पुलिसकर्मियों को जुआ खेलते वीडियो वायरल

गुना  जिले में एक एसआई का जुआ खेलते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। एक तरफ तो पुलिस जुए को क्राइम मानती है और लोगों की धरपकड़ करती है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस का खुद ही ताश खेलते हुए वीडियो वायरल हुआ है। सब इंस्पेक्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक सब इंस्पेक्टर वर्दी में जुआ खेलते नजर आ रहे है। इस वीडियो में अन्य लोग भी ताश के पत्तों का खेल खेलते दिख रहे हैं। यह मामला पुलिस विभाग के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। वर्दी में ताश खेलते वीडियो वायरल पुलिस वाले पर यह काफी बड़ी परेशानी खड़ी करने वाला सवाल है। ड्यूटी के समय इस तरह की गतिविधियों में लिप्त होना कहां तक सही माना जाता है। वीडियो में सब इंस्पेक्टर स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि जे गेम खेंच से भी अच्छा गेम है, जा से दिमाग विकसित होता है। इसलिए खेलने आता हूं मैं। उनके सामने एक बायरलेस सेट रखा हुआ है। वह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ जुआ खेलने में व्यस्त हैं। यह तस्वीर न केवल पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करती है बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाती है। ड्यूटी के वक्त जुआ का खेल सबसे बड़ा सवाल यह है कि ड्यूटी टाइम में ताश के पत्ते जैसे बदनाम खेल खेलना कितना उचित है? पुलिसकर्मियों का मुख्य कार्य नागरिकों की सुरक्षा करना और कानून का पालन कराना है। ऐसे में इस प्रकार की गतिविधियां उनके पेशेवर आचरण पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। इस वीडियो के वायरल होने से स्थानीय समुदाय में पुलिस के प्रति विश्वास में कमी आ सकती है। यह घटना न केवल पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन की कमी को दर्शाती है बल्कि यह भी दिखाती है कि किस प्रकार कुछ पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिनसे पूरा पुलिस प्रशासन बदनाम होता है। recent visitors 57

हाईकोर्ट ने नगर निगम को दिए निर्देश, सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़ा था मकान,अब देना होगा लाखों का मुआवजा

 ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर घर का हिस्सा तोड़ने के खिलाफ कानूनी जंग लड़ रहे एक व्यक्ति को 18 साल बाद बड़ी जीत मिली है. हाईकोर्ट की ग्वालियर खण्डपीठ ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह पीड़ित को 33 लाख 27 हजार रुपये की धनराशि मुआवजे के रूप में दें. यह राशि नगर निगम को चार सप्ताह के अंदर ब्याज के साथ देनी होगी. ये है मामला यह मामला साल 2006 का है. जीवाजी नगर में सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ तो वहां रहने वाले अरोरा परिवार को नोटिस जारी किया. इसमें कहा गया कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए उनके मकान को तोड़ना है. उन्हें 15 दिन के अंदर जगह खाली करने का निर्देश भी दिया गया. इसमें यह भी कहा गया है कि घर का वह हिस्सा बिना अनुमति के निर्माण किया गया है. मामला जनहित से जुड़ा है फिर भी उन्हें कुछ मुआवजा दे दिया जाएगा. तमाम दबावों के बावजूद अरोरा परिवार ने नगर निगम की नहीं मानी और उसके द्वारा जारी किए गए नोटिस के खिलाफ वे कोर्ट में चले गए. उन्होंने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की. कोर्ट से निवेदन किया कि उन्हें बलदेव कुमार के प्रकरण को आधार बनाकर भुगतान किया जाए. इस याचिका पर हाईकोर्ट ने ग्वालियर के जिला न्यायाधीश को निर्देश दिया कि वे रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद इस मामले में मुआवजा की राशि का निर्धारण करें. जिला कॉर्ड ने रिकॉर्ड परीक्षण के बाद पीड़ित को 33 लाख 27 हजार की राशि मुआवजे के रूप में देने की रिपोर्ट पेश की. लेकिन नगर निगम ग्वालियर ने इस पर आपत्ति जताई.नगर निगम ने कोर्ट में कहा कि जमीन अधिग्रहण अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा देने का प्रावधान ही नहीं है. नगर निगम अधिनियम में ऐसे प्रकरणों में मुआवजा देने का पृथक से प्रावधान है. इसके बाद अरोरा परिवार ने अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखी. हालांकि फैसला होने में 18 साल का लंबा वक्त लगा. सुनाया ऐतिहासिक फैसला अब हाईकोर्ट ने इस याचिका पर फैसला सुना दिया. इसमें कोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर अरोरा परिवार के घर का 1345 वर्गफीट हिस्सा तोड़ने के एवज में 33 लाख 27 हजार की रकम पीड़ित परिवार को चार सप्ताह के भीतर मय ब्याज के देने के आदेश दिए. कोर्ट ने नगर निगम के जनहित के लिए जमीन लेने और नगर निगम एक्ट के तहत मुआवजा तय होने के तर्क को भी खारिज करते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया.   recent visitors 64

