Sunday, July 5, 2026 5:37 am

एस.एस.दीक्षित थर्ड एम.पी. स्टेटे रैंकिंग टेनिस प्रतियोगिता 2024 शुरू

एस.एस.दीक्षित थर्ड एम.पी. स्टेटे रैंकिंग टेनिस प्रतियोगिता 2024 शुरू भावेश गौर और आराध्य मिश्रा ने जीते प्रारंभिक मुकाबले भोपाल एस.एस. दीक्षित थर्ड एम.पी. स्टेटे रैंकिंग टेनिस प्रतियोगिता 2024 का आयोजन 18 से 23 नवंबर तात्याटोपे स्टेडियम भोपाल में किया जा रहा है। एस.एस. दीक्षित मध्यप्रदेश के ख्याति प्राप्त टेनिस खिलाड़ी थे। वे 10 वर्ष तक मध्यप्रदेश न.1 खिलाड़ी रहें। मास्टर्स प्रतियोगिता में उन्होंने अमेरिका में देश का प्रतिनिधित्व भी किया था। एस.एस. दीक्षित की स्मृति में यह प्रतियोगिता आज प्रारंभ हुई । खेल और युवा कल्याण संचालक डॉ. रवि कुमार गुप्ता ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने नन्हें खिलाड़ियों को संबोंधित करते हुये बताया कि एस.एस. दीक्षित बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने दृढ़ इच्छा शक्ति के दम पर 35 वर्ष की आयु के उपरांत टेनिस न केवल खेला बल्कि 10 वर्षो तक राज्य चैम्पियन रहे। दीक्षित बैडमिंटन में भी मास्टर्स प्रतियोगिता के विश्व न.-1 खिलाड़ी रहे। नवोदित खिलाड़ियों को उनसे प्रेरणा लेकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रयास करना चाहिए। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर संचालक डॉ. गुप्ता का स्वागत सबसे छोटे और होनहार खिलाड़ी रेयांश पटेल ने किया। रेयांश पटेल इन्दौर के 9 वर्षीय खिलाड़ी है। प्रतियोगिता के टूर्नामेन्ट डायरेक्टर प्रमोद दीक्षित ने संचालक खेल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर टेनिस संघ के उपाध्यक्ष अतुल धूपर, अंतर्राष्ट्रीय कॉमन्टेªटर मनोज कुकरेजा, सहायक संचालक खेल विकास खराडकर विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है प्रतियेागिता में भोपाल, इदौर, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, बैतूल, महू और खरगौन जिलों के लगभग 300 खिलाड़ी 12, 14, 18 आयु वर्ग और पुरूष व महिला वर्ग में प्रतिभागिता कर रहे है। प्रतियोगिता में कुल 186 मुकाबले खेले जाऐंगें। प्रतियोगिता से पूर्व 2 दिन क्वालिफिकेशन राउण्ड भी हुये है। प्रतियोगिता का समापन 23 नवंबर को मुख्य सचिव अनुराग जैन के मुख्य आतिथ्य में होगा। अनुराग जैन स्वयं टेनिस के खिलाड़ी है। आज के परिणाम पुरूष एकल वर्ग में प्रथम बाथम (भोपाल) विरूद्ध परिक्षित पाण्डे (भोपाल) 9-0, रिजिक पटेल (भोपाल) विरूद्ध निलेश दिवाकर (भोपाल) 9-0, संस्कार मिश्रा (भोपाल) विरूद्ध अभय धूवे (भोपाल) 9-0, जयंत बंसल (भोपाल) विरूद्ध उद्देश्य गौर (भोपाल) 9-8 (3),भावेश गौर (भोपाल) विरूद्ध आनंद अग्रवाल (इन्दौर) 9-0, अद्वैत अग्रवाल (इन्दौर) विरूद्ध मोहित चंडेल (भोपाल) 9-3, मानस गुप्ता (भोपाल) विरूद्ध आदित्य साओ (ग्वालियर) 9-6, खुशविन जैफरी (भोपाल) विरूद्ध प्रत्यक्ष सोनी (खंडवा) 9-6 बालक वर्ग अंडर-18 आयु वर्ग में आराध्य मिश्रा (भोपाल) विरूद्ध ओजस मिश्रा (इन्दौर) 7-1, गर्व मालपानी (इन्दौर) विरूद्ध शिवम ठाकुर (इन्दौर) 7-0, अर्नव मंडलोई (खरगौन) विरूद्ध गगनदीप सिंह अहुजा (भोपाल) 7-0, युग जैन (इन्दौर) विरूद्ध हर्ष राव (रतलाम) 7-4, जन्मेजय सक्सेना (भोपाल) विरूद्ध दिशांत पाल (भोपाल) 7-2, विहान नवाब (इन्दौर) विरूद्ध यर्थाथ यादव (खंडवा) 7-3, मो. आरिज खान (इन्दौर) विरूद्ध गीतांश मखानिया (इन्दौर) 7-3, आरूष जैन (इन्दौर) विरूद्ध सैयद अलमीर अली (इन्दौर) 7-2।   recent visitors 46

