दत्तात्रेय होसबोले ने कहा- दोनों संगठनों को एक बड़े परिवार का हिस्सा बताते हुए होसबोले ने दोहराया कि दोनों के बीच एकता बरकरार

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने विपक्षी दलों के उन आरोपों को सिरे से खंडन कर दिया है जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गतिरोध की बात कही जा रही है। आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। दोनों संगठनों को एक बड़े परिवार का हिस्सा बताते हुए होसबोले ने दोहराया कि दोनों के बीच एकता बरकरार है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आरएसएस और भाजपा के बीच कोई भी असहमति आंतरिक मामला है और इसे पारिवारिक और संगठनात्मक स्तर पर संभाला जाना चाहिए। अप्रैल-जून के आम चुनावों से पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान की ओर इशारा करते हुए होसबोले ने कहा कि ऐसे मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर बोलने की आवश्यक्ता नहीं है। हम एक परिवार का हिस्सा हैं। इसे आंतरिक रूप से संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके बयान के तुरंत बाद वे जेपी नड्डा के आवास पर मिले और साथ में भोजन किया। होसबोले ने सौहार्दपूर्ण संबंधों की पुष्टि की और किसी भी तरह की कड़वाहट की धारणा को खारिज कर दिया। होसबोले के बयान आरएसएस और भाजपा के बीच राजनीतिक विभाजन के बारे में बढ़ती अटकलों की पृष्ठभूमि में आए हैं। होसबोले के अनुसार, दोनों संगठनों के बीच संबंध निर्भरता का नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का है। प्रत्येक को व्यापक लक्ष्यों और राष्ट्रीय हित में संरेखित करते हुए अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरएसएस किसी भी राजनीतिक समूह के प्रति दुश्मनी नहीं रखता है। होसबोले ने कहा, "हम किसी के लिए नफरत नहीं फैलाते हैं। हम सभी को आमंत्रित करते हैं। यहां तक कि राहुल गांधी को भी, कि वे आकर हमसे बात करें।" यह संदेश खास तौर पर मौजूदा राजनीतिक माहौल में वजनदार है। राहुल गांधी हमेशा अपने राजनीतिक भाषणों में आरएसएस का जिक्र करते हैं और देश में कथित सांप्रदायिक वैमनस्य के लिए संगठन को जिम्मेदार ठहराते हैं। होसबोले ने राहुल गांधी के "मोहब्बत की दुकान" वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग प्यार और एकता की बात करते हैं, लेकिन वे आरएसएस के साथ बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह अनिच्छा उन आदर्शों को कमजोर करती है जिन्हें वे विकसित करने का दावा करते हैं। recent visitors 85

न्यूजीलैंड की श्रृंखला में बराबरी की उम्मीदों को करारा झटका एमेली चोट के कारण श्रृंखला से बाहर

अहमदाबाद  न्यूजीलैंड के खिलाफ आज रविवार को दूसरे एक दिवसीय क्रिकेट मैच में भारतीय टीम की नजरें अपने बल्लेबाजों के बेहतर प्रदर्शन के दम पर श्रृंखला जीतने पर लगी होंगी। भारत ने पहला मैच 59 रन से जीता लेकिन बल्लेबाज अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके थे। मेजबान टीम अब इसमें बदलाव करना चाहेगी और कप्तान स्मृति मंधाना को मोर्चे से अगुवाई करनी होगी। पिछले मैच में पदार्पण करने वाली तेजल हसाबनिस ने वही किया था। स्मृति पहले मैच में आठ रन पर आउट हो गई थी और उनका खराब फॉर्म पिछले एक महीने से चला आ रहा है। जुलाई में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए दो शतक लगाये थे। भारतीय टीम की नजरें नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर की फिटनेस पर भी लगी होंगी जो चोट के कारण पिछले मैच से बाहर थीं। गेंदबाजी में तेज गेंदबाज साइमा ठाकोर ने उम्दा प्रदर्शन किया जबकि बायें हाथ की स्पिनर राधा यादव ने विकेट चटकाये। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की श्रृंखला में बराबरी की उम्मीदों को करारा झटका लगा जब करिश्माई हरफनमौला एमेली केर चोट के कारण श्रृंखला से बाहर हो गई। केर रविवार को स्वदेश लौट गई और उन्हें उबरने में तीन सप्ताह लगेंगे। न्यूजीलैंड के कोच बेन सायेर ने कहा, ‘‘हमें पता है कि वह कितनी दुखी है कि तीनों मैच नहीं खेल पा रही। हर किसी को पता है कि वह टीम का कितना महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें उसकी कमी खलेगी।’’ उनकी जगह किसी और को टीम में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि तीन दिन बाद आखिरी मैच होना है। टीमें : टीम इस प्रकार हैं: भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, डी हेमलता, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), सयाली सतगारे, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, तेजल हसब्निस, साइमा ठाकोर, प्रिया मिश्रा, राधा यादव, श्रेयंका पाटिल। न्यूजीलैंड : सोफी डिवाइन (कप्तान), सुजी बेट्स, एडेन कार्सन, लॉरेन डाउन, इज़ी गेज़ (विकेटकीपर), मैडी ग्रीन, ब्रुक हॉलिडे, पॉली इंगलिस (विकेटकीपर), फ्रान जोनास, जेस केर, एमेली केर, मौली पेनफोल्ड, जॉर्जिया प्लिमर, हन्ना रोवे, ली ताहुहु। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1.30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 123

