हरियाणा : फरीदाबाद में आज सुबह कर्मचारियों की चलती बस में लगी आग

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे इंजीनियरिंग कंपनी की चलती बस में आग लग गई। यह बस कर्मचारियों को फैक्ट्री लेकर जा रही थी। जिस वक्त आग लगी, बस में 8 कर्मचारी बैठे हुए थे। बस में आग की लपटें निकलने लगी और धुआं भरने लगा तो ड्राइवर ने तुरंत बस को रोका। जिसके बाद कर्मचारियों ने बसों की खिड़कियों से छलांग लगाकर जान बचाई। इसके बाद फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया गया। जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। पलवल की फैक्ट्री में जा रही थी बस बस में सवार युवक सुदीप ने बताया कि वह पलवल के दुधौला स्थित विशाल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड में काम करते हैं। बस कंपनी की है, जो रोजाना की तरह कर्मचारियों को लेने के लिए बस कल्याण पुरी चौक पर आई थी। वहां से 7-8 कर्मचारियों को बिठाकर बस चल पड़ी। इसी दौरान फरीदाबाद के 3 नंबर इलाके में स्थित कल्याणपुरी चौक पर बस में आग लग गई। इंजन से धुआं निकला, पानी डाला तो आग भड़की बस के इंजन से अचानक तेज धुआं निकलने लगा, जो बस के भीतर भी भरने लगा। यह देख ड्राइवर ने तुरंत बस को रोका। उसने बस के इंजन में पानी डाला तो आग और भड़क गई। इससे बस के भीतर धुआं भरने लगा। इसके बाद ड्राइवर ने तुरंत बस को खाली कराया। सभी कर्मचारी निकल भागे। लोगों ने भी मदद की, ड्राइवर के अलर्ट रहने से बची जान आसपास के लोग भी यह देखकर मदद के लिए दौड़े। हालांकि आग बढ़ती गई और वह उस पर काबू नहीं पा सके। जिसके बाद फायर ब्रिगेड को कॉल की गई। सुदीप के मुताबिक यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो हादसा बड़ा हो सकता था। ड्राइवर की सूझबूझ और आसपास के लोगों की मदद के साथ समय पर फायर ब्रिगेड आने के चलते बड़ा हादसा टल गया।   recent visitors 65

गुरुग्राम: में 4 युवक जिंदा जले:तारों में शॉर्ट सर्किट से घर में लगी आग, कमरे में सो रहे थे; एक घूमने आया था

गुरुग्राम दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में बड़ी अनहोनी घटना सामने आई है। यहां शॉर्टसर्किट से मकान में आग लग गई। इस घटना में चार लोग जिंदा जल गए। पुलिस ने बताया कि यह घटना सरस्वती एनक्लेव के जी ब्लॉक में बने मकान में देर रात हुई। दमकल विभाग की टीमों ने आग पर काबू पाकर चारों शवों को बाहर निकाल कर मॉर्चरी में रखवाया दिया है। पुलिस ने बताया कि सभी मृतक गारमेंट्स कंपनी में काम करते थे। बिहार के रहने वाले थे सभी गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि हादसे के शिकार लोगों की पहचान हो गई है। इसमें नूर आलम, मुस्ताक, अमन और साहिल की मौत हुई है। ये सभी बिहार के रहने वाले थे। यहां इस मकान में किराए से रहते थे। इन सभी की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। पीएनजी पाइप लाइन में लगी आग उधर, ग्रेटर फरीदाबाद के बीपीटीपी थाना क्षेत्र एरिया के सेक्टर 83 एम ब्लॉक के पास बुधवार रात करीब 9 बजे पीएनजी पाइपलाइन में अचानक आग लग गई। इस पर वहां से निकलने वाले राहगीरों ने डायल 112 पर कॉल करके इसकी सूचना पुलिस को दी। डायल 112 की टीम ने फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग को बुझाया। बुधवार रात करीब रात 9 बजे किसी ने फोन कर पुलिस को बताया कि सेक्टर 83 में एम ब्लॉक के पास पीएनजी पाइपलाइन में आग लगी है। किसी के जानमाल का कोई नुकसान नहीं इस सूचना पर बीपीटीपी थाने से दो पुलिस कर्मी पहुंच गए। जिन्होंने लोगों को वह से अलग कर फायर ब्रिगेड को भी सूचित किया गया। फायर बिग्रेड ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस आग से किसी के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। गैस लाइन की पाइप लीक हो रही थी, लीकेज में आग कैसे लगी कि यह किसी को नहीं पता। आग बुझने के बाद गैस कंपनी ऑफिस में सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे अदानी कंपनी की तरफ से सुपरवाइजर ने अपने कर्मचारियों के साथ लीकेज को बंद कर दिया। recent visitors 68

