Monday, July 6, 2026 7:14 am

राजगढ़ एसपी ने बुजुर्ग को सड़क पर घायल पड़ा देख बिना देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाकर घायल को सीपीआर दिया

 राजगढ़ मंगलवार शाम को ब्यावरा से सारंगपुर जा रहे राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने बुजुर्ग को सड़क पर घायल पड़ा देख बिना देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाकर घायल को सीपीआर देने का प्रयास किया। यह था मामला मंगलवार शाम को राजगढ़ जिले के कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी आदित्य मिश्रा ब्यावरा से सारंगपुर जा रहे थे। इस दौरान करनवास के पास सड़क पर उन्हें घायल अवस्था में एक बुजुर्ग व्यक्ति दिखा। यह देख एसपी-कलेक्टर ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और बिना देरी किए सड़क पर उतरकर घायल बुजुर्ग की मदद करने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे पर पड़े हीरालाल सितार (70) निवासी किशनपुरिया को एक कार ने टक्कर मार दी थी। टक्कर मारने के बाद कार का चालक फरार हो गया और हीरालाल अचेत अवस्था में पड़े थे। सीपीआर देते हुए एसपी बोले- काका उठों इसके बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने घायल को बचाने के लिए सीपीआर देने की कोशिश की। उन्होंने मुंह से सांस देकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया और बुजुर्ग को होश में लाने के लिए 'काका' कहकर आवाज दी। इस दौरान कलेक्टर गिरिश कुमार मिश्रा भी उनके पास मदद के लिए खड़े रहे। इसके बाद मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वायरल हो रहा वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अफसरों का बुजुर्ग की मदद करने की घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस टक्कर मारने वाले कार चालक की तलाश कर रही है। recent visitors 44

