Tuesday, July 7, 2026 1:20 pm

जो रूट का कैच छोड़ने पर बाबर आजम की हुई किरकिरी, सोशल मीडिया पर जमकर हुए ट्रोल

मुल्तान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट और हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन गुरुवार को कई बड़े रिकॉर्ड धराशायी कर दिए हैं। जो रूट ने दोहरा शतक तो वहीं हैरी ब्रूक ने तिहरा शतक जड़कर पाकिस्तान के गेंदबाजों की बैंड बजा दी है। मैच के चौथे दिन पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम की जमकर किरकिरी हुई है। क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट का एक आसान कैच छोड़ दिया था, उस समय अगर रूट का विकेट गिर जाता तो पाकिस्तान मैच में वापसी कर सकता था। बाबर आजम की इस गलती की वजह से पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। जो रूट ने अपने शतक को दोहरे शतक में बदला। ये घटना मैच के चौथे दिन हुई, जब जो रूट 186 के स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे। नसीम शाह के ओवर में रूट ने पुल शॉट खेला लेकिन गेंद उनके बल्ले पर सही से लगी नहीं और सीधे मिड विकेट पर खड़े बाबर आजम के हाथ में गई। बाबर आजम को एक आसान कैच मिला था लेकिन बाबर आजम से गलती हुई और कैच ड्रॉप हुआ। बाबर से कैच छूटने पर नसीम शाह ने निराशा जाहिर की। बाबर आजम के कैच छोड़ने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने उनको जमकर ट्रोल किया है। एक यूजर ने लिखा, ‘’ना बैटिंग आती, ना फील्डिंग और ना ही शर्म।'' कई यूजर्स ने उन्हें टीम से बाहर करने का सुझाव दिया। जो रूट ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और दोहरा शतक लगाया। जो रूट ने 375 गेंद में 262 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 17 चौके लगाए। जो रूट इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने इस मैच में 250 से अधिक रनों की पारी खेलते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 20 हजार रन भी पूरे कर लिए हैं। रूट के टेस्ट करियर का यह छठा दोहरा शतक है और वह इंग्लैंड की ओर से टेस्ट में दूसरे सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। हैरी ब्रूक ने भी अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया है। क्रिकेट इतिहास में यह दूसरी बार है, जब इंग्लैंड के दो बल्लेबाजों ने एक ही पारी में दोहरे शतक लगाने का कारनामा किया है। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों के बीच 400 रनों से अधिक की साझेदारी हो चुकी है। इंग्लैंड की ओर से टेस्ट की एक ही पारी में दो दोहरा शतक बनाने का कारनामा 1985 में भारत के खिलाफ चेन्नई में जो ग्रीम फाउलर और माइक गैटिंग ने किया था। recent visitors 76

प्रवेश द्वार पर होने से पड़ा यह नाम, राजस्थान-सिरोही में आबूरोड की तलेटी में विराजीं मुखरी माता

