Monday, July 6, 2026 8:22 am

मुखबिरी के आरोप में रात में घर से उठाया, छत्तीसगढ़-बीजापुर में नक्सलियों ने भाजपा नेता का गला घोंटा

बीजापुर. नक्सलियों ने पुलिस मुखबीरी के आरोप में एक भाजपा नेता की गला घोंटकर हत्या कर दी है। नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव से पहले नक्सली लगातार वारदात को अंजाम दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने बीती रात फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सोमनपल्ली निवासी भाजपा नेता कुड़ियाम माड़ो पिता मुरा कुड़ियाम उम्र करीब 35 को पहले घर से उठाकर ले गए। फिर घर से कुछ दूर ले जाने के बाद नक्सलियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी है। हत्या कर शव तोयनार चौक के पास फेंक दिया। घटना स्थल पर नक्सलियों ने पर्चा भी छोड़ा है। जिसमें माड़ो पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या किए जाने की बात लिखी गई है। इधर, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है। recent visitors 63

पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण अलाव बना सहारा, छत्तीसगढ़-पेंड्रा गौरेला मरवाही में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

पेंड्रा गौरेला मरवाही. अमरकंटक की तराई में बसे पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दो दिन पहले घने कोहरे से पूरा क्षेत्र कोहरे की चादर में लपटा नजर आने के बाद जब मौसम साफ हुआ तो ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। मौसम खुलते ही तापमान नीचे की ओर लुढका और यहां न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रो में ओस की बूंदे भी जमने लगी हैं। दिसंबर के महीने में पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। उत्तर भारत मे हो रही बर्फबारी का असर इस इलाके में भी देखने को मिल रहा है। इलाके का तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यहां दिन के वक्त धूप न निकलने की वजह से ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। ठंड की वजह से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग आग से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू होते ही स्कूली बच्चों की स्कूल टाइमिंग में भी जिला प्रशासन के द्वारा बदलाव कर दिया गया है। recent visitors 73

ये 5 संकेत हो सकते हैं गंभीर बीमारी का कारण, जानें इसका इलाज

Skin Disease: सोरायसिस इम्यून सिस्टम खराब होने की वजह से होती है, जो स्किन सेल्स को प्रभावित करता है। इसके कारण त्वचा लाल हो जाती है और अक्सर खुजली, दर्द और सूजन रहती है। सोरायसिस के कई कारण हो सकते हैं। दुनिया भर में लगभग 105 मिलियन लोग सोरायसिस से पीड़ित हैं, जो एक पुरानी ऑटोइम्यून त्वचा की समस्या है। एक्सपर्ट कहते हैं कि सोरायसिस के पीछे का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन नेटिक फैक्टर्स, एनवायर्नमेंटल ट्रिगर्स और इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी इसका मुख्य कारण हो सकते हैं। इसके इलाज के लिए सिस्टमिक ट्रीटमेंट , फोटोथेरपी, टोपिकल ट्रीटमेंट और कॉर्टिकोस्टेरॉइड उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं कि इसके और क्या-क्या इलाज हो सकते हैं? सोरायसिस के लक्षण सोरायसिस का इलाजरेगेन रेटिवे मेडिसिन- रेगेन रेटिवे मेडिसिन सोरायसिस मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें स्टेम सेल उपचार, प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) थेरेपी और ऊतक इंजीनियरिंग जैसे इलाज शामिल हैं, जिनका उद्देश्य शरीर को नेचुरली हेल्दी रखना होता है। रेगेन रेटिवे मेडिसिन सोरायसिस के मूल कारण को संबोधित करने की संभावना प्रदान करती है। स्टेम सेल्स- स्टेम सेल सोरायसिस के इलाज में सबसे अच्छा इलाज माना जाता है। वे दागदार या डैमेज स्किन को हेल्दी बनाता हैं। साथ ही सोरायसिस से प्रभावित वाली त्वचा कोशिकाओं के तेजी से होने वाले बदलाव को धीमा करने के लिए इम्युन को बढ़ावा देता है। पीआरपी थेरेपी- पीआरपी थेरेपी भी सोरायसिस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। ये स्किन से निकालना औक प्लेटलेट्स को कम करने में मदद करता है। ये थेरेपी घाव भरने में तेजी लाती है और सोरायसिस प्रभावित हिस्सों को अधिक प्रभावी ढंग से ठीक करके इसकी की गंभीरता को कम करती है। recent visitors 160

