प्रियंका गांधी इन्वेस्टमेंट के लिए करती हैं सरकारी कंपनियों पर भरोसा, पोर्टफोलियो के 18 में से 6 पीएसयू स्टॉक

नई दिल्ली कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से अक्सर सरकारी कंपनियों की आलोचना की जाती है, लेकिन निवेश के लिए उनकी पहली पसंद पीएसयू शेयर ही हैं। केरल के वायनाड में लोकसभा के लिए उपचुनाव लड़ रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा दिए गए हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने शेयर बाजार में भी निवेश किया हुआ है और उनके पोर्टफोलियो में कुल 18 कंपनियां शामिल हैं, जिसमें से 6 कंपनियां सरकारी क्षेत्र की हैं। हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेत्री के कुल स्टॉक पोर्टफोलियो की वैल्यू 18 अक्टूबर तक 65,72,012 रुपये है। इसमें से 19,08,875 रुपये सरकारी शेयरों में निवेशित हैं। उनके पोर्टफोलियो में शामिल पीएसयू में रेलवे और खनन क्षेत्र की कंपनियां हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा के पास इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के 1,000 शेयर हैं और इनकी वैल्यू 2,21,800 रुपये है। उनके पास नेशनल एलुमिनियम के 2,000 और एनएमडीसी के 1,000 शेयर हैं, जिनकी वैल्यू क्रमश: 4,64,000 रुपये और 2,31,450 रुपये है। इसके अतिरिक्त प्रियंका गांधी वाड्रा के पास रेल विकास निगम लिमिटेड और राइट्स लिमिटेड के 1,000-1,000 शेयर हैं। इनकी वैल्यू क्रमश: 4,77,200 रुपये और 3,02,800 रुपये है। वायनाड से कांग्रेस की प्रत्याशी के पास रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के 500 शेयर हैं। इसकी वैल्यू 2,11,625 रुपये है। इसके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने उषा मार्टिन, इन्फोसिस, एनआईआईटी, टाटा पावर, स्पाइसजेट, पीसी ज्वेलर्स और फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों में भी निवेश किया हुआ है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, कांग्रेस नेत्री ने म्यूचुअल फंड में भी निवेश किया हुआ है, जिसकी वैल्यू 2 करोड़ 24 लाख है। इसके अलावा उनके पीपीएफ खाता में 17 लाख रुपये जमा है। प्रियंका गांधी ने सोने और चांदी में भी निवेश किया हुआ है। उनके पास 59.83 किलो के चांदी से बनी चीजें हैं, जिसकी वैल्यू 29.55 लाख रुपये और 4.41 किलो की ज्वेलरी है, जिसमें 2.5 किलो सोने से बनी चीजें शामिल हैं और इनकी कीमत 1.15 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त उनके पास शिमला में घर और गाड़ी भी है। recent visitors 81

कश्मीर के गुलमर्ग में आतंकी हमला, सेना की गाड़ी को बनाया निशाना, 5 जवान घायल

कश्मीर जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में भारतीय सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला हुआ है। हमले में 5 जवान घायल हो गए हैं। सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं। इलाके को सील कर दिया गया है। सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में पिछले चार दिनों में यह तीसरा बड़ा अटैक है। इससे पहले 20 अक्टूबर को गांदरबल में आतंकी हमले में डॉक्टर समेत 7 लोगों की हत्या कर दी गई थी। गुरुवार सुबह भी गैर प्रवासी मजदूर को आतंकियों ने गोली मारी थी। गुलमर्ग में हुए आतंकी हमले पर सेना के अधिकारियों ने पीटीआई को जानकारी दी कि आतंकवादियों ने बारामूला जिले के बोटापथरी में वाहन पर गोलीबारी की थी। हमले में घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। गुलमर्ग में सेना के वाहन पर आतंकी हमले की घटना से कुछ घंटे पहले पुलवामा में एक संदिग्ध आतंकवादी हमले में एक गैर-स्थानीय मजदूर घायल हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि आतंकी गोलीबारी में घायल मजदूर की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी शुभम कुमार के रूप में हुई। आज सुबह बटागुंड गांव में आतंकवादियों ने उसे गोली मार दी थी। गोली उसके हाथ पर लगी थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। recent visitors 80

