आम नागरिकों से मिलने वाले आवेदनों का निराकरण समय-सीमा करें-कलेक्टर

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में आज कुल 18 आवेदन प्राप्त हुए। आज के जनदर्शन में आवेदक मान सिंह निवासी बरकेला अपने काबिज के भूमि का पट्टा बनवाने के संबंध में, रामसुभग निवासी मनवारी भूमि के संबंध में, महावीर सिंह निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में, अजय कुमार ठाकुर निवासी बरबसपुर सी.सी रोड अंतिम छोर तक बढ़ाने के संबंध में, सरपंच महेंद्र सिंह निवासी लालपुर क्रीड़ा परिसर का समतलीकरण कार्य की राशि प्रदाय करने के संबंध में, रितेश निवासी मनेन्द्रगढ़ 10 साल बीत जाने के बाद भी नामातरण नहीं किए जाने के संबंध में, अनिरुद्ध प्रसाद निवासी उमरवाह प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास बनाने हेतु प्रदाय राशि न दिये जाने के संबंध में, शांति निवासी मेंड्राडोल भूमि के संबंध में, अमित कुमार कश्यप निवासी मनेन्द्रगढ़ बकाया राशि का भुगतान कराये जाने के संबंध में, बृजभूषण श्रीवास्तव निवासी चिरमिरी सुलभ शौचालय को पुनः संचालित करने के संबंध में, रामकुमार निवासी बरमपुर नवीन हैण्डपम्प को पूरा करने के संबंध में, हीरालाल निवासी घटई भूमि मकान न गिरवाने के संबंध में, मुकेश, पवन सिंह, विजय कुमार निवासी पेण्ड्री अन्य शाला में सलंग्न शिक्षिका को उनके मूल पदस्थ शाला में वापस करने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी पेण्ड्री स्कूल की भूमि का सीमांकन करने व अतिक्रमण हटवाने के संबंध में, बाबू लाल निवासी चैनपुर भूमि के संबंध में, समस्त वार्डवासी निवासी मनेन्द्रगढ़ घर की सीढ़ी को सड़क पर बनाया गया है जिसे हटवाये जाने के संबंध में, विष्णु प्रसाद निवासी लालपुर भूमि के संबंध में और ईस्लाम खान निवासी खड़गवा पंजीयन अनुसार समिति खड़गवा में धान विक्रय करने के संबंध में अपना शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। recent visitors 26

उप मुख्यमंत्री से एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार का प्राथमिक लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उन्नत और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार मैनपावर प्रबंधन, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था और संकेंद्रित प्रयासों के जरिये स्वास्थ्य मानकों में सुधार पर लगातार काम कर रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय भोपाल में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सर्वसुलभ बनाने के लिए निजी निवेश और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर गहन चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश में निजी निवेश के विभिन्न मॉडलों पर विचार किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य है कि चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता बढ़ाई जाए, अधोसंरचना को आधुनिक तकनीकी के साथ उन्नत किया जाए और उन क्षेत्रों में उच्च स्तरीय सेवाएँ प्रदान की जाएँ जहाँ अभी इनकी कमी है। इसके लिए निजी निवेश के माध्यम से गैप फिलिंग का प्रयास किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एडीबी प्रतिनिधियों से ऐसे संभावित क्षेत्रों की पहचान और उनके समाधान के लिए प्रभावी सुझाव प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार लाने के लिए एडीबी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने विभिन्न देशों और राज्यों में उनके अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने अन्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुधार के लिए किस प्रकार के संयुक्त प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी इस प्रयास के लिए जल्द ही विस्तृत सुझाव प्रस्तुत करेंगे । प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, ऐग्पा के एडिशनल सीईओ लोकेश शर्मा, एडीबी के धवल झंब सहित अन्य प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 29

