चारों धामों का तापमान माइनस में, पर्यटक स्थलों में मसूरी और चकराता सबसे ठंडे

शिमला  हिमाचल प्रदेश में तापमान के गिरने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। पूरा प्रदेश भीषण शीतलहर से जूझ रहा है। पिछले तीन दिनों से राज्य भर में अच्छी धूप निकलने से अधिकतम तापमान में सुधार आया है। लेकिन न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आने से रातें बेहद सर्द हो गईं हैं और पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं। शुक्रवार को इस सीजन में पहली बार प्रदेश के 12 में से नौ जिलों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया। बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, मंडी जैसे मैदानी जिलों का पारा माइनस में पहुंच गया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मैदानी इलाकों में बिलासपुर का बरठीं सबसे ठंडा स्थल रहा, जहां न्यूनतम पारा -1.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। ऊना में -0.8 डिग्री, हमीरपुर में -0.4 डिग्री और मंडी जिला के सुंदरनगर में -0.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लाहौल-स्पीति जिला का ताबो राज्य में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान -7.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। इसी जिला के कुकुमसेरी, समधो व सियोबाग में पारा क्रमशः -7.2 डिग्री, -3.9 व -1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। किन्नौर जिला के कल्पा में -5.2 डिग्री व रिकांगपिओ में -1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुल्लू जिला के भुंतर में -0.5 डिग्री, बजुआरा में -0.6 डिग्री व मनाली में -0.2 डिग्री, शिमला जिला के नारकण्डा में -1.2 डिग्री, सोलन में -0.5 डिग्री और चम्बा जिला के भरमौर में -0.5 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में शिमला में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री, धर्मशाला में 3.5 डिग्री, पालमपुर में 1 डिग्री, कांगड़ा में 1.9 डिग्री, मंडी में 1.2 डिग्री, बिलासपुर में 1.1 डिग्री, चम्बा में 1.5 डिग्री, कुफ़री में 0.3 डिग्री और घोलाकुआँ में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 24 घण्टों के दौरान राज्य के औसतन न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री की गिरावट रही वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह तक राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का कोई असर नज़र नहीं आएगा। 19 दिसम्बर तक कहीं भी बारिश-बर्फबारी नहीं होगी। इस अवधि तक दिन में धूप रहने से अधिकतम तापमान सामान्य बना रहेगा, लेकिन रात के तापमान में गिरावट आ सकती है। चारों धामों का तापमान माइनस में, पर्यटक स्थलों में मसूरी और चकराता सबसे ठंडे  उत्तराखंड में रविवार और सोमवार को जोरदार बर्फबारी हुई थी. तब तापमान काफी गिरने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी थी. शीत लहर चलने लगी थी. मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को अच्छी धूप निकली. इसके बाद तापमान थोड़ा संभला है. आज चार धामों में सिर्फ बदरीनाथ धाम के ही दोनों तापमान माइनस में हैं. बाकी तीन धामों के तापमान माइनस से ऊपर आ गए हैं. बदरीनाथ अभी भी सबसे सबसे ठंडा: चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम सबसे ठंडा बना हुआ है. यहां दोनों तापमान माइनस में चल रहे हैं. बदरीनाथ धाम का अधिकतम तापमान -3° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान भी -13° है. इस कारण यहां कड़ाके की ठंड है. धाम के आसपास के झरने और झीलें जम गई हैं. केदारनाथ में ऐसा है तापमान: भगवान शिव के केदारनाथ धाम में तीन दिन अच्छी धूप निकलने से अधिकतम तापमान थोड़ा सुधरा है और माइनस से बाहर निकल आया है. केदारनाथ धाम का अधिकतम तापमान 1° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -11° सेल्सियस है. सुबह-शाम कड़ाके की ठंड है. दिन में मौसम ठीक है. गंगोत्री धाम में अधिकतम तापमान माइनस से बाहर आया: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम में न्यूनतम तापमान तो माइनस में है, लेकिन अधिकतम तापमान अब माइनस से बाहर आ गया है. गंगोत्री धाम का अधिकतम तापमान 4° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -8° सेल्सियस है. यानी बर्फ जमने से भी 8° सेल्सियस नीचे. यमुनोत्री का तापमान: उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम का अधिकतम तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट पर है. आज यमुनोत्री का अधिकतम तापमान 0° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -9° सेल्सियस है. दो दिन पहले यमुनोत्री के दोनों तापमान माइनस में चल रहे थे. पिछले तीन दिन की कड़ी धूप ने तापमान में इतना बदलाव ला दिया है. ये है पर्यटन स्थलों का तापमान: उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में विंटर टूरिज्म के लिए शानदार मौसम है. पहाड़ों की रानी मसूरी में इस समय अधिकतम तापमान 10° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -2° सेल्सियस चल रहा है. सोमवार को मसूरी में भी बर्फबारी हुई थी. इससे यहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी. तीन दिन धूप पड़ी तो अधिकतम तापमान थोड़ा चढ़ गया लेकिन न्यूनतम तापमान अभी माइनस में ही है. नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में घूमने के लिए बहुत बढ़िया मौसम है. यहां भी बर्फ पड़ चुकी है. नैनीताल का अधिकतम तापमान 15° सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 2° सेल्सियस है. ऐसे में फिर कभी भी सरोवर नगरी में बर्फ पड़ सकती है. रानीखेत: अल्मोड़ा जिले के रानीखेत का तापमान मिलाजुला है. दिन में धूप पड़ रही है तो रानीखेत का अधिकतम तापमान 14° डिग्री है. सुबह-शाम और रात में कड़ाके की ठंड के कारण न्यूनतम तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट से भी नीचे -2° सेल्सियस हो रहा है. नैनीताल जिले के पर्यटक स्थल मुक्तेश्वर में सर्दियों के पर्यटन का आनंद लेने लायक मौसम है. मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 12° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -1° सेल्सियस है. कौसानी: बागेश्वर जिले के पर्यटक स्थल कौसानी का अधिकतम तापमान 17° सेल्सियस है. यहां कभी भी बर्फ पड़ सकती है. क्योंकि यहां का न्यूनतम तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट के करीब 1° सेल्सियस है. रुद्रप्रयाग जिले के बेहतरीन पर्यटन स्थल चोपता बर्फबारी के बाद निखर गया है. गुलाबी ठंड के साथ मौसम भी सुहावना है. चोपता का अधिकतम तापमान 17° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान 4° सेल्सियस है. चकराता: देहरादून जिले के जौनसार बावर इलाके में स्थित चकराता में बर्फबारी के बाद से ठंड बनी हुई है. चकराता का अधिकतम तापमान 12° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -2° सेल्सियस है. अगर आप मैदानी इलाकों के प्रदूषण से परेशान हैं, काम के बोझ से थक गए हैं तो उत्तराखंड के ये पर्यटन स्थल आपको रिफ्रेश कर देंगे. तो फिर उठाइए बैग और उसमें सर्दियों वाले कपड़े डालकर पहुंच जाइए उत्तराखंड. recent visitors 90

