Sunday, July 5, 2026 9:23 pm

सरायकेला में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर हेमंत सोरेन को घेरा, सरकार बनी तो हम घुसपैठ के खिलाफ कानून लेकर आएंगे

सरायकेला झारखंड में पहले फेज की वोटिंग से पहले सियासी पारा हाई है। बीजेपी ने जेएमएम के ऊपर राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। सोमवार को सरायकेला की एक जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासियों की घटती आबादी का जिक्र करते हुए बड़ा एलान कर दिया। अमित शाह ने कहा, "आदिवासियों की आबादी घट रही है, जबकि घुसपैठिए बढ़ रहे हैं। अगर बीजेपी की सरकार बनी तो हम घुसपैठ को पूरी तरह से खत्म कर देंगे"। बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि हम एक कानून लाएंगे, जहां अगर कोई घुसपैठिया किसी आदिवासी महिला से शादी करता है, तो भी उसे महिला की जमीन ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी। हेमंत सोरेन पर बरसे अमित शाह अमित शाह ने झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्टार प्रचारक हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि जिस तरह से चंपई सोरेन (पूर्व सीएम) को अपमानित किया गया और मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, वह सही नहीं है। यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है। अमित शाह ने आगे कहा, "चंपई सोरेन इतने वर्षों से वफादार रहे हैं, हेमंत जी के साथ खड़े रहे, लेकिन जिस तरह से उन्हें अपमानित किया गया और हटाया गया, यह सिर्फ चंपई सोरेन का अपमान नहीं है, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है।" भ्रष्टाचार पर कांग्रेस को घेरा अमित शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, एक कांग्रेस नेता के आवास से भारी मात्रा में नकदी जब्त की गई। यहां अमित शाह पूर्व मंत्री आलमगीर आलम का जिक्र कर रहे थे। बता दें कि उनके आवास से 30 करोड़ रुपये और नोट गिनने की 27 मशीनें बरामद की गईं थी। झामुमो-कांग्रेस-राजद पर घोटालों का आरोप केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह नियमित रूप से घोटाले करती है। उन्होंने (झामुमो-कांग्रेस-राजद) मनरेगा में 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया, 300 करोड़ रुपये का भूमि घोटाला किया, 1,000 करोड़ रुपये का खनन घोटाला किया और हजारों करोड़ रुपये का शराब घोटाला किया। पेपर लीक पर बोले अमित शाह उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने कहा, "हेमंत सोरेन की सरकार में भ्रष्टाचार हुआ और परीक्षा के पेपर लीक हुए। बीजेपी सरकार सत्ता में आने के बाद हम इन पेपर लीक करने वालों को सबक सिखाएंगे। recent visitors 62

