प्रयागराज कुम्भ में विहिप करेगी कई बड़े कार्यक्रम

अयोध्या  विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अपने सभी सांगठनिक कार्यक्रम और बैठकें और सम्मेलन प्रयागराज में आयोजित कुंभ में करने का निर्णय लिया है। विहिप महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा की ओर से इस सिलसिले में विस्तृत कार्य योजना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार पूरे कुंभ भर संगठन का वहीं पर जमावड़ा रहेगा। बजरंग लाल बागड़ा की ओर से सितम्बर में ही जारी पत्र के अनुसार 19 जनवरी को मेरठ, लखनऊ, पटना क्षेत्र का मातृशक्ति सम्मेलन, 24 को केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक, अगले दिन 25 को प्रथम बेला में साध्वी सम्मेलन, द्वितीय बेला में संत सम्मेलन होगा। 27 जनवरी को युवा संत सम्मेलन, छह फरवरी को मंत्रियों एवं संगठन मंत्रियों की बैठक, सात से नौ फरवरी तक प्रन्यासी मंडल की बैठक, 10 फरवरी को विमर्श कार्यशाला, 10-11 फरवरी को विभाग मंत्री और संगठन मंत्रियों का अभ्यास वर्ग होगा। 11-12 फरवरी को बजरंग दल की अखिल भारतीय बैठक, 12 फरवरी को विभाग संगठन मंत्री अभ्यास वर्ग, 15-16 फरवरी को धर्म प्रसार अखिल भारतीय बैठक, 15-16-17 फरवरी मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी की अखिल भारतीय बैठक, सत्रह को धर्म प्रसार संत बैठक, 19 फरवरी को गोरक्षा अखिल भारतीय बैठक और बीस फरवरी को गोरक्षा सम्मेलन होगा।   recent visitors 97

भारतीय खिलाड़ियो में कोच गंभीर के निर्णयों से लौटा आत्मविश्वास

नई दिल्ली. भारत ने यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया के सामने 534 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट मैच में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। तीसरे दिन का खेल टीम इंडिया के लिए शानदार रहा, जिसने महज 4.2 ओवर में तीन महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और मेहमान टीम अब पांच मैचों की सीरीज में पहला मैच जीतने की ओर अग्रसर है। भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में घरेलू सीरीज के बाद धैर्य और लचीलापन दिखाया है, और रविवार को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बढ़त हासिल की। ​​कुछ दबाव में होने के बावजूद, भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर ने सीरीज की तैयारी के दौरान अपने खिलाड़ियों का पूरा समर्थन किया है। विराट कोहली की बल्लेबाजी और सीरीज से पहले उनके फॉर्म पर सवाल उठाए जा रहे थे। हालांकि, गंभीर ने पूरे समय अनुभवी खिलाड़ी का साथ दिया और कोहली ने उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने अपने करियर का 30वां टेस्ट शतक जड़ा और भारत को ऑस्ट्रेलिया के सामने एक बड़ा लक्ष्य रखने में मदद की। कोहली ने जैसे ही 143 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, भारत की पारी घोषित कर दी गई। इसके बाद बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जारी किए गए वीडियो में उन्हें पारी के बाद ड्रेसिंग रूम में अपने मुख्य कोच को गले लगाते हुए देखा गया। गंभीर ने बल्लेबाजी क्रम बदलने और केएल राहुल को जायसवाल के साथ ओपनिंग करने के लिए भेजने का फैसला भी कारगर साबित हुआ। दोनों ने 383 रनों में 201 रनों की साझेदारी की और ऑस्ट्रेलिया में भारत के लिए सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। केएल राहुल ने अपनी भूमिका निभाई और क्रीज पर डटे रहे, जिससे पारी की शुरुआत से ही लय बनी रही, जबकि जायसवाल ने भी अपना शतक पूरा किया। गंभीर पर सीरीज से पहले हर्षित राणा और नितीश रेड्डी को मौका देने पर भी सवाल उठाए गए थे, लेकिन मैदान पर उनके प्रदर्शन से उन सवालों के भी जवाब मिल गए हैं। हर्षित ने दूसरी पारी में तीन विकेट लिए और अपने डेब्यू मैच में ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। दूसरी ओर, नितीश ने दोनों पारियों में बल्ले से अपनी पकड़ बनाए रखी। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में 38 रन की पारी खेली और भारत को 500 रन के पार ले जाने में मदद की। पहले टेस्ट में दो दिन बचे हैं और भारत सीरीज में शुरुआती बढ़त लेने के लिए तैयार है। न्यूजीलैंड के हाथों घरेलू धरती पर लगातार तीन हार झेलने के बाद, गंभीर की अगुआई वाली भारत ने फिर से कहानी बदलने और टेस्ट प्रारूप में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए बहुत ताकत और दृढ़ संकल्प दिखाया है। recent visitors 71

