Sunday, July 12, 2026 9:54 am

अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई समेत नौ खिलाड़ियों ने किए महाकाल के दर्शन, कहा- बाबा जानते हैं, क्या देना है

उज्जैन  कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में प्रतिदिन सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में मंगलवार सुबह भारतीय क्रिकेट टीम के 9 खिलाड़ी शामिल हुए। सभी ने नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। इसके बाद चांदी द्वार के पास पहुंचकर भगवान का पूजन-अर्चन किया और नंदीजी के कानों में अपनी मनोकामनाएं कहीं।   महाकालेश्वर मंदिर के पुरोहित विपुल चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार सुबह भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, आकाश सिंह, अभिषेक देसाई, ऋषभ चौहान, चिंतन गाजा, उमंग टांडेल, विशाल जायसवाल और भानु पनिया बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। 2 घंटे तक किया पूजन-अर्चन जानकारी के अनुसार खिलाड़ियों ने लगभग 2 घंटे तक बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए और निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन करते हुए भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने जलाभिषेक और पूजन-अर्चन भी किया। इसके बाद नंदीजी के कानों में अपनी मनोकामनाएं कहकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। बाबा महाकाल मुझे हर साल बुलाते हैं मुश्ताक अली ट्रॉफी में शामिल होने के लिए कई दिग्गज खिलाड़ी इंदौर पहुंचे हैं। मंगलवार को खिलाड़ी बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे। अक्षर पटेल और रवि विश्नोई ने मंदिर की देहरी से महाकाल का पूजन अभिषेक कर आशीर्वाद लिया। भस्म आरती सम्पन्न होने के बाद सभी ने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना मांगी। अक्षर पटेल ने कहा कि मैंने अपने लिए नहीं मांगा है। मुझे हर साल बाबा महाकाल बुलाते हैं, बस वे बुलाते रहे। मेरे लिए जो अच्छा होगा बाबा महाकाल मुझे दे देते हैं। महादेव की कृपा मुझ पर बनी रहे रवि विश्नोई ने कहा कि महादेव की कृपा मुझ पर बनी रहे। बहुत अच्छा लगता है महाकाल मंदिर आना, मैं दूसरी बार आया हूं। बता दें कि दो दिन पहले भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर कुनाल पंड्या महाकालेश्वर मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे। जहां उन्होंने परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया था। खिलाड़ियों ने साझा किए अनुभव मीडिया से बातचीत में अक्षर पटेल ने कहा, बाबा महाकाल हमें हर साल बुलाते रहते हैं, इसीलिए हम यहां आते हैं। बाबा महाकाल जानते हैं कि हमें क्या देना है और क्या नहीं। वहीं, रवि बिश्नोई ने कहा कि यह दूसरी बार है जब मैं बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने आया हूं। बाबा की कृपा मुझ पर और हम सब पर बनी रहे, यही कामना है। recent visitors 55

5 हजार करोड़ का फिर कर्ज लेगी मोहन सरकार, 11 महीने में 40 हजार 500 करोड़ का लोन ले चुकी

Mohan government will again take a loan of Rs 5 thousand crores, has already taken a loan of Rs 40 thousand 500 crores in 11 months भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। यह ऋण 26 नवंबर को ई ऑक्शन के जरिए स्टाक गिरवी रखकर लिया जाएगा। लोन की यह राशि दो अलग-अलग कर्ज के रूप में ली जा रही है, जो 2500-2500 करोड़ रुपए की है। 27 नवंबर को सरकार के खाते में लोन की यह रकम पहुंच जाएगी। जानकारी के मुताबिक मोहन सरकार की 20 साल के लिए 2500 करोड़ और 14 साल के लिए 2500 करोड़ लेने की तैयारी है। पिछले 11 महीने में सरकार 40 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है है। मध्यप्रदेश की जनता पर 3 लाख 90 हजार करोड़ का कर्ज का बोझ हो चुका है। राज्य सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के माध्यम से यह कर्ज उठाएगी। इसके लिए सरकारी बांड या स्टॉक को गिरवी रखकर धनराशि जुटाई जाएगी। ई-ऑक्शन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 नवंबर को यह रकम राज्य सरकार के खजाने में आ जाएगी। 11 महीने में 40,500 करोड़ का कर्ज सरकार के वित्तीय रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यह इस साल का नया बड़ा कर्ज होगा। पिछले 11 महीनों में, राज्य सरकार ने 40,500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। यह धनराशि राज्य की विकास योजनाओं और अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई है। मध्य प्रदेश की जनता पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में राज्य पर कुल कर्ज 3 लाख 90 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर मुद्दा है। recent visitors 171

