Wednesday, July 8, 2026 9:12 am

नवविवाहितों को दिया आशीर्वाद, राजस्थान-शाहपुरा में सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचे मंत्री मदन दिलावर

शाहपुरा. शाहपुरा जिले के फूलियाकलां स्थित प्रसिद्ध तीर्थ एवं संगम स्थल धानेश्वर पर मंगलवार को खटीक समाज द्वारा तृतीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। देवउठनी एकादशी के इस पावन अवसर पर, समाज की 28 जोड़ियों ने तुलसी माता के साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधने का सौभाग्य प्राप्त किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर की उपस्थिति रही, जिन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया और इस सामूहिक विवाह सम्मेलन की पहल की सराहना की। मंत्री मदन दिलावर ने इस अवसर पर नवविवाहित जोड़ों को उनके वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सामूहिक विवाह सम्मेलन को समाज की एकता और आपसी सहयोग का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से अमीर और गरीब सभी लोग एक साथ एक ही मंच पर आ सकते हैं। इससे समाज के लोगों के बीच आपसी मेल-जोल बढ़ता है और समरसता का संचार होता है। मंत्री ने खटीक समाज को सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने के लिए बधाई दी और इसे एक बेहतरीन पहल बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में व्याप्त आर्थिक असमानता को दूर करने और सामाजिक स्तर पर एकता स्थापित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी वर्गों से आग्रह किया कि ऐसे आयोजन समाज में अधिक से अधिक होने चाहिए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को सहयोग मिल सके और उनका आर्थिक बोझ भी कम हो। मंत्री दिलावर का बड़ा बयान, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप इस दौरान मीडिया से बातचीत में मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा क्षेत्र को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना तो कर दी, लेकिन उनमें अध्यापक नियुक्त नहीं किए, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हुई। मंत्री ने इसे कांग्रेस का पाप करार देते हुए कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी थी कि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो, लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज किया, जिसके कारण इन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता गिर गई। स्कूल खोल दिए पर शिक्षक नहीं मंत्री दिलावर ने कहा, कांग्रेस सरकार ने बिना उचित योजना के अंग्रेजी माध्यम स्कूल तो खोल दिए, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की। यहां तक कि कई स्कूलों में भवन भी नहीं हैं, और जहां भवन हैं, वे जर्जर स्थिति में हैं। यह कांग्रेस की नीति और उनकी लापरवाही का नतीजा है। मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिंदी माध्यम के शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नियुक्त किया, जिससे दोनों माध्यमों में शिक्षकों की कमी हो गई और बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह कार्यप्रणाली दुर्भावनापूर्ण थी, जिसने राजस्थान के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार इस स्थिति में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सामूहिक विवाह सम्मेलन-समरसता और एकता का प्रतीक सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। देवउठनी एकादशी के पावन पर्व पर आयोजित इस सम्मेलन में खटीक समाज के 28 जोड़ों ने पवित्र विवाह संस्कार में सम्मिलित होकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। समारोह के दौरान, वर-वधू ने धानेश्वर तीर्थ स्थल पर एक साथ परिणय सूत्र में बंधने का पावन अवसर प्राप्त किया, जो उनके जीवन की एक नई यात्रा का शुभारंभ था। समारोह में सैंकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस धार्मिक उत्सव में भाग लेकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। वर-वधू को माता तुलसी की विशेष पूजा के साथ विवाह संस्कार संपन्न किया गया। विवाह की रस्में पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न की गईं, जिसमें समाज के वरिष्ठ लोगों ने उपस्थित होकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्री दिलावर की अपील-शराब और पॉलिथीन का उपयोग बंद करने का आह्वान मंत्री मदन दिलावर ने अपने संबोधन के दौरान खटीक समाज के लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में शराब और पॉलिथीन का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है बल्कि समाज के विकास में भी बाधक है। उन्होंने आग्रह किया कि समाज के लोग शराब का सेवन पूर्णतरू बंद करें और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह से त्यागें। मंत्री ने कहा कि शराब का सेवन एक बुरी आदत है, जो न केवल व्यक्ति बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। उन्होंने खटीक समाज के युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए, जिससे समाज में एक बेहतर वातावरण का निर्माण हो सके। समाज में सामूहिक विवाह सम्मेलन की बढ़ती लोकप्रियता धानेश्वर तीर्थ स्थल पर आयोजित यह सामूहिक विवाह सम्मेलन खटीक समाज के लिए तीसरा आयोजन था, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है। इस प्रकार के आयोजन न केवल समाज में एकता और सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं बल्कि समाज में व्याप्त आर्थिक असमानता को भी कम करते हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को विवाह के खर्च से राहत मिलती है और उनके बच्चों के विवाह के लिए एक सम्मानजनक मंच प्राप्त होता है। सामूहिक विवाह सम्मेलन का यह आयोजन समाज में एक नई सोच का परिचायक है, जो लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से जोड़ने का कार्य करता है। इसके साथ ही यह सम्मेलन सामुदायिक समर्थन और एकता को प्रोत्साहित करने के साथ समाज को सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाने का कार्य करता है। recent visitors 73

