अबू धाबी टी10 का आठवां सीज़न 21 नवंबर से, खेले जाएंगे 40 मैच

अबू धाबी  अबू धाबी टी10 का आठवां सीज़न 21 नवंबर से शुरू हो रहा है, टूर्नामेंट का पहला मैच टीम अबू धाबी और अजमान बोल्ट्स के बीच खेला जाएगा। इस साल के टूर्नामेंट में एक विस्तारित प्रारूप है जिसमें 10 टीमें एक रोमांचक सीज़न में प्रतिस्पर्धा करेंगी, जहां शीर्ष पांच टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए कड़ी लड़ाई में शामिल होंगी। प्रतिष्ठित जायद क्रिकेट स्टेडियम, अबू धाबी क्रिकेट और स्पोर्ट्स हब में केवल 12 दिनों में 40 से अधिक मैचों का आयोजन करेगा। प्लेऑफ़ सप्ताहांत के दौरान होंगे, जिसकी शुरुआत 1 दिसंबर को क्वालीफायर 1 से होगी, जिसमें शीर्ष दो टीमें शामिल होंगी। चौथे और पांचवें स्थान पर रहने वाली टीमें एलिमिनेटर 1 में भिड़ेंगी, उसके बाद एलिमिनेटर 2 होगा, जहां टीम 3 एलिमिनेटर 1 के विजेता से भिड़ेगी। क्वालीफायर 1 की उपविजेता फिर क्वालीफायर 2 में एलिमिनेटर 2 के विजेता से भिड़ेंगी। ग्रैंड फिनाले 2 दिसंबर को होगा, जहां क्वालीफायर 1 और क्वालीफायर 2 के विजेता खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। 2024 संस्करण में 18 विभिन्न देशों के खिलाड़ी शामिल हैं। जोस बटलर, जॉनी बेयरस्टो, मार्कस स्टोइनिस, लॉकी फर्ग्यूसन और राशिद खान जैसे क्रिकेट सुपरस्टार सभी टीमों के स्टार-स्टडेड रोस्टर में शामिल होंगे, जो क्रिकेट के एक अविस्मरणीय सीज़न का वादा करेंगे।     recent visitors 126

भारतीय टीम की न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में करारी हार सेकोच गौतम गंभीर पर भी सवाल उठने लगे

मुंबई  भारतीय टीम की न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में करारी हार से टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भी सवाल उठने लगे हैं। गंभीर को अभी तीन माह पहले ही कोच बनाया गया था। उसके बाद से ही भारतीय टीम का प्रदर्शन कुछ विशेष नहीं रहा है। गंभीर को टीम चयन मामलों में भी पूरे अघिकार दिये गये थे उसके बाद भी वह परिणाम नहीं दे पाये हैं। अब गंभीर की ऑस्ट्रेलिया दौरे में कड़ी परीक्षा होगी। वहीं अगर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता तो गंभीर की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम 27 साल में पहली बार श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हारी। इसके बाद अब उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का शिकार होना पड़ा है। इससे पहले भारतीय टीम कभी भी तीन या उससे अधिक मैचों की सीरीज में नहीं हारी है। हालांकि उनके बचाव में कहा जा रहा है कि टीम के साथ कोच केवल योजना ही बना सकता है पर स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी जानने के बाद भी मुंबई में पूरी तरह से स्पिनरों की सहायक पिच बनाने पर भी सवाल उठे हैं। मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को नाइटवाचमैन के रूप में भेजने और पहली पारी में सरफराज खान को आठवें नंबर पर भेजने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘गंभीर को ऐसा अधिकार दिया गया है जो इससे पहले कोच रहे रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ को नहीं मिला था। बीसीसीआई के नियम कोच को चयन समिति की बैठकों का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं देते हैं पर ऑस्ट्रेलिया दौरे की चयन बैठक के लिए गंभीर को अपने सुझाव देने का अवसर दिया गया।’ बोर्ड के इस अधिकारी ने कहा, ‘दौरे के महत्व को देखते हुए मुख्य कोच को इसमें भाग लेने की अनुमति दी गई थी।’ दिल्ली और केकेआर के तेज गेंदबाज हर्षित राणा और आंध्र और एसआरएच के ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी को मुख्य कोच की मांग पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए शामिल किया गया है।     recent visitors 111

