छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

स्वच्छता अभियान राज्य में जनआंदोलन का लिया रूप: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में स्वच्छता पर हो रहे बेहतर कार्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। भगवान विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को प्रोत्साहित करने हेतु 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से सभी को स्वच्छता का संकल्प दिलाया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आव्हान और स्वच्छता अभियान से हम सभी को गली-चौराहे, मोहल्ले, स्कूल, कार्यालय, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरणा मिली। स्वच्छता अभियान ने पूरे प्रदेश मेें जनआंदोलन का स्वरूप ले लिया है। छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वच्छता को हम सभी को अपनी आदत में शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लेने का आव्हान करते हुए ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी को स्वच्छता की शपथ दिलायी । उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वतंत्रता के साथ ही स्वच्छता भी जरूरी है। बापू के सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ में झाडू पकड़कर शुरूआत की। देश के लोग स्वच्छता अभियान में सहभागी बनें। स्वच्छता को सभी अपने आदत में शामिल करें। कार्यक्रम में उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में एवं स्वच्छता ही सेवा 2024 अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। इसी तरह मच्छर उन्मूलन के लिए चलित वाहन तथा भव्य सशक्त सैन्य समारोह की गाड़ियों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य में स्वच्छता के लिए व्यापक तौर पर कार्य किए गए हैं। स्वच्छता की जिम्मेदारी हम सभी की है। हम सभी संकल्प ले कि स्वयं स्वच्छता पर ध्यान देंगे और लोगों को प्रेरित करेंगे। विगत 10 वर्षों में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत किए जा रहे कार्यों से देश की तस्वीर बदली है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गंदगी से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का जन्म होता है। इन बीमारियों से बचने के लिए सफाई बहुत जरूरी है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन चलाकर सफाई का संदेश दिया है। गांधी के सपनोँ को पूरा करने हमारी सरकार आत्म निर्भर गांव के साथ साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दे रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा के इस समापन समारोह में सफाईकर्मियों, सफाई दीदियों और सफाई मित्रों का सम्मान किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नगर निगम प्रतिपक्ष नेता श्रीमती मीनल चौबे, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. वसवराजु एस., सचिव ग्रामोद्योग विभाग यशवंत कुमार, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग कुंदन कुमार, संभागायुक्त महादेव कांवरे, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, आयुक्त नगर निगम रायपुर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वजीत सहित बड़ी संख्या में सफाईकर्मी, सफाई दीदी और सफाई मित्र उपस्थित थे। recent visitors 74

न्यूजीलैंड टेस्ट कप्तान के पद से टिम साउदी ने दिया इस्तीफा, अब लीडर की भूमिका निभाएंगे

वेलिंग्टन टिम साउदी ने न्यूजीलैंड टेस्ट कप्तान के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह फैसला श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद लिया है। अब टॉम लैथम न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम के कप्तान होंगे। टॉम लैथम, जिन्होंने पहले 9 बार टेस्ट टीम की कप्तानी की है, अगले शुक्रवार को भारत दौरे पर साउदी सहित 15 सदस्यीय टेस्ट टीम की कमान संभालेंगे। 2008 में डेब्यू के बाद से ब्लैक कैप्स के लिए 102 टेस्ट मैच खेले वाले टिम साउदी ने 382 विकेट लिए हैं। न्यूजीलैंड के लिए उनसे ज्यादा टेस्ट विकेट केवल सर रिचर्ड हैडली ने लिए हैं। 35 वर्षीय तेज गेंदबाज ने दिसंबर 2022 में केन विलियमसन के बाद कप्तानी का जिम्मा उठाया था। उन्होंने 14 टेस्ट (6 जीत, 6 हार, 2 ड्रॉ) में टीम की कप्तानी की है। इस साल साउदी का खुद का फॉर्म भी चर्चा का विषय रहा, उन्होंने पिछले आठ टेस्ट में सिर्फ 12 विकेट लिए। श्रीलंका में भले ही उन्होंने दोनों मैच खेले लेकिन भारत में संभव है कि परिस्थितियों के हिसाब से जरूरी टीम कॉम्बिनेशन को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्लेइंग इलेवन में न चुना जाए। साउदी ने कहा, “इतने विशेष प्रारूप में ब्लैक कैप्स की कप्तानी करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। मैंने अपने पूरे करियर में हमेशा टीम को पहले रखने की कोशिश की है और मेरा मानना है कि यह निर्णय टीम के लिए सबसे अच्छा है। मेरा मानना है कि टीम के लिए आगे बढ़ने का मेरा सबसे अच्छा तरीका मैदान पर अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना, विकेट लेना जारी रखना और न्यूजीलैंड को टेस्ट मैच जीतने में मदद करना है।” इस दौरान कोच गैरी स्टीड ने टेस्ट टीम में साउदी के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, “टिम एक शानदार खिलाड़ी और एक बहुत अच्छे लीडर हैं, जिनका सभी खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ बहुत सम्मान करते हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग 17 वर्षों से न्यूजीलैंड क्रिकेट के महान सेवक रहे हैं और मैं टेस्ट कप्तान की भूमिका से हटने में उनके फैसले का सम्मान करता हूं।” इसके अलावा न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के सीईओ स्कॉट वेनिंक ने स्पष्ट किया है कि साउदी कप्तानी छोड़ने के बाद भी टीम के लिए लीडरशिप रोल में बने रहेंगे। भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड की तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का आगाज 16 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगा। जल्द ही इस दौरे के लिए न्यूजीलैंड के 15 सदस्यीय दल का ऐलान किया जा सकता है। हाल ही में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को घर पर 2-0 से टेस्ट सीरीज हराया है।   recent visitors 76

