मंत्री विजयवर्गीय ने निभाई परंपरा, धनतेरस पर पुश्तैनी किराने की दुकान में बेचा सामान

इंदौर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने धनतेरस के मौके पर अपनी पुश्तैनी किराने की दुकान पर ग्राहकों को सामान बेचा। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विजयवर्गीय लोगों को किराने का सामान देते हुए नजर आ रहे हैं। बयान भी सामने आया मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'यह हमारी पुश्तैनी दुकान है। मेरे पिता ने दूध, चायपत्ती, चीनी और गुड़ से यह दुकान शुरू की थी। धीरे-धीरे ग्राहकों की मांग बढ़ती गई और अब हमारी दुकान मशहूर है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे ग्राहक अब तीसरी पीढ़ी के ग्राहक हैं।' पहले भी रहे थे चर्चा में इससे पहले कैलाश उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने तिरुपति प्रसाद विवाद पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि तिरुपति के प्रसाद में एनिमल फैट और फिश ऑयल मिलाने वालों को मृत्यु दंड की सजा मिलनी चाहिए। कैलाश विजयवर्गीय ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि कल जैसे ही मुझे इस बात का पता चला कि तिरुपति मंदिर के प्रसाद में एनिमल फैट और फिश ऑयल मिलाया जाता था, मैं कल रात का खाना नहीं खा पाया। क्योंकि मैं कई बार तिरुपति मंदिर गया हूं और वहां का प्रसाद भी मैंने खाया है। सनातन धर्म को चोट पहुंचाने की कोशिश की गई है। जो लोग इस प्रकार का खिलवाड़ कर रहे हैं उन्हें मृत्यु दंड देना चाहिए। वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के बयानों से जुड़े सवाल पर कहा कि राहुल गांधी जी में अभी परिपक्वता नहीं है। वह एक संवैधानिक पद पर बैठे हैं, नेता प्रतिपक्ष हैं। इसलिए उनके द्वारा जो भी बयान दिया जाता है वो देश के नेता प्रतिपक्ष का बयान होता है। वो बिल्कुल गंभीर नहीं हैं, उन्होंने देश की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि यह अक्षम्य अपराध है। बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। recent visitors 94

ढाका में यातायात नियंत्रित करने शुरू किए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर अनुमानित लागत पर प्रश्नचिह्न लगाया गया, अब समीक्षा

