कनाडा में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के भीतर सांसदों का एक ग्रुप जस्टिन ट्रूडो पर पद छोड़ने के लिए दबाव बना रहा

ओटावा भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी ही पार्टी के सांसदों का उन पर भरोसा नहीं रहा है। कनाडा में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के भीतर सांसदों का एक ग्रुप जस्टिन ट्रूडो पर पद छोड़ने के लिए दबाव बना रहा है।  सूत्रों के हवाले से बताया है कि टोरंटो और मॉन्ट्रियल में हाल ही में हुए उप-चुनावों में हार के बाद असंतोष चरम पर पहुंच गया है, जिसके कारण असंतुष्ट सांसदों के बीच कई गुप्त बैठकें हुईं। ये सांसद प्रधानमंत्री पद से जस्टिन ट्रूडो को हटाना चाहते हैं और नेतृत्व में बदलाव के लिए कम-से-कम 20 नेताओं ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। इसी साल जून महीने में टोरंटो-सेंट पॉल उपचुनाव में ट्रूडो की पार्टी आश्चर्यजनक हार हुई थी, जिसके बाद से ही उनकी पार्टी में जबरदस्त असंतोष पनप रहा है। संसद की वापसी के साथ यह अशांति और बढ़ गई और मॉन्ट्रियल उपचुनाव में हार के बाद और भी बढ़ गई। एशिया में हाल ही में हुए शिखर सम्मेलन में ट्रूडो और उनके चीफ ऑफ स्टाफ कैटी टेलफोर्ड की अनुपस्थिति ने निराश सांसदों को बैठक करने और आगे की रणनीति बनाने का मौका दे दिया। इससे पहले, टोरंटो स्टार के शुक्रवार के एक पुराने आर्टिकल में भी 52 वर्षीय ट्रूडो पर पद छोड़ने के लिए सार्वजनिक रूप से दबाव डालने की कोशिशों के बारे में विस्तार से बताया गया था। अखबार ने बताया कि कम-से-कम 30 से 40 सांसद एक पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। ट्रूडो पर दबाव बनाना चाहते हैं लिबरल पार्टी के सांसद हालांकि, आर्टिकल में बताई गई संख्या से असल आंकड़े कुछ कम हो सकते हैं। ट्रूडो की लिबरल पार्टी के पास कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स में 153 सीटें हैं। असहमति जताने वाले नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित इस दस्तावेज को पारंपरिक पत्र के बजाए एक प्रतिज्ञा के रूप में बताया गया है, जिसका उद्देश्य ट्रूडो के इस्तीफे के लिए सांसदों से प्रतिबद्धता हासिल करना है, ताकि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से विरोध होने पर एक बाध्यकारी समझौता बनाया जा सके। दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले एक सांसद ने सीबीसी को बताया, "यह एक इंश्योरेंस पॉलिसी है। हमें पीएमओ से दबाव बढ़ने से पहले ही कार्रवाई करनी थी।" वहीं, कनाडा की ट्रेड मिनिस्टर मैरी एनजी, जो ट्रूडो के साथ लाओस से कनाडा वापस आ रही हैं, ने कहा कि वह सांसदों की योजना के बारे में पढ़कर निराश हैं, और उन्हें प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है। निज्जर की हत्या के बाद ट्रूडो ने उगला था जहर बता दें कि पिछले साल कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरीदप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत को लेकर काफी जहर उगला था। उन्होंने संसद में बोलते हुए इस हत्या का कनेक्शन भारत से कर दिया था। 18 जून, 2023 को कनाडा के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गइ्र थी। इसके बाद ट्रूडो ने इस हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाया। हालांकि, इसे तुरंत भारत ने खारिज कर दिया। इसके बाद भारत और कनाडा के रिश्ते बिगड़ गए थे। इस साल कनाडा की संसद ने निज्जर की हत्या के एक साल पूरे होने पर श्रद्धांजलि भी दी थी। recent visitors 66

प्रदर्शन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन का आज 10वें दिन, डॉक्टर अनुस्तूप मुखर्जी की बिगड़ी तबीयत

