गुरुवार को करें ये काम, जीवन में कभी भी दुर्भाग्य दस्तक नहीं देगा

बृहस्पतिवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान श्री हरि विष्णु को बहुत प्रिय है। इन दिन कुछ खास नियमों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने से बेइंतहा उन्नति और खुशियां प्राप्त की जा सकती हैं। सबसे शुरुआत करते हैं नहाने के पानी से इसमें चुटकी भर हल्दी डालें। फिर स्वच्छ होने के बाद हल्दी अथवा केसर का तिलक अपने मस्तक, कंठ और नाभि पर लगाएं। ऐसा करने से गुरु ग्रह के सारे दोष खत्म हो जाएंगे। गुरुवार को देवगुरु बृहस्पति और भगवान श्रीहरि विष्णु का व्रत रखने वाले व्यक्ति के जीवन में कभी भी दुर्भाग्य दस्तक नहीं देता। डाइनिंग टेबल पर या ग्रुप में बैठकर भोजन करते हों तो दिशाओं पर ध्यान न दें, पर घर के मुखिया या विशेष मेहमान का मुंह पूर्व दिशा में अवश्य होना चाहिए एवं वह स्थान कभी खाली नहीं रहना चाहिए। स्वामी के अभाव में उस ग्रुप में जो प्रमुख हो, वह वहां बैठे। घर के मंदिर में कभी भी ऐसी मूर्तियां न रखें जो खंडित या टूटी अवस्था में हों। किचन और शौचालय कभी भी आमने-सामने नहीं होने चाहिएं। किचन के दरवाजे के सामने चूल्हा नहीं होना चाहिए, इससे वास्तु दोष होता है। बाथरूम ईशान कोण की किसी भी दीवार से लगा हुआ नहीं होना चाहिए। recent visitors 66

सैटेलाइट स्पेस कम्युनिकेशन बनाएगा भारत : केंद्रीय मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली सैटेलाइट नेटवर्क की अभी बहुत चर्चा हो रही है। एलन मस्क की स्टारलिंक समेत कई बड़ी कंपनियां अभी इसी रेस में हैं। इस बीच भारत सरकार की तरफ से बड़ा बयान दिया गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ किया कि सरकार आत्मनिर्भर स्पेस कम्युनिकेशन सेक्टर विकसित करना चाहती है। इसमें सैटेलाइट मैनुफैक्चर और लॉन्च सर्विस को भी शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री का बयान कम्युनिकेशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पेस कम्युनिकेशन के मुख्य खिलाड़ियों से मुलाकात की थी। इसमें Eutelsat Oneweb, Jio-SES, Hughes Communications भी शामिल थे। इसमें चर्चा हुई कि लोकल स्पेस सेक्टर को विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात के बार अपने आइडिया भी X पर शेयर किए थे। सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर बड़ा फैसला उन्होंने लिखा, 'सैटेलाइट कम्युनिकेशन इकोसिस्टम के मुख्य प्लेयर्स के साथ मीटिंग की। इसमें कई स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया था। भारत को सैटेलाइट कम्युनिकेशन का मुख्य खिलाड़ी बनाने के लिए हमने मुख्य पहलुओं पर चर्चा की । हमने भारत के लिए नए अवसरों पर भी बातचीत की। आत्मनिर्भर भारत को इससे काफी बल मिलेगा।' विवरण की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे IN-SPACe- एक स्वायत्त केंद्रीय नियामक निकाय, देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इंटरनेट सर्विस पर भी हुई चर्चा सैटेलाइट कम्युनिकेशन मीटिंग के अलावा, सिंधिया ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के भी कुछ अहम लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जानकारी दी, टेलीकॉम सेक्टर को दुरुस्त करने के लिए हमने कई अहम पहलुओं पर चर्चा की। हमारा फोकस था कि कोस्ट को कैसे कम किया जा सकता है ? साथ ही बेहतर इंटरनेट सर्विस को प्रोवाइड किया जा सकता है। क्योंकि अभी ये बहुत ज्यादा मायने रखती है। DoT के अधिकारी और स्टेकहोल्डर्स को भी इसमें शामिल किया गया था। recent visitors 53

