जल्द ही उसलापुर से छूटेंगी नर्मदा, रीवा और भोपाल एक्सप्रेस, बिलासपुर रेलवे स्टेशन का दवाब होगा कम

बिलासपुर बहुत जल्द यात्रियों को बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस, बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस, बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस समेत कटनी रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करने उसलापुर स्टेशन जाना पड़ेगा। रेल प्रशासन इसका प्रपोजल भी तैयार कर रहा है। हालांकि, रेलवे की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। मगर, बिलासपुर रेल मंडल में इसकी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उसलापुर शहर का दूसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन को विकसित भी किया जा रहा है। आधे से ज्यादा कार्य हो चुके हैं। बचे कार्य जल्द पूरा हो जाएंगे। वहीं, बिलासपुर स्टेशन का भी कायाकल्प हो रहा है। 435 करोड़ खर्च कर रेलवे इस स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत जोनल स्टेशन का नया मॉडल भी बना लिया गया है। इस मॉडल पर गौर करें, तो पुरानी बिल्डिंग के सामने एक नई लाइन बिछाई जाएगी। यह पुरानी लाइन से जुड़ेगी। लाइन विस्तार के लिए ट्रेनों की आवाजाही रोकना जरूरी लाइन विस्तार तभी संभव है, जब पुरानी लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन बंद रहे। रेलवे इसकी तैयारी भी कर रही है। जोनल स्टेशन में तीन प्लेटफार्म छह, सात और आठ ऐसे हैं, जहां कटनी रेलखंड की ट्रेनें छूटती हैं। इन ट्रेनों में नर्मदा, रीवा, भोपाल एक्सप्रेस के अलावा बिलासपुर-शहडोल, बिलासपुर-चिरमिरी पैसेंजर जैसी ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों का परिचालन उसलापुर स्टेशन में शिफ्ट किए बिना लाइन विस्तार का कार्य संभव नहीं है। इसलिए रेलवे इस पर जोर दे रही है। बमुश्किल तीन से चार महीने में इस स्टेशन से इन ट्रेनों का परिचालन की उम्मीद है। रेलवे का मानना है कि जब तक अधिक से अधिक ट्रेनों का स्टापेज या परिचालन प्रारंभ नहीं होगा, उस स्टेशन का कद नहीं बढ़ेगा। इसी के तहत पिछले साल रायपुर से आने वाली ट्रेनों का स्टापेज उसलापुर किया गया है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेन सीधे दाधापारा से उसलापुर पहुंचती हैं। इससे इंजन बदलने का झंझट भी खत्म हुआ है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर दवाब होगा कम बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर अधिक ट्रेनों की ठहराव की वजह से कहीं न कहीं जोनल स्टेशन में ट्रेनों का दबाव रहता है। इसी दबाव के चलते ट्रेनों को आउटर पर भी रोकना पड़ता है। कई बार मेल, आजाद हिंद एक्सप्रेस को दाधापारा रेलवे यार्ड में रोका गया है। हालांकि, यह स्थिति केवल जोनल स्टेशन में प्लेटफार्म पर जगह नहीं होने के कारण होती है। यदि कटनी रेलमार्ग की इन ट्रेनों को उसलापुर स्टेशन से रवाना किया जाता है और वापसी में इसी स्टेशन में परिचालन समाप्त किया जाता है, तो जोनल स्टेशन में काफी हद तक दबाव कम होगा। उसलापुर में अभी हो रहा है 17 ट्रेनों का ठहराव उसलापुर रेलवे स्टेशन में अभी 17 ट्रेनों का ठहराव है। इनमें आठ नियमित ट्रेनें हैं। अन्य ट्रेनें साप्ताहिक हैं। इन ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी। इससे यात्री भी बढ़ जाएंगे। इसे देखते हुए ही रेल प्रशासन सुविधाओं में विस्तार कर रहा है। recent visitors 57

भोपाल से रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन का संचालन16 जनवरी से शुरू होगा