कोलकाता पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अनशन पर बैठे डॉक्टर अनुस्तूप मुखर्जी को पेट दर्द के बाद शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन रविवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुखर्जी को शनिवार देर रात कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती कराया गया। वह पिछले 48 घंटों में अस्पताल में भर्ती होने वाले तीसरे जूनियर डॉक्टर हैं। मुखर्जी से पहले डॉ. अनिकेत महतो और डॉ. आलोक वर्मा क्रमशः आरजी कर अस्पताल और नॉर्थ बंगाल मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराए गए। मालूम हो कि पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के बैनर तले डॉक्टर्स 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चिकित्सकों ने 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया, जिसमें महिला डॉक्टर की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा और सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की गिरफ्तारी शामिल है। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम को हटाने की भी मांग की है। जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल, कल्याणी के लगभग 77 डॉक्टरों ने रविवार को जूनियर डॉक्टरों की मांगें नहीं माने जाने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की धमकी दी। 8 सरकारी अस्पतालों से जुड़े सैकड़ों सीनियर डॉक्टर, शिक्षक और प्रोफेसर पहले ही जूनियरों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए सामूहिक इस्तीफा पत्र पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। समूहों में वे एस्प्लेनेड में प्रदर्शनकारियों के साथ प्रतीकात्मक उपवास में भी शामिल हुए हैं।   विरोध प्रदर्शन पर बंगाल सरकार का क्या कहना पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सीनियर डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफे का कोई कानूनी मूल्य नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंद्योपाध्याय ने राज्य सचिवालय नबन्ना में कहा, 'इन सामूहिक इस्तीफों का कोई कानूनी मूल्य नहीं है। इस्तीफा नियोक्ता और कर्मचारी के बीच विशिष्ट सेवा नियमों के संदर्भ में चर्चा का विषय है। अगर कोई व्यक्ति सरकारी सेवा से इस्तीफा देना चाहता है, तो दिए गए सेवा नियमों के अनुसार व्यक्ति को नियोक्ता को लिखना होगा। इस तरह के सामान्य पत्र की कोई कानूनी मान्यता नहीं है।' इस बीच, शहर के 4 और निजी अस्पतालों (बीएम बिड़ला, वुडलैंड्स, पीयरलेस और कोठारी) के डॉक्टरों ने आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों की मांगों के समर्थन में सोमवार और मंगलवार को गैर-जरूरी सेवाओं से दूर रहने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति को छोड़कर बाहरी सहित सभी गैर-आपातकालीन कार्य इन 2 दिनों में नहीं होंगे और भविष्य की कार्रवाई पर 15 अक्टूबर को निर्णय लिया जाएगा। recent visitors 96

जेजे अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने गर्भपात के खिलाफ अपने विचार रखे थे, HC ने दे दी 29 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 साल की एक रेप पीड़िता को मेडिकल बोर्ड के ओपीनियन के खिलाफ 29 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत दे दी है। जेजे अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने गर्भपात के खिलाफ अपने विचार रखे थे। जस्टिस सारंग कोटवाल और नीला गोखले की बेंच ने कहा, पीड़िता की सुरक्षा और इच्छा किसी अन्य चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण है। बता दें कि पीड़िता की प्रेग्नेंसी 24 सप्ताह की सीमा को पार कर चुकी थी। इसके बाद पीड़िता की मां ने हाई कोर्ट का रुख किया। पीड़िता के मां-बाप दिहाड़ी मजदूर हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि एक जानने वाले शख्स ने ही जुलाई में उसके साथ रेप किया था। 1 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा और पॉक्सो के तहत केस दर्ज किया गया था। उस वर्क वह 27 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी। 9 अक्टूबर को डॉक्टरों के बोर्ड ने पाया कि 19.1 हफ्ते के बाद भ्रूण में कोई समस्या नहीं थी। बोर्ड ने कहा कि अगर नाबालिग का गर्भपात किया जाता है तो उसके स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। ऐसे में फिजिकली और मेंटली फिट रहने के लिए गर्भपात करवाना सही नहीं है। वहीं पीड़िता की मां के वकील ने कोर्ट में कहा कि प्रेग्नेंसी पूरी होने में अभी 8 से 9 सप्ताह का वक्त है। ऐसे में संभव है कि बच्चा स्वस्थ और जीवित पैदा हो। उन्होंने पैदा होने वाले बच्चे को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि उसके स्वस्थ्य रहने की भी संभावना कम है। जजों ने इस बात पर गौर किया। कोर्ट ने कहा कि अगर प्रेग्नेंसी बनाए रखने से पीड़िता के स्वास्थ्य को खतरा है तो गर्भपात सही है। कोर्ट ने यह भी देखा कि पीड़िता गरीब परिवार से है और अभी बच्चे की परवरिश भी उसके लिए मुश्किल काम है। ऐसे में वह भी गर्भपात करवाने के ही पक्ष में है। जजों ने कहा, पीड़िता की सुरक्षा सबसे बड़ा निर्णायक बिंदु है। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिए हैं कि अगर बच्चा जिंदा पैदा होता है तो उसकी परवरिश का इंतजाम किया जाए और फिर किसी को गोद दे दिया जाए। recent visitors 94