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव कांग्रेस की दूसरी सूची में 23 नाम, देखें किसे किस सीट से मिला टिकट

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के कांग्रेस ने दूसरी सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 23 नाम हैं। इससे पहले कांग्रेस ने पहली सूची में 48 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था। इस लिहाज से पार्टी अब तक महाराष्ट्र में 71 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। महाराष्ट्र में कुल 288 सीटें हैं और यहां कांग्रेस पार्टी महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा है। इस गठबंध में कांग्रेस के अलावा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और एनसीपी (शरद पवार) भी शामिल हैं। तीनों पार्टियां यहां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में तीनों पार्टियां 90-90 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। वहीं, बची हुई 18 सीटें गठबंधन के अन्य दलों को दी जा सकती हैं। कांग्रेस के अलावा एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (यूबीटी) भी अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुके हैं। उद्धव ठाकरे के गुट की शिवसेना 80 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। वहीं, शरद पवार की एनसीपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची में नौ नाम शामिल किए थे। जल्द ही महाविकास अघाड़ी अन्य सीटों पर भी अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेगा। सुनील केदार की पत्नी अनुजा सुनील केदार को टिकट सावनेर विधानसभा से सुनील केदार की पत्नी अनुजा सुनील केदार को टिकट मिला है। सुनील केदार कांग्रेस के सावनेर से विधायक और मंत्री भी रह चुके हैं। एनडीसीसी (नागपुर डिस्ट्रक्ट सेंट्रल कॉपरेटिव  बैंक) में 117 करोड़ के घोटाले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनील को पांच साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके साथ ही रिप्रेसन्टेशन  ऑफ पीपल्स एक्ट के तहत पांच साल तक उनके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई गयी थी। सुनील केदार ने हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट महाराष्ट्र चुनाव का पूरा शेड्यूल-: चुनाव की अधिसूचना जारी होने की तारीख- 22.10.2024 (मंगलवार) नामांकन करने की अंतिम तारीख- 29.10.2024 (मंगलवार) नामांकन की जांच की तारीख- 30.10.2024 (बुधवार) उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख- 04.11.2024 (सोमवार) मतदान की तारीख- 20.11.2024 (बुधवार) मतगणना की तारीख- 23.11.2024 (शनिवार) recent visitors 63

डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में पहली बार आज विशेष मानसिक स्वास्थ्य जांच व परामर्श शिविर

 भोपाल राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को सिविल अस्पताल डॉ कैलाशनाथ काटजू भोपाल में गर्भवती महिलाओं और प्रसवोत्तर महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग व परामर्श प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 व 25 तारीख़ को गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्ण जाँच कर High Risk Pregnancies का चिन्हांकन किया जाता है। गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान मानसिक स्वास्थ्य में समस्या होने पर न सिर्फ माँ बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए भोपाल ज़िले में इस कार्यक्रम में एक नया आयाम जोड़ते हुए विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के अन्तर्गत 25 अक्टूबर को डॉ कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर परामर्श एवं परिचर्चा सत्र आयोजित किया गया। गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान शारीरिक के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान महिलाएं डिप्रेशन, चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं से ग्रसित हो सकती हैं। अतः इस संबंध में अस्पताल के स्टाफ के साथ-साथ महिलाओं और उनके परिवार के लोगों को जागरूक किया गया है। इन समस्याओं के लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को गर्भावस्था के दौरान देखी जाने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में विशेषज्ञों द्वारा आज जानकारी दी गई। दोपहर 11.00 बजे से आयोजित इस हेल्थ टॉक में मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों की पहचान एवं उसके उपचार के संबंध में परामर्श दिया गया। काटजू अस्पताल के अधीक्षक भी उपस्थित रहे शिविर के दौरान 240 महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य विशेषकर प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल पर जागरूक किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की गई और समस्या पाए जाने पर उन्हें दवाएं और मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (मनकक्ष), भोपाल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ आर के बैरागी, चिकित्सा मनोवैज्ञानिक राहुल शर्मा, डॉ श्वेता सिंह, डॉ रोहिता बी. सतचित बब्बर, ऋचा सहारे शामिल रहे। बता दें कि हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष पूरे अक्टूबर माह में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है । काटजू में आयोजित कार्यक्रम में मानसिक रोग विशेषज्ञों द्वारा मानसिक समस्याग्रस्त महिलाओं के caregivers का उन्मुखीकरण भी किया गया व मानसिक स्वास्थ्य मनहित एप और टेलीमानस कार्यक्रम पर लोगों को जागरूक किया गया। recent visitors 92

