Wednesday, July 8, 2026 5:11 am

धान के अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई, छत्तीसगढ़-कोंडागांव में 364 क्विंटल धान और मक्का जब्त

कोंडागांव. कोंडागांव जिले में धान तिहार से पहले अवैध धान परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए 14 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत हो रही है। इस दौरान जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 21 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें 24 घंटे जांच कर रही हैं। इसके अलावा, पांच उड़नदस्ता टीमें भी निगरानी में जुटी हुई हैं, ताकि छोटे व्यापारियों एवं बिचौलियों पर नजर रखी जा सके। हाल ही में कृषि उपज मंडी समिति कोण्डागांव के अंतर्गत अवैध रूप से धान क्रय-विक्रय करने पर पांच व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें ग्राम मुलमुला निवासी चमरू राम देवांगन से 50 बोरा धान और 30 बोरा मक्का, ग्राम बालोण्ड निवासी घड़वा राम मरकाम से 20 बोरा धान और 50 बोरा मक्का, केशकाल निवासी मोहम्मद मैययाज खत्री से 37 बोरा धान, ग्राम बरकई निवासी बलराम पाण्डे से 28 बोरा धान और 05 बोरा मक्का तथा ग्राम बिवला निवासी श्री सुखराम मरकाम से 25 बोरा धान और 30 बोरा मक्का जब्त की है। इसके अलावा, ग्राम गम्हरी में डागेश कुमार पांडेय द्वारा 29 क्विंटल धान को पटेलपारा निवासी संत कुमार नेताम के घर पर अवैध रूप से भंडारित किया जा रहा था। इसे पिकअप वाहन के साथ जप्त किया गया। माकड़ी थाना क्षेत्र में वाहन क्रमांक सीजी 27 जी 0130 को 202 क्विंटल धान के 450 बोरों के साथ बिना दस्तावेजों के पकड़ा गया, जिसे थाने में सुपुर्द किया गया है। recent visitors 68

14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय

चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी आज 14 नवंबर से शुरू मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान खरीदी की सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण, 2739 उपार्जन केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी रायपुर राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर प्रदेश के सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27 लाख 1 हजार 109 है। इस वर्ष 1 लाख 35 हजार 891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं और 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी। धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिये गये है। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है। समितियों में राशि आहरण हेतु ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी। खाद्य मंत्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है। एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा। recent visitors 110

नीमच में पत्नी ने कर दी सरपंच पति की गर्लफ्रेंड की जमकर पिटाई, वीडियो वायरल

नीमच नीमच जिले (Neemuch district) से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक सरपंच (Sarpanch) को तीसरी महिला (Woman) के साथ घूमते देख उसकी दूसरी पत्नी (Wife) ने हंगामा खड़ा कर दिया। महिला ने पति का वाहन रुकवा कर उनकी जमकर पिटाई कर दी। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरपंच की पहली और दूसरी पत्नी से है दो-दो बच्चे है। बताया जा रहा है कि दूसरी पत्नी को अपने सरपंच पति पर पहले से ही शंका थी, जिसके चलते वह बीते कई दिनों से उसका पीछा कर रही थी। ऐसे में बुधवार को उन्हें रंगेहाथ पकड़ने के बाद दूसरी पत्नी ने पति के साथ मौजूद महिला की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सरपंच पति सहित दूसरी पत्नी और महिला तीनों को नानाखेड़ा थाने पर ले गई। पति की बेवफाई से वाकिफ थी पत्नी  दरअसल, सरपंच जितेंद्र माली का एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ अफेयर चल रहा है। इसकी खबर सरपंच की पत्नी को थी। वह मौके की तलाश में थी कि दोनों को रंगे हाथ कैसे पकड़ा जाए। सरपंच अक्सर आंगबाड़ी कार्यकर्ता के साथ बाहर जाते थे। इस बार सरपंच ने नीमच से उज्जैन आकर एक होटल में समय बिताने का फैसला किया था। यह घटना नीमच जिले की सावन ग्राम पंचायत की है, जहां के सरपंच जितेंद्र माली (45) अपनी महिला मित्र के साथ उज्जैन आए थे। वे यहां इंदौर रोड स्थित लालगेट के पास प्रकाश होटल में रुके थे। बुधवार को सुबह सरपंच अपनी महिला मित्र के साथ कार में बैठकर होटल से निकले ही थे कि उनकी पत्नी ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद सरपंच की दूसरी पत्नी ने गाली-गलौज करते हुए महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जिसमें सरपंच की पत्नी कार में पति के बगल की सीट पर बैठी महिला मित्र को पीटती दिख रही है।   गर्लफ्रेंड पिटती रही और सरपंच मुंह छिपाकर बैठे सरपंच जैसे ही अपनी गर्लफ्रेंड के साथ होटल से बाहर निकला वैसे ही पत्नी ने रंगे हाथों दबोच लिया। फिर क्या था पत्नी सीधे पति की गर्लफ्रेंड पर टूट पड़ी और उसकी जमकर धुनाई कर दी। बीच सड़क पर सरपंच की पत्नी ने होटल के बाहर गर्लफ्रेंड को पीटती रही है। इस दौरान सरपंच हाथ से चेहरा छिपाकर चुपचाप कार में बैठा रहा है। इस दौरान परिवार के लोगों ने पिटाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सरपंच ने कर रखी है दो शादी जानकारी के मुताबिक, जितेंद्र माली वर्तमान में गांव सावन का सरपंच है। सबसे पहले जितेंद्र ने मंदसौर निवासी एक महिला से शादी की थी। उज्जैन में हंगामा कर रही महिला उसकी दूसरी पत्नी है। यह भी बताया जा रहा है कि जिस महिला के साथ सरपंच को पकड़ा गया है उससे भी वह विवाह करने वाला था। इधर पुलिस के सामने तीसरी महिला भी दावा कर रही है कि वह सरपंच जितेंद्र माली की पत्‍नी है।    recent visitors 170

