टोक्यो में मंदिर दर्शन और स्नेह मिलन, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पहुंचे जापान

जयपुर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी रविवार को जापान पहुंचे। श्री देवनानी ने जापान के टोक्यो में दिन की शुरुआत मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना करके की । इस्कॉन मंदिर में आयोजित प्रातः कालीन भजन कार्यक्रम हरे रामा हरे कृष्णा में श्री देवनानी शामिल हुए। श्री देवनानी ने मंदिर में मौजूद प्रवासी भारतीयों से सनातन परंपरा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है। साथ ही संस्कारवान होना भी जरूरी है ताकि हम बेहतर इंसान बन सके और दुनियाभर में इंसानियत के व्यवहार का प्रसार कर सके। श्री देवनानी के सम्मान में टोक्यो में हिंदू स्वयं सेवक संघ ने स्नेह मिलन का आयोजन किया। श्री देवनानी ने युवाओं का आव्हान किया कि भविष्य की चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को विश्व बंधुत्व की भावनाओं के अनुरूप मानवता, सहिष्णुता, धैर्य जैसे गुणों  का जीवन में समावेश करना होगा। श्री देवनानी ने कहा की विश्व बंधुत्व आवश्यक है। समग्र चेतना का जागरण आज की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति को कोई समाप्त नहीं कर सकता है। युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहने के लिए सतत प्रयास करने होंगे। हमारे आदर्श, हमारे महापुरुष और हमारी महान संस्कृति हमें सुदृढ़ बनाती है। मानवीय मूल्यों के आचरण से व्यक्ति का कद ऊंचा होता है। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के 67  वें सम्मेलन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में सम्मेलन में भाग लेने के बाद राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के पोस्ट कॉन्फ्रेस स्टडी ट्यूर के तहत इण्डोनेशिया, सिंगापुर के बाद जापान की यात्रा पर है। इस अध्ययन यात्रा के दौरान श्री देवनानी इन देशों में भारत के राजदूतों से मुलाकात करने के साथ विधायी निकायों का अवलोकन भी कर रहे हैं। संसदीय प्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढीकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श कर रहे हैं । श्री देवनानी राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की भारत क्षेत्र की कार्यकारी समिति के सदस्य भी है। श्री देवनानी विभिन्न देशों के विधान मण्डलों के प्रतिनिधि मण्डलों को राजस्थान विधान सभा में किये गए नवाचारों की जानकारी दे रहे हैं। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी इस विदेश यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और जापान में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों, शिक्षाविदों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और सिंधी समाज के प्रबुद्धजन से भी मुलाकात कर रहे हैं। श्री देवनानी ने जापान में टोक्यो स्थित सेंशसूजी टेंपल,ओरेवा में स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी, रेनबो ब्रिज, टोक्यो टावर और टोक्यो स्काईट्री का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने वहां की तकनीक का भी अध्ययन किया। recent visitors 84

अंतरिम डीजीपी बोले – डीजीपी की नियुक्ति के लिए उत्तराखंड सरकार भी उप्र की प्रक्रिया अपनाए