आपात स्थिति में जीवन संरक्षण में एयर एम्बुलेंस सेवा हो रही है कारगर

पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा से जच्चा-बच्चा का जीवन हुआ संरक्षित सरकार हर नागरिक को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री शुक्ल आपात स्थिति में जीवन संरक्षण में एयर एम्बुलेंस सेवा हो रही है कारगर भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार हर नागरिक को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चिकित्सा अधोसंरचना और चिकित्सकीय उन्नत तकनीक की व्यवस्था के साथ मैन पॉवर उपलब्धता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा' आपातकाल में नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। आपात स्थिति में समय से उचित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता से कई जिंदगियों का बचाव किया जा रहा है। छतरपुर के ग्राम खेरो की निवासी गर्भवती महिला श्रीमती रानी पटेरिया (पत्नी उमेश पटेरिया) को पीएमएयर एम्बुलेंस सुविधा से आपात स्थिति में उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर जच्चा- बच्चा का जीवन सुरक्षित किया गया। उल्लेखनीय है कि श्रीमती रानी पटेरिया को रविवार 10 नवंबर को जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती किया गया। महिला की स्थिति "फुल टर्म प्रेगनेंसी विद प्रिवियस एल एस सी एस" के कारण हाई रिस्क श्रेणी में थी। डॉ. निधी खरे द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के पश्चात महिला को पोस्ट पार्टम ब्लीडिंग की समस्या उत्पन्न हो गई। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने ब्लीडिंग रोकने के लिए आवश्यक उपचार किया तथा हिसटेक्टोमी की गई। महिला को 4 यूनिट ब्लड का ट्रांसफ्यूजन किया गया और उसे निरंतर ऑब्जर्वेशन में रखा गया। निःशुल्क मिली सुविधा ऑब्जर्वेशन के दौरान महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ ने सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता से विचार-विमर्श किया। जिला अस्पताल की टीम, सिविल सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और सीएमएचओ द्वारा महिला को हायर सेंटर रेफर करने का निर्णय लिया गया। चूंकि महिला आयुष्मान कार्ड धारक थी, अतः उसे आयुष्मान योजना के अंतर्गत चिरायू हॉस्पिटल, भोपाल में रेफर किया गया। चिरायू हॉस्पिटल में बेड उपलब्धता की पुष्टि के पश्चात, kelsa.io पर एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था हेतु अनुरोध किया गया। सीएमएचओ और सिविल सर्जन की देखरेख में महिला को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से खजुराहो एयरपोर्ट लाया गया और एयर एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया। भोपाल एयरपोर्ट पर महिला को 108 एम्बुलेंस द्वारा चिरायू हॉस्पिटल पहुँचाया गया, जहाँ शाम 7:30 बजे महिला को भर्ती कर लिया गया। वर्तमान में, चिरायू हॉस्पिटल में महिला की स्थिति स्थिर और सामान्य है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा से प्रदेश में कहीं भी चिकित्सा आपात स्थिति उत्पन्न होने या चिन्हित विशेष प्रकार की चिकित्सा सुविधा या चिकित्सा विशेषज्ञों की आवश्यकता निर्मित होने पर कठिन भौगोलिक परिस्थिति में प्रदेशए के दूरस्थ अंचलों तक पहुंचकर उन्नत आपातकालीन चिकित्सा द्वारा मरीजों की को स्थिर कर उच्च चिकित्सा केन्द्रों तक एयर लिफ्ट किये जाने की सेवा प्रदाय की जाती है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा सड़कों एवं औद्योगिक स्थलों में होने वाले हादसों, प्राकृतिक आपदा में गंभीर पीड़ित घायल व्यक्ति को त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। हृदय सम्बंधित अथवा अन्य विभिन्न गंभीर बीमारियों जिसमें रोगी/पीड़ित को तत्काल इलाज की आवश्यकता होने की स्थिति में मरीजों को अच्छे एवं उच्चतम चिकित्सा संस्थानों में त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा प्रदाय की जाती है। पात्रता सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना अथवा प्राकृतिक आपदा में पीड़ित को राज्य के अंदर एवं बाहर शासकीय अथवा निजी चिकित्सालय में निशुल्क परिवहन किया जाता है। आयुष्मान कार्डधारी के उपचार के लिये राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर सभी शासकीय एवं आयुष्मान सम्बद्ध अस्पतालों में उपचार हेतु निशुल्क परिवहन की व्यवस्था है। अन्य हितग्राही जो कि आयुष्मान कार्डधारी नहीं हैं, उनके उपचार के लिए राज्य के अंदर स्थित शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क परिवहन जबकि राज्य के बाहर के किसी भी अस्पताल में अनुबंधित दर पर सशुल्क परिवहन सेवा उपलब्ध है।   recent visitors 60

