Sunday, July 5, 2026 7:46 am

मुस्लिम महिलाओं की चेकिंग बुर्का उठाकर ना हो, समाजवादी पार्टी की चुनाव आयोग से मांग

प्रयागराज उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग (EC) को चिट्ठी लिखी है. अखिलेश यादव की पार्टी ने चिट्ठी में EC से मांग की है कि वोटिंग के दौरान मुस्लिम महिलाओं की बुर्का हटाकर चेकिंग न की जाए. सपा ने EC को लिखे अपने पत्र में कहा,'महिलाएं अगर बुर्का पहनकर वोटिंग करें तो पुलिस हस्तछेप न करे. मुस्लिम महिलाओं के बुर्का हटाने को लेकर वह डरी हुई हैं. ऐसे में वह मतदान नहीं कर पाती हैं.' 'नकाब हटाने को लेकर भयभीत' समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वोटिंग के दौरान पुलिस के पास वोटर का पहचान पत्र जांच करने का अधिकार न हो. क्योंकि मुस्लिम वोटर पुलिस के नकाब हटाने को लेकर भयभीत हैं. भाजपा करती आई है इसका विरोध सपा की इस मांग से सियासी घमासान मच सकता है. क्योंकि बीजेपी कई मौकों पर बुर्काधारी महिला वोटर्स की जांच की मांग करती आई है. दिल्ली की 7 सीटों पर इस बार हुए लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की दिल्ली यूनिट ने भी ऐसी ही मांग की थी. BJP दिल्ली यूनिट ने की थी अलग मांग दिल्ली में लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली BJP का एक प्रतिनिधमंडल, जिसमें विधायक अजय महावर, मोहन सिंह विष्ट, प्रदेशमंत्री किशन शर्मा, वकील नीरज गुप्ता ने दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा था. इसमें मांग की गई थी कि मतदान वाले दिन दिल्ली में जो भी बुर्का पहनकर या मुंह पर मास्क लगाकर मतदान करने आए, उसकी पूरी जांच के बाद ही वोट डालने दिया जाए. महिला अधिकारी या महिला पुलिस उनका चेहरा चैक करे. इन सीटों पर कल होना है चुनाव बता दें कि उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा. 23 नवंबर को इसके नतीजे घोषित किए जाएंगे. यूपी में जिन सीटों पर उपचुनाव होंगे, उनमें कटेहरी (अंबेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझावां (मिर्जापुर), शीशमऊ (कानपुर शहर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) शामिल हैं.   recent visitors 79

तेजी से बाजार चमका, सेंसेक्स ने लगाई 800 अंक की छलांग; M&M बना टॉप गेनर

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में बीते कुछ दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को थमता नजर आया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) जोरदार उछाल के साथ ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 828 अंक तक चढ़कर 78000 के पार पहुंच गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) ने भी 249 अंकों की तेजी लेते हुए कारोबार करता नजर आया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए थे. बाजार में तेजी के बीच NTPC से लेकर Tata Motors तक के शेयर तूफानी तेजी के भागते हुए दिखाई दिए.   सेंसेक्स-निफ्टी में तूफानी तेजी मंगलवार को हरे निशान पर खुले शेयर बाजार (Share Market) में बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,339.01 से करीब 200 अंक की तेजी लेते हुए 77,548 के लेवल पर ओपन हुआ. इसके बाद कुछ ही मिनटों में इसने जोरदार रफ्तार पकड़ ली और 769.52 अंक की उछाल के साथ 78,108.58 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का इंडेक्स निफ्टी भी तेज रफ्तार से भागा. NSE Nifty ने अपने पिछले बंद 23,453.80 की तुलना में चढ़कर 23,529.55 के स्तर पर कारोबार शुरू किया और फिर रफ्तार बढ़ाते हुए 237.05 अंक की उछाल के साथ 23,690 पर ट्रेड करता दिखाई दिया. दोनों इंडेक्स में तेजी और भी बढ़ती गई और सेंसेक्स 828 अंक, जबकि निफ्टी 249 अंक चढ़ गया. सोमवार को टूटा था बाजार इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) गिरावट के साथ बंद हुआ था. हालांकि, दोनों इंडेक्स ने हरे निशान पर तेजी के साथ कारोबार शुरू किया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसकी रफ्तार पर ब्रेक लग गया और मार्केट क्लोज होने पर सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए थे. BSE का सेंसेक्स 241.30 अंक की गिरावट लेकर 77,339.01 के लेवल पर बंद हुआ. वहीं NSE Nifty 78.90 अंक टूटकर 23,453.80 के स्तर पर बंद हुआ था. 1789 शेयरों में जोरदार तेजी शेयर बाजार में बम-बम के बीच मंगलवार को 1789 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की, जबकि 587 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ खुले. वहीं 94 कंपनियां ऐसी थी, जिनके शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. निफ्टी पर टाटा ग्रुप की कंपनी Trent, BPCL, Infosys, NTPC और Adani Ports के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई. तो वहीं Dr Reddy's Labs, Shriram Finance, SBI Life Insurance, Asian Paints और JSW Steel के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा भागे ये शेयर खबर लिखे जाने तक BSE की 30 में से 29 कंपनियों के शेयर तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. इनमें सबसे ज्यादा रफ्तार पकड़ने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्ज कैप में M&M Share (2.75%), Tata Motors Share (2.27%), Adani Ports (2.11%), TCS (1.80%) शामिल रहे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Zeel Share (6.23%), Suzlon Share (4.87%), Delhivery Share (3.74%) और Federal Bank Share (3.57%), जबकि Mazgaon Doch Share (3.48%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था.वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में सबसे ज्यादा रफ्तार PGEL Share ने पकड़ी और ये 10.94% तक उछल गया. recent visitors 104