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा         डॉ. मोहन यादव     आज गीता जयंती का अवसर अद्भुत और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी को गीता जयंती की मंगलकामनाएं…।     यह हमारा सौभाग्य है कि 8 से 11 दिसंबर 2024 की अवधि में चलने वाले इस महोत्सव में हमें गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जानने तथा व्यवहार में आत्मसात करने का अवसर मिला है। विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएं, मान्‍यताएं और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे हैं। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवद गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाना है। सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड स्थापित कर रहा है। इसी श्रृंखला में विद्यालयों में गीता पर केन्द्रित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लाखों विद्यार्थियों ने सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद्भगवद गीता में समझाई है वह हम सभी के लिये पाथेय के रूप में है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिये प्रासंगिक है।     भगवान श्रीकृष्ण ने पांच हजार साल पहले महाभारत की युद्ध भूमि कुरूक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी जिससे पवित्र गीता का अवतरण हुआ। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जो बातें कही गईं वह आज भी सम-सामयिक है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जिस गीता भाष्य की रचना की थी उसे क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह, राजगुरु आदि क्रांतिवीर अपने पास रखते थे। गीता भाष्य से प्रेरणा लेकर क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष किया। गीता हमारे लिये न केवल पवित्र ग्रंथ है बल्कि जीवन की सार्थकता सिद्ध करने का मार्ग भी है।     गीता का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध है। भगवान श्रीकृष्ण विद्याध्ययन के लिये मध्यप्रदेश की उज्जैन नगरी आये थे। यहां महर्षि सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई थी, इसी धरती पर उन्हें सुदर्शन मिला। श्रीमद्भगवद गीता आज भी पूरे संसार के लिये एक अद्भुत ग्रंथ है। संसार के लगभग प्रत्येक देश ने अपनी स्वभाषा में गीता का अनुवाद किया और विश्वविद्यालयों ने शोध किया। व्यक्तित्व विकास की आधुनिक पुस्तकों में ऐसा कोई सूत्र नहीं जिसका वर्णन श्रीमद्भगवद गीता में न हो। श्रीमद्भगवद गीता भारतीय दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सत्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍मबोध देती है और सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। यह भवन गीता के ज्ञान को साझा करने का महत्वपूर्ण स्थान होगा। यहां होने वाले विचार-विमर्श से लोगों के जीवन और व्यवहार में बदलाव आयेगा। हमने प्रदेश के सभी विकासखण्डों में एक गांव को चयनित कर वृंदावन गांव के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन गांवों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। वृंदावन गांव में जहां एक ओर प्राचीन संस्कृति को पुष्पित और पल्लवित किया जायेगा, वहीं दूसरी ओर जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जायेगा।     रामायण और श्रीमद्भगवद गीता हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं। हमारी युवा पीढ़ी को इन धर्म ग्रंथों के बारे में जानना आवश्यक है। इनके ज्ञान से अपने व्यक्तित्व और भविष्य को परिष्कृत किया जा सकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश करते हुए पाठ्यक्रमों में रामायण और गीता वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल की गई हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को गीता का ज्ञान भी दिया जा रहा है, जो धरातल पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के एक हाथ में श्रीमद्भगवद गीता है तो दूसरे हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पुस्तकें। यह बदलाव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है।     श्रीमद्भगवद गीता में कुल 700 श्लोक हैं। इनमें 574 श्रीकृष्ण उवाच अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण ने कुल 574 श्लोकों में जीवन का संदेश दिया है। व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ संपूर्ण प्रकृति और सृष्टि के जीवन के सभी विषय,हर समस्या का समाधान इन श्लोकों के सूत्रों में है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की सफलता केलिये अपने धर्म के पालन और एकाग्रता के साथ कर्मशीलता पर ही बल दिया है।                 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।         मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥          अर्थात् तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर है, कर्म के फल पर नहीं… इसलिए फल की चिंता किये बिना कर्म को ही कर्तव्य मानकर कार्य करो, उसी पर तुम्हारा अधिकार है।     गीता के अध्याय दो के इस श्लोक में किसी व्यक्ति के जीवन की सफलता का ही नहीं, समाज और राष्ट्र के विकास का भी यही सूत्र है। मनुष्य को अपना पूरा ध्यान अपने कर्म और कर्तव्य पर ही लगाना चाहिए। यदि व्यक्ति का समर्पण कर्तव्य के प्रति है तो उससे कोई अनुचित कार्य नहीं होगा और यदि पूरी आयोजना के साथ कर्म आरंभ किया है तो उसकी शत-प्रतिशत सफलता निश्चित है तब क्यों परिणाम के प्रति चिंतित होना चाहिए।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि श्रीमद्भगवद गीता की प्रेरणा से मध्यप्रदेश ने अपनी विकास यात्रा आरंभ की है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है "विकास के साथ विरासत"। इसीलिए एक ओर जहां विकास के लिये बहुआयामी योजनाओं पर काम हो रहा है वहीं भावी पीढ़ी के निर्माण और उन्हें अपने कर्म-कर्तव्य की प्रेरणा देने के लिये विरासत को भी संजोया जा रहा है। मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों में योगेश्वर और कर्मेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां बिखरी हुई हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण, महू के पास जानापाव में भगवान परशुराम से भेंट, धार जिले के अमझेरा में रुक्मणी वरण और शौर्य का प्रदर्शन आदि स्थानों में उनके स्मृति चिन्ह हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय निर्माण करने … Read more

एमएस इंडस्ट्रीज के गोदाम में मिला कई राज्यों से लाया पीडीएस का चावल, गेहूं व सोयाबीन