दोषी-आरोपी है इसलिए घर नहीं गिरा सकते… बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

नई दिल्ली अपराधियों पर बुलडोजर ऐक्शन पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुना रहा है। जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ ने अपनी टिप्पणी में कई अहम बातें कही हैं। कोर्ट ने कहा कि बुलडोजर ऐक्शन कानून नहीं होने का भय दिखाता है। कोर्ट बुलडोजर ऐक्शन पर पूरे देश के लिए गाइडलाइन जारी करेगी। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। पिछली सुनवाई में, अदालत ने अपराधों के आरोपियों को निशाना बनाने वाली अवैध विध्वंस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस तरह की कार्रवाई का एक भी उदाहरण संविधान की भावना के खिलाफ है। साथ ही इस तरह के मामलों में अखिल भारतीय दिशा-निर्देश बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें ➤कार्यपालिका किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं कर सकती। केवल आरोप के आधार पर यदि कार्यपालिका किसी व्यक्ति का घर तोड़ती है,तो यह कानून के शासन के बुनियादी सिद्धांत पर प्रहार करेगा। कार्यपालिका न्यायाधीश नहीं बन सकती और न ही किसी आरोपी की संपत्ति को ध्वस्त करने का निर्णय ले सकती है ➤कार्यपालिका द्वारा की गई ज्यादतियों से कानून की कड़ी शक्ति से निपटा जाना चाहिए। हमारे संवैधानिक आदर्श ऐसे किसी भी शक्ति के दुरुपयोग की अनुमति नहीं देते। यह कानून के न्यायालय द्वारा सहन नहीं किया जा सकता। ➤जब किसी विशेष संरचना को अचानक से ध्वस्त करने के लिए चुना जाता है और उसी प्रकार की बाकी संपत्तियों को नहीं छुआ जाता, तो यह अनुमान लगाया जा सकता है कि असली उद्देश्य कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि बिना सुनवाई के दंडित करना था। ➤आवास का अधिकार अनुच्छेद 21 का हिस्सा है। यदि लोगों को उनके घरों से बेदखल करना पड़े,तो अधिकारियों को यह साबित करना चाहिए कि ध्वस्तीकरण ही एकमात्र उपलब्ध विकल्प है। घर के एक हिस्से को ध्वस्त करने के बजाय अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए। ➤रात के समय महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर घसीटते देखना सुखद दृश्य नहीं है। बिना पूर्व कारण बताओ नोटिस के कोई ध्वस्तीकरण नहीं किया जाना चाहिए, जो या तो स्थानीय नगरपालिका कानूनों में दिए गए समय के अनुसार या सेवा की तारीख से 15 दिनों के भीतर (जो भी बाद में हो) प्रस्तुत किया जाना चाहिए। यह नोटिस पंजीकृत डाक के माध्यम से मालिक को भेजा जाएगा और संरचना के बाहरी हिस्से पर भी चिपकाया जाएगा। नोटिस में अवैध निर्माण की प्रकृति, विशेष उल्लंघन का विवरण और डेमोलेशन के आधार शामिल होने चाहिए। ➤अथॉरिटी को आरोपी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देना होगा। ऐसी बैठक के विवरण को रिकॉर्ड किया जाएगा। प्राधिकारी के अंतिम आदेश में नोटिसधारी के पक्षों को शामिल किया जाना चाहिए। डेमोलशन की प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्डिंग किया जाएगा। डेमोलेशन रिपोर्ट को एक डिजिटल पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। ➤किसी भी निर्देश के उल्लंघन से अवमानना कार्यवाही शुरू की जाएगी। अधिकारियों को सूचित किया जाना चाहिए कि यदि ध्वस्तीकरण