Friday, July 10, 2026 7:54 am

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और धर्मगुरु चिन्मय की गिरफ्तारी के बाद ISKCON पर बैन लगाने की तैयारी, हाईकोर्ट में याचिका दायर

ढाका पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश इस समय भारी उथल-पुथल से गुजर रहा है. हिंदुओं पर हमले और धर्मगुरु चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद ISKCON पर बैन लगाने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. इस बीच बांग्लादेश सरकार ने ISKCON को धार्मिक कट्टरपंथी संगठन बता दिया है. हाईकोर्ट में बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह सरकार का मुख्य एजेंडा है और इसके लिए जरूरी तैयारी शुरू कर दी गई है. इसका मतलब है कि ISKCON पर जल्द ही बैन लगेगा. अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि ISKCON एक धार्मिक कट्टरपंथी संगठन है. इस पर कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वह इस्कॉन पर सरकार के रुख और देश की मौजूदा स्थिति का खाका पेश करे. कोर्ट ने सरकार को सचेत रहने को कहा है ताकि देश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े. हाईकोर्ट की जस्टिस फराह महबूब और जस्टिस देबाशीष रॉय की पीठ ने इस संबंध में कहा कि इससे पहले एक वकील ने इस्कॉन पर बैन लगाने के लिए याचिका दायर की और चटगांव में वकील सैफुल आलम की हत्या सहित पूरी स्थिति को कोर्ट के संज्ञान में लेकर आया. इस पर अब कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि इस्कॉन संगठन क्या है? यह कहां से आया है? इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह कोई राजनीतिक दल नहीं है बल्कि धार्मिक कट्टरपंथी संगठन है. बता दें कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने संविधान से धर्मनिरपेक्षता शब्द को हटाने की मांग की थी. बता दें कि बांग्लादेश की लॉ एंफोर्समेंट एजेंसी ने चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के आरोप में 25 नवंबर को गिरफ्तार किया था. बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें मंगलवार को उन्हें जमानत नहीं दी और जेल भेज दिया. इसके बाद चिन्मय दास के समर्थक सड़कों पर उतर आए और उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू किया. सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प के दौरान पत्रकारों सहित कम से कम 10 लोग घायल हो गए. बांग्लादेश से किन अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं चिन्मय प्रभु विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, अल्पसंख्यकों के घरों और दुकानों में आगजनी और लूटपाट के साथ-साथ मंदिरों को अपवित्र करने के कई मामले दर्ज किए गए हैं. इन घटनाओं के अपराधी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि शांतिपूर्ण तरीके से वैध मांगें करने वाले धार्मिक नेता के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं. चिन्मय दास की गिरफ्तारी क्यों? चिन्मय दास को तब गिरफ्तार किया गया था, जब वो ढाका से चटगांव आ रहे थे. उन्हें ढाका एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया था. इस दौरान सादे कपड़ों में आए कुछ लोगों ने उन्हें जबरदस्ती वैन में बैठा लिया. उन लोगों ने खुद को बांग्लादेशी पुलिस का जासूस बताया था. इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधा रमन दास ने बताया कि बिना कुछ कारण बताए ही चिन्मय दास को जबरदस्ती वैन में डाल दिया गया. बांग्लादेशी पुलिस ने चिन्मय दास पर देशद्रोह का आरोप लगाया है. उनपर अक्टूबर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेशी झंडे का अपमान करने का आरोप है. ऐसा दावा है कि इस विरोध प्रदर्शन में भगवा ध्वज को बांग्लादेशी झंडे से ज्यादा ऊंचा फहराया गया था. हालांकि, राधा रमन दास ने इन आरोपों को खारिज किया है. चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद उनकी रिहाई की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों को दबाया जा रहा है. बांग्लादेश में जब से मोहम्मद युनूस की सरकार आई है तब से हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं. ऐसी क्या मांगें कर रहे थे चिन्मय दास? 1. अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न से जुड़े मामले में तुरंत सुनवाई के लिए स्पेशल ट्रिब्यूनल बनाए जाए. पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास मिले. 2. अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए एक कानून बनाया जाए. 3. अल्पसंख्यकों के लिए एक मंत्रालय बनाया जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दे और परेशानियों को उठाया जा सके. 4. कब्जाई गई देबोत्तर (मंदिर) की संपत्तियों को वापस किया जाए. मंदिरों और अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए कानून बने. 5. सभी स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में अल्पसंख्यकों के लिए पूजा स्थल बनाए जाएं, ताकि वो भी पूजा कर सकें. 6. अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक संस्थानों को बढ़ाया जाए. साथ ही साथ पाली और संस्कृत बोर्डों का आधुनिकिकरण किया जाए. 7. दुर्गा पूजा के लिए पांच दिन का पब्लिक हॉलीडे घोषित किया जाए, क्योंकि ये हिंदुओं के लिए काफी अहम त्योहार है. बांग्लादेश में किस हालत में हैं अल्पसंख्यक? बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का इतिहास लंबा रहा है, खासकर हिंदू समुदाय को. याद होगा कि दो साल पहले भी बांग्लादेश में हिंदू विरोधी भावनाएं भड़क गई थीं, जिसके बाद कई हिंदुओं की हत्या भी कर दी गई थी. हाल ही में, शेख हसीना के इस्तीफे के बाद सैकड़ों जगहों से हिंदुओं पर हमले के मामले सामने आए हैं. इस्कॉन टेम्पल और दुर्गा मंदिरों को निशाना बनाया गया है. हिंदुओं के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई है. दिनाजपुर में उपद्रवियों ने एक श्मशान घाट पर भी कब्जा कर लिया था. अभी तो हिंदुओं पर हो रही हिंसा के मामले सामने आ भी जा रहे हैं, लेकिन वहां दशकों से इनके साथ उत्पीड़न हो रहा है. हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन का दावा है कि 1964 से 2013 के बीच एक करोड़ से ज्यादा हिंदू बांग्लादेश छोड़कर भाग गए हैं. फाउंडेशन का कहना है कि हर साल 2.30 लाख हिंदू बांग्लादेश छोड़ रहे हैं. बांग्लादेश में गैर-मुस्लिमों की आबादी तेजी से घटी है. 1951 में बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) में गैर-मुस्लिम आबादी 23.2% थी. यहां आखिरी बार 2011 में जनगणना हुई थी. उसमें सामने आया था कि बांग्लादेश में गैर-मुस्लिमों की आबादी घटकर 9.4% हो गई है.   recent visitors 55