देश में अक्टूबर में हर दिन बिकी 16,550 कारें, बना नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली  त्योहारी माह में देश में कारों की बिक्री का नया रिकॉर्ड बना है। अक्टूबर 2024 में कारों की खुदरा बिक्री पहली बार 5 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। वाहन डेटा के अनुसार, 31 अक्टूबर तक कुल 5.13 लाख कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, यानी हर दिन औसतन 16,550 कारें बिकीं। इससे पहले जनवरी 2024 में 3.99 लाख कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जो एक रिकॉर्ड था। मौजूदा वित्तीय वर्ष में हर महीने औसतन 3.33 लाख गाड़ियां बिकीं हैं, जो पिछले साल की तुलना में 5 फीसदी ज्यादा है। पिछले वर्ष कुल 38 लाख कारें बिकी थीं। पहली बार इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री भी 10 हजार के आंकड़े को पार कर गई, जो सालाना आधार पर 38 फीसदी की वृद्धि है। वाहनों के होलसेल डेटा से यह भी पता चलता है कि खरीदारों का रुझान अब एसयूवी और प्रीमियम कारों की ओर अधिक है। कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने पहली बार किसी महीने में दो लाख से ज्यादा कारों की बिक्री की। कंपनी की कुल बिक्री 4 फीसदी बढ़कर 2,06,434 यूनिट्स पर पहुंच गई, जिसमें से 33,168 कारें एक्सपोर्ट की गईं। मारुति की एसयूवी सेगमेंट की बिक्री में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि छोटी कारों की बिक्री में 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने देश में सबसे ज्यादा 1,59,591 कारों की बिक्री की, हालांकि डोमेस्टिक होलसेल में कुल मिलाकर 5 फीसदी की गिरावट रही। इस तरह के आंकड़े भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में स्थिरता और वृद्धि का संकेत देते हैं। कारों की बढ़ती मांग, विशेष रूप से एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों में, यह दर्शाती है कि उपभोक्ता अब ज्यादा सुविधा और प्रीमियम अनुभव की ओर रुख कर रहे हैं।     recent visitors 110

‘ अगर हिंदू जाति में बंटेंगे तो बांग्लादेश जैसा कटेंगे’, वाराणसी में BJP युवा मोर्चा ने लगाए पोस्टर तो मचा हंगामा

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान “बंटेंगे तो कटेंगे” पर लगातार प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मुख्य द्वार के बाहर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने एक विशाल बैनर लगाया है। इस बैनर पर लिखा है, “हिंदू जाति में बटेंगे तो बांग्लादेश जैसा कटेंगे… फैसला आपका।” बैनर लगाने वाले ने अपनी तस्वीर और नाम भी इसमें शामिल किया है। विवेक सिंह भाजपा युवा मोर्चा के वाराणसी महानगर अध्यक्ष हैं, उन्होंने इस बैनर के माध्यम से यह संदेश दिया है कि अगर हिंदू लोग जातियों में बंटते हैं, तो इसका परिणाम देश के लिए गंभीर हो सकता है। विवेक सिंह ने बैनर के माध्यम से कहा कि हमें एकजुट रहना होगा, अन्यथा हम अपने ही देश में बांग्लादेश जैसे हालात का सामना कर सकते हैं। विवेक सिंह ने कहा कि इस बैनर के माध्यम से वह यह संदेश देना चाहते हैं कि एकजुटता में ही शक्ति है। उनका मानना है कि अगर हिंदू समाज जातियों में विभाजित होता है, तो यह देश के लिए नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा, “हमें सभी हिंदुओं को एकजुट करना चाहिए, ताकि हम किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति से बच सकें।” इस बैनर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विवेक सिंह की तस्वीर भी लगाई गई है। बता दें कि योगी आदित्यनाथ के “बंटेंगे तो कटेंगे” वाले बयान के बाद से इस मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी राज्यों और उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनावों के मद्देनजर इस नारे के विभिन्न वर्जन दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। भाजपा के इस बैनर ने न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि यह मुद्दा देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के 9 सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। वहीं, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको लेकर सियासी हलचल बढ़ चुकी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से जमकर पोस्टर वार किए जा रहे हैं।     recent visitors 89

विधायक निर्मला सप्रे के विधानसभा की सदस्यता निरस्त कराने कांग्रेस हाईकोर्ट की शरण में जाएगी

भोपाल  मध्य प्रदेश के बीना से विधायक निर्मला सप्रे के विधानसभा की सदस्यता निरस्त करने की मांग लगातार कांग्रेस कर रही है.अब कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए हाईकोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिघार ने इसकी जानकारी दी है. कार्रवाई का रास्ता खुला विधायक की विधानसभा सदस्यता निरस्त करने की मांग की जा रही है.नेता प्रतिपक्ष की याचिका के 90 दिन पूरे होने के बाद कांग्रेस के पास कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुला गया है.नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष की  सदस्यता रद्द करने की याचिका लगाई थी . इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी तरह का फैसला नहीं हुआ है.ऐसे में अब कांग्रेस कोर्ट का रूख करेगी .सबूत के साथ कोर्ट में कांग्रेस अपना पक्ष रखेगी. पार्टी की गतिविधियों में लिप्त है उमंग सिघार ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि भाजपा इस बारे में कोई निर्णय लेना चाहती है, ऐसे में हम इस मामले में हाईकोर्ट जा रहे हैं.वे भाजपा की बैठकों में जा रही हैं. बयानबाजी कर रही हैं. ऐसे कई तथ्य हैं, जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में पूरी तरह से लिप्त हैं. ऐसे में उन्हें बर्खास्त करने की मांग को लेकर कोर्ट में जा रहे हैं. दल बदल कानून के तहत कांग्रेस इस्तीफे पर जोर दे रही है. बता दें कि निर्मला सप्रे बीजेपी की बैठक में भी नजर आई थी. हालांकि निर्मला ने एक बयान में कहा था कि न तो मैंने कांग्रेस छोड़ी है और न ही बीजेपी ज्वाइन की है. recent visitors 86