मंत्री श्रीमती उईके ने अमृत 2.0 और कायाकल्प 2.0 योजनाओं के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने सिंगरौली जिले के ढोटी में अमृत 2.0 योजना और कायाकल्प 2.0 योजना के अंतर्गत जल प्रदाय एवं सड़क निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल नागरिकों का मूलभूत अधिकार है और प्रदेश सरकार इसे हर घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र के छूटे हुए वार्डों में 164 किलोमीटर पाइप लाइन और 4 पानी टंकियों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस परियोजना पर 36.19 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, कायाकल्प 2.0 योजना के अंतर्गत 28 किलोमीटर की पीसीसी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इससे आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा। इस परियोजना की लागत 10.04 करोड़ रुपये है। मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। शुद्ध जल और स्वच्छता न केवल स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक हैं, बल्कि राज्य के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के माध्यम से हर घर में शुद्ध जल पहुंचेगा और कायाकल्प योजना से शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। सिंगरौली विधानसभा के विधायक राम निवास शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। अमृत 2.0 और कायाकल्प योजनाएं जनकल्याण की दिशा में एक अहम कदम हैं, जिनसे दूरदराज के क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। नगर निगम महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल और बेहतर सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योजनाओं को जनहित में मील का पत्थर बताया। इस अवसर पर श्रीमती उईके ने विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के विकास में नए आयाम स्थापित करेंगी।   recent visitors 21

अनिल कुमार खत्री ने कहा कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ ही सैद्धांतिक ट्रेनिंग भी आवश्यक

पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर में बिजली कार्मिकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण अनिल कुमार खत्री ने कहा कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ ही सैद्धांतिक ट्रेनिंग भी आवश्यक भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत कार्यरत पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर द्वारा पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के 210 तृतीय श्रेणी कार्मिकों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु पहले चरण में 30 प्रतिभागियों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ निदेशक (पीडीटीसी) अनिल कुमार खत्री ने किया। इसी दौरान ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के प्रशिक्षण केन्द्र हैदराबाद द्वारा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन एवं वित्त अनुभाग के अधिकारियों के लिए ‘‘चेंज मैनेजमेंट, लीडरशिप एंड टीम बिल्डिंग‘‘ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र भी शुरू हुआ। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ अवसर पर पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर के निदेशक अनिल कुमार खत्री ने कहा कि कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ ही सैद्धांतिक ट्रेनिंग भी आवश्यक है। पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर द्वारा कार्मिकों को प्रशिक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं और इसके लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कार्मिकों को सैद्धांतिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे विभागीय कार्यों के सुचारू संपादन के साथ ही विद्युतीय कार्य और विद्युत सुरक्षा का ध्यान रखा जाना सुनिश्चित हो रहा है। गौरतलब है कि पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के 210 तृतीय श्रेणी कार्मिकों को विभागीय जॉंच एवं दंड, अवकाश नियम, यात्रा भत्ता नियम, वेतन निर्धारण, एनजीबी बिलिंग सिस्टम, क्रय प्रक्रिया, विद्युत सुरक्षा, ई-ऑफिस संचालन, ईआरपी प्रणाली, सोलर रूफटॉप, सतर्कता जॉंच और गतिविधियां, विद्युत बचत और उपभोक्ता जागरूकता, पॉवर जनरेशन, ट्रांसमिशन और वितरण, अग्नि सुरक्षा जैसे महत्वूपर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन एवं वित्त अनुभाग के अधिकारियों को ‘‘चेंज मैनेजमेंट, लीडरशिप एंड टीम बिल्डिंग‘‘ के अंतर्गत लीडरशिप स्किल, टीम बिल्डिंग, मैनेजिंग ग्रुप डायनॉमिक्स, आर्गेनाईजेशनल चेंज, व्यवहार परिवर्तन, एक्टिव लर्निंग, आर्गेनाईजेशनल इफेक्टिवनेस जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। ज्ञात हो कि भोपाल शहर के गोविन्दपुरा स्थित मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेन्टर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सेन्ट्रल इंडिया का सबसे बड़ा मान्यताप्राप्त प्रशिक्षण संस्थान है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंध (मानव संसाधन) सुनिशा कुमार ने किया तथा आभार पीडीटीसी के संयुक्त संचालक सत्येन्द्र मौर्य ने व्यक्त किया।   recent visitors 21

