काफी ट्रेंड में है Tata Play Fiber, रिचार्ज के साथ मिलेंगे OTT बेनिफिट्स, 750 में मिलेगी 100 Mbps इंटरनेट स्पीड

नई दिल्ली Tata Play Fiber काफी ट्रेंड में रहता है। दरअसल कंपनी की तरफ यूजर्स के लिए नए-नए ऑफर्स लाए जाते हैं। अभी कंपनी का एक प्लान काफी चर्चा में है क्योंकि इसमें 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान के साथ फ्री OTT बेनिफिट्स भी दिए जा रहे हैं। अभी मुख्य ISP की तरफ से OTT बेनिफिट्स तो दिए जा रहे हैं, लेकिन इसकी स्पीड का भी कोई जवाब नहीं है। Jio Fiber, Airtel Xstream Fiber, ACT या किसी अन्य से तुलना की जाए तो Tata Play Fiber काफी अच्छे ऑफर्स लेकर आता है। Tata Play Fiber का कनेक्शन मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में भी उपलब्ध है। आज हम आपको Tata Play के प्लान के बारे में जानकारी देने वाले हैं जो 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान के साथ आता है। Tata Play Fiber में 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने और 12 महीने की वैलिडिटी मिलती है। ये सभी प्रीपेड प्लान्स हैं। अगर आप 1 महीने वाला प्लान OTT के साथ करीदते हैं तो ये 900 रुपए प्रति महीना के हिसाब से रहेगा। सालाना रिचार्ज पर मिलेगा सस्ता 900 रुपए के रिचार्ज के बाद आपको 100 Mbps Lite Plan मिल जाएगा। इसके अलावा 100 Mbps Prime और Mega Plans भी हैं। दोनों प्लान्स के बीच में अंतर कीमत और OTT बेनिफिट्स का है जो यूजर्स के लिए दिए जा रहे हैं। 12 महीने का सब्सक्रिप्शन हासिल करने पर आपको अच्छा डिस्काउंट मिल सकता है। अगर आप Lite Plan के साथ जाएंगे तो 750 रुपए महीने के हिसाब से मिल सकता है। यानी आपको 9000 + GST देने होंगे। डेटा 3.3TB भी मिलने वाला है। कस्टमर्स 4 OTT बेनिफिट्स हासिल कर सकते हैं। मेगा प्लान के लिए करवाएं 11,400 का रिचार्ज एक अन्य 100 Mbps प्लान भी है जो 800 रुपए प्रति महीने के हिसाब से आता है। ये 9600 + GST के साथ आता है। कस्टमर्स को इस प्लान में 6 ओटीटी का चयन करने का ऑप्शन दिया जाता है। अंत में एक 100 Mbps वाला मेगा प्लान भी है जो 950 रुपए प्रति महीने का मिलेगा। इसके लिए 11,400 + GST देने होंगे और आपको पूरे साल के लिए सब्सक्रिप्शन मिल जाएगा। recent visitors 102

नक्सल विरोधी अभियान पर निकले सुरक्षाबलों पर नक्सलियों ने किया हमला, एक नक्सली ढेर, आईईडी ब्लास्ट में एक जवान घायल

बीजापुर बीजापुर जिले के थाना गंगालूर क्षेत्रांतर्गत मुनगा के जंगल में डीव्हीसीएम दिनेश मोड़ियाम, आकाश हेमला, कंपनी नंबर 2 कमांडर वेल्ला, मिलिशिया प्लाटून कमांडर कमलू एवं अन्य 30-40 नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। डीआरजी की टीम बुधवार सुबह नक्स्ल विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान मुनगा के जंगल में पूर्व से घात लगाए नक्सलियों के द्वारा पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। पुलिस के द्वारा सुरक्षित आड़ लेकर की गई जवाबी कार्रवाई में 1 वर्दीधारी नक्सली मारा गया। मौके से मिली 9 एमएम पिस्टल मौके से 9 एमएम पिस्टल, जिंदा आईईडी, 6 नग रिमोट स्विच जिसका उपयोग आईईडी ब्लास्ट के लिए किया जाता है और अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई है। अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा पुलिस पार्टी पर मुनगा के पास आईईडी ब्लास्ट किया गया। जिसमें डीआरजी के 1 जवान को मामूली चोट आई है। फिर भी जवानों का हौसला कम नहीं हुआ। जवान अपने टारगेट तक पहुंचे और नक्सलियों के द्वारा पुलिस पार्टी पर किए गए फायरिंग में आत्म सुरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में 1 नक्सली ढेर हुआ। क्षेत्र में सघन गश्त सर्चिंग की जा रही है। टीम के अभियान से वापसी पश्चात् विस्तृत जानकारी से अलग से अवगत कराया जाएगा। recent visitors 52