शेख हसीना के ढाका मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, अंतरिम सरकार करेगी समीक्षा हसीना के कार्यकाल के दौरान शुरू किए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, अंतरिम सरकार की समीक्षा की घोषणा ढाका में यातायात नियंत्रित करने शुरू किए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर अनुमानित लागत पर प्रश्नचिह्न लगाया गया, अब समीक्षा ढाका  बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान राजधानी ढाका में यातायात नियंत्रित करने के लिए शुरू किए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर सवाल उठे हैं। हसीना सरकार के पतन के बाद अस्तित्व में आई अंतरिम सरकार ने प्रोजेक्ट की समीक्षा करने की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत पर प्रश्नचिह्न लगाया गया है। ढाका से छपने वाले बांग्ला अखबार (अंग्रेजी संस्करण) प्रोथोम अलो की खबर के अनुसार, पूर्व हसीना सरकार के मेट्रो के नए मार्ग के चयन पर गंभीर आपत्ति की गई है। यह भी आरोप लगाया गया है कि जो मार्ग पहले तैयार होना चाहिए, उसे सबसे आखिर में पूरा कराने का निर्णय एक विशेष समूह को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। इस समूह के लिए पूर्व सरकार ने अपनी प्राथमिकता बदल दी। इस प्रोजेक्ट से संबद्ध मंत्रालयों के अधिकारियों ने कहा कि नए मेट्रो रेल ट्रैक की प्राथमिकता में आम लोगों के हित का ध्यान नहीं रखा गया। यहां तक कि निर्माण के लिए तय किया गया रूट भी गलत है। प्रोजेक्ट पर सवाल उठने के बाद सड़क और पुल मंत्रालय नए सिरे से प्राथमिकताएं तय कर रहा है। मंत्रालय के सलाहकार फौजुल कबीर खान ने कहा कि मौजूदा प्राथमिकता सूची की समीक्षा की जाएगी। विवादः प्रोथोम अलो के अनुसार मुख्य रूप से एमआरटी लाइन-5 पर सवाल उठे हैं। इसका निर्माण गबटोली से तकनीकी चौराहा, कल्याणपुर, श्यामोली, कॉलेज गेट, असद गेट, रसेल चौराहा, कारवां बाजार, हातिरझील, तेजगांव, आफताबनगर, आफताबनगर सेंटर, आफताबनगर पूर्व और नसीराबाद होते हुए दशेरकंडी तक किया जाना था। संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि एमआरटी लाइन-2 को लाइन-5 (दक्षिणी मार्ग) पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लाइन-2 को ढाका उद्यान, मोहम्मदपुर, जिगताला, विज्ञान प्रयोगशाला, न्यू मार्केट, अजीमपुर, पलाशी, ढाका मेडिकल कॉलेज, गुलिस्तान, मोतीझील, कमलापुर के माध्यम से गैबटोली से नारायणगंज तक यात्रियों को ले जाना था। लाइन-2 परियोजना में गुलिस्तान से सदरघाट तक एक शाखा लाइन का निर्माण भी शामिल है। योजना आयोग ने क्या कहा लाइन-2 की परियोजना एमआरटी लाइन-5 परियोजना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। हालांकि परियोजना को प्राथमिकता सूची के अंतिम स्लॉट में रखा गया है। इस परियोजना में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है जबकि लाइन-5 परियोजना के लिए व्यवहार्यता अध्ययन पहले ही पूरा हो चुका है। यहां तक कि तकनीकी डिजाइन और खरीद योजना को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। योजना आयोग के अधिकारी कह रहे हैं कि लाइन-5 के मार्ग वाले क्षेत्रों में उतने वाणिज्यिक या औद्योगिक क्षेत्र नहीं हैं। इसके अलावा यह मार्ग लाइन-6 के काफी करीब है, जो पहले से ही सेवा में है। गबटोली से असद गेट तक के इलाकों के निवासियों को एक या दो किलोमीटर की दूरी के भीतर इस लाइन की सेवा मिल सकती है। हालांकि, लाइन-2 के निर्माण से अधिक लोगों को लाभ होता। इसलिए, पहले लाइन-2 के निर्माण के लिए प्रस्तावित परियोजना को लागू करना अधिक उचित है, जो न्यू मार्केट, धनमंडी और पुराने ढाका सहित शहर के कई सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ता है।     recent visitors 113

धनतेरस पर महंगाई का नहीं दिखा शहर में कोई असर, 3613 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड शॉपिंग हुई

