Sunday, July 5, 2026 6:38 am

वन्य जीवों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिये उच्च न्यायालय ने किये निर्देश जारी

वन्य जीवों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिये उच्च न्यायालय ने किये निर्देश जारी बाघ जैसे वन्यप्राणियों के विरूद्ध अपराध प्रकृति और वन के लिये खतरा भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव वी. एन. अंबाडे ने उच्च न्यायालय द्वारा वन्य-जीवों से संबंधित अपराध में लिये गये निर्णयों के परिपालन में प्रदेश के वन परिक्षेत्र के सभी अधिकारियों को एडवायजरी जारी की है। एडवायजरी में उच्च न्यायालय के निर्णय “सुनील खंडाते एवं अन्य विरुद्ध मध्यप्रदेश’’ और “उत्कर्ष अग्रवाल विरुद्ध मध्यप्रदेश’’ में सुनवाई के दौरान निर्णय को भविष्य में समान प्रकृति के वन अपराधों में शासन हित में जमानत याचिकाओं के निरस्तीकरण के लिये उपयोग किया जा सकता है। स्टेट टाईगर स्ट्राईक फोर्स (STSF) ने वन्यजीव से संबंधित संगठित अपराध गिरोह पर कार्रवाई की थी, जिसके बाद गिरफ्तार आरोपियों ने उच्च न्यायालय के समक्ष जमानत याचिकाएँ दायर की थी। माननीय न्यायालय ने "बाघ जैसे वन्य प्राणियों के शिकार की घटना को सामान्य अपराधों के समान नहीं माना जा सकता, क्योकि ऐसा अपराध प्रकृति और वन के लिये खतरा है।" कहते हुएजमानत याचिकाओं को खारिज किया। माननीय उच्च न्यायालय ने कहा कि वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत जमानत देने मानदण्ड भारतीय न्याय संहिता के तहत अन्य अपराधों की तुलना में अधिक कठोर है। यह नारकोटिक्स, ड्रग्स एवं साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के प्रावधानों के सामान्तर है, जो जमानत के लिये सख्त शर्ते भी लगाता है। माननीय न्यायालय ने कहा कि वन्यजीव प्राणियों के अवैध व्यापार से सबंधित अपराधों की गंभीर प्रकृति के कारण ऐसे मामले जमानत के लिये आवश्यक आधारों को पूरा नहीं करते। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि आरोपियों के खिलाफ आरोपों की गंभीरता देखते हुए मामले की आगे की जांच के लिये हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने समस्त क्षेत्र संचालक टाइगर रिजर्व, मुख्य वन संरक्षक (क्षेत्रीय), संचालक राष्ट्रीय उद्यान, वनमण्डलाधिकारी (क्षेत्रीय/वन्यप्राणी), संभागीय प्रबंधक वन विकास निगम एवं प्रभारी अधिकारी स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स क्षेत्रीय इकाई को निर्देश जारी किये हैं।   recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस नक्सल उन्मूलन अभियान में पूरे प्राणपण से जुटी हुई है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस नक्सल उन्मूलन अभियान में पूरे प्राणपण से जुटी हुई है। नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत रविवार 17 नवबंर को बालाघाट जिले के थाना रूपझर अंतर्गत चौकी सोनगुड्डा के ग्राम कोद्दापार, कुन्दल जंगल क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हॉकफोर्स और नक्सलियों में मुठभेड़ हुई। पुलिस-नक्सल मुठभेड़ में जवान शिव कुमार शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस की जवाबी कार्रवाई से नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना 17 नवंबर को कुंदुल जंगल क्षेत्र में हुई नक्सली मुठभेड़ में घायल हुए जवान शिव कुमार शर्मा के स्वास्थ्य का जायजा लेने 18 नवंबर को राज्य शासन के हैलीकॉप्टर से गोंदिया अस्पताल और बालाघाट पहुंचे। इस दौरान एडीजी इंटेलिजेंस योगेश देशमुख तथा आईजी लॉ एंड ऑर्डर अंशुमान सिंह भी साथ रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी दूरभाष पर चिकित्सकों से बातचीत कर घायल जवान को सर्वोत्तम इलाज देने के निर्देश दिए और राज्य सरकार की ओर से पूरी चिकित्सा वहन करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री का तत्परता से संवेदनशील कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना के तुरंत बाद घायल जवान के इलाज के लिए चिकित्सकों से दूरभाष पर बातचीत की और उन्हें हर संभव उपचार देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि  जवान का पूरा इलाज  राज्य सरकार वहन करेगी और राज्य सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है। सरकार का सुरक्षा बलों के साथ खड़ा होने का संकल्प डीजीपी सुधीर सक्सेना, एडीजी इंटेलीजेंस योगेश देशमुख, और आईजी एलओ अंशुमान सिंह ने बालाघाट में सीआरपीएफ, कोबरा, और हॉकफोर्स के अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा बैठक की। नक्सल विरोधी अभियानों तथा समस्याओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होने विषम परिस्थितियों में रहकर भी साहस तथा समर्पण के साथ कार्य करने वाले इन जवानों की प्रशंसा की तथा मनोबल बढाया। डीजीपी ने कहा कि इस प्रकार के जोखिमपूर्ण ऑपरेशनों में सुरक्षा बलों की सफलता मेहनत और रणनीति का परिणाम है। पिछले पांच वर्षों में सुरक्षा बलों ने 20 प्रमुख नक्सलियों को मार गिराया और 1.52 करोड़ रुपये के 6 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। घायल जवान के उपचार की निगरानी समीक्षा बैठक के बाद डी.जी.पी. सक्सेना गोंदिया स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल पहुंचे, जहां घायल जवान का इलाज चल रहा है। उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा करते हुए जवान के इलाज की प्रक्रिया की जानकारी ली और उन्हें सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही, यह भी बताया कि मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से जवान के साथ है और उनका उपचार राज्य सरकार के  द्वारा किया जाएगा। सुरक्षा बलों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता डीजीपी सक्सेना ने घटना के बाद  पुलिस बल के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा जवानों के साथ खड़ी है। डीजीपी ने जवान के परिजन से बात कर जवान शिव कुमार शर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और यह आश्वस्त किया कि सरकार उनका हर संभव समर्थन करेगी।   recent visitors 61