देहरादून. उत्तराखंड के अंतरिम पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अभिनव कुमार ने प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 के प्रावधानों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से उत्तर प्रदेश की तरह पुलिस प्रमुख पद पर नियुक्ति प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया। उत्तराखंड में डीजीपी की नियुक्ति के लिए पारदर्शी और स्वतंत्र प्रक्रिया के वास्ते प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगौली को दिए अपने प्रत्यावेदन में कुमार ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के पुलिस प्रमुख की नियुक्ति को लेकर अपनाई जा रही प्रक्रिया में संघ लोक सेवा आयोग एवं गृह मंत्रालय की निर्णायक भूमिका है जो उनके विचार से ‘संवैधानिक व व्यवहारिक दृष्टिकोण’ से उचित नहीं है । भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1996 बैच के अधिकारी कुमार ने इस संबंध में पुलिस अधिनियम 2007 के प्रावधानों की ओर ध्यान दिलाया जिसके तहत राज्य सरकार एक समिति का गठन करेगी जो स्क्रीनिंग के बाद योग्य अधिकारियों का एक पैनल तैयार करेगी और इसमें से ही राज्य सरकार डीजीपी की नियुक्ति करेगी। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में यह भी प्रावधान है कि इस पैनल में अधिकारियों की संख्या पुलिस महानिदेशक स्तर के स्वीकृत पदों की संख्या के तीन गुने से अधिक नहीं होगी। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि हाल में उत्तर प्रदेश में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार डीजीपी की नियुक्ति के लिए नए नियम लागू किए गए हैं ताकि पुलिस बल के प्रमुख की निुयक्ति में संवैधानिक व्यवस्था और शीर्ष अदालत के निर्णय के अनुरूप राज्य सरकार की निर्णायक भूमिका बनी रहे । उन्होंने कहा, “चूंकि पुलिस व्यवस्था भारतीय संविधान की अनुसूची सात की सूची दो के तहत राज्य विषय है । यह महत्वपूर्ण है कि उत्तराखंड सरकार भी ऐसे नियमों को लागू करने पर विचार करे ताकि डीजीपी की नियुक्ति में पारदर्शिता और स्वायत्तता के साथ राज्य सरकार की निर्णायक भमिका भी सुनिश्चित हो सके।” कुमार की डीजीपी के पद पर अंतरिम नियुक्ति पिछले साल 30 नवंबर को की गई थी। recent visitors 72

किसानों को एमएसपी से ज्यादा कीमत दे रहे कारोबारी, छत्तीसगढ़ में मक्का खरीदी में नेफेड की एंट्री

गरियाबंद। पहली बार मक्का उत्पादक किसानों को निजी कारोबारी शुरुआती दौर से एमएसपी दर 2225 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा कीमत का भुगतान कर रहे हैं. इसकी वजह नेफेड की एंट्री है. पहली बार प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मक्का की खरीदी करने जा रही है. नेफेड के राज्य नोडल अफसर संजय सिंह ने बताया कि एमएसपी दर पर पैक्स के माध्यम से खरीदी करना था, लेकिन धान की खरीदी में सरकार इस उपक्रम को लगाई हुई है. ऐसे में अब एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) से