Saturday, July 11, 2026 3:29 am

हर की पौड़ी पर 3 मुस्लिम विधायकों को निमंत्रण पर विवाद, डीएम से बोले हिंदू नेता-मुस्लिम विधायकों को क्यों …

हरिद्वार  उत्तराखंड के हरिद्वार में सरकारी कार्यक्रम में मुस्लिम विधायकों को निमंत्रण दिए जाने के मामले पर हंगामा खड़ा हो गया। जिला प्रशासन की तरफ से उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर हर की पैड़ी घाट पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यहां क्षेत्र के 3 मुसलमान विधायकों को आमंत्रित किए जाने के मसले पर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल घाट का प्रबंधन करने वाली संस्था गंगा सभा की तरफ से मुस्लिम नेताओं को बुलाए जाने सख्त विरोध किया गया।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई अन्य भाजपा नेताओं की मौजूदगी में सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाइट शो का आयोजन किया गया। प्रोटोकॉल के तहत जिला प्रशासन ने लक्सर से बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद, पिरान कलियर से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद, मंगलौर से कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन को आमंत्रित किया था। हालांकि, निमंत्रित किए गए तीनों मुस्लिम विधायकों में से कोई भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ। गंगा सभा संस्था की ओर से तर्क दिया गया कि तीनों मुस्लिम विधायकों को आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए था। इसके पीछे तर्क दिया गया कि गैर हिंदुओं को लंबे समय से घाट पर प्रवेश की अनुमति नहीं है। अंग्रेजों ने भी इसे हरिद्वार म्युनिसिपल ऐक्ट 1935 के तहत एक नियम बना दिया था। बजरंग दल के स्टेट कोर्डिनेटर अनुज वालिया ने इस मामले में कहा, 'हमने मुस्लिम विधायकों को बुलाने पर कड़ा ऐतराज जताया था। प्रशासन ने अपनी गलती मानी और फिर हमें यह बताया कि विधायक यहां क्रार्यक्रम नहीं आएंगे।' गंगा सभा से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि कुछ मुद्दे उठाए गए थे, लेकिन यह पुष्टि की गई कि कोई भी विधायक नहीं आ रहा है। उन्होंने आगे इस पर कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए कहा कि सबकुछ ठीक रहा। इस बारे में बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने कहा, 'हमें दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध की परवाह नहीं है। हम गंगा और हर की पैड़ी की पवित्रता को जानते हैं और उसका सम्मान करते हैं। मैं सरकारी कार्यक्रमों में नहीं जाता क्योंकि भाजपा नेता उन्हें हाईजैक कर लेते हैं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का स्वागत नहीं किया जाता।' वहीं कांग्रेस पार्टी के दोनों मुस्लिम विधायक- काजी निजामुद्दीन और फुरकान अहमद ने कहा कि जब यह कार्यक्रम हुआ तो वे लोग उत्तराखंड में नहीं थे। दोनों विधायकों ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का प्रचार करने का हवाला दिया। recent visitors 56

शाहरुख को धमकी देने वाला गिरफ्तार,धमकी में कहा था- 50 लाख दो वरना जान से मार दूंगा, कोर्ट में होगी पेशी