सूचना के अधिकार के तहत मांगी जानकारी तो आवेदक पर हो गई एफआईआर

When information was sought under the Right to Information Act, an FIR was lodged against the applicant. छतरपुर परियोजना अधिकारी रजनी शुक्ला पर लग रहे हैं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप! मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला छतरपुर। महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी रजनी शुक्ला की हिटलरशाही सिर चढ़कर बोल रही है। बीते दिनों एक आवेदक ने उनका विकलांग सर्टिफिकेट सूचना के अधिकार के तहत मांग लिया तो लगे हाथ आवेदक पर राजनगर थाने में एफआईआर दर्ज हो गई। राजनगर की पुलिस ने भी इस काम में आँख बंद कर कार्यवाही कर दी। यह मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच गया है। दरअसल, छतरपुर जिले के ब्रजेश अवस्थी ने रजनी शुक्ला पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका की भर्ती एवं पोषण आहार वितरण में की जा रही अनियमितताएं व भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत महिला बाल विकास अधिकारी छतरपुर से की गई थी। इसके अलावा छतरपुर कलेक्टर से भी परियोजना अधिकारी की शिकायत होने से बौखलाई रजनी शुक्ला ने ब्रजेश अवस्थी के खिलाफ राजनगर थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज कर दी है। अपील तक पहुंचने से गरमाया मामला ब्रजेश शुक्ला ने सूचना के अधिकार के तहत उनके विकलांगता के प्रमाण पत्र की छायाप्रति मांगी थी जो कि रजनी शुक्ला ने उपलब्ध नहीं कराई। जिसकी अपील जिला कार्यक्रम अधिकारी के यहां की गई। रजनी शुक्ला राजनगर परियोजना के साथ बमीठा परियोजना का भी अतिरिक्त प्रभार लिए हुए है। राजनगर ब्लाक के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार वितरण नहीं किया जाता। गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पंजीरी व गुड़ की चिक्की भी नहीं दी जाती। हर माह लाखों रुपए के बिल पोषण आहार के लगाकर राशि बंदरबांट की जाती है। जिसकी शिकायत होने के बाद से परियोजना अधिकारी रजनी शुक्ला ने अपने ऑफिस में ब्रजेश अवस्थी को फोन करकर बुलाया और उसके बाद एक झूठी रिपोर्ट राजनगर थाने में शासकीय कार्य में बाधा व गाली गलौज किए जाने की एफआईआर दर्ज करा दी। झूठी शिकायत की निष्पक्ष जांच की मांग पीड़ित ब्रजेश अवस्थी ने बताया कि डीआईजी छतरपुर एवं एसपी छतरपुर से झूठी शिकायत की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। गौरतलब हो कि ब्रजेश अवस्थी तनय पुष्पेन्द्र अवस्थी निवासी ललपुर ने यह आवेदन दिनांक 4 नवंबर 2024 को डीआईजी छतरपुर को दिया था परंतु झूठी एफआईआर पर अभी तक कोई जांच नहीं की गई है। इस संबध की शिकायत राजनगर एसडीएम से भी 13 अगस्त 2024 को पूर्व में की गई थी, लेकिन राजनगर एसडीएम ने भी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की। पुलिस के द्वारा ब्रजेश अवस्थी के ऊपर धारा 296,35(2), 132 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अवस्थी की माँ समिति की अध्यक्ष ब्रजेश अवस्थी की मां जनपद पंचायत राजनगर की महिला बाल विकास समिति की अध्यक्ष हैं। उनका आरोप है कि पूरे ब्लाक में पोषण आहार से लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती में रजनी शुक्ला के द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया है। इस संबंध की शिकायत उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से की है। अब देखना है पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन क्या कार्यवाही करता है। recent visitors 394

खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अब अयोध्या राम मंदिर को निशाना बनाने की धमकी दी

कनाडा कनाडा में हिन्दू सभा मंदिर में बवाल के बाद अब खालिस्तानियों की नजर भारतीय मंदिरों पर भी है। खबर है कि खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अब अयोध्या राम मंदिर को निशाना बनाने की धमकी दे दी है। इसके अलावा उसने कनाडा में ही दो और मंदिरों का भी जिक्र किया है। हाल ही में पन्नू ने वीडियो जारी कर भारत सरकार को धमकी दी है। लाइव हिन्दुस्तान वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में पन्नू ने अयोध्या को 'हिंसक हिन्दुत्व विचारधारा की जन्मस्थली' करार दिया है। वीडियो में खालिस्तान समर्थक को कहते हुए सुना जा सकता है, '…कनाडा अयोध्या नहीं है। आरएसएस, बजरंग दल, बीजेपी के लोगों ने कनाडा में गुरुद्वारा साहब पर हमलों की कोशिश की है। अब हम आपकी अयोध्या की बुनियाद हिलाने जा रहे हैं…।' कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को धमकी वीडियो में पन्नू ने हिन्दू सभा मंदिर के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को भी धमकी दी है। उसने कहा, 'घर में घुसकर मारेंगे का नारा लगा रहे और खालिस्तान समर्थक रैली पर हमला करने वाले हिन्दू सभा मंदिर के समर्थकों, तुम सब 1984 डेथ स्क्वॉड की संतान हों, जिसने सिख नरसंहार किया।' पन्नू ने आगे कहा, 'अगर हमने किसी भी कनाडाई-भारतीयों को भारतीय तिरंगा लहराते हुए देखा तो आपको सिखों और कनाडा का दुश्मन मान लिया जाएगा। याद रहे कि युद्ध खालिस्तान समर्थक और भारत सरकार के बीच है। भारतीय-कनाडाई दूर रहें और सुरक्षित रहें…। भारतीय-कनाडाई या तो कनाडा के साथ वफादार रहें या कनाडा छोड़ दें।' कनाडा में निशाना बनेंगे मंदिर वीडियो के अनुसार, पन्नू का कहना है, 'भारतीय राजनयिकों के लिए अगली चुनौती 16 नवंबर को टोरंटों में कालिबारी मंदिर और 17 नवंबर को ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर में मिलेगी।' हाल ही में हिन्दू सभा मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं पर खालिस्तान समर्थकों की भीड़ ने हमला कर दिया था। कनाडा में भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने घटना का वीडियो भी शेयर किया था। इस घटना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की थी। साथ ही भारत सरकार ने भी इसपर चिंता जाहिर की थी। recent visitors 81

पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप और यौन उत्पीड़न मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रज्वल काफी प्रभावी व्यक्ति हैं। रेवन्ना की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि चार्जशीट के मुताबिक शुरुआती शियाकत में आईपीसी की धारा 376 नहीं लगाई गई थी। बेंच ने कहा कि कर्नाटक हाई कोर्ट के 21 अक्टूबर के आदेश में दखल नहीं दिया जाएगा। रोहतगी ने कहा छह महीने बाद वह कोर्ट जाने की उन्हें छूट दी जानी चाहिए। बेंच ने कहा कि इसपर वे कुछ नहीं कह सकते और फिर याचिका खारिज कर दी। बता दें कि अगस्त में एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ 2144 पेज की चार्जशीट फाइल की थी। चार्जशीट में प्रज्वल रेवन्ना के घर में काम करने वाली महिला के यौन शोषण की बात भी कही गई थी। इसके अलावा उनके खिलाफ दो और यौन उत्पीड़न के मामलों का जिक्र इसमें था। इससे पहले प्रज्वल रेवन्ना ने जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दी थी। हाई कोर्ट ने हासन के पूर्व सांसद की दो अग्रिम जमानत याचिकाओं को भी खारिज कर दिया था। प्रज्वल होलेनरसिपुरा से जद (एस) विधायक एच डी रेवन्ना के पुत्र और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के पोते हैं। प्रज्वल रेवन्ना पर आरोप हैं कि उन्होंने कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनका वीडियो भी बनवाया। लोकसभा चुनाव से पहले वीडियो लीक हो गए थे। इसके बाद वह काफी दिनों तक गायब रहे और फिर एक वीडियो मेसेज भेजने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था। recent visitors 72

महानगर में इन दुकानदारों को मिली सिर्फ 15 दिन की मोहलत, फिर होगा बड़ा एक्शन

लुधियाना नगर निगम द्वारा महानगर में सड़कों के किनारे हुए अवैध कब्जों पर सख्ती बढ़ाई जाएगी। यह संकेत कमिश्नर आदित्य द्वारा सोमवार को बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे खड़े रहने वाले रेहड़ी वालों के अलावा दुकानदारों द्वारा कई फुट बाहर तक सामान रखने की वज़ह से ट्रैफिक जाम की समस्या आ रही है। कमिश्नर के मुताबिक इस तरह कब्जे होने की वजह से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और जब नगर निगम द्वारा कार्रवाई की गई तो कब्जे करने वालों को दिक्कत होगी। कमिश्नर ने कहा कि पहले फेस्टिवल सीजन के दौरान छूट दी गई थी और अब सर्दियों के दौरान लुधियाना के अंदरूनी इलाके में भीड़ बढ़ जाती है जिसके मद्देनजर कब्जाधारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है जिसके बाद भी खुद कब्जे न हटाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नगर निगम द्वारा पुख्ता ड्राइव शुरू की जाएगी।   recent visitors 40