सियाराम बाबा ने आज त्यागी देह, 100 साल से अधिक आयु के थे, आज शाम को निकलेगा डोला

खरगोन निमाड़ के संत सियाराम बाबा ने आज बुधवार को मोक्षदा एकादशी पर सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर सुबह देह त्याग दी है। वे कुछ दिनों से बीमार थे, आश्रम में ही उनका इलाज चल रहा था। रात को उनकी हालत काफी कमजोर हो रही थी और उन्होंने कुछ भी नहीं खाया था। उनके निधन की खबर मिलते ही खरगोन के भट्यान स्थित आश्रम में भक्तों की भीड़ लग गई। दोपहर तीन बजे उनका डोला निकलेगा। रात को उनकी हालत काफी कमजोर हो रही थी और उन्होंने कुछ भी नहीं खाया था। उनके निधन की खबर मिलते ही खरगोन के भट्यान स्थित आश्रम में भक्तों की भीड़ लग गई। दोपहर तीन बजे उनका डोला निकलेगा। उनके अंत्येष्टी के लिए सेवादारों ने चंदन की लकड़ी की व्यवस्था की है। बीते तीन दिन से आश्रम में एकत्र भक्त उनके स्वास्थ्य के लिए जाप कर रहे थे और भजन गा रहे थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद डाक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखे हुए थे। आज शाम को सीएम यादव बाबा से मुलाकात करने वाले थे, लेकिन अब वे उनके अंतिम दर्शन के लिए आ सकते हैं। शाम को नर्मदा किनारे होगी अंत्येष्टी सियाराम बाबा की अंत्येष्टी बुधवार शाम को आश्रम के समीप नर्मदा नदी किनारे की जाएगी। उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में भक्तों के आश्रम पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सीएम मोहन यादव की बाबा के अंतिम दर्शन के लिए  आएंगे। बता दें कि बाबा को निमोनिया हो गया था, लेकिन वे अस्पताल में रहने के बजाए आश्रम में रहकर अपने भक्तों से मिलना चाहते थे। इस कारण चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया था। 12 वर्षों तक मौन धारण किया संत सियाराम बाबा ने नर्मदा किनारे अपने आश्रम बनाया। उनकी उम्र 100 साल से ज्यादा थी। बाबा ने बारह वर्षों तक मौन भी धारण कर रखा था। जो भक्त आश्रम में उनसे मिलने आता है और ज्यादा दान देना चाहता थे तो वे इनकार कर देते थे। वे सिर्फ दस रुपये का नोट ही लेते थे। उस धनराशि का उपयोग भी वे आश्रम से जुड़े कामों में लगा देते थे। बाबा ने नर्मदा नदी के किनारे एक पेड़ के नीचे तपस्या की थी और बारह वर्षों तक मौन रहकर अपनी साधना पूरी की थी। मौन व्रत तोड़ने के बाद उन्होंने पहला शब्द सियाराम बाबा कहा तो भक्त उन्हें उसी नाम से पुकारने लगे। हर माह हजारों भक्त उनके आश्रम में आते है। बाबा लगातार करते थे रामायण पाठ सियाराम बाबा अपनी दिनचर्या में लगातार रामायण पाठ करते रहते थे। भक्तों के अनुसार वे 21 घंटों तक रामायण का पाठ करते थे। 95 साल की आयु में उन्हें चश्मा भी नहीं लगा था। भक्तों के अनुसार उन्होंने सियाराम बाबा को हमेशा लंगोट में ही देखा है। सर्दी, गर्मी या बरसात वे लंगोट के अलावा कोई कपड़े नहीं पहनते थे। गुजरात के भावनगर से आए थे बाबा का जन्म 1933 में गुजरात के भावनगर में हुआ था। 17 साल की उम्र में उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का फैसला किया था। उन्होंने कई सालों तक गुरु के साथ पढ़ाई की और तीर्थ भ्रमण किया। वे 1962 में भट्याण आए थे। यहां उन्होंने एक पेड़ के नीचे मौन रहकर कठोर तपस्या की। जब उनकी साधना पूरी हुई तो उन्होंने 'सियाराम' का उच्चारण किया, जिसके बाद से ही वे सियाराम बाबा के नाम से जाने जाते हैं। वे भगवान हनुमान के परम भक्त हैं। ऐसी थी बाबा की दिनचर्या आश्रम पर मौजूद अन्य सेवादारों ने बताया कि उनकी दिनचर्या भगवान राम व मां नर्मदा की भक्ति से शुरू होकर यही खत्म होती थी। बाबा प्रतिदिन रामायण पाठ का पाठ करते और आश्रम पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वयं के हाथों से बनी चाय प्रसादी के रूप में वितरित करते थे। समीपस्थ ग्राम सामेड़ा के रामेश्वर सिसोदिया ने बताया कि बाबा की वर्तमान आयु लगभग 95 वर्ष है। बाबा के लिए गांव से पांच छह घरों से भोजन का टिफिन आता था, जिसे बाबा एक पात्र में मिलाकर लेते थे। खुद की जरूरत के अनुसार भोजन निकाल कर बचा भोजन पशु-पक्षियों में वितरित कर देते थे। मंदिरों में दान किए करोड़ों रुपये ग्राम भट्टयाण के सरपंच भूराजी बिरले ने बताया कि बाबा प्रत्येक श्रद्धालु से मात्र 10 रुपये दान स्वरूप लेते थे। बाबा ने आश्रम के प्रभावित डूब क्षेत्र हिस्से के मिले मुआवजे के दो करोड़ 58 लाख रुपये क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान नागलवाड़ी मंदिर में दान किए थे। वही लगभग 20 लाख रुपये व चांदी का छत्र जाम घाट स्थित पार्वती माता मंदिर में दान किया। आश्रम से नर्मदा तक बनाया घाट भी सियाराम बाबा ने लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनवाया था।   recent visitors 25

