नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक लाख तक पुरुस्कार

नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक लाख तक पुरुस्कार 18 दिसम्बर तक आवेदन आमंत्रित भोपाल मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्य में नशा मुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों और स्वैच्छिक संगठनों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय विवेकानंद नशा मुक्ति पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसमें राज्य स्तरीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये के दो पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक जिले में तीन पुरस्कार 10 हजार रुपये के होंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय ने इसके लिए योग्य संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2024 है। इसे संचालनालय के पते या ई-मेल पर जमा कराया जा सकता है। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए आवेदन जिला कार्यालय में जमा किए जाएंगे। अधिक जानकारी कार्यालयीन समय में संबंधित कार्यालयों या विभागीय वेबसाइट socialjustice.mp.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।   recent visitors 48

दो विधानसभा क्षेत्रों पर मतदान के आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा

भोपाल मध्यप्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों बुधनी और विजयपुर में 13 नवंबर को होने वाले मतदान के 48 घंटे पहले आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। दोनों विधानसभा क्षेत्रों सीहोर जिले के बुधनी और श्योपुर जिले के विजयपुर में 13 नवंबर को मतदान होना है। दोनों स्थानों पर परिणामों की घोषणा 23 नवंबर को होगी। आज चुनाव प्रचार थमने के साथ ही प्रत्याशी सिर्फ घर-घर जाकर संपर्क कर सकेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार निर्वाचन आयोग ने दो दिन बाद होने वाले मतदान के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान के 48 घंटे पूर्व से मतदान समाप्ति तक शराब दुकानें बंद रहेंगी। दोनाें ही स्थानों पर जिला कलेक्टर की ओर से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए गए हैं। धर्मशाला, होटल पर पुलिस की नजर रहेगी और साथ ही सीमाएं भी सील रहेंगी। बाहरी लोगों काे क्षेत्र छोड़ना होगा। सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच है। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 20 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जिनमें दो महिलाएं भी हैं। वहीं श्योपुर जिले के विजयपुर में मुख्य तौर पर भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत और कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं। इन दोनों समेत यहां से कुल 11 प्रत्याशी चुनावी समर में उतरे हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में विजयपुर सीट से कांग्रेस के रामनिवास रावत जीते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें इसके बाद राज्य में वन मंत्री बनाया गया। कुछ समय बाद उन्होंने विधानसभा से भी त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा। वहीं बुधनी से 2023 का विधानसभा चुनाव राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जीते थे। बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें सांसद पद का टिकट दिया, जिस पर जीत हासिल करने के बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया। इसके चलते उन्होंने बुधनी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।   recent visitors 65

उपचुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, बदले जाएंगे कई जिलाध्यक्ष

भोपाल  मध्य प्रदेश में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. कांग्रेस की ओर से इस उपचुनाव के रिजल्ट के बाद संगठन में बड़ा फेरबदल करने की बात कही जा रही है. चर्चा है कि मध्य प्रदेश के कई जिला अध्यक्षों को बदल दिया जाएगा. इसके अलावा संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कांग्रेस नेताओं की जिम्मेदारी में भी बदल सकती है. मध्य प्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर पूरे प्रदेश के लोगों की नजर है. खास तौर पर विजयपुर सीट पर सभी राजनेताओं की निगाह है. यहां पर कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी से रामनिवास रावत अपना भाग्य आजमा रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने उपचुनाव के पहले ही बड़ा ऐलान कर दिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश नायक के मुताबिक, उपचुनाव के बाद संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना है. उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में जिन जिला अध्यक्षों को तीन साल से अधिक का वक्त हो गया है, उन्हें हटाकर नए लोगों को मौका दिया जाएगा. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी चाहते हैं कि सभी कांग्रेस नेताओं को काम करने का मौका मिले. इसी को देखते हुए प्रदेश स्तर पर भी कई और नियुक्तियां हो सकती है." उपचुनाव के पहले मच सकता था घमासान राजनीति के जानकार मानते हैं कि उपचुनाव के पहले संगठन में फिर फेरबदल से घमासान मच सकता था, इसी वजह से उपचुनाव के बाद ही संगठन में फेरबदल किया जाएगा. वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा के मुताबिक, "मध्य प्रदेश में कई कैसे पदाधिकारी हैं जो पूर्व अध्यक्ष की ओर से बनाए गए थे. जीतू पटवारी अपनी नई टीम तैयार करना चाहते हैं शायद इसी वजह से फेर बदल की संभावना है." recent visitors 91

नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश का अनुमान, ठिठुरन बढ़ेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में 15 नवंबर के बाद ठंड बढ़ने के आसार है। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तो रात के तापमान में भी कमी आएगी। वही नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार है।इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम खुला रहेगा लेकिन दिन गर्म और रातें ठंडी रहेंगी। एमपी मौसम विभाग की मानें तो आज सोमवार को मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, हालांकि तापमान में हल्का उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है।अगले 5-6 दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा, इसके बाद ठंडी हवाओं का असर तेज होगा और तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ेगी। अगले हफ्ते से तापमान के 15 डिग्री से नीचे पहुंचने का अनुमान है। पूर्वी हवाएं आती जाती रहेंगी एमपी मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बंगाल की खाड़ी में चल रही पूर्वी हवाएं प्रदेश में आती रहेंगी। इससे उत्तरी हवाएं नहीं आएंगी और ठंड का असर ज्यादा नहीं बढ़ेगा। कुछ शहरों में रात का टेम्प्रेचर सामान्य से एक से डेढ़ डिग्री तक अधिक रह सकता है।उत्तर भारत में बर्फबारी होने के बाद पूरा प्रदेश ठिठुरने लगता है। हर साल नवंबर के दूसरे सप्ताह में उत्तर से ठंडी हवाएं आने लगती है, लेकिन वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में पूर्वी हवाओं का जोर है। पिछले 24 घंटे का मौसम का हाल     प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 से 20 डिग्री और दिन का पारा 30 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।     पचमढ़ी, शाजापुर-राजगढ़ में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम रहा।     शनिवार-रविवार की रात पचमढ़ी में 12.4 डिग्री और शाजापुर में 13.9 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 15 डिग्री सेल्सिय रिकॉर्ड किया गया।     जबलपुर और भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.5 डिग्री दर्ज ।     इंदौर में 31.4 डिग्री, उज्जैन में 32.5 डिग्री और ग्वालियर में सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज हुआ।     रविवार को अधिकतम तापमान खजुराहो में 33.4 डिग्री, गुना में 33.3 और रतलाम में 33.2 डिग्री दर्ज हुआ।     अमरकंटक 13.9, भोपाल 15.2, मंडला 15.2, सीहोर 15.5, मलाजखंड 15.7, टीकमगढ़ 15.9, रायसेन 16.0, नौगांव 16.5, रीवा 16.6 एवं धार का न्यूनतम तापमान 16.6 दर्ज किया गया। recent visitors 160

दोनों सीनियर खिलाड़ी रन बनाने के लिए भूखे हैं और ऑस्ट्रेलिया में दमदार वापसी करेंगे : गंभीर

मुंबई भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल में खराब प्रदर्शन के कारण दबाव में चल रहे कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का बचाव करते हुए सोमवार को यहां कहा कि यह दोनों सीनियर खिलाड़ी रन बनाने के लिए भूखे हैं और ऑस्ट्रेलिया में दमदार वापसी करेंगे। गंभीर ने इन बातों को भी खारिज कर दिया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में तीनों टेस्ट मैच गंवाने के बाद भारतीय टीम दबाव में है। गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘भारतीय टीम में अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक अपनी भूमिका शानदार तरीके से निभाई है।’’ उन्होंने कहा,‘‘मैं किसी तरह का दबाव महसूस नहीं कर रहा हूं। भारतीय टीम का कोच बनना सम्मान और सौभाग्य की बात है।’’ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा। गंभीर से जब पूछा गया कि क्या उन्हें डंकन फ्लेचर के समय जैसा दबाव महसूस होता है जब टीम बदलाव के दौर में थी, उन्होंने कहा ,‘‘मैं बदलाव के बारे में नहीं बल्कि पांच टेस्ट मैचों के बारे में सोच रहा हूं। बदलाव हो या न हो, अगर ऐसा होना है तो होगा, लेकिन मैं भारतीय टीम में कुछ ऐसे अविश्वसनीय खिलाड़ियों को देख रहा हूं जो अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब हैं।’’ भारतीय कोच ने यह भी पुष्टि की अगर रोहित शर्मा निजी कारणों से पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाते हैं तो उप कप्तान जसप्रीत बुमराह टीम की कमान संभालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टीम के पास सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए केएल राहुल और अभिमन्यु ईश्वरन के रूप में विकल्प मौजूद हैंं।   recent visitors 98

बाल विवाह कराने या सहयोग करने वालों को होगी जेल , बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन की कड़ी पहल