भोपाल में आज बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड, 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खाते में सीएम 334 करोड़ रुपये भेजेंगे

 भोपाल  मध्य प्रदेश में आज गीता जयंती पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव अंतर्गत लाल परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहली बार पांच हजार से अधिक आचार्यों द्वारा गीता के तृतीय अध्याय कर्म योग का सस्वर पाठ कर विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज कराने की दावेदारी राज्य सरकार जताएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ गीता की शिक्षा से प्रदेशवासियों के जीवन को आलोकित करने और सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए गीता जयंती पर बड़े स्तर पर गीता पाठ किया जा रहा है। भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति होगी राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जाएगा। साथ ही साधो बैंड मुंबई द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी जाएगी। मध्य प्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद् भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जाएगी। मोहन सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर आज से मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व और जन-कल्याण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री पर्व व अभियान का शुभारंभ करेंगे। लाल परेड मैदान की ओर कई मार्ग रहेंगे परिवर्तित बुधवार को लाल परेड मैदान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सुबह आठ बजे से कार्यक्रम स्थल के आसपास के कुछ मार्ग परिवर्तित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान रोशनपुरा चौराहा से गांधी पार्क, लालपरेड मैदान की ओर, डीबी सिटी तिराहे से जेल रोड, लिली चौराहे से जहांगीराबाद पर यातायात का काफी दबाव रहेगा। इसलिए टीटीनगर न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की ओर जाने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें लिंक रोड नंबर-एक से होते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहा, सुभाष नगर आरओबी, बोगदापुल से होकर भारत टाकीज होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। रेलवे स्टेशन से आने वाली बसें होंगी डायवर्ट वहीं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से टीटी नगर की ओर आने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें भारत टॉकीज से होते हुए पुल बोगदा, सुभाष नगर आरओबी, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-एक, ईओडब्ल्यू आफिस के सामने, बीएसएनएल तिराहा, प्रेस कांप्लेक्स, बोर्ड ऑफिस चौराहे से होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। इसी तरह लोक परिवहन एवं अनुमति प्राप्त सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश लाल परेड की ओर आने वाले मार्गों डीबी सिटी तिराहे से जेल मुख्यालय रोटरी की ओर, लिली चौराहे से पुलिस मुख्यालय की ओर, रोशनपुरा से गांधी पार्क तिराहे की ओर पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। recent visitors 46

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति का खुद पर होना चाहिए विश्वास

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति का खुद पर विश्वास होना बेहद जरूरी होता है। लोग अकसर सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी की वजह से मेहनती होते हुए भी सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं। आत्मविश्वास का मतलब है, खुद पर भरोसा करना और अपनी क्षमताओं के बारे में सकारात्मक सोचना। व्यक्ति को समझना चाहिए कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की कमी लोगों के रिश्तों, काम या पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। जबकि व्यक्ति में सेल्फ कॉन्फिडेंस का अच्छा होना उसकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को सफल बनाने में मदद कर सकता है। अगर आप भी अपने लक्ष्य को पूरा करके सफलता हासिल करना चाहते हैं तो रोजाना सुबह अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए खुद से ये 5 बातें बोलना बिल्कुल ना भूलें। मैंने ये पहले किया है और मैं ये कर सकता हूं लाइफ के किसी भी मोड़ पर अगर आपको कोई काम करने में मुश्किल महसूस हो तो सबसे पहले शीशे के आगे खड़े होकर खुद से यह वाक्य जरूर कहें- 'मैंने इस तरह का काम पहले भी किया हुआ है और मैं ये काम भी आसानी से कर सकता हूं'। आपके खुद से ऐसा कहने से आपको अपने भीतर एक नया जोश महसूस होगा और आप वो मुश्किल काम भी आसानी से कर पाएंगे। किसी काम को करते समय अगर आपको महसूस हो रहा है कि आपका आत्मविश्वास कमजोर पड़ रहा है तो खुद से कहें-मैंने इससे ज्यादा कठिन परिस्थितियां देखी हैं, मैं आगे भी सब आसानी से कर सकता हूं। मुझे खुद की मेहनत और विवेक पर पूरा भरोसा है। सोच से बड़ा कुछ नहीं होता है, सोच हो, तो जज्बा आसान हो जाता है आपने यह कहावत तो बचपन से सुनी होगी कि 'जहां चाह, वहां राह'। इस कहावत को सच करने के लिए आप भी सुबह उठकर रोजाना खुद से कहते हुए महसूस करें, कि आप इस काम को करके ही विश्राम करेंगे। जब तक आप अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते आप शांत नहीं बैठेंगे। बाकी लोग कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं, मैं भी कर सकता हूं अपने भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने का यह सबसे अच्छा तरीका हो सकता है। आप रोजाना खुद से पछें कि अगर कोई काम आपका दोस्त या परिचित कर सकता है तो आप खुद वो काम क्यों नहीं कर सकते हैं। यकीन मानिए खुद से यह सवाल पूछते ही आपको अपने भीतर एक नया जोश और आत्मविश्वास महसूस होने लगेगा। बिना मेहनत किए किसी भी व्यक्ति को सफलता नहीं मिल सकती है। ऐसे में जीवन के किसी मोड़ पर आपको मुश्किलें देखकर निराशा महसूस होने लगे तो खुद से यह वाक्य जरूर कहें- जीवन है तो मुश्किलें तो आती रहेंगी, हार उसकी होती है, जो कोशिश ही नहीं करते हैं। इसलिए आप भी संघर्षों से डरे बिना अपने हिस्से का परिश्रम करते हुए लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते रहें। recent visitors 58