“भारत मंडपम’’ में आज उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप विशेष अतिथि होंगे

भोपाल दिल्ली स्थित “भारत मंडपम’’ में चल रहे 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज 19 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेले में मध्यप्रदेश मंडप का अवलोकन करेंगे, जिसमें प्रदेश के हस्तशिल्प, हस्तकला और ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप विशेष अतिथि होंगे। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में बुंदेलखंड के अखाड़ा लोकनृत्य और महाकौशल के जानकी बैंड की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से मेले के आगंतुकों को परिचय करवाया जाएगा।   recent visitors 108

मप्र बोर्ड ने जारी किया 10वीं व 12वीं की प्री बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल

भोपाल मध्य प्रदेश में 10वीं व 12वीं की प्री बोर्ड परीक्षा 16 जनवरी से शुरू होगी। परीक्षा के बाद अगले दिन के होने वाले विषय की तैयारी कराई जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्री बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया है। 16 जनवरी को 10वीं का पहला पेपर हिंदी का होगा, जबकी 12 वीं का पहला पेपर भौतिक शास्त्र अथवा अर्थ शास्त्र का होगा। निर्देशों के अनुसार इस बीच में अगर कोई सरकारी छुट्टी घोषित की जाती है तो परीक्षा निरस्त नहीं होगी यथावत रहेगी। देखें 10वीं का टाइम टेबल देखें 12वीं का पहले पेपर भौतिक शास्त्र अथवा अर्थ शास्त्र का होगा।24 जनवरी को अखिरी पेपर संस्कृति विषय का होगा। recent visitors 69

सऊदी अरब ने इस साल 100 से ज्यादा विदेशियों को मौत की सजा दी, सबसे ज्यादा पाकिस्तानी