खरीदी की जा रही है. गरियाबंद जिले में देवभोग, अमलीपदर, मैनपुर ने खरीदी की शुरुआत किया है. अब तक 12 टन मक्का की खरीदी किया जा चुका है. खरीदी समृद्धि पोर्टल के माध्यम से होता है, केंद्र से पैसे का सीधा भुगतान इसी पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत विक्रेता किसान को किया जाता है. कारोबारियों का तय सेटअप, इसलिए खरीदी बनी चुनौती एफपीओ हीरामा के मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष पांडेय बताते हैं कि लंबे समय से मक्के के कारोबार में स्थानीय कारोबारियों का अपना तय सेटअप जमाया हुआ है. ऐसे में पहली बार में किसानों के बीच सरकारी खरीदी को लेकर विश्वास जमाना किसी चुनौती से कम नहीं है. पिछले दो माह से लगातार इस जिले के फील्ड में मक्का की मिस्ट्री समझने में लगे संतोष पांडेय बताते है कि किसान मक्का की बोनी के समय से ही खाद बीज के लिए स्थानीय कारोबारियों से संपर्क कर उनसे मदद लेते हैं फिर विक्रय का करार कर लेते हैं. विक्रय की घर पहुंच सेवा, क्वालिटी कंट्रोल से मुक्त बिक्री,और सीधे केस भुगतान जैसे सहूलियत के कारण निजी कारोबारी की ओर रुझान बना हुआ है. वाजीब दाम मिलना शुरू हुआ किसानो को संजय ने दावा किया कि उपज से पहले करार के कारण कई बार कृषकों को बेहद कम कीमत मिलता था. लेकिन इस साल नेफेड के चलते शुरू से ही किसानों को एमएसपी से ज्यादा दर मिल रहा है. हमरा उद्देश्य कृषकों को उनके उपज का वास्तविक कीमत दिलाना है, खरीदी का लक्ष्य भले पूरा न हो पर वास्तविक कीमत दिलाने का हमने लक्ष्य हासिल कर लिया है. मक्का से एथेनॉल बना रहे भारत सरकार ने साल भर पहले ही मक्का से एथेनॉल बना कर विदेश निर्भरता कम करने का लक्ष्य बनाया हुआ है. इससे पहले तक पशुदाना, कॉर्न के अलावा विदेशों तक मक्का की सप्लाई थी.क्षेत्र का मक्का आंध्र पोर्ट के सहारे बंगला देश,म्यांमार, मलेशिया जैसे उन्नत देशों में जा रहा था. पर इस बार निजी कारोबारी भी उपज को ओडिसा और आंध्र के एथेनॉल कंपनी को मक्का बेच रहे है. नेफेड भी खरीदी के बाद करार किए गए कंपनी को मक्का बेच किसानों को अन्ना दाता से ऊर्जा दाता बनाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है. मांग बढ़ी तो कीमत ऊंची खुली इस बार मक्का का कीमत शुरू से हाई रहा है. 6 माह पहले तक इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 3300 रुपए प्रति क्विंटल थी, उत्पादन बढ़ा तो अब पोर्ट डीलवरी 2500 रुपये प्रति क्विंटल है. लिहाजा निजी कारोबारी इस बार 2300 रुपये प्रति क्विंटल दर देकर किसान से मक्का की खरीदी कर रह रहे. अन्य सालों में स्थानीय कीमत महज 1700 से खुलकर अधिकतम 2 हजार तक होती थी. धान में बोनस के बाद घटा रकबा जिले में अधिकतम 22 से 25 हजार हेक्टेयर में मक्का का फसल लिया जाता था, पिछले तीन साल में रकबा घट कर 15 हजार हेक्टेयर पहुंच गया था. सरकार धान में 3100 देने के कारण किसानों का रुझान धान की ओर बढ़ा हुआ है. recent visitors 72

