मुबारक गुल को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यहां विधानसभा के प्रो टेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता एवं विधायक मुबारक गुल को शनिवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के प्रो टेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलायी गयी। श्री गुल को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यहां विधानसभा के प्रो टेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई। श्री गुल सदन के नए अध्यक्ष के चयन और पदभार ग्रहण तक अस्थायी अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। वह विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को सदस्यता की शपथ दिलाएंगें। उसके बाद सदन नये अध्यक्ष का चुनाव करेगा। अधिकारियों के अनुसार, नये सदस्यों को 21 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे यहां विधानसभा भवन में सदस्यता की शपथ दिलाई जाएगी। उपराज्यपाल ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम की धारा के तहत गुल को अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया। श्री गुल श्रीनगर जिले के ईदगाह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार छठी बार चुने गए हैं। श्री गुल 1952 में जन्मे श्री गुल विधि स्नातक हैं। इससे पहले, वह 1983, 1986, 2002, 2008 और 2014 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुने गए थे। 1987 में, वह जम्मू-कश्मीर विधान परिषद के लिये चुने गये थे और 2013 में सर्वसम्मति से विधानसभा के अध्यक्ष चुने गये थे।   recent visitors 62

एक लाख रुपए रिश्वत लेते लेडी DPC अफसर को लोकायुक्त ने गिरफ्तार किया

इंदौर मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त का एक्शन जारी है. शुक्रवार को एक बार फिर इंदौर में बड़ी कार्रवाई हुई. लोकायुक्त की टीम ने जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा. कार्रवाई स्कूल संचालक दिलीप बुझानी की शिकायत के बाद हुई. उन्होंने आरटीआई एक्टिविस्ट संजय मिश्रा पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था. जानकारी के अनुसार, संजय मिश्रा ने दिलीप बुझानी से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. स्कूल की मान्यता से संबंधित जांच को रुकवाने का भरोसा दिया गया था. फरियादी दिलीप बुझानी ने शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई. लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराया. सत्यापन में शिकायत की सही पायी गयी. लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई. आज दिलीप बुझानी से 1 लाख रुपये की पहली किश्त लेते समय डीपीसी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया. गिरफ्तारी लोकायुक्त की टीम के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है. लोकायुक्त ने डीपीसी को रंगे हाथ किया गिरफ्तार भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की प्रतिबद्धता एक बार फिर साबित हुई है. लोकायुक्त ने डीपीसी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मामला दर्ज किया है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 सरकारी कर्मचारियों के रिश्वत मांगने या देने से संबंधित मामलों में लगाई जाती है. लोकायुक्त की जांच जारी है. रिश्वतखोरी के खिलाफ टीम की लगातार कार्रवाई बता दें कि भोपाल स्थित तकनीकी शिक्षा विभाग का जूनियर ऑडिटर रमेश हिंगोरानी लोकायुक्त की छापेमारी में काली कमाई का कुबेर निकला है. जूनियर ऑडिटर  के घर पर छापेमारी में 90 करोड़ रुपये की अधिक चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए. रमेश हिंगोरानी ने रियल स्टेट और ब्याज के कारोबार में भी रुपये निवेश कर रखे हैं. प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की लोकायुक्त टीम जांच कर रही है. माना जा रहा है कि जांच के बाद बड़ा खुलासा हो सकता है. recent visitors 66

न्यूजीलैंड के खिलाफ सरफराज खान ने मारा अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक

बेंगलुरु सरफराज खान ने शनिवार को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा। ऐसा करने में उन्हें सात पारियां लगीं। सरफराज ने 110 गेंदों में 13 चौके और तीन छक्के लगाकर यह पारी खेली। वह 154 गेंदों में 16 चौके और 3 छक्के की बदौलत 125 रन बनाकर नाबाद हैं उन्होंने शुभमन गिल की जगह ली, जो गर्दन की समस्या से जूझ रहे हैं। 26 वर्षीय सरफराज ने इस साल की शुरुआत में राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। कीवी टीम के खिलाफ पहली पारी में वे शून्य पर आउट हो गए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने शानदार वापसी की, जिससे यह 22वां मौका बन गया जब किसी भारतीय बल्लेबाज ने एक ही टेस्ट में शून्य और शतक बनाया। सलामी बल्लेबाजों के जल्दी-जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने विराट कोहली (70) के साथ तीसरे विकेट के लिए शतक से अधिक की साझेदारी की, लेकिन कोहली आउट हो गए। इसके बाद वे पंत (नाबाद 53) के साथ मिलकर अब तक 113 रन जोड़ चुके हैं। सरफराज ने इस महीने की शुरुआत में शेष भारत के खिलाफ ईरानी कप में मुंबई के लिए दोहरा शतक जड़ा था। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 15 शतक लगाए हैं।   recent visitors 83

पूर्व पार्षद की घर में गोली मारकर हत्या करने वाले, झोंकर के जंगलों से अरेस्ट

उज्जैन उज्जैन में पूर्व पार्षद और होटल व्यवसायी गुड्डू कलीम हत्याकांड के मुख्य आरोपी (छोटे बेटे) दानिश और उसकर साथी सोहराब झोकर के जंगलों से पकड़े गए हैं। मक्सी के आगे झोकर में सोहराब की नानी का घर है, आशंका है कि आरोपी इतने दिनों से वहीं छिपे हुए थे। पुलिस ने गुड्डू कलीम के समधी को भी हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। तीन दिन पहले पुलिस को दोनों आरोपियों की लोकेशन राजस्थान के अजमेर में मिली थी, जिसके चलते पुलिस की एक टीम दो दिनों से अजमेर में डेरा डाले हुए थी। लेकिन, बाद में मुखबिर से सूचना मिली कि दानिश और सोहराब मक्सी के आगे झोकर में हैं। टीआई विवेक कनोडिया ने बताया कि पुलिस टीम ने झोकर में जाकर तफ्तीश की, जहां सोहराब की नानी का घर है। पुलिस ने वहां दबिश दी, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जंगल में छिपे हुए हैं, पुलिस ने जंगल में पहुंचकर दानिश और सोहराब को गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड में इस्तेमाल की गई पिस्टल अब तक बरामद नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में तीन-चार और लोगों के शामिल होने की संभावना है। पुलिस ने गुड्डू कलीम के समधी, बड़े बेटे आसिफ उर्फ मिंटो के ससुर को भी संदेह के घेरे में लिया है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह हत्याकांड की साजिश में शामिल सातवां आरोपी है। पुलिस जल्द ही इस मामले का संपूर्ण खुलासा कर सकती है, जिसमें दो-तीन और आरोपी सामने आ सकते हैं। अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार 11 अक्टूबर की सुबह पूर्व पार्षद गुड्डू कलीम की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। सुबह 4.30 बजे दानिश ने घर में घुसकर सोते हुए अपने पिता गुड्डू को सिर में गोली मारकर हत्या की थी। हत्याकांड की साजिश में गुड्डू की पत्नी नीलोफर, बड़ा बेटा आसिफ उर्फ मिंटो, आसिफ के दोस्त सोहराब और जावेद शाह भी शामिल थे। इसके अलावा, पुलिस ने हत्या से पहले हत्या की कोशिश करने वाले इमरान उर्फ अभिषेक खान को भी गिरफ्तार कर लिया था। इमरान ने हत्या से एक सप्ताह पहले इंदौर रोड पर गुड्डू कलीम पर गोली चलाई थी। अब तक सभी मुख्य षड्यंत्रकारी और हत्या के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन कुछ और लोग जो पर्दे के पीछे थे, अब तक सामने नहीं आए हैं। recent visitors 131

अहिल्या माता और शिवाजी पर सियासत: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, नाम परिवर्तन पर टकराव

