पीएम मोदी की पत्नी जशोदा बेन महाकाल के दर पर, किये महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन

उज्जैन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन इन दिनों निजी कार्यक्रम के तहत धार्मिक नगरी उज्जैन में हैं। शुक्रवार को वे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए और भोग आरती में शामिल हुईं। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित अर्पित गुरु ने बताया कि जशोदाबेन ने बाबा महाकाल के चांदी द्वार पर माथा टेककर पूजन-अर्चन और जलाभिषेक किया। इसके बाद, उन्होंने नंदी हॉल में जाकर नंदीजी के कानों में अपनी मनोकामनाएं कही और ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए ध्यान लगाया। बाबा महाकाल की अनन्य भक्त जशोदाबेन बाबा महाकाल की अनन्य भक्त मानी जाती हैं और समय-समय पर उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करती रहती हैं। इससे पहले भी वे कई बार बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने यहां आ चुकी हैं। इस बार उनकी धार्मिक यात्रा में परिवार के कुछ सदस्य भी साथ थे। खजराना गणेश मंदिर में भी दर्शन बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन बुधवार रात 11:30 बजे इंदौर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर में भगवान के दर्शन किए और सुख-शांति की कामना की। गुरुवार सुबह उन्होंने साउथ तुकोगंज स्थित नाथ मंदिर में माधवनाथ महाराज की पूजा-अर्चना की। जशोदाबेन की महाकाल के प्रति विशेष श्रद्धा जशोदाबेन बाबा महाकाल की अनन्य भक्त मानी जाती हैं और समय-समय पर उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करती रहती हैं। यह उनकी इस मंदिर में की गई यात्रा कोई नई बात नहीं है क्योंकि वे पहले भी कई बार यहां आ चुकी हैं। इस बार उनकी धार्मिक यात्रा में कुछ पारिवारिक सदस्य भी उनके साथ थे। recent visitors 122

सर्दियों में आंवला: मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और सर्दी की समस्याओं का प्रभावी समाधान

ओरिजिनल का सीजन आ गया है और इन दिनों इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए आपको आंवले का सेवन करना चाहिए। एक ऐसा सुपरफूड है जो सेहत के लिए छोटे से लेकर बड़ी तक कई स्वास्थ्य समस्याओं में मदद करता है। ​आंवला के कई फायदे हैं। यह थायर ऑर्केस्ट्रा को मदद करने में मदद करता है। बाल झड़ने से पहले फिल्म शुरू होती है और समय से पहले सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा कर दिया जाता है। इसके अलावा यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है और एसिडिटी, पेट फूलना और अन्य गैस्ट्रिक समस्याओं से राहत देता है। आयुर्वेद चिकित्सक संग्रहालय भावसार ने बताया कि आचार्य आचार्य ने आँवले को सबसे बेहतरीन औषधि देने वाली औषधि के बारे में बताया है। असली में रोजमर्रा की सब्जियों के फायदे क्या-क्या हैं और इसके ज्यादा फायदे लेने के लिए आपको इसका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए। आयुर्वेदिक गुण (आयुर्वेदिक गुण) रस: यह खट्टा होता है और बाकी सभी स्वाद (खट्टा, मीठा, तीखा, कड़वा, कसाईला) मौजूद होते हैं, स्वाद स्वाद के। अलौकिक: अलौकिक प्रकृति का। विपाक (पाचन प्रभाव): मीठा। दिल और ब्लड शुगर के लिए बढ़िया एलएलसी कम करता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, विटामिन सी का बेहतरीन गुण है और इम्युनिटी बढ़ाता है, एशिया में मजबूती से आराम देता है। त्वचा और बालों के लिए अद्भुत काम करता है। ​ ख़ून करता है साफ़ उच्च गुणवत्ता वाला ख़ून साफ़ करता है, जिससे त्वचा के प्रभाव जैसे मुँहासे, रूखापन, लालिमा और डेने दूर रहते हैं। त्वचा को चमकाना और बालों को मजबूत बनाना है।आंखों की रोशनी पाना है। वजन कम करने में मदद औसत वजन को नियंत्रित किया जाता है और वृद्धि से शुरूआत की जाती है। वैज्ञानिकों के शोध से यह सिद्ध हुआ है कि एंटी-एजिंग, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-डायबिटिक, सूजन कम करने वाला, लिवर की रक्षा करने वाला और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुण होते हैं। आंवले का सेवन कैसे करें? एक टेम्पल पानी लें। इसमें एक चुटकी हल्दी और आधा नमक मिलाप। आँवले को 3-4 दिन तक इस पानी में पतला रखें। रोज़ एक फर्मेंटेड इंस्टीट्यूट। recent visitors 78

मजदूर की वजह से नेटवर्क की खुली पोल, गुजरात के गोदाम में छाप रहे थे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, चार गिरफ्तार