रिकी पोंटिंग ने पंजाब किंग्स में सहयोगी स्टाफ की टीम बनाने में पहला बड़ा कदम उठाया, होप्स को किया शामिल

नई दिल्ली  रिकी पोंटिंग ने पंजाब किंग्स में अपने सहयोगी स्टाफ की टीम बनाने में पहला बड़ा कदम उठाया है, जिसमें उन्होंने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर जेम्स होप्स को शामिल किया है, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स में अपने कार्यकाल के दौरान उनके साथ काम किया था। होप्स 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के उद्घाटन सत्र में एक खिलाड़ी के रूप में फ्रैंचाइज़ी का हिस्सा भी थे। 46 वर्षीय पोंटिंग के अनुबंध को दिल्ली कैपिटल्स ने नवीनीकृत नहीं किए जाने के बाद विस्तार की पेशकश की थी। हालांकि, होप्स, जिन्होंने 84 वनडे और 12 टी20आई में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया, ने अपने पूर्व कप्तान पोंटिंग के साथ काम करना जारी रखने का फैसला किया, जिन्होंने फ्रैंचाइज़ी के साथ चार साल का अनुबंध किया है। होप्स के हस्ताक्षर से दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज चार्ल लैंगवेल्ट के बाहर होने का संकेत मिलता है, जिन्होंने 2023 और 2024 सीज़न के लिए ट्रेवर बेलिस के तहत टीम के तेज़-गेंदबाजी कोच के रूप में काम किया था। इससे पहले, दक्षिण अफ़्रीकी ने 2020 सीज़न के दौरान फ्रैंचाइज़ी के लिए गेंदबाजी कोच की भूमिका भी निभाई थी। इसके अतिरिक्त, पोंटिंग ने ब्रैड हैडिन को बनाए रखने का विकल्प चुना है, जो पिछले कुछ वर्षों से फ्रैंचाइज़ी के साथ सहायक कोच के रूप में काम कर रहे हैं। शुरुआत में ट्रेवर बेलिस द्वारा लाए गए हैडिन ने पहले सनराइजर्स हैदराबाद में भी ऑस्ट्रेलियाई के साथ काम किया था। वह फ्रैंचाइज़ी के बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग कोच के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे। पोंटिंग ने भारत के पूर्व स्पिनर और मुख्य चयनकर्ता सुनील जोशी को भी रिटेन किया है। जोशी पिछले कुछ सीजन से पंजाब फ्रेंचाइजी के साथ स्पिन बॉलिंग कोच के तौर पर जुड़े हुए हैं। फ्रेंचाइजी ने संजय बांगर को भी रिटेन किया है, जिन्होंने पिछले साल क्रिकेट डेवलपमेंट के प्रमुख के तौर पर अनुबंध किया था। उनका तीन साल का अनुबंध था, लेकिन बीच में ही यह अनुबंध खत्म हो गया। फ्रेंचाइजी ने कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्यों को भी रिटेन किया है, जिसमें एड्रियन ले रॉक्स (एस एंड सी कोच) और एंड्रयू लीपस (फिजियो) शामिल हैं। पोंटिंग का पहला बड़ा काम रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ियों की सूची को अंतिम रूप देना होगा और आईपीएल में चर्चा है कि फ्रेंचाइजी हमेशा की तरह सबसे ज्यादा उपलब्ध राशि के साथ नीलामी में उतरेगी। बाएं हाथ के भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर विचार किया जा सकता है, हालांकि फ्रेंचाइजी के भीतर इस बात पर बहस चल रही है कि क्या वह 18 करोड़ रुपये के लायक हैं, जो एक रिटेन के लिए सुझाई गई स्लैब है। सोच यह है कि उन्हें राइट टू मैच कार्ड के जरिए शायद कम कीमत पर हासिल किया जा सकता है। चर्चा में शामिल अन्य नामों में शशांक सिंह और आशुतोष शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने पिछले साल शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ियों को अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में 4-4 करोड़ रुपये में बरकरार रखा जा सकता है।       recent visitors 96

