शिवराज का रुतबा काम ना आया ,कार्तिकेय की लॉन्चिंग पर संगठन ने लगाया ब्रेक

budhni: Shivraj’s status did not work, organization put brakes on Karthikeya’s launch बुधनी उपचुनाव में बीजेपी ने रामाकांत भार्गव को टिकट दिया है। यह शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं। साथ ही लोकसभा चुनाव में उन्होंने शिवराज के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। भोपाल: बुधनी उपचुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इस रेस में कई नाम थे। रेस में सबसे आगे शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। इसके बाद विदिशा के पूर्व सांसद रामाकांत भार्गव के नाम की चर्चा थी। दिल्ली ने रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगाई है। ऐसे में चर्चा है कि Shivraj’s status did not work वाली सीट पर रामाकांत भार्गव की लॉटरी कैसे लग गई है। कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम की थी चर्चा दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के विदिशा सीट से सांसद बनने के बाद बुधनी विधानसभा सीट खाली हुई थी। बुधनी में उपचुनाव की तारीख घोषित हो गई है। इसके बाद से यह चर्चा शुरू हो गई थी कि शिवराज सिंह चौहान का वारिस कौन होगा। इस रेस में सबसे आगे कार्तिकेय सिंह चौहान ही चल रहे थे। वह पिता की सीट पर लगातार मेहनत भी कर रहे थे। उनके समर्थकों की इच्छा भी थी कि बुधनी से कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम पर ही मुहर लगे। वही प्रदेश चुनाव समिति की तरफ से पैनल में जो नाम भेजा गया था, उसमें कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम था। दिल्ली में नहीं बनी सहमति टिकट की घोषणा से दो दिन पहले शिवराज सिंह चौहान अपने बेटों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शादी का न्यौता देने गए थे। इसके बाद एमपी में अटकलें शुरू हो गई थीं कि कार्तिकेय सिंह चौहान को पीएम मोदी का आशीर्वाद मिल सकता है। चुनाव समिति की बैठक के बाद नामों की सूची आई तो रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी है। परिवारवाद से पार्टी ने बनाई दूरी कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश में पार्टी परिवारवाद से दूर है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी नेता पुत्रों को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। मध्य प्रदेश में कई बड़े नेताओं के पुत्र राजनीति में एंट्री के लिए ललायित हैं लेकिन पार्टी ने सभी की एंट्री पर ब्रेक लगा रखी है। अगर शिवराज सिंह चौहान के बेटे को टिकट देती तो गलत नैरेटिव गढ़ा जाता। शायद इससे बचने के लिए पार्टी ने यह फैसला लिया है। रामाकांत भार्गव हैं शिवराज सिंह चौहान के खास वहीं, रामाकांत भार्गव भी शिवराज सिंह चौहान के खास माने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान पहले विदिशा सीट से सांसद थे। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जब विदिशा से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया तो शिवराज की पसंद और करीबी रहे रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में रामाकांत भार्गव ने शिवराज सिंह चौहान के लिए सीट छोड़ दी। शिवराज सिंह चौहान विदिशा से सांसद बन गए हैं। वहीं, बुधनी में शिवराज की विरासत को अब रामाकांत भार्गव संभालेंगे। चुनाव प्रचार में जुट गए कार्तिकेय रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान पहली बार मीडिया के सामने आए तो उनके चेहरे पर शिकन भी देखने को मिला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रामाकांत भार्गव हमारे पितातुल्य हैं। मैं उनके लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव लड़ने की मंशा से कभी काम नहीं किया। यह मेरा सौभाग्य है कि कार्यकर्ताओं ने मेरा नाम पैनल तक पहुंचाया है। हम रामाकांत भार्गव के लिए दोगुनी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। Read More : https://mysecretnews.com/congress-bjp-face-to-face-clash-over-name-change/ recent visitors 168

यूपी उपचुनाव सीट पर कांग्रेस -समाजवादी पार्टी में दरार, सपा के सामने जिद्द पर अड़ी कांग्रेस