मुंबई बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आने के बाद इंडस्ट्री और फैन्स शॉक रह गए थे. पुलिस ने इस मामले पर तुरंत एक्शन लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी थी और रायपुर के एक व्यक्ति फैजान खान से इस मामले में पूछताछ की जा रही थी. अब इस मामले में एक नया अपडेट सामने आया है. पुलिस ने कथित रूप से मंगलवार सुबह फैजान खान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट में होगी फैजान खान की पेशी जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह मुंबई पुलिस ने फैजान खान को रायपुर, छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया. बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को धमकी देने के मामले में सुबह तड़के मुंबई पुलिस, फैजान को अरेस्ट करने की ट्रांजिट रिमांड के साथ रायपुर पहुंची. फैजान को मंगलवार सुबह 11 बजे ही कोर्ट में पेश किया जाएगा. फैजान ने कहा था कि वो 14 नवंबर को, बांद्रा पुलिस में अपना बयान दर्ज कराने मुंबई आएगा. हालांकि, उसके परिचितों ने बताया कि उसे पिछले दो दिनों से कई धमकियां मिल रही थीं इसलिए उसने मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखा था कि सुरक्षा कारणों से वह फिजिकली नहीं बल्कि ऑडियो-वीडियो माध्यम से उनके सामने पेश होना चाहता है. फैजान खान की गिरफ्तारी CSP अजय सिंह ने की है और इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ पुलिस को दे दी गई है. फैजान खान से की जा रही थी पूछताछ शाहरुख को धमकी मिलने के बाद मामले में जांच कर रही मुंबई पुलिस को कॉल ट्रेस करने पर पता चला था कि ये कॉल रायपुर से किया गया है. जिस नंबर से कॉल किया गया था वो फैजान खान नाम के एक व्यक्ति का निकला जिससे रायपुर में पुलिस ने पूछताछ की. फैजान ने कहा था कि उसका फोन 5 दिन पहले, 2 नवंबर को ही चोरी हो चुका है. शाहरुख को मिली थी जान से मारने की धमकी 5 नवंबर को, दोपहर 1 बजकर 21 मिनट पर बांद्रा पुलिस को शाहरुख खान के नाम एक धमकी भरा कॉल आया था. फोन करने वाले ने कहा, 'शाहरुख खान मन्नत बैंड स्टेंड वाला है ना… अगर उसने मुझे 50 लाख रुपये नहीं दिए, तो उसे मार डालूंगा.' जब पुलिस ने कॉल करने वाले से उसकी पहचान पूछी तो जवाब मिला, 'ये मैटर नहीं करता कि मेरा नाम क्या है… अगर लिखना ही है तो मेरा नाम हिन्दुस्तानी लिखो.' recent visitors 70

Vijaypur by-election: मतदान से पहले आदिवासी बस्ती में ताबड़तोड़ फायरिंग, 2 घायल, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरोप

विजयपुर मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव से एक दिन पहले फायरिंग हो गई। बाइक से आए 9 बदमाशों ने आदिवासियों को धमकाते हुए फायरिंग कर दी। गोलीबारी में कई लोग घायल हो गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने एक आरोपी को बंदूक के साथ पकड़ लिया। घटना ढोढर थाना क्षेत्र के धनाचया गांव में सोमवार रात 10 बजे हुई है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर अराजकता गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। गाली-गलौज से रोकने पर ताबड़तोड़ फायरिंग वारदात में प्रकाश और हरविलास नाम के दो आदिवासी युवक घायल हो गए हैं। पुलिस को उन्होंने बताया कि रात में कुछ लोग बंदूकें लेकर बाइक से आए थे। बस्ती में पहुंचते ही गाली–गलौज करने लगे। मना करने पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस को सूचना दी तो एसडीओपी राजीव गुप्ता जवानों के साथ गांव पहुंचे। आचार संहिता के बीच फायरिंग, पुलिस पर सवाल विजयपुर में 13 नवंबर को वोटिंग है। इस समय चुनावी आचार संहिता लागू है। लिहाजा, निर्वाचन क्षेत्र में सभी लाइसेंसी बंदूकें पुलिस ने जब्त करा ली है। आसपास की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं। इन सबके बावजूद सरेआम गोलीबारी होना पुलिस की निगरानी पर सवाल उठाता है। पटवारी बोले-कलेक्टर-एसपी को हटाए आयोग     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना से जुड़ा एक वीडियो शेयर कर कलेक्टर-एसपी को हटाए जाने की मांग की है। कहा, विजयपुर में आज प्रचार समाप्त हुआ और मतदाताओं पर अत्याचार शुरू हो गया। भाजपा उपचुनाव को भी लाल स्याही से रंग रही है।     जीतू पटवारी ने कहा, एक ओर आचार संहिता लागू है, और दूसरी और भाजपा प्रत्याशी के हथियारबंद गुंडे आदिवासी भाइयों पर गोली चला रहे हैं। विजयपुर कलेक्टर और भाजपा में सांठ-गांठ की बात मैं लगातार कह रहा हूं, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। अब इसके परिणाम सामने दिख रहे हैं। आरोपियों की हो तत्काल गिरफ्तारी श्योपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष अतुल सिंह चौहान ने कहा, भाजपा नेता अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करते हैं। गरीब आदिवासियों पर फायरिंग उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाती है। पुलिस-प्रशासन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करें, नहीं तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। सूचना पर एसडीओपी राजीव कुमार गुप्ता पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। अन्य आरोपियों की तलाश में टीमों को रवाना किया। श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल सिंह चौहान का कहना है कि भाजपा के लोग अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करना चाहते हैं। गरीब आदिवासियों पर इस तरह फायरिंग ओछी मानसिकता को दर्शाती है। प्रशासन और पुलिस आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करें, नहीं तो कांग्रेस आदिवासियों के साथ लड़ाई लड़ेगी। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस ने जिलेभर के सभी शस्त्र लाइसेंस थानों में जमा कर लिए हैं। इसके बावजूद आरोपी बंदूक लेकर गांव में पहुंचे। कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लाइसेंस जमा हो गए थे तो फिर हथियार कहां से आए? विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भले ही बीजेपी विकास और कांग्रेस गद्दार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, मगर जातिगत समीकरण चुनाव पर हावी है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा के समर्थन में आदिवासी और कुशवाह समाज के लोग लामबंद दिखाई दे रहे हैं। श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल सिंह चौहान का कहना है कि भाजपा के लोग अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करना चाहते हैं। गरीब आदिवासियों पर इस तरह फायरिंग करना उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। प्रशासन और पुलिस को आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए, नहीं तो कांग्रेस आदिवासियों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगी। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस ने जिलेभर के सभी शस्त्र लाइसेंस थानों में जमा करवा लिए थे। इसके बावजूद आरोपी बंदूक लेकर गांव में कैसे पहुंचे? कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लाइसेंस जमा हो गए थे तो हथियार कहां से आए? विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा विकास के मुद्दे पर और कांग्रेस गद्दारी के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन जातिगत समीकरण चुनाव में हावी हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा के समर्थन में आदिवासी और कुशवाह समाज के लोग लामबंद होते नजर आ रहे हैं। कमलनाथ ने भाजपा पर बोला हमला इधर, घटना को लेकर मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा- श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की वोटिंग से पहले आदिवासियों पर फायरिंग की घटना अत्यंत चिंताजनक है। इस घटना में आदिवासी समुदाय के कई लोग घायल हो गए। घटना से स्पष्ट होता है कि विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी क्षेत्र का माहौल खराब करना चाहती है और मतदाताओं को डराना चाहती है। वोटिंग से ठीक पहले इस तरह की वारदात कानून व्यवस्था और चुनाव के इंतजाम पर भी बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना से स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी खरीद फरोख्त की राजनीति से बाज नहीं आ रही। वह विधायक तो खरीद सकती है, लेकिन जनता को नहीं खरीद सकती, इसलिए मतदाताओं के ऊपर गोलियां चलाई जा रही हैं। निर्वाचन आयोग से अपील करता हूं कि घटना को अत्यंत गंभीरता से ले और विजयपुर विधानसभा में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराएं।   recent visitors 123

