मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से हर घर तिरंगा अभियान के संबंध में दिए निर्देश

 सिंगरौली  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाड़ली बहना उत्सव तथा हर घर तिरंगा अभियान के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 25 हजार स्थानों में 10 अगस्त को बहनों के सम्मान का उत्सव आयोजित किया जाएगा। इस दिन लाड़ली बहना योजना के हितग्राही बहनों को 1250 रुपए तथा रक्षाबंधन पर्व के लिए 250 रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी। इस कार्यक्रम का जिला, विकासखण्ड, ग्राम पंचायत तथा सभी नगरीय निकायों के वार्डों में सजीव प्रसारण सुनिश्चित करें। इन स्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच, पार्षद आदि शामिल होंगे। सामारोह में अधिक से अधिक बहनों की भागीदारी सुनिश्चित करें। पूरे प्रदेश में रक्षाबंधन पर्व तक बहनों के सम्मान के कार्यक्रम लगातार आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में 11 अगस्त से 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। अभियान के लिए प्रशासनिक अधिकारी तिरंगे की व्यवस्था करेंगे। इसमें जनप्रतिनिधि भी पूरा सहयोग करें। राष्ट्रध्वज हम सबके लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। प्रत्येक शहर, कस्बे तथा गांव में तिरंगा रैली, तिरंगा यात्रा तथा अन्य आयोजन करके हर घर तिरंगा अभियान के लिए सकारात्मक वातावरण बनाएं। हर नागरिक को अपने घर में तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करें। स्वसहायता समूहों तथा पोस्ट आफिस में पर्याप्त मात्रा में तिरंगे उपलब्ध हैं। अभियान के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा शहीदों के परिजनों को सम्मानित करें। स्थानीय कलाकारों के माध्यम से तिरंगे की शान और देशभक्ति के गीतों के कार्यक्रम आयोजित कराएं। ध्वज संहिता का पालन करते हुए हर घर में तिरंगा फहराया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के लिए विभिन्न संचार माध्यमों में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराएं। सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें। सभी शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक संगठनों, खेल संगठनों, सामाजिक संगठनों तथा अन्य संगठनों को भी इस अभियान में शामिल करें। यह अभियान राष्ट्र के गौरव का अभियान है। हमने अनगिनत शहीदों के बलिदान और कठिन संघर्ष के बाद आजादी प्राप्त की है। नई पीढ़ी को भी शहीदों के बलिदान से अवगत कराने का माध्यम हर घर तिरंगा अभियान को बनाएं।  वीडियो कान्फ्रेंसिंग में  कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण का अभियान जारी रखें। यह वर्ष रानी दुर्गावती के 500वां जन्मवर्ष तथा रानी अहिल्याबाई का 300वां जन्मवर्ष है। इन्हें भी लाड़ली बहना उत्सव तथा हर घर तिरंगा अभियान में याद करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ तथा अतिवृष्टि से सुरक्षा के उपाय, जर्जर भवनों को नोटिस देकर गिराने के निर्देश दिए। पूरे प्रदेश में आगामी 26 अगस्त को पूरे उत्साह के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाएं। सभी कृष्ण मंदिरों तथा अन्य मंदिरों के परिसरों में विशेष साफ-सफाई कराकर आकर्षक सजावट कराएं। जिस तरह मथुरा में जन्माष्टमी मनाई जाती है उसी तरह पूरे प्रदेश में जन्माष्टमी मनाएं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मंत्रीगण, विधायक तथा सांसद एवं मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।  कलेक्ट्रेट एनआईसी केन्द्र से विधायक सिंगरौली राम निवास शाह, विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम, महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल, निगम अध्यक्ष  देवेश पाण्डेय, जनपद पंचायत देवसर के अध्यक्ष प्रणव पाठक, कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह नागेंश, नगर निगम आयुक्त डी.के शर्मा, महिला बाल विकास अधिकारी राजेश गुप्ता,  सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। recent visitors 76

