केरल में घर पर है BMW कार और गरीबों को मिलने वाली ले रहे सरकारी पेंशन, ऑडिट रिपोर्ट से हड़कंप

केरल केरल में वित्त विभाग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के संबंध में एक समीक्षा की है, जिसमें पता चला कि बीएमडब्ल्यू कारों के मालिक और एसी कमरों में रहने वाले लोग पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। केरल में राजपत्रित अधिकारियों और कॉलेज के प्रोफेसरों समेत लगभग 1,500 सरकारी कर्मचारियों के फर्जी तरीके से सामाजिक सुरक्षा पेंशन हासिल करने खबर सामने आई है। इसे लेकर बड़े पैमाने पर आक्रोश फैला हुआ है। आर्थिक रूप से मजबूत पृष्ठभूमि के लोगों के सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने का यह मामला मलप्पुरम जिले के कोट्टक्कल नगर पालिका से सामने आया है। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार पूरे राज्य में ऐसा ऑडिट किया जाएगा, जिसका लक्ष्य सभी गैर पात्र व्यक्तियों को लाभार्थी सूची से हटाना है। इसके अलावा, सभी स्थानीय स्वशासी निकायों को बैंक खातों में पेंशन राशि हासिल करने वाले लाभार्थियों की पात्रता का नियमित मूल्यांकन करने का निर्देश दिया जाएगा। राज्य के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने कोट्टक्कल मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने शुक्रवार को उन अधिकारियों की सतर्कता जांच के आदेश दिए, जिन्होंने गरीबों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में ऐसे समृद्ध व्यक्तियों को शामिल किया था। सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने की जांच एक सूत्र ने कहा, 'वित्त मंत्री ने पात्रता का सत्यापन करने वाले अधिकारियों, आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले राजस्व अधिकारियों और पेंशन को मंजूरी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सतर्कता जांच की बात कही है। वित्त विभाग ने प्रशासनिक विभागों को तुरंत कार्रवाई की रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है।' कोट्टक्कल नगर पालिका के 7वें वार्ड में सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से जांच की गई। इससे पहले मलप्पुरम वित्त लेखा परीक्षा विभाग ने पेंशन लाभार्थियों की जांच की थी। सूत्र ने कहा, '42 लाभार्थियों की जांच की गई, जिनमें से 38 अयोग्य पाए गए और एक की मृत्यु हो चुकी है।' अधिकारियों के अनुसार, ऑडिट में बीएमडब्ल्यू कारों के मालिकों समेत अपात्र व्यक्तियों के पेंशन का लाभ लेने जैसे चौंकाने वाले मामले सामने आए। एक अधिकारी ने कहा कि कुछ पेंशनभोगी कथित तौर पर एयर कंडीशनर जैसी सुविधाओं वाले घरों में रहते हैं। ऐसे भी उदाहरण मिले, जिनमें सरकारी नौकरी कर चुके पेंशनभोगियों के पति या पत्नी कल्याण पेंशन ले रहे थे। ऑडिट में पता चला कि कई अपात्र लाभार्थी 2,000 वर्ग फुट से बड़े मकानों में रह रहे हैं। बड़े पैमाने पर अयोग्य लाभार्थी हैं शामिल वित्त विभाग को एक ही वार्ड की पेंशन सूची में बड़े पैमाने पर अयोग्य लाभार्थियों को शामिल करने के पीछे भ्रष्टाचार और मिलीभगत का संदेह है। सरकार ने कोट्टक्कल नगर पालिका में सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों की पात्रता की जांच करने का निर्णय लिया है। स्थानीय स्वशासन विभाग को यह मामला सामने आने के बाद नगर पालिका को निर्देश देने के लिए कहा गया है। इससे पहले, सूचना केरल मिशन की ओर से किए गए निरीक्षण में पता चला था कि राज्य में 1,458 सरकारी कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। मिशन ने वित्त मंत्री बालगोपाल से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अपील की गई थी। recent visitors 66

पहुंचविहीन इलाकों में सरपट पहुंच रही बाइक एंबुलेंस, चार हजार से ज्यादा लोगों को मिल चुका है फायदा