बड़वानी में तेज रफ्तार ट्रक गाय को टक्कर मारकर बाइक सवारों पर पलटा, पिता-पुत्र सहित 4 की दर्दनाक मौत

सेंधवा बड़वानी में भीषण हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक गाय को टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित हो गया। बेकाबू ट्रक बाइक सवार और राहगीरों पर पलट गया। हादसे में पिता-पुत्र सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक्सीडेंट के बाद मौका देखकर ट्रक चालक और उसका साथी फरार हो गए। सूचना पर पुलिस पहुंची। ट्रक के नीचे दबे लोगों को क्रेन की मदद से निकाला। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसा सेंधवा के पुराने एबी रोड पर हायर सेकेंडरी स्कूल हुआ।   महाराष्ट्र से पंजाब जा रहा था ट्रक पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के शाहदा से मिर्ची भरकर ट्रक पंजाब के लुधियाना जा रहा था। सेंधवा के पुराने एबी रोड पर हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने पहुंचते ही ट्रक ने पहले गाय को टक्कर मारी। गाय को टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित ट्रक बाइक सवार और राहगीरों पर पलट गया। हादसे में रिंगनिया (40) पिता जाड़ियां मेहता, जितेंद्र (18) पिता रिंगनिया मेहता, बबलू (17) पिता पूनिया मेहता और श्यामलाल (35) पिता नंगा बडवा मेहता की मौत हो गई। मजदूरी करके गांव लौट रहे थे चारों नागलवाड़ी के सालीकला निवासी रिंगनिया मेहता और उसका बेटा जितेंद्र, भतीजा बबलू और पड़ोसी श्यामलाल सेंधवा में एक निजी जिनिंग में मजदूरी करते थे। देर रात काम खत्म करने के बाद शहर से 10 किमी दूर अपने गांव सालिकला लौट रहे थे। रिंगनिया मेहता और उसका बेटा जितेंद्र बाइक पर थे। उनके साथ रोड किनारे रिंगनिया का भतीजा बबलू और पड़ोसी श्यामलाल खड़े थे। तभी तेज रफ्तार ट्रक आया और उनके ऊपर पलट गया। हादसे में चारों की मौत हो गई। दमोह: ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 33 घायल दमोह में ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई। ट्रॉली में सवार 33 लोग घायल हो गए। सभी को बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार सभी लोग जिले के मदनपुर गांव में तेरहवीं के कार्यक्रम से लौट रहे थे। इस दौरान सादपुर गांव के पास ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई। सिंगपुर सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र कटारे ने अपने निजी वाहन से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। recent visitors 121