भोपाल में 4 दिन में दूसरा डिजिटल अरेस्ट का मामला, टेलीकॉम इंजीनियर को 6 घंटे रखा Digital arrest

भोपाल  राजधानी भोपाल (Bhopal) में चार दिन में डिजिटल अरेस्ट (Digital arrest) का दूसरा मामला सामने आया है. इस बार ठगों ने एक टेलीकॉम कंपनी के इंजीनियर (Telecom company engineer) को 6 घंटे तक बंधक बनाकर रखा. मंगलवार शाम को हुई इस घटना में ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर इंजीनियर प्रमोद कुमार (Engineer Pramod Kumar) से 3.5 लाख रुपये की मांग की. समय रहते क्राइम ब्रांच ने रेस्क्यू (Crime branch rescue) कर उन्हें इस ठगी से बचाया। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि बजरिया थाना क्षेत्र के गायत्री नगर में रहने वाले प्रमोद कुमार को मंगलवार शाम साढ़े चार बजे एक कॉल आया. कॉल करने वाले शख्स ने खुद को ईओडब्लू का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके फोन नंबर से बड़े पैमाने पर बैंक ट्रांजेक्शन हुए हैं. थोड़ी देर बाद वीडियो कॉल पर 3 लोग पुलिस की वर्दी में दिखाई दिए और धमकी दी कि उनके नंबर से फिरौती के पैसे ट्रांसफर हुए हैं. यह सुनकर प्रमोद घबरा गए, और ठगों की धमकी के आगे चुप्पी साध ली। ठगों ने प्रमोद को धमकाया कि वो 3.5 लाख रुपये तुरंत भेजें और 24 घंटे तक एक कमरे में बंद रहें, किसी से बात न करें. डरे सहमे प्रमोद ने खुद को परिवार से अलग कर लिया और सबसे संपर्क बंद कर दिया. जब देर रात तक वो कमरे से बाहर नहीं निकले, तो उनकी पत्नी ने दफ्तर के सहकर्मियों को सूचना दी। सुबह सहकर्मियों के माध्यम से क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली. एडिशनल डीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और प्रमोद की काउंसलिंग की. इसके बाद प्रमोद ने दरवाजा खोला और ठगों के पूरे खेल का खुलासा किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की पुलिस ने उन्हें समझाया कि यह पूरी तरह से ठगी थी. एक हफ्ते में यह डिजिटल अरेस्ट की दूसरी घटना है. क्राइम ब्रांच ने ठगी के इस मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। recent visitors 74

पूर्व IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को HC से मिली बड़ी राहत, रायपुर सेंट्रल जेल में ट्रांसफर का आदेश

बिलासपुर  पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को रायपुर सेंट्रल जेल से अन्य जेल ट्रांसफर करने का विशेष न्यायाधीश का फैसला हाईकोर्ट ने पलट दिया है। जेल अधीक्षक रायपुर के आवेदन पर विशेष अदालत ने दोनों को कांकेर और अंबिकापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई में अदालत से दोनों को वापस रायपुर सेंट्रल जेल ट्रांसफर करने के निर्देश दिए हैं। 2 हजार करोड़ के शराब घोटाले मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को ईडी ने गिरफ्तार किया था। तब से दोनों रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है। उन पर रायपुर जेल में वीआईपी सुविधाएं लेने का आरोप है। इसके अलावा सिंडिकेट बनाकर जेल में शांति भंग का भी आरोप दोनों पर लगा कर रायपुर जेल अधीक्षक ने विशेष न्यायाधीश ईडी निधि शर्मा की अदालत में आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर दोनों को अलग-अलग कांकेर और जगदलपुर जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया गया था। आदेश के बाद दोनों को वहां शिफ्ट कर दिया गया था। आदेश को दोनों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके मामले की सुनवाई रायपुर में चल रही है इसलिए पेशी में उन्हें उपस्थित होना पड़ता है और उनके अधिवक्ता भी रायपुर जेल में उनसे वकील मुलाकात करते हैं साथ ही उनका परिवार भी रायपुर में निवास रथ है जिससे परिवार के लोगों को भी जेल में मिलने में सुविधा होती है। जेल अधीक्षक के आवेदन पर रायपुर विशेष न्यायाधीश ने बगैर उनके पक्ष सुने एकपक्षीय आदेश जारी किया गया है। सुनवाई के बाद जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने दोनों को तत्काल रायपुर जेल शिफ्ट करने के निर्देश दिए। आबकारी घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर को अंबिकापुर और अनिल टुटेजा को कांकेर जेल शिफ्ट किया गया था, जबकि ए.पी. त्रिपाठी को जगदलपुर जेल भेजा गया था। कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी को दंतेवाड़ा जेल और कोयला घोटाले के मुख्य सरगना सूर्यकांत तिवारी को जगदलपुर जेल ट्रांसफर किया गया था। recent visitors 65