को निर्देशों के उल्लंघन में पाया जाता है, तो उन्हें ध्वस्त की गई संपत्ति की पुनर्स्थापना के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अधिकारियों को व्यक्तिगत खर्च पर जवाबदेह ठहराया जाएगा, साथ ही हर्जाने का भुगतान भी करना होगा। मनमाने तरीके से घर नहीं गिरा सकते- सुप्रीम कोर्ट जस्टिस गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ ने फैसला पढ़ते हुए साफ कहा कि प्रशासन मनमाने ढंग से किसी का घर नहीं गिरा सकते। अगर ऐसा कोई भी अधिकारी किसी का भी घर मनमाने या अपनी मर्जी से गिराता है, तो उसपर कार्यवाई भी होनी चाहिए। पीठ ने आगे कहा कि अगर यह पाया गया कि घर अवैध तरीके से गिराया गया है तो, उसके लिए मुआवजा भी मिलेगा। बिना किसी का पक्ष सुने कार्यवाही न की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्राशसन जज नहीं बन सकता। अपराध की सजा पूरे परिवार को नहीं- सुप्रीम कोर्ट बुलडोजर ऐक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि आप आरोपी के कारण उसके पूरे परिवार को परेशान नहीं कर सकते। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि हमारा यह फैसला किसी एक राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है। इसके लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि कार्रवाई के लिए नोटिस डीएम को दी जाए। नोटिस में यह भी बताएं कि यह मकान कैसे अवैध है या कौन सा हिस्सा अवैध है। बेंच ने कहा कि 3 महीने में पोर्टल बनाकर नोटिस साझा किए जाएं। यही नहीं, अवैध निर्माण को गिराने के लिए पहले से बताना जरूरी है। कोर्ट न कहा कि हमने आर्टिकल 142 के तहत फैसला सुनाया है। हमने संविधान के तहत गारंटीकृत अधिकारों पर विचार किया है जो व्यक्तियों को मनमाने राज्य कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करते हैं। कानून का शासन यह सुनिश्चित करने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है कि व्यक्तियों को पता हो कि संपत्ति मनमाने ढंग से नहीं ली जाएगी। दोष सिद्ध करने के लिए पहले से फैसला मत लें- जस्टिस गवई बुलडोजर ऐक्शन पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस गवई ने कहा कि घर होना एक ऐसी चाहत है जो कभी नहीं मिटती,हर परिवार का सपना होता है एक घर। उन्होंने आगे कहा कि एक महत्वपूर्ण सवाल है कि क्या कार्यपालिका को सजा के प्रमुख रूप में आश्रय छीनने की अनुमति दी जानी चाहिए। जस्टिस गवई ने आगे कहा कि कानून का शासन लोकतांत्रिक सरकार की नींव है। मसला आपराधिक न्याय प्रणाली में निष्पक्षता का है,जो यह कहती है कि कानूनी प्रक्रिया को आरोपी का दोष सिद्ध करने के लिए पहले से ही निर्णय नहीं करना चाहिए।   क्या हो सकता है क्या नहीं?     सिर्फ इसलिए घर नहीं गिराया जा सकता क्योंकि कोई व्यक्ति आरोपी है. राज्य आरोपी या दोषी के खिलाफ मनमानी कार्रवाई नहीं कर सकता.     बुलडोजर एक्शन सामूहिक दंड देने के जैसा है, जिसकी संविधान में अनुमति नहीं है.     निष्पक्ष सुनवाई के बिना किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.     कानून के शासन, कानूनी व्यवस्था में निष्पक्षता पर विचार करना होगा.     कानून का शासन मनमाने विवेक की अनुमति नहीं देता है.     आरोपी और यहां तक ​​कि दोषियों को भी आपराधिक कानून में सुरक्षा … Read more