 लखनऊ धनतेरस के दिन लखनऊ शहर में मंगलवार को दोपहर तक सुस्त पड़े बाजार में शाम होते-होते रौनक लौट आई। महंगाई के बाद भी बाजार पर खूब धनवर्षा हुई। मंगलवार को शुभ मुहूर्त लगते ही ग्राहकों की भीड़ खरीदारी के लिए बाजार पहुंची। 80 हजार/10 ग्राम पार होने के बावजूद सोने की बिक्री पर असर नहीं पड़ा। बल्कि सर्राफा कारोबार में 30 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, रियल स्टेट और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खूब बिके। त्योहार भले महीने के आखिर में पड़ा हो पर सैलरी एक तारीख से पहले आने के कारण भी लोगों ने खूब खरीदारी की। लखनऊ में इस बार धनतेरस पर 3613 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई, जो कि पिछले साल की तुलना में 313 करोड़ रुपये अधिक है। इस बार धनतेरस पर बाजार में वोकल फॉर लोकल का बोलबाला दिखा। झालरों में खासतौर पर लोग चाइनीज झालर से परहेज करते नजर आए। वजह थी, ऐसी झालरों का जल्द खराब होना। दिवाली से पहले बाजार में कारोबार में आई तेजी से कारोबारियों को बूस्टर डोज मिला है। सोने के दाम में तेजी से निपटने के लिए जूलर्स ने पहले से ही लाइट वेट जूलरी स्टॉक तैयार रखा था। लाइट वेट मंगलसूत्र, रिंग, नेकलेस, पायल सहित अन्य ऑर्नामेंट्स की बिक्री हुई जबकि चांदी में भी लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की जमकर बिक्री हुई है। पिछले साल धनतेरस पर सराफा बाजार में करीब 480 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार 30 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह ऑटोमाबाइल सेक्टर में भी टू-वीलर और फोर-वीलर की बिक्री में बढ़त दर्ज की गई। खास बात यह रही कि ज्यादातर ग्राहकों ने ईवी को तवज्जो दी। आरटीओ के मुताबिक 112 ईवी कारें बिकीं, जबकि टू-वीलर में ज्यादा माइलेज निकालने वाली बाइकों का बोलबाला रहा। इसके अलावा रियल स्टेट में 430 करोड़ का कारोबार हुआ। रजिस्ट्री ऑफिस देर रात तक खुला रहा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, बर्तन, रेडिमेड गारमेंट्स, पटाखा, मोबाइल फोंन और मिठाई की भी खूब बिक्री हुई। हाथ में पैसा तो महंगाई कैसी? कारोबारियों का कहना है कि महीने की अंतिम तारीख को धनतेरस और दिवाली जैसा त्योहार पड़ा, लेकिन प्राइवेट से लेकर सरकारी सेक्टर में कर्मचारियों व अधिकारियों को सैलरी बांटी जा चुकी है। कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों को सैलरी के साथ बोनस भी दिया है, जिसका असर बाजार में धनवर्षा के रूप में देखने को मिला। सेक्टर कारोबार (करोड़ रु.)     ऑटोमोबाइल 1,480     फोर-वीलर 930 करोड़     टू-वीलर 550 करोड़     सराफा 510 करोड़     सोना 400 करोड़     चांदी 110 करोड़     रियल एस्टेट 430 करोड़     फ्लैट 210 करोड़     प्लॉट, मकान-220 करोड़     इलेक्ट्रॉनिक 290 करोड़     बर्तन-क्रॉकरी 200 करोड़     कपड़ा 240 करोड़     ड्राईफ्रूट, मिठाई 185 करोड़     पटाखे 45 करोड़     मोबाइल 155 करोड़     फर्नीचर 11 करोड़     सजावट सामग्री 55 करोड़     गिफ्ट पैक 12 करोड़ कुल 3613 करोड़ (लगभग) recent visitors 74

JIO फाइनेंस को आरबीआई से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी मिली

मुंबई मुकेश अंबानी की कंपनी- Jio फाइनेंशियल सर्विसेज को एक बड़ी सफलता मिली है। दरअसल, इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Jio पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (जेपीएसएल) ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि उसे ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मंजूरी मिल गई है। इस खबर के बीच Jio फाइनेंशियल के शेयर पर निवेशक टूट पड़े और भाव में 2 फीसदी उछाल आ गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर की कीमत 325.75 रुपये के स्तर तक पहुंच गई। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 395 रुपये है। विस्तार का है मौका यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब दिग्गज फिनटेक फर्म पेटीएम को आरबीआई की नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। ऐसे माहौल में जियो के पास डिजिटल वित्तीय सेवा बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने का मौका है। बता दें कि जियो पेमेंट्स बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का हिस्सा है। यह वर्तमान में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और एक फिजिकल डेबिट कार्ड के साथ डिजिटल सेविंग अकाउंट प्रोवाइड करता है। इसमें 1.5 मिलियन से अधिक सक्रिय यूजर हैं। हाल ही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेस ने अपना नया और बेहतर जियो फाइनेंस ऐप लॉन्च करने की घोषणा की है। इस ऐप का बीटा संस्करण 30 मई, 2024 को लॉन्च किया गया था। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) जियो फाइनेंस लिमिटेड ने बताया कि वह होम लोन सर्विस शुरू करने के अंतिम चरण में है। इसे परीक्षण के तौर पर (बीटा) शुरू किया गया है। इसके अलावा, कंपनी संपत्ति पर ऋण और प्रतिभूतियों पर ऋण जैसे अन्य उत्पाद भी पेश करने जा रही है। कैसे रहे सितंबर तिमाही के नतीजे जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का सितंबर 2024 को समाप्त दूसरी तिमाही में मुनाफा मामूली तीन प्रतिशत बढ़कर 689 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने एक साल पहले इसी तिमाही में 668 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था। कुल आय तिमाही में बढ़कर 694 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 608 करोड़ रुपये थी। हालांकि, पिछले वर्ष की समान अवधि में 71 करोड़ रुपये के मुकाबले कुल खर्च दोगुना होकर 146 करोड़ रुपये हो गया। recent visitors 113

हरभजन के अनुसार टर्निंग पिचों पर बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ सहज नजर नहीं आते हैं