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में नकली ऑस्ट्रेलियाई डॉलर छापने के आरोप में पुलिस ने एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वटवा के एक गोदाम से नकली नोट मिले हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को अहमदाबाद के वेजलपुर में नकली करेंसी सर्कुलेशन के बारे में सूचना मिल थी। जिसके बाद इस रैकेट का भंडाफोड़ किया गया। 24 साल के मजदूर रौनक राठौड़ को सबसे पहले 50 डॉलर के 119 नकली ऑस्ट्रेलियाई नोट बदलने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था। उसने पूछताछ में बताया कि उसे नकली नोट 24 साल के खुश पटेल से मिले थे, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पुलिस को कथित मास्टरमाइंड 36 साल के मौलिक पटेल तक पहुंचाया, जो एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी है। एसओजी को पता चला कि मौलिक पटेल 20 साल के छात्र ध्रुव देसाई के साथ मिलकर वटवा केएक कारखाने में नकली ऑस्ट्रेलियाई डॉलर छापने का काम करता है। पुलिस ने 50 डॉलर के 32 तैयार नकली नोट और 18 आंशिक रूप से छपे हुए नोट बरामद किए हैं। जब्त की गई वस्तुओं की कुल कीमत 11,92,500 है, जिसमें 2,10,000 मूल्य के सात मोबाइल फोन और 16,500 भारतीय करेंसी शामिल है। पुलिस ने नकली करेंसी के लिए टेम्पलेट के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली असली करेंसी भी बरामद की। पिछले महीने नवरंगपुरा इलाके में एक सर्राफा व्यापारी से 500 रुपये के नकली नोटों की स्कीम के जरिए 1.6 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। नकली नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर की जगह बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर की तस्वीर छपी थी। यह घोटाला 2,100 ग्राम सोने के सौदे के तहत सामने आया, जिसकी कीमत 1.6 करोड़ थी। recent visitors 60

हंगामा नहीं थमा तो श्री बिरला ने सदस्यों से कहा- देश की जनता चाहती है कि उनके सवाल यहां पर उठे, नहीं चला प्रश्नकाल

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने आज फिर हंगामा और शोरशराबा किया जिसके कारण सदन में प्रश्नकाल बाधित रहा और अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई विपक्ष के सदस्य अपनी मांगों को लेकर खड़े हो गए और सदन में चर्चा की मांग करने लगे। अध्यक्ष ने सदस्यों की बात अनसुनी कर प्रश्न काल जारी रखा तो विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा तेज हो होने लगा। प्रश्नकाल में सबसे पहला मुद्दा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का आया जिसमें मंत्री, सदस्य का सवाल और शोर शराबे के कारण सुन नहीं पाए और उन्होंने दोबारा प्रश्न करने का आग्रह किया। हंगामे के बीच सदस्य ने दोबारा सवाल किया जिसका स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेप नड्डा ने लंबा जवाब दिया लेकिन शोर शराबे में कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। हंगामा नहीं थमा तो श्री बिरला ने सदस्यों से कहा “ देश की जनता चाहती है कि उनके सवाल यहां पर उठे। यह सदन उनकी आशा और आकांक्षा का मंदिर है और उसमें सबको सहयोग करना चाहिए। आज महत्वपूर्ण विषय है। प्रश्नकाल आपका समय है इसलिए आपसे आग्रह है कि प्रश्नकाल चलने दें। देश की जनता माननीय सांसदों के बारे में और अपने मुद्दों को लेकर चिंता कर रही है। सदन सबका है इसलिए सदन चलने दीजिए। आपके जो मुद्दे हैं उन सब पर बोलने का आप सबको मौका दिया जाएगा।”   recent visitors 81

आइकोनिक टूरिज्म प्रोजेक्ट्स के द्वारा छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को केंद्र सरकार से एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024-25 के तहत राज्य की दो महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं के लिए 147.66 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की है।  इसके अंतर्गत 95.79 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण तथा 51.87 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में जनजातीय और सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शामिल है। छत्तीसगढ़ में इन परियोजनाओं के शुरू होने से राज्य में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। ये योजनाएं रोजगार सृजन, विकास और छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र में  स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से 15 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की पर्यटन गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के तहत राजधानी रायपुर में फिल्म सिटी, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिसॉर्ट और नेचर सिटी के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे जिसके परिप्रेक्ष में फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 147.66 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। पर्यटन मंत्रालय,भारत सरकार के इस ठोस कदम से छत्तीसगढ़ में फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए फिल्म सिटी निर्माण के माध्यम से अपार संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्य को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में नए अवसर खोल रही है। recent visitors 66

सफल क्लेविकल फ्रैक्चर सर्जरी सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं के बढ़ते स्तर को दर्शाती है

