Sunday, July 5, 2026 3:13 pm

हमास leader के बेटे ने कहा ‘इजरायल का एक्शन पूरी तरह जायज’

बेरुत इजरायली सेना हमास के बाद अब लेबनान में हिजबुल्लाह आतंकियों पर मौत बन कर बरस रही है. लेबनान पर इजरायल की तरफ से लगातार हिजबुल्लाह आतंकियों को निशाना बनाकर बमबारी की जा रही है. इस बमबारी में अब तक टॉप कमांडर नसरल्लाह के अलावा हिजबुल्लाह के कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं. इन हमलों में अबतक सैकड़ों नागरिकों की भी मौत हो चुकी है, जिसकी वजह से कई सारे देश इजरायल की आलोचना कर रहे हैं. लेकिन इन सब से उलट  मोसाब हसन यूसुफ ने इजयरायल के द्वारा किए जा रहे हमलों को सही बताया है. मोसाब हसन आतंकी संगठन हमास का को-फाउंडर रहा शेख हसन यूसुफ का बेटा है. 'इजरायल का एक्शन पूरी तरह जायज' मोसाब ने एक टीवी डिबेट में हिस्सा लेते हुए कहा कि, फिलिस्तीन में इजरायल सबसे वैध जातीय समूह है, जिसके पास उस भूमि से अपने संबंधों के मजबूत सबूत हैं. मुसलमान पिछले 1,400 सालों से उस जमीन से यहूदी लोगों का सफाया करने की कोशिश कर रहे हैं. मोसाब ने आगे कहा कि इजरायल को अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है. हिजबुल्लाह और हमास के खिलाफ इजरायल का एक्शन पूरी तरह से जायज है. हसन नसरल्लाह मौत पर मोसाब ने कहा कि ये उसकी सजा है. वहीं मोसाब ने आगे कहा कि मैं फिलिस्तीन संघर्ष का गवाह रहा हूं. मोसाब ने बताया कि कैसे फिलिस्तीन में राजनीतिक और वित्तीय लाभ के लिए बच्चों की बलि दी जाती है. दुनिया भर में इजरायल की आलोचना पर मोसाब ने पूछा कि इजरायल में खून बह रहा था, तब किसी ने हिजबुल्लाह के एक्शन का विरोध क्यों नहीं किया?. अपने ही पिता के खिलाफ की जासूसी आपको जानकर हैरानी होगी कि इजरायल का इतनी मजबूती के साथ पक्ष रखने वाला मोसाब एक समय पर फिलिस्तीनी मिलिटेंट था. लेकिन 1997 में वो इजरायल चला गया और इजरायली खुफिया एजेंसी शिन बेट के लिए जासूसी करने लगा. हमास आतंकियों के द्वारा इजरायल के अंदर घूस कर हमला किया और कई सारे लोगों को बंधक बना लिया गया. उस वक्त मोसाब ने इजरायल से सभी हमास नेताओं के खात्मे की अपील की थी. मोसाब ने कहा था कि अगर सभी बंधक रिहा नहीं किए जाते हैं तो इजरायल को सभी हमास नेताओं को खत्म कर देना चाहिए. इन नेताओं में मोसाब के पिता का नाम भी शामिल था. फिलहाल लेबनान में इजरायल की सेना ने जमीनी हमला शुरू कर दिया है. इजरायल की सेना की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक सोमवार-मंगलवार की रात में आईडीएफ लेबनान के अंदर घुस गई है. आईडीएफ हिजबुल्लाह के ठिकानों के खिलाफ सीमित, स्थानीय और लक्षित जमीनी हमले कर रही है. उन्होंने कहा, ‘मैं मौजूदा घटनाक्रम पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं. मैंने संघर्ष को दिया है. मैं फिलिस्तीन संघर्ष का गवाह रहा हूं. मैंने अपना आधा जीवन तथाकथित फिलिस्तीनी समाज में जिया है और आधा जीवन यहूदी समुदाय के साथ बिताया है. फिलिस्तीन की संस्कृति मौत की संस्कृति है, जो राजनीतिक और वित्तीय लाभ के लिए बच्चों की बलि देती है. जब इजरायल के साउथ में खून बह रहा था, तब किसी ने हिजबुल्लाह के एक्शन का विरोध क्यों नहीं किया? जब खेल के मैदान में 12 बच्चे मरे थे, तब हसन नसरल्लाह को किसी ने क्यों नहीं रोका? नसरल्लाह पूरी तरह से गलत था और उसे उसके किए की सजा मिली. दरअसल, मोसाब हसन यूसुफ एक पूर्व फिलिस्तीनी मिलिटेंट थे. 1997 में उन्होंने इसराइल जाने का फैसला किया. इसके बाद 2007 में अमेरिका जाने तक वे इजरायली खुफिया एजेंसी शिन बेट के लिए जासूसी करते रहे. उनके पिता शेख हसन यूसुफ हमास के संस्थापकों में से एक थे. पिछले साल उन्होंने इजरायल से सभी हमास नेताओं के खात्मे की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि अगर सभी बंधक रिहा नहीं किए जाते हैं तो इजरायल को सभी हमास नेताओं को खत्म कर देना चाहिए. इसमें उनके पिता भी शामिल हैं. यानी मोसाब ने इजरायल से अपने पिता के खात्मे की भी अपील की थी. recent visitors 57

राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक विजेता और उपाधि प्राप्तकर्ता हुए सम्मानित

आजीवन शिक्षा पाने का महत्वपूर्ण साधन है दूरस्थ शिक्षा पद्धति: राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने प्रख्यात विभूतियों को प्रदान कीं मानद उपाधियां राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक विजेता और उपाधि प्राप्तकर्ता हुए सम्मानित राजा भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय का सातवॉ दीक्षांत समारोह संपन्न भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में दूरस्थ शिक्षा, जीविका उपार्जन के साथ आजीवन शिक्षा पाने का एक महत्वपूर्ण साधन है। समाज के अत्यंत पिछड़े, दूरस्थ क्षेत्रों, दिव्यांगजन, घरेलू, कामकाजी स्त्री-पुरुष और युवाओं तक शिक्षा पहुंचाने का यह सहज और सरल माध्यम है। राज्यपाल पटेल मंगलवार को राजा भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में हुये समारोह में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सराहनीय पहल की है। जरूरी है कि दूरस्थ शिक्षा से वंचित वर्गों के लिए सामाजिक सेवाएं और उनके अधिकारों की रक्षा के प्रयासों में और मजबूती आये। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थी, अपने माता-पिता और गुरुजनों के योगदान को कभी नहीं भूले। हमेशा उनके त्याग और तपस्या के प्रति कृतज्ञता का भाव रखें। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों ने दूरस्थ शिक्षा के जरिये अपने लक्ष्यों की पूर्ति और सपनों को साकार करने का पहला पड़ाव पार कर लिया है। अब इस ज्ञान और कौशल से जीवन में सफलता पाने के लिए आगे बढ़ें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि अपनी प्रगति के मूल्यांकन एवं सुधार के साथ क्षमताओं को पहचानें। अनुशासन और समय प्रबंधन के साथ निरंतर प्रयास करें। बिना आत्म विश्वास खोये सतत् प्रयास करें, क्योंकि जीत हमेशा प्रयास करने वालों की ही होती है।     रामचरित मानस और गीता में डिप्लोमा देने की पहल सराहनीय राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा रामचरित मानस से सामाजिक विकास एवं भगवत गीता में डिप्लोमा प्रदान करना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सिकल सेल एनीमिया जागरूकता के लिए ग्रामीण अंचलों में किए जा रहे उन्मुखीकरण प्रयासों की सराहना की। पटेल ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में उच्च मानकों के पाठ्यक्रमों के साथ विश्वविद्यालय विषय विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तैयार कराये। पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता की निरंतर समीक्षा भी की जानी चाहिए। कौशल उन्नयन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपने कार्यक्रमों को डिजाइन करें। विद्यार्थियों को ज्ञान एवं कौशल के सहज आदान-प्रदान का प्लेटफार्म भी उपलब्ध करायें।     प्रख्यात विभूतियां मानद उपाधि से सम्मानित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में डॉ. होमी जहांगीर भाभा इंस्टीट्यूट के चान्सलर पद्मविभूषण डॉ. अनिल काकोड़कर, इन्टरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स के भौतिक विज्ञानी डॉ. आतिश श्रीपाद दाभोलकर, परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी बीएआरसी के डॉ. जे.व्ही. याख्मी, आईआईटी चेन्नई के प्रोफेसर पद्मडॉ. अशोक झुनझुनवाला और इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल नई दिल्ली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी  डॉ. ओमप्रकाश शर्मा को डॉक्टर ऑफ साइन्स (डी.एस.सी.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया। इसी प्रकार शिक्षाविद् और पूर्व कुलपति (इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) प्रो. नागेश्वर राव को डॉक्टर ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन (डी.डी.ई.) की मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को राजा भोज उत्कृष्टता पदक और दीक्षित विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं।       उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने संबोधन में विद्वान और प्रतापी और विद्वान राजा भोज के शिक्षा प्रसार, जल संरक्षण और प्रजाहितैषी कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे राजा भोज के व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा लें। भारतीय दर्शन, गौरवशाली ज्ञान परम्परा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सहयोग कर विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें। कार्यक्रम को डॉ. होमी जहाँगीर भाभा इंस्टीट्यूट के चान्सलर पद्मविभूषण डॉ. अनिल काकोड़कर और भौतिक विज्ञानी डॉ. आतिश श्रीपाद दाभोलकर ने भी संबोधित किया।          राज्यपाल मंगुभाई पटेल का स्वागत तुलसी का पौधा भेंट कर किया गया। शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह से अभिनंदन किया गया। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण किया। स्वागत उद्बोधन कुलगुरू प्रो. डॉ. संजय तिवारी ने दिया। कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने दीक्षांत समारोह की कार्यवाही का संचालन और आभार व्यक्त किया। दीक्षांत समारोह में वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, भोज मुक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, दीक्षित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।         recent visitors 70