रेलवे ने दिवाली-छठ पर किया बड़ा दावा, यात्रियों के लिए खास तैयारी

नई दिल्ली  पहले ऐसा दिवाली-छठ में होता था। अब तो हर त्येाहार और गर्मी छुट्टी में होने लगा है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाली कुछ लोकप्रिय ट्रेनों में अपार भीड़ होती है। रेलवे के पास इससे निपटने के लिए कोई खास इंतजाम होता नहीं है। लेकिन दावा करने के लिए रेल अधिकारियों के पास लंबी-चौड़ी सूची होती है। अब जबकि दिवाली का त्योहार सर पर है तो इस बार भी उत्तर रेलवे ने इस तरह का बड़ा दावा कर दिया है। बड़ी संख्या में लोग जाते हैं गांव दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहार को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग मूव करते है। दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों व्यक्ति पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार जाने की तैयारी में लग जाते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर रेलवे स्टेशनों पर दिखता है, क्योकि वे रेलगाड़ी ही प्रीफर करते हैं। कुछ ने इसकी तैयारी महीनों पहले टिकट ले कर की है तो उन्हें जगह मिल जाती है। शेष को यूं ही बोरी की तरह ढुंस कर यात्रा करनी होती है। रेलवे का क्या है दावा इस बार उत्तर रेलवे का दावा है कि उसने इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी की हुई है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने बताया “उत्तर रेलवे इस बार छठ-दीवाली के लिए यात्रीगणों की सुविधा को लेकर पूरी तरह से तैयार है। प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का इस पर विशेष ध्यान है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समय पर गंतव्य तक पहुंचाया जाए। इसके लिए, पिछले साल के अनुभव से सीख लेते हुए, नई दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर हमने लगभग तीन गुना ज्यादा व्यवस्थाएं की हैं।” स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था उन्होंने कहा, “इस बार यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, हमने विशेष रूप से एक विशाल होल्डिंग एरिया बनाया है, जो 72,000 स्क्वायर फीट में फैला है। यह सुनिश्चित करेगा कि आरक्षित यात्रियों को अलग रखा जाए और प्लेटफॉर्म पर भीड़भाड़ और मिश्रण की समस्या न हो। होल्डिंग एरिया में आरक्षित यात्रियों को एक बैरिकेड के अंदर रखा जाएगा और उन्हें सीधे कोचों तक पहुंचाया जाएगा। इस तरह, सभी आरक्षित कोच एक जगह पर होंगे, जिससे प्लेटफॉर्म पर कोई अव्यवस्था नहीं होगी।” ढेरों स्पेशल ट्रेन उन्होंने आगे कहा, “पिछले साल हमने लगभग 135 विशेष ट्रेनें चलाई थीं, जबकि इस बार हमने 195 विशेष ट्रेनें पहले ही घोषित कर दी हैं और उनकी बुकिंग भी पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, यदि हमें और ट्रेन चलाने की आवश्यकता पड़े, तो हमारे पास 18 लाख की क्षमता है, जिससे हम अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के लिए तैयार हैं।“ और भी कदम उन्होंने कहा, “पिछले साल की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, हमने विशेष कदम उठाए हैं ताकि यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर भीड़भाड़ से बचाया जा सके। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि नई दिल्ली स्टेशन पर सारी प्रमुख ट्रेनें अब 16 नंबर प्लेटफॉर्म से संचालित होंगी, जहां प्लेटफॉर्म का आकार भी बढ़ा दिया गया है और इसे भीड़ नियंत्रित करने की क्षमता भी है। इस बार, प्लेटफॉर्म पर प्रवेश केवल 16 नंबर प्लेटफॉर्म से ही होगा, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होगी।” recent visitors 68

शिवसेना UBT ने बायकुला से मनोज जमसुतकर को चुनावी मैदान में उतारा

  मुंबई शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने 15 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है. इस सूची में उस बायकुला सीट का नाम भी है जहां कांग्रेस भी अपना दावा कर रही है. शिवसेना यूबीटी ने बायकुला से मनोज जमसुतकर को चुनावी मैदान में उतारा है. इससे पहले शिवसेना यूबीटी ने 65 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी. पार्टी ने अभी वर्सोवा सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. दूसरी लिस्ट में जिन 15 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है, उनमें प्रमुख हैं:     धुले शहर – अनिल गोटे     चोपड़ा (आज) – राजू तडवी     जलगांव शहर- जयश्री सुनील महाजन,     बुलढाणा- जयश्री शेलके,     दिग्रस- पवन श्यामलाल जयसवाल     हिंगोली- रूपाली राजेश पाटिल     परतुर- आसाराम बोराडे     देवलाली (अजा) योगेश घोलप     कल्याण पश्चिम-सचिन बसारे     कल्याण पूर्व – धनंजय बोडारे     वडाला- श्रद्धा श्रीधर जाधव     शिवडी-अजय चौधरी     बायकुला-मनोज जामसुतकर     श्रीगोंडा- अनुराधा राजेंद्र नागवाडे     कंकावली-संदेश भास्कर पारकर लोकसभा में जीती थी 9 सीटें लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी में सबसे ज्यादा 21 सीटों पर शिवसेना ने चुनाव लड़ा था. लेकिन वे सिर्फ 9 सीटें ही जीत सकी थी. हालांकि, उनके गठबंधन से उनके दोनों सहयोगियों, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) को बहुत फायदा हुआ. यही कारण है कि ठाकरे विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने पर अड़े हुए हैं. इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना है. क्योंकि इस चुनाव में दोनों पार्टियों का अस्तित्व दांव पर है. एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद विधानसभा चुनाव में पहली बार दोनों शिवसेना आमने-सामने हैं. 2019 में तोड़ दिया था बीजेपी से गठबंधन 2019 के विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. उस वक्त शिवसेना ने 124 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. जिसमें से 56 विधायक चुने गए. बीजेपी के 105 विधायक जीते हैं. उस समय मुख्यमंत्री पद के लिए बातचीत विफल होने पर उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था और फिर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की मदद से सत्ता हासिल की और मुख्यमंत्री बने. हालांकि, 2022 में एकनाथ शिंदे ने पार्टी में बड़ी बगावत कर दी. जिसके चलते उद्धव ठाकरे को अपना मुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ा.   recent visitors 64