दुबई  सऊदी अरब ने इस साल 100 से ज्यादा विदेशियों को मौत की सजा दी है। इसे सऊदी अरब में दिए जाने वाले मृत्युदंड के आंकड़ों में अभूतपूर्व वृद्धि के तौर पर देखा जा रहा है। आधिकारिक सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र नज़रान में एक यमनी नागरिक को मौत की सजा दी गई, जो देश में ड्रग्स की तस्करी करने का दोषी था। राज्य मीडिया रिपोर्टों से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में अब तक मारे गए विदेशियों की संख्या 101 हो गई है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, यह 2023 और 2022 के आंकड़ों से लगभग तिगुना है, जब सऊदी अधिकारियों ने हर साल 34 विदेशियों को मौत की सजा दी थी। सऊदी अरब ने तोड़े रिकॉर्ड बर्लिन स्थित यूरोपीय-सऊदी मानवाधिकार संगठन (ईएसओएचआर) ने कहा कि इस साल की सजाओं ने पहले ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। समूह के कानूनी निदेशक ताहा अल-हज्जी ने कहा, "यह एक साल में विदेशियों को दी गई सबसे बड़ी संख्या है। सऊदी अरब ने कभी भी एक साल में 100 विदेशियों को फांसी नहीं दी है।" सऊदी अरब को मृत्युदंड के अपने इस्तेमाल को लेकर लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिसकी मानवाधिकार समूहों ने अत्यधिक और अपनी छवि को नरम करने तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और निवेशकों का स्वागत करने के प्रयासों के साथ तालमेल न रखने के रूप में निंदा की है। मौत की सजा देने वाले टॉप 3 देशों में शामिल एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, तेल समृद्ध सऊदी अरब 2023 में चीन और ईरान के बाद दुनिया में तीसरे सबसे अधिक संख्या में कैदियों को फांसी देने वाले देशों में शामिल है। सितंबर में, एएफपी ने बताया कि सऊदी अरब ने तीन दशकों से अधिक समय में सबसे अधिक संख्या में फांसी दी है। यह आंकड़ा 2022 में 196 और 1995 में 192 के अपने पिछले उच्चतम स्तर को पार कर गया है। तब से फांसी की सजाएं तेजी से जारी हैं। रिपोर्ट के अनुसार,  इस साल कुल 274 लोगों को फांसी दी गई। इन देशों के नागरिकों को दी गई फांसी की सजा   फांसी पाने वाले विदेशी नागरिकों में पाकिस्तान, यमन, सीरिया, नाइजीरिया, मिस्र, जॉर्डन और इथियोपिया के नागरिक शामिल हैं।  पाकिस्तान से 21, यमन से 20, सीरिया से 14, नाइजीरिया से 10, मिस्र से नौ, जॉर्डन से आठ और इथियोपिया से सात शामिल हैं। सूडान, भारत और अफगानिस्तान से तीन-तीन और श्रीलंका, इरिट्रिया और फिलीपींस से एक-एक व्यक्ति को फांसी दी गई। राजनयिकों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि विदेशी प्रतिवादियों की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाती। सजा पाने वाले विदेशी नागरिक बड़े ड्रग डीलरों के शिकार बन जाते हैं। गिरफ्तारी के समय से लेकर फांसी तक आरोपियों को अपनी बात कोर्ट के सामने रखने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। recent visitors 96

शिमला मिर्च के राष्ट्रीय व्यापार के लिए जबलपुरअहम केंद्र बना, मिर्च की उत्पादन और गुणवत्ता

 जबलपुर  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का जबलपुर जिला शिमला मिर्च (Capsicum) उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है. यहां की उन्नत कृषि पद्धतियां और संरक्षित खेती ने न केवल शिमला का उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि इसकी गुणवत्ता को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है. क्षेत्र के किसान अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उपज क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है. आइए आपको यहां की शिमला मिर्च और उसकी खेती से जुड़ी खास बातें बताते हैं. जबलपुर की शिमला मिर्च की उत्पादन और गुणवत्ता जबलपुर में शिमला मिर्च की प्रमुख किस्में जैसे "कैलिफोर्निया वंडर" और "इंद्रा" उगाई जाती हैं. इनकी उपज क्षमता प्रति एकड़ 125-150 क्विंटल तक की होती है. संरक्षित खेती (पॉलीहाउस और नेटहाउस) का उपयोग करके किसान प्रति हेक्टेयर 80-100 टन उत्पादन कर सकते हैं, जो खुले में खेती की तुलना में तीन गुना ज्यादा है. इस खेती से उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है और वह रोगों से अधिक सुरक्षित रहता है. ऑनलाइन बिक्री और राष्ट्रीय व्यापार जबलपुर के किसान अब अपनी उपज सीधे थोक व्यापारियों तक ऑनलाइन माध्यम से पहुंचा रहे हैं. उपज की तस्वीरें साझा कर व्यापारियों से मूल्य तय किया जाता है. इससे किसानों को बेहतर कीमत मिल रही है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है. इस मॉडल ने जबलपुर को शिमला मिर्च के देशव्यापी व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है. संरक्षित खेती के फायदे पॉलीहाउस और नेटहाउस के जरिए उत्पादन को पर्यावरणीय प्रभावों से बचाया जा सकता है. इसमें पौधों को नियंत्रित तापमान, नमी और उर्वरक दिए जाते हैं. इसकी मदद से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है. इस तकनीक से किसान अधिक लाभ कमा रहे हैं. शिमला की खेती में चुनौतियां और भविष्य संरक्षित खेती की उच्च लागत और इसके लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता किसानों के लिए एक तरह की चुनौती है. लेकिन, सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से किसानों को इसे अपनाने में मदद मिल रही है. इस नई दिशा से न केवल स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि जबलपुर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी मिली है. recent visitors 59