इन चीजों से पूरी होगी खूबसूरत और घने बालों की चाहत

लंबे, काले और घने बालों की चाहत हर लड़की की होती है। मगर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण में यह इच्छा पूरी होना बहुत मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह है पोषण की कमी। घने बालों के लिए आपको इन खास बातों पर ध्यान रखने की जरूरत होती है। बालों को स्वस्थ रखने के लिए पोषण के साथ स्वस्थ आहार लेना भी जरूरी होता है, ताकि आपके बाल स्वस्थ रहें। हालांकि कुछ प्राकृतिक चीजों की मदद से आप अपने बालों को स्वस्थ और घना बना सकती हैं। तो आइए आपको उन प्राकृतिक तरीकों के बारे में बताते हैं जिससे आपके बाल स्वस्थ और घने बनते हैं। घने बाल पाने के लिए प्राकृतिक उपाय अंडा अंडे में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है जो बालों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। अगर आप बालों को स्वस्थ बनाने के लिए अंडे का इस्तेमाल करते हैं तो इससे कुछ समय में बाल घने हो जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए 1-2 अंडों को फेट कर स्कैल्प और बालों पर लगाएं। इसे 30 मिनट तक लगा रहने दें। फिर गुनगुने पानी और शैम्पू से बालों को धो लें। एलोवेरा जेल बहुत से लोगों को लगता है कि एलोवेरा जेल सिर्फ त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। मगर ऐसा नहीं है यह बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। शुद्ध एलोवेरा जेल को स्कैल्प और बालों पर लगाने से बाल घने होते हैं। कैस्टर ऑयल कैस्टर ऑयल में उच्च मात्रा में विटामिन ई और फैटी एसिड होते हैं। बालों को स्वस्थ बनाने के लिए विटामिन ई फायदेमंद होता है। इसका इस्तेमाल करना आसान होता है। आपको बस कैस्टर ऑयल से बालों और स्कैल्प पर मसाज करनी होती है। मसाज करके 30 मिनट तक बालों पर कैस्टर ऑयल लगे रहने दें। उसके बाद बालों को धो लें। ऑलिव ऑयल ऑलिव ऑयल में उच्च मात्रा में ओमेगा 3 एसिड होता है जो बालों के साथ पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। जब आप बालों पर ऑलिव ऑयल लगाते हैं तो इससे बाल घने बनते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए ऑलिव ऑयल को शरीर के तापमान जितना गर्म कर लें। उसके बाद बालों और स्कैल्प पर गुनगुने तेल से मसाज करें। 30-45 मिनट तक इसे बालों पर लगे रहने दें। उसके बाद बालों को शैम्पू से धो लें। एवोकाडो एवोकाडो में उच्च मात्रा में विटामिन ई होता है जो एक अच्छे मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक एवोकाडो को कद्दूकस करके उसमें 1 चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाएं। अब इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट तक इस पेस्ट को लगे रहने दें। उसके बाद शैम्पू से बालों को धो लें।   recent visitors 74

तिरुवनंतपुरम से चलने वाली दो वंदे भारत ट्रेनों की इतनी डिमांड है कि डिब्बों की संख्या बढ़ाने की मांग