जमानत राशि जमा होने से परिवार संग मना सकेगा त्योहार, आठ साल से बंद कैदी को दिया दीपावली का तोहफा

सागर दीपावली त्योहार के लिए लोग जरूरतमंदों की तरह-तरह से मदद कर रहे हैं। इसका एक जीता उदाहरण गुरुवार को तब देखने मिला, जब रामसरोज समूह की ओर से समाजसेवी शैलेष केशरवानी ने केंद्रीय जेल सागर में आठ साल से बंद बंदी की जमानत राशि जमा की। जमानत राशि जमा होने पर अब बंदी दीपावली मनाने अपने घर जा सकेगा। जमानत राशि जमा होने से उसकी दो साल की सजा भी कम हो गई और उसकी रिहाई भी दस की जगह आठ साल में हो गई। केशरवानी इससे पहले भी कई बंदियों की जमानत राशि जमा कर चुके हैं। समाजसेवी शैलेष केशरवानी का कहना है कि केंद्रीय जेल सागर में जिला रायसेन के डुंगारिया गांव निवासी छोटेलाल पिता स्व. कालूराम निवासी बंद हैं। वे इस दीपावली पर अपने घर जाने चाहते थे, लेकिन उनके पास जमानत की व्यवस्था नहीं थी। इसकी जानकारी लगने पर मैंने यह जमानत राशि जमा की जिससे वह अपने परिवारजनों के साथ दिवाली मना सके। इस अवसर पर जेल अधीक्षक मानवेंद्र से परिहार ने बताया कि कैदी छोटेलाल के परिवार में उसकी पत्नी व 15 साल का बेटा है। पत्नी नेत्रहीन है। जब बंदी को 10 वर्ष कैद एवं जुर्माना राशि जमा करने की सजा सुनाई गई थी, लेकिन लगभग 8 साल बीत जाने के बाद भी उनके परिवारजनों से किसी ने कोई खोज खबर नहीं ली।   जब कैदी ने अपनी आप बीती मुझे बताई तो और कैदी के घर वापसी के लिए जुर्माना राशि भरने की बात सामने आई तो इसका लेकर मैंने रामसरोज समूह के सदस्य शैलेश केशरवानी एवं अखिलेश मोनी केसरवानी से चर्चा की। उन्होंने सहर्ष उसकी राशि भरने की मंजूरी दी।   इस अवसर पर समाजसेवी शैलेश केशरवानी ने कहा कि दीपावली का त्योहार हर वर्ष आता है और हम अपने लोगों के बीच खुशियां मानते हैं। लेकिन दीपावली के इस त्यौहार में अपने घर के साथ-साथ जरूरतमंदों गरीबों के घर रोशन कर सार्थक दिवाली मनाए तो इससे आपको आत्मसंतुष्टि का अनुभव होगा। आज रामसरोज समूह ने सार्थक दिवाली मनाते हुए जेल में बंद एक वृद्ध कैदी जिसके घर में मजदूरी करने वाला उसके अलावा कोई नहीं था घर में केवल एक वृद्धा और उसकी बेटी थी। जो पिछले लगभग 8 वर्षों से जेल की सजा काट रहा था। आज उसकी जुर्माना राशि भरकर लगभग 2 वर्ष की सजा माफ करवाकर उसे स्वयं की गाड़ी में कुछ राशि भेंट कर उसके घर रवाना किया। वहीं अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा राम सरोज समूह का प्रयास होता है कि सालभर में पढ़ने वाले तीज त्योहारों को जरूरतमंदों के साथ मना कर उन त्योहारों को सार्थक बनाया जाए आज जब जेल में बंद कैदी छोटेलाल को रिहा कराया तो उसकी आंखों में आंसू आ गए। परंतु वह खुशी के आंसू थे। recent visitors 69