बस्तर-सरगुजा क्षेत्रों के विकास में प्राधिकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में चित्रकोट में आयोजित बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में बस्तर में पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म कॉरिडोर बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही बस्तर अंचल के पर्यटन के लिए चिन्हित स्थानों को विकसित करने के लिए रणनीति तैयार की गई। बैठक में बस्तर में एनएमडीसी द्वारा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण के संबंध में भी चर्चा की गई। इस मौके पर श्री साय ने सौर समाधान और मनो बस्तर एप्प लॉन्च किया तथा सौर ऊर्जा चलित पॉवर बैंक का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धूड़मारास गांव के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बस्तर को नई पहचान मिली है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धूड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राधिकरण की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने बस्तर और सरगुजा के विकास पर अपना ध्यान विशेष रूप से केंद्रित किया है। इन क्षेत्रों के विकास में आदिवासी विकास प्राधिकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। सीएसआर मद में भी काफी राशि उपलब्ध है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। केन्द्र और राज्य दोनों में जनजातीय समुदायों के विकास के लिए संवेदनशील सरकारें हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादी आतंकवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में राज्य में बेहतर काम हो रहा है। माओवादी आतंकवाद छोटे से क्षेत्र में सिमट कर रह गया है। हम लोगों ने बस्तर में पूर्ण शांति बहाली करते हुए अंदरूनी क्षेत्रों तक लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का संकल्प लिया है। यह तभी होगा जब शासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा। यह विश्वास विकास से ही निर्मित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत 34 नए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं जहां ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाएं भी दी जा रही हैं। बस्तर में शांति कायम हो, इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें सतत प्रयास कर रही हैं। बैठक में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों से अमूल्य सुझाव मिले। सभी टीम भावना से काम करके विकास के प्रति एकजुटता दिखाएं। केशकाल घाट सुधार कार्य को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश मुख्यमंत्री श्री साय ने केशकाल घाट सुधार कार्य को जल्द पूर्ण कराने और प्राधिकरण मद से स्वीकृत सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने निर्देशित किया। उन्होंने कलेक्टर बस्तर को  देवगुड़ी, मातागुडी के अप्रारंभ कार्यों को डेढ़ महीने में पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने दंतेवाड़ा के ग्राम नेरली, धुरली में लाल पानी की समस्या सहित विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए एनएमडीसी को समाधानकारक उपाय करने के निर्देश दिए और कहा कि संबंधित कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर संयुक्त बैठक कर आवश्यक पहल करें। मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नियद नेल्लानार जैसी योजना और बस्तर ओलंपिक का आयोजन मुख्यमंत्री जी के विकास की पहल को दर्शाता है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मत्स्यपालन, डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने नदी किनारे विद्युत लाईन बिछाने, अटल व्यावसायिक परिसर, एफआरए क्लस्टर में सामूहिक खेती को प्रोत्साहित करने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, ऐसे में बस्तर में नई खेल अकादमियों की स्थापना के लिए पहल की जाए। वित्त मंत्री श्री ओ.पी चौधरी ने क्षेत्र में होटल मैनेजमेंट संस्थान, नर्सिंग कॉलेज, ऑर्गेनिक, नैचुरल फॉर्मिंग प्रारंभ करने  पोटा केबिन को स्थायी बनाने का सुझाव दिया। बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने बस्तर क्षेत्र में  शिक्षा, उद्यमिता के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रत्येक गांव में  कृषि सेवा केंद्र प्रारंभ करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर को पर्यटन के क्षेेत्र में विश्व पटल पर स्थापित करने पर भी बल दिया। विधायक श्री किरणदेव सिंह ने कहा कि शोधार्थी छात्रों को सुविधाएं देने सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटल लैबोरेटरी की स्थापना की जाए। आकांक्षी जिलों में अभियान चलाकर रिक्त पदों की भर्ती मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पुलिस बलों को बड़ी सफलता मिल रही है। प्रभावित क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को पहुंचाने 95 गांवों में सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने आकांक्षी जिलों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जिला प्रशासन को अभियान चलाकर प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। कांकेर कलेक्टर ने बैठक में बताया कि रावघाट परियोजना के तहत प्रभावित सभी किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। बीएसपी के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र के 153 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। सचिव शिक्षा ने बताया कि बस्तर अंचल में एक भी स्कूल बंद नहीं किया गया है। उन्होंने भवनविहीन स्कूलों के लिए भवन का प्रावधान करने की जानकारी दी। बैठक में खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सहित बस्तर सांसद महेश कश्यप और बस्तर संभाग के समस्त विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रमुख सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विभाग, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और  राहुल भगत, सदस्य सचिव प्राधिकरण डॉ बसवराजु एस., विभिन्न विभागों के सचिव, कमिश्नर बस्तर, आईजी,  सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बैठक में उपस्थित थे। recent visitors 31