नई दिल्ली  देश में कई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को सवारी नहीं मिल रही हैं। लेकिन दो ट्रेनें ऐसी भी हैं जिनमें पैसेंजर सीटें बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। तिरुवनंतपुरम से मैंगलोर और कासरगोड तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की बहुत डिमांड है। यात्रियों की मांग है कि रेलवे बिना किसी देरी के इन ट्रेनों में डिब्बों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को लागू करे। तिरुवनंतपुरम से अलपुझा होते हुए मैंगलोर तक जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में आठ डिब्बे हैं जबकि तिरुवनंतपुरम से कोट्टयम होते हुए कासरगोड तक जाने वाली ट्रेन में 16 डिब्बे हैं। इनमें से एक ट्रेन को 20 डिब्बों वाली सेवा में बदला जाएगा। रेलवे ने कुछ महीने पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। लेकिन अभी अंतिम आदेश जारी होना बाकी है। दोनों ट्रेनों के लिए 100-200% से अधिक ग्राहक हैं। ये देश की सबसे लोकप्रिय वंदे भारत ट्रेनों में शामिल हैं। मौजूदा ट्रेनों में डिब्बों की संख्या मांग के अनुरूप नहीं है। तिरुवनंतपुरम से कोट्टयम होते हुए कासरगोड तक जाने वाली ट्रेन उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो काम के लिए तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम के बीच यात्रा करते हैं। क्यों बढ़ी है डिमांड फ्रेंड्स ऑन रेल्स के लियोन्स जोसेफ ने कहा कि अगर रेलवे जल्द से जल्द कोच बढ़ा दे तो यह फायदेमंद होगा। तिरुवनंतपुरम से सुबह चलने वाली ट्रेन एर्नाकुलम में 8.25 बजे और त्रिशूर में 9.30 बजे पहुंचती है। उन्होंने कहा कि मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण बसों में भीड़ और देरी के कारण भी यात्रियों की संख्या अधिक है। त्रिशूर रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के कृष्ण कुमार पी ने रेलवे से बिना देरी किए ट्रेनों के कोच बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ट्रेनों को बहुत ग्राहक मिल रहे हैं और क्षमता बढ़ाने में विफल रहने से राजस्व का नुकसान होगा। कृष्ण कुमार ने कहा कि अगर अब कोचों की संख्या बढ़ाई जाती है तो सबरीमाला तीर्थयात्रियों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे को मौजूदा आठ कोच वाली रेक को खाली कर देना चाहिए और एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच सेवाएं चलाने के लिए इसका उपयोग करने पर विचार करना चाहिए। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि रेक को बदलने का अंतिम आदेश नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अभी तारीख तय नहीं हुई है लेकिन मैंगलोर रूट की ट्रेन को 20 कोच की रेक में अपग्रेड किया जा सकता है।   recent visitors 62

महिलाओं में कमर दर्द की ज्यादा शिकायत

सामान्य सर्दी के बाद, पीठ दर्द सभी उम्र के लोगों में होने वाली दूसरी सबसे प्रचलित समस्या है। सेवानिवृत्त शिक्षिका 60 वर्षीय आशा शर्मा सक्रिय जीवन जीती थीं जब तक कि उनके पीठ दर्द ने उन्हें व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय नहीं कर दिया। उन्होंने एक डॉक्टर से दिखाया जिन्होंने उन्हें सर्जरी की सलाह दी। लेकिन श्रीमती शर्मा सर्जरी कराना नहीं चाहती थीं और उन्होंने वेंकटेश्वर अस्पताल में एक विशेषज्ञ से एक और राय लेने का विचार किया। उन्होंने वेंकटेश्वर हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी बिभाग से संपर्क किया जहां उन्हें सर्जरी के निर्णय लेने से पहले ट्रायल के तौर पर सेल्फ केयर की सलाह दी क्योंकि यह देखा गया है कि सेल्फ केयर से लगभग 50 प्रतिशत रोगियों को पीठ दर्द से राहत मिल जाती है। आज, वह अपने पैरों पर वापस खड़ी हो गई हैं। वेंकटेश्वर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी के निदेशक और विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पिंदर कुमार सचदेव कहते हैं, “सर्जरी उन लोगों के लिए सर्जरी आवश्यक हो जाती है, जिनमें नर्व रूट पर दबाव पड़ रहा हो या रीढ़ की हड्डी अस्थिर हो गई हो।“ पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं न केवल कमर और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं से ग्रस्त होती हैं, बल्कि उनकी समस्याएं भी गंभीर होती हैं। महिला की शारीरिक संरचना का एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि उम्र बढ़ने के साथ प्राकृतिक रूप से तेजी से उनकी हड्डी का नुकसान होने लगता है और इसका खतरनाक भाग उम्र का बढ़ना है। आमतौर पर 30 वर्ष की आयु और रजोनिवृत्ति की शुरुआत के बीच, महिलाओं में हड्डी का घनत्व का और अधिक तेज़ी से कम होता है। “महिलाओं की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, वे डीजेनेरेटिव डिस्क रोग के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। यह एक सामान्य बीमारी है जिसे रप्चर्ड डिस्क कहा जाता है जो रीढ़ की हड्डी को धक्का देता है, तंत्रिका पर दबाव डालता है, जिससे हर्निएटेड या स्ल्पि्ड डिस्क हो जाती है।“ रीढ़ एक स्तंभ के रूप में कार्य करता है जो आपके शरीर के वजन को वहन करता है। यही कारण है कि रीढ़ को स्वस्थ और मजबूत रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अस्वस्थ जीवनशैली रीढ़ की हड्डी में दर्द, कमर दर्द, इत्यादि का खतरा पैदा करती है। इस तरह के परेशान करने वाले दर्द और पीड़ा से बचने के लिए, यहां कुछ बुनियादी सलाह दी गई हैं जिन पर अमल करने पर आपको फिट रहने में मदद मिलेगी। अपने शरीर की सुनो : आपका शरीर आपको संकेत भेजता रहता है कि चीजें अस्वस्थ हैं। लेकिन अधिकतर बार हम इन संकेतों को तब तक अनदेखा करते रहते हैं, जब कि बहुत देर न हो जाए। अपनी रीढ़ की हड्डी सीधे रखें : हमेशा सीधे खड़े हों और सीधे बैठें। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बैठे होते हैं, तो यह आपकी रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है क्योंकि यह झुकती है। जब आप बैठे होते हैं तो आपके घुटने सही स्थिति में हो और आपके पैर फ्लैट हों। अपनी शारीरिक गतिविधियां जारी रखें : जब मांसपेशियां थक जाती हैं तो स्लचिंग (आगे झुक कर बैठना या चलना), स्लंपिंग (अचानक गिरना) और अन्य खराब मुद्राएं होने की अधिक संभावना होती हैं। इसके कारण, गर्दन और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। रिलैक्स्ड लेकिन समर्थित मुद्रा को बनाए रखने के लिए, अक्सर अपनी पॉजिशन बदलें। व्यायाम : रीढ़ की हड्डी को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए उन मांसपेषियों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है जो रीढ़ की हड्डी को स्थिर करती हैं और आपको कुशलतापूर्वक चलने-फिरने में मदद करती हैं।   recent visitors 72