Delhi Metro यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब सिंगल प्लेटफॉर्म पर खरीदें दिल्ली मेट्रो, नमो भारत के QR टिकट

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की धड़कन बन चुकी है। यह दिल्ली के चप्पे-चप्पे में तो चल ही रही है, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भी कई इलाकों में चल रही है। इसी के साथ अब नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) का परिचालन शुरू हो गया है। इस समय यह ट्रेन मेरठ साउथ से सहिबाबाद तक चल रही है। जल्दी ही इसकी सेवा आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशनों तक मिलेगी। इन दोनों स्टेशनों पर नमो भारत ट्रेन और दिल्ली मेट्रो ट्रेन का जंक्शन है। अब यात्री एक टिकट पर ही दोनों ट्रेनों पर यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए अलग अलग टिकट खरीदने की बाध्यता नहीं होगी। एकीकृत टिकटिंग सिस्टम लॉन्च राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) नेअपने एकीकृत क्यूआर-टिकटिंग सिस्टम को आधिकारिक तौर से लॉन्च कर दिया। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को और अधिक आसान एवं सुविधाजनक बनाना है। दिल्ली-एनसीआर में एक एकीकृत, एवं डिजिटल रूप से संचालित यात्री केंद्रित नेटवर्क बनाने के उद्देश्य से इसी साल, अगस्त में एनसीआरटीसी और डीएमआरसी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किया गया था। यह पहल उसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है। इससे आरआरटीएस के परिचालित 42 किलोमीटर के कॉरिडोर के साथ अब 393 किलोमीटर के डीएमआरसी मेट्रो नेटवर्क के जुड़ने से, यात्री एकीकृत और कुशल यात्रा अनुभव का आनंद ले सकते हैं। किन्होंने की शुरुआत एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने मोबाइल ऐप पर नमो भारत और दिल्ली मेट्रो की टिकट बुक कर आधिकारिक तौर पर इस एकीकृत टिकटिंग सिस्टम की शुरुआत की। उन्होने यह विश्वास जताया कि यह डिजिटल एकीकरण यात्रियों की राह तो आसान करेगा ही, साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित भी करेगा। यात्री अब ‘आरआरटीएस कनेक्ट’ ऐप के माध्यम से दिल्ली मेट्रो का क्यूआर कोड टिकट और ‘डीएमआरसी मोमेंटम 2.0’ ऐप से नमो भारत के लिए क्यूआर कोड टिकट बुक कर सकते हैं। इससे आरआरटीएस और दिल्ली मेट्रो, दोनों में निर्बाध टिकटिंग संभव होगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा बताया जा रहा है कि आरआरटीएस और डीएमआरसी नेटवर्क का एकीकरण, इस नई लॉन्च की गई क्यूआर-टिकटिंग प्रणाली के साथ और सुदृढ़ होगा तथा एनसीआर में निर्बाध यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करेगा। दोनो ही परिवहन प्रणालियां मल्टी-मॉडल इंटिग्रेशन के तहत, आपस मे जोड़ी जा रही हैं। नमो भारत द्वारा प्रदान की जाने वाली क्षेत्रीय पारगमन सेवा और दिल्ली मेट्रो द्वारा प्रद्दत इंट्रा-सिटी पारगमन सेवाएं, साथ मिलकर एक व्यापक और कुशल आवागमन नेटवर्क बनाती हैं। यह निर्बाध कनेक्टिविटी न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाती है बल्कि सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी प्रोत्साहन देती है, जिससे इन आवश्यक पारगमन परियोजनाओं की दीर्घकालिक सततता में भी योगदान मिलता है। एनसीआरटीसी आरआरटीएस परियोजना के कार्यान्वयन के साथ इस क्षेत्र के परिवहन परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस एकीकरण से उम्मीद है कि नमो भारत व दिल्ली मेट्रो, दोनों परिवहन प्रणालियों के स्टेशनों पर टिकट की लाइनें कम होंगी, यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा, डिजिटल लेनदेन और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों को अधिक सहज और समय-कुशल यात्रा अनुभव का लाभ मिल सकेगा। आईआरसीटीसी से भी हुआ है समझौता एनसीआरटीसी ने आईआरसीटीसी के साथ भी इसी प्रकार का एक समझौता किया है जिसके अंतर्गत, यात्री आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय रेलवे के ट्रेन टिकट के साथ-साथ नमो भारत ट्रेन टिकट भी बुक कर सकते हैं। इससे यात्रियों के लिए टिकट लेना आसान तो होगा ही, उनका समय भी बचेगा। अभी नमो भारत रेल की सेवा कहां तक अभी नमो भारत रेल की सेवा 9 स्टेशनों के साथ 42 किलोमीटर का कॉरिडोर परिचालित है। इनमें साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुराद नगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ और मेरठ साउथ शामिल हैं। सहिबाबाद से दिल्ली की तरफ देखें तो आनंद विहार होते हुए न्यू अशोक नगर सेक्शन में ट्रायल रन निर्बाध रूप से चल रहा है। इस सेक्शन का परिचालन आरंभ होने के बाद, कॉरिडोर के परिचालित सेक्शन का विस्तार 54 किलोमीटर तक हो जाएगा। यह सेक्शन आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यात्रियों के लिए पारगमन विकल्प की संख्या में विशिष्ट वृद्धि होगी। इस विस्तार से एनसीआर में यात्रियों के लिए अधिक सुविधा, सुव्यवस्थित कनेक्टिविटी और बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। recent visitors 113