सिरोही. सिरोही में शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन आज हम आपको आबूरोड के तलेटी क्षेत्र स्थित मुखरी माता मंदिर के दर्शन करवा रहे हैं। मंदिर में चामुंडा माता विराजमान है। इस मंदिर के नाम के साथ मोर-मोरनी की तपस्या को लेकर भी इतिहास है। इस मंदिर में वैसे तो सालभर श्रद्धालुओं की आवजाही लगी रहती है। लेकिन जब बात नवरात्रि की हो तो भीड़भाड़ और बढ़ जाती है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने तथा धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन करने की भी सुविधा उपलब्ध है। सिरोही जिले से करीब 70 किलोमीटर दूर आबूरोड के तलेटी में पहाड़ी के ऊपर गुफा में चामुंडा माता (मुखरी माता) विराजमान हैं। आबूरोड रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेंड से पांच किलोमीटर सड़क मार्ग का सफर तय कर यहां पहुंचा जा सकता है। अगर आप माउंटआबू जा रहे हैं तो तलेटी तिराहा से महज 500 मीटर के बाद मुख्य रोड के समीप ही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार नजर आ जाएगा। यहां से अंदर की ओर जाने के बाद संपर्क सड़क मंदिर तक ले जाएगी। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसके लिए पहाड़ी पर सीढ़ियों तक सड़क बनी है, जहां तक वाहन जाते हैं। ऐसे में हर उम्र के श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के यहां तक पहुंच सकते हैं। मंदिर के पास ही श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए करीब एक दर्जन कमरे एवं बरामदा भी बना हैं। जहां पर श्रद्धालु अपने धार्मिक, पारिवारिक एवं सामाजिक आयोजन करते हैं। प्रवेश द्वार पर नाम पड़ा मुखरी माता गौरतलब है कि आबूरोड के तलेटी से माउंटआबू की चढ़ाई शुरू होती है। इसलिए इसे माउंटआबू का मुख या प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। चामुंडा माता के यहां विराजमान होने से इस मंदिर का नाम मुखरी माता हो गया। मंदिर की दूसरी खासियत यह है कि यहां मोर-मोरनी की तपस्या की भी कहानी है। मंदिर पुजारी सीताराम का कहना है कि सालों पहले शाम होते ही एक मोर-मोरनी का जोड़ा मंदिर में रात्रि विश्राम करने आता था। ये मोर-मोरनी बड़े तपस्वी थे। उनकी इच्छा थी अंतिम समय इसी मंदिर में व्यतीत हो सके। एक दिन सवेरे दोनों मोर मोरनी मृत अवस्था में मिले। तत्कालीन पुजारी द्वारा मोर मोरनी की इच्छानुसार जहां उनकी मौत हुई थी, वहीं पर समाधि बना दी गई। पास ही है गुफा मंदिर पुजारी सीताराम के अनुसार, पहाड़ी की एक शिला के नीचे चामुंडा माता के विराजमान स्थल के पास ही एक गुफा भी है, जो माउंटआबू में अधरदेवी (अर्बुदा देवी) मंदिर के समीप तक जाती है। यह करीब 22 किलोमीटर लंबी गुफा है। हालांकि, बीते लंबे समय से यह गुफा बंद है। यहां बकायदा लोहे का भी गेट है। सवेरे शाम दोनों समय इसकी भी पूजा अर्चना की जाती है। recent visitors 158

रातभर हुई नोटों की बरसात, छत्तीसगढ़-कोरियान में नवरात्रि पर दरोगा जी आई लव यू गाने पर डांसरों ने लगाए ठुमके

कोरिया. नवरात्रि में शहर से लेकर गांवों तक पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा अर्चना किया जा रही है। रात्रि में पूजन समितियों द्वारा माता का जगराता डांडिया-गरबा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भक्ति गीतों की बयार दिख रही है। श्रद्धालु भी इसे सुनकर भाव विभोर हो रहे हैं, लेकिन कोरिया के सोनहत बस स्टैंड के पास सब इसके विपरीत हो रहा है। यहां फूहड़ गानों पर जमकर पैसे लुटाए जा रहे हैं और अश्लीलता परोसी जा रही है। जानकारी के अनुसार, इस तरह के आयोजन छत्तीसगढ़ के तमाम इलाकों में हो रहे हैं। मैनपाट के नर्मदापुर में भी यही हुआ और अब कोरिया जिले का वीडियो सामने आया है। वीडियो में पांच-छह महिला डांसर मंच पर डांस कर रही हैं। दरोगा जी चोरी हो गई, दरोगा जी आई लव यू लव यू, यारा ओ यारा, ए पान वाला बाबू, कोयली बिना जैसे अनेकों गीतों पर रातभर पैसों की बरसात होती रही। कार्यक्रम को देखने स्थानीय से लेकर आसपास के कई गांवों के बच्चे युवा से लेकर पुरुष महिला और बुजुर्ग पहुंचे थे। ऐसे में सवाल यह उठता हैं कि नवरात्रि में मां की भक्ति के बीच ऐसे आयोजन कहां तक जायज हैं? ऐसे कार्यक्रमों में पैसों का अपमान कहां तक जायज है? ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति को क्यों दी जाती है? ऐसे कार्यक्रमों में पुलिस की मौजूदगी का क्या मतलब है? recent visitors 130

शोरूम से निकलते ही हादसा, छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा में कार सवार ने चार बाइकों को मारी टक्कर

जांजगीर चांपा. जांजगीर चांपा जिले के चांपा रोड स्थित सत्या कार शोरूम से नई कार लेकर बाहर निकलते समय ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबा दिया। इस दौरान सामने खड़ी चार बाइकों में टक्कर मार दी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जानकारी अनुसार, सत्या कार शोरूम से लाल सिंह नयन ने ब्रेजा कार ली थी। पूजा कराने के बाद निकाल रहे थे। बताया जा रहा है लाल सिंह को गाड़ी चलानी नहीं आती है। वह अभी कार चलाना सीख रहे हैं। इस कारण से उन्होंने कार निकालते समय ब्रेक की जगह एक्सीलेटर को दबा दिया, जिससे कार ने सड़क किनारे खड़ी चार बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से सभी बाइक सड़क किनारे से दूसरे सड़क में करीबन 30 मीटर दूर जा गिरीं। वहीं, कार खुले मैदान में जा रूकी। बड़ा हादसा टल गया। कोई भी बाइक के पास खड़ा नहीं था। जितनी बाइक को टक्कर लगी थी, उन बाइक के मालिकों को मुआवजा भी दिया गया है। वहीं, पूरे घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। recent visitors 110