साय ने सूरजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सियान सम्मान कार्यक्रम में की कई घोषणाएं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सियान सम्मान कार्यक्रम में कई घोषणाएं की। जिसमें ग्राम पंचायत शिवनन्दनपुर को नगर पंचायत का दर्जा देने, ग्राम बिहारपुर में खुलेगी सहकारी बैंक की शाखा, पहाड़ गांव को पर्यटन का दर्जा दिलाने की घोषणा, सूरजपुर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था, भैयाथान-सूरजपुर में सड़क निर्माण, सूरजपुर महाविद्यालय में सिंथेटिक ग्राउंड बनाने व प्राथमिक शाला गोपालपुर  में नवीन भवन निर्माण की घोषणा शामिल है। recent visitors 57

भूमि पेडनेकर ने ‘दलदल’ की शूटिंग पूरी की

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने अपनी आने वाली वेब सीरीज 'दलदल' की शूटिंग पूरी कर ली है। अमृत राज सिंह निर्देशित वेब सीरीज दलदल में भूमि पेडनेकर एक पुलिस अधिकारी रीता की भूमिका में नजर आएंगी। भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर भावुक नोट लिखा। उन्होंने लिखा, 'बेशक, मेरे सबसे मुश्किल पात्रों में से एक है यह, मैं नर्वस हूं। मुझे शो में ऐसे शानदार कलाकारों और रचनाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला। हमने मुंबई के मानसून का सामना किया, सबसे कठिन परिस्थितियों में शूटिंग की और फिर भी हमारा उत्साह कभी कम नहीं हुआ। हम सभी को बधाई। भूमि पेडनेकर ने बताया कि दलदल एक ऐसा प्रोजेक्ट है जो एक महिला होने के सभी गुणों को दर्शाता है। रीता एक सुपर अचीवर है, , एक पुरुष की दुनिया में नियमों को फिर से लिखने वाली है। वह महत्वाकांक्षी है, अपने काम के प्रति जुनूनी है और आगे बढ़कर नेतृत्व करती है। ये ऐसी महिलाएँ हैं जिन्हें मैं अपना आदर्श मानती हूं। recent visitors 59

आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर पुलिस में सेना अधिकारी की डेप्यूटेशन पर लगाई रोक