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 40 आउटसोर्स कर्मियों को कार्य में लापरवाही बरतने के चलते चेतावनी जारी की

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने के आरोप में सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंपनी कार्यक्षेत्र में कार्यरत 33 मीटर वाचकों तथा 9 अन्य आउटसोर्स कर्मियों को ड्यूटी से पृथक करने की कार्यवाही की गई है। साथ ही 40 आउटसोर्स कर्मियों को कार्य में लापरवाही बरतने के चलते चेतावनी जारी की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित मीटर की फोटो मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने और गलत मीटर रीडिंग लेने पर मीटर वाचकों पर सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं। कंपनी कार्यक्षेत्र के रायसेन में 1, सीहोर में 2, दतिया में 3, राजगढ़ में 3, भोपाल में 5, ग्वालियर शहर में 2 बैतूल में 1, भोपाल ग्रामीण में 5, ग्वालियर ग्रामीण में 4, हरदा में 2, मुरैना में 2, नर्मदापुरम में 8, श्योपुर में 2, शिवपुरी में 2 तथा विदिशा में 2 आउटसोर्स मीटर वाचक तथा अन्य आउटसोर्स कर्मियों को आदेशों की अवहेलना और मीटर वाचन में लापरवाही बरतने के आरोप में सेवा से पृथक किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि उपभोक्ताओं के परिसर पर एक्युरेसी शुद्धता के साथ मीटर वाचन होना चाहिए और मीटर रीडिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं को विद्युत देयक दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मीटर वाचकों के कार्य पर निष्ठा एप के द्वारा निगरानी रखी जाए और जो मीटर वाचक कर्तव्य पालन में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें सेवा से पृथक किया जाए। प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ता सेवा सर्वोपरि है। उपभोक्ताओं को कंपनी बेहतर से बेहतर सेवाएं देने के लिए कृत संकल्पित है और इसी दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं को जागरूक रहने के लिए कहा है कि जब उनके परिसर की मीटर रीडिंग होती है तो वे मीटर वाचक द्वारा ली गई रीडिंग और मीटर में दर्ज रीडिंग पर नजर रखें ताकि सही देयक मिल सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रयास हैं कि बिलिंग संबंधी शिकायतों को शून्य लेवल पर लाया जाए। कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कहा कि फोटो मीटर रीडिंग निष्ठा एप के माध्यम से की जा रही है। दरअसल फोटो मीटर रीडिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मानवीय हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं है और मीटर वाचन में अंकित वाचन की फोटो खींचकर सिस्टम में अपलोड की जाती है। कंपनी के शहरी क्षेत्रो में क्यूआर कोड लगाने के कारण भी फायदा मिला है एवं इससे मीटर वाचन की प्रक्रिया जल्दी संपादित हो रही हैं।   recent visitors 21

राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा 12 दिसम्बर को होगी जनसुनवाई

भोपाल राष्ट्रीय महिला आयोग, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध होकर “राष्ट्रीय महिला आयोग- आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। जनसुनवाई में महिलाओं के लंबित मामलों के समाधान और उनके मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जनसुनवाई 12 दिसंबर 2024 को दोपहर 1:00 बजे जिला पंचायत हॉल, ब्लॉक 03, पुराना सचिवालय, सुल्तानिया रोड पर होगी। जनसुवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आयोग ने भोपाल और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं से अपील की है कि यदि वे किसी प्रकार की समस्याओं से जूझ रही हैं, तो वे इस जनसुनवाई में भाग लें और अपनी समस्याएं आयोग तक पहुंचाएं। आयोग महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेगा। जनसुनवाई से संबंधित अधिक जानकारी के लिए साहिल कुमार (9891225547) से संपर्क किया जा सकता है।   recent visitors 21