CM नायडू पर बयान देकर फंसे राम गोपाल वर्मा, फिल्ममेकर के खिलाफ केस हुआ दर्ज

हैदराबाद 'सत्या', 'रंगीला' और 'कंपनी' जैसी यादगार फिल्में बना चुके फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा आजकल अपनी फिल्मों के लिए कम और विवादों के लिए चर्चा में ज्यादा रहते हैं. अब राम गोपाल एक बार विवादों में आ गए हैं. आंध्र प्रदेश पुलिस ने उनपर, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक कंटेंट सर्कुलेट करने के लिए केस दर्ज किया है. राम गोपाल वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उनके बेटे नारा लोकेश समेत टीडीपी नेताओं और जनसेना पार्टी के चीफ, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मॉर्फ्ड फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर कीं. आंध्र प्रदेश में रामगोपाल वर्मा के खिलाफ केस  टीडीपी लीडर रामलिंगम ने प्रकाशम जिले के मद्दिपडु पुलिस स्टेशन में राम गोपाल वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. उनका आरोप है कि फिल्ममेकर ने सीएम नायडू, उनके बेटे लोकेश और बहू ब्राह्मिनी समेत परिवार को टारगेट करते हुए अपमानजनक कंटेंट सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया. अपनी शिकायत में रामलिंगम ने आरोप लगाया कि वर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट्स मुख्यमंत्री, उनके डिप्टी और परिवार को समाज में नीचा दिखाती हैं. रविवार रात को वर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक कंटेंट पोस्ट अपलोड करने की शिकायत दर्ज की गई. प्रकाशम के पुलिस एसपी ए.आर. दामोदर के अनुसार ये केस आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया, 'हमने मौजूदा मुख्यमंत्री, उनके परिवार के सदस्यों और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ ऑफेंसिव तरीके से तस्वीरें मॉर्फ करने के लिए, मद्दिपडु पुलिस स्टेशन में राम गोपाल वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है.' नायडू पर विवादित फिल्म भी बना चुके हैं रामगोपाल वर्मा राम गोपाल वर्मा, YSR कांग्रेस पार्टी से करीबी रखने के लिए जाने जाते हैं और वो लंबे समय से चंद्रबाबू नायडू की खुलकर आलोचना करते रहे हैं. उनकी फिल्म 'Lakshmi's NTR' (लक्ष्मी के एनटीआर), टीडीपी के फाउंडर और पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामा राव के जीवन पर आधारित थी. इस फिल्म का फोकस लक्ष्मी पार्वती से एनटीआर के रोमांस और शादी की कहानी पर था. फिल्म में एनटीआर के राजनीतिक पतन में चंद्रबाबू की भूमिका को आलोचना की नजर से दिखाया गया था. कहानी में 1995 की उन घटनाओं को हाईलाइट किया गया था जब एनटीआर के दामाद चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी के अंदर गुटबंदी करके, एनटीआर को ही पार्टी से बाहर निकलवा दिया था और खुद मुख्यमंत्री बन गए थे.   recent visitors 119

देहरादून में भीषण सड़क दुर्घटना में छह छात्रों की मौत, एक घायल

देहरादून उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार की देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया. यहां एक इनोवा कार ट्रक से टकरा गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में जान गंवाने वालों में तीन लड़के और तीन लड़कियां हैं. इसके अलावा एक लड़के की हालत नाजुक बनी हुई है. ये एक्सीडेंट इतना भीषण था कि हादसे का शिकार बनी इनोवा कार के परखच्चे उड़ गए. जानकारी के मुताबिक, ये हादसा सोमवार देर रात करीब दो बजे देहरादून के ओएनजीसी चौराहे के पास हुआ. यहां कार में एक साथ सात लड़के और लड़कियां घूमने निकले थे, जिनमें से तीन लड़के और तीन लड़कियों की मौत हो गई. जबकि एक युवक की हालत गंभीर है, उसे नजदीकी सेनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कार में सवार सभी लोगों की उम्र 25 साल से कम है. 5 मृतक देहरादून और एक चंबा से इस हादसे में जिन लड़कियों की मौत हुई उनमें गुनीत D/O तेज प्रकाश सिंह (19), नव्या गोयल D/O पल्लव गोयल (23) और कामाक्षी D/O तुषार सिंघल (20) शामिल है. ये तीनों ही लड़कियां देहरादून शहर के अलग-अलग इलाकों की रहने वाली थीं. इसके अलावा जिन लड़कों की मौत हुई उनकी पहचान कुणाल कुकरेजा S/O जसवीर कुकरेजा (23), अतुल अग्रवाल S/O सुनील अग्रवाल (24) और ऋषभ जैन S/O तरुण जैन (24) के रूप में हुई है. इनमें कुणाल कुकरेजा हिमाचल के चंबा के रहने वाले थे, जबकि बचे हुए लोग देहरादून के ही निवासी थे. घायल युवक देहरादून का रहने वाला इसके अलावा जो एक युवक घायल हुआ है, उसकी पहचान सिद्धेश अग्रवाल S/O विपिन कुमार अग्रवाल (25) के रूप में हुई है. वो देहरादून के आसियाना शोरूम मधुबन के सामने राजपुर रोड का ही रहने वाला है. उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.   recent visitors 52

ग्वालियर में बुनयादी ढांचे को और बेहतर बनाने की दिशा में एक और प्रयास : ऊर्जा मंत्री