 भोपाल  उत्तर प्रदेश प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर जहां एक तरफ प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तो वही दूसरी तरफ पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। जिसके लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई हैं।  स्पेशल ट्रेनों का संचालन इंदौर से 21 जनवरी 2025 से होगा। तो वही रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से शुरू होगा। जिसको लेकर रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। महाकुंभ  26 फरवरी तक चलेगा। 45 दिन तक चलने वाले इस  महाकुंभ मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे। जिसको देखते हुए रेलवे ने महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ऐसे होगा स्पेशल ट्रेनों का संचालन 1- रानी कमलापति-बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से 20 फरवरी तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को संचालित होगी। ट्रेन रानी कमलापति से सुबह 11:10 बजे प्रस्थान करेगी। शाम को जबलपुर और अगले दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुंचेगी। 2- बनारस-रानीकमलापति स्पेशल ट्रेन (01662) से 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन भोर में जबलपुर और फिर आरकेएमबी सुबह 11:30 बजे पहुंचेगी। 3- सोगरिया-बनारस स्पेशल ट्रेन (09801) 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन सोगरिया स्टेशन से सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन सुबह 10.15 बजे बनारस पहुंचेगी। 4- बनारस-सोगरिया स्पेशल ट्रेन (09802) 18 जनवरी से 19 फरवरी तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस स्टेशन से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन दोपहर 15:45 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इन स्टेशनों से गुजेरेगी गाड़ी रानी कमलापति-बनारस-रानी कमलापति कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रानीकमलापति, मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज, बुदनी, नर्मदापुरम, इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी एवं सोगरिया-बनारस-सोगरिया कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रूठियाई जंक्शन, गुना, अशोक नगर, मूंगावली स्टेशन से होकर गुजरेगी। महाकुंभ मेला में जाने के लिए अंचल के यात्रियों को दपूमरे की स्पेशल ट्रेन का भी लाभ मिलेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेल (दपूमरे) तीन महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन अंचल के अन्य जिलों के श्रृद्धालुओं के लिए उपयोगी होगी। दपूमरे की बिलासपुर-प्रयारागज छिवकी-वाराणसी स्पेशल ट्रेन (08253/54) रायपुर, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी होकर चलेगी। इसके अतिरिक्त रायगढ़-वाराणसी (08251/52) और दुर्ग-वाराणसी (08791/92) स्पेशल ट्रेन बिलासपुर-अनूपपुर-शहडोल, उमरिया, कटनी होकर संचालित होगी   recent visitors 39

रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया

भोपाल कड़ाके की ठंड के मौसम में आर्थिक रूप से कमजोर रेलवे यात्रियों के लिए रेलवे ने स्पेशल इंतजाम किया है। रेलवे ने लोगों को बैठकर यात्रा करने के लिए जनरल कोच बढ़ाने का फैसला लिया है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया है। इन 28 ट्रेनों में अब 2 की बजाय 4 जनरल कोच(Railways increased genral coaches) होंगे। भोपाल रेल मंडल ने बताया कि सामान्य कोच में सफर करने वाले रेल यात्रियों की संया को देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। 28 ट्रेनों में बढ़ी जनरल कोच की संख्या -11466/11465 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस -22181/22182 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना एक्सप्रेस -12192/12191 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस -12121/12122 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस -11449/11450 जबलपुर-श्री माता वैष्णव देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस -12194/12193 जबलपुर-यशवंतपुर-जबलपुर एक्सप्रेस -12189/12190 जबलपुर-हजरत निज़ामुद्दीन-जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस -12160/12159 जबलपुर-अमरावती-जबलपुर एक्सप्रेस -19822/19821 कोटा-असारवा-कोटा एक्सप्रेस -19813/19814 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -19807/19808 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस -22192/22191 जबलपुर-इंदौर-जबलपुर ओवर नाइट एक्सप्रेस -11464/11463 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस recent visitors 65

पश्चिम मध्य रेलवे ने 14 जोड़ी रेलगाड़ियों में सामान्य श्रेणी के कोचों की संख्या अब अनिवार्य रूप से 04 कर दी

