यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने लेबनान में युद्ध विराम की बात दोहराई

संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में सहायता पहुंचाने के प्रयासों में तेजी की लेबनान में UN लड़ाई के बीच जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने के लिए अपने प्रयास तेज कर रहे यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने लेबनान में युद्ध विराम की बात दोहराई संयुक्त राष्ट्र  संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने कहा कि लेबनान में संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार लगातार लड़ाई के बीच जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने के लिए अपने प्रयास तेज कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) द्वारा बनाए गए एक मानवीय काफिले ने नबातिह गवर्नरेट में जरूरी सहायता सामग्री पहुंचाई, जिसमें तैयार खाने, साफ-सफाई के सामान और सौर लैंप शामिल थे। ओसीएचए के अनुसार, इस महीने अब तक, संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान के दुर्गम क्षेत्रों में लोगों को आठ मानवीय काफिलों द्वारा सहायता भेजी है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया, इसके अलावा दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने बमबारी से क्षतिग्रस्त जल सुविधाओं की आपातकालीन मरम्मत का समर्थन करने के लिए आवश्यक आपूर्ति प्रदान की है, जिससे 3,60,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पोलियो, खसरा, रूबेला आदि जैसी बीमारियों के खिलाफ विस्थापित बच्चों के टीकाकरण में लेबनानी स्वास्थ्य अधिकारियों को अपना सपोर्ट दिया। वहीं, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने पूरे देश में सेवाएं देना जारी रखा। हालांकि यूएनएफपीए ने बताया कि सुरक्षा स्थिति खराब होने के कारण, एजेंसी द्वारा समर्थित कुछ साइटें अब चालू नहीं हैं। इसमें 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से छह, इसी तरह नौ मोबाइल यूनिट्स में से एक यूनिट और महिलाओं और लड़कियों के लिए 17 सुरक्षित स्थानों में से पांच शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन (माइग्रेशन) संगठन के अनुसार, लेबनान के अंदर 8,33,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। बुधवार तक, विस्थापितों में से लगभग 1,92,000 लगभग 1,100 शेल्टर में रह रहे थे, जिनमें से 84 प्रतिशत पूरी क्षमता पर थे। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने पिछले अक्टूबर से लेबनान में विस्थापित हुए 53,400 से अधिक शरणार्थियों की पहचान की है, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक को पिछले महीने ही भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसमें अधिकांश सीरियाई शरणार्थी हैं। सीरियाई अरब रेड क्रिसेंट के अनुमानों के आधार पर, सितंबर से लगभग 4,40,000 लोग लेबनान से सीरिया में भाग गए हैं। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने लेबनान में युद्ध विराम की बात दोहराई  के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के उच्च प्रतिनिधि जोसेप बोरेल ने कहा कि लेबनान में चल रहे संकट को हल करने के लिए सात कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है। फ्रांस में आयोजित लेबनान के लोगों और संप्रभुता के समर्थन सम्मेलन के बाद उनका यह बयान आया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इस सम्मेलन में लेबनान को मानवीय सहायता और सुरक्षा बलों के समर्थन के लिए कुल मिलाकर 1 अरब डॉलर का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि लेबनान में स्थिति बेहद गंभीर है और हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच सैन्य टकराव को समाप्त करने के लिए तत्काल और बड़े पैमाने पर प्रयासों की आवश्यकता है, जो नागरिक