स्पिनरों के खिलाफ आजकल सहज नजर नहीं आते हमारे बल्लेबाज : हरभजन टीम के प्रमुख बल्लेबाज पिछले कुछ समय से स्पिनरों का सही तरीके से सामना नहीं कर पा रहे : हरभजन हरभजन के अनुसार टर्निंग पिचों पर बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ सहज नजर नहीं आते हैं नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि टीम के प्रमुख बल्लेबाज पिछले कुछ समय से स्पिनरों का सही तरीके से सामना नहीं कर पा रहे जिससे उनका मनोबल भी कमजोर हुआ है। हरभजन के अनुसार टर्निंग पिचों पर बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ सहज नजर नहीं आते हैं। इससे इनका बल्लेबाजी औसत भी नीचे आया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पुणे की टर्निंग पिच पर भारतीय बल्लेबाज स्पिनरों के सामने टिक नहीं पाये थे। ऐस में न्यूजीलैंड के मुख्य स्पिनर मिशेल सैंटनर को 13 विकेट मिले थे। हरभजन ने कहा, ‘‘हमारा घरेलू मैदान पर लंबे समय तक शानदार रिकॉर्ड रहा है और इसके बाद भी अगर आप हार जाते हैं तो जाहिर है कि आलोचना होगी ही। न्यूजीलैंड जिस तरह से खेला, उसे उसका श्रेय जाता है और ये विदेशी हालात और पिच भी नहीं थी जिसमें ज्यादा दरार हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुणे में स्पिनरों के लिए अनुकूल हालात थे, जहां गेंद को पहले घंटे से ही टर्न लेना चाहिए था।’’ जिससे भारतीय बल्लेबाज दबाव में आ गये। उन्होंने भारतीय टीम की सोचने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘पिछले दशकों के चलन को देखें। हम पिछले दशक में ज्यादातर टर्न लेती पिचों पर इस उम्मीद के साथ खेल रहे हैं कि हम टॉस जीतेंगे और 300 रन बनाएंगे और मैच पर अपना दबदबा बनायेंगे। वहीं जब ऐसा नहीं होत और दांव उल्टा पड़ जाता है तो टर्निंग पिच पर हमारी बल्लेबाजी चल नहीं पाती। इसका कारण है कि हमारे बल्लेबाजों ने इन पिचों पर खेलने का आत्मविश्वास खो दिया है, इसी कारण बल्लेबाजी धवस्त हुई है। अनुभवी खिलाड़ी तक गलती करते दिखे हैं।     recent visitors 69

