Sunday, July 5, 2026 10:21 pm

पॉलीग्राफी टेस्ट से खुलासा, 30 मिनट एकता का शव कार में लेकर घूमता रहा जिम ट्रेनर, ऑफिसर्स क्लब में दफनाया

कानपुर कानपुर में ग्रीन पार्क की पार्किंग में हत्या को अंजाम देने के बाद विमल एकता का शव लेकर आधे घंटे तक शहर में घूमता रहा। पहले गंगा बैराज और उन्नाव में शव फेंकने की फिराक में था पर भीड़ अधिक होने से उसकी हिम्मत नहीं पड़ी। फिर शव दफनाने की सबसे मुफीद जगह ऑफिसर्स क्लब ही नजर आई। सुबह शव दफनाने के बाद जिम ट्रेनर क्रॉस चेक करने के लिए दोपहर डेढ़ बजे क्लब गया। वहां पर मिट्टी कम पड़ी होने के बाद दोबारा शव पर मिट्टी डाली। बच्चे मानने को तैयार नहीं, मां इस दुनिया में नहीं एकता की मौत बच्चों को जिंदगी भर का जख्म दे गई। दो बच्चे तीसरी में हार्दिक तो छठवीं में अर्शी पढ़ती है। मां के आंचल में छिपकर सोने वाले इन मासूमों के सिर से विमल ने आंचल छीन लिया। राहुल के मुताबिक बहुत सी चीजें अभी सामने आनी बाकी हैं लेकिन उसके पास सबसे बड़ी समस्या बच्चों की है। मां से बेहद प्यार करने वाले बच्चे हर समय एकता की बात करते हैं। सोते-जागते, स्कूल जाते और किसी से भी बात करने के दौरान बच्चों का यही प्रश्न होता है कि मां कहां हैं। राहुल ने बताया कि कार्रवाईसे वह संतुष्ट नहीं है। न जाने कुछ ऐसा लग रहा है कि बहुत कुछ अधूरा है। इसलिए जल्द ही सीएम से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करूंगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश करने के साथ पुलिस के संपर्क में रहेंगे। पूरी कोशिश करेंगे कि विमल को ऐसी सजा मिले जिससे पत्नी की आत्मा को शांति मिल सके। जेल में बदल गया मिजाज विमल के चेहरे पर पहले दिन शिकन दिखाई दी लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतने लगे वह शातिर अपराधी की तरह व्यवहार करने लगा। पुलिस कस्टडी रिमांड से वापस जेल पहुंचने के बाद तो विमल का अंदाज बेहद शातिराना हो गया, इसके लिए उसे जेल प्रबंधन ने डांटा भी। उसे बताया गया कि ये जेल है, तुम्हारी मनमानी नहीं चलेगी। जेल मैनुअल के हिसाब से चलना होगा। कुछ चीजों के लिए विमल ने जेल प्रबंधन से मांग की तो उससे कहा गया कि ये चीजें जेल मैनुअल के मुताबिक नहीं हैं। पॉलीग्राफी टेस्ट से खुलासा पुलिस के मुताबिक 48 घंटे की कस्टडी रिमांड में सारे सवालों के जवाब मिल गए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि बहुत से सवाल ऐसे हैं जिनके उत्तर नहीं मिले हैं। अगर पुलिस विमल का पॉलीग्राफी कराए तो हत्याकांड के तमाम बिंदुओं से पर्दा उठ सकता है। विवेचक पर निर्भर करता है अगर संतुष्ट नहीं है तो इस टेस्ट के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अनुमति मांग सकता है। विमल की अनुमति भी लेनी होगी। डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि एकता हत्याकांड में कुछ रिपोर्ट आने के बाद जल्द मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी जिससे विमल सोनी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। recent visitors 83

हॉलीवुड सिंगर जैसन डेरुलो संग नजर आए यो यो हनी सिंह, बुर्ज खलीफा के सामने दिया पोज