साइबर सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम बनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश बनेगा आईटी और साइंस का नया हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश की टेक्नोलॉजी में मध्यप्रदेश दे रहा है महत्वपूर्ण योगदान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साइबर सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम बनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय विभागों में हुआ 105 मुख्य सूचना अधिकारियों का पंजीकरण भारत भी अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में बन रहा है महाशक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकौशल विज्ञान मेले को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में विज्ञान प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और इन क्षेत्रों से जुड़ी सेवाओं का नया हब बनकर देश में उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मिंग से लेकर फायनेंस तक, मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर मेडिसिन तक, एजुकेशन से लेकर कम्यूनिकेशन तक विज्ञान का उपयोग किया जा रहा है। देश की टेक्नोलॉजी में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सुशासन के माध्यम से जन-कल्याण पर जोर दिया जा रहा है इसके लिए राज्य सरकार के विभागों में डिजिटलाइज्ड प्रणाली संचालित है। अनेक नवाचार भी हुए हैं। मध्यप्रदेश में आईटी और आईटीईएस क्षेत्र में निवेश भी बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश विज्ञान परिषद विद्यार्थियों को स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए मंच प्रदान कर रही है। सेटैलाइट इमेजरी एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उपयोग से जन-कल्याण के कई कार्य हो रहे हैं। किसानों के खसरे, नामांकन, बटांकन आदि के कार्य और दस्तावेज पंजीयन साइबर तहसील के माध्यम से हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर में चार दिवसीय महाकौशल विज्ञान मेला और आरोग्य एक्सपो-2024 के समापन समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र भ्रमण पर रहते हुए जबलपुर के आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। डिजीटल नवाचार, सुशासन और जन-कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में साइबर सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश कम्प्यूटर एमरजेंसी रिस्पांस टीम(MP-CERT) का गठन किया गया है। सभी शासकीय विभाग मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी का पंजीकरण करवा चुके हैं। इस तरह के 105 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां जबलपुर में 17 करोड़ से अधिक लागत से साइंस सेंटर की पहल हुई है वहीं उज्जैन में 230 करोड़ लागत से साइंस सिटी का निर्माण हो रहा है। आईआईटी जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। वर्ष 2013 में प्रथम तारामंडल प्रारंभ हुआ था जिसे अपग्रेड किया गया है। अत्याधुनिक थ्रीडी 4K तकनीक से विकसित नई व्यवस्था में इस वर्ष 400 सफल शो किए जा चुके हैं। इसी तरह अत्याधुनिक प्लेटोरियम, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन के उपयोग और नल-जल योजनाओं से लेकर सम्पत्ति की प्रक्रिया में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो रहा है। उज्जैन के डोंगला स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वेधशाला के निर्माण से एस्ट्रोनामी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई पहचान मिली है। भारत बन रहा महाशक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत साइकिल और बैलगाड़ी से प्रारंभ हुई अपनी अंतरिक्ष यात्रा को चंद्रमा, मंगल और सूर्य की तरफ बढ़ा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी जैसे सक्षम नेता वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाने में साथ हों तो सफलता मिल ही जाती है। प्रधानमंत्री ने अनुसंधान के मार्ग को प्रशस्त किया है। आज इसरो ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रगति से दुनिया को परिचित करवा दिया है। एक महाशक्ति के रूप में भारत अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने जय-जवान- जय किसान का नारा दिया। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने जय विज्ञान का नारा दिया। वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी जी ने जय अनुसंधान के मूल मंत्र पर जोर दिया है। एक समय था जब अनुसंधान को महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था। प्रत्येक अनुसंधान कार्य सफल हो, यह आवश्यक नहीं लेकिन हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों के मनोबल को बढ़ाया है। डोंगला की वेधशाला अब अंतर्राष्ट्रीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा वर्तमान में समय की गणना ग्रीनविच से हो रही है। डोंगला स्थित वेधशाला से शुद्ध समय की गणना संभव होगी। उज्जैन में वैदिक घड़ी की स्थापना की गई है। आने वाले समय में इस तरह के कई टास्क मध्यप्रदेश द्वारा लिए जाएंगे। प्रदेश में नव वैज्ञानिकों के सम्मेलन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर की धरती नवाचारों के लिए जानी जाती है। यहाँ वीरांगना दुर्गावती की स्मृतियां भी जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महाकौशल विज्ञान मेले के माध्यम से इस सार्थक आयोजन से जुड़े सभी व्यक्तियों को बधाई दी और उनका अभिवादन किया। समापन समारोह में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह, मध्यप्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद के अध्यक्ष अनिल कोठारी, महाकौशल विज्ञान परिषद के अध्यक्ष एस.पी. गौतम सहित परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। एक्सपो स्थल पर विज्ञान एवं नवाचारों संबंधी प्रदर्शनी में विभिन्न स्टाल लगाए गये। अतिथियों द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया गया।   recent visitors 104

