प्रत्येक मोबाइल उपयोगकर्ता एक कंटेंट निर्माता और प्रसारक है : केंद्रीय मंत्री मुरुगन

नई दिल्ली  सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने यहां कहा कि प्रत्येक मोबाइल उपयोगकर्ता एक कंटेंट निर्माता और प्रसारक है और उनके द्वारा साझा की गई जानकारी की सत्यता सुनिश्चित करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के अवसर पर ‘प्रसारण क्षेत्र में उभरते रुझान और प्रौद्योगिकी’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुरुगन ने कहा कि विषय-वस्तु उभरती प्रसारण क्रांति में “नायक” का स्थान रखती है और अच्छी गुणवत्तापूर्ण विषय-वस्तु उपलब्ध कराने वाला कोई भी व्यक्ति सफल होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) क्षेत्र को बढ़ावा देने और फिल्म निर्माताओं को देश भर में मौजूद प्रतिभाओं और स्थानों का उपयोग करते हुए ‘भारत में शूटिंग’ करने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते मुंबई में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है। मुरुगन ने कहा कि जब कोई व्यक्ति समाचार या सूचना प्रकाशित करता है तो उसका यह दायित्व है कि वह उसे प्रमाणित करे, सत्यापित करे और सुनिश्चित करे कि वह सही है। मंत्री ने कहा, “हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। हर मोबाइल उपयोगकर्ता और प्रसारक को प्रसारण से पहले ध्यान से सोचना चाहिए कि कहीं इस खबर से किसी के निजी जीवन पर असर तो नहीं पड़ेगा, कहीं यह खबर देश के खिलाफ तो नहीं है।” मुरुगन ने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कमजोर आबादी के समावेश को सुनिश्चित करने के लिए प्रसारण सेवाओं तक उनकी पहुंच में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू ने 5जी की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से जब इसे संवर्धित वास्तविकता और आभासी वास्तविकता जैसी इमर्सिव प्रौद्योगिकियों के साथ जोड़ा जाए।   recent visitors 80

बुधनी और विजयपुर में 13 नवम्बर को होगा मतदान, सम्पूर्ण सीमाक्षेत्र में लागू रहेगी आदर्श आचार संहिताः सुखवीर सिंह

भोपाल सीईओ सुखवीर सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा क्षेत्र में उप निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। घोषणा के साथ ही सीहोर जिले की सम्पूर्ण सीमाक्षेत्र में आदर्श आचार संहिता पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है। उन्होंने दल पदाधिकारियों से आदर्श आचार संहिता का शब्दशः पालन करने की अपील की। उन्होंने दल पदाधिकारियों को बताया कि उप निर्वाचन के लिए 18 से 25 अक्तूबर तक नाम-निर्देशन पत्र भरे जाएंगे। नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्तूबर को होगी और 30 अक्तूबर तक नाम-निर्देशन पत्र वापस लिये जा सकेंगे। मतदान 13 नवंबर को एवं मतगणना 23 नवंबर को होगी। सीईओ सिंह ने बताया कि बुदनी विधानसभा क्षेत्र में 363 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। बुधनी में मतदाता बता दें कि सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2 लाख 76 हजार 591 मतदाता हैं, जिसमें 1 लाख 33 हजार 280 महिला मतदाता और 1 लाख 43 हजार 111 पुरूष मतदाता हैं। थर्ड जेण्डर 06 और सर्विस वोटर्स 194 हैं। उप निर्वाचन कार्यक्रम 18 अक्तूबर को उप निर्वाचन के गजट नोटिफिकेशन के साथ नाम-निर्देशन पत्र भरने की प्रक्रिया होगी शुरू, 25 अक्तूबर- नाम-निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख, 28 अक्तूबर- नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा, 30 अक्तूबर- नाम वापसी की अंतिम तारीख, 13 नवंबर – मतदान दिवस, 23 नवंबर मतगणना होगी। विजयपुर में 327 एवं बुधनी में हैं 363 मतदान केंद्र सीईओ सुखवीर सिंह ने बताया कि विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 327 एवं बुदनी विधानसभा क्षेत्र में 363 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। विजयपुर एवं बुधनी में मतदाता उन्होंने बताया कि श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2 लाख 54 हजार 750 मतदाता हैं, जिसमें 1 लाख 21 हजार 01 महिला मतदाता और 1 लाख 33 हजार 554 पुरुष मतदाता हैं। थर्ड जेण्डर मतदाता 02 और सर्विस वोटर्स 103 हैं। इसी प्रकार सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2 लाख 76 हजार 591 मतदाता हैं, जिसमें 1 लाख 33 हजार 280 महिला मतदाता और 1 लाख 43 हजार 111 पुरूष मतदाता हैं। थर्ड जेण्डर 06 और सर्विस वोटर्स 194 हैं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे, विवेक श्रोतिय, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी से एसएस उप्पल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जेपी धनोपिया, आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान एवं बहुजन समाज पार्टी से पूर्णेंद्र अहिरवार उपस्थित रहे। उप निर्वाचन कार्यक्रम – 18 अक्टूबर को उप निर्वाचन के गजट नोटिफिकेशन के साथ नाम-निर्देशन पत्र भरने की प्रक्रिया होगी शुरू – 25 अक्टूबर – नाम-निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख – 28 अक्टूबर – नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा – 30 अक्टूबर – नाम वापसी की अंतिम तारीख – 13 नवम्बर – मतदान दिवस – 23 नवम्बर – मतगणना दिवस recent visitors 103