भोपाल : इयरफोन लगाकर पटरी पर बैठा युवक ट्रेन ऊपर से गुजरी

भोपाल  शहर के शाहपुरा इलाके में एक युवक की ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 20 वर्षीय मानराज तोमर के रूप में हुई है। वह भरत नगर में रहता था और बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। घटना के समय रात करीब साढ़े तीन बजे वह दोस्त के साथ पटरी पर कानों में हेडफोन लगाकर मोबाइल पर रील देख रहा था। उसके साथ उसका दोस्त भी था, लेकिन वह दूसरी पटरी पर बैठा हुआ था, इसलिए उसकी जान बच गई। पुलिस ने मर्ग कायम करने के बाद छानबीन शुरू कर दी है देर रात घूमने निकला था शाहपुरा थाना पुलिस के मुताबिक मानराज तोमर (20) बीएसएसएस कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। कोलार रोड पर रहने वाला उसका दोस्त रोनित उसके साथ में पढ़ता है। सोमवार देर रात दोनों दोस्त घूमने के लिए निकले थे। देर रात करीब तीन बजे उन्होंने एक स्थान पर चाय पी और उसके बाद घर लौट रहे थे। इस दौरान वह दानापानी रोड स्थित रेलवे लाइन पर पहुंच गए। दरअसल दोनों छात्रों को रील बनाने का भी शौक था। दोस्त ने दी सूचना करीब साढ़े तीन बजे दोनों अलग-अलग पटरियों पर बैठकर सोशल मीडिया के माध्यम वॉट्सएप और इंस्टाग्राम चला रहे थे। मानराज ने कानों में हेडफोन लगा रखा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर मानराज की मौत हो गई। दूसरी पटरी पर बैठे रोनित ने घटना की जानकारी पास के रेलवे के सुरक्षा गार्ड को दी, जिससे बाद शाहपुरा पुलिस को सूचना मिली। इकलौता बेटा था मृतक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया। पोस्टमार्टम कराने के बाद छात्र का शव स्वजनों को सौंप दिया गया । पुलिस का कहना है कि हेडफोन लगा होने के कारण मानराज को ट्रेन के आने की आवाज नहीं सुनाई दी और उसकी नजर भी ट्रेन पर नहीं पड़ी। मानराज परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता को दिल की बीमारी हैं, इसलिए उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई थी। recent visitors 62