17 साल के आयुष को मेगा नीलामी में खरीद सकती है सीएसके

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग आईपीएल की नीलामी में इस बार चेन्नई सुपर किंग्स सीएसके की टीम मुंबई के 17 वर्षीय सलामी बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को शामिल कर सकती है। माना जा रहा है कि इसी कारण आयुष को चयन ट्रायल के लिए बुलाया गया है। कहा जा रहा है कि पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी आयुष से प्रभावित हैं। रणजी ट्रॉफी का पांचवां दौर 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है,ऐसे में सीएसके के पास ट्रायल के लिए आठ दिन का समय है। आयुष से सीएकके का प्रबंधन भी प्रभावित है। म्हात्रे को रणजी ट्रॉफी 2024 सीजन के पांचवें दौर के अंत के बाद और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी की शुरुआत से पहले सीएसके ने ट्रॉयल के लिए बुलाया है। दोनों के बीच छह दिन का अंतर है। इससे सीएसके को 24 और 25 नवंबर को होने वाली मेगा नीलामी से पहले आंकलन का पर्याप्त समय मिल जाएगा। आयुष ने शेष भारत के खिलाफ ईरानी कप खेल में मुंबई के लिए अपना प्रथम श्रेणी पदार्पण किया था। पृथ्वी शॉ के साथ बल्लेबाजी की शुरुआत करते हुए इस युवा ने दो पारियों में क्रमशः 19 और 14 रन बनाए। मुंबई के लिए अब तक के आंकड़े उसके अच्छे हैं। उसने पांच मैचों में 35.66 की औसत से 321 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। उनने 176 रन महाराष्ट्र के खिलाफ बनाये थे। एक रिपोर्ट के अनुसार सीएसके के प्रबंध निदेशक और सीईओ काशी विश्वनाथन ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) से अनुरोध किया था कि वे आयुषको उनके नवलूर मैदान में ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दें। सीएसके 55 करोड़ रुपए की राशि के साथ मेगा नीलामी में उतरेगा।   recent visitors 143

तीन युवतियों सहित चार गिरफ्तार, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में रेलवे स्टेशन के पास होटल में वेश्यावृत्ति