आबादी को भारी पीड़ा पहुंचा रहा है और लेबनानी सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर रहा है। बोरेल ने जोर देकर कहा, “पहला कदम युद्धविराम है, शत्रुता को रोके बिना, कुछ भी संभव नहीं होगा।” अन्य आवश्यक कदमों में राष्ट्रपति चुनाव का आयोजन, अपने क्षेत्र पर लेबनान की संप्रभुता को बहाल करना और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के जनादेश को बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, नए राष्ट्रपति के चुनाव के बाद मजबूत आर्थिक समर्थन के साथ-साथ लेबनानी लोगों को बिना शर्त आपातकालीन मानवीय सहायता का प्रावधान महत्वपूर्ण है। बोरेल ने कहा, “हम इस समय लेबनान में संभावित राजनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत और व्यापक स्तर पर होने वाले संघर्ष के बीच समय के साथ संघर्ष कर रहे हैं, जिसके परिणाम अनगिनत होंगे।” शुक्रवार को बाद में बोरेल ने लेबनान में दिन में एक इजरायली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की हत्या की निंदा की, और कहा कि पिछले एक साल में गाजा में लगभग 130 पत्रकारों की जान जा चुकी है। उन्होंने ‘एक्स ‘पर कहा, “प्रेस की स्वतंत्रता और पहुंच की गारंटी होनी चाहिए, और पत्रकारों को हर समय सुरक्षा मिलनी चाहिए।”     recent visitors 77

केंद्र सरकार ने दीवाली से पहले किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 29 संयुक्त सचिवों की नियुक्ति

नईदिल्ली  केंद्र द्वारा नौकरशाही में किए गए बड़े फेरबदल के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में 29 संयुक्त सचिवों की नियुक्ति की गई है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा  जारी आदेश के अनुसार, भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस), भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियर सेवा (आईआरएसईई), भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा (आईएएंडएएस) और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को संयुक्त सचिव (जेएस) स्तर के इन प्रमुख पदों पर नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आईडीएएस अधिकारी प्रवीण कुमार राय और राकेश कुमार पांडे तथा आईआरएसईई अधिकारी राजेश गुप्ता को गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसमें बताया गया कि आईएएंडएएस अधिकारी (1999 बैच) राज कुमार को पांच साल के कार्यकाल के लिए गृह मंत्रालय के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में निदेशक (वित्त) के रूप में नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश काडर के 2000 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी दीपक अग्रवाल को भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) का प्रबंध निदेशक (जेएस स्तर) नियुक्त किया गया है। आईएएस अधिकारियों चौहान सरिता चंद और पी बाला किरण को क्रमशः प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश काडर की 1996 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी भावना सक्सेना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) नियुक्त किया गया है। भारतीय आयुध निर्माणी सेवा (आईओएफएस) के 1998 बैच के अधिकारी अंजन कुमार मिश्रा को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) का सचिव नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के अधिकारी नीरज कुमार को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा 1995 बैच के आईआरएस (आयकर काडर) अधिकारी केसांग यांगजोम शेरपा वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव होंगे। प्रेमजीत लाल को भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है, बालामुरुगन डी को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव और रमा शंकर सिन्हा को पशुपालन एवं डेयरी विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ नौकरशाह रजत अग्रवाल और वेद प्रकाश मिश्रा को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।   recent visitors 66