लखनऊ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच एक तरफ महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे का पेंच फंसा हुआ है वहीं यूपी उपचुनाव में सपा की ओर से दो सीटों के ऑफर ने कांग्रेसी दावेदारों की बेचैनी बढ़ा दी है। पार्टी ने एक तरफ ज्‍यादा सीटों के लिए सपा पर दबाव बढ़ा दिया है। दूसरी तरफ कई मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अधिक सीटें नहीं मिलीं तो कांग्रेस यूपी उपचुनाव से किनारा भी कर सकती है। हालांकि अभी तक कांग्रेस नेताओं ने इस पर चुप्‍पी साध रखी है। प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय ने कहा है कि सीटों के बारे में राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व तय कर रहा है। हम लोग यूपी में संगठन की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर फंसे इस पेंच के बीच कांग्रेस यूपी में दो से ज्यादा सीटों के लिए अड़ी हुई है। अभी तक सपा की तरफ से उसके लिए केवल दो ही सीटें छोड़े जाने का स्पष्ट संकेत दिया गया है। यूपी में नौ विधानसभा सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी इंडिया गठबंधन के इन दोनों प्रमुख दलों के बीच सीटों के बंटवारे का विवाद हल नहीं हो पाया है। नामांकन की अंतिम तारीख 25 अक्तूबर नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस में टिकटों के दावेदारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। अभी तक के संकेतों के अनुसार कांग्रेस को गाजियाबाद के अलावा खैर की सीट मिलने वाली है। समाजवादी पार्टी ने इन दोनों सीटों से अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। इसके अलावा सपा ने कुंदरकी सीट पर भी अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। गाजियाबाद और खैर सीट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार भी खासे परेशान हैं। पार्टी ने उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी केवल दो ही सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है। ऐसे में सपा पर हर हाल में दो से ज्यादा सीटें छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव में दोनों दलों के बीच गठबंधन कौन सा मोड़ लेता है? सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस महाराष्ट्र में सपा की 12 सीटों पर दावेदारी से बेचैन है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनावों के लिए सीटों का विभाजन एक गंभीर मुद्दा बन गया है. कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी पांच से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी, वहीं समाजवादी पार्टी सिर्फ दो गाजियाबाद और खैर सीटों की पेशकश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उन सीटों पर भी चुनाव लड़ना चाहती थी, जिनमें कुछ सीटों पर अखिलेश यादव ने अपनी ओर से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इस हालत में, कांग्रेस सिर्फ दो सीटों पर चुनाव लड़ने के बजाय चुनाव न लड़ने का विचार कर रही है. इस बीच, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, पार्टी प्रमुख अजय राय, और पार्टी नेता अराधना मिश्रा अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी ने ज्यादा सीटें देने की योजना नहीं बनाई है. कश्मीर-हरियाणा चुनाव के बाद दबाव में कांग्रेस सीट बंटवारे का यह मुद्दा तब सामने आया है जब हरियाणा विधानसभा चुनाव नतीजों में निराशाजनक प्रदर्शन और जम्मू क्षेत्र में सीट ना जीत पाने के बाद कांग्रेस अपने सहयोगियों से अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए दवाब में है. यह बताया जा रहा है कि गांधी परिवार ने अखिलेश यादव के साथ फूलपुर सीट पर चर्चा की थी, जहां समाजवादी पार्टी ने अपने हार चुके प्रत्याशी मुस्तफा सिद्दीकी को कैंडिडेट बनाया है. यूपी की 9 सीटों पर होना है उपचुनाव उत्तर प्रदेश में 9 सीटों के लिए उपचुनाव 13 नवंबर को आयोजित होंगे जिनमें करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), कटेहरी (अंबेडकर नगर), गाजियाबाद, सिसामऊ (कानपुर), मझावन (मिर्जापुर), फूलपुर (प्रयागराज), खैर (अलीगढ़), और कुंदरकी (मुरादाबाद) शामिल हैं. recent visitors 99