गूगल पर कोर्ट ने लगाया 2.4 मिलियन का जुर्माना, दंपति को मिली बड़ी कामयाबी

लंदन 15 साल से चले आ रहे एक मामले में टेक दिग्गज गूगल को हार का सामना करना पड़ा है। इस मामले में इंग्लैंड के एक दंपति को जीत मिली है और गूगल पर 26,000 करोड़ रुपये (2.4 मिलियन) का जुर्माना लगाया गया है। इंग्लैंड के शिवॉन और एडम रैफ नामक दंपति ने 2006 में "पाउंडम" नाम की एक वेबसाइट शुरू की थी। यह एक मूल्य तुलना (Price Comparison) वेबसाइट थी, लेकिन लाइव होते ही इसकी विजिबिलिटी लगातार गिरने लगी। खासकर Google पर ‘मूल्य तुलना’ और ‘खरीदारी’ जैसे शब्दों में वेबसाइट सर्च की जा रही थी। बाद में दंपति को पता चला कि गूगल के ऑटोमैटिक स्पैम फ़िल्टर के सर्च पेनल्टी की वजह से वेबसाइट की विजिबिलिटी कम हो गई है। गूगल की वजह से अपनी वेबसाइट के पतन की बात जानकर दंपति हैरान रह गए। पाउंडम वेबसाइट के संस्थापक के अनुसार, गूगल के ऑटोमैटिक स्पैम फ़िल्टर के सर्च पेनल्टी की वजह से यूजर्स तक हमारी पहुँच मुश्किल हो गई। यूजर्स हमारी वेबसाइट पर आने में असमर्थ थे। इस वजह से रेवेन्यू जेनरेट करना हमारे लिए एक बड़ी समस्या बन गया। शुरुआत में वेबसाइट की विजिबिलिटी कम होने का कारण तकनीकी खराबी समझा गया। बीबीसी से बात करते हुए एडम ने बताया, "हमारे पेज और रैंकिंग को देखते हुए वेबसाइट पर आने वाले लोगों की संख्या घटने लगी। हमने सोचा कि हमें सही तरीके से काम करना होगा और विशेषज्ञों से संपर्क करना होगा। दो साल बाद, कई कोशिशों के बावजूद, Google ने पेनल्टी नहीं हटाई। फाउंडम का ट्रैफिक भी धीरे-धीरे कम होता रहा। लेकिन अन्य सर्च इंजन इसे सामान्य रूप से रैंक करते रहे।" आखिरकार 2010 में एडम ने यूरोपियन कमीशन से संपर्क किया, जिसके बाद मामले ने गति पकड़ी। एंटीट्रस्ट जांच में पाया गया कि फाउंडम की प्रतिस्पर्धा की तुलना में गूगल अपनी शॉपिंग सेवा को बढ़ावा दे रहा था। 2017 में, जांच रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाते हुए यूरोपियन कमीशन ने कहा कि गूगल ने बाजार पर अपने नियंत्रण का दुरुपयोग किया है। इसके बाद गूगल पर 2.4 बिलियन पाउंड (लगभग 26,172 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया। यूरोपियन कमीशन के फैसले को चुनौती देते हुए गूगल ने यूरोपियन कोर्ट में अपील दायर की थी। कोर्ट में पूरे सात साल तक मामले की सुनवाई चली। आखिरकार 2024 में यूरोपियन कोर्ट ने यूरोपियन कमीशन के फैसले को बरकरार रखा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एडम की पत्नी शिवॉन ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "हम दोनों शायद इस भ्रम में पले-बढ़े हैं कि हम बदलाव ला सकते हैं। हमें वास्तव में बदमाश पसंद नहीं हैं।" दंपति ने गूगल के खिलाफ नागरिक क्षतिपूर्ति का दावा भी दायर किया है। इस दावे पर सुनवाई 2026 में होगी। बताया जा रहा है कि 2016 में दंपति ने फाउंडम वेबसाइट को बंद करने का फैसला किया था, लेकिन बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया। recent visitors 102

CG पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती के आवेदन शुरू, देखें योग्यता और वैकेंसी डिटेल्स

रायपुर पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2024 की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग (सीजीपीएससी) की आधिकारिक वेबसाइट https://online.ecgpsconline.in/registration/basic-details पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. छत्तीसगढ़ पुलिस एसआई विज्ञापन संख्या 02/2024 भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 341 खाली पदों को भरा जाएगा. इनमें सूबेदार के 19 पद, सब-इंस्पेक्टर (SI) के 278 पद, सब-इंस्पेक्टर (स्पेशल ब्रांच) 11 पद, प्लाटून कमांडर – 14 पद, सब-इंस्पेक्टर (अंगुल चिन्ह) – 04 पद, सब-इंस्पेक्टर (डॉक्यूमेंट इन क्वेश्चन) – 01 पद, सब-इंस्पेक्टर (कंप्यूटर) – 05 पद और सब-इंस्पेक्टर (साइबर क्राइम) – 09 पद शामिल हैं. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 23 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है, जो 21 नवंबर 2024 तक चलेगी. करेक्शन विंडो 22 से 24 नवंबर तक खुलेगी, जबकि भर्ती परीक्षा की तारीख नियत समय पर जारी की जाएगी. कौन कर सकता है आवेदन? मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से संबंधित फील्ड में बैचलर डिग्री होनी चाहिए. आवेदकों की ऊंचाई पुरुष- 168 सेमी., महिला- 153 सेमी. चेस्ट (पुरुष) 81-86 सेमी. वहीं अगर आयु सीमा की बात करें तो 01 जनवरी 2024 को उम्मीदवारों की कम से कम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष तक ही होनी चाहिए. हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी मानदंड के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले भर्ती नोटिफिकेशन (CG Police SI Recruitment 2024 Notification) को ध्यान से पढ़ें. आवेदन शुल्क छत्तीसगढ़ के रहने वाले उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है, जबकि अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को एप्लीकेशन फीस 400 रुपये है, करेक्शन फीस 500 रुपये है. आवेदन शुल्क का भुगतान कियोस्क पर जाकर कैश  या डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग के माध्यम से फीस जमा कर सकते हैं.   recent visitors 70