कांगों में एमपॉक्स वायरस के टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू, टीकाकरण अभियान का मुख्य टारगेट स्वास्थ्य कर्मी थे

ब्राजाविल  एमपॉक्स वायरस की मार झेल रहे अफ्रीकी देश कांगों में इस वायरस के टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू कर दिया गया है।बता दें कि अफ्रीकी देश ने 5 अक्टूबर को ही सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में टीकाकरण का पहला चरण शुरू किया था। इस टीकाकरण अभियान का मुख्य टारगेट स्वास्थ्य कर्मी थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने  कहा कि तब से देश में 45,957 स्वास्थ्य कर्मियों में से 40,574 लोगों का टीकाकरण किया गया है। यानि कुल 88.3 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सिनेट किया जा चुका है समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट में देश के स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि, नए चरण में उन लोगों को टारगेट किया जा रहा है जिनके संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। इसमें यौनकर्मी और मरीजों के संपर्क में आने वाले लोग शामिल हैं। कांगो के उत्तरी हिस्से के राज्य किवु के टीकाकरण प्रभारी औबिन मोंगिली ने बताया, हम टीकाकरण में सभी सहयोग से आगे बढ़ रहे हैं। जैसा कि आप सब जानते हैं, यह (एमपॉक्स के लिए) यौन गतिविधियों से फैलता है। यही कारण है कि हम देश के भीतर संक्रमण के प्रसार को सीमित करने के लिए इन लोगों को टारगेट कर रहे हैं।” कांगो के स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा की मानें तो, देश को 2.5 मिलियन लोगों के लिए लगभग 3 मिलियन वैक्सीन की खुराक की जरूरत है। बता दें कि कांगो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 2024 की शुरुआत से कांगो में 35,925 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें 7,534 कंफर्म मामले हैं वहीं, इससे 1,006 लोगों की मौत भी हो गई। ज्ञात हो कि एमपॉक्स को मंकीपॉक्स के नाम से भी जाना जाता है। मंकीपॉक्स वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है। यह नजदीकी संपर्क से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, सूजी हुई लिम्फ नोड्स, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते और पीठ दर्द शामिल हैं।       recent visitors 85

सरकार के निरंतर सार्थक प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और निम्न आय वालों की आमदनी में इजाफा हुआ