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रतलाम मेडिकल कॉलेज द्वारा जागरूक क्लेविकल फ्रैक्चर सर्जरी का सफलतापूर्वक संपादन प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सर्जरी न केवल सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं के बढ़ते स्तर को दर्शाती है, बल्कि यह साबित करती है कि हमारे डॉक्टर्स और चिकित्सा कर्मियों की विशेषज्ञता किसी से कम नहीं है। उन्होंने इस उपलब्धि के चिकित्सकीय टीम को बधाई दी है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में चिकित्सा अधोसंरचना के सतत विकास और उत्कृष्ट एवं अत्याधुनिक सेवाओं के प्रदाय का कार्य सतत् चल रहा है। उल्लेखनीय है कि डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम में पहली बार मेडिकल कॉलेज की ऑर्थोपेडिक और इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन टीम ने जागरूक क्लेविकल फ्रैक्चर सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह सर्जरी विशेष है, क्योंकि मरीज सर्जरी के दौरान पूरी तरह जागरूक था और लगातार सर्जन और पेन फिजिशियन के साथ संवाद करता रहा। इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में ऑर्थोपेडिक्स विभाग से डॉ. योगेश तिलकर (एसोसिएट प्रोफेसर) और डॉ. उत्सव शर्मा (असिस्टेंट प्रोफेसर) शामिल थे। एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर और पेन मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शैलेंद्र डावर के मार्गदर्शन में सर्जरी पूरी की गई। सर्जरी के दौरान इंटरस्केलिन ब्लॉक और सुपरफिशियल सर्वाइकल प्लेक्सस ब्लॉक का उपयोग किया गया, जिसे अल्ट्रासाउंड मशीन की सहायता से सटीकता के साथ लागू किया गया। डीन प्रो. डॉ. अनीता मूथा ने बताया कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम जल्द ही एडवांस पेन क्लीनिक की शुरुआत करेगा। इसमें क्रॉनिक कैंसर पेन, स्पॉन्डिलोसिस पेन, लो बैक पेन, फ्रोजन शोल्डर पेन, एल्बो और नी पेन, और हिप जॉइंट पेन जैसी जटिल समस्याओं का इलाज किया जाएगा।   recent visitors 75

अजमेर याचिकाकर्ता हिंदू सेना के प्रमुख ने वाद का आधार एक किताब को बनाया है जो 113 साल पहले प्रकाशित हुई थी

अजमेर अजमेर शरीफ दरगाह के नीचे शिवमंदिर होने का दावा करते हुए अजमेर की एक अदालत में याचिका दायर किए जाने को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया तो इस मुद्दे पर बयानबाजी की बाढ़ आ गई। याचिकाकर्ता हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता ने वाद का आधार एक किताब को बनाया है जो 113 साल पहले प्रकाशित हुई थी। इस किताब के लेखक हरबिलास शारदा हैं, जो उस दौर में अजमेर में जानेमाने शख्सियत थे। 3 जून 1867 को अजमेर में जन्मे हरबिलास शारदा बीए की डिग्री ली थी। वह आगे की पढ़ाई के लिए ऑक्सफोर्ड जाना चाहते थे, लेकिन तभी पिता की मौत की वजह से उन्हें अपना विचार बदलना पड़ा। महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों से प्रेरित होकर वह उनकी संस्था से जुड़ गए थे। 21 साल की उम्र में वह अजमेर आर्य समाज के प्रमुख बन गए थे। शुरुआत में वह शिक्षक बने और फिर बाद में न्यायिक सेवा में चले गए। 1892 में वह अजमेर-मेरवाड़ा प्रांत के न्यायिक विभाग में नियुक्त हुए। वह कई अदालतों में जज के रूप में अपनी सेवा देने के बाद वह दो बार विधायक भी बने। 1926 और 1930 में वह अजमेर-मेरवाड़ा सीट से प्रतिनिधि चुने गए थे। 1929 में उन्होंने ही बाल विवाह निषेध अधिनियम पारित कराया था जिसे शारदा ऐक्ट के नाम से भी जाना जाता है। हरबिलास सारदा ने कई किताबें भी लिखीं। इनमें 'अजमेर: हिस्टोरिकल एंड डिसक्रिप्टिव' प्रमुख है। 1911 में प्रकाशित हुई इस किताब में उन्होंने ख्वाजा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के जीवनकाल और उनके दरगाह को लेकर कई अहम बातें लिखी हैं। इसी किताब में हरबिलास सारदा ने कहा है कि दरगाह का निर्माण मंदिर अवशेषों पर किया गया है। अब इस किताब को ही आधार बनाकर कोर्ट में वाद दायर किया गया है। दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करते हुए एक वाद अजमेर की स्थानीय अदालत में दायर किया गया था। अदालत ने बुधवार को वाद को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया और अजमेर दरगाह समिति, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), दिल्ली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने संभल स्थित जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था, क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि इस जगह पर पहले मंदिर था। इसके बाद हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई। अजमेर के इस ताजा विवाद के कारण कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि यह शहर भी 'सांप्रदायिक तनाव' की ओर बढ़ सकता है। recent visitors 87