सनातन धर्म के अधिकारों पर सवाल: देवकीनंदन ठाकुर की धर्म संसद में बड़ी घोषणाएँ

Question on the rights of Sanatan Dharma: Big announcements made by Devkinandan Thakur in Dharma Sansad देश में वक्फ तो सनातन बोर्ड क्यों नहीं? – देवकीनंदन ठाकुर का सवाल और धर्म संसद का ऐलान भोपाल। प्रख्यात कथावाचक Devkinandan Thakur in Dharma Sansad ने हाल ही में वक्फ बोर्ड और सनातन धर्म के अधिकारों को लेकर एक बड़ी मांग उठाई है। जबलपुर, मध्य प्रदेश में एक सभा के दौरान उन्होंने यह सवाल किया कि यदि देश में वक्फ बोर्ड के तहत संपत्तियों का प्रबंधन किया जा सकता है, तो सनातन धर्म के लिए ऐसा कोई बोर्ड क्यों नहीं है? इसके लिए उन्होंने “सनातन बोर्ड” की आवश्यकता पर जोर दिया और राजनीतिक पार्टियों से इस पर स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया। तिरुपति प्रसाद विवाद और हिंदुओं की धार्मिक आस्था देवकीनंदन ठाकुर ने तिरुपति मंदिर के प्रसाद में कथित रूप से चर्बी मिलाए जाने की घटना पर भी गहरी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, यह आस्था और धर्म का गंभीर उल्लंघन है और इसे 100 करोड़ हिंदुओं की हत्या के समान माना जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रसाद में अशुद्धता फैलाने वाले दोषियों को फांसी या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे कृत्य से हिंदुओं की धार्मिक भावना को गहरी चोट पहुँचती है और इसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। वक्फ बोर्ड बनाम सनातन बोर्ड: धार्मिक संतुलन की माँग देवकीनंदन ठाकुर ने यह भी कहा कि देश में वक्फ बोर्ड के पास अनेक संपत्तियों का स्वामित्व है, जिनमें कुछ संसद और एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर भी दावा किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि ऐसे ही हालात बने रहे तो 10-12 सालों में वक्फ बोर्ड पूरे देश पर अधिकार जमाने का दावा करेगा। इसके मद्देनजर उन्होंने माँग की कि जैसे वक्फ बोर्ड को संपत्तियाँ दी गई हैं, उसी प्रकार सनातन बोर्ड को भी संपत्तियाँ दी जानी चाहिए ताकि धार्मिक संतुलन बना रहे। राजनीतिक दलों से सवाल और धर्म संसद का आयोजन देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों को अपना रुख स्पष्ट करना होगा और सनातन बोर्ड के मुद्दे पर उनका समर्थन भी करना होगा। उन्होंने घोषणा की कि 16 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सनातन धर्म के अधिकारों और संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। धर्म संसद में उठाए जाने वाले मुद्दे आगामी धर्म संसद में लव जिहाद, गौ हत्या, कृष्ण जन्मभूमि की वापसी, और अन्य धार्मिक एवं सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। देवकीनंदन ठाकुर ने जनता से इस धर्म संसद में पहुँचने का आह्वान किया ताकि इन गंभीर मुद्दों पर व्यापक समर्थन और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा सके। ऐतिहासिक स्थलों की वापसी का संकल्प देवकीनंदन ठाकुर ने इस दौरान एक और महत्वपूर्ण बात कही कि जामा मस्जिद की सीढ़ियों में भगवान केशव की छवि को दबाकर रखा गया है। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि इसे हर हाल में वापस लाया जाएगा, क्योंकि यह सनातन धर्म के मान-सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। बेटी भी अपनी, बेटा भी अपना: भेदभाव से बचे, संतुलित समाज की ओर बढ़ें यह भी पड़े: https://mysecretnews.com/both-your-daughter-and-your-son-should-avoid-excesses/ देवकीनंदन ठाकुर द्वारा उठाए गए ये मुद्दे न केवल सनातन धर्म की आस्था से जुड़े हैं, बल्कि धार्मिक संपत्तियों के संतुलन और सम्मान की भी माँग करते हैं। उनकी पहल से समाज में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक दल और अन्य धार्मिक संस्थाएँ इस पर क्या रुख अपनाती हैं। धर्म संसद के आयोजन के साथ ही इन मुद्दों पर और भी गहन विमर्श होने की संभावना है, जो भारत के धर्म-समाज की दिशा और संतुलन को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है। recent visitors 234