सीएम ने दक्षिण विधानसभा के मुख्य मार्ग पर रोड शो

रायपुर रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को शाम पांच बजे प्रचार अभियान पर विराम लग गया।  प्रचार खत्म होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, प्रत्याशी सुनील सोनी के नेतृत्व में दक्षिण विधानसभा के मुख्य मार्ग पर रोड शो किया गया। उक्त नेता एक ही वाहन मेंं सवार थे। बाद के वाहनों में भाजपाध्यक्ष किरणदेव सिंह, अन्य मंत्री, विधायक, संगठन पदाधिकारी सवार थे। जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए थे जहां से पुष्प वर्षा की जा रही थी। ढोल, धमाल, नर्तक दल, आतिशबाजी और गगनभेदी नारों से पूरा शहर आज भाजपामय हो गया था। मतदान 13 तारीख को होगा और रायपुर दक्षिण में 2 लाख 70 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। भाजपा के रोड शो की शुरूआत जयस्तंभ चौक से हुई। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ लोगों की भारी भीड़ थी। प्रचार वाहन के आगे कार्यकर्ता चल रहे थे। विभिन्न मार्गों से होकर निकली रोड शो का नेताजी चौक कटोरातालाब में समापन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने मतदाताओं से हाथ जोड़कर भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी को जिताने की अपील की। महिला कार्यकर्ता और युवाओं की टीम पूरे रोड शो के दौरान भाजपा के पक्ष में नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। चूंकि समयाभाव था इसलिए काफिला काफी तेजी से आगे बढ़ रहा था और कई जगहों पर तो कार्यकतार्ओं को दौड़ भी लगानी पड़ रही थी। आज रात और कल डोर टू डोर संपर्क करेंगे लेकिन नियम के दायरे में रहकर। recent visitors 51

संजय मांजरेकर ने कहा- बीसीसीआई को गौतम गंभीर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए भेजना ही नहीं चाहिए, उन्हें बात करनी नहीं आती

नई दिल्ली टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसके बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने उन्हें लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विवादित पोस्ट किया है। संजय मांजरेकर के मुताबिक, बीसीसीआई को गौतम गंभीर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए भेजना ही नहीं चाहिए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि गंभीर को बात करनी नहीं आती, उनकी जगह रोहित या अगरकर को इस काम के लिए भेजना चाहिए। मुंबई में मुख्य कोच की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मांजरेकर ने एक्स पर अपनी भड़ास निकाली। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली के फॉर्म से लेकर इस महीने की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली शर्मनाक हार तक कई मुद्दों पर बात की। अपने जवाब में गंभीर ने बहुत ही बेबाकी से बातें कहीं, जो मांजरेकर की टिप्पणियों की वजह हो सकती हैं। मांजरेकर ने पोस्ट में लिखा, "गौतम गंभीर की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी। इसके बाद मुझे लगता है कि उन्हें इस तरह की ड्यूटी से अलग रखना बीसीसीआई के लिए समझदारी वाला फैसला होगा। गंभीर को पर्दे के पीछे ही काम करने दें। उनके (गंभीर के) पास न सही शब्द हैं, न ही सही तमीज है कि वह उनसे बात कर पाएं। मीडिया से बातचीत करने के लिए रोहित और अगरकर सही हैं।" विराट कोहली के फॉर्म पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पर पलटवार करते हुए कहा, "रिकी पोंटिंग का भारतीय क्रिकेट से क्या लेना-देना है? उन्हें ऑस्ट्रेलिया के बारे में बात करनी चाहिए।" दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में 3-0 की ऐतिहासिक हार के बाद सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करने के बारे में एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए गंभीर ने कहा, "इससे मेरे और किसी और के जीवन में क्या फर्क पड़ता है? जब मैंने यह नौकरी संभाली, तो मैंने हमेशा सोचा था कि यह एक बहुत ही कठिन काम होने वाला है और साथ ही एक बहुत ही प्रतिष्ठित काम भी। ईमानदारी से, मुझे नहीं लगता कि मैं दबाव महसूस कर रहा हूं क्योंकि मेरा काम पूरी तरह से ईमानदार होना है। नतीजे कभी हमारे पक्ष में होते हैं और कभी नहीं। इसलिए हमें अब अगली सीरीज पर फोकस करना है।" संजय मांजरेकर ने जिस तरह से खुलकर गौतम गंभीर पर सवाल उठाए हैं, उसके बाद विवाद होना निश्चित नजर आ रहा है। recent visitors 51