मुंबई, भारतीय रैपर यो यो हनी सिंह इंटरनेशनल सिंगर जेसन डेरुलो के साथ दुबई स्थित बुर्ज खलीफा के सामने पोज देते कैमरे में कैद हुए। हनी सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर फैंस को इसकी झलक दिखाई है। भारतीय रैपर यो यो हनी सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय गायक जेसन डेरुलो के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जिसे ‘ब्लू है पानी’ सिंगर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। तस्वीर में डेरुलो यो यो हनी सिंह के साथ दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के सामने पोज देते हुए दिखाई दे रहे हैं। हनी सिंह ने तस्वीर को शेयर कर कैप्शन में लिखा, “दुबई में सुपरस्टार जेसन डेरुलो का स्वागत है।” तस्वीर के बैकग्राउंड में अमेरिकी सिंगर का गाना “स्वल्ला” बज रहा है। 2009 में डेरुलो के सोलो रिकॉर्डिंग करियर के डेब्यू के बाद से उन्होंने दुनिया भर में 250 मिलियन से अधिक सोलो बेचे हैं और अमेरिका में चौदह प्लेटिनम सोलो हासिल किए हैं। वह एक रिकॉर्डिंग कलाकार बन गए और मई 2009 में अपना पहला सोलो “व्हाटचा से” रिलीज किया। यह यूएस बिलबोर्ड हॉट 100 पर नंबर एक पर पहुंच गया। डेरुलो का फ्यूचर हिस्ट्री नामक उनका दूसरा एल्बम 2011 में आया, यूके का नंबर-एक सोलो “डोंट वाना गो होम” और “इट गर्ल” टॉप की लिस्ट में शामिल हो गया। साल 2013 में डेरुलो का तीसरा इंटरनेशनल एल्बम ‘टैटूज’ रिलीज हुआ। डेरुलो के चौथे स्टूडियो एल्बम एवरीथिंग इज 4 से पहले “वांट टू वांट मी” आया था, जो अमेरिका में उनका छठा टॉप-टेन हिट और यूके में उनका चौथा नंबर-वन था। 2020 में, डेरुलो ने न्यूजीलैंड के रिकॉर्ड निर्माता जॉश 685 के साथ सिंगल “सैवेज लव (लैक्स्ड – साइरन बीट)” रिलीज किया, जो दुनिया भर में चार्ट में सबसे ऊपर रहा। गगनचुंबी इमारत बुर्ज खलीफा 2009 के बाद से दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड रखती है, जिसने ताइपे 101 को पीछे छोड़ दिया है। बुर्ज खलीफा का निर्माण 2004 में शुरू हुआ था, जिसका बाहरी हिस्सा पांच साल बाद 2009 में पूरा हुआ। recent visitors 212

चयनित खिलाड़ियों को कलेक्टर ने दी बधाई, शालेय राष्ट्रीय स्टार हेतु खिलाड़ी चयनित

शहडोल शालेय राष्ट्रीय स्टार की प्रतियोगिता हेतु चयनित खिलाड़ियों को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सहायक संचालक खेल रईस अहमद ने जानकारी दी है कि अशासकीय ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में अध्यनरत आदित्य विश्वकर्मा कक्षा 11वीं का चयन भला फेक (जैवलिन थ्रो) एथलेटिक्स 19 वर्ष आयु वर्ग बालक के लिए शालेय राष्ट्रीय स्टार की प्रतियोगिता के लिए किया गया। उन्होंने बताया कि मेगा स्पोर्ट्स कंपलेक्स रांची (झारखंड) 25 नवम्बर से 28 नवम्बर 2024 तक आयोजित होगी। इसी तरह ऋषिका वर्मा ,पिता दयानंद वर्मा कक्षा ग्यारहवीं 11वीं ,19 वर्ष आयु वर्ग बालिका, अशासकीय ज्ञानोदय उत्तर माध्यमिक विद्यालय शहडोल का चयन सीपक टकरा खेल में शालेय राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है, राष्ट्रीय प्रतियोगिता, कोहिमा नागालैंड में दिनांक 25 से 27 नवंबर 2024 तक भाग खेलेगी, रिश्का वर्मा शालेय राज्य स्तर प्रतियोगिता छतरपुर में ही उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मध्य प्रदेश टीम में चयन किया गया। recent visitors 35