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय भोपाल में होगा आयोजन

भोपाल भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय के "स्वास्थ्य कल्याण केंद्र" में "7वां प्राकृतिक चिकित्सा दिवस" कार्यक्रम का 20 नवम्बर को प्रातः 10:30 बजे होगा। यह कार्यक्रम केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित विषय "प्राकृतिक चिकित्सा से समग्र स्वास्थ्य" पर आधारित होगा। इसमें "आदर्श पुरोधा" एवं "प्रतिमान योद्धा" नामक दो सम्मान भी दिए जाएंगे। यह सम्मान प्राकृतिक जीवन के आदर्शो पर 90 वर्ष के ऊपर आयु के स्वस्थ सैनिकों को दिए जाएंगे। कार्यक्रम में सलाहकार केंद्रीय आयुष मंत्रालय अशोक वार्ष्णेय एवं आयुक्त आयुष श्रीमति उमा माहेश्वरी आर सहित विभिन्न विषय विशेषज्ञ एवं चिकित्सक उपस्थित रहेंगे। केंद्रीय आयुष मंत्रालय अन्तर्गत केंद्रीय योग प्राकृतिक चिकित्सा अनुसन्धान परिषद नई दिल्ली एवं शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में संचालित "स्वास्थ्य कल्याण केंद्र" के स्थापना के 8 वर्ष पूर्ण होकर, यह केंद्र अपनी स्थापना से नवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यह "स्वास्थ्य कल्याण केंद्र" राज्य सरकार का आयुष एकीकृत सेवा केंद्र है। "स्वास्थ्य कल्याण केंद्र" में प्रतिदिन बड़ी संख्या में होम्योपैथिक, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा हितग्रहियों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जाता है। संस्थान प्रमुख डॉ. एस. के. मिश्रा ने बताया कि स्थानीय होम्योपैथी चिकित्सालय में प्राकृतिक चिकित्सा के साथ मिलकर "स्वास्थ्य कल्याण केंद्र" संचालित किया जा रहा है, इसमें पिछले 8 वर्षों में लगभग एक लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. अनुपम मिश्रा ने बताया कि प्राकृतिक आहार एवं उपवास, शरीर को शोधित एवं स्वास्थ्य रखने के श्रेष्ठ उपाय हैं। "स्वास्थ्य कल्याण केंद्र", सर्वसमावेशी स्वास्थ्य का सुविधा का देश भर में अनुपम उदाहरण है।   recent visitors 86

आज से इंडिया ओपन राइफल कॉम्पिटीशन मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी ग्राम गौरा भोपाल में किया जा रहा