चित्तौड़गढ़. शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले एक होटल में वेश्यावृत्ति का गोरख धंधा चलाया जा रहा था। मुखबिर की सूचना के बाद चित्तौड़गढ़ पुलिस उप अधीक्षक विनय कुमार के नेतृत्व में जाप्ते ने होटल पर छापा मारा। पहले बोगस ग्राहक बना कर भेजा गया। पुलिस की टीम ने होटल से तीन युवतियों सहित कुल चार जनों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी होटल मालिक बताया गया है, जो कि काउंटर पर भी मौजूद था। मामले में अनुसंधान अधिकारी चित्तौड़गढ़ डिप्टी आरोपितों से पूछताछ में जुटे हैं। चित्तौड़गढ़ पुलिस उप अधीक्षक विनय कुमार चौधरी ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले एक होटल पर वेश्यावृत्ति की करवाई जा रही है। होटल मालिक बाहर से युवतियों को बुलवा कर वेश्यावृति करवा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम रेलवे कॉलोनी आदर्श नगर पहुंची। डिप्टी मय जाप्ते के होटल से पहले ही रुक गए। यहां श्रीराम किराना के ऊपर होटल दूसरे तल पर वेश्यावृत्ति की जा रही थी। मौके पर एक बोगस ग्राहक बना कर भेजा गया। यहां वेश्यावृत्ति चलने की पुष्टि होने के बाद तथा बोगस ग्राहक का इशारा पाने के बाद डिप्टी चित्तौड़गढ़ ने जाप्ते के साथ होटल को घेर लिया। होटल पर छापा मार कर कमरों की तलाशी ली। यहां काउंटर पर रामावतार मीणा भी मिला। यहां कमरों की तलाशी में पुलिस ने तीन युवतियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा रामावतार मीणा को भी गिरफ्तार किया है, जो की होटल मालिक बताया जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार चारों आरोपितों को कोतवाली थाने लेकर आई है, जिनसे पूछताछ जारी है। कोतवाली थाने पर अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में अनुसंधान चित्तौड़गढ़ पुलिस उप अधीक्षक विनय कुमार चौधरी की ओर से किया जा रहा है। recent visitors 74

