी. 'ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के राजा- महाराजाओं को डराकर-धमकाकर और उन्हें घूस देकर भारत पर राज किया. उन्होंने यह भी लिखा कि, ईस्ट इंडिया कंपनी खत्म हो गई लेकिन उसने जो डर पैदा किया था, वह फिर से दिखाई देने लगा है. एकाधिकारवादियों की एक नई पीढ़ी ने उसकी जगह ले ली है.' कंपनी ने हमारे अधिक लचीले महाराजाओं और नवाबों के साथ साझेदारी करके, रिश्वत देकर और धमकाकर भारत का गला घोंटा. इसने हमारे बैंकिंग, नौकरशाही और सूचना नेटवर्क को नियंत्रित किया. हमने अपनी आजादी किसी अन्य राष्ट्र से नहीं खोई; हमने इसे एक एकाधिकारवादी निगम से खो दीया जिसने एक जबरदस्ती तंत्र चलाया.' क्या बोलीं डिप्टी सीएम दिया कुमारी? राहुल गांधी के इस आर्टिकल पर विवाद खड़ा हो गया है.  राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने इस लेख की कड़ी निंदा करते हुए प्रतिक्रिया दी है और एक्स पर लिखा. 'मैं आज एक संपादकीय में भारत के पूर्व शाही परिवारों को बदनाम करने के राहुल गांधी के प्रयास की कड़ी निंदा करती हूं. एकीकृत भारत का सपना भारत के पूर्व राजपरिवारों के सर्वोच्च बलिदान के कारण संभव हो सका है, ऐसे ऐतिहासिक तथ्यों की आधी-अधूरी व्याख्या के आधार पर लगाए गए निराधार आरोप पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.' 'छवि खराब कर रहे हैं राहुल गांधी' राजस्थान की डिप्टी CM दिया कुमारी ने सख़्त एतराज़ जताया है. दिया कुमारी ने कहा है कि राहुल गांधी इतिहास की ग़लत व्याख्या कर देश के रजवाड़ों की छवि ख़राब कर रहे हैं. राजा-महराजाओं के योगदान के बिना अखंड भारत की कल्पना नहीं की जा सकती हैं. वह बेकार की बातें कर रहे हैं. राजा-महाराजाओं ने आज़ादी के लड़ाई में अपना अमूल्य योगदान दिया है. ग़ौरतलब है कि दीया कुमारी के पिता महाराजा भवानी सिंह कांग्रेस पार्टी के नेता थे और जयपुर से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं. राजस्थान में अभी अलवर राजघराने के पूर्व महराज भंवर जितेंद्र सिंह कांग्रेस के महासचिव है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी को घेरा वहीं ग्वालियर के शाही परिवार सिंधिया राजघराने से ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी को घेरा है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'नफरत बेचने वालों को भारतीय गौरव और इतिहास पर व्याख्यान देने का कोई अधिकार नहीं है. भारत की समृद्ध विरासत के बारे में राहुल की अज्ञानता और उनकी औपनिवेशिक मानसिकता ने सभी हदें पार कर दी हैं. 'अगर राहुल गांधी वास्तव में देश का उत्थान करना चाहते हैं, तो उन्हें भारत माता का अपमान बंद कर, असली भारतीय नायकों के बारे में जानना चाहिए. महादजी सिंधिया, युवराज बीर टिकेंद्रजीत, कित्तूर चेनम्मा, और रानी वेलु नचियार जैसे योद्धाओं ने स्वतंत्रता के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया था. भारत की विरासत का संबंध केवल "गांधी" नाम से नहीं है. भारतीय इतिहास का आदर करें, अन्यथा उसके बारे में बोलकर बेतुके दावे न करें.'   recent visitors 78

न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने कहा- भारत खराब टीम नहीं बनी है, वे चीजें बदल देंगे