रातापानी टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए निकाली बाइक रैली, CM ने की शुरुआत, रणदीप हुड्डा भी रहे शामिल

रातापानी जंगल के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष बाइक रैली का आयोजन किया गया। “विरासत से विकास” अभियान के अंतर्गत यह रैली कोलार रोड स्थित गोल जोड़ चौराहे से शुरू हुई। रैली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा ने भी भाग लिया और अभियान की सराहना की। अभियान के दौरान अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं, जहां भगवान श्री कृष्ण ने अन्याय के खिलाफ संदेश दिया। आज मैं उस प्रदेश में हूं, जहां भगवान ने शिक्षा पाई और जहां जल, जंगल और गायों की सुरक्षा का संदेश दिया गया। रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री कृष्ण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने जो कार्य किए हैं, वह सराहनीय हैं। विशेषकर जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसा योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर वीर सावरकर की तारीफ करते हुए कहा कि वीर सावरकर को दो बार कालापानी की सजा हुई, लेकिन वे कभी नहीं झुके। उनका आदर्श आज भी हमें प्रेरणा देता है। रातापानी टाइगर रिजर्व से एक नई इबारत लिखी जाएगी, जहां टाइगर का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “जंगल का राजा टाइगर ही होता है, क्योंकि टाइगर अपने पराक्रम से शिकार करता है। टाइगर रिजर्व की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस टाइगर रिजर्व के उद्घाटन के लिए बाइक रैली का आयोजन रोजगार और प्रदेश को गौरव देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोपाल और आसपास के क्षेत्र में भूगर्भीय परिवर्तन के कारण प्राचीन चित्रकला और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें भी पाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि भोपाल एक ऐसी राजधानी जिसके आंगन ने अपना टाइगर रिजर्व बना है। recent visitors 203

इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया गाबा टेस्ट में भारतीय प्लेइंग XI में हो सकते हैं ये 2 बदलाव

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला ब्रिस्बेन में खेला जाना है। एडिलेड टेस्ट हारकर यह सीरीज 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। दोनों टीमों की नजरें गाबा टेस्ट को जीतकर सीरीज में बढ़त हासिल करने पर होगी। ऑस्ट्रेलिया ने तो तीसरे टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग XI का ऐलान कर दिया है। मेजबान टीम में एकमात्र बदलाव जोश हेजलवुड के रूप में हुआ है जो स्कॉट बोलैंड की जगह आए हैं। अब भारतीय फैंस की नजरें टीम इंडिया की प्लेइंग XI पर है। केएल राहुल ने पर्थ टेस्ट में रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में शानदार प्रदर्शन किया था, जिस वजह से भारतीय कप्तान ने एडिलेड टेस्ट में वापसी करते हुए अपने ओपनिंग स्पॉट का तयाग किया था। हालांकि वह नंबर-6 पर कुछ कमाल नहीं कर पाए और दोनों पारियों में मिलाकर मात्र 9 रन ही जोड़ पाए। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि हिटमैन गाबा टेस्ट में अपने नियमित ओपनिंग पोजिशन पर ही खेलते दिखाएंगे। वहीं पिछले कुछ समय से भारतीय टीम में बतौर फ्लोटर (जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थान पर खेलने वाला) खेल रहे केएल राहुल मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करते हुए नजर आ सकते हैं। केएल राहुल के मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करने से टीम को अधिक फायदा हो सकता है। राहुल ना सिर्फ विकेट पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को तंग कर सकते हैं, साथ ही टेल को एक्सपोज होने से बचा सकते हैं। इसके अलावा गाबा टेस्ट में भारत अपनी बैटिंग यूनिट को मजबूत करने के लिए रविंद्र जडेजा को मौका दे सकता है। पहले टेस्ट में वॉशिंगटन सुंदर और दूसरे में आर अश्विन को प्लेइंग XI में जगह मिली थी, मगर दोनों ही स्पिनर कुछ कमाल नहीं दिखा पाए थे। जडेजा एक छोर से लगातार गेंदबाजी कर दूसरे छोर से कप्तान को अपने बोलर्स रोटेट करने का भी बेहतर विकल्प देते हैं। वहीं बॉलिंग यूनिट में भी चेंजिस देखने को मिल सकते हैं। हर्षित राणा के लिए एडिलेड टेस्ट निराशाजनक रहा था। ऐसे में रोहित शर्मा आकाशदीप को मौका देकर अपनी पेस बैटरी को और मजबूत करना चाहेंगे। गाबा टेस्ट के लिए भारत की संभावित प्लेइंग XI- रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, केएल राहुल, रविंद्र जडेजा, नीतीश रेड्डी, हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज recent visitors 73

ये जनरेशन यह नहीं सोचती कि कौन गेंदबाजी कर रहा है, बल्कि सिर्फ गेंद को देखती है, गाबा टेस्ट से पहले गिल ने चेताया