भगवान बिरसा मुंडा की 149वीं जयंती : एक ऐतिहासिक प्रेरणा

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर विशेष डॉ. कुंवर विजय शाह भोपाल भारत के समृद्ध इतिहास में भगवान बिरसा मुंडा का नाम एक ऐसे वीर योद्धा और समाज-सुधारक के रूप में अंकित है, जिन्होंने अपने जीवन को जनजातीय समाज की उन्नति और उनके अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। देश में हर साल 15 नवम्बर को उनकी जयंती पर भारत में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल उनकी शहादत और योगदान को याद करने का है, बल्कि यह जनजातीय समुदाय की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अनवरत संघर्ष और स्वाभिमान का उत्सव भी है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन और उनका संघर्ष बिरसा मुंडा जी का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के उलीहातू गांव में एक साधारण मुंडा परिवार में हुआ था। उनका जीवन बेहद कठिनाइयों से भरा था और उन्हें बाल्यावस्था से ही आर्थिक संघर्षों का सामना करना पड़ा। सामाजिक असमानता, अत्याचार और विदेशी शासकों द्वारा जनजातियों पर निरंतर हो रहे शोषण ने बिरसा मुंडा के अंतर्मन को विद्रोह की भावना से भर दिया। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा लागू जमींदारी प्रथा, धर्मांतरण और जनजातियों के पारम्परिक जीवन पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया। उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व बिरसा मुंडा जी ने "उलगुलान" नामक जनजातीय विद्रोह का नेतृत्व किया, जो अंग्रेजी शासन और उनके द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ था। "उलगुलान" का अर्थ है 'महान विद्रोह'। इस आंदोलन का उद्देश्य अंग्रेजों द्वारा लागू की गई भूमि नीतियों, जबरन धर्मांतरण और जनजातियों की पारम्परिक जीवनशैली में दखल देने वाले कानूनों के खिलाफ आवाज उठाना था। भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व में इस आंदोलन ने पूरे क्षेत्र में जनक्रांति की लहर पैदा कर दी और उन्हें "धरती आबा" या "धरती पिता" या धरा पितृ के रूप में सम्मानित किया जाने लगा। भगवान बिरसा मुंडा का समाज सुधारक के रूप में योगदान भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने तत्कालीन जनजातीय समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे अंध-विश्वास, जाति-भेद, नशाखोरी, जातीय संघर्ष और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाई। उन्होंने अपने अनुयायियों को शिक्षा का महत्व समझाया और उन्हें एकता में रहने का संदेश दिया। बिरसा मुंडा ने "बिरसाइत" नामक एक धार्मिक आंदोलन भी चलाया, जिसमें उन्होंने अपने अनुयायियों को आचार-विचार की शुचिता, सादगी और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना वर्ष 2021 में केन्द्र सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया। इसका उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा और अन्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का सम्मान करना है। इस दिन देशभर में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर, उनकी परंपराओं और उनके गौरवशाली इतिहास को समझने और सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह दिवस जनजातीय समाज के संघर्षों और उनके योगदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। बिरसा मुंडा का भारतीय स्वातंत्र्य आंदोलन में योगदान भारतीय स्वातंत्र्य आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान अतुलनीय है। वे न केवल अपने क्षेत्र की जनजातियों के नेता थे, बल्कि उनके संघर्ष और बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को भी एक नई दिशा दी। उनके "उलगुलान" आंदोलन ने अन्य जनजातीय समुदायों को भी संगठित किया और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी करने की प्रेरणा दी। भगवान बिरसा मुंडा मात्र 24 साल 7 महीने की अल्पायु में 9 जून 1900 को वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी विरासत आज भी जनजातीय समाज के दिलों में जीवित है और उन्हें एक महान क्रांतिकारी जननायक के रूप में याद किया जाता है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का महत्व राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का महत्व केवल बिरसा मुंडा जी के योगदान को याद करने तक सीमित नहीं है। यह जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का जश्न मनाने का भी दिन है। जनजातीय समाज ने भारत के इतिहास में अहम भूमिका निभाई है। यह गौरव दिवस उनकी सांस्कृतिक धरोहर, संघर्षों और उपलब्धियों का सम्मान करता है। यह अवसर सभी भारतीयों को यह याद दिलाने का भी है कि जनजातीय समाज भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण व अभिन्न हिस्सा है और उनके योगदान को हमें सदैव संजोकर रखना चाहिए। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें साहस, संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संदेश देता है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस हमें उनकी शिक्षाओं, राष्ट्रप्रेम और उनके संघर्ष को याद करने और जनजातीय समाज के अधिकारों और सम्मान के प्रति संवेदनशील बने रहने के लिए प्रेरित करता है। जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उनके अधिकारों की रक्षा में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस उनके प्रति हमारी कृतज्ञता, आदर और श्रृद्धांजलि का प्रतीक है।   recent visitors 80

CM साय की मांग पर बनेगा स्पोर्ट्स स्टेडियम, छत्तीसगढ़-जशपुर में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने दी बड़ी सौगात

जशपुर/रायपुर. केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया आज जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने जशपुर को बड़ी सौगात दी है. उन्होंने सीएम साय की मांग पर जिले में खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि इसी स्टेडियम में खेला हुआ आदिवासी खिलाड़ी ओलंपिक खेलेगा. यही शुभकामना है. बता दें, बिरसा मुंडा जयंती (15 नवंबर) के उपलक्ष्य में आज जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया पदयात्रा के लिए मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएम साय कर रहे हैं, जिसमें कई केबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ 10,000 से अधिक ‘माई भारत यूथ वालंटियर्स’ भी शामिल हुए हैं. इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और अनेक कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया है. recent visitors 74