वेलिंगटन न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम हाल ही में भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के बावजूद विनम्र बने हुए हैं और उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम जल्द से जल्द शानदार वापसी करने की क्षमता रखती है। लैथम के नेतृत्व में कीवी टीम बेंगलुरु, पुणे और मुंबई टेस्ट जीतकर भारत के खिलाफ उसकी धरती पर तीन या इससे अधिक मैच की श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने वाली पहली मेहमान टीम बन गई। लैथम ने भारत से यहां पहुंचने के बाद कहा, ‘‘भारतीय क्रिकेट वास्तव में खास है। हमने उनके खिलाफ काफी क्रिकेट खेली है। हमारे खिलाड़ी आईपीएल में उनके साथ खेलते हैं। वे इस हार से निश्चित तौर पर निराश थे लेकिन उनकी टीम अब भी बहुत अच्छी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक श्रृंखला में हार से वह रातों-रात खराब टीम नहीं बन जाती। मुझे पूरा विश्वास है कि वे चीजों को बदलने में सफल रहेंगे।’’ लैथम ने कहा कि श्रृंखला में जीत इसलिए भी विशेष बन गई क्योंकि भारत आने से पहले न्यूजीलैंड को श्रीलंका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम श्रीलंका दौरे पर थे तब परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं चल रही थी और इसलिए इस श्रृंखला में जीत विशेष बन जाती है क्योंकि आप ऐसा कुछ हासिल करते हैं जो पहले हासिल नहीं किया गया हो। हमने इस जीत का मिलकर जश्न मनाया।’’ न्यूजीलैंड अब घरेलू मैदान पर तीन मैचों की श्रृंखला में इंग्लैंड से भिड़ेगा और लैथम ने कहा कि क्रिकेट के ‘बैज़बॉल’ ब्रांड का सामना करना उनकी टीम के लिए अलग तरह की चुनौती होगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह रोमांचक श्रृंखला होगी। इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर हो या बाहर टेस्ट मैच हमेशा रोमांचक रहे हैं। इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि यह श्रृंखला भी रोमांचक होगी। हम उनकी आक्रामक ब्रांड की क्रिकेट को चुनौती देने को लेकर उत्साहित हैं।’’   recent visitors 71

कंपनी ने ब्लैक लिस्ट किये गए 48 आउटसोर्स कार्मिक किसी भी बिजली कार्यालय में कार्य नहीं कर सकेंगे

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कार्य में लापरवाही और अनियमितता बरतने पर कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, ग्वालियर, गुना एवं शिवपुरी में बाह्य स्त्रोत (आउटसोर्स) एजेंसी के माध्यम से कार्यरत 48 आउटसोर्स कार्मिकों को सेवाओं से पृथक करते हुए ब्लैक लिस्ट किया है। कंपनी द्वारा ब्लैक लिस्ट किये गए 48 आउटसोर्स कार्मिक कंपनी कार्य क्षेत्र के किसी भी बिजली कार्यालय में कार्य नहीं कर सकेंगे। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल वृत्त में कार्यरत 18 आउटसोर्स कार्मिकों के साथ ही हरदा में 03, शिवपुरी वृत्त के 07 एवं ग्वालियर वृत्त में 06, दतिया वृत्त में 02, तथा गुना वृत्त में कार्यरत 12 आउटसोर्स कार्मिकों को लापरवाही और अनियमितता बरतने के कारण सेवा से पृथक कर ब्लैक लिस्ट किया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने सचेत किया है कि कार्य में पारदर्शिता, लगन, निष्ठा और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ता सेवाओं और कंपनी की उत्तरोत्तर तरक्की के लिए निरन्तर प्रयास करते रहें।   recent visitors 54

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बौद्धिक एवं शारीरिक सामर्थ्य को अभिवर्धित कर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवाभाव, सहनशीलता, समर्पण और त्याग की भावना जागृत कराने वाला भारत स्काउट्स गाइड्स संगठन, राष्ट्रीय व मानवीय मूल्यों को संचारित कर विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाने के लक्ष्य को समर्पित है। संगठन का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है।   recent visitors 59

SC ने कहा नौकरियों में भर्ती के नियमों को सेलेक्शन प्रोसेस के बीच में नहीं बदला जा सकता