नई दिल्ली  पांच लाख रुपये तक सालाना कमाने वालों की आय असमानता में वित्त वर्ष 2013-14 और 2022-23 के बीच गिरावट दर्ज हुई है। जो साफ बताता है कि सरकार के निरंतर सार्थक प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और निम्न आय वालों की आमदनी में इजाफा हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2013-14 और 2022-23 के बीच सालाना 5 लाख रुपये तक कमाई करने वालों की आय असमानता कवरेज में 74.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार के निरंतर प्रयास पिरामिड के निचले हिस्से तक पहुंच रहे हैं। निष्कर्षों से पता चलता है कि, “आय असमानता में कमी, निम्न आय वाले लोगों की आय के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि को दर्शाती है। 43.6 प्रतिशत व्यक्तिगत आईटीआर दाखिल कर्ता, जो कि वित्त वर्ष 2014 में 4 लाख रुपये से कम आय वर्ग से संबंधित थे, निम्नतम आय वर्ग को छोड़कर ऊपर की ओर चले गए हैं।” अध्ययन में यह भी कहा गया है कि 4 लाख रुपये से कम आय वाले निम्नतम आय वर्ग की सकल आय का 26.1 प्रतिशत भी बीच-बीच में ऊपर की ओर शिफ्ट हुआ है। 2018 में महिला श्रम बल 23.3 प्रतिशत से 2024 में 41.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। महिलाओं की यह भागीदारी झारखंड, ओडिशा, उत्तराखंड, बिहार और गुजरात से सबसे अधिक रही। एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रगतिशील कर व्यवस्था ने आकलन वर्ष (एवाई) 2024 में प्रत्यक्ष कर योगदान को कुल कर राजस्व के 56.7 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जो 14 वर्षों में सबसे अधिक है। एसबीआई के अध्ययन में कहा गया है कि वित्त वर्ष 21 से व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) संग्रह की वृद्धि दर कॉर्पोरेट कर संग्रह की तुलना में तेजी से बढ़ रही है, जिसमें सीआईटी की 3 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले पीआईटी में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 के दौरान दाखिल किए गए आईटीआर में जबरदस्त उछाल आया, जो वर्ष 2022 में 7.3 करोड़ के मुकाबले 8.6 करोड़ पर पहुंच गया। कुल 6.89 करोड़ या इनमें से 79 प्रतिशत रिटर्न नियत तिथि पर या उससे पहले दाखिल किए गए, जिसके परिणामस्वरूप नियत तिथि (जुर्माने के साथ) के बाद दाखिल किए गए रिटर्न का हिस्सा वर्ष 20 में 60 प्रतिशत के उच्च स्तर से घटकर वर्ष 2024 में मात्र 21 प्रतिशत रह गया। एसबीआई के अध्ययन में कहा गया है, “हमारा मानना है कि मार्च 2025 के अंत तक आकलन वर्ष 2025 के लिए दाखिल किए जाने वाले आईटीआर की कुल संख्या 9 करोड़ से अधिक हो सकती है”   recent visitors 79

कांग्रेस ने सरकार बनने के बाद युवाओं से सरकारी नौकरी छीनी जा रही है: अमित मालवीय

नई दिल्ली  हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को सरकार ने झटका दिया है। हिमाचल सरकार ने दो साल से खाली पड़े पदों को खत्म कर दिया है। इसे लेकर आदेश भी जारी किया गया है। हिमाचल सरकार के इस फैसले पर भाजपा ने तंज कसा है और कहा है कि चुनाव के दौरान युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वायदे पर कांग्रेस ने प्रदेश में अपनी सरकार बनाई। लेकिन, सरकार बनने के बाद युवाओं से सरकारी नौकरी छीनी जा रही है। भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिमाचल प्रदेश की सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो साल या इससे अधिक समय से सरकारी विभागों या सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों में रिक्त चल रहे सभी पदों खत्म करने का आदेश जारी किया है। इन पदों की संख्या हजारों में बताई जा रही है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश की वित्त विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश में बीते दो साल से खाली चल रहे सभी सरकारी पदों को खत्म किया जाए। प्रधान सचिव(फाइनेंस) ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, राज्यपाल के सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में साल 2014 के दिशानिर्देशों का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि विभाग इसकी अनुपालना नहीं कर रहे हैं और वित्त विभाग को इसका ब्योरा नहीं भेज रहे हैं। आदेश में कहा गया है कि दो साल के भीतर खाली पड़े पदों को भरने के लिए वित्त विभाग के पास कोई प्रस्ताव न भेजा जाए। दूसरी ओर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”पोस्ट कोड 939 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। सभी चयनित युवाओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी सरकार युवाओं को निरंतर रोजगार प्रदान कर रही है, जिससे हर युवा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह केवल रोजगार नहीं है, बल्कि आपके सपनों को साकार करने का एक सुनहरा अवसर है।”     recent visitors 71

रोइंग सेंटर के लिए वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आरएफआई को देंगे जगह: मुख्यमंत्री