निर्मला सप्रे की सदस्यता पर फैसला अगले हफ्ते

Decision on Nirmala Sapre’s membership next week भोपाल। रामनिवास रावत के साथ लोकसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन करने वाली बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर निर्णय अगले सप्ताह होगा। विधानसभा सचिवालय ने उन्हें अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया है। वहीं, सप्रे ने कहा है कि वे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। उधर, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष तोमर से मांग की है कि 16 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र है। इसलिए आवेदन का निराकरण शीघ्र करें। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल होने की घोषणा करके पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध काम करने वाली बीना से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने का आवेदन दिया है। सदस्यता त्यागने का निर्णय नहीं कर पा रहीं सप्रे आवेदन में सप्रे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा करने के साथ भाजपा का हाथ थामने की घोषणा करते हुए वीडियो, विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर आदि दस्तावेज लगाए हैं। साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में उनके शामिल होने के फोटो भी फिर से दिए आवेदन के साथ लगाए हैं। उधर, सप्रे सदस्यता त्यागने को लेकर निर्णय नहीं कर पा रही हैं। यही कारण है कि उन्होंने पहले दो बार के नोटिस पर विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगा और फिर कहा कि वे अध्यक्ष के समक्ष प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। अनाश्यक खींचा जा रहा मामला- उपनेता प्रतिपक्ष सूत्रों का कहना है कि इस मामले में निर्णय अध्यक्ष को ही करना है, इसलिए अगले सप्ताह सप्रे की बात सुनकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का कहना है कि इस मामले को अनाश्यक खींचा जा रहा है। दस्तावेज गुम होने की बात कहते हुए दोबारा आवेदन मांगा गया, जबकि स्थितियां बिलकुल स्पष्ट हैं। सभी प्रमाण विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यदि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले सप्रे की सदस्यता पर निर्णय नहीं लिया गया, तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि सप्रे ने अध्यक्ष से भेंट करके अपनी बात रखने का कहा है। जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। टल सकता है निर्मला का मामला सूत्रों का कहना है कि रामनिवास रावत के उपचुनाव हारने के बाद अब निर्मला सप्रे का मामला टल भी सकता है। दरअसल, सप्रे बीना को जिला बनाने की मांग कर रही थीं। सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी भी हो गई थी, पर खुरई में विरोध होने के कारण मामला टल गया। खुरई से विधायक पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह कह चुके हैं कि भले ही पार्टी कांग्रेस से आए लोगों को स्वीकार कर ले, पर वे नहीं करेंगे। सागर जिले में पार्टी के अधिकतर नेता व कार्यकर्ताओं के बीच सप्रे को लेने पर एकराय नहीं है। recent visitors 162

चमक रही है प्रियंका चोपड़ा की नाभि, पहना 2.7 करोड़ का हीरा!