लाइफ में खुश रहने के लिए इन 5 बातों को जरूर जानें

सक्सेजफुल होने के लिए खुद पर फोकस करना जरूरी है। जब तक आप खुश होकर किसी काम को करने की शुरुआत नहीं करेंगे। सक्सेज आसानी से हाथ नहीं लगेगी। इसलिए लाइफ कोच अक्सर अपने आप में इस तरह के 4-5 बदलावों को लाने के लिए बोलते हैं। जिससे ना केवल आप सक्सेजफुल बनें बल्कि लाइफटाइम हैप्पी भी रहे। खुद को एक्सेप्ट करना सीखें। दूसरों के प्रभाव में आकर खुद के अंदर फिजिकल या इमोशनल बदलाव लाने की जरूरत नही है। अगर आपको लगता है कि आप जैसे भी हैं अच्छे हैं तो किसी की बात का निगेटिव असर पर्सनैलिटी पर ना पड़ने दें। अपना बेस्ट दें जब भी किसी काम की शुरुआत करें तो अपना बेस्ट दें। उस काम को पूरा करने के लिए अपनी पूरी मेहनत और लगन लगा दें। भले ही उस काम में सक्सेज ना मिले लेकिन मन में किसी भी तरह का पछतावा नहीं रहना चाहिए। अपने आप पर भरोसा रखें आत्मविश्वास जरूरी है किसी भी काम को लाइफ में पूरा करने के लिए सेल्फ कॉन्फिडेंस रखें। तभी कठिन से कठिन काम को करना आासन हो पाएगा। खुद पर जुल्म ना करें किसी काम को पूरा करने के लिए या करियर में आगे बढ़ने के लिए भी अपनी फिजिकल या मेंटल हेल्थ के साथ खिलवाड़ ना करें। जितना हो सके बस उतना ही करें क्योंकि सेहत और लाइफ सबसे ज्यादा जरूरी है। जिस चीज को पसंद करें वो काम करें अगर आपको कोई काम अच्छा लगता है और वो पॉजिटिव काम करके खुशी मिलती है तो जरूर करें। अपनी हॉबी और शौक को पूरा जरूर करें। इससे मेंटल पीस मिलता है और आप ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं। recent visitors 58

IPS दीपम सेठ उत्तराखंड के नए डीजीपी बने, 1995 बैच के हैं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी

देहरादून दीपम सेठ उत्तराखंड के 13वें डीजीपी बन गए हैं। गृह विभाग की ओर से आदेश जारी होने के साथ ही उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। एडीजी दीपम सेठ ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटकर  मूल कैडर ज्वाइन किया। ज्वाइन करते ही उन्हें पुलिस के 13वें मुखिया की जिम्मेदारी भी दी गई। दीपम सेठ 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। और वर्ष 2019 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। अभी उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी नहीं हुई थी कि शासन ने उन्हें वापस बुलाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। पत्र के एक दिन बाद ही केंद्र ने उन्हें रिलीव भी कर दिया। बता दें कि एडीजी दीपम सेठ उत्तराखंड कैडर के वर्तमान में सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। पिछले साल पूर्व डीजीपी अशोक कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद सेठ के वापस आने की चर्चाएं हुई थीं। सरकार ने उनका नाम भी डीजीपी के पैनल में शामिल करते हुए यूपीएससी को भेजा था। लेकिन, वह प्रतिनियुक्ति से वापस नहीं आए थे। ऐसे में सभी जरूरी अर्हताएं पूरी करने वाले अधिकारियों में एडीजी अभिनव कुमार का नंबर आ गया था। उन्होंने पिछले साल 30 नवंबर की शाम को प्रदेश के 12वें डीजीपी (कार्यवाहक) के रूप में पुलिस की कमान संभाली थी। लेकिन, पिछले दिनों फिर से डीजीपी के चयन के लिए एक पैनल यूपीएससी भेजा गया। मगर, इस पैनल में अभिनव कुमार का नाम शामिल नहीं था। यूपी की तर्ज पर डीजीपी का करने की सिफारिश पिछले दिनों कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार ने गृह सचिव को पत्र लिखकर यहां डीजीपी का चयन यूपी की तर्ज पर करने की सिफारिश की थी। उन्होंने मौजूदा उत्तराखंड पुलिस एक्ट के नियमों का हवाला भी दिया था। इसमें दो साल के लिए शासन की समिति ही डीजीपी का चयन कर सकती है। लेकिन, अब एकाएक गृह विभाग की ओर से केंद्र सरकार को शुक्रवार को पत्र लिखकर आईपीएस दीपम सेठ को वापस भेजने की मांग की थी। इस मांग को केंद्र सरकार ने भी अगले ही दिन स्वीकृत कर लिया और सेठ को शनिवार को रिलीव कर दिया गया। अब एडीजी दीपम सेठ सोमवार को दून आकर अपना मूल कैडर ज्वाइन करेंगे। सूत्रों के अनुसार ज्वाइन करने के बाद उन्हें पुलिस की कमान सौंपने की तैयारियां भी की जा रही हैं। इस संबंध में शासन स्तर पर सारी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली हैं। recent visitors 139

शराब कंपनी के गुर्दो ने भियाताल गाँव युवक की मारपीट की

बमीठा शराब कंपनी के गुर्दा पाँच छः कारो में भरकर भियाताल गाँव कल शाम 7 बजे करीब  पहुचे  पन्ना जिला की शराब एक यादव बेचता था उसकी किराना की दुकान पर सभी कारे रुक गई कारो को देख दुकानदार कही छिप गया मूलचंद्र रैकवार दुकान पर आटा उठाने गया था कारो से एक साथ कई लोग लाठी डंडे लेकर उतरे इन्हें देखकर मूलचंद्र रैकवार वहाँ से भागा तो शराब कम्पनी के गुर्दो ने मूलचंद्र को पकड़कर मारपीट करने लगे यूवक की पिटाई देखकर गाँव के लोग एकत्र हो गए . लोगो को एकत्र होता देख शराब कम्पनी के गुर्दे कारो में बैठकर भागने लगे गाँव के लोगो ने शराब कंपनी कारो पर पत्थर मारे कई कारो के शीशे टूटे गाँव के आधा सैकड़ा लोगों ने मूलचंद्र को लेकर बमीठा थाने पहुँचे शराब कम्पनी के पाँच लोगो के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया शुभांशु शुक्ला खजुराहो।। recent visitors 48

कर्नाटक में नर्स की यूनिफॉर्म में एक नवजात के परिवार के पास आई संदिग्धों महिलाओं ने बच्चे को चुरा लिया