बिलासपुर कोटा के सुदूर वनांचलों में बसे गांवों में वो दिन लद गए जब अस्पताल तक नहीं पहुंच पाने की वजह से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया न हो पाता था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलायी जा रही योजनाओं से ग्रामीणों को त्वरित स्वास्थ्य सेवा मिलने लगी है। बाइक एम्बुलेंस की सुविधा चौबीसों घंटे आदिवासियों को मिल रही गर्मी, बरसात या सर्दी सभी मौसम में बाइक एम्बुलेंस की सुविधा चौबीसों घंटे आदिवासियों को मिल रही है। कोटा ब्लाक के एक बड़े हिस्से में विषम भौगोलिक परिस्थिति के चलते सड़क मार्ग से पहुंच पाना संभव नहीं होता है। ऐसे में ग्रामीणों को आपातकाल स्थिति में घर से अस्पताल आने-जाने के लिए बाइक एम्बुलेंस निश्शुल्क परिवहन का एक अच्छा माध्यम बन गया है। निःशुल्क सुविधा संगवारी एक्सप्रेस में बाइक को एक मिनी एम्बुलेंस की तरह बनाया गया है। इसमें एक मरीज को बिना असुविधा के अस्पताल तक पहुचांया जा सकता है। यह बिल्कुल निःशुल्क सुविधा है। कोटा ब्लाक के सुदूर वनांचलों में रहने वाली गर्भवती महिलाएं सहित अन्य लोगों के लिए बाइक एम्बुलेंस संजीवनी साबित हो रही है। क्षेत्र के हिसाब से ऐसे मिल रहा सेवा का लाभ विकासखंड कोटा में बाइक एम्बुलेंस की सुविधा मार्च 2024 से शुरू किया गया है। शुरू होने से अब तक 4089 मरीजों को इसका सीधा लाभ मिला है। इसमें सभी वर्ग के मरीज शामिल हैं। इसमें शिवतराई पीएचसी अंतर्गत 1108, कुरदर अंतर्गत 850, केंदा अंतर्गत 1310, आमागोहन अंतर्गत 821 मरीजों को बाइक एम्बुलेंस की सुविधा मिली है। बाइक एंबुलेंस के जरिए वनांचल क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए केन्द्र तक लाया जाता है और शिशुवती माताओं को प्रसव के बाद सुरक्षित घर भी पहुंचाया जाता है। आपात स्थिति में नहीं अब परेशानी वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण इस सुविधा से काफी खुश है। उनका कहना है कि जहां वे पहले इलाज के लिए मिलों दूर पैदल चलकर कठिनाईयों का सामना कर अस्पताल पहुंचते थे। लेकिन बाइक एंबुलेंस की सुविधा मिलने से अब कठिनाइयां आड़े नहीं आ पाती है और मरीजों को बिना देरी के तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मैं और मेरा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ मंजगवा की मनीषा को बाइक एम्बुलेंस के जरिए प्रसव के लिए केंदा अस्पताल लाया गया था। वे कहती हैं कि इस सुविधा के चलते ही मैं और मेरा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। वहीं छतौना की 35 वर्षीय मंदाकनी को भी बाइक एम्बुलेंस के जरिए केंदा अस्पताल लाया गया था और उन्हें समय पर इलाज मिला। इसके अलावा बाइक एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बच्चों के टीकाकरण एवं मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है। recent visitors 56

राज्यपाल गुरमीत सिंह पहुंचे हरिद्वार , हरकी पैड़ी पर की पूजा-अर्चना, गंगा आरती में हुए शामिल

हरिद्वार. उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने हरकी पौड़ी पहुंचकर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया। इसके साथ ही गंगा आरती में शामिल होकर देश-प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें गंगा पूजन का अवसर मिला है। राज्यपाल के हरकी पौड़ी पहुंचने पर श्री गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज झा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि, प्रचार सचिव शैलेश मोहन ने अंगवस्त्र और गंगाजलि आदि भेंट कर स्वागत किया।  इस दौरान जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी भी मौजूद रहे।   recent visitors 71

‘आदुजीविथम’ जीवन, उम्मीद की प्रेरक गाथा है : ब्लेसी

पणजी, निर्देशक ब्लेसी का कहना है कि उनकी फिल्म ‘आदुजीविथम’ जीवन और उम्मीद की प्रेरक गाथा है। मलयालम फ़िल्में, आदुजीविथम और थानुप, ने गोवा में 55वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (इफ्फी) में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में, दोनों फिल्मों के कलाकारों और फिल्म-निर्माण कर्मियों ने मीडिया को संबोधित किया और रचनात्मक प्रक्रिया एवं फिल्मों के गहन विषयों के बारे में जानकारी साझा की। प्रशंसित फिल्म निर्माता ब्लेसी द्वारा निर्देशित, आदुजीविथम सबसे से ज्यादा बिकने वाले बेन्यामिन के उपन्यास पर आधारित है, जो जीवन को बनाये रखने की एक दर्दनाक कहानी है। यह फिल्म नजीब की कहानी है, जो केरल में अपने परिवार को छोड़कर मध्य-पूर्व में बेहतर जीवन की तलाश में जाता है, लेकिन खुद को एक बकरी के खेत में गुलाम पाता है। अपनी पहचान से वंचित, नजीब अपनी भावनाओं को बचाने के लिये सभी बाधाओं से लड़ता है, उसे खेत में बकरियों और ऊंटों के साथ बने बंधन में सांत्वना मिलती है। ब्लेसी ने अपने संबोधन में इस कहानी के उन पर पड़े गहरे प्रभाव को साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे नजीब की कहानी, जो अकल्पनीय कठिनाइयों को झेलता है, कई लोगों द्वारा सामना किये जाने वाले संघर्षों का प्रतिबिंब है। उन्होंने इफ्फी में फिल्म को मिली शानदार प्रतिक्रिया के लिये आभार व्यक्त किया, इसे न केवल जीवित रहने की कहानी, बल्कि उम्मीद की कहानी बताया। रागेश नारायणन द्वारा निर्देशित थानुप्प, बांझपन के ज्वलंत मुद्दे को चित्रित करती है, जो बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के कारण आधुनिक दम्पतियों के बीच एक आम चिंता का विषय है। यह फिल्म एक खूबसूरत गांव में रहने वाले युवा दम्पति प्रधीश और ट्रीसा के संघर्षों पर आधारित है। अपनी बांझपन के कारणों की उनकी खोज गपशप, निर्णय सुनाने और जिस समुदाय में वे रहते हैं, उसी के द्वारा उनकी निजता पर आक्रमण के कारण जटिल हो जाती है। recent visitors 77

