Wednesday, July 8, 2026 4:37 am

आयरलैंड ने किया बड़ा उलटफेर, सीरीज के अंतिम मुकबले में South Africa को 69 रनों से हराया

अबु धाबी Ireland क्रिकेट टीम ने एक बार फिर से बड़ा उलटफेर कर दिया है और इसके साथ ही इतिहास रचते हुए South Africa को तीसरे वनडे मैच में 69 रनों से हरा दिया है। दरअसल यह मुकाबला अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में खेला गया था। वहीं इस मैच में आयरिश टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और South Africa जैसी मजबूत टीम को मात दे दी। हालांकि तीन मैचों की सीरीज को भले ही दक्षिण अफ्रीका ने जीत लिया हो लेकिन तीसरा मैच Ireland के लिए शानदार साबित हुआ है। जानकारी के मुताबिक यह दूसरा मौका है जब Ireland ने वनडे में दक्षिण अफ्रीका को हराया हो। बता दें कि इससे पहले, आयरलैंड की टीम ने South Africa को टी20 सीरीज में भी हरा दिया था। जिसके चलते टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर देखने को मिला था। हालांकि इतिहास को दोहराते हुए टीम ने एक बार मजबूत टीम साउथ अफ्रीका को हराया है। दरअसल मैच में आयरलैंड ने पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। वहीं टीम की शुरुआत ठीक रही, लेकिन कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाला और 92 गेंदों में 88 रनों की जबरदस्त पारी खेली। वहीं उन्होंने अपनी इस शानदार पारी में 8 चौके और 3 छक्के लगाए। दरअसल उनके साथ टीम के विस्फोटक बल्लेबाज हैरी टेक्टर ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 48 गेंदों में 60 रन की शानदार पार खेली, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल था। जल्द ही सिमट गई South Africa की टीम वहीं आयरलैंड की टीम ने 50 ओवर में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 284/9 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके बाद 284 रनों का लक्ष्य का पीछा करना दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम के लिए मुश्किल नहीं लग रहा था, मगर आयरिश गेंदबाजों ने शानदार खेल दिखाया और जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए खेल का रुख ही बदल दिया। बता दें कि शुरुआती 4.1 ओवर में ही दक्षिण अफ्रीका के तीन चर्चित बल्लेबाज सिर्फ 10 रन के भीतर पवेलियन की ओर लौट गए। वहीं इस शुरुआत के बाद अफ्रीकी बल्लेबाज कोई बड़ी साझेदारी नहीं कर सके, जिसके चलते पूरी टीम 46.1 ओवर में 215 रनों पर ही ढेर हो गई।   recent visitors 68

घर में घुसकर लड़की सहित परिवार के 3 पर दागी थी गोली, अब फिर खुद को भी उड़ाया

छतरपुर छतरपुर जिले में सोमवार को हुए गोलीकांड में एक नया मोड़ आ गया है। गोली कांड के आरोपी भोला अहिरवार ने खुद को गोली मार ली जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में आरोप खुद को गोली मारते हुए दिखाई दे रहा है। इस घटना के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और जांच कर रही है। क्या था मामला छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत मोराहा गांव में सोमवार को एक गोली कांड हुआ था। इस मामले में भोला अहिरवार नाम के एक युवक ने एक नाबालिग लड़की के घर में घुसकर कई राउंड फायरिंग की थी। इस घटना में नाबालिग लड़की के दादा की मौके पर मौत हो गई थी जबकि नाबालिग के चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। भोला अहिरवार पर लगभग दो माह पहले सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत पॉस्को एक्ट और आईपीसी की धारा 76 के तहत मामला दर्ज किया गया था और वह उसी मामले में राजीनामा को लेकर दवाब बना रहा था। सुबह खुद को मार ली गोली आरोपी भोला अहिरवार ने मंगलवार को पूछी गांव की सिद्ध बाबा की पहाड़ी पर खुद को गोली मार कर सुसाइड कर लिया। भोला ने खुद को मारने से पहले फेसबुक पर लगभग 300 शब्दों की शिकायत करते हुए एक पोस्ट भी की थी। पोस्ट में उसने बताया था कि किस तरह उसे सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मिक चौबे ने उसे परेशान किया और अपराधी बनाया। इसके साथ ही उसने लिखा था कि वह इसी पहाड़ी पर है पुलिस उससे आकर मिल सकती है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में प्रिंसिपल के अलावा छतरपुर एसपी आगम जैन दिग सकवार के अलावा सागर रेंज के आईजीबी पहुंच गए। ऊंची पहाड़ी पर हुए इस घटनाक्रम में फिलहाल अभी जांच चल रही है। सब अभी भी पहाड़ी पर हैं और पुलिस घटना स्तर पर मौजूद है| खुद को मारते हुए एक वीडियो वायरल भोला अहिरवार का पहाड़ी पर खुद को गोली मारते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो कुछ सेकंड का है जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि भोला हर बार ने खुद को कैसे कनपटी पर गोली मार ली। recent visitors 60