बेटी भी अपनी, बेटा भी अपना: भेदभाव से बचे, संतुलित समाज की ओर बढ़ें,,,

Both your daughter and your son should avoid excesses. ✍️प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट आजकल समाज में दिखावा ज्यादा ही चल रहा बेटीयों के लिए, ऐसे ऐसे विडियों डाले जाते है मानो बेटे नालायक ही होते हैं,बेटा होना गुनाह है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना चल रही अच्छा है,बेटी है तो कल है और अच्छा पर क्या बेटा होना,,,, अपराध है,सजा है। समाज की सोच सकारात्मक हो चली बेटी को बोझ अब नहीं समझा जाता,, पर क्या बेटे बोझ है,बेटे कल नहीं। हमे बेटे बेटी में भेदभाव नहीं करना चाहिए,बेटे को पिता को मारते बेटी को बचाते दिखा रहे,बेटी पिता का रास्ता देख रही,,, तो क्या बेटे नहीं देखते। समझने की आवश्यकता है कि यह विडियो, स्लोगन आदि बच्चों में क्या प्रभाव डाल रहे। Both your daughter and your son should avoid excesses. बेटी हमेशा पिता से ज्यादा लगाव रखती है,बेटा मां से और यह  स्थापित सच्चाई है। पुत्र मां को जन्म से लेकर मृत्यु तक मुंह पर रखता है नाम, दुनिया के सारे स्वाद स्वादिष्ट कहेगा पर कहेगा मेरी मां के हाथ से बने,,,,खाने का स्वाद ही अलग,,,वह दादा परदादा भी बन जाए अपनी मां के सामने बेटा ही, ठीक ऐसे ही पिता बेटी को दिल में रखता है, क्योंकि बेटी में उसे अपनी मां की छवि नजर आती है, बेटी भी ध्यान रखने में मां समान रखती है। पंरतु हमें समाजिक स्तर पर, पारिवारिक जीवन में, ध्यान रखना चाहिए और  बेटा बेटी एक समान,, परिवार की है शान।।।। जैसी सकारात्मक सोच रखे, बेटी भी पढे बेटा भी, बेटी भी शान बेटा भी शान ,,,मेरा परिवार महान,,,। कृपया बालमन को समझे,, अन्यथा हीनभावना से ग्रस्त अपने बच्चे को पाऐंगे। यह भी पड़े: https://mysecretnews.com/services-civil-conduct-act-are-retired-officers/ बेटा-बेटी दोनों परिवार की शान हैं। हमें चाहिए कि हम अपने बच्चों में आपसी समानता और सम्मान का भाव जगाएँ। सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हमारे बच्चे किसी प्रकार की हीनभावना का शिकार न हों। हमारे लिए बेटा-बेटी एक समान हैं और यह सोच ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर समाज की नींव रखेगी। “बेटी भी अपनी, बेटा भी अपनी शान। दोनों से है परिवार महान।” recent visitors 278

राशिफल रविवार 27 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आज दोस्तों के साथ यात्रा करना मजेदार रहेगा। किसी विशेष मौके की इच्छा रखने वालों को अपना ध्यान केंद्रित रखने की आवश्यकता होगी। आज अपने पैसों को अच्छी तरह से संभालें। सेहत हेल्दी बनी हुई है, लेकिन आपका लक्ष्य संपूर्ण फिटनेस होना चाहिए। पारिवारिक उत्सव या परिवार और दोस्तों के साथ सैर पर जाना रोमांचक साबित होगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में कुछ दिक्कतें आने की संभावना है। आपको अपने फ्यूचर के लिए बचत करने की आवश्यकता होगी। वृषभ राशि- आप में से कुछ लोग प्रॉपर्टी की खरीदारी को लेकर आज गंभीर हो सकते हैं। विदेश जाने वालों को यात्रा में आनंद आएगा। खर्च पर लगाम लगाने के लिए प्लान बनाने की जरूरत ज्यादा है। कुछ लोगों को पेशेवर मोर्चे पर अपनी प्रतिष्ठा को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता होगी। दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप न करने से घरेलू शांति बनी रहेगी। हेल्थ के मामले में थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी। स्टूडेंट्स के लिए पर सुधार समय की मांग है। मिथुन राशि- आज काम पर बहुत सारी एक्टिविटी होने की उम्मीद है। आप में से कुछ लोग संपत्ति खरीदने के लिए होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आज आप काम पर मुख्य पात्र होंगे। रोमांचक समय बिताने की आपकी इच्छा आज पूरी होने की संभावना है। शिक्षा के मामले में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव हो सकता है। ट्रिप आपको मन से नेगेटिव विचारों से दूर रखने में मदद करेगी। परिवार के किसी सदस्य की जीत आपके जीवन में उत्साह भर देगी। आर्थिक मोर्चे पर उतार-चढ़ाव के संकेत है। कर्क राशि- आज कुछ लोग संपत्ति को लेकर गंभीर हो सकते हैं। फाइनेंशियल सिचूऐशन को देखते हुए आपके लिए थोड़ा कंजूस हो जाना ही बेहतर रहेगा। किसी ऐसे व्यक्ति से मनमुटाव दूर करना, जो आपको पसंद नहीं है, आज आपका एजेंडा रहेगा। पेशेवर मोर्चे पर आप वहां से आगे बढ़ने में सफल रहेंगे, जहां से आपने क्विट किया था। आपको अपने काम को अपने तरीके से करने के लिए परिवार के किसी सदस्य पर दबाव बनाना होगा। किसी बीमारी से पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लग सकता है। कुछ लोगों के लिए विदेश यात्रा के संकेत हैं। सिंह राशि- आज भाग्य उन लोगों का साथ देगा, जो प्यार की तलाश में हैं। उन मुद्दों से दूर रहना ही बेहतर है, जो घरेलू माहौल को खराब करने का खतरा पैदा करते हैं। बकाया धन मिलने में कुछ समय लग सकता है। कार्यक्षेत्र में आज आपको कोई महत्वपूर्ण काम सौंपा जा सकता है। संपत्ति के मुद्दे पर बात करते समय सावधानी से डीसीजन लें। लंबी दूरी की यात्रा करने वालों का समय अच्छा रहने वाला है। कुछ लोग व्यायाम को बीच में ही छोड़ सकते हैं, जिससे फैट बढ़ सकता है। कन्या राशि- प्रोफेशनल मोर्चे पर अपनी स्किल्स का अच्छी तरह से इस्तेमाल करें। किसी बुजुर्ग की सलाह आपको अपने रिश्ते को बचाने में मदद करेगी। आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट पर ध्यान देना होगा। अगर आपके मन में संपत्ति खरीदने का विचार है, तो एक अच्छा सौदा आज मिल सकता है। यात्रा थका देने वाली साबित हो सकती है। ऑफिस में चीजें पलट सकती हैं। हेल्थ के मामले में योग आपकी हेल्थ को अच्छा बना सकता है। तुला राशि- कुछ स्टूडेंट्स के लिए समय मुश्किल नजर आ रहा है। जैसे-जैसे आप अपने प्रदर्शन में सुधार करते हैं, पेशेवर मोर्चे पर चीजें आपके पक्ष में होती जाएंगी। कुछ लोगों को प्रमोशन मिलने की संभावना है। अच्छे रिटर्न का वादा करने वाले निवेश को अपना ऑप्शन बनाएं। कोई पारिवारिक कार्यक्रम आपका शेड्यूल चेंज कर सकता है। किसी संपत्ति सौदे को लेकर घबराहट महसूस करना अच्छा नहीं है, इसलिए सतर्क रहें। कुछ समय के लिए आपको अपनी सेहत पर खास ध्यान रखने की सलह दी जाती है। वृश्चिक राशि- अच्छे रिटर्न के लिए संपत्ति में निवेश करने का यह अच्छा समय है। शिक्षा के मामले में किसी की मदद करने से आपको काफी तारीफ मिलेगी। आपके करियर में लगातार अच्छा प्रदर्शन आपके करियर ग्राफ को ऊपर उठा सकता है। जल्द ही घूमने का प्लान बना सकते हैं। सोशल नेटवर्किंग के बहुत सारे फायदे हैं, जो आपके काम आ सकते हैं। हेल्दी खान-पान से स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है। धनु राशि- आज आप प्रॉफिट कमाने में सफल रहेंगे। आपकी व्यावहारिकता आपको कार्यस्थल पर पॉपुलर बनाएगी। प्रेमी के साथ रोमांटिक मोमेंट बिता सकते हैं। कुछ लोग अपने घर को डेकोरेट करने के बारे में सोच सकते हैं। आपको कैंडल लाइट डिनर प्लान कर अपने पार्टनर की शाम को खास बनाना चाहिए। काम का प्रेशर बढ़ने की संभावना है। हेल्दी फूड्स चुनने से आपके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मकर राशि- आज किसी इवेंट को मैनेज करने में कुछ परेशानी हो सकती है। घर-परिवार के लिए आपने जो सोच रखा था, वह जल्द ही