वक्फ बोर्ड ने जुम्मे की नमाज को लेकर नया फरमान जारी, तकरीर से पहले बोर्ड से लेनी होगी इजाजत

रायपुर  छत्तीसगढ़ की मस्जिदों में जुमे यानी शुक्रवार की नमाज के बाद होने वाली तकरीर के लिए वक्फ बोर्ड से मंजूरी लेनी होगी। तकरीर किस विषय पर है, इसकी जानकारी लिखित में देनी होगी। यह आदेश छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष व भाजपा नेता डॉ. सलीम राज ने प्रदेशभर की मस्जिदों के मुतवल्ली को पत्र लिखकर भेजा है। उन्होंने कहा कि मंजूरी के बाद ही तकरीर की जा सकेगी। आदेश 22 नवंबर से लागू हो जाएगा। आदेश नहीं मानने पर दर्ज होगा केस डॉ. सलीम ने बताया कि प्रदेशभर की मस्जिदों के मुतवल्लियों को जानकारी देने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में मुतवल्ली तकरीर के विषय की जानकारी देंगे। बोर्ड से नियुक्त अधिकारी विषय को परखेंगे और अनुमति देंगे। आदेश नहीं मानने पर मुतवल्लियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने जो पत्र लिखा है, वह मुतवल्लियों के लिए है, मौलानाओं के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है। वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ने किया विरोध इमामों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कहा गया है, जो अल्पसंख्यकों के लिए है। मुतवल्लियों को धार्मिक उपदेशों तक ही सीमित रहना चाहिए, राजनीति नहीं करनी चाहिए। मुतवल्लियों का व्हाट्सग्रुप वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेशभर की मस्जिदों के मुतवल्लियों को जानकारी देने के लिए व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में मुतवल्ली तकरीर के विषय की जानकारी देंगे। वक्फ बोर्ड से नियुक्त अधिकारी विषय को परखकर फिर अनुमति देंगे। उसी विषय पर ही तकरीर कर सकेंगे। आदेश नहीं मानने पर मुतवल्लियों पर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ लाया था अविश्वास प्रस्ताव गौरतलब है कि पिछले महीने ही बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व जस्टिस मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ अविश्वास पत्र लाकर उन्हें हटाया गया था। इसके बाद भाजपा के नेता डा.सलीमराज को नया अध्यक्ष चुना गया था। ओवैसी ने एक्स पर लिखा आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि अब भाजपाई हमें बताएंगे कि दीन क्या है? क्या हमें अपने दीन पर चलने के लिए अब इनसे इजाजत लेनी होगी? वक्फ बोर्ड के पास ऐसी कोई क़ानूनी ताकत नहीं है। यदि ऐसा होता भी तो यह संविधान के अनुच्छेद 25 के खिलाफ होता। देशभर में लागू करने की मांग छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने जी मीडिया से बातचीत में कहा- फैसले के बाद हमें धमकी मिल रही है, मैं शहीद होने के लिए तैयार हूं. इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर देशभर में इसे लागू करने की मांग करूंगा. वहीं, डॉ सलीम राज ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर पलटवार करते हुए कहा- ओवैशी को इस्लाम की समझ नहीं है. व्हाट्सऐप ग्रुप से होगी मॉनिटरिंग छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के सदस्यों के मुताबिक, इसकी मॉनिटरिंग व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए की जाएगी. इस ग्रुप के में छत्तीसगढ़ की की मस्जिदों के मुतवल्लियों को जोड़ा जाएगा. जुम्मे की नमाज के बाद होने वाले तकरीर में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसकी जानकारी मुतवल्ली ग्रुप में देंगे. इस जानकारी को को वक्फ बोर्ड के सदस्य पढ़ेगे और जो मुद्दे उन्हें विवादित लगेंगे, उनमें संसोधन करके दोबारा संबंधित मस्जिद के मुतवल्ली को वो भेजा जाएगा. जिसके बाद संसोधित मुद्दे पर ही तकरीर होगी. जो मुतवल्ली नियम का पालन नहीं करेंगे,  उन पर तुरंत एक्शन भी लिया जाएगा. recent visitors 139

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश के बिना ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने से भी रोका

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में तेजी बढ़ते प्रदूषण के बीच ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने में देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को उसके आदेश के बिना ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने से भी रोक दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू करने में 3 दिन की देरी क्यों हुई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह एक आदेश पारित करने का प्रस्ताव कर रहा है कि अधिकारी अदालत की इजाजत के बिना ग्रैप के चरण 4 से नीचे नहीं जाएंगे, भले ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से नीचे चला जाए। पीटीआई के अनुसार, जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद भी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 4 के तहत निवारक उपायों के कार्यान्वयन में देरी हुई है। कोर्ट ने इस देरी को लेकर दिल्ली सरकार से सवाल किया और कोर्ट ने दिल्ली सरकार से राजधानी में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताने को कहा। इस दौरान दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ग्रैप-4 सोमवार से लागू हो गया है और भारी वाहनों को राजधानी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। “जब AQI 300 से 400 के बीच पहुंचता है, तो चरण 4 लागू करना होता है। बेंच ने वकील से कहा, "आप ग्रैप के चरण 4 लागू करने में देरी करके इन मामलों में जोखिम कैसे उठा सकते हैं।" कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि अदालत जानना चाहती है कि उसने प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। बेंच ने कहा, "हम चरण 4 के तहत निवारक उपायों को कम करने की अनुमति नहीं देंगे, भले ही एक्यूआई 450 से नीचे चला जाए। चरण 4 तब तक जारी रहेगा, जब तक अदालत अनुमति नहीं देती।" इसके साथ ही बेंच ने कहा कि वह दिन के काम के अंत में मामले की विस्तार से सुनवाई करेगी। बता दें कि, सीएक्यूएम ने रविवार को ग्रैप-4 के तहत दिल्ली-एनसीआर के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत सख्त पाबंदिया लागू करने घोषणा की थी, जो सोमवार सुबह 8 बजे से प्रभावी होंगे, जिसमें ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और सार्वजनिक परियोजनाओं पर निर्माण पर अस्थायी रोक शामिल है। सीएक्यूएम ने यह आदेश तब जारी किया, जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) गंभीर हो गई, जो शाम 4 बजे 441 पर पहुंच गई और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण शाम 7 बजे 457 तक जा पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने 14 नवंबर को याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की थी, क्योंकि उसे बताया गया था कि बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर नहीं बनना चाहिए। कोर्ट ने पहले कहा था कि प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 द्वारा संरक्षित प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है। recent visitors 75