VIT भोपाल ने UHET को ₹10 लाख दान किए और लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए प्रेरणादायक सामाजिक पहलों का आयोजन किया

भोपाल चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन की 86वीं जयंती के अवसर पर, VIT भोपाल विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सल हायर एजुकेशन ट्रस्ट (UHET) को ₹10 लाख का दान किया, जिससे शैक्षिक सुधारों और आवश्यक सुविधाओं को समर्थन मिलेगा। इस कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया, जिसमें कोठरी में स्थित लड़कियों के छात्रावास एवं स्कूलों में प्रभावशाली पहलों का आयोजन किया गया। नृत्य प्रतियोगिताएं, क्विज़, खेल, नेतृत्व कार्यशालाएं और कौशल विकास सत्र आयोजित किए गए, जिनसे छात्रों में आत्मविश्वास, जागरूकता और सामंजस्य का विकास हुआ. जिनमें से कई को ऐसे अवसरों का अनुभव पहले नहीं हुआ था। छात्रों और जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए, जो समावेशिता को बढ़ावा देने का प्रतीक थे। पुरस्कार वितरण समारोह में श्री के.के. नायर, रजिस्ट्रार, VIT भोपाल विश्वविद्यालय और अन्य संकाय सदस्यों ने भाग लिया। इस आयोजन में डॉ. जी. विश्वनाथन, उपाध्यक्ष श्री संकर विश्वनाथन, सहायक उपाध्यक्ष श्रीमती कधंबरी एस. विश्वनाथन और ट्रस्टी श्रीमती रामानी बालसुंदरम जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां ऑनलाइन उपस्थित रहीं, जिन्होंने अपने दृष्टिकोण से सभी को प्रेरित किया, “एक लड़की को शिक्षा देना एक मजबूत परिवार और राष्ट्र के लिए दृढ़ नींव बनाता है।” यह अद्वितीय आयोजन VIT भोपाल की सामाजिक उत्थान और समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करता है। recent visitors 127

