प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में "जंगल सत्याग्रह" के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।   recent visitors 79

मंत्री डॉ. शाह ने दी राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की शुभकमनाएँ

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस (भगवान बिरसा मुंडा जयंती) के पावन अवसर पर प्रदेश की जनता को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि आज का दिन हमारे जनजातीय समाज के अदम्य साहस, संस्कृति और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। भगवान बिरसा मुंडा ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए जो प्रेरणा दी, वह आज भी हमें अपने मूल्यों और संकल्पों पर अडिग रहने की शिक्षा देती है। जनजातीय समुदायों की असाधारण परम्पराओं और योगदान ने हमारे समाज को समृद्ध किया है। प्रदेश सरकार उनके उत्थान, शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आइए, इस अवसर पर हम सब उनके योगदान को नमन करें और उनके गौरव को संरक्षित करने के लिए संकल्पित हों। भगवान बिरसा मुंडा की यह जयंती हमें उनके विचारों से प्रेरित होकर जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहने का आह्वान करती है। जय जनजातीय गौरव, जय मध्यप्रदेश!   recent visitors 57

पुलिस की समझाइश पर मानीं, छत्तीसगढ़-बालोद में कॉलेज की छात्राओं के बीच जमकर चले लात-घूसे

बालोद. जिले के लीड कॉलेज घनश्याम सिंह गुप्त स्नाकोत्तर महाविद्यालय के परिसर में लड़कियों के बीच जमकर लात-घूसे चले. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा. बताया जा रहा है कि पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन लड़कियों के मारपीट का कारण अज्ञात है. पुलिस मामले की जांच कर रही. बता दें कि इस कॉलेज में पहले भी दो छात्रों के बीच मारपीट होने का मामला सामने आ चुका है. स्नाकोत्तर महाविद्यालय के परिसर में लड़कियों के बीच जमकर लात-घूसे चले. बताया जा रहा है कि पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन लड़कियों के मारपीट का कारण अज्ञात है. recent visitors 56

भारतीय शेयर बाजार 110 अंक फिसला, लगातार छठे दिन गिरावट देखने को मिला

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार छठे दिन लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 110.64 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरने के बाद 77,580.31 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 26.35 अंक या 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के बाद 23,532.70 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 91.20 अंक या 0.18 प्रतिशत चढ़ने के बाद 50,179.55 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 242.25 अंक या 0.45 प्रतिशत चढ़ने के बाद 54,043.10 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 142.15 अंक या 0.81 प्रतिशत चढ़ने के बाद 17,601.05 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, रियलिटी, मीडिया, प्राइवेट बैंक और इंफ्रा सेक्टर में खरीदारी रही। वहीं, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर दबाव में रहे। सेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और जेएसडब्ल्यू स्टील टॉप गेनर्स रहे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एनटीपीसी, नेस्ले इंडिया, इंडसइंड बैंक, पावर ग्रिड और टाटा मोटर्स टॉप लूजर्स रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,159 शेयर हरे, 1,798 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 93 शेयर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं रहा। बाजार के जानकारों ने कहा कि सेंसेक्स और निफ्टी 50 में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से धारणा प्रभावित हुई। पीएल कैपिटल के विक्रम कासट ने कहा, "मजबूत डॉलर सूचकांक जो अब 106.61 पर है और अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड पर प्रतिफल 4.48 प्रतिशत पर है, दोनों ने भारतीय इक्विटी के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों को बढ़ा दिया है। डॉलर के मुकाबले रुपए के 84.40 के ऐतिहासिक निम्नतम स्तर तक गिर जाने से यह और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।" recent visitors 88

सरकार ने बढ़ाया गेहूं का समर्थन मूल्य, पोर्टल पर अभी रजिस्ट्रेशन कराएं किसान

भोपाल  भारत सरकार ने इस साल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को बीते साल की तुलना में इस साल प्रति क्विंटल गेंहू पर 150 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे. बता दें, साल 2025-26 के लिए भारत सरकार ने गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 2425 रुपए निर्धािरत किया है. भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए रबी फसल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपए घोषित किया है, जिससे बीते साल की तुलना में इस साल से 150 रुपए अधिक में गेहूं की खरीदी होगी. नए समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी के लिए सरकार ने तैयारी भी शुरू कर दी है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे गेंहू उपार्जन केंद्र रिपोर्ट के मुताबिक रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में गेंहू उपार्जन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे. वहीं, गेहूं की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वेयर को प्रशिक्षण दिया जाएगा. साल 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारत सरकार ने समिति स्तर पर स्थापित कुल 1495 उपार्जन केन्द्रों के जरिए 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी और किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी. पिछले वर्ष हुई थी 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है पिछले साल 6 लाख 16 हजार किसानों से 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया था, गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए थे. उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के पेमेंट के लिए 2199 उपार्जन केन्द्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए थे.    भारत सरकार ने इस साल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को बीते साल की तुलना में इस साल प्रति क्विंटल गेंहू पर 150 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे. बता दें, साल 2025-26 के लिए भारत सरकार ने गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 2425 रुपए निर्धािरत किया है. भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए रबी फसल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपए घोषित किया है, जिससे बीते साल की तुलना में इस साल से 150 रुपए अधिक में गेहूं की खरीदी होगी. नए समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी के लिए सरकार ने तैयारी भी शुरू कर दी है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे गेंहू उपार्जन केंद्र रिपोर्ट के मुताबिक रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में गेंहू उपार्जन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे. वहीं, गेहूं की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वेयर को प्रशिक्षण दिया जाएगा. साल 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारत सरकार ने समिति स्तर पर स्थापित कुल 1495 उपार्जन केन्द्रों के जरिए 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी और किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी. इतना बढ़ा MSP बता दें कि सरकार किसानों से 2275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदती है। लेकिन आगामी समय में एमएसपी(MSP) बढ़ जाने से सरकार 2,425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं की फसल खरीदेगी। पहले के मुकाबले 150 रूपए का अधिक फायदा किसानों को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनावों के तहत किसानों को खुश करने के लिए यह फैसला लिया गया है। गेहूं उपार्जन केन्दों की होगी स्थापना नए सत्र के दौरान गेहूं की खरीदी(Wheat MSP) के लिए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई है। भण्डारण और परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही प्रदेश में कई जगहों पर गेहूं उपार्जन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इसके आलावा गेहूं की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वेयर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पिछले वर्ष हुई थी 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है पिछले साल 6 लाख 16 हजार किसानों से 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया था, गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए थे. उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के पेमेंट के लिए 2199 उपार्जन केन्द्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए थे.   recent visitors 59