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बस मार्शलों को अब चार महीने के लिए नौकरी देने का फैसला किया, प्रदूषण से लड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने दीपावली से ठीक पहले बस मार्शलों को एक बड़ा तोहफा देते हुए उनकी चार महीने की नौकरी फिक्स की है। अब ये बस मार्शल दिल्ली में प्रदूषण से लड़ते हुए दिखाई देंगे। दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले कई महीनों से बेरोजगार चल रहे बस मार्शलों को अब दिल्ली सरकार ने चार महीने के लिए नौकरी देने का फैसला किया है और यह नौकरी है दिल्ली में प्रदूषण से लड़ाई की है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बस मार्शल अब दिल्ली में प्रदूषण से लड़ते हुए दिखाई देंगे और अगले चार महीने तक उनकी नौकरी दिल्ली सरकार की तरफ से फिक्स की जा रही है। उसके बाद भी उनकी नौकरी पर दिल्ली सरकार की तरफ से जल्द ही कुछ न कुछ बेहतर किया जाएगा। पिछले महीने सौरभ भारद्वाज ने एलजी को पत्र लिखकर बस मार्शल के मुद्दे को सुलझाने और उन्हें नौकरी वापस दिलवाने के लिए समय भी मांगा था। लेकिन, अभी तक एलजी की तरफ से समय नहीं दिया गया है। दिल्ली सरकार की कोशिश थी कि 10 हजार बस मार्शलों को दीपावली से पहले उनकी नौकरी वापस मिल जाए। बस मार्शलों के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और दिल्ली के एलजी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि यह लोग नहीं चाहते कि दिल्ली में बस मार्शलों को नौकरी मिले और उनके परिवार खुशहाली आए। इसे लेकर बीते दिनों बस मार्शलों और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध भी जताया था। recent visitors 126

यूपी उपचुनाव के लिए बसपा ने आठ प्रत्‍याशियों के नाम का किया ऐलान

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। मायावती की पार्टी ने 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 8 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है। हालांकि, बसपा ने अलीगढ़ की खैर सीट पर प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। बसपा ने अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट से अमित वर्मा, प्रयागराज की फूलपुर सीट से जितेंद्र कुमार सिंह, मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से शाहनजर को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी ने कानपुर की सीसामऊ सीट से वीरेंद्र कुमार शुक्ला, मैनपुरी की करहल सीट से डॉ. अवनीश कुमार शाक्य, मुरादाबाद की कुंदरकी सीट से रफतउल्ला उर्फ नेता छिद्दा, गाजियाबाद से परमानंद गर्ग, मिर्जापुर की मझवां सीट से दीपक तिवारी को टिकट दिया है। इससे पहले गुरुवार को भाजपा ने उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए 7 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था। भाजपा ने कुंदरकी से रामवीर सिंह ठाकुर, गाजियाबाद से संजीव शर्मा, खैर से सुरेंद्र दिलेर, करहल से अनुजेश यादव, फूलपुर से दीपक पटेल, कटेहरी से धर्मराज निषाद और मझवां से सुचिस्मिता मौर्या को उम्मीदवार घोषित किया है। उत्तर प्रदेश की नौ सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होने हैं, जबकि वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती ने बीते दिनों ऐलान किया था कि उनकी पार्टी बसपा यूपी में विधानसभा की नौ सीटों पर हो रहे उपचुनाव अकेले ही अपने बलबूते पर लड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया था कि उनकी बसपा महाराष्ट्र और झारखंड में भी अकेले ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, ''भारत निर्वाचन आयोग द्वारा महाराष्ट्र व झारखंड राज्य विधानसभा आम चुनाव के लिए तारीखों की आज की गई घोषणा का स्वागत। चुनाव जितना कम समय में तथा जितना पाक-साफ अर्थात धनबल और बाहुबल आदि के अभिशाप से मुक्त हो उतना ही बेहतर है, जिसका पूरा दारोमदार चुनाव आयोग पर ही निर्भर है। बीएसपी इन दोनों राज्यों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी और यह प्रयास करेगी कि उसके लोग इधर-उधर न भटके, बल्कि पूरी तरह बीएसपी से जुड़कर परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान कारवां के सारथी बनकर शासक वर्ग बनने का अपना प्रयास जारी रखें। यूपी में 9 विधानसभा की सीटों पर हो रहे उपचुनाव में भी बीएसपी अपने उम्मीदवार उतारेगी और यह चुनाव भी अकेले ही अपने बलबूते पर पूरी तैयारी एवं दमदारी के साथ लड़ेगी।'' recent visitors 83