एनिमल और जिगरा की तुलना से खुश हैं आलिया भट्ट

मुंबई, बॉलीवुड आलिया भट्ट अपनी आने वाली फिल्म 'जिगरा' की तुलना अपने पति और अभिनेता रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल से किये जाने को लेकर खुश है।आलिया फिल्म जिगरा में वेदांग रैना के साथ नजर आयेंगी। हाल ही में फिल्म जिगरा का ट्रेलर रिलीज होने के बाद लोगों ने इसकी तुलना एनिमल से करनी शुरू कर दी है। आलिया भट्ट ने इसका जवाब देते हुए कहा, रणबीर और मेरे बीच कोई कॉम्पिटिशन नहीं है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं कि मेरे पति मेरे सबसे अच्छे दोस्त और एक बेहतरीन अभिनेता भी हैं। हम अक्सर एक-दूसरे के साथ अपनी फिल्मों और सीन्स पर चर्चा करते हैं। मैंने गंगूबाई काठियावाड़ी और जिगरा के बारे में उनसे बात की। जब भी मुझे कोई उलझन होती, मैं उनके साथ इस पर चर्चा करती और उन्होंने एनिमल के लिए भी मेरे साथ ऐसा ही किया। आलिया ने अपनी फिल्म 'जिगरा' और रणबीर कपूर की 'एनिमल' के बीच तुलना के बारे में बताते हुए कहा दोनों के बीच बहुत अधिक समानताएं नहीं हैं। दोनों फिल्में अपने किसी करीबी के लिए कुछ करने की थीम पर है।यह कई फिल्मों में एक नॉर्मल फैक्ट है। यह केवल 'एनिमल' या 'जिगरा' के बारे में नहीं है। कई फिल्मों में एक नॉर्मल टॉपिक किसी करीबी के लिए कुछ करना है और इस तर्ज पर कई फिल्में बनाई गई हैं। recent visitors 65

इल्तिजा मुफ्ती को 9770 वोटों से हार का सामना करना पड़ा, उन्होंने जनादेश को स्वीकार किया