भोपाल संचालनालय खेल और युवा कल्याण, मध्यप्रदेश और भारतीय राष्ट्रीय रायफल महासंघ नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में 19 से 28 नवम्बर तक इंडिया ओपन राइफल और पिस्टल कॉम्पिटीशन 2024 का आयोजन मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी ग्राम गौरा भोपाल में किया जा रहा है। शूटिंग अकादमी में रायफल, पिस्टल और शाटगन की अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधोसंरचना निर्मित है। पेरिस ओलम्पिक के प्रशिक्षण शिविर भोपाल में आयोजित हुये थे। पिछले वर्ष विश्व कप का भी आयोजन भोपाल में हुआ था। विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जा रही अधोसंरचना और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये इण्डिया ओपन प्रतियोगिता का आयोजन भोपाल में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में देश भर के शूटिंग रायफल के 1719 और पिस्टल के 4780 सहित कुल 6499 खिलाड़ियों के प्रतिभागिता करने की संभावना है। प्रतियोगिता से चयनित खिलाड़ी सीधे राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप के लिए पात्रता प्राप्त करेंगे। यह प्रतियोगिता नवोदित खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता भी अगले माह भोपाल में आयोजित होना है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता से उत्तराखंड नेशनल गेम्स 2024-25 के लिए खिलाड़ियों को पात्रता मिलेगी।   recent visitors 171

प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे

भोपाल मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह विदेश दौरा मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई, बैंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में 4 रोड-शो की अभूतपूर्व सफलता के बाद, यह दौरा अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने का एक अभूतपूर्व प्रयास है। उद्योग वर्ष 2025 के प्रदेश में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 दिवसीय इस विदेश यात्रा में यूके के लंदन, बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। इन स्थानों पर वे प्रदेश में निवेश और औद्योगिक सहयोग के अवसरों को बढ़ाने के लिये औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। विश्व पटल पर म.प्र. को पहचान दिलाएगी यह यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह रणनीतिक विदेश यात्रा मध्यप्रदेश के लिए निवेश आकर्षित कर राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा विश्व पटल पर उद्योग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभायेगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा राज्य में निवेशकों का भरोसा मजबूत करेगी और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री का यह विदेश दौरा मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ करेगा और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा, जिससे प्रदेश में एक समृद्ध औद्योगिक वातावरण का निर्माण संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 नवम्बर को भोपाल से मुम्बई होते हुए लंदन के लिये प्रस्थान करेंगे तथा रात 8 बजे लंदन पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 नवम्बर को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ़ मध्यप्रदेश’’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि-भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमे 400 से अधिक प्रवासी भारतीय सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 नवम्बर को ब्रेकफास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इसके बाद इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंच ब्रेक के बाद राउण्ड टेबल मीटिंग्स में इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं ऑटो, एजुकेशन, रिन्युएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवंबर को वारविक यूनिवर्सिटी का भ्रमण करेंगे इसके बाद वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के डीन, फैकल्टी मेम्बर्स और शोधार्थियों से संवाद करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव बर्मिंघम हवाई अड्डे से जर्मनी के लिए प्रस्थान कर रात 8:20 बजे म्यूनिख पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जर्मनी दौरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 दिवसीय यूके के दौरे के बाद 28 और 29 नवंबर को जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। यात्रा के दौरान म्यूनिख और स्टटगार्ट में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव 28 नवंबर को सुबह बवेरिया राज्य सरकार के नेताओं और म्यूनिख में कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया से चर्चा करेंगे। इसके बाद डॉ. यादव SFC Energy का भ्रमण करेंगे। वे बेयरलोचर ग्रुप द्वारा आयोजित लंच में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में शामिल होंगे, जिसमें कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया, सीआईआई और इन्वेस्ट इंडिया, इंडो जर्मन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इसमें लगभग 80 प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी चर्चा होगी। डॉ. यादव इन्टरैक्टिव सेशन के बाद उद्योग प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग में भी निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "फ्रेंड्स आफॅ एमपी" के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमे लगभग 100 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित रात्रि भोज में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 29 नवम्बर को स्टटगार्ट स्थित LAPP Group की फैक्ट्री का दौरा करेंगे और अधिकारियों से निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। उद्योग प्रतिनिधियों से “इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटिज इन मध्यप्रदेश’’ विषय पर राउंडटेबल मीटिंग होगी, जिसमें लगभग 20 प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टटगार्ट के स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का भ्रमण भी करेंगे। यह म्यूजियम जर्मनी का एक प्रमुख प्राकृतिक ऐतिहासिक म्यूजियम है, जिसमें प्राचीन जीवाश्म और डायनासोर के अवशेषों का विशाल संग्रह है। म्यूजियम की स्थापना 1791 में हुई थी, इसमें 11 मिलियन से अधिक वस्तुएं संग्रहित है। यह जर्मनी का सबसे बड़ा म्यूजियम है। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव फ्रैंकफर्ट के लिए रवाना होंगे। वे फ्रैंकफर्ट से रात 8 बजे नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे। recent visitors 54

महाकवि कालिदास की रचनाओं में प्रकृति के प्रति प्रेम का अद्वितीय चित्रण है : मंत्री काश्यप