बिहान योजना से निर्मला मौर्य बनी आत्मनिर्भर, लखपति दीदी बनने संघर्ष की कहानी, निर्मला मौर्य की जुबानी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी बिहान योजना ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में एक अहम भूमिका निभाई है। इस योजना ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इसी क्रम में जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के चनवारीडांड निवासी श्रीमती निर्मला मौर्य की प्रेरणादायक कहानी एक मिसाल बनकर उभरी है। उनकी दृढ़ता और मेहनत ने उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित किया है, और आज निर्मला मौर्य “लखपति दीदी“ के नाम से जानी जाती हैं। निर्मला मौर्य का प्रेरणादायक संघर्ष- श्रीमती निर्मला मौर्य का जीवन पहले आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संघर्ष में बीत रहा था। उनके परिवार की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था, और परिस्थितियां बेहद कठिन था। इसी बीच उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने इस योजना से जुड़ने का निर्णय लिया, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। बिहान योजना से मिली नई दिशा- बिहान योजना के अंतर्गत निर्मला मौर्य ने अपने कच्चे मकान में एक छोटी सी किराने की दुकान शुरू की। कठिन परिश्रम और अदम्य इच्छाशक्ति के कारण उनकी दुकान चल निकला और उनका आत्मविश्वास बढ़ा। लगातार बैंक से लेन-देन के कारण उनका क्रेडिट स्कोर भी बेहतर हुआ। इससे उन्होंने बैंक से लोन लेकर अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तार किया। निर्मला मौर्य के प्रयास और बिहान योजना की सहायता से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। आज श्रीमती निर्मला मौर्य की सालाना बचत एक लाख रुपए तक पहुंच गई है। उनका जीवन न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है। उनकी इस सफलता ने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त श्रीमती निर्मला मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाएं केवल योजनाएं नहीं होती, बल्कि वे समाज में बदलाव लाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती हैं। हम सब को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं लाभ अधिक-अधिक उठाना चाहिए। जिससे हम अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत निर्मला मौर्य की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। बिहान योजना से जुड़कर वे न केवल अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकती हैं, बल्कि अपने बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बना सकती हैं। इस योजना से महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करती है और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती है, जिससे वे समाज में अपनी एक नई पहचान बना सकें। बिहान योजना वास्तव में महिलाओं के जीवन को संवारने और उनके सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। श्रीमती निर्मला मौर्य की सफलता इस बात का प्रमाण है कि इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। उनकी यह यात्रा उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है जो महिलाएं बेहतर भविष्य का सपना देखती है। recent visitors 245