महाधर्मप्रांत ने 1,353 लोगों को 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमत

लॉस एंजिल्स संयुक्त राज्य अमेरिका में सैकड़ों लोगों का बचपन में यौन शोषण करने वाले कैथोलिक पादरी की शर्मनाक हरकत देश की सबसे बड़ी लॉस एंजिल्स की महाधर्मप्रांत को भारी पड़ी है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार महाधर्मप्रांत ने ऐसे 1,353 लोगों को 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमत हो गई है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, यह किसी महाधर्मप्रांत का सबसे अधिक भुगतान है। लॉस एंजिल्स में यौन शोषण के मामलों की संचयी कुल राशि 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक है। 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने करने के समझौते की घोषणा  वादी पक्ष और महाधर्मप्रांत के वकीलों ने संयुक्त बयान में की। आर्कबिशप जोस एच. गोमेज ने बयान में कहा कि वह हर एक घटना के लिए लोगों से माफी चाहते हैं। आशा है यह समझौता सताए गए इन पुरुषों और महिलाओं की पीड़ा को कुछ कम करेगा। बिशपअकाउंटेबिलिटी.ओआरजी के अध्यक्ष टेरेंस मैककिर्नन ने कहा कि सबसे पहले 2007 में 508 लोगों के मुकदमों में 660 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति हुई थी। तब से एक निगरानी समूह पादरियों के दुर्व्यवहार की रिपोर्टों पर नजर रखता है।     recent visitors 70