मुंबई करोड़ों-करोड़ों की बात करें तो कई लोगों के लिए, खासकर सेलेब्रिटीज़ के लिए, इसका कोई मोल नहीं होता। एक ज़माना था जब लाखों की कद्र होती थी। लेकिन अब करोड़ों की भी कोई कीमत नहीं रह गई है। कुछ अमीर लोग तो शरीर पर ढेर सारे गहने पहनकर दिखावा करते हैं, लेकिन सेलेब्रिटीज़ बेचारे, उनके लिए तो अपनी ड्रेस से मैच करते गहने पहनना भी मुश्किल होता है। क्योंकि जींस, मिनी स्कर्ट, शॉर्ट्स, बिकिनी जैसी ड्रेसेस पहनने के बाद शरीर पर ज़्यादा गहने पहनना तो दूर की बात है। तो क्या एक्ट्रेसेस चुपचाप बैठ जाती हैं? अपनी ड्रेस के हिसाब से जहां चाहें वहां गहने पहन लेती हैं। वैसे एक्ट्रेसेस को ऐसी जगह की ज़रूरत भी नहीं होती, कहीं भी डिज़ाइन बनवा लो, टैटू गुदवा लो, गहने पहन लो, उसे दिखाने का हुनर तो उनमें कूट-कूट कर भरा है। उसी तरह, अब एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा की नाभि पर लोगों की नज़रें टिकी हैं। इसकी कीमत 2.7 करोड़ रुपये! अरे अरे, ऐसा नहीं है कि एक्ट्रेस की नाभि की इतनी कीमत है। कीमत है उनके नाभि में पहने हुए छोटे से हीरे की अंगूठी की। एक्ट्रेस जब चलती हैं तो उनकी नाभि पर नज़र तो जाती है, लेकिन उसमें लगा हीरा इतना साफ़ नहीं दिखता। लेकिन जब वो चमकता है, तभी पता चलता है कि उनकी नाभि में एक डायमंड रिंग है। इसकी कीमत 2.7 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नाभि में अंगूठी पहनना आजकल का ट्रेंड है। खैर, फ़िल्मी सितारों को फॉलो करने वालों की तो एक बड़ी जमात है, इसीलिए लड़कियां इस तरह का फैशन कर रही हैं। पूरे शरीर पर सोने-हीरे के गहने पहनना आजकल की लड़कियों को पसंद नहीं है। वो तो आउटडेटेड फैशन है। इसीलिए ऐसी सीक्रेट जगह पर गहने पहनकर उसे दिखाती हैं। एक्ट्रेस के बारे में बात करें तो, वो अब अमेरिका की बहू हैं। प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास अपनी बेटी मालती मैरी के साथ ज़िंदगी का मज़ा ले रहे हैं। अमेरिकी पॉप सिंगर निक जोनास से 2018 में शादी के बाद, एक्ट्रेस बॉलीवुड की दुनिया से दूर हैं। हॉलीवुड वेब सीरीज़ करते हुए, कई टीवी शो, इंटरव्यू और घूमने-फिरने में एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा बिजी हैं। 2022 में सरोगेसी के ज़रिए प्रियंका चोपड़ा एक बेटी की मां बनीं। इस जोड़ी के बारे में बताएं तो, इनकी लव मैरिज हुई थी। प्रियंका हिंदू हैं, जबकि निक जोनास क्रिश्चियन हैं। ये जोड़ी अपने-अपने धर्म के अनुसार शादी करने का फैसला किया था। प्रियंका और निक की शादी की बातचीत में हिंदू और क्रिश्चियन दोनों रीति-रिवाजों से शादी करने का फैसला हुआ। उसी के मुताबिक, हिंदू रीति-रिवाज से पहले, जन्मपत्री और मुहूर्त देखकर, एक दिन पहले क्रिश्चियन रीति-रिवाज से शादी की गई। एक्ट्रेस प्रियंका और निक जोनास के बीच दस साल का अंतर है। यानी प्रियंका, निक से दस साल बड़ी हैं। साल 2000 में जब प्रियंका ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था, तब निक सिर्फ़ सात साल के थे। इसी वजह से ये जोड़ी अक्सर ट्रोल होती रहती है। अभी भी यही बात कहकर लोग एक्ट्रेस को ट्रोल कर रहे हैं। recent visitors 67