चौथी किस्त ‘बागी 4’ का पहला पोस्टर रिलीज

मुंबई बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ हाल ही में रिलीज हुई 'सिंघम अगेन' में दिखाई दिए थे। इसके पहले आई उनकी सभी फिल्में फ्लॉप रही थीं। अब वह अपनी सुपरहिट फिल्म 'बागी' से वापसी कर रहे हैं। एक्शन फ्रैंचाइज की चौथी किस्त 'बागी 4' का पहला पोस्टर सोमवार 18 नवंबर सुबह मेकर्स ने जारी किया। पोस्टर में एक्टर का उनके मशहूर किरदार रॉनी का खतरनाक लुक देखने को मिल रहा है। लोग उन्हें इस अवतार में देखने के लिए एक्साइटेड हैं। इस मूवी की रिलीज डेट भी सामने आई गई है। आइए बताते हैं कि आप कब देख सकेंगे। 'बागी 4' के फर्स्ट-लुक पोस्टर में टाइगर को खून से लथपथ, एक टूटे-फूटे वॉशरूम में कमोड पर बैठे हुए दिखाया गया है। उन्होंने एक हाथ में चाकू, दूसरे हाथ में शराब की बोतल पकड़ी हुई है और सीधे कैमरे की ओर देखते हुए सिगरेट चबा रहे हैं। वहीं उनके सामने फर्श पर लोगों की बॉडी पड़ी है, जिन्हें उन्होंने मार गिराया है। जबकि पीछे की दीवारों पर खून के छींटे थे। टाइगर के ठीक ऊपर की दीवार पर '4' उकेरा गया है। पोस्टर में लिखा है: 'इस बार, वह पहले जैसा नहीं है।' 'बागी 4' कब रिलीज होगी? साजिद नाडियाडवाला की प्रोड्यूस्ड फिल्म 'बागी 4' आने वाले 5 सितंबर, 2025 को स्क्रीन पर रिलीज होने के लिए तैयार है। पोस्टर में यह भी ऐलान किया गया है कि फिल्म की शूटिंग आज (यानी 18 नवंबर) से शुरू होगी। बागी 4 का डायरेक्शन ए हर्ष ने किया है, जो 'बजरंगी' और 'वेदा' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। 'बागी' के तीनों पार्ट ने किया था कमाल 'बागी' फ्रैंचाइज की शुरुआत 2016 में इसी नाम की फिल्म से हुई थी, जिसमें टाइगर और दिशा पटानी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसने दुनिया भर में ₹129 करोड़ कमाए और टाइगर की पहली सोलो हिट रही। इसके बाद 'बागी 2' भी ब्लॉकबस्टर रही और ₹259 करोड़ का कलेक्शन किया और मनोज बाजपेयी के साथ दोनों सितारों की वापसी देखने को मिली। 'बागी 3', जो 2020 में रिलीज हुई थी, में दिशा की जगह श्रद्धा कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी और इसमें रितेश देशमुख भी थे। कोविड-19 महामारी के असर के कारण दुनिया भर में ₹137 करोड़ की ही कमाई हो सकी थी। recent visitors 76