पटवारी वैढ़न के रसूख के आगे प्रशासन भी नतमस्तक

सिंगरौली सिंगरौली जिले का वैढ़न हल्का एक ऐसा हल्का है जहां एक बिंदी के बराबर की जमीन की यदि नक्शे में हेरफेर कर दिया जाये तो उसमें लाखों रूपये की कमाई हो जायेगी। मुख्यालय के हल्के में जमीनों के दाम इतने हैं कि यहां दो चार लाख रूपये की कीमत कुछ नहीं ऐसे में वैढ़न हल्का में जो भी पटवारी काम करता है वह एक तरह से जिले का सबसे कमाऊ कर्मचारी बन जाता है। वर्तमान में कई वर्षों से यहां उमेश नामदेव अंगद की तरह अपना पॉव जमाये हुये हैं। उमेश नामदेव के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों उन्हें निलंबित कर दिया गया परन्तु कुछ ही घंटों में उनका निलंबन वापस हो गया। इतने लम्बे समय से वैढ़न हल्के में अपना वर्चस्व जमाये पटवारी नामदेव कोई दूध के धुले नहीं हैं बल्कि अपनी पकड़ की बदौलत वह वैढ़न हल्का पर राज कर रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति का मामला हो या फर्जी हस्तांतरण का मामला, इस तरह की कई शिकायतें प्रशासन के पांस पहुंचती तो हैं परन्तु कोई कार्यवाही नहीं होती जिससे हल्का में रहने वाले लोगों में भी अब निराशा छा गयी है। जिले के अन्य पटवारियों के अपेक्षा बैढ़नन पटवारी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। पटवारी श्री नामदेव की गिनती जिले के बड़े हवेली के मालिक रूप में होती है। समूचे बैढ़न में साहब की निलंबन की चर्चा जारी पर है। चचा है कि सोमवार को अपर कलेक्टर ने कार्य में लापरवाही बरतने में निलंबन का आदेश निकाला था। लेकिन दूसरे दिन ही अपर कलेक्टर ने तत्काल परवारी के बरी करके पटवारी के साथ स्वयं चचर्चाओं में आ गए है। अब यह चर्चा आम हो गयी है कि पटवारी साहब ने ऐसा क्या दाव पेंच खेला कि फौरन बहाल हो गए। पटवारी साहब की बहाली की बात किसी को हजम नहीं हो रही है। पटवारी के कार्यप्रणाली से पनप रहा आक्रोश भी जनचर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्र बताते हैं कि की पटवारी दफ्तर में सोनी नामक व्यक्ति साहब की  देखभाल करता है, किससे कितना पैसा लेना है, किसको कितना पैसा देना है इसका लेखा जोखा भी उसी के पास रहता है। सवाल यहां यह उठता है कि पटवारी को कर्मचारी रखने की जरूरत किस लिये पड़त है? अन्य पटवारी तो कर्मचारी रखकर और आफिस खोलकर काम नहीं करते। इसलिये वैढ़न पटवारी के ऊपर उंगललिया उठनी अब लाजमी हो गया है। recent visitors 68

दिवाली में पटाखे जलने पर बोला सुप्रीम कोर्ट, टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी धर्म प्रदूषण को बढ़ावा नहीं देता