खुलते ही शेयर बाजार हुआ गुलजार, फिर अचानक आई बड़ी गिरावट

मुंबई सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) की धांसू शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) ओपनिंग के साथ ही करीब 500 अंक उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर ओपन हुआ. लेकिन 15 मिनट के बाद ही ये तेजी गिरावट में तब्दील हो गई और दोनों इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए. इस बीच प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली और ये 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया. सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में सोमवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. एक ओर जहां BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 81,224.75 के लेवल से जोरदार उछाल लेते हुए 81,770.02 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. तो वहीं NSE Nifty अपने पिछले बंद 24,854.05 के लेवल से 100 अंक चढ़कर 24,956.15 पर ओपन हुआ.   सेंसेक्स-निफ्टी के साथ ही शेयर बाजार में तेज शुरुआत के बीच करीब 1728 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त लेते हुए हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत की, जबकि 807 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. इस बीच 167 शेयर ऐसे थे, जिनकी स्थिति में कोई भी चेंज देखने को नहीं मिला. कुछ मिनटों तक ही जारी रही तेजी शेयर बाजार में ये जोरदार तेजी कुछ ही मिनटों तक जारी रही, सुबह 9.35 बजे के आस-पास ये गिरावट में तब्दील हो गई और BSE Sensex करीब 330 अंक फिसलकर 81000 के नीचे आ गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी ग्रीन से लुढ़ककर अचानक रेड जोन में कारोबार करता हुआ नजर आने लगा. शुरुआती कारोबारी में जहां Tech Mahindra, HDFC Bank, Tata Steel, Hindalco और HDFC Life के शेयरों में तेजी देखने को मिली, तो वहीं Tata Consumer, Kotak Mahindra Bank, Bharti Airtel, Britannia और HUL के शेयर लाल निशान पर थे. इन पांच शेयरों ने पकड़ी तूफानी रफ्तार बात करें सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद उछाल भरने वाले शेयरों के बारे में तो सबसे पहला नाम HDFC Bank Share का आता है, तजो खबर लिखे जाने तक 2.41 फीसदी उछलकर 1721.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Tech Mahindra Share 2.12 फीसदी चढ़कर 1723.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप में Mazgaon Dock Share 3.72 फीसदी की तेजी लेकर 4700 रुपये पर, जबकि UCO Bank Share 3.29 फीसदी की बढ़त के साथ 47.15 रुपये पर था. इसके अलावा Tejas Network Share 14.56 फीसदी उछलकर 1362.90 रुपये पर कारोबार कर रहा था. बाजार टूटते ही धराशायी हुई ये शेयर अब बात करते हैं शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट के बाद सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की, तो लार्ज कैप में Kotat Bank Share 5.28%, Bharti Airtel Share 2.56% और IndusInd Bank Share 2.34% तक टूटकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dalmia Bharat Share 3.23%, GMR Infra Share 2.89% टूटा. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में PNC Infra Share में 20 फीसदी की बड़ी गिरावट आई, जबकि IndiaMart Share 16.51%, RBL Bank Share 12.75% तक फिसल गया. recent visitors 115

उमेश पाल हत्याकांड में गुड्डू मुस्लिम समेत तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; शाइस्ता समेत छह हैं फरार