पूरा हो सकता है। सभी के साथ अच्छा व्यवहार करके आप अच्छी पोजीशन हासिल कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अपने पार्टनर से कुछ अच्छी सलाह की उम्मीद कर सकते हैं। आपकी संपत्ति की कीमत कई गुना बढ़ने और आपके सैलरी में वृद्धि होने की संभावना है। स्वास्थ्य की देखभाल करने की आवश्यकता है। कुंभ राशि- अगर आप फाइनेंशियल तौर पर मजबूत हैं तो ही आपको कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। किसी पर्सनल कारण से आपको काम से छुट्टी लेनी पड़ सकती है। कोई लंबी यात्रा रोमांचक साबित होगी। आपमें से कुछ लोग जगह बदल सकते हैं। अपने आस-पास के लोगों से बातचीत करना आपको शांति दे सकता है। मीन राशि- आज बदलाव का आनंद लेने का समय है। पेशेवर मोर्चे पर आपने काम को आसान बनाने के लिए किसी सीनियर की एडवाइस ले सकते हैं। आज परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का दिन है। पैसों के मामले में आज सोच-समझकर निर्णय लें। छुट्टियों पर जाने की योजना बनाएं। कुछ लोगों के लिए बचपन के किसी दोस्त से मुलाकात होना संभव है। बॉडी कों हाइड्रेटेड रखें। recent visitors 102

उप-चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, पार्टियों ने मैदान में उतारे उम्मीदवार, अकाली दल का कोई प्रत्याशी नहीं

चंडीगढ़  पंजाब में चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 60 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव 13 नवंबर को होंगे। गिद्दड़बाहा सीट पर सबसे ज़्यादा 20 उम्मीदवार हैं। बरनाला से 18, डेरा बाबा नानक से 14 और चब्बेवाल से 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। ये उपचुनाव जून में चार विधायकों के लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद ज़रूरी हो गए थे। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख शुक्रवार थी। नामांकन पत्रों की जांच 28 अक्टूबर को होगी। उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 25 नवंबर को खत्म होगी। पंजाब की इन चारों सीटों पर चुनाव इसलिए कराना पड़ रहा है क्योंकि इन सीटों का प्रतिनिधित्व करने वाले चार विधायक जून में लोकसभा के लिए चुने गए थे। इन चारों सीटों पर कुल 6.96 लाख मतदाता हैं और 831 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने इन चारों विधानसभा क्षेत्रों वाले जिलों – गुरदासपुर, होशियारपुर, श्री मुक्तसर साहिब और बरनाला – में चुनाव आचार संहिता लागू कर दी है। यह आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। अकाली दल ने नहीं उतारे उम्मीदवार पंजाब की चारों विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे है। शिअद ने उपचुनाव न लड़ने के फैसला लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि करीब दो घंटे चली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। इसके बाद पार्टी ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि पार्टी एसजीपीसी के प्रधान पद के लिए होने वाले चुनाव में हिस्सा लेगी। डेरा बाबा नानक- डेरा बाबा नानक से कांग्रेस की प्रत्याशी जतिंदर कौर हैं। वहीं भाजपा से रवि करण सिंह काहलों और आम आदमी पार्टी से गुरपीप सिंह मैदान में हैं। उनके अलावा पाला सिंह संधू ने अकाली दल (अमृतसर) और सतनाम सिंह, रणजीत सिंह, सिमरनजीत कौर, अयूब मसीह, नवप्रीत सिंह, जतिंदर कौर, लवप्रीत सिंह और संत सेवक ने आजाद के तौर पर नामांकन भरा है। चब्बेवाल – चब्बेवाल रिजर्व सीट है। यहां से कांग्रेस की तरफ से रणजीत कुमार, बीजेपी की तरफ से सोहन सिंह और AAP की तरफ से इशांक कुमार ने नामांकन भरा है। उनके अलावा यहां से रोहित कुमार, दविंदर सिंह और दविंदर कुमार भी मैदान में हैं। गिद्दड़बाहा- पंजाब की वीआइपी सीट बन चुकी गिद्दड़बाहा से कांग्रेस की उम्मीदवार अमृता वड़िंग, भाजपा के मनप्रीत बादल और आम आदमी पार्टी के हरदीप सिंह हैं। उनके