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को घोषणा की कि सरकारी नौकरियों में सेलेक्शन को कंट्रोल करने वाले नियमों को भर्ती प्रक्रिया के बीच में या उसके शुरू होने के बाद नहीं बदला जा सकता. यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनाया जिसमें जस्टिस ऋषिकेश रॉय, पीएस नरसिम्हा, पंकज मिथल और मनोज मिश्रा शामिल थे. पीठ ने कहा कि भर्ती के लिए रूल्स ऑफ द गेम को चयन प्रक्रिया के बीच में नहीं बदला जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती करने वाली संस्था अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग मानक तय कर सकती है, लेकिन वह चरण के खत्म होने के बाद मानदंडों को बदल नहीं सकती. पीठ ने कहा कि आवेदन आमंत्रित करने और रिक्तियों को भरने के लिए विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी. अगर मौजूदा नियमों या विज्ञापन के तहत कोई बदलाव स्वीकार्य है, तो उस बदलाव को संविधान के अनुच्छेद 14 की आवश्यकता को पूरा करना होगा और गैर-मनमानापन की कसौटी पर खरा उतरना होगा. 'प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट और गैर-मनमानी होनी चाहिए' पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा नियमों के अधीन भर्ती निकाय भर्ती प्रक्रिया को तार्किक निष्कर्ष पर लाने के लिए उचित प्रक्रिया तैयार कर सकते हैं. पीठ ने कहा कि प्रक्रिया के लिए अपनाई गई प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट और गैर-मनमानी होनी चाहिए. विस्तृत निर्णय बाद में अपलोड किया जाएगा. पांच न्यायाधीशों की पीठ को सौंपा था केस इससे पहले तेज प्रकाश पाठक और अन्य बनाम राजस्थान हाई कोर्ट और अन्य (2013) मामले में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने इस मुद्दे को पांच न्यायाधीशों की पीठ को सौंप दिया था. तेज प्रकाश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने के मंजूश्री बनाम आंध्र प्रदेश राज्य और अन्य (2008) के पहले के फैसले की सत्यता पर संदेह जताया था. 2008 के फैसले में कोर्ट ने कहा था कि चयन मानदंड को प्रक्रिया के दौरान बीच में नहीं बदला जा सकता. यह स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य है. recent visitors 72

मां के उकसाने पर बेटों ने की थी उप प्रधानाचार्य की हत्या

  मुरादाबाद मुरादाबाद के थाना मझोला इलाके के लाकड़ी फाजलपुर में मंगलवार को दिनदहाड़े 2 बाइक सवारों ने काम पर जा रहे एक स्कूल के वाइस प्रिंसिपल को गोली मार दी थी. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना के बाद क्षेत्र में खलबली मच गई और मौके पर पहुंची पुलिस पड़ताल में जुट गई. टीम गठित करके आरोपियों की तलाश की गई जिसके बाद 24 घंटे के अंदर पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है. इस खूनी खेल के पीछे एक महिला और उसके दो बेटे शामिल थे और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया आरोपी महिला के 14 साल के बेटे प्रिंस ने 15 फरवरी 2024 को आत्महत्या कर ली थी. प्रिंस लाकड़ी मोहल्ले में स्थित श्री साईं विद्या मंदिर में 8वीं में पढ़ता था. शबाबुल हसन भी इसी स्कूल में वाइस प्रिंसिपल था,मां कविता राघव उर्फ वंदना को शक था कि शबाबुल ने प्रिंस को स्कूल में प्रताड़ित किया था जिसके चलते उसने आत्महत्या की थी. तभी से वह अपने छोटे बेटे की मौत का बदला लेने की कोशिशों में लगी थी। वह शबाबुल को व्हाट्सएप पर आए दिन धमकी भी देती थी. जिसके बाद उसने बेटे शिवम और आदित्य को शबाबुल की हत्या के लिए उकसाया और वाइस प्रिंसिपल को मार डाला. पुलिस ने आरोपी मां उसके दोनों बेटे को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है. एसपी सिटी रण विजय सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल आरोपी आदित्य और शिवम ने छोटे भाई प्रिंस की मौत का बदला लेने के लिए श्री साईं विद्या मंदिर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल शबाबुल आलम को गोली से मारा है . इनका आरोप था कि वाइस प्रिंसिपल ने उनके भाई को प्रताड़ित किया था जिसके चलते उसने सुसाइड कर लिया.     recent visitors 74