Politics on Ahilya Mata and Shivaji: Congress-BJP face to face, clash over name change इंदौर में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी (शिवाजी वाटिका) करने का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह कदम महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां के वोट बैंक को साधा जा सके। उनका कहना है कि यह देवी अहिल्या बाई होलकर की उपेक्षा है, जिन्होंने इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कांग्रेस बोली अहिल्या रेसीडेंसी नाम करना थारेसीडेंसी कोठी, जो लगभग 204 वर्ष पुरानी है और अंग्रेजी शासन के दौरान मालवा-निमाड क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता का केंद्र थी, का नामकरण शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने से कांग्रेस असहमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव ने भी सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना की और सुझाव दिया कि इसे देवी अहिल्या रेसीडेंसी कोठी नाम दिया जाना चाहिए था। गफ्फूर खां की बजरिया पर नहीं हुआ निर्णयसाथ ही, अन्य नामकरणों की भी बैठक में स्वीकृति दी गई, जिसमें फूटी कोठी ब्रिज का नाम सेवालाल महाराज ब्रिज और भंवरकुआं चौराहे का नाम टंट्या भील चौराहा रखा गया है। इसके अलावा, बीजेपी नेता वरुण पाल ने गफ्फूर खां की बजरिया का नाम बदलकर वीरांगना तुलसाबाई होलकर के नाम पर करने की मांग भी की थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों के अपने तर्कइस नामकरण विवाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत नामकरण के रूप में प्रस्तुत कर रही है। recent visitors 122

विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ भगवान शिव पर टिप्पणी पर इंदौर में केस दर्ज

इंदौर इंदौर के तुकोगंज थाने में श्योपुर के विधायक बाबू जंडेला के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। जंडेला की भगवान शिव पर की गई टिप्पणी से हिन्दूवादी संगठन नाराज थे और उन्होंने शुक्रवार रात को थाने का घेराव कर दिया था। भगवा ध्वज लेकर नारेबाजी करते हुए हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ता थाने पर प्रदर्शन करते रहे। आखिरकार पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। मंच से जुड़े पदाधिकारियों का कहना था कि जंडेला ने भगवान शिव के खिलाफ टिप्पणी कर हिन्दू समाज की भावनाएं भड़काई है। उन्हे जल्दी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। शुक्रवार रात को सैकड़ों कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए तुकोगंज थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि जंडेला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए। अफसरों ने कहा कि जंडेला के खिलाफ पहले ही संबंधित थाना क्षेत्र में प्रकरण दर्ज हो चुका है, लेकिन कार्यकर्ता अड़े रहे और रिपोर्ट नहीं लिखने पर सड़क पर बैठकर भजन गाने लगे। मंच से जुड़े वकील अनिल नायडू ने कहा कि उन्होंने विधायक की टिप्पण सोशल मीडिया पर देखी है।   इससे मेरी व मेरे साथियों की भावनाएं आहत हुई है, इसलिए इंदौर में भी प्रकरण दर्ज हो सकता था। थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने वरिेष्ठ अफसरों से बात की और विधायक बाबू जंडेला के खिलाफ धारा-299 के तहत केस दर्ज कर लिया। इसके बाद थाने के बाहर प्रदर्शन समाप्त हुआ और हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ता लौट गए। तीन दिन पहले विधायक जंडेला का पुतला भाजपा कार्यकर्ताअेां ने जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया था। recent visitors 62

Seminar on road and bridge construction की तकनीकों पर सेमिनार का आज शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री गडकरी व सीएम मोहन होंगे शामिल

भोपाल  सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन राजधानी के रवींद्र भवन भोपाल में किया जा रहा है। इस सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे।। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) और मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहयोग से होगा। सेमिनार के पहले दिन 19 अक्टूबर को उद्घाटन-सत्र में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। आज इन विषयों पर विमर्श सेमिनार के पहले दिन प्रमुख चर्चाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग, और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। ईपीसी अनुबंधों पर होगी विस्तृत चर्चा दूसरे दिन 20 अक्टूबर को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। यह है उद्देश्य सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों से समयबद्ध और टिकाऊ अधोसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। इस सेमिनार में सरकारी और निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इससे प्रदेश की अधोसंरचना परियोजनाओं को नई दिशा और मजबूती मिल सकेगी। कार्यक्रम से पूर्व सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस दो दिवसीय सेमिनार से मध्यप्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। recent visitors 82