महानदी पर मेघा पुल टूटने से लोग परेशान, वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

धमतरी जिले के मेघा गांव में महानदी पर पुल टूटने के बाद वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया. इसके चलते स्टेट हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई है. बता दें कि मेघा महानदी पुल दो महीने पहले टूटा है. इसके बाद इस मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी गई है. इसके कारण राजिम, मगरलोड क्षेत्र के लोगों को कुरूद जाने के लिए कई किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा. बता दें कि नब्बे के दशक में तत्कालीन विधायक स्व. दीपा साहू के प्रयास से महानदी पर मेघा पुल का निर्माण कराया गया था. इस पुल के बनने से मगरलोड, नगरी, गरियाबंद क्षेत्र में कुरुद की कन्केक्टिविटी बढ़ी, जिससे वन क्षेत्रों में विकास की किरणें जगने लगी थी, लेकिन रेत माफियाओं ने क्षेत्र की इस अनमोल धरोहर को भी नहीं छोड़ा. गाड़ाडीह और मेघा के बीच महानदी पर बने पुल के तीन पिल्लर गिर गए, नीचे का सपोर्ट खत्म हो जाने से पुल में दरार आ गई है. अब यह पुल धंसता और टूटता जा रहा है. recent visitors 147

विदेश में शरण मांगने वालों पर भड़की सरकार, शरण के लिए करते है भारत को बदनाम: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशों में शरण के लिए आवेदन करने और शरण पाने वाले लोगों की वास्तविक संख्या के बारे में सरकार के पास सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही सरकार का कहना है कि शरण के लिए अपील करने वाले दूसरे देशों में भारत को बदनाम करने का काम करते हैं। राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने सटीक संख्या नहीं होने को लेकर बताया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि संबंधित विदेशी सरकारें गोपनीयता और डेटा सुरक्षा कानूनों के कारण ऐसे आंकड़ों को साझा करने में असमर्थता का हवाला देती हैं। वरिष्ठ सदस्य कपिल सिब्बल ने सरकार से विगत तीन वर्षों के दौरान विदेशों में शरण मांगने वाले भारतीयों की कुल संख्या पर सवाल किया था। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह सच है कि वर्ष 2021 और 2023 के बीच संयक्त राज्य अमेरिका में शरण मांगने वाले भारतीयों की संख्या में 800 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और उनमें से आधे गुजरात से हैं। इसके जवाब में सिंह ने कहा, 'शरण के लिए आवेदन करने वालों की संख्या और शरण पाने वाले लोगों की वास्तविक संख्या या शरण मांगने अथवा प्रदान करने के आधार के बारे में सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं है, क्योंकि संबंधित विदेशी सरकारें गोपनीयता और डेटा सुरक्षा कानूनों के कारण ऐसे आंकड़ों को साझा करने में असमर्थता का हवाला देती हैं।' उन्होंने कहा, 'भारत सरकार का मानना है शरण चाहने वाले, विदेशी सरकार से शरण के लिए आवेदन करते समय व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के लिए देश और समाज को बदनाम करते हैं जबकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जो सभी को अपनी शिकायतों का कानूनी तरीके से निवारण करने के लिए अवसर प्रदान करता है।' recent visitors 73

एमपी गजब: ग्रामीणों ने आरआई और पटवारी की पिटाई, नक्शा-खसरा भी फाड़ा

MP Amazing: Villagers beat RI and Patwari, even tore map and Khasra कटनी । जिले के एक गांव में सीमांकन करने गए आरआई और पटवारी के साथ ग्रामीण ने जमकर पिटाई कर दी। गांव के एक युवक ने नक्शा खसरा भी फाड़ दिया। राजस्व संघ की शिकायत पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दरअसल कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम गूडा में जमीन सीमांकन के दौरान गांव के ही युवक ने आरआई और पटवारी के साथ मारपीट कर दी। आरआई मोहन साहू ने बताया की गांव के सरपंच ने जमीन सीमांकन का आवेदन दिया था तहसीलदार के निर्देश पर सीमांकन करने के बाद पंचनामा कार्रवाई की जा रही थी, तभी गांव का महेंद्र लोनी आया और गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। विवाद के दौरान युवक ने नक्शा खसरा भी फाड़ दिया। विवाद में पटवारी मृगेंद्र शुक्ला और दान सिंह के साथ भी युवक ने मारपीट की। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस और राजस्व अधिकारियों को दी गई। देर शाम पटवारी संघ के द्वारा FIR लिखाई गई। थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान ने बताया कि आरआई के आवेदन पत्र के मारपीट और धमकाने वाले के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है recent visitors 206