इज़राइल सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे

इजराइल इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीरिया की नई सरकार को चेतावनी दी है कि अगर ईरान को सीरिया में फिर से पैर जमाने दिया गया या ईरानी हथियार हिज़बुल्ला तक पहुंचाए गए, तो इज़राइल कड़ा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि इज़राइल का मकसद सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। नेतन्याहू ने कहा,  "अगर सीरिया की नई सरकार ईरान को फिर से स्थापित होने देती है या ईरानी हथियार हिज़बुल्ला तक पहुंचने देती है, तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे और इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जो पिछली सरकार के साथ हुआ, वही इस नई सरकार के साथ भी हो सकता है।" नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने इज़राइली वायुसेना को सीरिया की पुरानी सरकार द्वारा छोड़ी गई सैन्य क्षमताओं पर हमला करने की अनुमति दी थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ये हथियार जिहादियों के हाथ न लगें। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना ब्रिटिश वायुसेना के उस कदम से की, जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के वीशी शासन के जहाजों पर हमला किया गया था, ताकि वे नाज़ियों के हाथ न लगें। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इज़राइल सीरिया की नई सरकार के साथ संबंध बनाने का इच्छुक है, लेकिन यह तभी संभव है जब सीरिया ईरान और हिज़बुल्ला को समर्थन देने से बचे। उन्होंने कहा, *"अगर सीरिया की नई सरकार हमारी सुरक्षा के खिलाफ कदम उठाएगी, तो हम कड़ा जवाब देंगे।" recent visitors 45

कपिल सिब्बल ने कहा कि शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए, संकट में नौकरी

नई दिल्ली मुस्लिमों को लेकर विवादित टिप्पणी करने और बहुसंख्यकों के हिसाब से कानून चलने की बात कहने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव घिरते जा रहे हैं। अब विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ महाभियोग की मांग की है। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। यही नहीं कई सांसदों ने तो इसके लिए मुहिम भी शुरू दी है। इन लोगों ने जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस देने की मुहिम शुरू कर दी है और इसके लिए सांसदों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने बुधवार को बताया कि अब तक राज्यसभा के 30 से अधिक सदस्यों के हस्ताक्षर ले लिए गए हैं और संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में ही इसके लिए नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘यह गंभीर मामला है। हम संसद के इसी सत्र में महाभियोग के लिए नोटिस देंगे।’ न्यायमूर्ति यादव ने रविवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए विवादास्पद टिप्पणी की थी। नियम के अनुसार किसी जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए 100 लोकसभा सदस्यों या 50 राज्यसभा सदस्यों की ओर से मंजूरी मिलनी चाहिए। राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मंगलवार को कहा था कि महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘कोई भी न्यायाधीश इस तरह का बयान देता है तो वह अपने पद की शपथ का उल्लंघन करता है। अगर वह पद की शपथ का उल्लंघन कर रहा है, तो उसे उस कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है।’ बता दें कि जस्टिस शेखर यादव ने मुस्लिमों के लिए कठमुल्ला शब्द का प्रयोग किया था। उन्होंने एक और टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस देश में एक वर्ग को 4 शादियां करने का अधिकार नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा था कि भारत में बहुसंख्यकों के अनुसार ही कानून चलेगा। उनका कहना था कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। आप देखते हैं कि परिवार और समाज में भी बहुमत की राय को ही माना जाता है। इस लिहाज से देश में भी कानून बहुसंख्यकों के हिसाब से ही चलना चाहिए। गौरतलब है कि जस्टिस शेखर यादव की इस टिप्पणी को लेकर उन्हें घेरा जा रहा है। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी अखबारों में छपी रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया है और इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जस्टिस शेखर यादव से जुड़ी डिटेल मांगी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले हमारे संज्ञान में है और जांच की जा रही है। recent visitors 48