 प्रयागराज प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही माफिया अतीक अहमद का शूटर गुड्डू मुस्लिम फरार है. पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम पर इनाम घोषित कर रखा है. लेकिन डेढ़ साल बीते जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है. ऐसे में अब पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम के साथ-साथ अरमान और साबिर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है. उमेश पाल और उसके दो सरकारी गनर की दिनदहाड़े हुई हत्या में आरोपित गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट फाइल हो गई है. तीनों अभियुक्तों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित है. ये तीनों प्रयागराज हत्याकांड के बाद से ही लगभग डेढ़ साल से फरार हैं. उनके खिलाफ पूर्व में कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है. मालूम हो कि 24 फरवरी 2023 को तीनों अभियुक्त उमेश पाल व उनके दो सरकारी गनर की हत्या की घटना के सीसीटीवी फुटेज में भी नजर आए हैं. गुड्डू मुस्लिम ने घटना के दौरान उमेश व उनके गनर राघवेंद्र सिंह पर बम से हमला किया था. जबकि, साबिर व अरमान ने कार में बैठे गनर संदीप निषाद पर राइफल व पिस्टल से गोलियां चला रहे थे. इन अभियुक्तों की 14 राज्यों में तलाश हुई, सात राज्यों में हुक्म तहरीरी जारी हुई, फिर भी अतीक अहमद के शूटर पुलिस की पकड़ से दूर हैं. तलाश में एसटीएफ तक लगी लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका. अंत में पुलिस ने आजिज आकर तीनों शूटरों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया.   पुलिस के मुताबिक, माफिया अतीक अहमद के परिवार वालों के अलावा यह तीनों शूटर उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य कर्ता-धर्ता हैं. तीनों शूटर पर 5 लाख रुपए का इनाम है. साथ ही ये माफिया अतीक के आईएस-227 गैंग के सक्रिय सदस्य हैं. उन पर अदालत के आदेश की अवमानना का भी केस दर्ज किया जा चुका है. हत्याकांड वाले दिन सीसीटीवी फुटेज में अरमान बाइक पर बैठा कर गुड्डू मुस्लिम को लाया था जिसके बाद वो बम और साबिर राइफल से गोली चलते नजर आए थे. गौरतलब हो कि इस कांड में 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन समेत अतीक अहमद के परिवार की तीन महिलाएं भी आरोपी हैं. उनकी  तलाश भी जारी है. इनमें अशरफ की पत्नी जैनब उर्फ रूबी और अतीक-अशरफ की बहन आयशा नूरी शामिल हैं. तीनों हत्याकांड के बाद से फरार हैं. मामले में जेल में निरुद्ध आरोपियों में अतीक के दो बेटे उमर व अली भी शामिल हैं.   recent visitors 79

पुलिस आरक्षकों के 7500 पदों पर भर्ती जल्द, जनवरी में आएगा नोटिफिकेशन

भोपाल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच वर्ष पहले अपने कार्यकाल के दौरान प्रतिवर्ष 5000 पुलिस आरक्षकों की भर्ती करने की बात कही थी, पर उसके बाद मात्र एक बार 6000 आरक्षकों की भर्ती ही हो पाई। अब मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (उनके पास गृह विभाग भी है) का जोर पुलिस आरक्षकों की नियमित भर्ती करने पर है। कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती का प्रस्ताव अभी लगभग 7500 पुलिस आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा ली जा रही है। इसी वर्ष इनकी चयन सूची जारी होने की आशा है। इसके बाद लगभग इतने ही पदों के लिए और भर्ती की तैयारी पुलिस मुख्यालय ने शुरू कर दी है। इसी वर्ष कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती का प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिससे मंडल अगले वर्ष मार्च के पहले भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर सके। अगले वर्ष होने वाली भर्ती में भी लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। 50 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा के और इतने ही शारीरिक दक्षता परीक्षा के होंगे। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में लगभग डेढ़ वर्ष लग जाएंगे। यानी 2025 में विज्ञापन जारी होता है तो 2026 तक ही आरक्षकों की नियुक्ति हो पाएगी। आरक्षकों की कमी मापदंड के अनुसार 50 हजार लोगों पर एक थाना होना चाहिए। ऐसे में प्रदेश में जिला पुलिस बल के 1700 थानों की आवश्यकता है, पर अभी 968 ही हैं। पुलिस बल की कमी के चलते थानों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। इसी तरह से हर जिले में एक साइबर थाना बनाने की योजना भी बल कम होने के कारण मूर्त रूप नहीं ले पा रही है। आरक्षकों की नियमित भर्ती से यह काम हो सकेंगे। साथ ही कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार आएगा। recent visitors 72

मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव कर सकते है घोषणा, एक नवंबर को सरकारी कर्मचारियों का बढ़ेगा महंगाई भत्ता