इंग्लैंड ने भारत का 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर डाला, 700 का आंकड़ा किया पार

मुल्तान पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट मैच में जिस तरह से गेंदबाजों का बुरा हाल हो रहा है, उसकी हर तरफ थू-थू हो रही है। मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम की फ्लैट पिच पर पहले दिन से ही रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बने जा रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाया, तो वहीं इंग्लैंड की ओर से दो बल्लेबाज दोहरा शतक लगा चुके हैं। इस मैच के दौरान इंग्लैंड ने भारत का 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर डाला है। पाकिस्तान में किसी विजिटिंग टीम द्वारा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकॉर्ड इस टेस्ट मैच से पहले भारत के नाम दर्ज था। भारत ने इसी मैदान पर 2004 में पांच विकेट पर 675 रनों पर पारी घोषित की थी। यह वही टेस्ट मैच था, जिसमें वीरेंद्र सहवाग ने ट्रिपल सेंचुरी लगाई थी और सचिन तेंदुलकर 194 रनों पर नॉटआउट लौटे थे। इंग्लैंड ने मुल्तान टेस्ट में 700 रनों का आंकड़ा पार कर लिया है, भारत के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड मुल्तान टेस्ट मैच का चौथा दिन है, और जिस तरह से इस पिच से गेंदबाजों को बिल्कुल मदद नहीं मिल रही है, उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि यह टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म होगा। पाकिस्तान ने टॉस जीता और पहले बैटिंग करते हुए 556 रन बनाए। कप्तान शान मसूद ने सबसे ज्यादा 151 रनों का योगदान दिया, जबकि आगा सलमान ने 104 रनों की जबकि अब्दुल्ला शफीक ने 102 की पारियां खेली। आगा नॉटआउट लौटे थे। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, कप्तान ओली पोप बिना खाता खोले आउट हो गए थे, लेकिन इसके बाद इंग्लिश बैटर्स ने पाकिस्तानी गेंदबाजों को खुशी मनाने के बहुत कम मौके दिए। जो रूट 375 गेंदों पर 262 रन बनाकर आउट हुए और इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की ओर से कई सारे रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिए। जिसमें इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा टेस्ट रनों का रिकॉर्ड भी शामिल है। इस पारी के दौरान रूट ने 20000 इंटरनेशनल रन भी पूरे किए। इंग्लैंड की ओर से जैक क्रॉउली ने 78 जबकि बेन डकेट ने 84 रनों की पारी खेली। हैरी ब्रूक भी 280 से ज्यादा रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। recent visitors 70

कंधे पर अर्थी रख कमर तक पानी से गुजरते हैं लोग, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में संघर्षभरी अंतिम यात्रा

चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी कस्बे के निकटवर्ती कीरखेड़ा में बरसात के दिनों में किसी की मौत होने पर अंतिम यात्रा में लोगों को काफी संघर्ष करना पड़ता है। कंधों पर अर्थी को लेकर कमर या उससे अधिक गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। यह समस्या विगत डेढ़ दशक से व्याप्त है। इसके बावजूद लोगों के सुविधाजनक रास्ता बनाने को लेकर जनप्रतिनिधियों या प्रशासन की ओर से वर्षों बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को उठाना पड़ता है। आलम यह हो जाता है कि लोगों को बरसात के दिनों में अर्थी को कंधे पर लेकर पानी से होकर निकलना पड़ता है। ऐसे ही हालात की बानगी बुधवार को भी देखने को मिली है। यहां कीरखेड़ा में किसी की मौत होने पर अंतिम यात्रा बनास नदी से होकर कस्बे के श्मशान घाट तक आती है। हालांकि, कीरखेड़ा सोमी ग्राम पंचायत का गांव हैं। लेकिन कीरखेड़ा के लोग मूलत: राशमी के ही होने के कारण कस्बे के श्मशान घाट पर ही शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। कीरखेड़ा निवासी मोहनी बाई कीर मंगलवार रात को मौत हो गई थी। इसका अंतिम संस्कार बुधवार को हुआ। सभी रिश्तेदारों के आने के बाद अर्थी लेकर श्मशान के लिए निकले। अर्थी को बनास नदी से होकर श्मशान घाट लाया गया। इस दौरान अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले परिजनों एवं रिश्तेदारों को करीब दो से तीन फीट गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। नदी की चौड़ाई करीब 300 मीटर है। इससे लोगों में खासा आक्रोश भी दिखा। वर्षों पुरानी मांग है, लेकिन उसे पूरा नहीं किया जा रहा है। कीर समाज के जिलाध्यक्ष रतनलाल कीर ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार उच्च स्तर पर भी अवगत कराया गया। लेकिन अभी तक रास्ते की समस्या जस की तस है। रतनलाल के अनुसार, यहां पक्का काजवे बना कर या कस्बे से बनास नदी पर बख्तावर पुरा के रास्ते बने एनिकट से पक्का रास्ता बना कर समस्या से निजात दिलाई जा सकती है। पक्का रास्ता नहीं होने से ग्रामणों में आक्रोश है। जब भी बरसात के दौरान किसी का निधन होता है, तब इस समस्या से जूझना पड़ता है। recent visitors 68

नवरात्रि के पंडाल में परिवार को मिली अपार खुशी, छत्तीसगढ़-कोरबा में सालभर पहले बिछड़ी बालिका मिली

कोरबा. कोरबा में शारदीय नवरात्र पर्व कोरबा जिले के एक परिवार को अपार खुशी देने का माध्यम बन गया, जब  उसकी बिछड़ी हुई बालिका अचानक मिल गई। पूजा पंडाल में उसे एक परिजन ने देखा और जानकारी दी। जरूरी औपचारिकता के साथ अपना घर सेवा आश्रम ने बालिका को उसके परिजनों को सौंप दिया। सार्वजनिक रूप से होने वाले कार्यक्रमों के दौरान कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जब भीड़भाड़ में छोटे बच्चे गुम हो जाते हैं और फिर वह पर्याप्त जानकारी के अभाव में अपने परिजनों से मिल नहीं पाते। ऐसे में पुलिस आगे के विकल्प पर काम करते हुए ऐसे बच्चों को पूर्ण संस्थाओं के हवाले कर देती है जो चाइल्ड केयर को लेकर काम करते हैं। कोरबा जिले के पाली तानाखार क्षेत्र में पिछले वर्ष ऐसे ही घटना हुई थी जहां एक बालिका नवरात्र पर्व देखने के दौरान गुम गई थी। उसे समय परिजनों ने अपने स्तर पर यहां वहां उसकी तलाश की लेकिन कोई परिणाम नहीं मिले।परिजनों ने इसकी शिकायत सम्बंधित थाना पुलिस से भी की थी पुलिस ने भी काफी खोजबीन की लेकिन कोई पता नही चल सका। तब उनके मन में निराशा छा गई और वह शांत हो गए। इस वर्ष यह बालिका दुर्गा पूजा के अवसर पर एक पूजा पंडाल में दिखाई दी जिसे उसके भाई ने पहचान लिया। परिजनों को यह पता चला तो वह खुशी से झूम उठे। उन्होंने लंबी अवधि तक बालिका को सुरक्षित रखने के लिए सेवा आश्रम का धन्यवाद ज्ञापित किया और बालिका के मिलने पर खुशी जताई। सेवा आश्रम के संचालक राणा सिह ने बताया कि पिछले वर्ष डायल 112 की टीम इस बालिका को लेकर हमारे पास पहुंची थी।उसकी मानसिक स्थिति थोड़ा खराब था पता नही बता पा रही थी उसे आश्रम में रखा गया था। नवरात्र के दौरान आश्रम की ओर से सभी लोगो को धुमाने लेकर गए हुए थे इस दौरान अचानक परिजनों को पहचान ली।नवरात्र पर बालिका का अपने परिजनों से मिलन काफी सुखद रहा है और इसे वे देवी का चमत्कार मानते हैं। बालिका की नानी सुकवरा बाई ने बताया कि उसे भरोसा नही है माँ का चमत्कार ही मान रहे हैं जो एक वर्ष पहले नवरात्र में गुम हुई थी और ठीक नवरात्र में मिल गई माँ का चमत्कार ही मानते है। संस्था ने विधि पुलिस को सूचना दी और अग्रिम करवाही करते हुए सुपुर्द किया गया। recent visitors 100