धनतेरस पर दुकानदारों को उम्मीद थी उससे कहीं अधिक धनवर्षा हुई

भोपाल  धनतेरस पर जिस प्रकार से दुकानदारों को उम्मीद थी उससे कहीं अधिक धनवर्षा हुई । इस बार धनतेरस पर राजधानी में करीब 1000 करोड़ से अधिक के कारोबार हुआ। हर बार की तरह इस बार भी सुबह से ही सोना-चांदी के आभूषणों के अलावा दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई। धनतेरस पर दुकानों को न केवल आकर्षक सजाया गया है बल्कि ग्राहकों को लुभावने के लिए गिफ्ट हैंपर, स्क्रैच कार्ड, कैशबैक, सोने व चांदी के सिक्के दिए गए। बाजारों में उमड़े ग्राहक कुल मिलाकर शहर के सभी बाजार ग्राहकों से गुलजार नजर आए। धनतेरस के अवसर पर पूजन सामग्री से लेकर झाड़ू तक की दुकानों पर लोगों ने अपनी जरूरत के अनुसार शुभमुहुर्त में खरीदारी देर रात तक की। धनतेरस पर शहरवासियों ने वाहन और सोने चांदी के आभूषण सबसे अधिक खरीदे । इसके अलावा कपड़ा, बर्तन, इलेक्ट्रानिक्स, मोबाइल दुकानों पर भी जमकर बिक्री हुई। हालांकि दुकानदारों ने पहले से ही टेंट लगाकर दुकान सामग्री सजाकर रखी हुई थी । प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अधिक भीड़ राजधानी के सराफा चौक, न्यूमार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, जुमेराती, बैरागढ़ आदि सभी जगह लोग धनतेरस पर खरीदारी करने पहुंचे। हालांकि दीपावली की खरीदारी लोग एक हफ्ते पहले से करने लगते हैं। इसके अलावा बैरागढ़ रोड स्थित पटाखा बाजार में जमकर लोगों ने फटाखे खरीदे। हालांकि धनतेरस के एक दिन पहले से बाजार में रौनक बढ़ गई है। मुख्य बाजार की सडक़ों में रोज की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। 200 करोड़ से ज्यादा की बिकीं कार, बाइक्स भोपाल में इस धनतेरस का त्योहार बेहद खास रहा, क्योंकि इस दौरान शहर के लोगों ने जमकर नए वाहनों की खरीदारी की। इस शुभ अवसर पर करीब 225 करोड़ रुपये की कारों और बाइक्स की बिक्री हुई, जिससे भोपाल का आटोमोबाइल बाजार गुलजार रहा। इस साल धनतेरस पर लोगों ने लगभग 2500 कारें और 2500 बाइक्स खरीदीं, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल बन गया। इस अवसर पर लोग अपने परिवार के साथ शोरूम पहुंचे और उत्साह के साथ अपने पसंदीदा वाहन खरीदा। कारोबार में आया उछाल भोपाल के आटोमोबाइल शोरूम मालिकों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार टू-व्हीलर के बाजार में आठ से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस वर्ष कारों और बाइक्स की बढ़ती मांग का एक प्रमुख कारण लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान था। 65 प्रतिशत लोगों ने किफायती बाइक को चुना इस बार टू-व्हीलर के खरीदारों में से 65 प्रतिशत से अधिक लोगों ने किफायती बाइक का चुनाव किया, जबकि 30 प्रतिशत से अधिक लोगों ने हैवी बाइक या हाई सीसी वाली बाइक को प्राथमिकता दी। रायल एनफील्ड जैसी बाइक्स की मांग में भी खासा इजाफा देखा गया। लोग महीनों पहले से ही बुकिंग करवा चुके थे ताकि उन्हें अपनी पसंद की बाइक धनतेरस पर मिल सके। इससे पता चलता है कि लोगों में हैवी और प्रीमियम बाइक्स को लेकर विशेष आकर्षण है। ईवी वाहनों की उल्लेखनीय हिस्सेदारी भोपाल में बढ़ती हुई इस मांग में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी उल्लेखनीय है। लोग अब पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर इलेक्ट्रिक वाहनों का चुनाव कर रहे हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन बाजार अभी अपनी शुरुआती अवस्था में है, लेकिन ग्राहकों की दिलचस्पी को देखते हुए आने वाले समय में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। इस वर्ष का धनतेरस, शहर के आटोमोबाइल उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत रहा। शोरूम संचालक और विक्रेता भी इस बार के बिक्री परिणाम से काफी संतुष्ट हैं और तीन नवंबर तक कारोबार यह कारोबार बढ़ेगा। सराफा बाजार में वाहनों पर रहा प्रतिबंध सराफा एसोसिएशन ने भीड़ से बचने के लिए वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया था । एसोसिएशन के अखिलेश मित्तल ने बताया कि बाजार में धनतेरस पर खासी रौनक रही । देर रात तक ग्राहक खरीदारी करने पहुंचे। ग्राहकों के स्वागत के लिए बाजार में रेड कारपेट बिछाया गया था। बाजार में खूबसूरत विद्युत सज्जा की गई है। सराफा एसोसिएशन के अंकित वर्मा ने बताया कि धनतेरस पर लोग चांदी के सिक्के, पायल-बिछिया की ज्यादा खरीदारी करने आए। सोने में लाइट ज्वेलरी की डिमांड ज्यादा रही । सोने व चांदी के रेट बढ़ने पर लोग अपने बजट में खरीदारी कर रहे हैं। खासकर चांदी की मूर्ति और सिक्कों की मांग अधिक रहीं । धनतेरस पर सोने व चांदी के आइटम में लक्ष्मी गणेश की मूर्ति और सिक्का अधिक खरीदा गया। धनतेरस के शुभ अवसर पर राजधानी के समूचे सराफा में करीब 10 किलो सोना और दो क्विंटल चांदी बिकी। धनतेरस पर सराफा में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री हुई। बर्तन बाजार में मूर्तियां और बर्तन की नई-नई डिजाइन बर्तन बाजार में भी हमेशा की तरह सजावट की गई । व्यापारियों के मुताबिक धनतेरस पर बाजार में काफी उत्साह रहा । शुभ मुहूर्त में लोगों ने पूजा की । पीतल और तांबे के बर्तनों की जमकर बिक्री हुई। पूरा बाजार बर्तनों से पटा नजर आया है। भगवान की मूर्तियां और गृहस्थी के बर्तन नई-नई डिजाइन में आए थे, जिन्हें लोगों ने उत्साह के साथ खरीदा। इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में छाई रौनक धनतेरस के अवसर पर ग्राहकों को इलेक्ट्रानिक्स आइटम पर विशेष आफर दिए गए। इस बार 100 इंच का क्यू एलईडी आकर्षक का केंद्र रहा । इसके अलावा माइक्रोवेव, चिमनी, वाशिंग मशीन, एसी, गीजर, वैक्यूम क्लीनर व होम थिएटर को लोगों ने खरीदा। धनतेरस पर न्यूनतम मूल्य के साथ कंपनी की तय स्कीम व गिफ्ट ग्राहकों को दिया गया। पिछले साल की तुलना में इस बार इलेक्ट्रानिक्स आइटम की मांग अधिक रही । दैनिक उपयोग के आइटम भी खुब बिके। कपड़ा बाजार में उमड़ी भीड़ धनतेरस में कपड़ा बाजार से भी जमकर खरीदी हुई। व्यापारी प्रदीप मैथिल ने बताया कि इस बार नए परिधानों में महिलाओं के लिए शरारा, कुर्तियां, लेगिस, कार्बो पेंट, गाउन आदि की डिमांड रही। वहीं जेंट्स में एथेनिक सूट्स की खूब डिमांड रही। धनतेरस पर कपड़े की दुकानों पर लोगों की जमकर भीड़ नजर आई। सेक्टर अनुसार कारोबार (करोड़ रुपए में) ऑटोमोबाइल – 225 सराफा – 150 रियल इस्टेट – 200 बर्तन – 125 इलेक्टॉनिक्स – 100 फर्नीचर, मिठाई – 50 पटाखे – 100 कपड़े – 50 अन्य – 50 recent visitors 60