शिवपुरी  प्रशासनिक अमले ने मंगलवार को गुना बाईपास स्थित इंडस्ट्रीज एरिया में एमएस इंडस्ट्रीज पर छापा मार कार्रवाई की। इस छापामार कार्रवाई के दौरान अमले को वहां गरीबों के हक का पीडीएस का चावल, मंडी का टैक्स चोरी का गेहूं और सोयाबीन मिला। प्रशासनिक अमले ने सभी सामान को जब्त कर गोदाम को सील कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी को सूचना मिली कि इंडस्ट्रीज एरिया में एमएस इंडस्ट्रीज के संचालक अंकित पुत्र उमेश गोयल के गोदाम में पीडीएस का चावल आया है। सूचना पर उन्होंने एसडीएम उमेश कौरव, तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अनुपम शर्मा को मौके पर कार्रवाई करने के लिए भेजा। जब टीम मौके पर पहुंची तो गोदाम का गेट बंद था। टीम ने जब गेट खुलवाने का प्रयास किया तो गोदाम के कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से गेट खोले। 750 क्विंटल चावल, 600 क्विंटल सोयाबीन, 1051 क्विंटल गेहूं जब्त     गेट खोलने पर गोदाम के अंदर राजस्थान से आया एक बड़ा ट्रोला क्रमांक आरजे 06 जीडी 0711 रखा हुआ था, जिसमें चावल भरा होना बताया गया। चावल प्रथम दृष्टया पीडीएस का प्रतीत हुआ।     टीम ने जब गोदाम के अंदर जाकर देखा तो उसमें गेहूं, सोयाबीन भी रखा हुआ था। प्रशासनिक अमले ने मौके पर खाद्य विभाग, मंडी व नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी बुला लिया।     मौके से सामान के सैंपल चेक करवाए गए। इसके अलावा गेहूं व साेयाबीन टैक्स चोरी का है। टीम ने गोदाम में 750 क्विंटल पीडीएस का चावल, 600 क्विंटल सोयाबीन और 1051 क्विंटल गेहूं मौके से जब्त किया है। मप्र, पंजाब, उप्र व केंद्र सरकार के कट्टों में मिला गेहूं प्रशासनिक अमला भले ही गेहूं को टैक्स चोरी का गेहूं बता रही थी, परंतु रसद माफिया के गोदाम में जिन बोरों में गेहूं पैक रखा हुआ था, उनके ऊपर स्पष्ट रूप से एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन, एससीएससी मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन भारत सरकार के सौजन्य से उचित मूल्य की दुकान, गवर्नमेंट ऑफ पंजाब, उत्तर प्रदेश सरकार खाद तथा रसद अंकित था। यह बोरे इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह राशन न सिर्फ मप्र बल्कि उप्र, पंजाब के गरीबों के साथ-साथ, केंद्र सरकार की योजना का भी था। यह सारा राशन उक्त राज्यों के गरीब परिवारों तक जाना था, परंतु अंकित गोयल के गोदाम में पहुंच गया। आदिवासियों ने भी किया प्रदर्शन जब इस बात की जानकारी सहरिया क्रांति के आदिवासी कार्यकर्ताओं को लगी तो वह भी मौके पर पहुंच गए। आदिवसियों ने गोदाम पर पहुंच कर नारेबाजी की और रसद माफिया के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की। आदिवासियों का कहना था कि यह गेहूं और चावल उनके हक का है, जिसे माफिया ने अपने गोदाम में भरकर रखा है। उनके बच्चे भूखे रह कर कुपोषण से दम तोड़ रहे हैं। मौके पर न लाइसेंस मिल, न स्टॉक रजिस्टर खास बात यह है कि जिस समय टीम ने गोदाम पर छापामार कार्रवाई की, उस समय गोदाम में न तो लाइसेंस मिला, न स्टॉक रजिस्टर और न ही अन्य कोई दस्तावेज। सूत्र बताते हैं कि यह सभी दस्तावेज गोदाम में मौके पर ही मौजूद होना चाहिए था। टीम के कहने के बाबजूद कई घंटे बाद भी यह दस्तावेज फर्म संचालक ने तत्समय उपलब्ध नहीं करवाए। यह हालात घालमेल की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। recent visitors 21

मध्य प्रदेश में शीतलहर का असर, 16 शहरों में अगले 4 दिन शीतलहर का अलर्ट, रायसेन में जमी ओस

