तुर्की ने सीरिया और इराक में किया भीषण हमला, 13 की मौत

अंकारा  तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की सेना ने उत्तरी इराक और उत्तरी सीरिया में अभियान चलाकर 13 ‘आतंकवादियों’ को मार गिराया है।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उत्तरी इराक में तुर्की के ऑपरेशन क्लॉ-लॉक में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के 11 सदस्य मारे गए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में तुर्की ने देश की सीमा के पास उत्तरी इराक के मेतीना, जैप और अवाशिन-बसयान क्षेत्रों में पीकेके के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन क्लॉ-लॉक शुरू किया था। मंत्रालय ने कहा कि उत्तरी सीरिया में एक अलग ऑपरेशन में तुर्की की सेना ने सीरियाई कुर्द पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (वाईपीजी) के दो सदस्यों को मार गिराया। मंत्रालय के अनुसार, वाईपीजी सदस्यों को तुर्की सेना के ऑपरेशन पीस स्प्रिंग क्षेत्र में देखा गया था। तुर्की अधिकारी अक्सर अपने बयानों में ‘निष्प्रभावी’ (न्यूट्रलाइज्ड) शब्द का प्रयोग यह दर्शाने के लिए करते हैं कि संबंधित ‘आतंकवादियों’ ने आत्मसमर्पण कर दिया, मारे गए या पकड़ लिए गए। तुर्की सेना, पीकेके और वाईपीजी के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इराक और सीरिया में सीमा पार ऑपरेशन चला रही है। तुर्की सेना ने पड़ोसी देश के साथ अपनी सीमा पर वाईपीजी-फ्री जोन बनाने के लिए उत्तरी सीरिया में 2016 में ऑपरेशन यूफ्रेट्स शील्ड, 2018 में ऑपरेशन ओलिव ब्रांच, 2019 में ऑपरेशन पीस स्प्रिंग और 2020 में ऑपरेशन स्प्रिंग शील्ड शुरू किया था। तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध पीकेके ने तीन दशकों से अधिक समय तक तुर्की सरकार के खिलाफ विद्रोह किया है। तुर्की वाईपीजी समूह को पीकेके की सीरियाई शाखा के रूप में देखता है।   recent visitors 63

तुर्की के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र से कहा- इजरायल को रोका जाए

तेल अवीव  तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने गाजा और लेबनान में इजरायल के हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। एर्दोगन ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अगर गाजा और लेबनान में इजरायल के हमलों को रोकने में कामयाब नहीं हो रही है तो फिर इससे आगे बढ़ते हुए कदम उठाए जाएं। इजरायल नहीं रुक रहा है तो संयुक्त राष्ट्र महासभा को तुरंत 1950 में पारित प्रस्ताव के मुताबिक इजरायल के खिलाफ सेना के इस्तेमाल की सिफारिश करनी चाहिए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अंकारा में एक कैबिनेट बैठक के बाद एर्दोगन ने कहा, 'अगर सुरक्षा परिषद जरूरी इच्छाशक्ति नहीं दिखाती है, तो संयुक्त राष्ट्र महासभा को बल के उपयोग की सिफारिश करने के अधिकार को तेजी से लागू करना चाहिए। एर्दोगन ने कहा कि गाजा में इजरायल ने भारी तबाही मचाई और अब वही लेबनान में शुरू हो गया है। ये सब रुकना बहुत ज्यादा जरूरी है।' 'दूसरे मुस्लिम देश भी बनेंगे इजरायल का निशाना' एर्दोगन ने इस दौरान कहा कि हमारे क्षेत्र में रहने वाले सभी मुस्लिम, यहूदी और ईसाइयों के लिए हम शांति की चाह रखते हैं। हम शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मुस्लिम दुनिया से एकजुट होने का आह्वान करते हैं। एर्दोगन ने कहा कि इजरायल का आक्रामक रवैया बढ़ता जा रहा है, अगर उसे जल्दी नहीं रोका गया तो उसके हमले दूसरे मुस्लिम देशों को भी निशाना बनाएंगे। उत्तर कोरिया के प्रतिनिधि किम सोंग ने भी इजरायल के हमलों की आलोचना की है। सोंग ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 79वें सत्र में कहा कि यह कल्पना करना भी मुश्किल लगता है कि एक देश (इजरायल) गाजा में भयानक नरसंहार करने के बाद भी किसी भी तरह की निंदा और मंजूरी से अछूता है। ऐसा उसको अमेरिका के संरक्षण की वजह से है। इजरायल ने लेबनान में शुरू किया जमीनी आक्रामण इजरायली रक्षा बलों ने लेबनान में भीषण बमबारी के बाद जमीनी हमला भी शुरू कर दिया है। मंगलवार को आईडीएफ ने कहा कि उसके सैनिकों ने हिजबुल्लाह की साइटों को टारगेट करने के लिए लेबनान की सीमा पार की है। आईडीएफ का कहना है कि उसकी सैनिक दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लक्षित जमीनी हमले कर रहे हैं। इयरायली सेना ने ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे लगता है कि आने वाले दिनों में हमले बढ़ सकते हैं। recent visitors 77