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखों की बिक्री और फोड़ने पर रोक लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा समय में पटाखों के प्रतिबंध का खुला उल्लंघन करते हुए एक वार्षिक गतिविधि है। यहां तक ​​कि दिवाली के कई दिनों बाद भी, न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी धर्म प्रदूषण को बढ़ावा नहीं देता। पटाखे फोड़ने से हो रहा मौलिक अधिकारों का हनन दिल्ली के वार्षिक वायु गुणवत्ता संकट पर एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति अगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि कोई भी धर्म ऐसी किसी भी गतिविधि को प्रोत्साहित नहीं करता है जो प्रदूषण पैदा करती है। अगर इस तरह से पटाखे फोड़ें जाते हैं तो यह नागरिकों के स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार को भी प्रभावित करता है। पटाखों पर प्रतिबंध के लिए बनाए स्पेशल सेल अदालत ने पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि आपने जो किया वह महज दिखावा है। आपने केवल कच्चा माल जब्त किया है। अदालत ने कहा कि जितनी सख्ती से पटाखों पर प्रतिबंध होना चाहिए था, उतनी गंभीरता से नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पटाखों पर प्रतिबंध को अमल में लाने के लिए स्पेशल सेल बनाने का निर्देश दिया है। 25 नवंबर तक पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की रखी मांग अदालत ने दिल्ली सरकार से 25 नवंबर तक पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की है। पटाखे फोड़ने के बाद उनसे निकले जहरीले कैमिकल के कण बादलों की चादर पर बिखर जाते हैं। इससे लोगों को सांस लेने में समस्याएं होती हैं और भी अन्य तरह के स्वास्थ्य संबंधी गंभीर प्रभाव पड़ते हैं। राजधानी दिल्ली में बीते सात दिनों से कई इलाकों में एक्यूआई का लेवल 400 के आस-पास बना हुआ है। इससे लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के होने का खतरा बना हुआ है। recent visitors 56

आयुष्मान कार्ड बनायें जाने के कार्य को निर्धारित समय पर लक्ष्य अनुसार पूर्ण करेः कलेक्टर

सिंगरौली शासन के निर्देशानुसार 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों तथा मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का एवं उनके परिवार के सदस्यों का शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनायें जाने हेतु जिलें सभी 316 ग्राम पंचायतों सहित नगरीय क्षेत्र में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। उक्त कार्य में संलग्न अधिकारी कर्मचारी निर्धारित समय सीमा में शत प्रतिशत हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना सुनिश्चित करे। साथ ही सीएम हेल्प लाईन तथा समाधान एक दिवस में चयनित शिकायतों का अधिकारी तत्परता के साथ निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करे उक्त आशय के निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर शुक्ला के द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिया गया।        कलेक्टर ने जिलें अभियान चलाकर पात्र हितग्राहियों के बनायें जा रहे आयुश्मान कार्ड की समीक्षा करते हुये कहा कि शासन के निर्देशानुसार 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों एवं मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का एवं उनके परिवार के सदस्यों का शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। कार्ड बन जाने संबंधित हितग्राहियों को हर साल 5 लाख तक की निःशुल्क  चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि इस कार्य में नियुक्त अधिकारी कर्मचारी शिविर के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के अंदर शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे हितग्राही जो शिविर स्थल तक आने में असमर्थ है उनकी जानकारी प्राप्त कर उनके घरो में जा कर कार्ड बनाया जाना सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नही किया जायेगा।       कलेक्टर ने सीएम हेल्प लाईन विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 100 दिवस 200 दिवस 300 दिवस से लंबित सीएम हेल्प लाईन के शिकायतों अधिकारी तत्परता के साथ निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करे। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दियें राजस्व विभाग में लंबित सीएम हेल्प लाईन कि शिकातयों की समीक्षा कर कर उनका निराकरण कराये। उन्होने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि समाधान एक दिवस लोक सेवा गारंटी तथा जन सुनवाई में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणो की समीक्षा करते हुये निर्देश दियें कि राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणो का निराकरण तत्परता के साथ कराया जाना सुनिश्चत करे। उन्होंने कहा कि नामातरण, वटनवारा, सीमांकान के प्रकरणो निर्धारित समय सीमा मे निराकृत किया जाना सुनिश्चित किया जायें।       कलेक्टर ने आईटीआई प्राचार्य तथा रोजगार अधिकारी को निर्देश दिये कि जिले में व्यापक स्तर पर इंटर्नशिप योजना का प्रचार प्रसार कराकर युवाओं को प्रेरित करे। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना’ युवाओं को भारत की शीर्ष कंपनियों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर प्रदान करती है, जो उनके कौशल और रोजगार योग्यता को सशक्त बनाएगी। योजना में 12 माह की इंटर्नशिप से युवाओं को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण मिलेगा और भविष्य में रोज़गार के अवसर भी सुलभ होंगे। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर अरविंद झा, पी.के सेन गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेंय, एसडीएम सिंगरौली सृजन बर्मा, डिप्टी कलेक्टर माइकेल तिर्कीआ युक्त नगर निगम डी.के शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 65