बदलते मौसम में विटामिन सी से बने फेस पैक लगा निखारें अपनी स्किन

मौसम बदलते ही आपकी स्किन खराब होने लगती है। खाने- पने के साथ आपको अपनी स्किन की भी खास देखभाल करने की जरुरत होती है। विटामिन सी सिर्फ आपकी हेल्थ के लिए ही नहीं बल्कि आपकी स्किन के लिए भी काफी अच्छी होती है। विटामिन सी कई तरह की खाने की चीज़ों में होता है। स्किन के हिसाब से अगर आप विटामिन सी वाला फेस मास्क अपने चेहरे पर लगाएंगी तो आपकी स्किन पर चमक आ जाएगी। किसी भी घरेलू फेस मास्क को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले आप उसका पैच टेस्ट जरुर कर लें। ऐसा करने से आपकी स्किन पर एलर्जी का खतरा नहीं रहेगा। अगर आप अपनी स्किन ग्लोइंग, फेयर और शाइनी देखना चाहती हैं तो मौसम में जब बदलाव आ रहा हो तो आपको जो भी फेस मास्क सूट करे आप उसे जरुर यूज़ करें। संतरे के छिलके से बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : संतरे में विटामिन सी होता है ये तो सब जानते हैं। लेकिन संतरे का छिलका भी काफी फायदेमंद होता है। अगर आपकी स्किन को संतरा सूट करता हो यानि कोई एलर्जी ना हो तो आप संतरे के छिलके से भी फेस पेक बना सकती हैं। संतरे के छिलके से बना विटामिन सी फेस मास्क आपको ग्लोइंग और क्लीयर स्किन देगा जिससे आपकी त्वचा पर निखार नज़र आएगा। सबसे पहले इसके छिलके को धूप में सुखाकर लें फिर इसे पीसकर पाउडर बनाकर किसी जार में स्टोर कर लें। अब 1 बड़े चम्मच संतरे के छिलके के पाउडर में 2 बड़े चम्मच दही या दूध मिलाकर (जो भी आपकी स्किन को सूट करे) वैसे ऑयली स्किन के लिए दही और ड्राय स्किन के लिए दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे मिक्स करके आप फेस मास्क बना लें और फिर उसे अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं जब सूख जाए तो पानी से उसे साफ कर लें। आप ये फेस पेक डेली भी यूज़ कर सकती हैं। बस संतरे के छिलकों को धूप में सूखाकर आप एक जार में उसका पाउडर जरुर भर लें। टमाटर से ऐसे बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : कई बार मौसम बदलने से भी स्किन टैन होने लगती है। ऐसे में आपकी स्किन के लिए टमाटर सबसे फायदेमंद होता है। टमाटर ना सिर्फ स्किन टेनिंग को हटा़ता है बल्कि ये आपकी स्किन पर पड़ने वाली उम्र की लकीरों को भी कन्ट्रोल करता है। टमाटर वाला विटामिन सी फेस मास्क बनाने के लिए आप टमाटर को आधा काटकर आप उसका पेस्ट बनाकर एक कटोरी में डालें। टमाटर का गूदा भी बेहतर होगा फिर आप इसमें 2 बड़े चम्मच खीरे का रस और 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और फिर स्किन पर लगाएं और जब सूख जाए तो पानी से धो लें। वैसे ये फेस मास्क ऑयली स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। नींबू से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : विटामिन सी से भरपूर नींबू जितना खट्टा होता है उतना ही फायदेमंद भी होता है। अगर आप अपनी स्किन पर चमक देखऩा चाहती हैं और आपकी स्किन के दाग-धब्बे जाने का नाम नहीं ले रहे या बदलते मौसम से आपकी स्किन खराब हो रही है तो आप नींबू वाला फेस मास्क लगा सकती हैं। इसे आप दो तरीके से इस्तेमाल कर सकती हैं। पहला, 2 बड़े चम्मच पाइनेपल का गुदा लें और इसे अच्छी तरह मसल लें। इसमें 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लगाएं। 5-10 मिनट बाद धो लें। दूसरा, अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो 1 बड़े चम्मच नींबू के रस में 1 बड़ा चम्मच गुलाबजल मिलाकर लगाएं। कीवी से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : कई महिलाओं की स्किन पर मौसम बदलने की वजह से ड्रायनेस हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें इचिंग होती है और उनकी स्किन पर खुजली होने लगती है। इसके बाद स्किन पर दाने आ जाते हैं और स्किन खराब हो जाती है ऐसे में आपको कीवी वाला फेस पेक जरुर मदद करेंगा लेकिन फेस मास्क लगाने से पहले ये जरुर टेस्ट कर लें की आपकी स्किन पर कीवी से एलर्जी ना हो। कीवी वाला फेस मास्क घर पर बनाने के लिए आप एक कटोरी में कीवी का छिलका उतारकर उसका गूदा बना लें। फिर आप इसमें 2 चम्मच दही डालकर उसका पेस्ट बना लें और उसे हर फेस मास्क की तरह स्किन पर अप्लाई करें। सूखने के बाद फेस मास्क को पानी से हटा लें। ये सभी फेस मास्क आपकी स्किन के लिए हेल्दी है लेकिन आपकी ऑयली स्किन है या ड्राय स्किन है या फिर आपको एलर्जी तो नहीं है ये सब बाते ध्यान में रखकर ही आप कोई भी फेस मास्क इस्तेमाल करें। अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहती हैं तो आप ये घरेलू फेस पैक इस्तेमाल कर सकती हैं।   recent visitors 33