मंडियों में धान की खरीद न होने के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, सरकार को दिया अल्टीमेटम, चक्का जाम से लोग परेशान

चंडीगढ़ धान खरीद को लेकर किसानों ने पूरे पंजाब में अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन किया। कहीं हाईवे जाम किया तो कहीं रेल की पटरियों पर बैठकर अपना रोष प्रदर्शन किया। उड़मुड़ टांडा में जालंधर-जम्मू हाईवे जाम कर के दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने धान की खरीद सही ढंग से करने की आवाज उठाई। जत्थेबंदी के राज्य प्रधान जंगवीर सिंह चौहान और महासचिव पृथपाल सिंह गुराया के नेतृत्व में दानामंडी आढ़ती एसोसिएशन, शैलर मालिकों और मजदूरों ने मिलकर पंजाब तथा केंद्र सरकार के खिलाफ बिजली घर चौक नजदीक करीब 12 बजे सड़क जाम कर रोष प्रदर्शन किया। घड़ी। इस मौके पर प्रधान चौहान ने कहा कि वह दोनों सरकारों से बार-बार अपील कर रहे हैं कि धान की सरकारी खरीद लगातार की जाए। लेकिन जब भी एसकेएम पंजाब चंडीगढ़ जाकर संघर्ष का आह्वान करता है, फिर खरीद शुरू होती है बाद में फिर से बंद कर दी जाती है। नहीं हुई धान खरीद उन्होंने विरोध जताते हुए कहा कि 15 दिन का सीजन लगभग खत्म हो चुका है, जबकि खरीद नहीं हुई है और उठान की भी कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि इसके उलट सरकार किसानों मज़दूरों आढ़ती तथा शेलर मालिकों को धोखा दे रही है। किसान किसान मंडियों में खराब हो रहे हैं। उन्होंने सीएम भगवंत सिंह मान से अपील की कि वह दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बातचीत कर इस मुद्दे का तुरंत समाधान निकालें। जालंधर में हाईवे जाम संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से धान खरीद के चलते रविवार को पूरे पंजाब में 12 बजे से 3 बजे तक सड़क जाम और धरने दिया गया, वहीं धर्मकोट में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने मोगा जालंधर नेशनल हाईवे पर धरना दिया और हाईवे को जाम कर दिया। किसानों ने हाईवे और रेल ट्रैक किया जाम गुरदासपुर और बटाला में भी मंडियों में धान की खरीद शुरू नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रविवार को किसानों ने गुरदासपुर के बब्बरी बाइपास पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक अमृतसर-पठानकोट हाईवे जाम कर धरना दिया। इसके अलावा बटाला में रेलवे ट्रैक पर 12.30 बजे से लेकर 2.30 बजे तक धरना लगाया गया। किसानों के धरने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बटाला में धरने के कारण दिल्ली-पठानकोट और अमृतसर-कादियां ट्रेन रद करनी पड़ी। गुरदासपुर में हाइवे जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बसों में सवार यात्रियों को पैदल ही शहर की तरफ जाने के लिए विवश होना पड़ा, जिसके चलते वे किसानों को कोसते देखे गए। गौर हो कि जिले में लगभग आधी मंडियों में अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है, जिससे किसानों में गुस्सा है। यात्री गुरमेज सिंह ने बताया कि वे अमृतसर से पठानकोट जाने के लिए बस में सवार हुए थे। बब्बरी बाइपास पहुंचने पर पता चला कि किसानों ने धरना लगा दिया है। अब पैदल ही बस स्टैंड की तरफ जाना पड़ रहा है ताकि आगे जाने के लिए बस पकड़ी जा सके। किसान यूनियनों का चब्बेवाल-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर धरना कस्बा चब्बेवाल एवं जियाण मंडी के समीप चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर किसानों ने जाम लगा दिया। जाम के दौरान धरना स्थल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसान निर्मल सिंह भीलोवाल एवं किसान परमजीत सिंह पम्मा भीलोवाल ने बताया कि धान की खरीद के संबंध में जो आज दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक पंजाब बंद का संदेश था उसी के समर्थन में रविवार यहां चब्बेवाल मुख्य मार्ग पर धरना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि शैलर मालिक यदि सरकार से धान नहीं लेना चाह रहे तो इसका मतलब है कि सरकार का शैलर मालिकों के साथ तालमेल सही नहीं है और किसान इसके लिए पंजाब सरकार को दोषी मानते हैं। किसान संगठनों ने दिया धरना फरीदकोट, जैतो और कोटकपूरा में भी शैलर मालिकों व आढ़तियों की चल रही हड़ताल के चलते मंडियों में धान की खरीद में आ रही परेशानी के चलते किसान संगठनों, शैलर मालिकों, आढ़तियों व मजदूर संगठनों द्वारा संयुक्त तौर पर फरीदकोट में सादिक चौक पर धरना देकर तीन घंटे तक रोड जाम किया गया। उल्लेखनीय है कि शैलर मालिकों और सरकार के बीच धान को लेकर सहमति न बन पाने और अपनी मांग को लेकर आढ़तियों की हड़ताल के कारण मंडियों से धान की फसल का की खरीद प्रक्रिया सही तरीके से नहीं चल पा रही है। जिसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक सादिक चौक में सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर कौमी किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदर सिंह गोलेवाला, क्रांतिकारी किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष भुपिंदर सिंह चहल, बीकेयू डकौंदा के जोरा सिंह भाणा, कुल हिंद किसान सभा के सुखजिंदर सिंह सहित अन्य किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार व केंद्र सरकार द्वारा शैलरों में पड़े चावल को न उठाने के कारण यह पूरी समस्या पैदा हुई है। recent visitors 86