33वीं आल इण्डिया जी.व्ही. मावलंकर शूटिंग शाटगन चैम्पियनशिप 2024 मऊ इन्दौर में

33वीं आल इण्डिया जी.व्ही. मावलंकर शूटिंग शाटगन चैम्पियनशिप 2024 मऊ इन्दौर में खेल अकादमी के शूटिंग खिलाड़ियों ने जीते 13 पदक खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने दी बधाई भोपाल 33वीं आल इण्डिया जी.व्ही. मावलंकर शूटिंग शाटगन चैम्पियनशिप 2024 का आयोजन 16 से 20 नवंबर तक आर्मी निशानेबाजी यूनिट, मऊ इन्दौर में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के शाटगन खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर 8 स्वर्ण, 5 रजत सहित कुल 13 पदक अर्जित किये। उल्लेखनीय है कि इस प्री नेशनल प्रतियोगिता में किये गये प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को नेशनल में प्रतिभागिता कर प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। शाटगन चैम्पियनशिप में खेल अकादमी के शूटर्स वलीद कुलि खान (ट्रेप मेन सीनियर) – स्वर्ण, वलीद कुलि खान (ट्रेप मेन जूनियर) – स्वर्ण, मानतिव सिंह रावत (ट्रेप मेन सीनियर) – रजत, हीना रश्मि ( ट्रेप वूमेन सीनियर) – स्वर्ण, पूनम रघुवंशी ( ट्रेप वूमेन सीनियर) – रजत, हीना रश्मि (ट्रेप वूमेन जूनियर) – स्वर्ण, पूनम रघुवंशी (ट्रेप वूमेन जूनियर) – रजत, नवनीत सिंह (स्कीट मेन सीनियर) – स्वर्ण, नवनीत सिंह (स्कीट मेन जूनियर) – स्वर्ण, अहराम अली (स्कीट मेन जूनियर) – रजत, ओश्मि श्रीवास (स्कीट वूमेन सीनियर) – स्वर्ण, ओश्मि श्रीवास (स्कीट वूमेन जूनियर) – स्वर्ण और गरीमा शाक्या (स्कीट वूमेन जूनियर) – रजत पदक अर्जित किये। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शूटिंग खिलाड़ियों के उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन की सराहना करते हुये कहा कि खेल अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा निरंतर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं मे शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। प्री नेशनल के प्रदर्शन से भविष्य में होने वाले नेशनल प्रतियोगिता में भी पदक की उम्मीद जगी है। सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाऐं।   recent visitors 84

15 हजार करोड़ में बनेगा मध्य प्रदेश -छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस-वे, 300 KM लंबा हाईवे रायपुर से बालाघाट, लखनादौन तक आएगा.

बालाघाट/रायपुर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एक और खुशखबरी है. क्योंकि रायपुर से लखनादौन के बीच 6 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे ग्रीन सिग्नल मिल गया है. बताया जा रहा है कि इस नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 15 हजार करोड़ रुपए की लागत लगेगी. इसका सर्वे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से पूरा हो चुका है. करीब 300 किलोमीटर लंबा यह हाईवे रायपुर से बालाघाट होते हुए सिवनी जिले के लखनादौन तक आएगा. इस हाईवे के निर्माण से दोनों राज्यों के बीच आने जाने में और फायदा होगा. मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी कनेक्टिविटी नए हाईवे के निर्माण से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी. 300 किलोमीटर लंबा बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे लखनादौन, छबारा, सिवनी, बालाघाट होते हुए रजेगांव तक निकला जाएगा. नव निर्माण योजना की रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी. इसमें छोटे से छोटे रूट को प्राथमिकता मिलेगी. इसे बनाने में लगभग पांच साल का वक्त लग सकता हैं. दिल्ली से लखनादौन और रायपुर तक बनने वाला एक्सप्रेस-वे विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेंगे. इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHI) ऐसा मार्ग चुनते हैं, जहां जंगल कम होते है और जहां पर सरकारी जमीन ज्यादा हो, निजी घर आदि ज्यादा न तोड़ने पड़ें. किसी की निजी जमीन का ज्यादा अधिग्रहण नहीं करना पड़े. ऐसी जगह का ज्यादा चयन किया जाता है. लखनादौन और रायपुर आना-जाना होगा आसान लखनादौन से रायपुर तक बनने वाला एक्सप्रेस-वे जबलपुर के लोगों के लिए फायदेमंद होने वाला हैं. जबलपुर के लोगों के लिए एक्सप्रेस-वे निर्माण से जबलपुर से मंडला तक एक नई सड़क निकलेगी. जिससे रायपुर के लोगों का आवाजाही आसान हो जाएगी. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के व्यापारियों का व्यवसाय बढ़ेगा. नए एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद समय की बचत होगी. जहां 8 घंटे लगते थे वहीं 5 घंटे में सफर पूरा हो जाएगा. लखनादौन से रायपुर से NHI का सर्वे छत्तीसगढ़ के रीजनल आफिसर ने जानकारी देते हुए कहा कि लखनादौन से रायपुर तक नए एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा. 15 हजार करोड़ के बजट को  सहमति मिली गई है. लखनादौन से रायपुर के बीच 6 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का सर्वे का काम चल रहा है. सर्वे रिपोर्ट हेडक्वार्टर भेजी जाएगी.    इंदौर से सीधा और महाराष्ट्र और हैदराबाद कनेक्ट होंगे मध्यप्रदेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर दिनों-दिन अच्छा होता जा रहा है। केंद्र सरकार के द्वारा चलाए जा रहे बड़े-बड़े एक्सप्रेस-वे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, इकोनॉमिक कॉरिडोर और हाईवे प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में बड़े शहरों की कनेक्टिविटी एमपी से हो रही है। इधर, इंदौर अगले साल तक देश की हाईटेक सिटी हैदराबाद से एक्सप्रेस-वे (Indore-Hyderabad Expressway) के जरिए जुड़ जाएगा। इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस-वे का 70 फीसदी काम पूरा इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस-वे के शुरू से इंदौर और हैदराबाद की दूरी 150 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस 713 किलोमीटर प्रोजेक्ट का काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है। इसे पूरा करने का लक्ष्य 2025 रखा गया है। इस प्रोजेक्ट के बनते ही एमपी एक बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में सामने आएगा। इतने रूपए में तैयार हो रहा इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस-वे इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य अगले साल तक पूरा होने की संभावना है। सरकार की ओर से 713 किलोमीटर लंबे इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस वे के निर्माण में 15 हजार करोड़ रूपए खर्च कर रही है। महाराष्ट्र और हैदराबाद से सीधा कनेक्ट होगा एमपी इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस-वे इंदौर को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से जोड़ने का काम करेगा। जिससे इंदौर और हैदराबाद की दूरी 150 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस एक्सप्रेस-वे को इच्छापुर, मुक्ताईनगर, जलगांव और अकोला जाने की जरूरत नहीं पडेगी। यह सीधा बुरहानपुर, जलगांव और नांदेड़ होते हुए हैदराबाद को कनेक्ट करेगा। recent visitors 186