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बढ़ रहा छत्तीसगढ़ में शिक्षा का दायरा

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी भारत में हर साल 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. वे स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे, जब शिक्षा मंत्रालय का नाम मानव संसाधन विकास मंत्रालय था। मौलाना आजाद ने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए और इसे सभी तक पहुँचाने के लिए अनेकों नीतियाँ बनाई। 2008 में भारत सरकार ने 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया ताकि शिक्षा में उनके योगदान को याद किया जा सके और समाज में शिक्षा के महत्व को जागरूक किया जा सके। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का महत्व राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के महत्व को समझाना और इसे सभी वर्गों तक पहुँच सुनिश्चित करना है। इस दिन शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना की जाती है और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाती है। शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं है; यह एक ऐसा माध्यम है जो समाज के विकास और लोगों के नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है। भारत सरकार की शिक्षा सुधार में महत्वपूर्ण योजनाएं भारत सरकार ने शिक्षा के स्तर को सुधारने और इसे सभी तक पहुँचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाना है। इनमें सर्व शिक्षा अभियान जैसी योजनाएं सम्मिलित है, जो प्राथमिक शिक्षा को सुलभ और अनिवार्य बनाती हैं, विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इसके तहत स्कूलों का निर्माण, अध्यापकों की नियुक्ति और छात्रों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और वर्दी की व्यवस्था की जाती है। वहीं माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ने शिक्षा को उच्च स्तर पर सुलभ बनाने का काम किया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ई-विद्या योजना ने शिक्षा में डिजिटल तकनीक का समावेश करते हुए छात्रों को घर बैठे पढ़ाई का अवसर प्रदान किया है। इस योजना के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं, ई-पाठ्यक्रमों और डिजिटल पुस्तकालयों का लाभ छात्रों को मिलता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य शिक्षा में संरचनात्मक और गुणात्मक सुधार करना है। इस नीति में रोजगार-केंद्रित शिक्षा, उच्च शिक्षा में नवाचार और व्यावसायिक कौशल विकास पर जोर दिया गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया है। इस अधिनियम का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना और शिक्षा को सभी का अधिकार बनाना है। छत्तीसगढ़ सरकार की शिक्षा सुधार में महत्वपूर्ण योजनाएं छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और इसे सुलभ बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए गए हैं। स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण विधियों और तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे शिक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि हो रही है और छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना की है। ई-लर्निंग के माध्यम से छात्रों को पढ़ाई में मदद मिल रही है, जिससे वे तकनीकी ज्ञान के साथ शिक्षा को भी आसानी से समझ पा रहे हैं। मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से सरकार गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षा तक पहुँचाने के लिए मदद कर रही है। इसके साथ ही सरकार ने शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार योजनाएं भी चला रही है, जिसमें शिक्षकों की कार्यक्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार भी छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। राज्य के दूर-दराज इलाकों में शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए नए स्कूलों की स्थापना की गई है और शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। छत्तीसगढ़ में सम्मानित शिक्षक और उनकी उपलब्धियाँ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कई शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर इन्हें उनके कार्य के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया है। इन शिक्षकों ने अपने शिक्षण के माध्यम से छात्रों में आत्मविश्वास और अनुशासन का संचार किया है। ऐसे शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस शिक्षा के महत्व को समझने और समाज में इसकी गुणवत्ता को सुधारने का एक अवसर है। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं ने शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने में सहायक भूमिका निभाई है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए ये प्रयास आने वाले समय में छत्तीसगढ़ और देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में सहायक होंगे। recent visitors 92