किसानों को बड़ी सौगात: गेहूं खरीदी पर मिलेगा 150 रुपए का फायदा, जानें इस बार कितनी है MSP।

Big gift to farmers: You will get a benefit of Rs 150 on wheat purchase, know what is the MSP this time. भोपाल। केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। दरअसल, अब गेहूं खरीदी पर 150 रुपए का फायदा होगा। भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए गेहूं खरीदी का न्यूनतम मूल्य निर्धारित कर दिया है। इस बार 150 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जो पिछले साल की तुलना में 150 रुपए ज्यादा है। पिछले साल सरकार ने 2275 में गेहूं खरीदा था, लेकिन इस बार 150 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। गेहूं उपार्जन के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही भारत सरकार की ओर से निर्धारित एफएक्यू् मापदण्ड के गेहूं उपार्जन के लिए केंद्रों पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग व्यवस्था की जाएगी। गेहूं की गुणवत्ता के परीक्षण के लिये सर्वेयर को सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश में बीते वर्ष 6 लाख 16 हजार किसानों ने 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। गेहूं उपार्जन के लिये किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के शीघ्र भुगतान के लिये 2199 उपार्जन केंद्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए। शेष 1495 उपार्जन केंद्र समिति स्तर पर स्थापित किए गए। किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी। recent visitors 254

गिलगित-बाल्टिस्तान में बड़ा हादसा, दूल्हा-दुल्हन समेत 26 लोगों की मौत

   गिलगित-बाल्टिस्तान दुनियाभर में अक्सर ही रोड एक्सीडेंट्स के मामले देखने को मिलते हैं। वैसे तो हर देश में रोड सेफ्टी बेहद ही अहम है, पर अक्सर ही लोगों की लापरवाही या दूसरे कारणों से रोड सेफ्टी में चूक हो जाती है और इसी वजह से रोड एक्सीडेंट्स के मामले सामने आते हैं। ऐसा ही एक हादसा मंगलवार को पाकिस्तान (Pakistan) में हुआ। पाकिस्तान में मंगलवार को एक बस भीषण हादसे का शिकार हो गई। यह बस एक्सीडेंट गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit Baltistan) के डायमेर (Diamer) जिले में यात्रियों से भरी एक बस के साथ हुआ, जब बस सिंधु नदी (Indus River) में गिर गई। बस में सवार लोग गिलगित-बाल्टिस्तान प्रांत के अस्तोर (Astore) जिले से पंजाब (Punjab) के चकवाल (Chakwal) जिले में होने वाली एक शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे। 26 लोगों की हुई मौत पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान में डायमेर जिले में मंगलवार को शादी में शामिल होने के लिए जा रहे यात्रियों से भरी बस के सिंधु नदी में गिरने से पहले 16 लोगों की मौत हो गई। बस में सवार अन्य यात्रियों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन अब मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 26 हो गया है। मरने वालों में दूल्हा और दुल्हन भी शामिल हैं। मरने वालों में 12 लोगों की तलाश अभी भी जारी है, लेकिन उन्हें मृत मान लिया गया है। किस वजह से हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार ओवरस्पीडिंग की वजह से यह बस एक्सीडेंट हुआ। बस काफी तेज़ रफ्तार से जा रही थी और इस वजह से उसका कंट्रोल छूट गया और वो नदी में गिर गई। ड्राइवर ने बस को संभालने की काफी कोशिश की, लेकिन वह हादसे को टाल नहीं सका। बस तेज रफ्तार से चलाने के चलते हुआ हादसा अधिकारियों के अनुसार हादसा बस को तेज रफ्तार से चलाने के चलते हुआ। ड्राइवर ने बस पर से नियंत्रण खो दिया था। बस पाकिस्तान के चकवाल जिले की ओर जा रही एक शादी जुलूस का हिस्सा थी। वह डायमर जिले की सीमा पर तेलची पुल से नदी में गिर गई। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने जताया शोक हादसे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने बचावकर्मियों से लापता यात्रियों को ढूंढने के प्रयास तेज करने के लिए कहा। बता दें कि खराब बुनियादी ढांचे और यातायात कानूनों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पाकिस्तान में सड़क दुर्घटनाएं आम बात हैं। यहां अगस्त में दो अलग-अलग बस हादसों में 36 लोग मारे गए थे और दर्जनों अन्य घायल हो गए थे। recent visitors 148