भोपाल भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 से बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश के कर्मचारियों को अभी 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसे बढ़ाने की मांग सभी कर्मचारी संगठन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव प्रदेश के स्थापना दिवस (एक नवंबर) पर इसे बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। वित्त विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। अभी 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदेश में सात लाख से अधिक नियमित के साथ निगम, मंडल के कर्मचारियों को जुलाई 2023 से 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। पांचवें और छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी इसी दर से वृद्धि की गई। जुलाई 2023 से फरवरी 2024 के बीच का एरियर तीन समान किस्तों में दिया गया। जबकि, पेंशनरों की महंगाई राहत मार्च 2024 से बढ़ाई गई। एरियर भी नहीं दिया गया। 53 प्रतिशत महंगाई भत्ता उधर, भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की वृद्धि जनवरी 2024 में ही कर दी थी। प्रदेश में पदस्थ अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी इसका लाभ जनवरी से ही दिया जा रहा है। अब फिर तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दिया है। इस प्रकार प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में सात प्रतिशत महंगाई भत्ता कम मिल रहा है। इसे बढ़ाने की मांग कर्मचारी संगठन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव अनुराग जैन से कर चुके हैं। एक नवंबर को महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवंबर को महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, इसका लाभ जनवरी 2024 से दिया जाएगा या फिर अक्टूबर से वृद्धि की जाएगी, यह निर्धारित होना बाकी है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछली बार की तरह इस बार भी तीन किस्तों में एरियर दिया जा सकता है। हालांकि, पेंशनरों को लेकर स्थिति साफ नहीं है क्योंकि पिछली बार का एरियर देने पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यह चार प्रतिशत बढ़ाया जाएगा यानी 50 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हालांकि, यह अक्टूबर से दिया जाना है या फिर जनवरी 2024 से तय हाेना बाकी है। बजट में 58 प्रतिशत की दर से रखा है प्रविधान प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में महंगाई भत्ते और राहत के लिए 58 प्रतिशत की दर से प्रविधान रखा है। अब 46 प्रतिशत की दर से भुगतान होना है यानी 12 प्रतिशत की वृद्धि भी होती है तो अलग से बजट प्रविधान नहीं करना होगा। वर्ष 2025-26 के बजट में यह प्रविधान 64 प्रतिशत के हिसाब से किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों को स्थापना व्यय में राशि प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं। recent visitors 80

कमला हैरिस सबसे तैयार उम्मीदवार, किया समर्थन: ओबामा

वाशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की गहमागहमी के बीच यहां डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन की दूसरी रात पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कमला हैरिस का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने हैरिस को अमेरिका का अगला राष्ट्रपति बताया। ओबामा ने कहा कि हमारे पास ऐसे शख्स को चुनने का मौका है, जिसने अपनी पूरी जिंदगी लोगों को वो मौके देने की कोशिश में लगा दिए जो मौके अमेरिका ने उनको दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनने का सम्मान हासिल किए हुए मुझे 16 साल हो गए हैं। इतने सालों बाद मैं बिना किसी हिचक कह सकता हूं कि आपका दोस्त होना मेरा सबसे बेहतरीन फैसला था। बराक ओबामा ने कहा कि हैरिस पांच नवंबर को इतिहास रचेंगी। वह अश्वेत और दक्षिण एशियाई मूल की पहली अमेरिकी राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। हमने मशाल हैरिस को सौंप दी है। लेकिन अभी डेमोक्रेट्स का काम खत्म नहीं हुआ है। ओबामा ने कहा कि कमला हैरिस और टिम वॉल्ज ऐसे नेता हैं, जो लोगों की भलाई से जुड़े काम को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन को बराक के अलावा मिशेल ओबामा ने भी संबोधित किया। दोनों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखे हमले किए। मिशेल ने राष्ट्र से ट्रंप की विभाजनकारी राजनीति को अस्वीकार करने का आह्वान किया। इससे पहले कन्वेंशन के पहले दिन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्रंप पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप जब अमेरिका के बारे में बात करते हैं कि अमेरिका बिखरता हुआ देश है, तो उस संदेश के बारे में सोचें, जो दुनिया को जाता है। डोनाल्ड के पिछले कार्यकाल की तुलना में अमेरिका अब अधिक समृद्ध और सुरक्षित है। ट्रंप, पुतिन के सामने झुक गए। मैं और कमला हैरिस कभी ऐसा नहीं करते।   recent visitors 88