श्रीनगर भारतीय निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर सरकार से यह बताने को कहा है कि जब आदर्श आचार संहिता लागू है, तो आयोग की पूर्व अनुमति के बिना एक सैन्य अधिकारी की सिविल पुलिस में डेप्यूटेशन (प्रतिनियुक्ति) का आदेश क्यों जारी किया गया। जम्मू-कश्मीर सरकार ने कर्नल विक्रांत पराशर को जम्मू-कश्मीर पुलिस में एसएसपी (प्रशिक्षण) और स्पेशल (ऑपरेशन) के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। इस कदम पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर सरकार को लिखा, “जम्मू-कश्मीर में आदर्श आचार संहिता लागू है और इस तरह चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले पर प्रतिबंध है। आदर्श आचार संहिता के संचालन की अवधि के दौरान सेना के अधिकारी को सिविल साइड में एसएसपी के पद पर नियुक्त करने के औचित्य, प्रक्रिया और तात्कालिकता पर विचार किए बिना आयोग निर्देश देता है कि आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाए। यदि आदेश जारी किया गया है, तो आदेश जारी होने से पहले की स्थिति तत्काल प्रभाव से बहाल की जाएगी।” चुनाव आयोग ने कहा कि मुख्य सचिव एक अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट भेजेंगे, जिसमें स्पष्टीकरण होगा कि आयोग की पूर्व अनुमति के बिना ऐसा आदेश क्यों जारी किया गया। पैराशूट रेजिमेंट के विक्रांत प्रशर को रक्षा मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार में दो साल की डेप्यूटेशन के लिए पहले ही मंजूरी दे दी है। शौर्य चक्र से सम्मानित प्रशर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से हैं और उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में अपनी अलग पहचान बनाई है। इससे पहले वह घाटी के गुलमर्ग इलाके में हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में तैनात थे।   recent visitors 70

मुख्यमंत्री साय ने 187 करोड़ 51 लाख की लागत के 109 कार्यों का किया भूमिपूजन और शिलान्यास

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने लोक निर्माण विभाग सूरजपुर अंतर्गत 68.7725 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 7 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास और 57.1634 करोड़ की लागत से निर्मित 27 कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, सूरजपुर अंतर्गत 44.82 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 3 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अंतर्गत 43 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 01 कार्य का भूमिपूजन/शिलान्यास और 57.52 लाख की लागत से निर्मित 04 कार्यों के लोकार्पण के साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सूरजपुर अंतर्गत 18.6980 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 5 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सूरजपुर अंतर्गत 2.3047 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 18 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत 2.5559 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 23 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भैयाथान सूरजपुर अंतर्गत 1.9292 करोड़ की लागत से 16 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यस और 19.82 लाख की लागत से 01 कार्यों का लोकार्पण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रामानुजनगर अंतर्गत 1.2553 करोड़ की लागत से 10 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास और 36.18 लाख की लागत से 03 कार्यों का लोकार्पण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रेमनगर अंतर्गत 1.0759 करोड़ की लागत से 08 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, सूरजपुर अंतर्गत 12.7529 करोड़ की लागत से 5 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास और 10.18 करोड़ की लागत से 03 कार्यों का लोकार्पण, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सूरजपुर अंतर्गत 45 लाख की लागत से 13 कार्याे का भूमिपूजन/शिलान्यास, कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज लिमिटेड अंबिकापुर, अंतर्गत 1.6893 करोड़ की लागत से 05 कार्यों का लोकार्पण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 3.4271 करोड़ की लागत से 2 कार्यों का लोकार्पण, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 1.2096 करोड़ की लागत से 05 कार्यों का लोकार्पण, नगरपालिका परिषद सूरजपुर, अंतर्गत 2.04 करोड़ की लागत से 2 कार्यों का लोकार्पण किया गया। recent visitors 54

भारतीय क्रिकेटर ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के छुड़ाए पसीने, 58 गेंद में जड़ा तूफानी शतक