गरबा उत्सव में सिर्फ ‘वराह’ पूजने वालों को मिले प्रवेश, गैर-हिंदुओं को रोकने के लिए ‘गोमूत्र’ के बाद अब नया सुझाव

भोपाल/इंदौर     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक स्थानीय दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने मांग की है कि गरबा आयोजकों को सिर्फ उन लोगों को एंट्री की परमिशन देनी चाहिए जो भगवान विष्णु के तीसरे अवतार 'वराह' की पूजा करते हैं, ताकि अन्य समुदायों के सदस्यों को दूर रखा जा सके. हिंदू पौराणिक कथाओं में 'वराह अवतार' को भारतीय सूअर के रूप में दर्शाया गया है. इससे पहले, मध्य प्रदेश में एक भाजपा नेता ने मांग की थी कि 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा नृत्य में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए 'गोमूत्र' पीना अनिवार्य होना चाहिए. भोपाल में 'संस्कृति बचाओ मंच' के प्रमुख चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि गरबा आयोजकों को किसी व्यक्ति को 'वराह' की पूजा करने के बाद ही पंडाल में प्रवेश की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पंडालों के प्रवेश द्वार पर वराह की तस्वीर लगाई जानी चाहिए. 'संस्कृति बचाओ मंच' के प्रमुख चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि ये शर्तें अन्य समुदायों के सदस्यों को गरबा आयोजनों से दूर रखने में मददगार साबित होंगी। खासकर उनके लिए जो वराह अवतार को अपवित्र मानते हैं। केवल सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोग ही 'पंच-गव्य' लेने के लिए तैयार होंगे। पौराणिक कथाओं में वर्णित 'वराह अवतार' में हिन्दू समुदाय की बेहद गहरी आस्था है। इसमें भगवान के सिर को शूकर के रूप में दर्शाया गया है। अभी एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश के इंदौर में भाजपा के एक नेता ने मांग की थी कि नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा आयोजनों में भाग लेने वालों के लिए गोमूत्र पीना अनिवार्य किया जाना चाहिए। इंदौर जिला भाजपा अध्यक्ष (ग्रामीण) चिंटू वर्मा ने सुझाव दिया था कि गरबा आयोजक केवल उन लोगों को प्रवेश दें जो गोमूत्र का आचमन करते हों। उन्होंने कहा था कि अक्सर गरबा आयोजनों में ऐसे लोग शामिल हो जाते हैं जिनको लेकर विवाद हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि केवल सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोग ही 'पंच-गव्य' लेने के लिए तैयार होंगे. इससे पहले, इंदौर जिला भाजपा अध्यक्ष चिंटू वर्मा ने सुझाव दिया था कि गरबा आयोजक सिर्फ उन लोगों को प्रवेश की अनुमति दें जो गौमूत्र या गोमूत्र पीते हैं.   recent visitors 149

कल से नवरात्रि शुरू, वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में लगाए माता की चौकी

सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। इसमें पूजा-पाठ से संबंधित नियम के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि देवी-देवताओं की मूर्ति को शुभ दिशा में लगाने से घर में सुख-शांति का वास होता है। ऐसे में इस लेख में जानते हैं कि शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा की चौकी को किस दिशा में लगाना चाहिए? शारदीय नवरात्र 2024 डेट और टाइम पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 03 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 18 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 04 अक्टूबर को देर रात 02 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 03 अक्टूबर से होगा। वहीं, इसका समापन 11 अक्टूबर को होगा। इस मुहूर्त में लगाएं मां दुर्गा की चौकी घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 15 मिनट से 07 बजकर 22 मिनट तक घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक। इस दिशा में लगाएं मां की चौकी शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की चौकी लगाने से पहले वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जान लें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की चौकी लगाने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। मां की चौकी उत्तर-पूर्व दिशा दिशा की ओर स्थापित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा मां दुर्गा की चौकी लगाने के लिए पश्चिम दिशा भी शुभ मानी जाती है। पूजा के दौरान साधक का मुख पूर्व या फिर दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए। माना जाता है कि पूर्व दिशा की ओर मुख कर उपासना करने से चेतना जागृत होती है। साथ ही घर में सुख-शांति का वास होता है। मां दुर्गा के किस रूप की किस दिन करें पूजा?     03 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा करें।     04 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें।     05 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा की पूजा करें।     06 अक्टूबर को मां कूष्मांडा की पूजा करें।     07 अक्टूबर को मां स्कंदमाता की पूजा करें।     08 अक्टूबर को मां कात्यायनी की पूजा करें।     09 अक्टूबर को मां कालरात्रि की पूजा करें।     10 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा करें।     11 अक्टूबर को मां महागौरी की पूजा करें।   recent visitors 69

नाराज लोगों ने हाईवे पर किया चक्काजाम, छत्तीसगढ़-कवर्धा में पुलिस व एंबुलेंस न पहुंचने से तड़पता रहा घायल

कवर्धा. कवर्धा-सिमगा नेशनल हाईवे पर स्थित अगरी खुर्द में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। लेकिन पुलिस व एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचने से घायल तड़पता रहा। ऐसे में नाराज लोगों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। यहां पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर पुलिस टीम पहुंची हुई थी, जिसके बाद घायल को बेमेतरा के अस्पताल में उपचार के लिए भेजा है। इस चक्काजाम से करीब दो किमी लंबा जाम लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि स्कार्पियो व बाइक में टक्कर से बाइक चालक का हेलमेट टूट गया। उसे  गंभीर चोट लगी थी। ग्रामीणों ने डायल 102 व पुलिस को सूचना दी, लेकिन एक से डेढ़ घंटे तक किसी के नहीं पहुंचने पर लोगों ने चक्काजाम किया। एक्सीडेंट के बाद स्कार्पियो वाहन भाग गया। बाइक सवार की हालत गंभीर है। उसके बारे में अभी तक पता नहीं चल सका है। गौरतलब है कि जिस जगह में यह हादसा हुआ है वहां कई बार सड़क दुर्घटना हो चुका है। यह बेमेतरा व कबीरधाम जिला का बॉर्डर है। यहां का एक हिस्सा बेमेतरा जिले के थानखम्हरिया थाना क्षेत्र व दूसरा हिस्सा कबीरधाम जिले के दशरंगपुर पुलिस चौकी में आता है। recent visitors 50