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा रेलवे सामान्य श्रेणी के यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से रेलगाड़ियों में द्वितीय सामान्य श्रेणी के कोचों की संख्या में विस्तार किया गया है। इससे सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेल से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली 14 जोड़ी यानि 28 महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों में सामान्य श्रेणी के कोचों की संख्या अब अनिवार्य रूप से 04 कर दी गई हैं। जिन गाड़ियों में जनरल कोच लगे है उनमें:- भोपाल मंडल सहित मध्य प्रदेश की इन ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ाई     गाड़ी संख्या 19822/19821 कोटा-असारवा-कोटा एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 19813/19814 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 19807/19808 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 22192/22191 जबलपुर-इंदौर-जबलपुर ओवर नाइट एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 11464/11463 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस (वाया इटारसी),     गाड़ी संख्या 11466/11465 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस (वाया कटनी मुड़वारा),     गाड़ी संख्या 22181/22182 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12192/12191 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12121/12122 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर एमपी सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 11449/11450 जबलपुर-श्रीमाता वैष्णव देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12194/12193 जबलपुर-यशवंतपुर-जबलपुर एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12189/12190 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12160/12159 जबलपुर-अमरावती-जबलपुर एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। इन सभी गाड़ियों में 4 -4 जनरल कोच लगाने से साधारण श्रेणी के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। recent visitors 100

वैक्यूम ट्यूब और प्रेशराइज्ड व्हीकल तकनीक से न्यूयॉर्क-लंदन का सफर मात्र 54 मिनट में होगा पूरा, 19 ट्रिलियन डॉलर का सपना होगा पूरा?

वॉशिंगटन अमेरिका और यूके के बीच हवाई यात्रा करने में 8 घंटे का समय लगता है। लेकिन कल्पना कीजिए यह यात्रा आप एक ही घंटे में पूरी कर सकें। एक प्रस्तावित ट्रांसअटलांटिक टनल न्यूयॉर्क और लंदन को जोड़ेगी और यह भविष्य की एक शानदार योजना हो सकती है। 4828 किमी लंबी ट्रांस-अटलांटिक ट्रेन सुरंग बनाने का कॉन्सेप्ट सामने आया है। संभव है कि किसी दिन टेक्नोलॉजी इतनी आगे पहुंच जाए कि यह कॉन्सेप्ट सच हो जाए। यह प्रस्ताव नया नहीं है, लेकिन इसके निर्माण की लंबाई और आवश्यक धनराशि के कारण इसे एक बार असंभव माना गया था। वैक्यूम ट्यूब टेक्नोलॉजी से लेकर प्रेशर व्हीकल का विकास हुआ है। ऐसे में एक बड़ी कीमत के साथ यह कॉन्सेप्ट सच साबित हो सकता है। हवाई यात्रा से दोनों शहरो के बीच 8 घंटे के सफर की तुलना में सिर्फ 54 मिनट का सफर पूरा करना बेहद आकर्षक लग सकता है। लेकिन इसकी लागत ही सुरंग बनने के रास्ते का रोड़ा है। बनाने में कितना आएगा खर्च इस सुरंग की अनुमानित लागत 19.8 ट्रिलियन डॉलर है। फ्रांस और इंग्लैंड को जोड़ने वाली चैनल टनल 37.8 किमी लंबी है, जो छह साल में बनकर तैयार हुई। लेकिन न्यूयॉर्क और लंदन को जोड़ने वाली इस सुरंग को बनाने में बहुत अधिक समय और धन लगेगा। यह पर्यावरण के अनुकूल भी हो सकता है और हवाई यात्रा से होने वाले भारी वायु प्रदूषण में कटौती कर सकता है। वहीं जिस तरह की ट्रेनों का कॉन्सेप्ट दिया गया है उसके रास्ते में हवा प्रतिरोध नहीं होगा, जिस कारण इसकी गति 4828 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। वैक्यूम के कारण तेज चलेगी ट्रेन? यह टेक्नोलॉजी सुपरलूप ट्रेनों की तरह है, जिसका स्विस इंजीनियरों ने परीक्षण किया और दावा किया कि यह यात्रा का भविष्य बदल सकता है। वर्षों से कई और लोगों ने हाइपरलूप ट्रेन विकसित करने की कोशिश की है, जिसमें नाकामयाबी मिली है। सबसे बड़ी बाधा वैक्यूम सिस्टम, कैप्सूल प्रोपल्शन सिस्टम, स्केलेबिलिटी, सुरक्षा और आर्थिक व्यवहार्यता को बनाए रखना शामिल है। recent visitors 58

ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने रेलवे धौलपुर से बीना के बीच ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बना रहा , अब गति होगी 160 किमी

भोपाल रेल प्रशासन ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में वंदेभारत, शताब्दी व राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 160 किमी होगी। इससे भोपाल व दिल्ली जाने वाले यात्रियों के 25 से 30 मिनट तक की बचत होगी। अभी दिल्ली से आगरा तक रेल ट्रैक की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा की है। यहां गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेन 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही है। वंदेभारत व शताब्दी एक्सप्रेस भी इसी स्पीड से इस सेक्शन में दौड़ रही है। धौलपुर से बीना तक 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ रही हैं। ट्रेनों की स्पीड बाधित न इसके लिए बाउंड्रीवाल बन रही हाईस्पीड सहित एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड बाधित न हो इसके लिए झांसी मंडल के अंतर्गत धौलपुर से बीना के बीच रेल ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बनाने का काम चल रहा है जहां अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी है। बताया जा रहा है लगभग 200 किमी रेल ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल नहीं है। जिसके चलते मवेशी ट्रेनों की चपेट में आ जाते हैं। इससे ट्रेनों की स्पीड बाधित होती है। ट्रैक पर लगाए जा रहे दिशा बदलने वाले स्विच झांसी मंडल ने रेलवे ट्रैक पर टीडब्ल्यूएस (थिक वेब स्विच) लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लगने पर ट्रेनों की स्पीड के साथ सुरक्षा भी बढ़ेगी। साथ ही आने वाले दिनों में ट्रेनों की स्पीड 130 से बढ़कर 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार तक हो जाएगी। साथ ही लूप लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों की स्पीड 30 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 50 किमी तक हो जाएगी। समय बचेगा: भारतीय रेल मिशन 160 किमी. प्रति घंटे पर कार्य कर रही है. वर्तमान में एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की गति 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा कर दी गई है. वहीं, शताब्दी, वंदेभारत, गतिमान और राजधानी जैसी ट्रेनों की गति को 130 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा करने की योजना है. इसके लिए रेलवे ट्रैक को मजबूत और तकनीक को अपग्रेड कर रहा है. गति बढ़ने से दिल्ली और भोपाल जैसे प्रमुख गंतव्यों के यात्रियों का यात्रा समय 25 से 30 मिनट तक कम हो जाएगा. ट्रैफिक नहीं रोकना होगा: वर्तमान में रेल दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में यातायात को रोकना पड़ता है, लेकिन तीसरी लाइन के शुरू होने से ट्रेनों को इस अतिरिक्त लाइन पर डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे यातायात बाधित नहीं होगा. ओवर ट्रैफिक में कमी: तीसरी लाइन ओवर ट्रैफिक की समस्या को दूर करेगी। फिलहाल, एक ट्रेन रुकने पर पीछे की ट्रेनों को भी रोकना पड़ता है। नई लाइन बनने से ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनों को डायवर्ट करके सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा। यात्री ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ेगी: तीसरी लाइन पर मालगाड़ियों का संचालन होने से यात्री ट्रेनों के संचालन में अधिक गति और पंक्‍चुलिटी होगी. बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार, 130 से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा गति करने का है लक्ष्य 412 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर चल रहा काम : बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश राज्य में पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार के लगभग 412 किलोमीटर लंबे ग्रैंड कॉर्ड रेलवे ट्रैक पर काम चल रहा है. प्रधानखंटा से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक 412 किलोमीटर में से 231 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है. पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 200 किलोमीटर में से 110 किलोमीटर रेलवे ट्रैक फेंसिंग का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा किया जा चुका है. शेष 90 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर शीघ्र ही पूरा कर लिया जायेगा. धनबाद रेल मंडल में आने वाले 175 किलोमीटर ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड में सें 25 किलोमीटर लंबे घाट सेक्शन छोड़कर शेष 150 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग की जानी है. इनमें से अब तक 121 किलोमीटर का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा हो चुका है. बाकी बचे 29 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर अगस्त 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है. कई ट्रेनों को मिलेगा हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा : गोमो. रेल पटरी के दोनों ओर फेंसिंग का कार्य पूरा होते ही ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर कई ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जायेगी. वहीं कई ट्रेनों को हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा मिल जायेगा. जानकारी के अनुसार ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस तथा दुरंतो एक्सप्रेस को पहले हाई स्पीड का दर्जा प्राप्त था. इसे चलाने के लिए दो लोको पायलट मेल को डयूटी पर लगाया जाता था. रेलवे ने करीब डेढ़ से दो साल पहले उक्त ट्रेनों से हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा छीन लिया. इस कारण इन ट्रेनों में अब एक लोको पायलट मेल के साथ एक सहायक लोको पायलट को डयूटी पर लगाया जा रहा है. क्योंकि रेलवे अब 130 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार से चलने वाली ट्रेन को ही हाई स्पीड ट्रेन मान रहा है. रेल पटरी के दोनों ओर फेंसिंग कार्य पूरा होते ही ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का रफ्तार बढ़ा कर हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा दे दिया जायेगा. मालूम हो कि झांसी की ओर राजधानी एक्सप्रेस 140 किमी/घंटे के रफ्तार से फर्राटे भर रही है.   recent visitors 150