भोपाल में मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण की अड़चन दूर होना शुरू,18 दुकानें हटाईं

भोपाल  मेट्रो के दूसरे चरण में अड़चन बने आजाद नगर पुल बोगदा के तीन मकानों को शनिवार को हटा दिया गया। यहां 20 मकान-दुकानें और हैं, जिन्हें हटाने के लिए दस दिन की मोहलत दी गई है। सुभाष नगर से करोंद तक बनाए जाने वाले रूट पर एक हजार 540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मिट्टी की टेस्टिंग, डिजाइन समेत अन्य काम हो चुके हैं। अब अड़चनों को हटाया जा रहा है, जिससे सिविल के काम जल्दी शुरू हो सकें। शहर एसडीएम आशुतोष शर्मा ने शुक्रवार को मेट्रो और नगर निगम के अधिकारियों के साथ पुल बोगदा और आजाद नगर का निरीक्षण किया था। पहले यहां के लोग हटने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वे हटेंगे नहीं। जिला प्रशासन ने उन्हें चेतावनी भी दी कि वे नहीं हटेंगे तो जबरन हटा दिया जाएगा। इसके बाद लोगों ने हटने की सहमति दे दी। शनिवार को दुकान और मकान मालिकों को 19 लाख का मुआवजा भी दे दिया गया। एसडीएम समेत मेट्रो और नगर निगम के अधिकारी पुल बोगदा और आजाद नगर पहुंचे। इसके बाद तीन मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। एसडीएम ने बताया कि आजाद नगर की दुकान और मकान को हटाने के लिए लोगों ने सहमति देकर दस दिन की मोहलत मांगी है। आरा मशीनें भी हटेंगी पुल बोगदा के पास के 108 आरा मशीन और फर्नीचर कारोबारी हैं। इन्हें रातीबड़ में बसाया जाएगा। वहां पानी, बिजली, सड़क जैसी अन्य सुविधाओं के लिए छह करोड़ रुपये दिए गए हैं। इन आरा मशीनों को भी जल्द हटाया जाएगा। इन्हें परवलिया के छोटा रातीबड़ में शिफ्ट किया जा रहा है। recent visitors 44

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को पत्र लिखा, रेलवे प्रोजेक्ट के लिए की भूमि अधिग्रहण की अपील

नई दिल्ली केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र के जरिए रुके हुए रेलवे प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने के लिए तकनीकी और पर्यावरणीय मुद्दों को हल करने की अपील की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्र लिखकर कहा कि अगर तकनीकी और पर्यावरणीय मुद्दों को सुलझा लिया जाए तो केरल सरकार की रुकी हुई रेल परियोजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। जो भी तकनीकी और पर्यावरणीय मुद्दे हैं, कृपया उनका शीघ्र समाधान करें, ताकि परियोजना को भी आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, “भारत सरकार ने देशभर में बेहतर रेल सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए रेलवे नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी है। इससे केरल के विकास में भी काफी मदद मिलेगी। वर्तमान में केरल में 12,350 करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 3,011 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक बजट आवंटन भी किया गया है। हालांकि, केरल में अधिकांश रेलवे परियोजनाएं आवश्यक जमीन की अनुपलब्धता के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा, “रेलवे ने अधिकतर स्वीकृत रेलवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रयास शुरू किए थे, लेकिन भूमि अधिग्रहण में सफलता नहीं मिली। लगभग 470 हेक्टेयर जमीन के लिए केरल सरकार को 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया, मगर 64 हेक्टेयर जमीन का ही अधिग्रहण किया जा सका है। इस मामले में केरल सरकार का सहयोग जरूरी है।” रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केरल के सीएम पिनाराई विजयन से अपील करते हुए कहा कि मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि आप संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए निर्देश जारी करें, ताकि उपरोक्त परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया जा सके।   recent visitors 51