BSP को प्रतिदिन घटते जनाधार का सामना करना पड़, अब उपचुनाव बड़ी चुनौती

लखनऊ लोकसभा चुनाव में जीरो पर आउट हो चुकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सामने उपचुनाव में अपना कुनबा बढ़ाने की एक बड़ी चुनौती आ गई है। पार्टी को प्रतिदिन घटते जनाधार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बसपा के लिए अपने प्रभाव को बचाने के लिए जरूरी हो गया है कि इस उपचुनाव में दलित वोटों के बीच अपनी पैठ को एक बार फिर से साबित करे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिन नौ सीटों पर अभी उपचुनाव होने जा रहे हैं, उनमें से एक भी सीट पर बसपा का खाता नहीं खुला था। बसपा ने महज बलिया की रसड़ा सीट पर जीत दर्ज की थी। अब अगर 2022 के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो बसपा आंबेडकर नगर की कटेहरी सीट पर तीसरे नंबर पर आई थी। यहां उनके प्रत्याशी प्रतीक पांडेय को 58,186 वोट मिले। इस सीट पर सपा के लालजी वर्मा ने जीत दर्ज की थी। मीरापुर विधानसभा में बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। उसके उम्मीदवार को 23,733 वोट मिले थे। इस सीट पर रालोद के उम्मीदवार चंदन चौहान ने जीत दर्ज की थी। गाजियाबाद में भी बसपा तीसरे नंबर पर थी। यहां उसके उम्मीदवार को 32,554 वोट मिले थे। यहां पर भाजपा के उम्मीदवार अतुल गर्ग को जीत मिली थी। कुंदरकी विधानसभा में भी बसपा तीसरे स्थान पर रही। उसके उम्मीदवार को 42,645 वोट मिले थे। कानपुर के सीसामऊ सीट पर बसपा चौथे नंबर पर थी। इस सीट से पार्टी के उम्मीदवार को महज 2,891 वोट मिले थे। जबकि यहां से सपा के हाजी इरफान सोलंकी ने जीत दर्ज की थी। मैनपुरी की करहल सीट पर बसपा प्रत्याशी 15,643 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर था। यहां से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी। उनके सांसद चुने जाने बाद इस सीट पर चुनाव हो रहा है। इसी तरह मिर्जापुर की मझवां सीट पर भी बहुजन समाज पार्टी तीसरे नंबर पर आई थी। उसके उम्मीदवार को 52,825 वोट मिले थे। यहां से निषाद पार्टी के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। खैर सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर थी। पार्टी के उम्मीदवार को 64,996 वोट मिले थे। इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार अनूप प्रधान ने जीत दर्ज की थी। फूलपुर में 32,869 वोटों के साथ बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। यह सीट भाजपा ने जीती थी। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उपचुनाव बसपा के सामने बड़ा मौका लेकर आया है। अकेले दम पर मैदान में उतरकर अपने कुछ सीटों पर उम्मीदवार भी उतारे हैं। उनके जो भी उम्मीदवार हैं वो जातीय समीकरण के सटीक हैं। नौ में से कुछ सीटें ऐसी हैं जहां पर बसपा का जनाधार ठीक रहा है। मझवां सीट पर बसपा कई बार जीत दर्ज कर चुकी है। इसी तरह मीरापुर और कटेहरी सीट बसपा के लिए ज्यादा मुफीद रही है। लेकिन वर्तमान समय में चुनाव दर चुनाव में मिली हार की वजह से उसकी हालत पतली है। बसपा को इस चुनाव में सिद्ध करना होगा। मत प्रतिशत बढ़ाकर जनाधार साबित करना होगा। इस चुनाव के जरिए ही बसपा दलित मतदाताओं का सही आकलन भी कर सकेगी। हालांकि, बसपा पहले उपचुनाव से दूरी बनाती थी। लेकिन इस बार बहुत पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी दल के साथ गठबंधन किए ही पार्टी अकेले दम पर मैदान में है। हालांकि, पार्टी के पास लीडरशिप का भी संकट है। इस कारण यह चुनाव उसके लिए बड़ी चुनौती है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल कहते हैं कि उपचुनाव में हमारी पार्टी अकेले दम पर मैदान में है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सीट जीतकर बहन जी के हाथों को मजबूत करें। चुनाव को लेकर लगातार नेताओं की छोटी बड़ी जनसभाएं चल रही हैं। हमने कटेहरी से अमित वर्मा मझवां से दीपू तिवारी, फूलपुर में शिव बरन पासी को उम्मीदवार बनाया गया है। बचे हुए नाम एक दो दिन में आ जाएंगे। जहां-जहां चुनाव है वहां चौपाल और जनसभाएं चल रही हैं। बसपा सुप्रीमो ने कोऑर्डिनेटरों से अपने-अपने क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर कैंप करने का निर्देश दिया है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा मीडिया हमको लड़ाई में नहीं दिखाती है। जबकि हमारी तैयारी सभी दलों से बहुत पहले से है। कार्यकर्ता पूरी दम से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर का मीडिया हौव्वा खड़ा कर रही है। ज्ञात हो कि यूपी में निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 18 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर होगी। 28 अक्टूबर को नामांकन की जांच के बाद नाम वापसी की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर होगी। मतदान 13 नवंबर और मतगणना 23 नवंबर को होगी।     recent visitors 73

चुनाव आयोग राजनीतिक दलों की जाने वाली मुफ्त योजनाओं के वादे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए, SC में एक और याचिका दाखिल

नई दिल्ली  चाहे बस यात्रा हो या फिर राशन की व्यवस्था। हर राज्य में होने वाले चुनाव के समय राजनीतिक दलों द्वारा ऐसी योजनाओं को फ्री में देने का ऐलान किया जाता है। जब राजनीतिक दल की चुनाव में जीत होती है तो मुफ्त की सरकारी योजनाओं को राज्य में लागू भी किया जाता है। देश के कई राज्य ऐसे हैं, जहां इस समय जनता के लिए फ्री योजनाएं चल रही हैं। हालांकि, अब ऐसी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है कि देश के कई राज्यों में चल रही सभी मुफ्त की सरकारी योजनाएं बंद हो जाएंगी। आइये जानते हैं क्या सही में ऐसा कुछ होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में चुनाव के दौरान फ्रीबीज (चुनावी रेवड़ियों) के वादे को लेकर एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि चुनावों के दौरान किसी भी तरह के फ्री वादे को रिश्वत करार दिया जाए। साथ ही चुनाव आयोग को इलेक्शन के दौरान राजनीतिक दलों के द्वारा की जाने वाली मुफ्त योजनाओं के वादे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पीठ ने इस याचिका को अन्य लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया है। पीठ ने याचिकाकर्ता को छूट देते हुए कहा कि वो सभी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई के लिए अनुरोध कर सकता है। देश में बीते कुछ समय में चुनाव के समय फ्री योजनाओं को देने की मांग ने जोर पकड़ा है। लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनावों तक इसकी गूंज सुनाई दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने कुछ यूनिट फ्री बिजली और मुफ्त पानी देने का वादा किया। इसके अलावा कांग्रेस ने भी कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान इसी तरह के वादे किए। वहीं, भाजपा शासित राज्यों में भी मुफ्त सरकारी योजनाएं चल रही हैं। फ्रीबीज (चुनावी रेवड़ियों) के वादे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही कई याचिकाएं लंबित हैं। पूर्व चीफ जस्टिस एनवी रमना, पूर्व सीजेआई जस्टिस यूयू ललित की पीठ पहले ही फ्रीबीज मामले में सुनवाई कर चुकी है। हाल ही में डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की है।     recent visitors 78