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीसीसी स्थापित एवं विकसित करने हर संभव मदद और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को स्थापित एवं विकसित करने के लिए हर संभव मदद और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैंगलुरू में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश रोड-शो के दौरान जीसीसी पर राउंडटेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों और इन्वेस्टर्स को आश्वस्त किया कि बैंगलुरू जैसे टियर-1 शहर की सभी आवश्यकताएं एवं अनुकूलता प्रदेश के विभिन्न शहरों में विकसित की जाएगी। जीसीसी एवं उसके लिए आवश्यक सभी क्षेत्रों में समान रूप में अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे कि प्रदेश के जीसीसी को स्थापित होने के लिए अनुकूल ईको-सिस्टम मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीसीसी को प्रदेश में स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों से लगातार संवाद का क्रम जारी रहेगा। राउंड-टेबल मीटिंग में जीसीसी की स्थापना, अनुकूलता, संभावना और निवेश पर विस्तृत चर्चा की गई। बैंगलुरू एवं देशभर से प्रसिद्ध जीसीसी कंपनी के प्रतिनिधियों ने जीसीसी के लिए आवश्यक टैलेंट बिल्डिंग, अधोसंरचना, निवेश, इको सिस्टम, कोलेब्रशन, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर विकसित करने संबंधी विचार रखे और आवश्यक सुझाव दिए। मीटिंग में विभिन्न उद्योगपतियों सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें।   recent visitors 66

हथियार बंद बदमाशों से बचाई थी पिता की जान, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल करेंगे नारायणपुर की सुशीला को सम्मानित

जगदलपुर/नारायणपुर. नारायणपुर जिले के झारागाँव में बहादुर बेटी के द्वारा 8 हथियारबंद अज्ञात लोगों से लड़ कर अपने पिता सोमधर कोर्राम की जान बचाई, खबर के बाद राज्यपाल के द्वारा उक्त बहादुर बालिका का सम्मान करने के लिए राजभवन भुलाए जाने की बात भी कही है। बता दें कि नारायणपुर के झारागांव की बेटी सुशीला के पिता पर दो दिन पहले घर में रात के समय कुछ नकाबधारी हाथ मे कुल्हाड़ी व राइफल लेकर उसके पिता की खोज करने के लिए आये थे, जहां नही मिलने पर चेतावनी देकर चले गए, लेकिन 1 घंटे के बाद जब उसके पिता सोमधर कोर्राम घर आये तो फिर वही 8 लोग 4 मोटरसाइकिल में वापस घर आये और ग्रामीण के छाती पर कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया, घटना के तत्काल बाद ग्रामीण की बेटी सुशीला ने बिना हार माने उन हथियारबंद लोगों से बिना डरे अपने साहस का परिचय देते हुए नकाबपोशों के हाथ से कुल्हाड़ी छीनकर अपने घायल पिता को पहले दूसरे कमरे में बंद कर उसकी जान बचाने के साथ ही कुल्हाड़ी को फेंक कर शोरशराबा किया। आसपास के लोग मौके पर आ पहुंचे जिसके बाद नकाबपोश हथियारबंद मौके से भाग निकले, बेटी ने घायल पिता को पहले नारायणपुर के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन उसकी स्थिति को देखते हुए उसे मेकाज रेफर किया गया, इस खबर के प्रकाशित होने के बाद राज्यपाल रमेन डेका ने बच्ची के साहस की सराहना करते हुए बच्ची का राज भवन में सम्मान करने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि सशस्त्र अज्ञात लोगों से भिड़ कर बच्ची ने ना सिर्फ अपनी बहादुरी का परिचय दिया, बल्कि अपने घायल पिता की जान भी बचाई है, राज्यपाल डेका ने आज के समाचार पत्र में प्रकाशित नारायणपुर जिले में नक्सलियों से लड़कर अपने पिता की जान बचाने वाली साहसी बालिका की खबर को जानकर उसे राजभवन में बुलाकर सम्मानित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव हिना अनिमेष नेताम एवं राजभवन के सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। राजभवन बुलाकर करेंगे सम्मानित एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह नक्सल घटना नहीं लग रही है। आरोपित केवल कुल्हाड़ी आदि धारदार हथियार लेकर आए थे। पारिवारिक विवाद का मामला है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे। राज्यपाल रमेन डेका ने सुशीला को राजभवन बुलाकर सम्मानित करने के निर्देश दिए है। 8वीं कक्षा में पढ़ती है सुशीला झारागांव निवासी सुशीला आठवीं तक पढ़ी है। वह शिक्षक पिता की इकलौती संतान है। अस्पताल में सुशीला ने बताया कि 4 मोटरसाइकिल में सवार होकर सोमवार शाम 6 बजे 8 लोग उसके घर आए। पिता सोमधर के बारे में पूछा। उस समय उसके पिता नहीं थे। इसके बाद वे चले गये। करीब एक घंटे के बाद उसके पिता घर आ गये थे। वह बगल के घर में अपने मां के लिए सब्जी लेने गई थी। वापस लौटी तो देखा पिता पर कुछ लोग कुल्हाड़ी से वार कर रहे हैं। उसने फौरन हमलावर को पीछे धकेला और उसके हाथ से कुल्हाड़ी छीन ली। इस घटना में ग्रामीण को सीने में गंभीर चोट आई। सुशीला के अनुसार, शुक्रवार को उसके चाचा से पिता का जमीन को लेकर विवाद भी हुआ था। उसने बताया कि वह बकरा-बकरी चराती है और मां के साथ वनोपज संग्रह करने जंगल भी जाती है। recent visitors 128