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों बर्फीली हवाओं की वजह से ठिठुर रहा है। दिन और रात का टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 4-5 दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बुधवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर-उज्जैन समेत प्रदेश के 16 जिलों में कोल्ड वेव का रहेगा असर। इससे पहले मंगलवार को प्रदेश के 15 जिलों में सर्द हवाएं चलीं। पचमढ़ी देश का 10वां सबसे ठंडा शहर रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, 'इस समय पश्चिम-उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। इन दोनों सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।' पचमढ़ी में एक रात में 1.7 डिग्री गिरा पारा मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात पचमढ़ी में 1.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। एक रात पहले यह 3.5 डिग्री सेल्सियस था यानी एक ही रात में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान नीचे आया है। यह भोपाल में 6.9 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6 डिग्री, उज्जैन में 7.5 डिग्री और जबलपुर में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी के अलावा रायसेन, गुना, उमरिया, मंडला और नौगांव में टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा। रायसेन में 4.8 डिग्री, गुना-उमरिया में 5 डिग्री, मंडला में 5.2 डिग्री और नौगांव में 5.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में आज कोल्ड डे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और शाजापुर में कोल्ड डे रहेगा। वहीं, जबलपुर, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन, दमोह, नरसिंहपुर और सिवनी में सर्द हवाएं चलेंगी।  मौसम विभाग ने 11, 12 और 13 दिसंबर को धार, गुना-अशोकनगर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। जेट स्ट्रीम हवाएं 12.6 किमी ऊंचाई पर 277 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से चल रही है। इससे एमपी में भी ठिठुरन है। आने वाले दिनों में हवा की ऊंचाई कम हो जाएगी। जिससे पूरे प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ जाएगा।। बर्फीली हवाओं का सबसे ज्यादा असर उत्तरी हिस्से में रहेगा। इनमें ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिले शामिल हैं। भोपाल में दो साल का रिकॉर्ड टूटा राजधानी भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 2 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एक ही रात में पारा 4.5 डिग्री लुढक कर 7.8 डिग्री पहुंच गया, जो पिछले दो साल में सबसे कम है। 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 8.6 और 8.8 डिग्री रहा था। इधर प्रदेश के सभी शहरों में तापमान में गिरावट हुई। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां तापमान 3.5 डिग्री पर आ गया। जबकि रायसेन का 3.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी खासी गिरावट हुई है। इंदौर में 8.7 डिग्री, ग्वालियर में 8.5 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री तापमान रहा। इसी तरह राजगढ़, नौगांव, उमरिया ऐसे शहर रहे, जहां पारा 7 डिग्री से नीचे रहा। जाने आगे कैसा  रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में सबसे ज्यादा ठंड पड़ेगी। कड़ाके की ठंड का यह दौर जनवरी तक बना रहेगा। इन्हीं 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाएं की भी चल सकती है। हालांकि, दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में सर्द हवाएं चलने का अलर्ट है। इस बार सबसे ज्यादा ठंड उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह बर्फीली हवाएं सीधे आना है। वर्ष 2014 से 2023 तक के ट्रेंड पर नजर डाली जाए तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ही कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू होती है। इन पांच बड़े शहरों में पारे में सबसे ज्यादा गिरावट ग्वालियर में होती है। पिछले 10 साल में एक बार टेम्प्रेचर 1.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में यह 4.4 डिग्री और उज्जैन में 2.5 डिग्री तक रहा है। भोपाल और इंदौर में भी टेम्प्रेचर 5 डिग्री से नीचे रहे हैं।   recent visitors 25

CM ने कहा नए जिले को 550 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन होने से विकास की गति में तेजी आएगी व मील का पत्थर साबित होगा