छड़ चोरी के आरोपी भेजे गए जेल

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी थाना मनेन्द्रगढ अप०क्र0 339/24 जिला-एम.सी.बी. (छ०ग०) धारा 331 (4), 305 (ए), 317 (2), 3(5) बी.एन.एस. नाम आरोपीगण-बिरजू खैरवार उर्फ झुर्री पिता नानसाय खैरवार उम्र 20 वर्ष सा. वार्ड नं. 02 भल्लौर झरियापारा थाना मनेन्द्रगढ, जिला- एमसीबी (छ.ग.) अर्जुन सिंह पिता धनपति सिंह उम्र 22 वर्ष सा. डोमनापारा (चारपारा) थाना मनेन्द्रगढ, जिला-एमसीबी (छ.ग.) अजय पिता रामदास उम्र 26 वर्ष सा. डोमनापारा थाना मनेन्द्रगढ, जिला-एमसीबी (छ.ग.) सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे पिता रामकृपाल उम्र 32 वर्ष सा. भल्लौर झरियापारा थाना मनेन्द्रगढ, जिला एमसीबी (छ.ग.) को  गिरफ्तारी कर न्यायालय में पेश किया गया। प्रार्थी सूरजदीन तिवारी पिता स्व. रामप्रताप तिवारी उम्र 70 वर्ष निवासी भल्लौर वार्ड नं. 02 थाना मनेन्द्रगढ़ के रिपोर्ट पर कि अपने निर्माणाधीन मकान के गलियारा पर 06 बडल छड रखा हुआ था, सामने रोड की तरफ का दरवाजा बंद था, पीछे दरवाजा नही लगे होने से खुला था वहा रखे 06 बडल छड में से 02 बंडल छड़ जो एक बंडल 08 एमएम, एक बंडल 10 एमएम कुल वजनी करीब 02 क्विटल कीमती 13000/- रूपये का दिनांक 06.11.24 के रात 10:00 बजे से 07.11.24 के सुबह 05:00 बजे के मध्य अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया है। चोरी की शंका अपने घर से 100 मीटर दूर पड़ोसी सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे साहू द्वारा अपने घर निर्माण में लगाने चोरी करवाना जाहिर किया कि रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही दौरान मुखबीर से प्राप्त सूचना पर आरोपी बिरजू खैरवार को तलब कर पूछताछ किये जाने पर अपने साथी अर्जुन सिंह एवं अजय तीनों मिलकर 02 बंडल छड चोरी करना व सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे साहू को 5000/- रूपये में बिक्री कर देना बताया गया जिसका वीडियोग्राफी किया गया एव 02 बडल छड बिरजू खैरवार के मेमोरण्डम कथन अनुसार गवाह शारदा पाण्डेय, सुमित उपाध्याय के समक्ष जप्ती पत्रक मुताबिक जप्त किया गया। आरोपी सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे द्वारा चोरी का छड़ होना जानते इसे भी खरीदना पाये जाने पर ग़रफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक  चंद्र मोहन सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर काम किया गया इनमें थाना प्रभारी कोतवाली सुनील तिवारी प्रधान आरक्षक हितेश्वर राजवाड़े प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा आरक्षक ज्ञानेश्वर राजवाड़े,सहदेव सिंह एवं पुलिस के मुखवीरों का की भूमिका रही। recent visitors 83