गोरखपुर में बनेगा विश्वस्तरीय रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर : योगी रोइंग सेंटर के लिए वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आरएफआई को देंगे जगह: मुख्यमंत्री -25वीं सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के विजेताओं को पुरस्कृत किया सीएम योगी ने गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ऐलान से गोरखपुर में रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि रामगढ़ताल के समीप विश्व स्तरीय रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर बनाने के लिए सरकार रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएफआई) को वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जगह उपलब्ध कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की सभी बड़ी झीलों में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।  रामगढ़ताल में आयोजित 25वीं सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन समारोह में खिलाड़ियों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोइंग के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। जरूरत है प्रतिभाओं को तराशने की। हमारे रोइंग खिलाड़ी ओलंपिक और अन्य वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग कर मेडल जीत सकते हैं। रोइंग में प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुरोध पर रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर खोलने के लिए रामगढ़ताल के पास बने वर्ल्ड क्लास वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्पेस देगी। साथ ही सेंटर को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रदेश सरकार हर प्रकार का सहयोग देगी। प्रदेश की अन्य बड़ी झीलों में भी तलाशेंगे रोइंग की संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में कई प्राकृतिक झीलें हैं, वहां भी रोइंग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। सीएम योगी ने एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अन्य रोइंग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों लक्ष्मण अवार्डी और देवरिया के युवा कल्याण अधिकारी पुनीत बालियान, लक्ष्मण अवॉर्डी कुदरत अली, बुलंदशहर निवासी अरविंद सिंह, सुल्तानपुर निवासी मोहम्मद आजाद, हापुड़ निवासी लोकेश कुमार और संतकबीरनगर निवासी राजेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि रोइंग के इन खिलाड़ियों ने प्रदेश का मान देश और दुनिया में बढ़ाया है। शानदार करियर बनाने का भी सशक्त माध्यम है खेल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ अब शानदार करियर बनाने का भी सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने खेल नीति बनाकर ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं में सीधी नौकरी देने का शासनादेश जारी कर रखा है। टोक्यो ओलंपिक में पदक विजेता हॉकी टीम के खिलाड़ी ललित उपाध्याय को यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी की नौकरी दी गई है। इस बार के ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी राजकुमार पाल को भी नौकरी देने की घोषणा की आज चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं से जोड़ा जा चुका है। खेलों और खिलाड़ियों के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही डबल इंजन सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार खेलों को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया, सांसद खेल स्पर्धा, फिट इंडिया मूवमेंट आदि से देश में खेलों का बेहतरीन माहौल बना है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत युद्ध स्तर पर प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश के पहले और विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता यूपी के खिलाड़ी को 6 करोड़ रुपये देने की व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये देने की व्यवस्था तय की गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में यह राशि क्रमशः 3, 2 व 1 करोड़ रुपये है। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत पदक विजेता को 1.5 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को 75 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। कामनवेल्थ खेल तथा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता को 1.5 करोड़, रजत पदक विजेता को 75 लाख व कांस्य पदक विजेता को 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसी तरह सैफ और नेशनल गेम्स में भी विजेताओं को नकद राशि से पुरस्कृत किया जाता है। खिलाड़ियों को भरपूर आर्थिक मदद दे रही सरकार सीएम योगी ने कहा कि पुराने खिलाड़ियों को सरकार कोच के रूप में नियुक्त कर उन्हें प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये मानदेय दे रही है। पदम् पुरस्कार करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए सरकार की तरफ से प्रतिमाह 20 हजार रुपये वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही अशक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 6 हजार तथा राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 140 खिलाड़ियों को एकलव्य क्रीड़ा कोष से आर्थिक सहायता दी गई है। प्रभु राम की कृपा से आकर्षण और प्रतियोगिता का गढ़ बन गया रामगढ़ताल रामगढ़ताल में दूसरी बार रोइंग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन से प्रसन्न मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उनके लिए अतिरिक्त प्रसन्नता का क्षण है। 10 वर्ष पूर्व जो रामगढ़ताल पूर्वी उत्तर प्रदेश के अपराध का गढ़ था वह आज प्रभु राम की कृपा से आकर्षण और जल क्रीड़ा की प्रतियोगिताओं का गढ़ बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही वास्तविक परिवर्तन होता है। रामगढ़ताल पर्यटन के साथ खेल का भी बेहतरीन डेस्टिनेशन बन गया है।इसके आसपास कई होटल खुल चुके हैं, ताल में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को दीपावली की बधाई देते हुए कहा कि जब हम … Read more