भाजपा ने इस उपचुनाव को भाजपा ने भतीजे के सामने फूफा को खड़ा कर दिया, करहल सीट पर बड़ा दाव खेला

करहल यूपी में खाली 10 विधानसभा सीटों में 9 सीटों पर उपचुनाव होने वाला है। इस उपचुनाव में गठबंधन की ओर से सभी सीटों पर सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा जा रहा है। वहीं, वृहस्पतिवार को भाजपा की तरफ से 7 उम्मीदवरों की लिस्ट जारी की गई है। इसमें भाजपा ने करहल सीट पर बड़ा दाव खेला है। दरअसल, इस उपचुनाव को भाजपा ने भतीजे के सामने फूफा को खड़ा कर दिया है। दरअसल भाजपा ने करहल विधानसभा सीट पर मुलायम सिंह यादव के दामाद अनुजेश यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने इस सीट से तेज प्रताप यादव उम्मीदवार है। ऐसे में ये लड़ाई काफी दिलचस्प होने वाली हैं..क्योंकि अब करहल सीट पर फूफा और भतीजा आमने सामने होंगे। पिछले 2 दशकों से करहल पर सपा का कब्जा बता दें कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की कर्मभूमि रही करहल पर पिछले दो दशकों से सपा का कब्ज़ा रहा है, कहा जाता है कि दो दशकों के भीतर सपा प्रत्याशी को यहां पर किसी दूसरें दल से लड़ाई तो..बहुत दूर की बात है कभी मजबूत चुनौती तक भी नहीं मिली हैं, लेकिन लगता हैं इस बार बड़ी चुनौती मिल सकती है क्योंकि इस बार सपा को मात देने के लिए भाजपा ने बड़ा दाव खेला है। सपा के किले में सेंध लगाने की तैयारी  भाजपा का भतीजे तेज प्रताप यादव के सामने फूफा अनुजश यादव को उतारने का मकसद यही है कि करहल में सपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश करेगी।  अनुजेश यादव मुलायम सिंह यादव के भाई अभयराम यादव की बेटी संध्या यादव के पति हैं। संध्या यादव, आजमगढ़ से सांसद धर्मेद्र यादव की सगी बहन हैं। संध्या यादव मुलायम परिवार की पहली बेटी हैं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा था। इतना ही नहीं वो मैनपुरी की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। recent visitors 59