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती अपने परिवार के गढ़ माने जाने वाले श्रीगुफवारा-बिजबेहरा विधानसभा सीट से चुनाव हार गई हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती में इल्तिजा को 9770 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस पर इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मैं जनादेश को स्वीकार करती हूं। बिजबेहरा में सभी से मुझे जो प्रेम और स्नेह मिला। वह हमेशा मेरे साथ रहेगा। इस अभियान के दौरान कड़ी मेहनत करने वाले पीडीपी कार्यकर्ताओं का आभार। मुफ्ती परिवार का गढ़ है सीट दरअसल 37 साल की इल्तिजा दक्षिण कश्मीर में पीडीपी का चेहरा थीं। इस बार महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। इल्तिजा को उस समय पहचान मिली थी। क्योंकि अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के बाद उनकी मां को हिरासत में लिया गया था। 1996 में महबूबा मुफ्ती ने भी बिजबेहरा से ही अपनी चुनावी शुरुआत की थी, जिसे मुफ्ती परिवार का गढ़ माना जाता है। श्रीगुफवारा-बिजबेहरा सीट पर किसे कितने वोट प्रत्याशी पार्टी कुल वोट बशीर अहमद शाह वीरी J&KNC 33299 इल्तिजा मुफ्ती JKPDP 23529 सोफी यूसुफ BJP 3716 NOTA   1552 दादा मुफ्ती मुहम्मद सईद को याद किया चुनाव परिणामों का इंतजार करते हुए मंगलवार को इल्तिजा ने अपने दादा मुफ्ती मुहम्मद सईद को याद करते हुए एक भावनात्मक एक्स पोस्ट लिखा। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, सन्नी यहां आइएं फोटो के लिए। 2015 में जब आपने ताज के सामने तस्वीर लेने के लिए जोर दिया तो मैं झिझकते हुए मान गई थी। मुझे खुशी है कि आपने हार नहीं मानी क्योंकि यही हमारी आखिरी तस्वीर बनकर रह गई। आप ज्ञान, गरिमा और उदारता की मिसाल थे। मैं जो कुछ भी जानती हूं, जो कुछ भी हूं, आपकी वजह से हूं। काश आज आप यहां होते। दुनिया के सबसे अच्छे दादा। हम आपको याद करते हैं। कैसे बनी सुर्खियां अगस्त 2019 में इंटरनेट ब्लैकआउट और लॉकडाउन के बीच इल्तिजा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपने श्रीनगर आवास पर नजरबंदी के कारणों पर सवाल उठाए थे। बाद में इल्तिजा को घाटी छोड़ने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने अपनी मां से मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जिसे अंततः मंजूरी दे दी गई। महबूबा की रिहाई के बाद से इल्तिजा नियमित रूप से मीडिया इंटरैक्शन और बैठकों के दौरान उनके साथ रहीं। जून 2022 में उन्होंने एक्स पर "आपकी बात इल्तिजा के साथ" नामक एक पाक्षिक वीडियो श्रृंखला शुरू की, जिसका मकसद जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों और फैसलों पर चर्चा करना था। कश्मीर में नई दिल्ली की नीतियों के कड़े विरोध में इल्तिजादिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक इल्तिजा ने यूके में वारविक विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री हासिल की है। इल्तिजा मुफ्ती कश्मीर में नई दिल्ली की नीतियों के कड़े विरोध के लिए भी जानी जाती हैं। वह केंद्र शासित प्रदेश में नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक अधिकारों की सक्रिय रूप से वकालत करती हैं। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में इल्तिजा ने कहा था कि मुझे अपनी मां से विरासत में सिर्फ़ खूबसूरती ही नहीं बल्कि जिद भी मिली है। मैं रणनीतिक हूं। वह भावुक हैं। यही मेरा व्यक्तित्व है और मुझे उम्मीद है कि समय के साथ लोग इसे जानेंगे। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को हुए थे। recent visitors 65

सरकार के कल्याणकारी काम का असर हरियाणा में साफ दिखाई दे रहा, कांग्रेस हवा में उड़ रही थी, लेकिन लोगों के चेहरे बोल रहे थे : शिवराज सिंह चौहान

भोपाल हरियाणा में वोटों की गिनती जारी है। इस बीच रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार करती दिख रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे आशा के अनुरूप बताया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तीन-चार दिन पहले हरियाणा से चुनाव प्रचार करके लौटा था, उसी समय कह दिया था कि भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत होगी। यह सिर्फ ऐसे ही नहीं बोला था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम हो रहा है, इसका असर हरियाणा में साफ दिखाई दे रहा था, कांग्रेस हवा में उड़ रही थी, लेकिन लोगों के चेहरे बोल रहे थे। भाजपा ने अपने कार्यों के आधार पर जनता से वोट मांगा था। आज जो परिणाम आ रहे हैं, उसमें कांग्रेस कई सीटों पर तीसरे स्थान पर चली गई है। वहीं, भाजपा शानदार जीत की ओर अग्रसर है। उन्होंने आगे कहा कि परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि जनता ठोस काम को आशीर्वाद देती है। पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए जो अद्भुत कार्य हुए, कांग्रेस ने उसको कभी नहीं किया। हरियाणा में पीएम मोदी के केंद्र की और सीएम सैनी के राज्य की जो कल्याणकारी योजनाएं थी, उससे साफ नजर आ रहा था कि भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस पार्टी अपने तोड़ने के इरादे और मंसूबे में बिल्कुल सफल नहीं होगी। देश और हरियाणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के पीछे खड़ी है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में किसानों के हित में ठोस काम हो रहा है, यह हवाबाजी, जुमले या सिर्फ घोषणाएं नहीं है। हर बैठक में किसानों के कल्याण के लिए काम हो रहा है, किसान और जनता इसको समझते हैं। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि राहुल जी खेतो में अपनी टीम के साथ जाकर फोटो खिंचवाते हैं, पूछते हैं कि कहां खड़ा होना है? वह जलेबी खाते हैं, लेकिन जनता यह देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन नाटक? जम्मू-कश्मीर में वोट काउंटिंग को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पार्टी जिस दिशा में सोच रही थी, उसी दिशा में परिणाम आ रहे हैं, खासकर जम्मू रीजन में।     recent visitors 62