पद के लिए परिवार तोड़ा ? अब शरद पवार ने भतीजे अजित पर लगाया आरोप

मुंबई राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए परिवार को तोड़ने का आरोप लगाया। बारामती के पास कन्हेरी शहर में अपने पोते और राकांपा (एसपी) प्रत्याशी युगेंद्र पवार के समर्थन में प्रचार करते हुए शरद पवार ने अजित की नकल की। एक दिन पहले क्षेत्र में आयोजित एक रैली में युगेंद्र की उम्मीदवारी को लेकर अजित पवार भावुक हो गए थे। शरद पवार भाषण के बीच में रूमाल निकालकर आंसू पोंछने का नाटक करने लगे, जिसे देख रैली में मौजूद लोग हंस पड़े।  बारामती में एक रैली के दौरान अजित पवार ने युगेंद्र की उम्मीदवारी की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि बड़े-बुजुर्गों को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि बारामती का चुनावी समर पारिवारिक लड़ाई में न तब्दील हो। शरद पवार ने कहा, “मेरे माता-पिता और भाइयों ने मुझे कभी भी घर (परिवार) तोड़ने का पाप नहीं सिखाया।” उन्होंने कहा, “लोगों ने बहुत समय पहले मुझे महाराष्ट्र का नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा था। मैं अब एक संरक्षक हूं और मैंने पार्टी से जुड़े मामले नयी पीढ़ी को सौंप दिए हैं।” राजनीति की दुनिया की अनिश्चितताओं को रेखांकित करते हुए राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि खुद के लिए सत्ता हासिल करने के फेर में किसी को भी अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से जब हम (अविभाजित राकांपा) सत्ता में नहीं थे, तब हमारे कुछ सहयोगी सुबह उठे और अचानक शपथ ले ली। वह सरकार चार दिन भी नहीं चली।” गौरतलब है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी रस्साकशी के बीच अजित पवार ने राजभवन में उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय अजित विपक्षी दल राकांपा (अविभाजित) के सदस्य थे। शरद पवार ने सवाल किया, “चार बार उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं देने के बावजूद वह (अजित पवार) अपने लिए उपमुख्यमंत्री पद सुरक्षित करने के वास्ते दूसरे पाले में चले गए। आपको अधिकांश बार यह पद हासिल हुआ। अगर आपको एक बार पद न मिल पाए, तो क्या आप घर (परिवार) तोड़ दोगे?” उन्होंने कहा, “अब यह कहा जा रहा है कि मैंने परिवार तोड़ा। यह सुनकर हंसी आती है।” राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पवार कुनबे में कभी दरार पैदा नहीं की और परिवार के मुखिया के रूप में हर कोई उनकी बात सुनता था। उन्होंने कहा, “मैंने कभी किसी के खिलाफ जाकर कुछ नहीं किया और न ही करूंगा। भविष्य में कोई भी व्यक्ति चाहे जो भी कदम उठाए, मैं गलत रास्ते पर नहीं जाऊंगा। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि मेरा परिवार एकजुट रहे।” अजित पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने एक रैली में दिए उनके भाषण का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “ऐसा कहा गया कि मैंने परिवार में फूट डाली। मेरे माता-पिता या भाइयों ने मुझे कभी परिवार तोड़ने का पाप नहीं सिखाया। अनंतराव पवार (अजित पवार के पिता) सहित मेरे सभी भाई मेरे साथ रहे।” शरद पवार ने याद किया कि कैसे उन्होंने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि घरेलू मुद्दों और खेती की देखभाल की जिम्मेदारी उनके परिवार के अन्य सदस्य संभालते थे। उन्होंने कहा, “मैं अपने भाइयों के आशीर्वाद के कारण ही अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सका। मैं उनके बच्चों के साथ भेदभाव नहीं करूंगा।” शरद पवार ने बारामती लोकसभा क्षेत्र में सुनेत्रा पवार के लिए चुनाव प्रचार से लेकर युगेंद्र की उम्मीदवारी को लेकर दिए गए भावुक भाषण तक, अजित पवार की भाषा में आए बदलाव को रेखांकित किया। बारामती लोकसभा क्षेत्र में अजित ने पत्नी सुनेत्रा को अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि, सुनेत्रा चुनाव जीतने में असफल रही थीं। शरद पवार ने कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान (अजित द्वारा) लोगों से कहा गया था कि वे भावनाओं में न बहें। लोगों को बताया गया कि पवार साहब (शरद पवार) आंसू बहाएंगे और (अपनी बेटी सुप्रिया सुले के लिए) वोट मांगेंगे।” उन्होंने अजित की नकल उतारते हुए रूमाल निकाली और आंसू पोंछने का नाटक करते हुए कहा, “आपने कल के भाषण में देखा होगा…।” शरद पवार ने दावा किया कि उन्होंने कई नेताओं को मंत्री पद की पेशकश की, लेकिन सुप्रिया सुले को एक भी पद नहीं सौंपा। राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि उन्हें अदालत में घसीटा गया, क्योंकि उन्होंने जिस राकांपा की स्थापना की थी, उसका नाम और चुनाव चिह्न दूसरे गुट को आवंटित कर दिया गया था। बता दें महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी। recent visitors 107