चिरमिरी/एमसीबी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिले के  चिरमिरी के लाल बहादुर स्टेडियम में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद चिरमिरी में पहली बार आया हूँ। उन्होंने कहा इस नए जिले को 550 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के करीब 447 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन होने से विकास की गति में तेजी आएगी व मील का पत्थर साबित होगा। साय ने कहा कि जिस अस्पताल का लोकार्पण हुआ है, वहां सभी सुविधाएं के साथ विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी होंगे, इससे जिलेवासियों को इलाज कराने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज हेतु मेडिकल बोर्ड का गठन भी हो चुका है।   शपथ लेते ही गरीबों की चिंता साय ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबके विश्वास’’ के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाओं के विकास और उनके सशक्तिकरण के लिए मोदी दिन- रात काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत विधानसभा निर्वाचन के बाद ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करना शुरू किया है। 13 दिसंबर को सरकार की एक साल पूरे होने जा रही है। आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख लोगों को आवास देने के लिए मुख्यमंत्री की शपथ लेने के दूसरे दिन 14 दिसंबर को मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। आदिवासी और किसानों के हक में लिया निर्णय उन्होंने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया है। साय ने कहा आदिवासियों के आय का मुख्य जरिया तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक दर 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये किया है। वादे के मुताबिक पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच होगी। उस वादे के मुताबिक पीएससी के पूर्व चेयरमेन सहित जो भी दोषी पाए गए हैं, उन्हें जेल भेज दिया गया है और इस तरह प्रदेष में सुशासन देने का काम किया है। साव की तारीफ उन्होंने उप मुख्यमंत्री व नगरीय विकास मंत्री अरुण साव की तारीफ करते हुए कहा कि विगत 10-11 माह में प्रदेश के नगरीय निकायों में साफ पेयजल आपूर्ति के लिए दो हजार करोड़ रुपए का काम किया है, आम लोगों को पानी पिलाने का काम किया है। साय ने रामलला दर्शन के सम्बंध में कहा कि एमसीबी जिले से भी सैकड़ों भक्तगण अयोध्याधाम जाकर श्रीराम लला का दर्शन किए हैं। आदिवासी राष्ट्रपति से लेकर जनपद अध्यक्ष तक उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को उन्होंने सम्मान दिया है। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अनुसूचित जनजाति से हैं, तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी आदिवासी से है, इसका श्रेय मोदी जी को जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह के ऐसे समुदायों को पीवीटीजी में रखा गया है, जिन्हें अनुसूचित जनजातियों में सबसे कमज़ोर माना गया है। इनके विकास के लिए पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने सोचा है, तो वह है नरेन्द्र मोदी। उन्होंने कहा पीएम जनमन के तहत ऐसे पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा आदि जनजातियों के विकास के लिए सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, आवास जैसी बुनियादी जरूरत उपलब्ध कराने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (दा-जुगा) के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस जिले के हजारों परिवारों को भी लाभ मिलेगा। साय ने कहा कि आज यह कहने में खुशी हो रही है कि श्रीमती राजकुमारी बैगा जनपद अध्यक्ष भरतपुर-जनकपुर हमारे बीच है इसका श्रेय मोदी जी को जाता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के सम्बंध में कहा कि डिग्री के साथ रोजगार देने का भी कार्य कर रहे हैं। शांति बहाली के महत्वपूर्ण पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि महज एक साल में बस्तर में शांति बहाली की दिशा में सफलता मिलने लगी है। हमारी सरकार इन लोगों को विकास के मुख्य धारा में जोड़ने का काम कर रही है। बस्तर में मोबाइल टॉवर पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार और सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। विष्णु सरकार ने सुशासन का दिया संदेश- मंत्री अरूण साव उप मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन में नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री अरूण साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा विष्णु के सुशासन और मोदी की गांरटी के उचित ताल-मेल के कारण ही आज 550 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और आदिवासियों के विकास के लिए योजनाएं, नीति बनाएं है, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और इस डबल इंजन की सरकार ने सुशासन का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। चिरमिरी केवल राजनीतिक अखाड़ा बनकर रह गया था-मंत्री जायसवाल छत्तीसगढ़ शासन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा विष्णु सरकार के सुशासन और मोदी की गारंटी की वजह से आज इस जिले को पहली बार इतनी बड़ी राशि की सौगात मिली है। जायसवाल ने कहा चिरमिरी और मनेन्द्रगढ़ के बीच पानी की समस्या का समाधान के लिए नगरीय विकास मंत्री अरूण साव ने 185 करोड़ रूपये की स्वीकृति देकर एक महत्वपूर्ण विकास कार्य में भागीदारी दी है। जायसवाल ने कहा चिरमिरी केवल राजनीतिक अखाड़ा बनकर रह गया था। लेकिन यहॉ के विकास के लिए कोई भी विधायक, मंत्री ध्यान नही दिये। जायसवाल ने कहा अद्योसरंचना विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्व है। इसी के तहत रेल्वे विकास के लिए 241 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी केन्द्र सरकार से … Read more

उप मुख्यमंत्री से वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के हर व्यक्ति को समय पर, सुलभ और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा मैनपावर की कमी एक प्रमुख चुनौती है, जिसे प्रभावी रणनीतियों से दूर किया जाना जरूरी है। इसके लिए मेडिकल के साथ नॉन-मेडिकल हस्तक्षेपों पर भी काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि प्रदेश में सभी स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदेश के हर क्षेत्र और हर वर्ग तक पहुँच सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से आज मंत्रालय भोपाल में वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विषयों और अंतःक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को मजबूत बनाने के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट्स के रूप में विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में वृद्धि के साथ मैनपॉवर व्यवस्था के लिये व्यापक भर्तियाँ की जा रही है। इन प्रयासों के सदुपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य मानकों में सुधार शासन का लक्ष्य है। तात्कालिक और दीर्घकालिक लाभ के लिये दें सुझाव उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन मानकों में सुधार के लिए ऐसी रणनीतियां बनाई जानी चाहिए जो शॉर्ट टर्म में त्वरित प्रभाव दें साथ ही दीर्घकालिक समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल से प्रदेश की वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों का सटीक आकलन कर ऐसे सुझाव देने के लिये कहा जिनसे तात्कालिक और दीर्घकालिक लाभ चरणबद्ध रूप से प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वर्ल्ड बैंक का यह अध्ययन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को समझने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, स्वास्थ्य सूचकांकों का अध्ययन, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के विस्तार और बीमारियों के भौगोलिक वितरण के विश्लेषण पर गहन मंथन हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड बैंक प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र का अध्ययन कर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिए सुझाव प्रस्तुत करेगा ताकि हर नागरिक को यूनिवर्सल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। "गेटिंग हेल्थ रिफॉर्म राइट" फ्रेमवर्क के तहत वर्ल्ड बैंक मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुधार के लिए अध्ययन कर देगा सुझाव वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि अमित नागराज ने बताया कि "गेटिंग हेल्थ रिफॉर्म राइट" फ्रेमवर्क के तहत वर्ल्ड बैंक मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुधार के लिए एक समग्र और साक्ष्य-आधारित अध्ययन करेगा। यह अध्ययन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र की मौजूदा चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण करेगा और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कदम सुझाएगा। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य तंत्र को अधिक प्रभावी, सशक्त और समान बनाने के साथ-साथ प्रदेश के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए अपने कार्यों और सफल योजनाओं के आधार पर मध्यप्रदेश के लिए उपयुक्त और व्यावहारिक सिफारिशें देंगे। यह अध्ययन जनवरी 2025 से शुरू होगा और मार्च 2025 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट और कार्यान्वयन रोडमैप प्रस्तुत करेगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, ऐग्पा के एडिशनल सीईओ लोकेश शर्मा, वर्ल्ड बैंक की हेल्थ स्पेशलिस्ट सुजिज्ञासा शर्मा, क्रिस एंडरसन और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 26