Those who organize or support child marriage will be jailed, administration’s strictness to stop child marriage on Devuthani Ekadashi भोपाल ! प्रदेश सरकार ने आगामी देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए कड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस दिन होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में बाल विवाह के मामलों को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। सामूहिक विवाह आयोजकों से यह शपथ पत्र लिया जाएगा कि उनके कार्यक्रमों में किसी भी रूप में बाल विवाह नहीं होगा। प्रशासन ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है और बाल विवाह करने या इसे प्रोत्साहित करने वालों को दो साल तक की सजा का प्रावधान किया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने एक जाँच व्यवस्था बनाई है, जिसमें 10 विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जो सामूहिक विवाह कार्यक्रमों पर निगरानी रखेंगी। इन टीमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी बाल विवाह ना हो और सभी विवाह नियमों के तहत ही संपन्न हों।साथ ही, प्रशासन ने आयोजन से जुड़े सभी विभिन्न सेक्टरों को भी निर्देशित किया है। प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, कैटरिंग सेवाएं, बैंड, घोड़ी वाले और ट्रांसपोर्ट सेवा के संचालकों को भी बाल विवाह को रोकने में सहयोग देने के लिए कहा गया है। धर्मगुरु और समाज के प्रमुखों से भी यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस अभियान में प्रशासन का साथ देंगे और समाज में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे। इस कदम से प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल विवाह की कुरीति को समाप्त करना है और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करना है।सभी की सक्रिय भागीदारी से उम्मीद की जा रही है कि देवउठनी एकादशी पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम सुरक्षित और कानूनी रूप से सही तरीके से संपन्न होंगे, जिससे प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं में कमी आएगी। यहां करें शिकायतबाल विवाह की सूचना चाइल्ड लाइन के दूरभाष नंबर 1098 पर दे सकते हैं। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दे सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। recent visitors 136

इंदौर पुलिस ने वीवीआईपी की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने “एंटी ड्रोन सिस्टम डिवाइस” को अपने सुरक्षा तंत्र में शामिल किया

 इंदौर इस्राइल के युद्ध में आपने कई बार एंटी ड्रोन सिस्टम के बारे में सुना होगा। कुछ इसी तरह का सिस्टम इंदौर में भी बन गया है। इंदौर पुलिस ने वीवीआईपी की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक "एंटी ड्रोन सिस्टम डिवाइस" को अपने सुरक्षा तंत्र में शामिल किया है। डेढ़ साल की मेहनत के बाद तैयार की गई इस डिवाइस का परीक्षण हाल ही में कनाड़िया थाने में सफलता के साथ किया गया। व्यापक क्षेत्र में नजर रखने में सक्षम है यह सिस्टम अतिरिक्त डीसीपी अमरेंद्र सिंह चौहान ने परीक्षण के दौरान इस तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि यह डिवाइस हाईराइज बिल्डिंग पर दूरबीनधारी जवानों की तरह एक व्यापक क्षेत्र में नजर रखने में सक्षम है। यह एंटी ड्रोन सिस्टम एक किलोमीटर के दायरे में आसमान में किसी भी अज्ञात ड्रोन या संदिग्ध वस्तु को पहचानने की क्षमता रखता है। जैसे ही कोई ड्रोन या संदिग्ध वस्तु इस दायरे में प्रवेश करती है, इस डिवाइस से एक अलार्म बज उठता है और वह वस्तु की तस्वीर भी कैप्चर कर लेता है। पुलिस विभाग का दावा है कि मध्य प्रदेश में पहली बार इस तरह की उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। विज्ञापन सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बेहतर सुरक्षा मिलेगी इस डिवाइस का सबसे पहला उपयोग 12 नवंबर को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इंदौर दौरे के दौरान किया जाएगा। उपराष्ट्रपति अपने इस दौरे में शहर में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और उज्जैन में आयोजित 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह में भी शामिल होंगे। इस मौके पर सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें "एंटी ड्रोन सिस्टम डिवाइस" का प्रयोग पहली बार किया जाएगा। इस नई तकनीक के माध्यम से इंदौर पुलिस उपराष्ट्रपति की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होने देना चाहती है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, डीसीपी जोन 2 अभिनय विश्वकर्मा और पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने इस परीक्षण के दौरान इस तकनीक को सफलतापूर्वक परखते हुए डिवाइस बनाने वाली टीम की सराहना की। इस नई तकनीक से पुलिस विभाग को न केवल वीवीआईपी सुरक्षा बल्कि विभिन्न प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बेहतर सुरक्षा देने में मदद मिलेगी। हवाई सुरक्षा को लेकर एक नया स्तर यह डिवाइस तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि आज के समय में ड्रोन के बढ़ते उपयोग के कारण सुरक्षा में जोखिम बढ़ गए हैं। ऐसे में, इंदौर पुलिस का यह प्रयास अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक को अपनाने और शहर को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस डिवाइस के निर्माण में "पिसर्व टेक्नोलॉजी" के विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस टीम में कंपनी के सीईओ अभिषेक मिश्रा के साथ दुर्गेश शुक्ला, रोशनी शुक्ला और अक्षत सिंह चौहान भी शामिल रहे। उनके सामूहिक प्रयास और निपुणता के कारण इस तकनीक का सफल निर्माण और परीक्षण संभव हो पाया है। इस डिवाइस को तैयार करने का उद्देश्य यह है कि किसी भी वीवीआईपी या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हवाई सुरक्षा को लेकर एक नया स्तर स्थापित किया जा सके। recent visitors 189