Sameer Wankhede जल्द ही शिंदे गुट में शामिल हो कर लड़ सकते हैं मुंबई की धारावी सीट से चुनाव

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि चर्चित आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े जल्द ही शिवसेना में शामिल होने वाले हैं। जानकारी के अनुसार वानखेड़े महायुति के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्हें धारावी सीट से टिकट थमाया जा सकता है। धारावी की पहचान एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती के तौर पर होती है। यहां से समीर वानखेड़े की उम्मीदवारी से पार्टी को एक नई दिशा मिलने की संभावना है। उनकी एंट्री से राजनीतिक परिदृश्य में नए समीकरण बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वानखेड़े की छवि एक सख्त अधिकारी के तौर पर है। वानखेड़े ने 2 अक्टूबर, 2021 को मुंबई तट के पास लक्जरी जहाज, कॉर्डेलिया क्रूज पर ड्रग्स का भंडाफोड़ करने के लिए छापेमारी की थी और शाहरुख खान के बेटे आर्यन सहित ग्लैमर जगत के 17 से अधिक लोगों को पकड़ा था। आर्यन खान ने एक महीना जेल में बिताया, और रिहाई के बाद, एक उच्च-स्तरीय एनसीबी जांच ने निष्कर्ष निकाला कि वह निर्दोष था और उसे उस मामले में फंसाया गया था। आपको बताते चलें, महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 20 नवंबर को चुनाव होंगे, जबकि 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए एक लाख से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि ईसीआई दोनों राज्य में समावेशी और सुलभ चुनावों के जरिए सुचारू मतदान अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राजीव कुमार ने बताया था कि महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में 9.63 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 4.97 करोड़ पुरुष वोटर हैं, जबकि 4.66 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 1.85 करोड़ युवा वोटरों की उम्र 20 से 29 साल के बीच है। वहीं, 20.93 लाख वोटर पहली बार मतदान में हिस्सा लेंगे। 12.43 लाख वोटरों की उम्र 85 साल से अधिक है। इसके साथ ही ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या भी 6,031 है।     recent visitors 100

जय श्री राम के नारे से द्वेष है वो सिर्फ रामद्रोही ही नहीं बल्कि, देशद्रोही भी हैं : विनोद बंसल

नई दिल्ली  विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने  कहा, जिन्हें जय राम के नारे से द्वेष है वो सिर्फ रामद्रोही ही नहीं बल्कि, देशद्रोही भी हैं। उन्होंने कहा, विडंबना देखिए, अभी तक कुछ लोगों द्वारा राम जन्मभूमि और राम मंदिर का विरोध होता था, अब राम के नाम का भी विरोध भारत में होने लग गया है। राम के इस देश में कुछ लोगों ने जैसे ‘राम’ को ही प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने कहा, कुछ जिहादी तत्व ऐसे हैं, अगर उनके सामने जय राम का नारा लगा दिया तो उनका इस्लाम खतरे में आ जाता है। हमले पर उतारू हो जाते हैं, चाकूबाजी कर देते हैं। लेकिन, जो भारतीय हैं उनके पूर्वज राम ही हैं। अपने पूर्वजों को नकारने वाला भारतीय संस्कृति का नहीं हो सकता है। ऐसा संप्रदाय किस काम का जो जय राम के नारे से आहत हो जाए। उन्होंने कहा, राजनेता के बारे में समझ में आता है कि वह जय राम के नारे से आहत होता है क्योंकि, उसे अपनी कुर्सी के जाने का डर रहता है। हम लोगों को किसी मस्जिद से जय राम का नारा लगाने की जरूरत नहीं है। लेकिन, अगर नारा लगा दिया तो क्या उसे जान से मार दिया जाएगा। क्या उसे झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। यह बिल्कुल ठीक नहीं है।     recent visitors 176