गुजरात में कैदी ने पहली मंजिल पर शौचालय के वेंटिलेटर से बंधी रस्सी से फांसी लगा ली

हिम्मतनगर गुजरात में नाबालिग से रेप करने के आरोप में जेल में बंद एक आरोपी ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने पहली मंजिल पर शौचालय के वेंटिलेटर से बंधी रस्सी से फांसी लगा ली। उस समय अन्य कैदी नाश्ते के लिए लाइन में लगे थे। गुजरात में एक विचाराधीन कैदी के फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि 24 साल के एक विचाराधीन कैदी ने गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर उप जेल में एक बैरक के शौचालय में फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना शनिवार सुबह हुई और बाद में दिन में हिम्मतनगर बी-डिवीजन पुलिस थाने की स्टेशन डायरी में यह घटना दर्ज की गई। हिम्मतनगर जिला कारागार के जिला जेल अधीक्षक जेजी चावड़ा ने कहा कि विपुल मथासुलिया ने शनिवार सुबह बैरक की पहली मंजिल पर शौचालय के वेंटिलेटर से बंधी रस्सी से फांसी लगा ली। उस समय अन्य कैदी नाश्ते के लिए लाइन में लगे थे। मथासुलिया पर एक नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप था। उस पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि वह जुलाई से उप जेल में बंद था। अधिकारी ने कहा कि मथासुलिया द्वारा ऐसा कदम क्यों उठाया गया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शव को फोरेंसिक पोस्टमार्टम के लिए अहमदाबाद भेजा गया है और दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है। recent visitors 77

रूस में मध्य प्रदेश की एमबीबीएस छात्रा की मौत, मोहन यादव ने पीड़ित परिवार को दिया आश्वासन, लाया जायेगा शव वापस