महू से यह प्रति बुधवार और शनिवार को बांद्रा की ओर रवाना होगी स्पेशल ट्रेन

इंदौर  शीतकालीन अवकाश के दौरान ट्रेनों में यात्री दबाव अत्यधिक होता है। इसके चलते लंबी वेटिंग शुरू हो जाती है। रतलाम मंडल द्वारा इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों में वेटिंग कम करने के लिए 11 दिसंबर से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। महू-बांद्रा के बीच चलने वाली यह ट्रेन 11 दिसंबर से दो जनवरी तक दोनों ओर से सात-सात फेरे लगाएगी। महू से यह प्रति बुधवार और शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन की बुकिंग सोमवार से शुरू हो जाएगी। महू से बुधवार और शनिवार को चलेगी महू-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल (09302) ट्रेन बुधवार और शनिवार को रात नौ बजे महू से रवाना होकर 9.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। यहां से देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम होकर अगले दिन दोपहर 12.30 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 11 दिसंबर से एक जनवरी तक संचालित होगी। बांद्रा से गुरुवार और रविवार को चलेगी इसी तरह बांद्रा टर्मिनस-महू स्पेशल (09301) ट्रेन प्रति गुरुवार और रविवार दोपहर 3.45 बजे रवाना होगी अगली सुबह 6.50 बजे इंदौर और 7.30 बजे महू पहुंचेगी। यह ट्रेन 12 दिसंबर से 2 जनवरी तक संचालित होगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम, वड़ोदरा, भरूच, उधना, वापी और बोरीवली में ठहरेगी। ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकंड क्लास कोच होंगे। फतेहाबाद स्टेशन पर तीन लिफ्ट शुरू रतलाम मंडल के फतेहाबाद-चंद्रावतीगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए तीन लिफ्ट रविवार से शुरू हो गई। लिफ्ट का शुभारंभ सांसद शंकर लालवानी और अनिल फिरोजिया ने किया। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनी इन लिफ्ट में 20 यात्रियों को ढोने की क्षमता है। लिफ्ट शुरू होने से वरिष्ठ व बीमार यात्रियों को एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने में सुविधा होगी। वहीं आम यात्रियों को भी भारी सामान लेकर आने-जाने में सहूलियत होगी। कार्यक्रम में डीआरएम रजनीश कुमार सहित अन्य रेल अफसर मौजूद थे। recent visitors 61