Jammu Kashmir में एनसी को पूर्ण बहुमत, BJP की सीटों ने सबको चौंकाया

नई दिल्ली  हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए हो रही मतगणना के अब तक के रुझानों में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। दोपहर 2 बजे तक के ताजा रुझानों के मुताबिक, राज्य की 90 में से 50 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 35 सीटों पर और निर्दलीय तीन सीटों पर आगे चल रहे हैं। ये चुनावी रुझान एग्जिट पोल के तमाम अनुमानों से ठीक उलट हैं। ऐसे में फिर से इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या भाजपा ने अपनी पुरानी ट्रिक आजमा कर हरियाणा में चुनावी बाजी पलट दी और हरियाणा में चुनावी इतिहास रचते हुए जीत की हैट्रिक लगाई है। इससे पहले राज्य में अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने लगातार तीन बार चुनावों में जीत दर्ज नहीं की थी। हरियाणा में बीजेपी को बड़ा बहुमत मिल गया है। अब तक के चुनाव परिणामों के मुताबिक बीजेपी 49 सीटों पर जीत हासिल कर रही है। वहीं कांग्रेस 26, आईएनएलडी 2 और अन्य 3 सीटों पर जीत रहे हैं। हरियाणा के चुनाव परिणाम एग्जिट पोल को फेल कर दिया है। ज्यादातर एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी की गई थी। हालांकि बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज कर ली है। कैथल से रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला ने जीत दर्ज की है। लाडवा सीट से मुख्यमंत्री नायब सैनी जीत गए हैं। हरियाणा के मंत्री अनिल विज शुरुआती रुझानों में पीछे चल रहे थे। हालांकि उन्होंने भी अपने प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम नई दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर में कार्यकर्ताओं क संबोधित करेंगे। बीजेपी ने जश्न के लिए 100 किलो जलेबी का ऑर्डर दे दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी कार्यकर्ताओं को दिया है। जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम का हर अपडेट लोकसभा चुनावों के बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच पहला बड़ा सीधा मुकाबला था। इस चुनाव के परिणाम का इस्तेमाल विजेता द्वारा अन्य राज्यों में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जाएगा, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। हरियाणा की 90 सीट पर 464 निर्दलीय और 101 महिलाओं सहित कुल 1,031 उम्मीदवार मैदान में थे। इन सीटों पर पांच अक्टूबर को एक ही चरण में मतदान हुआ था। कई एग्जिट पोल ने हरियाणा में कांग्रेस की जीत का अनुमान जताया था। इस बार हरियाणा में 67.90 फीसदी मतदान हुआ था। नेशनल कॉन्फ्रेंस बनी सबसे बड़ी पार्टी जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सभी 90 सीटों पर चुनाव परिणाम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस को 42, बीजेपी को 29, कांग्रेस को 6, पीडीपी 3, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस 1, आप 1, सीपीआई-एम 1 और निर्दलीय 7 शामिल हैं. 'दो राज्यों को कर दिया कांग्रेस मुक्त', जी किशन रेड्डी केंद्रीय मंत्री और  जम्मू-कश्मीर बीजेपी विधानसभा चुनाव प्रभारी जी. किशन रेड्डी ने चुनाव परिणाम के रुझानो पर कहा, "NC ने लोगों को धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास किया. उन्होंने बहुत कुछ कहा, लेकिन इतना करने के बाद भी जम्मू और कश्मीर में हमें अच्छी सीटें मिली हैं. राहुल गांधी बार-बार कहते रहे कि पीएम मोदी पर जनता का विश्वास कम हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है. हरियाणा को हमने कांग्रेस मुक्त कर दिया है और जम्मू-कश्मीर भी कांग्रेस मुक्त हो गया है." क्या है भाजपा की वह ट्रिक दरअसल, भाजपा किसी भी राज्य में अपनी सरकार के लंबे कार्यकाल के खिलाफ उपजे जनाक्रोश या गुस्से को दबाने और एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर को कम करने के लिए चुनावों से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री को बदलती रही है। भाजपा ने इसका सफल प्रयोग गुजरात में किया था। उसके बाद उत्तराखंड में भी भाजपा इसे आजमा चुकी थी। उसी ट्रिक को भाजपा ने चुनावों से कुछ महीने पहले हरियाणा में भी आजमाया और तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हटाकर और उनकी जगह नायब सिंह सैनी की ताजपोशी करवा दी। भाजपा ने इसी के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को भी बदल दिया। खट्टर ने 26 अक्तूबर 2014 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह इस पद पर 12 मार्च 2024 तक रहे। फिर उनकी जगह उनके ही करीबी और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद भाजपा खट्टर को केंद्र की राजनीति में ले आई। इससे हरियाणा में खट्टर सरकार के प्रति जो नाराजगी और एंटी एनकम्बेंसी थी, वह कम हो गई। चूंकि नायब सिंह सैनी अभी नए-नए मुख्यमंत्री हैं और उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा और इस बीच उन्होंने कई जन कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया। इसलिए आम जनों को भाजपा ये संदेश देने में कामयाब रही कि सैनी को एक और मौका देना चाहिए, ताकि वह पूर्ण कार्याकल के लिए काम कर सकें। पीएम मोदी ने भी कम रैलियों को किया संबोधित खट्टर गैर जाट नेता थे और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की पसंद थे। चूंकि भाजपा लोकसभा चुनावों में यह देख चुकी है कि केंद्रीय नेतृत्व के प्रति जनाक्रोश है, इसलिए प्रदेश स्तर के नेताओं को चुनाव प्रचार में खुली छूट दी और संभवत: यही वजह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ चार चुनावी रैलियां हरियाणा में कीं, जबकि इससे पहले 2014 और 2019 में उन्होंने धुआंधार चुनाव प्रचार किया था। ऐसा कर प्रधानमंत्री ने जवानों, पहलवानों और अग्विनीरों के तथाकथित आक्रोश को भी कम करने की सोची समझी रणनीति पर काम की और चुनावों के दौरान केंद्र सरकार की कई संस्थाओं ने भर्तियों में अग्निवीरों के लिए कोटे का ऐलान किया। रही-सही कसर भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र के जरिए पूरी कर दी, जिसमें महिलाओं को कांग्रेस से भी ज्यादा नकद देने का वादा किया गया है। भाजपा ने और कहां अपनाई CM बदलो ट्रिक भाजपा ने गुजरात में 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले विजय रुपाणी की जगह भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बना दिया था। इससे नरेंद्र मोदी के बाद की सरकार के खिलाफ उपजा एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर कम हो गया था और 2022 के दिसंबर में गुजरात चुनावों में भाजपा फिर से जीतने में कामयाब रही थी। गुजरात में यह भाजपा की डबल हैट्रिक थी। इसी तरह उत्तराखंड में भी 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने वहां के … Read more