कप्तानी से इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए बाबर आजम

लाहौर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के जाने-माने बल्लेबाज बाबर आजम ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने एक पोस्ट शेयर कर इस बात की जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। बाबर आजम ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “मैं आज आपके साथ कुछ समाचार साझा कर रहा हूं। मैंने पिछले महीने पीसीबी और टीम प्रबंधन को दी गई अधिसूचना के अनुसार पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में इस्तीफा देने का फैसला किया है। इस टीम का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है, लेकिन अब समय आ गया है कि मैं पद छोड़ दूं और अपनी खेल भूमिका पर ध्यान केंद्रित करूं।” उन्होंने लिखा, “कप्तानी एक पुरस्कृत अनुभव रहा है, लेकिन इसने काम का बोझ भी बढ़ा दिया है। मैं अपने प्रदर्शन को प्राथमिकता देना चाहता हूं, अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहता हूं और अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना चाहता हूं, जिससे मुझे खुशी मिलती है। पद छोड़ने से मुझे आगे बढ़ने में स्पष्टता मिलेगी और मैं अपने खेल और व्यक्तिगत विकास पर अधिक ऊर्जा केंद्रित कर पाऊंगा।” उन्होंने आगे लिखा, “मैं आपके अटूट समर्थन और मुझ पर विश्वास के लिए आभारी हूं। आपका उत्साह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। हमने जो कुछ भी साथ मिलकर हासिल किया है, उस पर मुझे गर्व है और एक खिलाड़ी के रूप में टीम में योगदान देना जारी रखने के लिए उत्साहित हूं। आपके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद।” यह कोई पहली बार नहीं है जब बाबर आजम ने पाकिस्तान की कप्तानी से इस्तीफा दिया है। इससे पहले साल 2023 वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन के बाद भी उनको पाकिस्तान की कप्तानी ने हटा दिया गया था। हालांकि साल 2024 में टी20 वर्ल्ड कप से पहले उन्हें व्हाइट-बॉल टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था। लेकिन अब उन्होंने एक बार फिर कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया है। बाबर आजम पाकिस्तान के सफेद गेंद टीम कप्तान थे। जबकि शान मसूद इस समय पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान हैं। बाबर आजम ने हाल ही में पाकिस्तान की वनडे और टी20 टीम की कप्तानी से इस्तीफा दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन पर कटाक्ष किया। बाबर आजम हालिया समय में खराब बल्लेबाजी से जूझ रहे थे। बाबर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके जानकारी दी कि उन्होंने वनडे और टी20 की कप्तानी से इस्तीफा देने का फैसला किया है और सितंबर में ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और टीम प्रबंधन को इसकी सूचना दे दी थी। इसके बाद कई फैन्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। किसी ने लिखा, “बाबर आजम ने वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ दी (दूसरी टीमों के लिए दुखद दिन)”। एक और यूजर ने लिखा, “बाबर आजम के इस्तीफे: 2, बाबर आजम की 6 टूर्नामेंट्स में ट्रॉफियां: 0″। किसी और ने कहा, “बाबर आजम ने फिर से पाकिस्तान की कप्तानी छोड़ दी। वह अपनी निजी तरक्की देख रहे हैं, टीम की नहीं।” गौरतलब है कि यह पिछले एक साल में दूसरी बार है जब बाबर ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय पुरुष टीम की कप्तानी छोड़ी है। हाल ही में अक्टूबर-नवंबर में भारत में हुए वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने सभी फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। पहले भी बाबर ने कहा था कि कप्तानी के कारण उन पर काफी दबाव आ गया है और वह अब अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। बाबर ने अपने पोस्ट में कहा, “मेरे प्यारे फैन्स, मैं आज आपसे एक अहम बात साझा कर रहा हूं। मैंने पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम की कप्तानी से इस्तीफा देने का फैसला किया है। पिछले महीने मैंने पीसीबी और टीम प्रबंधन को इसकी जानकारी दी थी।” “इस टीम की कप्तानी करना मेरे लिए गर्व की बात रही है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि मैं इस जिम्मेदारी से हटकर अपने खेल पर ध्यान दूं। कप्तानी मेरे लिए एक अच्छा अनुभव रहा है, लेकिन इससे काम का बोझ बहुत बढ़ गया था। अब मैं अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहता हूं और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहता हूं, जिससे मुझे खुशी मिलती है।” आजम ने आगे कहा कि अब वह आगे अपने खेल पर ध्यान देना चाहेंगे और एक खिलाड़ी के रूप में योगदान देने के लिए इच्छुक रहेंगे।   recent visitors 85

20 अक्टूबर को मनाया जाएगा करवाचौथ का व्रत

करवा चौथ 2024 का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। खासकर उत्तर भारत में इसका खास महत्व है, जहां महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत तोड़ती हैं। करवाचौथ का महत्व करवा चौथ का धार्मिक और सामाजिक महत्व बहुत खास है। इस दिन का व्रत सुहागन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत को पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन के सौभाग्य के लिए रखा जाता है। महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी, जो सास द्वारा दी जाती है, को ग्रहण करती हैं। दिनभर जल-अन्न का त्याग कर व्रत करती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। पति के हाथ से पानी पीकर व्रत समाप्त होता है, जिससे वैवाहिक प्रेम और संबंधों की मजबूती का प्रतीक है। सरगी, जो करवाचौथ की परंपरा का अहम हिस्सा है, महिलाओं के लिए ऊर्जा का स्रोत होती है। सरगी में फल, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, और हल्का भोजन होता है, जिसे व्रत शुरू करने से पहले खाया जाता है। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं। पूजा में करवा चौथ की कथा सुनी जाती है, और फिर चंद्रमा के उदय होने पर उसे अर्घ्य देकर व्रत समाप्त किया जाता है। शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय 2024 में करवाचौथ पर चंद्रमा के दर्शन का समय रात्रि लगभग 8:24 बजे है। महिलाएं इस समय का बेसब्री से इंतजार करती हैं ताकि चंद्रमा के दर्शन कर वे व्रत खोल सकें। इस समय चंद्र दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। त्योहार की तैयारी और बाजार की रौनक करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। महिलाएं इस दिन को खास बनाने के लिए मेहंदी लगाती हैं, नई साड़ियां पहनती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं। बाजारों में इस दिन की खरीदारी की खूब रौनक रहती है, विशेष रूप से मेहंदी, चूड़ियों, और साज-सज्जा का सामान लेने के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ती है। करवाचौथ का आधुनिक रूप आजकल करवाचौथ केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा। इसे एक सांस्कृतिक और सामाजिक पर्व के रूप में भी देखा जाने लगा है। आधुनिक समय में कई पति भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रखते हैं और इसे अपने रिश्ते की मजबूती और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का प्रतीक मानते हैं।   recent visitors 84