दो बैग में मिली नशीली सिरप, छत्तीसगढ़-दुर्ग में एक तस्कर गिरफ्तार और दूसर फरार

दुर्ग. दुर्ग में रेलवे पुलिस नशे के कारोबार करने वाले के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में रेलवे यार्ड से नशीली सिरप की खेप बरामद की है। रेलवे पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक आरोपी पुलिस को देखकर फरार हो गया। आरोपी के पास से दो बैग भरे सिरप बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। दुर्ग जीआरपी प्रभारी भूपेंद्र राठौर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि रेलवे यार्ड में दो आरोपियों के द्वारा नशीली सिरप की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पुलिस टीम को एक्टिव किया गया। रेलवे यार्ड में दो युवक बैग लेकर घूमते दिखे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान एक आरोपी बैग छोड़कर फरार हो गया। वहीं, एक आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। बैग की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में अलग-अलग कंपनी की नशीली सिरप मिली। आरोपी की पहचान पाटन मिल पारा निवासी प्रेम प्रकाश नेताम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से 508 नशीली सिरप बरामद की है। जिसकी अनुमित कीमत 91 हजार बताई जा रही है। पुलिस एक फरार आरोपी को तलाश में जुटी है। recent visitors 70

वजन कम करना आसान और उसे मेनटेन रखना आसान काम नहीं, बिना सर्जरी-दवा डॉक्टर ने किया कायापलट

नई दिल्ली वजन कम करना आसान और उसे मेनटेन रखना आसान काम नहीं। यह बात हम 2024 ओलिम्पिक्स में रेसलर विनेश फोगाट के साथ हुई घटना से सीख चुके हैं। एथलीट्स के अलावा हर इंसान को अपने आपको फिट रखना जरूरी है। हमारे आसपास ऐसे कई ऐसे लोग हैं जिनकी वेट लॉस जर्नी हैरतंगेज होने के साथ प्रेरणा देने वाली है। ऐसी ही इंस्पायरिंग जर्नी है एक एनीस्थियोलॉजिस्ट डॉक्टर की। ट्विटर पर उन्होंने कई पोस्ट डाले हैं जिसमें गजब का ट्रांसफॉर्मेशन दिख रहा है। उन्होंने बताया है कि कैसे अपना 120 किलो वजन कम किया। इससे उनकी काया पलट गई। हैरानी की बात है कि उनकी रंगत में भी निखार है। डॉक्टर ने बताया है कि ऐसा क्यों और कैसे हुआ। बीमार और मोटी थीं डॉक्टर जब वेट लॉस की बात होती है तो कई लोगों को ये काम असंभव लगता है। जब हमें आसपास कोई उदाहरण मिल जाता है तो इच्छाशक्ति को थोड़ा बल मिलता है। ट्विटर पर Dr_Vee नाम से हैंडल है जिस पर वेट लॉस से जुड़े कई हैरान करने वाले पोस्ट हैं। एक पोस्ट में उन्होंने पहले और बाद की तस्वीर लगाकर लिखा है, एक डॉक्टर और इतने बीमार रहने वाले मोटे इंसान के तौर पर मैं इतना कह सकती हूं कि कभी-कभी वजन कम करना ही अकेला सॉल्यूशन होता है। सारी बीमारियां हुईं दूर डॉक्टर अपनी जर्नी के बारे में लिखती हैं, जब भी मैं अपनी डॉक्टर के पास हड्डी, स्किन या पीरियड की समस्या को लेकर जाती तो मुझसे हमेशा कहा जाता कि वजन नम करो। एक बार मैंने ऐसा कर लिया तो तबसे शरीर में दर्द से लेकर डार्क स्किन और इररेग्युलर पीरियड्स तक सब ठीक हो गया। मोटापे और पीसीओएस का कनेक्शन यह सिर्फ कॉमन सेंस नहीं बल्कि अगर PCOS जैसी चीजों की तरफ देखा जाए तो फिजियोलॉजी यही है कि एस्ट्रोजन फैट सेल्स से निकलता है इसलिए सिर्फ वजन कम करना ही आखिरी उपाय है। वजन की वजह से ही जोड़ों में प्रेशर पड़ता है। गले के आसपास की स्किन का काला होना एकेन्थोसिस नाइग्रेकेन्स (acanthosis nigricans) है जो कि इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से होता है। ये सारी चीजें इशारा करती हैं कि शरीर की हेल्थ ठीक नहीं है। कितने समय में कम किया वजन अपनी तस्वीरों के बारे में डॉक्टर ने लिखा है, हां ये दोनों तस्वीरों में मैं हूं और ये अनएडिटेड हैं। कोई बैरियाटिक सर्जरी या फैट लॉस गोली नहीं खाई है। वजन कम करने में 1 साल लगा और टोन्ड बॉडी पाने और इसको मेनटेन करने में कई महीने। 6-7 साल से इतना वजन मेनटेन कर रखा है। कैसे हुआ वेट लॉस कॉन्सेप्ट सिंपल है, आप जितनी कैलोरी खा रहे हैं उससे ज्यादा बर्न करनी है। डायट और एक्सरसाइज दोनों जरूरी हैं। डायट सबसे अहम है और एक ही फॉर्म्युला सबको सूट नहीं कर सकता। मेरी स्किन का कलर कैसे बदला? मैं जेनेटिकली डार्क रंग की नहीं हूं। जब 3 साल की उम्मर में मेरा वजन बढ़ना शुरू हुआ तो चेहरा और गर्दन डार्क होने लगे। मैंने खान-पान की आदतें बदलीं और एक्सरसाइज की तो ये रिवर्स हो गया। हॉरमोनल बैलेंस भी ठीक हो गया। कैसी है डायट डॉक्टर ने बताया है कि उन्होंने चावल खाने पूरी तरह से बंद कर दिए। सिर्फ मिलेट्स खाती हैं। डायट से शुगर और फ्राइड फूड्स हटा दिए और जल्दी खाने की सलाह दी। डॉक्टर ने बताया वह होल फूड्स, हाई फाइबर और प्रोटीन रिच डायट लेती हैं। बाहर के खाने में साउथ इंडियन खाती हैं। recent visitors 90