करोड़ों बहनों के खाते में 20 वीं किस्त के 1250 रु कब होंगे जारी, अब दिसंबर में अगली किस्त, जानें अपडेट्स

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए चलाई जा रही बड़ी योजनाओं में से एक है। इसे पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू किया गया था, पहले 1000 रुपए दिए जाते है लेकिन अबवर्तमान में इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। जून 2023 से नवंबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 18 किश्तों का अंतरण किया गया है।अब योजना की 19वीं किस्त 10 दिसंबर को आएगी।चुंकी आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी की जाती है, हालांकि त्यौहारों को देखते हुए समय से पहले भी किस्त जारी कर दी जाती है।इधर, सीएम के राशि बढ़ाने के संकेत के बाद संभावना जताई जा रही है नए साल 2025 में योजना की राशि में इजाफा किया जा सकता है।हालांकि अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।     दरअसल, हाल ही में इंदौर और श्योपुर की विजयपुर विधानसभा में अपने भाषण के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने के संकेत दिए थे। इंदौर में अपने संबोधन में सीएम ने कहा था कि योजना की शुरूआत में पात्र लाड़ली बहनों को 1000 रूपये दिये गये। इसके बाद यह राशि बढ़ाकर 1250 रूपये की गई। इस राशि में आगे और भी वृद्धि की जायेगी।     इसके अलावा उपचुनाव की वोटिंग से पहले भी विजयपुर में सीएम ने कहा था कि अभी सरकार 1,250 रुपये जमा कर रही है, इसे (मासिक सहायता) तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये भी किया जाएगा,यह सरकार की नीति है। इससे पहले अक्टूबर में विजयपुर विधानसभा में सीएम ने कहा था कि हमने 1000/- रुपये महीना लाड़ली बहना को देना शुरू किये, फिर इसे बढ़ाकर 1250/- कर दिए। आने वाले समय में हम इसे 3000/-रुपये महीना तक लेकर जायेंगे, ये हमारा संकल्प है। मई 2023 में शुरू हुई थी     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     इसमें 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। किसे मिलता है लाड़ली बहना योजना का लाभ     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। कैसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। recent visitors 148