अलावा राजेश गर्ग, गुरप्रीत सिंह, ओम प्रकाश, राजेश गर्ग, इकबाल सिंह, सुखदेव सिंह, जगमीत सिंह, मनप्रीत सिंह, हरदीप सिंह, मुनीष वर्मा, सुखराज करण सिंह, प्रवीण हेताशी, वीरपाल कौर, गुरमीत सिंह रंगरेटा भी मैदान में हैं। संगरूर- संगरूर से कांग्रेस के उम्मीदवार कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, भाजपा के केवल सिंह ढिल्लों और आम आदमी पार्टी की तफ से हरिंदर सिंह धालीवाल मैदान में हैं। इनके अलावा पप्पू कुमार, सरदूल सिंह, सुखचैन सिंह, अरुण प्रताप सिंह, राजू, रोहित कुमार, तरसेम सिंह, जगमोहन सिंह, बग्गा सिंह कहनेके, गुरदीप सिंह बाठ, गोविंद सिंह संधू, गुरप्रीत सिंह और यादविंदर सिंह ने नामांकन भरे हैं। recent visitors 86

वार्षिक बहस में ‘कश्मीर’ का मुद्दे का प्रचार करना पूरी तरह से गलत है- भारत

संयुक्त राष्ट्र भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बहस के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए पाकिस्तान की निंदा की और इस कदम को ‘घृणित’ और ‘शरारती उकसावा’ करार दिया। यूएनएससी में ‘बदलते माहौल में शांति स्थापित कर रही महिलाएं’ विषय पर बहस के दौरान, संयुक्त में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने फोरम में जम्मू-कश्मीर (J&K) को लाने की पाकिस्तान की कोशिश की आलोचना की। हरीश ने कहा, “यह घृणित है, लेकिन पूरी तरह से अनुमान लगाने योग्य है कि एक प्रतिनिधिमंडल गलत सूचना और दुष्प्रचार फैलाने की अपनी आजमाई हुई रणनीति के आधार पर शरारती उकसावे में शामिल हो गया। इस महत्वपूर्ण वार्षिक बहस में इस तरह के राजनीतिक प्रचार में शामिल होना पूरी तरह से गलत है।” हरीश ने पाकिस्तान की जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में की गई टिप्पणी के बाद अपनी बात रखी। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक महिलाओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, “हम अच्छी तरह जानते हैं कि उस देश में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से हिंदू, सिख और ईसाई महिलाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई है।” पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इन अल्पसंख्यक समुदायों की अनुमानित एक हजार महिलाओं को हर साल अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन विवाह का शिकार होना पड़ता है। मैं और भी बातें कह सकता हूं, लेकिन मैं यहीं समाप्त करता हूं।” भारत ने बहस के आयोजन के लिए स्विट्जरलैंड का भी आभार व्यक्त किया और महिला, शांति और सुरक्षा (डब्ल्यूपीएस) एजेंडे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। हरीश ने कहा, “जैसा कि हम परिषद के प्रस्ताव 1325 की 25वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं, भारत महिला, शांति और सुरक्षा एजेंडे के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।” 2007 में लाइबेरिया में पहली महिला पुलिस इकाई की तैनाती को याद करते हुए उन्होंने कहा, “भारत ने डब्ल्यूपीएस एजेंडे को लागू करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पांचवें सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ता के रूप में, भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पहली महिला पुलिस इकाई तैनात की, जिसने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में एक मिसाल कायम की। उनके काम को लाइबेरिया और संयुक्त राष्ट्र में जबरदस्त सराहना मिली। हरीश ने बताया कि वर्तमान में 100 से अधिक भारतीय महिला शांति सैनिक दुनिया भर में कार्यरत हैं, जिनमें तीन महिला दल भी शामिल हैं। उन्होंने मेजर राधिका सेन का भी जिक्र किया जिन्हें 2023 में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में उनकी सेवा के लिए यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड मिला।     recent visitors 81