जहां गूंजती थी गोलियों की आवाज, आज वहां बजेगी मोबाइल की घंटी

बीजापुर सरकार के कामकाजों से बस्तर की तस्वीरें लगातार बदल रही है. जहां पहले गोलियों की आवाज गूंजती थी वहां अब लोग सुकून से रह रहे हैं. “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत छूटवाई गांव में मोबाइल टावर की सुविधा शुरू की गई है. इससे अब बीजापुर जिले के सुदूर ग्राम छूटवाई, गुंडेम, कोंडापाल्ली, गगनपल्ली, मुरकिनार के ग्रामीणों को संचार सुविधा का लाभ मिलेगा. इस नई पहल से अब ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क का लाभ मिलना संभव हो गया है. साथ ही मजबूत नेटवर्क एवं इंटरनेट की सुविधा से ग्रामीण अंचल के पढ़ने वाले छात्रों एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को ऑनलाइन पढ़ाई में लाभ मिलेगा. सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुलिस एवं प्रशासन द्वारा उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम से क्षेत्र में अब संचार की सुविधा बहाल हो चुकी है. स्थानीय निवासियों को अब आसानी से अपने परिवार के सदस्यों और अन्य व्यक्तियों से संपर्क स्थापित करने का अवसर प्राप्त हुआ है, जिससे उनके दैनिक जीवन में सहजता आई है. recent visitors 36

सीएम योगी ने बाराबंकी सड़क हादसे का लिया संज्ञान, राहत कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बाराबंकी में हुए एक सड़क हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सीएम योगी ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने के आदेश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस दुर्घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने की भी बात कही और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्नौज में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे का भी संज्ञान लिया था। इस दुर्घटना में सैफई मेडिकल कॉलेज के पांच डॉक्टरों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। कन्नौज में यह हादसा बुधवार तड़के करीब 4 बजे हुआ। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल स्कॉर्पियो कार आगरा की दिशा से लखनऊ जा रही थी। इसी दौरान कार के चालक को नींद आ गई और गाड़ी ने डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी दिशा में प्रवेश कर लिया। इसके बाद, कार एक ट्रक से टकरा गई। इस टक्कर के कारण कार के परखच्चे उड़ गए, जिससे मौके पर ही पांच लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद कार में चीख-पुकार मच गई, और पास से गुजर रहे लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत कार्य शुरू किया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग सैफई मेडिकल कॉलेज के पीजी डॉक्टर थे और वे किसी शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे।   recent visitors 37

25 अप्रैल 2025 को रिलीज होगी अक्षय कुमार- प्रभास की फिल्म ‘कन्नप्पा’

मुंबई,  बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार और दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार प्रभास की आने वाली फ़िल्म 'कन्नप्पा’ 25 अप्रैल 2025 को रिलीज होगी। फिल्म कन्नप्पा को लेकर फैंस का इंतजार खत्म हो गया है। अक्षय कुमार और प्रभास पहली बार एक साथ एक फिल्म में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म का एक पोस्टर जारी किया गया है,इसमें भगवान शिव के त्रिशूल के साथ रिलीज डेट अनाउंस की गई है। फिल्म कन्नप्पा इसी साली यानी 2024 में रिलीज होगी, लेकिन अब जो रिलीज डेट अनाउंस हुई वो अगले साल 2025 की है। यह फ़िल्म 25 अप्रैल 2025 को रिलीज होगी। फिल्म की कहानी भगवान शिव के भक्त कन्नप्पा जी की रियल कहानी पर आधारित है। तेलुगु लोककथाओं में से एक है कन्नप्पा की कहानी। यह भगवान शिव के अनन्य भक्त थे। कन्नपा एक नास्तिक और निडर योद्धा थे, लेकिन बाद में वो भगवान शिव के परम भक्त बन गए। ये भगवान शिव के इतने बड़े भक्त थे की इन्होंने अपनी आंख निकाल कर भगवान शिव को समर्पित कर दी थी।   recent visitors 31