हर घर तिरंगा अभियान जिले में पूरी गरिमा के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाए- कलेक्टर नीरज कुमार सिंह

उज्जैन  उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जिले में स्वतंत्रता दिवस के पूर्व तिरंगा यात्राएं, तिरंगा रैली, तिरंगा मैराथन, तिरंगा संगीत कार्यक्रम, तिरंगा कैनवास, तिरंगा सेल्फि और तिरंगा मेले जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी । जिले में देशभक्ति की भावना पर केंद्रित तिरंगा यात्राएं ,दौड़/ मैराथन, बाइक-साइकिल -कार रैली भी जन भागीदारी से आयोजित की जाएंगी। हर घर पर तिरंगा लगाने ,तिरंगे के साथ डीपी लगाने के साथ ही वेबसाइटों पर तिरंगा बैनर लगाने की गतिविधियों को जन अभियान बनाया जाएगा। प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए  कि आगामी रविवार को प्रातः 10:30 बजे शहर में सागर स्टेडियम से शहीद पार्क तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएं। उन्होंने नगर निगम उज्जैन, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा विभाग आदि सभी विभागों को तिरंगा यात्रा में शामिल होने और सभी आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर नीरज सिंह ने परिवहन विभाग को ऑटो वाहन रैली निकाले जाने के संबंध में भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सिंह ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सभी ऐतिहासिक इमारतें, शासकीय भवनों और प्रमुख चौक-चौराहों पर रोशनी किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना, अपर कलेक्टर महेंद्र कवचे, अपर कलेक्टर अनुकूल जैन सहित सभी विभागों की जिलाधिकारी उपस्थित रहें।   recent visitors 92

सदन में आपका आचरण सबसे खराब है, चिल्लाने की हिम्मत कैसे की, सांसद पर भड़के जगदीप धनखड़