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप के आतिथ्य में 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ समापन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय त्रिपदी परिवार के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप तराणेकर ने की। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर माउण्टआबू राजस्थान के स्वामी सियाराम दास जी महाराज थे। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सुरबहार वादन, घुंघरू वादन एवं सरोद वादन की प्रस्तुति दी गई। स्वामी सियाराम दास जी महाराज ने उद्बोधन दिया कि जिस प्रकार समुद्र के रत्नों का लाभ वहीं उठा सकते हैं, जो ज्यादा गहरा गोता लगा सकते हैं। उसी प्रकार भारतीय दर्शन का लाभ वही ले सकते हैं, जो महाकवि कालिदास की कृतियों को आत्मसात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास सिर्फ कवि नहीं थे, वह अपने समय के महान वेदांती एवं मिमांसी थे। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि अखिल भारतीय समारोह एक प्रतिष्ठित समारोह है। यह समारोह 7 दिन तक संगीत, नाटक, वाद-विवाद, संगोष्ठी, व्याख्यान-माला, सांस्कृतिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास एक महान विद्वान थे। उनके ग्रंथ सिर्फ काव्य नहीं है, अपितु उनमें समाज के कल्याण के लिए संदेश भी निहित है। उनके काव्यों ने समाज में धर्म एवं संस्कृति का समावेश किया है। इसी के साथ उनकी रचनाओं में प्रकृति के प्रति प्रेम का अद्वितीय चित्रण है। महाकवि कालिदास की कर्मभूमि उज्जैन रही है, वे विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक रहे हैं। मैं भगवान महाकालेश्वर की पावन भूमि अवंतिका को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने कहा कि यह वर्ष उज्जैन के लिए गौरवशाली रहा है, यहां के नेतृत्वकर्ता डॉ. मोहन यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कालिदास समारोह में देश की महान विभूतियाँ शामिल हुई हैं। यह सांस्कृतिक विधाओं के प्रति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रतिबद्धता दर्शाती है। इस समारोह के माध्यम से महाकवि कालिदास एवं संस्कृत विषय में विद्यार्थियों की रूचि पुन: जागृत हुई है, यह हमारे सांस्कृतिक उत्थान एवं अभ्युदय का प्रतीक है। समारोह हमारी भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री परमार ने कहा कि भारत की महान ज्ञान परंपरा का दर्शन महाकवि कालिदास के ग्रंथों से होता है। समारोह हमारी ज्ञान परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है। भारत में 300 साल पहले तक 7 लाख से ज्यादा गुरूकूल थे, जो कि शिक्षा के प्रमुख केन्द्र हुआ करते थे। भारत में नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला जैसे विश्व में ज्ञान की गंगा बहाने वाले विश्वविद्यालय पुरातनकाल से रहे हैं। हमारा ज्ञान आध्यात्म के साथ-साथ विज्ञान एवं गणित में भी परिपूर्ण एवं समृद्ध रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुन: उस परंपरा को नई शिक्षा नीति-2020 से पाठ्यक्रम में शामिल किया है। नई शिक्षा नीति में भारत के विचारकों, वैज्ञानिकों एवं दार्शनिकों का ज्ञान शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सभ्यता और कृतज्ञता की संस्कृति है। हमारे पूर्वज लाखों वर्षों से पेड़, जलाशय, सूर्य, पशु-पक्षी को कृतज्ञता के कारण पूजा करते रहे हैं। यही हमारी ज्ञान परंपरा है, जिसमें हम सभी को सम्मान देते हैं और उनके दायित्वों के निर्वहन पर कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हमारे पूर्वज इतने शिक्षित थे कि वह अनादिकाल से जानते थे कि सूर्य ही उर्जा का केन्द्र है। भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी जीवन का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव की डबल इंजन की सरकार वर्ष 2047 तक भारत को सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. तराणेकर ने कहा कि मैं भगवान महाकालेश्वर, महाकवि कालिदास, वराहमिहिर व विक्रमादित्य की अवंतिका नगरी में आना मेरा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथों में ज्ञान का अटूट भंडार है। हमारी युवा पीढ़ी का लक्ष्य प्राचीन ग्रंथों के ज्ञान को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करना होना चाहिए। कार्यक्रम में आचार्य मिथिला प्रसाद त्रिपाठी को श्रेष्ठ कृति अलंकरण से पुरस्कृत किया गया। प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, विक्रम विश्वविद्यालय कुलगुरू अर्पण भारद्वाज, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, श्रीपाद जोशी, डॉ. विजय कुमार मेनन, गोविन्द गंधे आदि उपस्थित रहे।   recent visitors 126