50 बड़े प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अमित बंसल का नाम शामिल

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अमित बंसल का नाम 50 बड़े प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल हुआ है। मैनेजिंग आईपी द्वारा जारी की गई लिस्ट में दोनों ने जगह बनाई है। जस्टिस ज्योति सिंह को यह सम्मान 2024 के अप्रैल महीने में उनके ऐतिहासिक फैसले के लिए मिला। इस फैसले में उन्होंने 14 साल लंबे पेटेंट विवाद में उन्होंने कम्युनिकेशन कंपोनेंट्स एंटेना (CCA) को मोबी एंटेना टेक्नोलॉजीज के खिलाफ 217 करोड़ का रिकॉर्ड हर्जाना देने का आदेश दिया। इस फैसले के साथ लंबे समय तक चल रहे एक कानूनी संघर्ष हो गया। साथ ही पेटेंट विवादों में हर्जाने की गणना के लिए एक नया मानक स्थापित किया। खोए हुए मुनाफे के आधार पर हर्जाने का निर्धारण किया गया था। CCA को दिया गया यह हर्जाना भारत में खोए हुए मुनाफे के आधार पर अब तक का सबसे बड़ा हर्जाना था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, मैनेजिंग आईपी ने लिस्ट जारी करते हुए कहा, "जस्टिस सिंह की जटिल कानूनी मुद्दों की क्षमता ने इस मामले का निपटारा किया। इस फैसले ने आईपी कानूनी परिदृश्य पर उनके गहरे प्रभाव को उजागर किया।" जस्टिस अमित बंसल का भी नाम जस्टिस अमित बंसल को 2024 के मार्च में एक स्टैंडर्ड-एसेंशियल पेटेंट्स (SEPs) केस में उनके महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सराहा गया। उन्होंने एरिक्सन को भारतीय हैंडसेट निर्माता लावा के खिलाफ 244 करोड़ का हर्जाना देने का दिया था आदेश। यह केस इसलिए भी खास था क्योंकि यह भारत का पहला ऐसा मामला था जिसमें FRAND (Fair, Reasonable, and Non-Discriminatory) रॉयल्टी दरों का निर्धारण एक मुकदमे के बाद किया गया था। मैनेजिंग आईपी ने कहा कि जस्टिस बंसल ने हर्जाने की गणना अंतिम उपकरण के आधार पर की और एरिक्सन के एक पेटेंट के अमान्य होने को ध्यान में रखते हुए रॉयल्टी दरों को समायोजित किया। recent visitors 162

‘गुम है किसी के प्यार में’ के आने वाले एपिसोड्स में दर्शकों को गहरा और रोमांचक ड्रामा देखने को मिलेगा : भाविका शर्मा