 ग्वालियर उपनगर ग्वालियर में बुनयादी ढांचे को और बेहतर बनाने की दिशा में एक और प्रयास है। हर क्षेत्र में समृद्धि और विकास के लिए हमारी प्रतिबद्धता जारी है। हमारा प्रयास है कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को भी सरकार की योजनाओं का लाभ मिले। यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उपनगर ग्वालियर में विभिन्न वार्डों में  4 करोड 14 लाख रूपये से अधिक के विकास कार्यों के भूमि पूजन के अवसर पर कही। ऊर्जा मंत्री तोमर ने सोमवार को वार्ड क्रमांक-5 में हड्डी मिल में खेल मैदान का भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का भूमि पूजन कर क्षेत्र के नव निर्माण की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। खेल और सामुदायिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने से हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरणा और अवसर मिलेंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक के लिए समृद्ध और समर्थ माहौल तैयार करें। आप सभी का सहयोग ही हमारी प्रेरणा है और इसी के बल पर हम विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाते रहेंगे। मंत्री तोमर ने सोमवार को ग्वालियर के वार्ड क्रमांक-1 किशन बाग में नई सीवर लाइन एवं एबी रोड कटी घाटी पर स्थित टिल्लू बाबा की पहाड़ी पर सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। क्षेत्र के विकास और स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना स्थानीय निवासियों की सुविधा और स्वस्थ वातावरण के लिए एक अहम कदम है। आप सभी के सहयोग से इस विकास यात्रा को निरंतर गति मिल रही है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।     recent visitors 33

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की स्मृति में होगी सुशासन पर केंद्रित व्याख्यान माला नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के साथ अन्य गतिविधियाँ भी होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. सुंदरलाल पटवा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित अनेक योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में अमूल्य सहयोग दिया। भोपाल में वीआईपी मार्ग के निर्माण में उन्होंने दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए कार्य पूर्ण करवाया। सुशासन स्थापित करने के लिये उन्होंने विशेष योगदान दिया। स्व. पटवा की स्मृति में उनके जन्म-शताब्दी वर्ष पर विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत सुशासन पर आधारित व्याख्यान माला और स्मारिका के प्रकाशन के कार्य होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक सुरेंद्र पटवा के निवास पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूलकुंवर पटवा से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुन्दरलाल पटवा की स्मृति में आगामी एक वर्ष तक विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह स्व. पटवा के कृतित्व, व्यक्तित्व और कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा “प्रजामंडल’’ और “राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’’ से जुड़े रहे। वे वर्ष 1957 में पहली बार विधायक बने। उन्होंने निर्वाचनों में निरंतर विजय प्राप्त की। प्रतिपक्ष के नेता रहते हुए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बस्तर से झाबुआ तक लगभग तीन हजार किलोमीटर की पद यात्रा तय की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मेरी यादें उनके साथ जुड़ी हैं। कई बातें उनसे सीखने को मिलीं। उनका आत्मविश्वास माउंट एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा था। उन्होंने अपनी धाक और साख बनाई। वे प्रखर वक्ता थे। स्वाध्याय का ध्यान रखते थे। कार्य में डूबे रहना उन्हें पसंद था। उनका मानना था कि क्षेत्रीय विकास पर निरंतर ध्यान देना चाहिए, साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के अलावा व्यापक स्तर पर जन कल्याण के कार्यों में भी संलग्न रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए राजनीति व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा है। स्व. सुंदरलाल पटवा का मानना था कि राजनैतिक क्षेत्र में भी बेहतर कार्य करते हुए स्वयं को परिष्कृत करते रहना चाहिए। वे निडर, परमार्थी और पुलिस सहित प्रशासनिक अमले का मनोबल बनाए रखने में विश्वास रखते थे। वर्ष 1992 के सिंहस्थ के लिए उन्होंने 100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी, जबकि इसके पहले 1980 के सिंहस्थ में मात्र एक करोड़ रुपए की राशि तत्कालीन सरकार ने मंजूर की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हुए हैं जिनका नामकरण 2 दिग्गज नेताओं स्व. सुंदरलाल पटवा और स्व. वीरेंद्र कुमार सखलेचा के नाम पर किया गया है। इस अवसर पर सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी स्व. सुंदरलाल पटवा को श्रद्धांजलि दी और उनसे जुड़े संस्मरण सुनाए। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने राजनीति में अमिट छाप छोड़ी है। प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। विधायक सुरेंद्र पटवा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने भोजपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी कई योजनाएं संचालित कीं। आज की पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चले, यह आवश्यक है। सुरेंद्र पटवा ने नागरिकों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में पधारने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की स्मृति में भजन संध्या का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, मत्स्य विकास राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार और अन्य अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 27