चेन्नई भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमों के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है, जिसका पहला मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच में 13 साल के एक बल्लेबाज ने अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बता दें कि, दोनों टीमों के बीच अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का मुकाबला 30 सितंबर को शुरू हुआ है। वहीं, दूसरा मैच भी चेपॉक में सात अक्तूबर से शुरू होगा। वैभव ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड इस मुकाबले में बिहार के लाल ने महज 58 गेंदों में शतक जड़ा है। अब वह इंग्लैंड के बल्लेबाज मोईन अली से महज सिर्फ एक स्थान पीछे हैं। उन्होंने 2005 में अंडर-19 में 56 गेंदों में शतक जड़ा था। इसी के साथ वैभव ने अंडर-19 टेस्ट में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बना लिया है। युवा खिलाड़ी ने अपनी दमदार पारी के दौरान 14 चौके और चार शतक लगाए। वह मात्र 62 गेंदों पर 104 रन बनाकर रन आउट हो गए। भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बोर्ड पर लगाए 293 रनों के स्कोर का मजबूत जवाब दिया। रणजी में भी कर चुके डेब्यू वैभव वही बल्लेबाज हैं जिन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024 में महज 12 साल और 284 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वह ऐसा करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर सहित कई खिलाड़ियों का रिकॉर्ड तोड़ा है। सचिन बेहद कम उम्र में रणजी क्रिकेट में बड़ा नाम बन गए थे और भारतीय टीम में भी जगह बनाई थी। नौ साल की उम्र में शुरू हुई क्रिकेट यात्रा वैभव के बल्लेबाजी का स्टाइल पृथ्वी शॉ और शिखर धवन से मिलता-जुलता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी पारी में कई तरह के शॉट शामिल थे, जिसमें स्क्वायर ड्राइव, डीप मिड-विकेट पर पुल और कवर ड्राइव शामिल थे। सूर्यवंशी की क्रिकेट यात्रा नौ साल की उम्र में शुरू हुई, जब उन्हें अपने पिता संजीव सूर्यवंशी से शुरुआती कोचिंग मिली। क्रिकेट के प्रति उनके पिता के जुनून और खुद उनके समर्पण ने वैभव को इतनी कम उम्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया, जिससे वह भारतीय क्रिकेट में एक होनहार प्रतिभा बन गए। बांग्लादेश के मौजूदा कप्तान नजमुल हुसैन शांतो का रिकॉर्ड तोड़ा बिहार के बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 13 साल और 188 दिन की उम्र में नजमुल हुसैन शांतो का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौजूदा बांग्लादेशी टीम के कप्तान ने 14 साल और 241 दिन की उम्र में 2013 में श्रीलंका के खिलाफ शतक बनाया था। सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में 12 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में पदार्पण किया था, लेकिन वह चार पारियों में 7.75 की औसत से केवल 31 रन ही बना सके थे। सूर्यवंशी और विहान के बीच 18.5 ओवर में 133 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के 293 रन पर आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने विहान मल्होत्रा ​​के साथ 18.5 ओवर में 133 रनों की ओपनिंग साझेदारी की। आखिरकार वह 19वें ओवर में रन आउट हो गए। क्वाड्रांगुलर सीरीज के लिए भी हुआ चयन बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी और अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया है। सूर्यवंशी को इसके बाद क्वाड्रांगुलर सीरीज के लिए चुना गया, जिसमें बांग्लादेश और इंग्लैंड भी शामिल हैं। 13 वर्षीय भारतीय ओपनर ने दूसरा सबसे तेज युवा टेस्ट शतक जड़ा भारत की बल्लेबाजी ने पहले दिन सीनियर टीम की तरह खेल दिखाया. कल बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट के दौरान भारत की सीनियर टीम ने सबसे तेज 250 रन बनाए, जूनियर ने उनके नक्शेकदम पर चलने की कोशिश की, और 7.36 के रन रेट से सिर्फ 14 ओवर में 103 रन बनाए. जबकि विहान मल्होत्रा ​​37 गेंदों पर 21 रन बनाकर नाबाद थे, साथी ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों पर नाबाद 81 रन बनाकर दिन का खेल खत्म किया. वह ऑफ-साइड पर विशेष रूप से प्रभावशाली थे, उन्होंने 172.34 के स्ट्राइक रेट से पारी खेली. दूसरे दिन भी इसी तरह से शुरुआत करते हुए, सूर्यवंशी ने अपना शतक बनाने में समय बर्बाद नहीं किया, उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों पर 19 रन बनाए और 58 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की. यह किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे तेज युवा टेस्ट शतक है और 2005 में श्रीलंका के खिलाफ मोईन अली द्वारा 56 गेंदों में बनाए गए 100 रन के बाद रिकॉर्ड किए गए इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक है.   recent visitors 125