मुंबई, स्टार प्लस के शो गुम है किसी के प्यार में में सावी का किरदार निभा रही भविका शर्मा का कहना है कि आने वाले एपिसोड्स में एक गहरा और रोमांचक ड्रामा देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को अपनी सीट पर बांधकर रखेगा। गुम है किसी के प्यार में के आने वाले एपिसोड्स में यह दिखाया जाएगा कि सावी और रजत नए चुनौतियों का कैसे सामना करते हैं, खासकर कियान से जुड़ी नई जानकारी के बाद। यह इमोशनल ड्रामा और भी बढ़ने वाला है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस मुश्किल समय का सामना कैसे करते हैं और कियान, साई और बाकी बच्चों को कैसे बचाते हैं। सावी और रजत के लिए आगे क्या होगा, यह जानना काफी रोमांचक होने वाला है। स्टार प्लस के शो गुम है किसी के प्यार में में सावी का किरदार निभा रही भाविका शर्मा ने कहा,आने वाले एपिसोड्स में एक गहरा और रोमांचक ड्रामा देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को अपनी सीट पर बांधकर रखेगा। दर्शक देखेंगे कि सावी और रजत कैसे कियान, साई और बाकी बच्चों को जानलेवा हालात से बचाते हैं, और इसे वे कैसे संभालते हैं, ये देखने मजेदार होगा। इसके अलावा दर्शकों को ये भी देखने मिलेगा कि कियान कैसे बस को लापरवाही से चला रहा है, जिससे सभी सवारियों के लिए डर और अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। इस बीच, साई सावी से संपर्क करके उसे घटना की गंभीरता बताती है, जिससे सावी को स्थिति का सही अंदाजा होता है और समय की दौड़ शुरू होती है। जैसे ही सावी को पता चलता है कि कियान ही उसकी मां के हादसे का दोषी था, यह सच्चाई उसे गहरे सदमे में डाल देती है। अब सावी और रजत को कियान को रोकने की चुनौती का सामना करना है, जो मानसिक रूप से परेशान है, और साथ ही बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी है। कैसे वे इस भावनात्मक और दुख भरी स्थिति को संभालते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। इसके साथ ही और भी सस्पेंस बाकी है, तो देखते रहें कि आगे क्या होता है!" गुम है किसी के प्यार में के निर्माता राजेश राम सिंह, पिया बाजपेयी, प्रदीप कुमार और शैखा परवीन हैं। यह शो हर रोज़ सोमवार से रविवार रात 8 बजे सिर्फ़ स्टार प्लस पर प्रसारित होता है। recent visitors 183

हिंदुओं की रक्षा के लिए बातचीत से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो केंद्र को दूसरें तरीके पर विचार करना चाहिए: आरएसएस

नई दिल्ली बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो केंद्र को दूसरें पर विचार करना चाहिए। नागपुर में 'सकल हिंदू समाज' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आंबेकर ने कहा, "केंद्र को इस मामले पर और अधिक गंभीरता से काम करना चाहिए और ठोस कदम उठाने चाहिए। मुझे उम्मीद है कि यह मुद्दा संवाद के जरिए हल हो सकता है, लेकिन अगर बातचीत विफल हो जाए तो हमें इसके लिए दूसरा समाधान ढूंढना होगा।" आंबेकर ने कहा कि बांगलादेश में हिंदू समुदाय पर जिस तरह से अत्याचार हो रहे हैं वह इस समय मुगल शासन की याद दिलाते हैं। उन्होंने कहा, "हमारे मंदिर जलाए जा रहे हैं। लूटे जा रहे हैं। महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं। यह सब देखकर हर हिंदू को गुस्सा आना चाहिए। केवल इन घटनाओं की निंदा करना और परेशान होना पर्याप्त नहीं है। हमें सिर्फ गुस्से और दुख से बाहर आकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।" आरएसएस नेता ने यह भी कहा कि बांगलादेश में हो रही हिंसा का उद्देश्य हिंदू समुदाय को उखाड़ फेंकना है। उन्होंने कहा, "न केवल बांगलादेश, पाकिस्तान और बांगलादेश में भी हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं। हम हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार सहन नहीं करेंगे। अगर हमने इस पर कुछ नहीं किया तो हमारी आने वाली पीढ़ियां हमारी चुप्पी पर सवाल उठाएंगी।" उन्होंने बांगलादेश के अंतरिम नेता मुहम्मद युनुस पर भी निशाना साधते हुए कहा, "जिस देश का नेतृत्व नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कर रहे हैं वहां शांति नहीं हो सकती है। वह अत्याचारों को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।" आंबेकर ने यह भी कहा कि कुछ वैश्विक शक्तियों को पहचानने की जरूरत है, जो बांगलादेश में हिंसा फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमें उन शक्तियों को पहचानने और उजागर करने की जरूरत है और उन्हें यह बताने की आवश्यकता है कि वे हमारे देश और अन्य देशों में हिंदुओं के खिलाफ ऐसी घटनाओं को बंद करें।" इससे पहले अक्तूबर महीने में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी बांगलादेशी हिंदुओं पर हो अत्याचार का मुद्दा उठाया था। recent visitors 104