भोपाल रूस में सड़क दुर्घटना में मध्य प्रदेश की रहने वाली एमबीबीएस छात्रा की मौत के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि उनकी बेटी का पार्थिव शरीर वापस लाया जाएगा। छात्रा के परिवार ने प्रदेश सरकार से अंतिम संस्कार के लिए शव वापस लाने की अपील की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार शव वापस लाने के लिए हर संभव मदद करेगी। एक अधिकारी ने बताया कि सीएम मोहन यादव ने राज्य गृह विभाग को निर्देश दिया है कि वह केंद्र सरकार से पीड़ित परिवार की मदद करने और शव लाने का अनुरोध करे। उन्होंने बताया कि विभाग ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर आवश्यक सहायता मांगी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीएम मोहन यादव ने लिखा, “मध्य प्रदेश सरकार ने रूस में अध्ययन कर रही कुमारी सृष्टि शर्मा के शव को भारत वापस लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।” परिवार के सदस्यों के अनुसार छात्रा के साथ यह दुखद घटना तब घटी जब कार का टायर अचानक गाड़ी से अलग हो गया, जिससे खिड़की खुल गई और छात्रा जमीन पर गिर गई। कार ने गिरने के बाद उसे कई मीटर तक घसीटा जिससे उसके सिर सहित कई जगहों पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित ने कार से सफर करने के दौरान सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। दुर्घटना में ड्राइवर और कार में बैठे अन्य मेडिकल छात्र सुरक्षित बच गए। सृष्टि रूस के उफा में बश्किर विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थी।   recent visitors 72

भारत की असली परीक्षा आज, सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला हर हाल में जीतना होगा

शारजाह विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2024 का 18वां मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में दोनों के महामुकाबला खेला जाएगा। डिफेंडिंग चैंपियंस ऑस्ट्रेलिया विजय रथ पर सवार है। वह टी20 वर्ल्ड कप में लगातार 14 मैच जीत चुकी है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए मुकाबला जीतना आसान नहीं होगा। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए यह मुकाबला हर हाल में जीतना होगा। भारतीय टीम पहला मैच न्यूजीलैंड से हारी थी। इसके बाद उसने पाकिस्तान और श्रीलंका को हराया। वह वर्तमान में अंक तालिका में दूसरे नंबर पर हैं। न्यूजीलैंड की टीम 4 अंक के साथ तीसरे नंबर पर है। पाकिस्तान के खिलाफ उसे आखिरी ग्रुप स्टेज मैच खेलना है। भारत को करना होगा चमत्कार भातरीय महिला टीम अगर इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को 61 रन या उससे ज्यादा के अंतर से हरा देती है तो वह टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। ( अगर भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए 150 रन बनाए।) बैशाखी के सहारे स्टेडियम पहुंची एलिसा हीली ऑस्ट्रेलिया टीम की कप्तान एलिसा हीली को पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान चोट लग गई थी। उनकी पिंडली में खिंचाव आ गया था। भारत के खिलाफ मैच से पहले वह बैशाखी पर दिखीं। वह मैच खेलेंगी या नहीं अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। भारत का स्क्वाड शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, सजीवन सजना, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, आशा सोभना, रेणुका ठाकुर सिंह, यास्तिका भाटिया, दयालन हेमलता, राधा यादव, पूजा वस्त्रकार। ऑस्ट्रेलिया का स्क्वाड बेथ मूनी, एलिसा हीली (विकेटकीपर/कप्तान), एलीस पेरी, एशले गार्डनर, फोबे लिचफील्ड, जॉर्जिया वेयरहैम, ताहलिया मैकग्राथ, एनाबेल सदरलैंड, सोफी मोलिनक्स, मेगन स्कट, तायला व्लामिनक, डार्सी ब्राउन, अलाना किंग, ग्रेस हैरिस, किम गर्थ। भारत के लिए मैच अहम सेमीफाइनल में पहुंचने की लिहाज से यह मुकाबला हरमनप्रीत कौर की टीम के लिए बेहद अहम है। भारतीय टीम पहला मैच न्यूजीलैंड से हारी थी। इसके बाद उसने पाकिस्तान और श्रीलंका को हराया। वह वर्तमान में अंक तालिका में दूसरे नंबर पर हैं। न्यूजीलैंड की टीम 4 अंक के साथ तीसरे नंबर पर है। पाकिस्तान के खिलाफ उसे आखिरी ग्रुप स्टेज मैच खेलना है। आज भारत को चमत्कार करना होगा। recent visitors 90