जिले में दो वर्षो से हो रहा है फूड फेस्टिवल का आयोजन

जिले में दो वर्षो से हो रहा है फूड फेस्टिवल का आयोजन अन्न उत्सव फूल फेस्टिवल के माध्यम से मोटे अनाज के व्यंजनों को प्रोत्साहित करें – मंत्री श्रीमती संपतिया उइके   मंडला जिले में लगातार दो वर्षों से फूड फेस्टिवल का सफल आयोजन हो रहा है इस अवसर पर प्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मोटे अनाज को प्रोत्साहित करने का काम किया है। जिससे मोटे अनाज के उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल के अंतर्गत मोटे अनाज से बने पकवानों, मिठाई सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का प्रदर्शन किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अन्न उत्सव को बढ़ावा देने के लिए अच्छे व्यंजन बनाने पर पुरूस्कृत भी किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले में कोदो-कुटकी के उत्पादन को भी बढ़ावा देने को कहा है। जिससे मोटे अनाज और कोदो-कुटकी का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल में कोदो-कुटकी, रागी, बाजरा, उड़द, सागा सहित मोटे अनाज के पकवान बनाए गए हैं। ये पकवान अत्यधिक स्वादिष्ट और लाभदायक है। उन्होंने शहर के सभी नागरिकों से अपील की कि अन्न उत्सव फूल फेस्टिवल में आकर स्टॉलों के मिष्ठानों और पकवानों का आनंद लें। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके शुक्रवार को बैगा-बैगी चौक मंडला में आयोजित अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल का शुभारंभ किया। जिला प्रशासन के द्वारा मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिलेट फूड फेस्टिवल मास्टर शेफ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फूड फेस्टिवल पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी मेहंदी, टेटू, पोट्रेट, स्कैचिंग, हस्ताक्षर केपिंग, झाकी, पम्पलेट, बैनर के माध्यम से योजनाओं एवं उत्पादों का प्रदर्शन और वित्तीय साक्षरता आधारित जनजाति जागरूकता का कार्यक्रम संपन्न हुआ। आयोजित अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल में विभिन्न प्रकार के पकवानों, व्यंजन, मिठाई, खीर, पुड़ी, कोदो-कुटकी, आचार, रायता, मेवा-मिष्ठान सहित विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए गए। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति (संचार एवं संकर्म) शैलेष मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, अपर कलेक्टर अरविंद कुमार, सहायक कलेक्टर आकिप खान, एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, एसडीएम बिछिया श्रीमती सोनाली देव, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ, मुख्य नगरपालिका अधिकारी गजानंद नाफड़े सहित जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, पत्रकार, नागरिकगणों ने आयोजित अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल का अवलोकन किया। सभी ने अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल में व्यंजन और पकवानों का भी स्वाद चखा। अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल में स्थानीय दुकानदारों और महिला स्वसहायता समूहों के द्वारा स्टॉल लगाकर व्यंजनों का विक्रय किया।     मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने अन्न उत्सव फूड फेस्टिवल के अवसर पर बनाए गए पकवान, व्यंजन, खीर, पुड़ी, कोदो-कुटकी, आचार, रायता, मेवा, मिठाई सहित विभिन्न प्रकार के मिष्ठानों की प्रशंसा की। इस अवसर पर मास्टर शेफ प्रतियोगिता अंतर्गत विजेताओं को पुरूस्कृत किया गया। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने सुसारा तनवीर को प्रथम स्थान, सुमलगाम सिस्टर को द्वितीय स्थान और सुसाक्षी बिरानी को तृतीय स्थान से पुरूस्कृत किया। आयोजित कार्यक्रम का संचालन अखिलेश उपाध्याय ने किया। recent visitors 47