पीसीसी चीफ ने आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर रणनीति पर की चर्चा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है. पीसीसी चीफ दीपक बैज प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर रहे हैं, जिसमें आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हो रही है. बैठक से पहले पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि “आज प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों के साथ बैठक है. तैयारियां जिस प्रकार से चल रही हैं, संगठन को और मजबूत करना चाहिए. जिलाध्यक्षों को नए टास्क दिए जाएंगे और इस बैठक में आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी.” उन्होंने यह भी बताया कि “संभवतः आचार संहिता जल्द लागू हो सकती है, जिसके मद्देनजर सभी जिलाध्यक्षों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी.” बैठक में मेयर के प्रत्याशियों के चयन के लिए सर्वे भी किया जाएगा और संगठन के निचले स्तर की गतिविधियों पर भी चर्चा की जाएगी. कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों को लेकर पूरी तैयारी में जुटी है. recent visitors 44

अखिलेश के पीछे हटने की क्या है वजह, क्यो नहीं कर रही सपा पार्टी बागी विधायकों पर कार्यवाही

लखनऊ समाजवादी पार्टी क्रास वोटिंग करने वाले अपने बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने की अब तक कोई याचिका नहीं दाखिल की है। दरअसल, राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग करने के आधार पर दल बदल विरोधी कानून के जरिए उनकी सदस्यता खत्म कराना संभव नहीं है। सपा को इसका अहसास पहले से ही था। इसलिए वह दूसरे विकल्प के रूप में लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने बागियों की भूमिका व भागीदारी के पर्याप्त सुबूत तलाश रही थी। लेकिन ठोस सुबूत अभी तक नहीं मिल पाएं हैं। शायद यही वजह है अखिलेश के पीछे हटने की। यही कारण है कि सपा विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अभी तक इन बागी विधायकों के खिलाफ उनकी सदस्यता खत्म कराने संबंधी कोई याचिका दाखिल नहीं कर पाई है। 27 फरवरी को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव हुए सपा के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करते हुए भाजपा उम्मीदवार संजय सेठ के पक्ष में वोट किया था। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने बागी विधायकों की पार्टी में वापसी की किसी संभावना से इंकार करते हुए साफ कहा था कि इन पर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। यही नहीं कुछ बागी विधायकों की वापसी के लिए पार्टी के नेताओं ने पैरवी की तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कहा कि किसी को वापस नहीं लिया जाएगा। लोकसभा चुनाव के कारण इन बागियों पर कार्रवाई का मुद्दा पीछे हो गया। बाद में लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करने में इन बागियों की भूमिका तलाशने व उसके प्रमाण जुटाने की कोशिश हुई। इनकी सदस्यता खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की संभावना तलाशी गई। सूत्र बताते हैं कि एक विधायक को छोड़ कर पार्टी किसी के खिलाफ ऐसे सुबूत नहीं जुटा पाए जिससे दल विरोधी आचरण साबित हो सके। ऐसे में अब सपा का रूख अब इनके प्रति नर्म दिखता है। संभव है कि सियासी जरूरतों के चलते इनमें से कुछ की वापसी हो जाए। अखिलेश यादव का कुछ विधायकों को लेकर रुख नरम यूपी में 16 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है। चर्चा है कि महज क्रॉस वोटिंग ही सदस्यता खत्म करने का आधार नहीं हो सकता है। जब तक सदस्यों ने सदन के भीतर पार्टी व्हिप का उल्लंघन न किया हो। अखिलेश यादव की पार्टी सपा के पास कोई ठोस साबूत नहीं है। वहीं चर्चा यह भी है कि अखिलेश यादव का कुछ विधायकों को लेकर रुख नरम हुआ। ये सात विधायकों ने की थी क्रास वोटिंग सपा के सात विधायकों ने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में क्रासवोटिंग की। इन विधायकों में ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय, गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह, गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह, कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी, चायल से विधायक पूजा पाल, जलालाबाद से विधायक राकेश पांडेय और बिसौली से विधायक आशुतोष मौर्य शामिल हैं। इसके अलावा अमेठी से विधायक महाराजी देवी ने भी मतदान में गैर-हाजिर रहीं। recent visitors 51