26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता जयंती से आरंभ होगा जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर किया जायेगा लाभान्वित  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर केन्द्रित रहेंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार एक वर्ष पूर्ण होने पर गीता जयंती के पावन पर 11 दिसम्बर से दो कार्यक्रम प्रारंभ किये जा रहे है। "जनकल्याण पर्व" 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर 2024 तक और 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक "मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान" चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर आयोजित किये जा रहे जनकल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर ही शिविर लगाकर जन समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की 34 चिन्हित शत‌प्रतिशत सैचुरेशन की हितग्राही मूलक योजनाओं और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं आमजन तक पहुँचाकर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी रहेगी। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ ही हजारों आचार्यों के द्वारा गीता का सस्वर पाठ कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का दावा प्रस्तुत किया जायेगा। 12 दिसम्बर को अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में सोंडवा माइक्रो सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया जायेगा। 13 दिसम्बर को भोपाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधार प्रदर्शनी लगेगी। इसके अतिरिक्त भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य तक बाइक रैली निकलेगी। भोपाल संभाग में 630 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 14 दिसम्बर को बच्चों को पोषण आहार किट‍वितरण (अक्षयपात्र) कार्यक्रम, तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। ग्वालियर में कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। युवा संवाद एवं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण होगा। ग्वालियर संभाग में 242.26 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 15 दिसम्बर को उमरिया में गौ-शाला का भूमि-पूजन और जबलपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण करेंगे। 16 दिसम्बर को वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण होगा। 17 दिसम्बर को वन मेले के शुभारंभ के साथ पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ भी किया जायेगा। 18 दिसम्बर को शहडोल में साधु-संतों के साथ संवाद का आयोजन किया जायेगा। शहडोल संभाग 477.39 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण होगा। 19 दिसम्बर को बैतूल में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के समूहों और प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन होगा। नर्मदापुरम संभाग में 151 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। जनकल्याण पर्व में 20 दिसम्बर को इंदौर में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर का दीक्षांत समारोह होगा। साथ ही इंदौर संभाग के 10 हजार 474 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन होगा। इसी दिन खण्डवा में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का लोकार्पण और खण्डवा में अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण होगा। 21 दिसम्बर को उज्जैन के डोंगला वैद्यशाला का भ्रमण आईटीआई उज्जैन का भूमि-पूजन और उज्जैन संभाग में 3 हजार 361 करोड़ रूपये का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 22 दिसम्बर को खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम में खिलाड़ियों को किट वितरण, खिलाड़ियों का सम्मान एव अन्य खेल प्रोत्साहन की गतिविधियां होगी। 24 दिसम्बर को विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरण अंतर्गत पोषण आहार की राशि का वितरण एवं गैस सिलेण्डर सब्सिडी का वितरण किया जायेगा। इसके साथ सागर संभाग में एक हजार 146 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। इस दिन तालाब सोंदर्यीकरण का लोकार्पण भी होगा। जनकल्याण पर्व में 25 दिसम्बर को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस कार्यक्रम होगा। पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन होगा। साथ ही राजा भभूत सिंह स्मृति में पचमढ़ी में ही केबिनेट बैठक होगी। जनकल्याण पर्व के आखरी दिन 26 दिसम्बर को भोपाल के रवीन्द्र भवन में छात्र-छात्राओं से संवाद होगा।   recent visitors 27