हरियाणा चुनाव से लगा झटका, छत्तीसगढ़-कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने बताया अप्रत्याशित और अकल्पनीय परिणाम

रायपुर। हरियाणा विधानसभा के लिए जारी मतगणना के बीच रुझानों में पिछड़ने से कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है. इसकी बानगी वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू के बयान में नजर आती है, जिन्होंने इसे अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि ऐसा सोचा भी नहीं था. हरियाणा के रुझानों पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि सोचा नहीं था कि ऐसे चुनाव परिणाम आएंगे. उम्मीद कर रहे थे कि दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बन रही है, लेकिन हरियाणा का परिणाम अप्रत्याशित है. जैसा रुझान रहा एमपी- छत्तीसगढ़ और अब हरियाणा के विधानसभा चुनाव में, सभी जगह एग्जिट पोल में फेल हो रहे हैं. किसी भी एजेंसी के सर्वे में कांग्रेस के पिछड़ने की बात नहीं थी. इसे लेकर प्रश्न चिन्ह उठता है. उन्होंने कहा कि राज्य में किसान, महिला, युवा – सभी सरकार से नाराज़ थे. इन सभी को देखते हुए हमारी पार्टी ने मैनिफ़ेस्टों तैयार किया गया था, इसका फ़ायदा मिलता. जनादेश को स्वीकार करेंगे, लेकिन गिनती पूरी होने तक उम्मीद है. recent visitors 114