राज्य का बुनियादी ढांचा मजबूत कर रही सरकार: भजनलाल, राजस्थान-जयपुर में ’इन्फ्रास्ट्रक्चर-एन इम्पोर्टेन्ट लिंक इन द सप्लाई चेन’ सेशन में पहुंचे गडकरी

जयपुर। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। उनके इस संकल्प को साकार करने तथा भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन की बनाने के लिए केन्द्र सरकार कार्य कर रही है। गडकरी मंगलवार को जेईसीसी में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत आयोजित ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर-एन इम्पोर्टेन्ट लिंक इन द सप्लाई चेन’ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए पानी, ऊर्जा, परिवहन और संचार मूलभूत आवश्यकताएं हैं। इन चारों क्षेत्रों को विकसित करने से देश-प्रदेश की प्रगति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर श्री गडकरी ने राजस्थान को कई सौगातें देते हुए 30 हजार करोड़ रुपये लागत की 800 किमी. लम्बी 9 परियोजनाओं की घोषणा की। इन परियोजनाओं में 6500 करोड़ रु. की लागत से उत्तरी जयपुर रिंग रोड, 6800 करोड़ रु. की लागत से कोटपूतली से आगरा ग्रीनफील्ड हाइवे, 12 हजार करोड़ रु. की लागत से जयपुर-किशनगढ़-जोधपुर से अमृतसर ग्रीनफील्ड हाइवे निर्माण, 538 करोड़ रु. की लागत से पाली में रायपुर से जस्साखेड़ा तक एलीवेटेड रोड, 1400 करोड़ रु. की लागत से नागौर से नेत्रा तक सड़क निर्माण, 500 करोड़ रु. से सीकर-लक्ष्मणगढ़-फतेहपुर में बाइपास, 1400 करोड़ रु. की लागत से झुन्झुनूं-चिड़ावा-सिंघाना-पचेरी सड़क निर्माण, 600 करोड़ रु. की लागत से सिंघाना-खेतड़ी-जसरापुर-नगलीसलेदी-भाटीवाड़ सड़क निर्माण, 400 करोड़ रु. की लागत से कुंडल-झाड़ौद खण्ड के भू-स्खलन क्षेत्र में सुधार कार्य शामिल हैं। डबल इंजन की सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे की बदल रही तस्वीर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, सिंचाई परियोजना और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हमारी डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से राज्य के बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सड़क तंत्र को विकसित करने में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का भी विशेष सहयोग है। प्रदेश के मरुस्थलीय क्षेत्र में 2 हजार किलोमीटर लंबाई के राजमार्गों का निर्माण तथा कई कस्बों और शहरों में बाइपास एवं रिंग रोड का निर्माण कर यातायात को सुगम बनाया है। राज्य में 3 लाख किलोमीटर से अधिक लंबा रोड नेटवर्क श्री शर्मा ने कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे का 58 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में है, इसलिए भारत के 40 प्रतिशत बाजार तक प्रदेश की सीधी पहुंच है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां भारत का तीसरा सबसे बड़ा हाईवे नेटवर्क है, जो देश के प्रमुख शहरों और औद्योगिक केंद्रों को सीधे जोड़ता है। आज राजस्थान में 3 लाख किलोमीटर से अधिक लंबा रोड नेटवर्क है। सड़क निर्माण, रेल नेटवर्क और हवाई संपर्क का किया जा रहा विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में देश का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। 6 हजार किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क राज्य में और राज्य के बाहर माल ढुलाई को आसान बना रहा है। साथ ही, जयपुर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित प्रदेश में 7 हवाई अड्डे हैं। हम हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क परिवहन के विभिन्न माध्यमों को जोड़कर लॉजिस्टक्स को आसान बना रहे हैं। हमारे राज्य में 8 इनलैंड कंटेनर डिपो हैं, जो कार्गों हैंडलिंग में मदद देने के साथ बंदरगाहों पर दबाव कम कर रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार 53 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कर रही है। साथ ही, प्रदेश में पहली बार 2 हजार 750 किलोमीटर लंबे 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव, प्रमुख शासन सचिव, सार्वजनिक निर्माण श्री प्रवीण गुप्ता, बीसीडी ग्रुप के सीईओ श्री अशविंदर आर. सिंह सहित बड़ी संख्या में सार्वजनिक निर्माण उद्योग से जुड़े निवेशक एवं उद्यमी उपस्थित रहे। recent visitors 103

पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किये

जबलपुर अभूतपूर्व कदम उठाते हुए जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने मंगलवार रात को पूरी पुलिस फोर्स को क्राइम ब्रांच से लाइन में ट्रांसफर कर दिया। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। वहीं चारो ओर इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया है। इसे लेकर भी एसपी ने मीडिया से बात करते हुए पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी है। इतने बड़े ट्रांसफर के पीछे उन सभी पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी है। इस कार्रवाई में जो अफसर शामिल हैं उनमें एक एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक एसपी को इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इसे नजर में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। एसपी उपाध्याय ने बताई वजह एसपी उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि ट्रांसफर किए गए पुलिसकर्मी चार साल से क्राइम ब्रांच में तैनात थे और यह फैसला एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल है। हालांकि, अचानक आए इस आदेश से विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर उन अफसरों में जो लंबे समय से एक ही थाने में तैनात हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। कई अफसरों पर जबरन वसूली की शिकायतें ट्रांसफर से पुलिस बल में हलचल मच गई है। सही वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है, जबकि अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कथित जबरन वसूली और लंबित मामलों की शिकायतें थीं। इस अफसरों में कई ने आम लोगों को भी सताया था जिसके बाद ही यह कदम उठाया गया है। recent visitors 166

अब T20 टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा बाबर आजम की सर पर, पिछले 10 मैचों के आंकड़े हैं शर्मनाक

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बल्लेबाज बाबर आजम का बल्ला लंबे समय से खामोश है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी टी20 मैच में जरूर उन्होंने 40 से ज्यादा रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद वे शून्य पर आउट हो गए। यहां तक कि पिछले 10 मैचों में बाबर आजम ने एक भी अर्धशतक नहीं जड़ा है। अब उन पर टीम से ड्रॉप होने के दबाव भी आ गया है। टेस्ट टीम से वे एक बार ड्रॉप हो चुके हैं, लेकिन फिर टीम में जगह मिल गई है। क्या टी20 टीम से भी उनको ड्रॉप किया जा सकता है? ये एक सवाल है, क्योंकि उनके आंकड़े इस साल बहुत अच्छे नहीं हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी तीन मैचों की टी20 सीरीज के आखिरी दो मैच उनके लिए अहम हैं। बाबर आजम के अगर पिछले एक साल के टी20 इंटरनेशनल आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने 2024 में 11 दिसंबर तक 23 मैच खेल चुके हैं, जिनकी 22 पारियों में वे बल्लेबाजी कर चुके हैं। एक बार वे नाबाद रहे हैं और कुल 707 रन बनाने में सफल रहे हैं। उनका बेस्ट स्कोर इस साल 75 रन है और औसत 33.66 का है। उनका स्ट्राइक रेट 132.39 का है। 6 अर्धशतक वे इस सीजन जड़ चुके हैं। 2 बार वे बिना खाता खोले आउट हुए हैं। 73 चौके और 19 छक्के उन्होंने जड़े हैं। पिछले 10 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने एक भी अर्धशतक नहीं जड़ा है। यहां तक कि वे एक बार नाबाद रहे हैं। 237 रन ही उनके बल्ले से पिछले 10 टी20आई मैचों में निकले हैं। उनका औसत सिर्फ 26.33 का है, जबकि स्ट्राइक रेट 116 से भी कम है। शतक और अर्धशतक वे एक भी नहीं जड़ पाए हैं। वहीं, अगर बात चौके और छक्कों की करें तो वे कुल 21 चौके और 4 छक्के ही पिछले 10 मैचों में जड़ सके हैं। इतना ही नहीं, पिछले 10 मैचों में से पाकिस्तान ने सिर्फ 2 मैच जीते हैं और वही एक आयरलैंड और एक कनाडा के खिलाफ जीता है। recent visitors 102