‘मोहन सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों के कारण मौत पर मुआवजे की राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत जंगली जानवरों के हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। राज्य सरकार ने उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास एक हाथी द्वारा दो व्यक्तियों को कुचलकर मार डालने की घटना के एक दिन बाद यह घोषणा की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया, ‘‘हमने जंगली जानवरों के हमलों के कारण मौत के लिए मुआवजे की राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया है। हमने उमरिया में (हाथियों के हमले में) मारे गए दो लोगों के परिवारों को भी इसके दायरे में शामिल किया है।’’ वन मंत्री प्रदीप अहिरवार द्वारा उमरिया जिले के पीड़ितों के परिजनों को 8-8 लाख रुपये का मुआवजा सौंपने के कुछ घंटों बाद ही मुआवजा राशि में तीन गुना की वृद्धि की गई। उधर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के बफर जोन के बाहर शनिवार को जंगली हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई थी। अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान रामरतन यादव (65) के रूप में हुई है। बीटीआर के अधिकारी ने बताया, "आज सुबह जब वह रिजर्व के बाहर शौच के लिए गए थे तो जंगली हाथियों ने उन्हें कुचल दिया।’’ उमरिया के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) विवेक सिंह ने को फोन पर बताया कि यह घटना देवरा गांव में हुई। इस हफ्ते की शुरुआत में तीन दिनों के अंतराल में बीटीआर में दस हाथियों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को रिजर्व (बीटीआर) के खितोली रेंज के अंतर्गत सांखनी और बकेली में चार जंगली हाथी मृत पाए गए, जबकि बुधवार को चार और बृहस्पतिवार को दो की मौत हो गई। अधिकारियों ने पहले बताया था कि 13 सदस्यीय झुंड में से अब केवल तीन हाथी ही जीवित हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या व्यक्ति को शेष तीन हाथियों ने मारा है, तो अधिकारी ने कहा कि उनकी पहचान का पता लगाना मुश्किल है। बीटीआर के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि झुंड के शेष तीन हाथी कटनी जिले के वन क्षेत्र की ओर बढ़ते देखे गए। वन अधिकारी ने कहा, “यह गतिविधि असामान्य है क्योंकि बीटीआर में पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया है।” बीटीआर पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया और कटनी जिलों में फैला हुआ है। recent visitors 122

मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: नवंबर में ठंड ने ढाया कहर कई शहरों में तापमान 20 डिग्री से नीचे

Madhya Pradesh weather update: Cold wreaked havoc in November, temperature below 20 degrees in many cities भोपाल। नवंबर शुरू होते ही गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। एमपी के अधिकांश शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। अनूपपुर के अमरकंटक और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में ठंड का असर सबसे ज्यादा है। सोमवार रात यहां का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे रहा।  ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड का असर तेज होता है, लेकिन शुरुआत में अभी भोपाल और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर थोड़ा गर्म है। रविवार-सोमवार की रात भोपाल और जबलपुर में तापमान 17 डिग्री रहा। जबकि, ग्वालियर में 17.3 डिग्री, उज्जैन में 18.3 डिग्री और इंदौर में 18.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।  मंडला, रीवा और राजगढ़ में तापमान  मंडला, मलाजखंड, रीवा, उमरिया सहित अन्य शहरों में भी रात का पारा लुढ़का है। रविवार सोमवार की रात अमरकंटक में 12.2 डिग्री, पचमढ़ी में 12.4 डिग्री, मंडला में 13.6 डिग्री, रीवा में 14.4 डिग्री और मलाजखंड में 14.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। उमरिया में तापमान 15.3 डिग्री, राजगढ़ में 16 डिग्री और बैतूल-सतना में 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले सप्ताह बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग की मानें तो नवंबर के दूसरे सप्ताह ठंड का असर बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर भारत में बर्फबारी की संभावना है। इसका असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल सकता है।   बड़े शहरों में नवंबर का मौसम भोपाल में नवंबर महीने में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 30 नवंबर 1941 को सबसे कम 6.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। इंदौर में नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड बढ़ने लगती है। रात का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। 25 नवंबर 1938 को इंदौर में  5.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था  ग्वालियर में पिछले 10 साल में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक गिरा है। 1970 में यह 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।  जबलपुर में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री तक जा चुका है। 12 नवंबर 1989 को यह 3.9 डिग्री सेल्सियस रहा।  उज्जैन में न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री के बीच रहता है। 30 नवंबर 1974 को 2.8 डिग्री सेल्सियस रहा है।  recent visitors 183