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की विभिन्न इकाइयों में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साढ़े सात साल पहले सूबे की सत्ता संभालते ही बीमारू प्रदेश कहे जाने वाले यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए। इसके तहत योगी सरकार ने प्रदेश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ता इलाज उपलब्ध कराने के लिए कई फैसले लिए। आज इसका असर पूरे प्रदेश में देखा जा सकता है। अब, प्रदेशवासियों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है। योगी सरकार की मॉनिटरिंग और उत्तम प्रदेश बनाने के दृढ़ संकल्प का ही असर है कि उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं में पूरे देश में अपना परचम लहराया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की विभिन्न इकाइयों में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सचिव रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप पूरे प्रदेश में युद्धस्तर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएस) के तहत प्रदेशवासियों की हेल्थ यूनिक आईडी बनाने का काम चल रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश पूरे देश में एबीडीएस की विभिन्न इकाइयों को बनाने में पहले स्थान पर है। इनमें उत्तर प्रदेश आभा आईडी, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, 100 माइक्रोसॉफ्ट प्रोजेक्ट, स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल के मामले में पूरे देश में पहले पायदान पर है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। सचिव रंजन कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा को प्रदेश में पिछले एक वर्ष से लागू किया गया है। अब तक प्रदेश लगभग 12.45 करोड़ आभा आईडी को बनाकर पूरे देश में पहले पायदान पर है। वहीं, दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां अभी तक लगभग 5.46 करोड़ आभा आईडी को बनाया गया है। इसी तरह हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के स्वास्थ्य कर्मियों जैसे डॉक्टर, नर्सेज, सीएचओ, एएनएम, आशा इत्यादि का पंजीकरण किया जा रहा है। अब तक 74,789 रजिस्ट्री की जा चुकी है और वर्तमान में प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। वहीं, दूसरे स्थान पर कर्नाटक है, जहां पर अभी तक लगभग 58,919 हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री का सृजन किया जा चुका है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सचिव रंजन कुमार ने आगे बताया कि हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) में सभी चिकित्सा संस्थानों, चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र, प्राइवेट चिकित्सालय, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक इत्यादि का पंजीकरण होना है। अब तक 61,015 हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री को फैसिलिटीज रजिस्टर किया जा चुका है। इस मामले में भी वर्तमान में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य के समस्त सरकारी चिकित्सा संस्थान, चिकित्सालय, उप-केंद्रों का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। दूसरे स्थान पर कर्नाटक है, जहां पर अभी तक लगभग 60,743 हेल्थ फैसिलिटी की रजिस्ट्री का सृजन किया जा चुका है। एबीडीएम के तहत संचालित स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल से सरकारी चिकित्सालयों में पंजीकरण में होने वाली कठिनाइयों को सफलतापूर्वक कम किया जा रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में मरीज या तीमारदार को ओपीडी पंजीकरण में लगने वाले लगभग 50 मिनट को स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल द्वारा कम करते हुए लगभग 5 मिनट करने में रजिस्ट्रेशन हो रहा है। स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल में उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। वर्तमान में 1.42 करोड़ से अधिक टोकन बनाते हुए मरीजों को लाभान्वित किया जा रहा है, जबकि द्वितीय स्थान पर बिहार है, जहां 95 लाख से अधिक टोकन बनाए गए हैं। भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा लागू 100 माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट में से 35 माइक्रोसाइट का संचालन प्रदेश में किया जा रहा है। माइक्रोसाइट निजी क्षेत्र में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंगीकरण के लिए लागू किया गया है। इसमें वर्तमान में सर्वाधिक हेल्थ रिकार्ड प्रदेश से ही जोड़े जा रहे हैं। इसमें राजधानी लखनऊ देश में पहला माइक्रोसॉफ्ट है, जिसने निर्धारित लक्ष्य को सर्वप्रथम प्राप्त किया है। इसके जरिए न सिर्फ मरीजों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, बल्कि अस्पतालों में बेहतर ढंग से कतार प्रबंधन, अस्पताल प्रबंधन एवं डेटा प्रबंधन करते हुए चिकित्सकीय व्यवस्था को और पारदर्शी एवं सरल बनाया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर/पीएचआर) बनाने के लिए चिकित्सालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कम्प्लायंट हेल्थ मैनेजमेंट इनफार्मेशन का होना आवश्यक है, जिसके माध्यम से रोगी के प्रवाह और डाटा का अस्पताल में स्थानीय प्रबंधन करते हुए संचालन किया जा सकता है। प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड सृजन के लिए विभिन्न चिकित्सालयों में लैब इनफॉर्मेशन सिस्टम का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 5.25 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड का सृजन किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश भारत में द्वितीय स्थान पर है। जबकि, प्रथम स्थान पर आंध्र प्रदेश है, जिसने अभी तक 5.32 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड सृजन कर लिया है। सचिव ने बताया कि जल्द ही प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड बनाने में पूरे देश में पहले स्थान पर होगा। recent visitors 113