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रात्रि में लगाई चौपाल और किया रात्रि विश्राम

ग्वालियर ग्वालियर उप नगर के बरा गांव में नगर निगम के कचरा संग्रहण केन्द्र में लगी आग से फैले प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में आ रही परेशानी की शिकायत मिलने के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रात्रि 12 बजे ही ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर अग्नि शमन वाहन पर चढ़कर आग पर काबू किया। उन्होंने प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इसके पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर उप नगर के वार्ड क्रमांक-1 के बरा गांव के समीप खदान के गड्ढे को नगर निगम द्वारा कचरा संग्रहण के रुप में उपयोग किया जा रहा था। इसके कचरे में आग लगने से बरा गांव सहित आस-पास के किशन बाग, जाटव पुरा,तिरउआ पुरा, लक्ष्मीपुरम, न्यू किशन बाग तथा पादरी मोहल्ले में प्रदूषण फैलने लगा और यहां के रहवासियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। यह जानकारी जैसे ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को लगी। उन्होंने बिना समय गंवाए प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों को आग पर नियंत्रण के निर्देश दिए और अधिकारियों के पहुंचने से पहले स्वयं मौके पर पहुंचकर अग्निशमन वाहन पर चढ़कर आग बुझाने का प्रयास किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस दौरान आसपास के हर घर में दस्तक देकर उनकी समस्याएं सुनी और उनका समाधान भी किया। उन्होंने हालात की गंभीरता को देखते हुए रात्रि विश्राम लक्ष्मीपुरम में ही करने का निर्णय लिया। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे ही टेंट लगाकर अपनी चौपाल लगाई तथा लोगों की समस्याओं को सुना और जन-सेवा के संकल्प को निभाते हुए, तत्काल समाधान के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार सुबह ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जाटव पुरा स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। तदोपरांत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा ही संकल्प स्वच्छता अभियान के तहत जाटव पुरा में झाड़ू लगाकर सफाई की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि साफ -सफाई हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए अपने क्षेत्र को साफ रखें और निरोगी जीवन का आनंद ले। इसके बाद श्रीमती नर्मदा शाक्य के घर जाकर सुबह के नाश्ते में पूड़ी सब्जी खाई। आज भी बरा गांव में चौपाल लगाएंगे ऊर्जा मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार को बरा गांव खदान गड्ढा पर घटित अग्नि की घटना से उत्पन्न प्रदूषण के हालात के चलते गुरुवार की रात्रि भी बरा गांव खदान गड्ढा के पास चौपाल लगाकर जनसुनवाई करेंगे। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।   recent visitors 61

शीतकालीन सत्र में लोक निर्माण, जल संसाधन समेत अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जाएगी ,अनुपूरक बजट में नई योजना का प्रावधान नहीं.

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 16 दिसंबर में शुरू हो रहा है. 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र में मोहन सरकार अपना पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. एक अनुमान के मुताबिक मोहन सरकार का अनुपूरक बजट संभवतः 10 हजार करोड़ रुपए हो सकता है. माना जा रहा है कि सरकार अनुपूरक बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कामों के लिए निर्माण विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है. वित्त विभाग ने मोहन सरकार के पहले अनुपूरक बजट को लेकर सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे हैं. 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र में लोक निर्माण, जल संसाधन समेत अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है. अनुपूरक बजट में किसी नई योजना का प्रावधान नहीं होगा. अनुपूरक बजट में किसी नई योजना का प्रावधान नहीं रिपोर्ट के मुताबिक कुल पांच दिन चलने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले अनुपूरक बजट 10 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है, लेकिन पूरी संभावना है कि बजट में किसी नई योजना का प्रावधान नहीं होगा.वहीं फिजूल खर्ची को रोक लगाने की कोशिश होगी, इसलिए वाहन खरीदारी के लिए भी कोई राशि आवंटित नहीं की जाएगी. मोहन सरकार 16 दिसंबर से शुरू हो रहे पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पेश करेगी. पूरी संभावना है कि फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान होगा. अनुपूरक बजट के लिए सभी विभागों से मांगे गए प्रस्ताव गौरतलब है मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सरकार का बजट 3.65 लाख करोड रुपए से अधिक का है.जीएसटी समेत अन्य करों के संग्रहण में अच्छी स्थिति होने के चलते सरकार की आय वृद्धि की संभावना है. इन्हें देखते हुए वित्त विभाग ने मोहन सरकार पहले अनुपूरक बजट की तैयारी कर रहा है और सभी विभागों से प्रस्ताव मांगें है.   recent visitors 60