जीवन के हर सवाल का जवाब है भगवत गीता

श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का एक पवित्र आध्यात्मिक ग्रंथ है. इस उपनिषदों का सार भी माना जाता है. हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गीता जयंती का मानाई जाती है. आज श्रीमद्भागवत गीता की 5161 वीं वर्षगांठ हैं. श्रीमद्भगवागीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मानाई जाती है. इस दिन मोक्षदी एकादशी भी मनाई जाती है. भगवद गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक है, जो मनुष्यों को जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार ज्ञान प्रदान करते हैं. यानी श्रीमद्भागवत गीता में जीवन का सार छुपा है. जिसके अध्ययन करने से व्यक्ति को जीवन के सत्य और सभी उलझनों से निकलने का मार्ग मिलता है. इस महान ग्रंथ की रचना महर्षि वेदव्यास ने थी. भगवाद गीता की गणना उपनिषदों में होने के कारण इसे गीतोपनिष्द भी कहा जाता है. श्रीमद्भागवत गीता जीवन सार श्रीमद्भागवत गीता के पहले से लेकर अंतिम अध्याय तक भगवान कृष्ण युद्ध के दौरान अर्जुन को जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे रिश्तों का मोह, त्याग, नश्वर शरीर के बारें में बताते हैं. हर अध्याय अपने आप में जीवन के विभिन्न स्तर और स्थितियों को उजागर करता है. भगवद गीता के 18 अध्याय में 18 योग का वर्णन कर भगवान कृष्ण ने अर्जुन के अंदर प्रेम, मोह और डर को दूर किया था. गीता के हर योग ईश्वर से मिलने का मार्ग दिखाता है. यहां योग का अर्थ है आत्मा से परमात्मा का मिलन. जो कि इस प्रकार हैं- 1. अर्जुनविषाद योग, 2. सांख्य योग, 3. कर्म योग, 4. ब्रह्मयोग, 5. कर्म संयास योग, 6. आत्मसंयम योग, 7.ज्ञान-विज्ञान योग, 8. अक्षरब्रह्म योग, 9. राज विद्या गुह्य योग, 10. विभूति विस्तारा योग, 11. विश्वरूप दर्शन योग, 12. भक्ति योग, 13. क्षेत्र विभाग योग, 14. गुणत्रय विभाग योग, 15. पुरुषोत्तम योग, 16. दैवासुरस्मपद् विभाग योग, 17. श्रद्धात्रय विभाग योग, 18. मोक्ष सन्यास योग. इनमें से तीन योग ज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग जो मनुष्य के जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं . श्रीमद्भागवत गीता का सार महाभारत युद्ध की के साथ भगवद गीता के उपदेशों की भी शुरुआत हुई. जिसमें श्रीकृष्ण अपने उपदेशों से अर्जुन को मोह से बहर निकलकर कर्म करने की करने की ओर अग्रसर होने का संदेश देते हैं. वहीं भगवद गीता का दूसरा अध्याय सबसे महत्वपूर्ण हैं. क्योंकि इस अध्याय में संपूर्ण गीता सार निहित है. इसमें अर्जुन पूर्ण रूप से श्रीकृष्ण अपना गुरु और मार्गदशक स्वाकर करते हैं. जिसके युद्ध और बदलती स्थितियों के हिसाब से भगवान कृष्णु अर्जुन को उपदेश देते हैं. भगवान गीता के अंत यानी आखिरी अध्याय में श्रीकृष्ण संन्यास और त्याग के बारे में बताते है. वह कहते है कि आध्यात्मिक अनुशासन के लिए एक संन्यासी परिवार और समाज का त्याग कर देते है. लेकिन त्याग करने वाला व्यक्ति परिवार और समाज के साथ रहकर औऱ अपने कार्मो और उससे मिलने वाले फलों की चिंता किए बिना भगवान के प्रति समर्पित होकर निष्काम भाव से कर्म करता हैं. इसके अलावा जीवन-मृत्यु चक्र और आत्मा की शुद्धता और महत्व को विस्तार से समझाया गया है. श्रीमद्भागवत गीता अध्ययन के लाभ श्रीमद्भागवत गीता में निहित श्लोको जीवन दर्शन का एहसास कराते हैं. जिसमें व्यक्ति को जीवन के हर सवाल का जवाब मिलता है. रोजाना गीता पाठ करन से व्यक्ति को बहुत से लाभ मिलते हैं. मन हमेशा शांत रहता है. वितरित परिस्थियों में भी वह अपने मन पर काबू पाने की क्षमता रखता है. कामवासना, क्रोध, लालच और मोह, माया आदि के बंधनों से मुक्त हो जाता है और जो व्यक्ति इन सभी से मुक्ति पा लेता है उसका जीवन सुखमय तरीके से बीतता है. इसके अलावा श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करने से व्यक्ति का आत्मबल बढ़ता है और व्यक्ति साहसी और निडर बनकर अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ता रहता है. recent visitors 62