गिर जाएगी ट्रूडो सरकार? कनाडा की विपक्षी पार्टी खड़ी कर रही चुनौतियां

ओटावा कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को भारत से पंगा लेना महंगा पड़ गया है। उनकी सरकार पर अल्पमत में आने का खतरा मंडरा रहा है। सरकार में शामिल कुछ दलों ने उन्हें अल्टिमेटम दिया था, जिसकी मियाद खत्म हो चुकी है। क्यूबेक की एक राष्ट्रवादी पार्टी ने घोषणा की कि वह कनाडा में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की अल्पमत सरकार को गिराने के लिए विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम करेगी। आपको बता दें कि संसद में 338 सीटों में से ट्रूडो की लिबरल पार्टी के पास 153 सांसद ही हैं। संसद में कानून पारित करने के लिए वह अन्य पार्टियों पर निर्भर हैं। ब्लॉक क्यूबेकॉइस के नेता यवेस-फ्रांस्वा ब्लैंचेट ने घोषणा की कि जस्टिन ट्रूडो के दिन गिने हुए हैं। ट्रूडो की सरकार ने लिबरल पार्टी ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धावस्था सुरक्षा बढ़ाने की उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया था। आपको बता दें कि ट्रूडो को अपनी सरकार बचाने के लिए न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) और कंजर्वेटिव पार्टी दोनों के समर्थन की आवश्यकता होगी। इस बीच कंजर्वेटिव पार्टी ने पहले ही समय से पहले चुनाव कराने के लिए जोर दिया है। फिलहाल ब्लॉक और NDP दोनों ने कंजर्वेटिव नेता पियरे पोलिएवर के समय से पहले चुनाव कराने की मांग को अस्वीकार कर दिया है। हालांकि, अब ब्लॉक ने प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। ट्रूडो का अस्तित्व खालिस्तान समर्थक पार्टी के महत्वपूर्ण समर्थन पर टिका है। एनडीपी ने ट्रूडो की सरकार का समर्थन किया है, लेकिन उनके नेता जगमीत सिंह ने हाल ही में कहा कि वे समय को देखते हुए समर्थन पर फैलसा लेंगे। सरकारी सदन की नेता करीना गोल्ड ने मंगलवार को कहा कि हमेशा आगे बढ़ने का एक रास्ता होता है। वहीं, सार्वजनिक सेवा मंत्री जीन-यवेस डुक्लोस ने ब्लॉक की समय सीमा को कृत्रिम बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि लिबरल अल्पसंख्यक संसद को बनाए रखने के लिए अन्य दलों के साथ काम करना जारी रखेंगे। recent visitors 68