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य ठहराये जाने के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग को राज्यसभा में आसन की ओर से खारिज किए जाने के बाद विपक्ष ने गुरुवार को उच्च सदन से बहिर्गमन किया। इस दौरान विपक्ष के कुछ सदस्यों के अमर्यादित आचरण से दुखी होकर सभापति जगदीप धनखड़ यह कहते हुए आसन छोड़कर चले गए कि वह कुछ समय के लिए आसन पर बैठने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे हैं। सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और उसके बाद शून्यकाल आरंभ करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) अजीत गोपचड़े को अपना मुद्दा उठाने को कहा। इसके तुरंत बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्ष के कुछ सदस्य अपने स्थान पर खड़े हो गए और फोगाट को अयोग्य ठहराए जाने के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। हंगामे के बीच ही गोपचड़े अपना मुद्दा उठा रहे थे। इसी दौरान तृणमूल के डेरेक ओब्रायन कुछ कहते हुए सुने गए। सभापति ने जब हंगामा कर रहे सदस्यों की बात को अनसुनी कर दिया तो सदन में शोरगुल और तेज हो गया। विपक्षी सदस्यों की ओर से फोगाट के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी गई। सभापति ने इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को मौका दिया। उन्होंने कहा कि कल ही हमने यह मुद्दा उठाया था और यह बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा, 'यह मुद्दा व्यक्तिगत तौर पर किसी के लिए चिंता में डालने वाला नहीं है।' खरगे अभी बोल ही रहे थे कि सभापति ने उनसे पूछा कि वह कौन सा मुद्दा उठाना चाहते हैं। खरगे ने कहा कि फोगाट का मुद्दा। इस पर सभापति ने खरगे से पूछा कि क्या वह इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं? नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'चर्चा कीजिए…इसके पीछे कौन है? और कैसे केवल 100 ग्राम…।' सभापति ने खरगे को मुद्दा उठाने देने से रोकते हुए कहा कि वह इस सदन को ऐसे मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं करने देंगे। उन्होंने खरगे से कहा कि वह नियमों का उपयोग करें। इसी दौरान विपक्ष के सदस्यों का हंगामा शुरू हो गया। हंगामा देख सभापति ने डेरेक का नाम लेकर कहा कि वह आसन पर चिल्ला रहे हैं। उन्होंने डेरेक से कहा, 'सदन में आपका आचरण सबसे खराब है। आप आसन पर चिल्ला रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं। अगली बार मैं आपको दरवाजा दिखा दूंगा। आपने आसन पर चिल्लाने की हिम्मत कैसे की?' विपक्ष के नेता की ओर हाथ करते हुए सभापति ने कहा कि और वरिष्ठ नेता इस पर (डेरेक के आचरण पर) कोई ध्यान नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण आचरण है।'' इसी दौरान नारेबाजी करता हुआ समूचा विपक्ष सदन से बहिर्गमन कर गया। सभापति ने इस पर कहा, 'हमने सबसे बदसूरत दृश्य देखा है। हमने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का काला दौर देखा है। हम जानते हैं कि यह कैसे शुरू होता है। इसकी शुरुआत सबसे पहले संसदीय संस्थाओं को चुनौती देने से होती है। और यह चुनौती जून 1975 में दी गई थी। यहां एक गंभीर चुनौती थी। क्या कोई इस तरह का आचरण कर सकता है।' सभापति की इस टिप्पणी के बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने आसन को तकलीफ पहुंचाई और यह संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा, 'यह सच में निंदनीय है।' उन्होंने विशेषतौर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के आचरण की निंदा करते हुए कहा कि यह उनके लिए चिंतन करने वाला प्रश्न है। उन्होंने कहा, 'जहां तक विनेश फोगाट का सवाल है। यह पक्ष और विपक्ष का सवाल नहीं है। यह देश का सवाल है। सारा देश उनके साथ खड़ा है। यह भारतीय खेल को आगे बढ़ाने का विषय है, जिसमें सब लोग भावनात्मक तरीके से जुड़े हुए हैं और विनेश के साथ खड़े हैं।' उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विनेश को चैंपियन ऑफ चैंपियंस कहा है और यह भी कहा है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य इस बात का है इसको भी हम पक्ष और विपक्ष में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। शायद विपक्ष विषय विहीन हो चुका है। मुद्दा विहीन हो चुका है। कोई ठोस मुद्दा नहीं है उनके पास।' इसके बाद धनखड़ ने कहा कि इस पवित्र सदन को अराजकता का केंद्र बनाना, भारतीय प्रजातंत्र के ऊपर कुठाराघात करना, सभापति की गरिमा को धूमिल करना और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण वातावरण बनाना यह अब मर्यादित आचरण नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं हाल के दिनों में देख रहा हूं, जिस तरीके से आसन को चुनौती दी जा रही है। शब्दों से, पत्र के द्वारा, अखबार के माध्यम से…कितनी गलत टिप्पणी की है। मैंने देखा है। मेरे को यह चुनौती नहीं दी जा रही है। यह सभापति के पद को दी जा रही है। यह चुनौती है इसलिए दी जा रही है कि जो व्यक्ति इस पद पर बैठा है वह इसके लायक नहीं है, ऐसा यह सोचते हैं।'   recent visitors 111