 कलबुर्गी कर्नाटक के कालाबुरगी में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के जिला अस्पताल से फर्जी नर्सों ने नवजात का अपहरण कर लिया. यहां खुद को नर्स बताने वाली दो महिलाओं ने एक नवजात बच्चे को किडनैप कर लिया.   25 नवंबर की सुबह 4 बजे अस्पताल के वार्ड 115 में कस्तूरी के घर बच्चे का जन्म हुआ. तभी अस्पताल के कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में परिवार के पास आई संदिग्धों महिलाओं ने कहा कि उन्हें बच्चे को ब्लड टेस्ट के लिए ले जाना होगा. परिवार ने बच्चा दे दिया लेकिन वह उसे कभी वापस लाई ही नहीं. परेशान माता-पिता, रामकृष्ण और कस्तूरी, सैयद चिंचोली गांव के रहने वाले हैं. ब्रह्मपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं. अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में महिलाएं नवजात को लेकर अस्पताल से बाहर भागती दिख रही हैं. फुटेज में दोनों में से एक महिला ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ है जबकि दूसरी बच्चे को गोद में लिए दिख रही है. दोनों कुछ देर के लिए अस्पताल की लॉबी में बात करती दिख रही हैं. बता दें कि अस्पताल से बच्चा चोरी का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि ऐसे कई रैकेट चल रहे हैं. इसी साल दिल्ली के केशव पुरम इलाके में सीबीआई और पुलिस की टीम ने एक घर में छापा मारा था. दो दिनों तक चली रेड के बाद सीबीआई ने मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 7 से 8 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया था. उनकी उम्र 10 साल से कम थी. इसमें एक नवजात की उम्र तो महज 36 घंटे थी, जबकि दूसरे की उम्र 15 दिन . सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि जांच से पता चला कि आरोपी फेसबुक पेज और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देते थे. इसके जरिये वे बच्चे गोद लेने के इच्छुक निःसंतान दंपतियों से जुड़ते थे. आरोपी वास्तविक माता-पिता के साथ-साथ कथित तौर पर सरोगेट माताओं से भी बच्चे खरीदते थे. इसके बाद आरोपी नवजात बच्चों को 4 से 6 लाख रुपये में बेच देते थे. आरोपी कथित तौर पर गोद लेने से संबंधित फर्जी दस्तावेज बनाकर कई निःसंतान दंपतियों से लाखों रुपये की ठगी करने में भी शामिल रहे हैं.   recent visitors 69

बुरी खबर बीच सीरीज ऑस्ट्रेल‍िया से भारत लौट रहे कोच गौतम गंभीर, फैम‍िली इमरजेंसी है वजह

पर्थ   बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का जीत के साथ धमाकेदार आगाज करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर अचानक ऑस्ट्रेलिया छोड़कर भारत लौटने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनके घर पर कोई मेडिकल इमरजेंसी है जिसके चलते गंभीर को जाना पड़ रहा है।र्थ के ऑप्टस स्टेडियम में भारत की ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार रहे गंभीर हालांकि एडिलेड में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले वापस लौट आएंगे। मामले से जुड़े सूत्रों ने पहले टेस्ट मैच में भारत की जीत के कुछ घंटों बाद इस घटनाक्रम की पुष्टि की। पर्थ में 295 रनों की जीत के साथ भारत 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गया है, जिससे वे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिए आखिरी समय में प्रयास कर रहे हैं। प्रेक्टिस सेशन में नहीं रहेंगे गंभीर भारतीय टीम बुधवार को दो दिवसीय पिंक-बॉल टूर गेम के लिए कैनबरा जाने वाली है। हालांकि, गौतम गंभीर शनिवार से शुरू होने वाले इस अभ्यास मैच के लिए टीम का हिस्सा नहीं होंगे। टीम एडिलेड में होने वाले डे-नाइट टेस्ट की तैयारी कर रही है, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। प्लेइंग 11 को लेकर फंसा पेंच रोहित शर्मा और शुभमन गिल की प्लेइंग इलेवन में वापसी के कारण भारतीय टीम को दूसरे टेस्ट मैच के लिए चयन में परेशानी होने की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले मैच के चौथे दिन रोहित शर्मा को भारतीय ड्रेसिंग रूम में गंभीर के साथ बैठे देखा गया। रोहित को सोमवार को नेट्स में गुलाबी गेंद से अभ्यास करते हुए भी देखा गया। recent visitors 79