ग्वालियर में स्टेशन पर काम कर रहे मजदूर के पेट और सीने में घुसे सरिये , डॉक्टरों ने रात भर किया ऑपरेशन

ग्वालियर ग्वालियर में इंजीनियर-डॉक्टर ने मिलकर एक मजदूर की जान बचाई। मजदूर के सीने और पेट में घुसे सरिए निकालने के लिए ऑपरेशन ढाई घंटे तक चला। इंजीनियर ने स्ट्रेचर पर ही उसके शरीर में घुसे सरिए इलेक्ट्रिक कटर से काटे। इस दर्दनाक घटना के बाद भी बिना घबराए मजदूर की जीवटता और डॉक्टरों के हाथों के हुनर ने ऐसा कमाल दिखाया कि त्योहार के दिन उसे जीवनदान मिल गया। अस्पताल ले जाए गए मजदूर के शरीर में सरिये घुसे होने से उसे सीटी स्कैन कक्ष तक में नहीं ले जाया सका तो ग्राइंडर से सरिये काटे गए। डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बुरी तरह कटी आंत को जोड़ दिया। उसकी हालत स्थिर है। डाक्टरों की निगरानी में रहेगा। रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत प्लेटफार्म क्रमांक एक की तरफ पुराने आरपीएफ थाने के पीछे रेल कर्मचारियों के आवास बन रहे हैं। यहां इमारत की दूसरी मंजिल पर मंगलवार की सुबह मजदूर छोटू जाटव पुत्र संतोष जाटव निवासी घास मंडी किलागेट दरवाजे के पल्ले लगाने का काम कर रहा था। इसी दौरान नीचे लिफ्ट की डक्ट में गिर गया। केपीसी कंपनी पर लापरवाही का आरोप बताया गया है कि चेन बेल्ट खुल जाने से यह हादसा हुआ पर मजदूर के स्वजन का केपीसी इंफ्रा कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। केपीसी वही कंपनी है जिसने एयर टर्मिनल का काम किया है। एयर टर्मिनल के काम के दौरान चार से पांच मजदूरों की मौत होने के मामले सामने आ चुके हैं, कुछ समय पहले ही एक मजदूर की मौत हुई थी। हर मामले में केपीसी पर लापरवाही के आरोप लगे। बताया गया है कि रेलवे स्टेशन के इस प्रोजेक्ट में भी पूरी तरह सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, इस कारण कर्मचारियों में आक्रोश भी है। ऐसे बचा ली जान छोटू को सुबह 11.30 बजे जेएएच के ट्रामा सेंटर लाया गया। सबसे पहले उसके शरीर के अंदर सरियों ने क्या नुकसान किया है, यह जानने के लिए सीटी स्कैन जरूरी था, परंतु सरियों की वजह से उस कक्ष में ले जाना संभव नहीं हो सका। सर्जरी विभाग की प्राध्यापक डॉ. अंजलि जलज ने वर्कशाप प्रभारी अतर सिंह जाटव की टीम को बुलाकर ग्राइंडर मशीन के जरिये सरियों को कटवाया। उसके बाद सर्जरी विभाग के आईसीयू में शिफ्ट किया गया। वाइटल्स स्थिर रहने पर सीटी स्कैन किया गया जिसमें उसे न्यूमोपेरिटोनियम एवं न्यूमोथोरेक्स की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के अनुसार शरीर में हुए छेदों के कारण फेफड़ों और पेट में हवा भर गई थी, जिसे नली की सहायता से निकाला गया। डॉ जलज के नेतृत्व में डॉ. हिमांशु चंदेल तथा यूरोलाजी विभाग के डॉ. संजय पाराशर द्वारा सर्जरी की गयी। डॉक्टरों की टीम ने लगभग सवा घंटे तक जटिल ऑपरेशन के बाद बताया कि क्षतिग्रस्त आंत को जोड़ा गया है। उसकी हालत ठीक है।   recent visitors 76