गाबा ये जनरेशन यह नहीं सोचती कि कौन गेंदबाजी कर रहा है, बल्कि सिर्फ गेंद को देखती है…टीम इंडिया के उभरते सितारे शुभमन गिल ने गाबा टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को चेताते हुए ये बात कही। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शनिवार, 14 दिसंबर से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा मुकाबला ब्रिस्बेन में खेला जाना है। मैच से पहले शुभमन गिल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो उन्होंने बताया कि 2021 में गाबा में जीत दर्ज करने के बाद जब वह और साथी खिलाड़ी दोबारा इस मैदान पर उतरे तो पुरानी यादें ताजा हो गईं। गाबा की विकेट के बारे में गिल ने कहा कि खिलाड़ियों को एक बार खेलने के बाद पता चल जाएगा कि विकेट कैसा है, उन्होंने साथ यह भी कहा कि देखने में विकेट काफी अच्छा लग रहा है। टीम इंडिया को एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट में 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद यह सीरीज 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। गुलाबी गेंद के बारे में पूछे जाने पर गिल ने कहा, "गुलाबी गेंद अलग होती है। यह थोड़ी कठिन होती है। हम लाल गेंदों के ज्यादा आदी हैं। रात में खेलने से इसकी स्पीड, सीम और हाथ की स्थिति का अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल होता है।" मानसिक फिटनेस पर जोर देते हुए गिल ने कहा, "मुझे लगता है कि जिस तेजी के साथ यहां खेल खेले जाते हैं, वही इसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। यहां मानसिक और फिटनेस की जरूरत है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन मुझे लगता है कि दूसरी नई गेंद तक 35 ओवर बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है।" गाबा में अहम टेस्ट खेलने के बारे में गिल ने कहा, "अगर आप नहीं जीते हैं तो आपको डर लगेगा। हम पिछली बार जीते हैं और भारत में भी। यह पीढ़ी यह नहीं सोचती कि कौन गेंदबाजी कर रहा है और सिर्फ गेंद को देखती है।" recent visitors 94

कांग्रेस नेता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, कुछ दिनों पहले दर्ज हुई थी धोखाधड़ी की FIR

ग्वालियर ग्वालियर में कांग्रेस के कार्यकारी शहर अध्यक्ष अमर सिंह माहौर ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के वक्त वे घर में अकेले थे। दामाद केशव दुकान गए थे और बेटी कीर्ति यूनिवर्सिटी। बेटी जब घर लौटी, तो कमरा अंदर से बंद मिला। उसने अपने पति और अन्य रिश्तेदारों को फोन किया। सभी के आने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर देखा गया कि अमर सिंह का शव फांसी पर लटका हुआ था। दामाद ने बताया कि अमर सिंह जमीन के नामांकन संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दर्ज केस से परेशान थे। वे ज्यादातर समय घर पर ही रहते थे और फोन भी अक्सर बंद रखते थे। बताया गया कि पान पत्ते की गोठ निवासी अमर सिंह पेशे से एडवोकेट थे। उनका कोई बेटा नहीं है। माधौगंज थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार के लोग फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया। जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाने के लगे थे आरोप पुलिस ने बताया कि 26 नवंबर को अदालत के आदेश पर पद्मपुर खेरिया निवासी धारा सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में अमर सिंह के साथ प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया था। बताया गया है कि संदीप ने करीब 12 बीघा जमीन के नामांकन दस्तावेज नोटरी अमर सिंह के माध्यम से तैयार कराए थे। धारा सिंह का आरोप था कि दस्तावेज फर्जी थे। इस मामले में अमर सिंह को हाईकोर्ट से एक लाख रुपए की सशर्त अग्रिम जमानत मिली थी। छात्र जीवन से राजनीति से जुड़े अमर सिंह 1976-78 में माधव महाविद्यालय छात्र संघ में पदाधिकारी बने। इसके बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन से जुड़कर छात्र राजनीति की। फिर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता ली। 1984 में माधवराव सिंधिया की मुरार में प्रचार सभा के दौरान उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। वे संगठन में लगातार सक्रिय रहे। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने बीड़ी श्रमिकों के लिए 1 रुपए की किश्त पर 18 आवासों का आवंटन कराया था, जिससे वे चर्चा में आए थे। recent visitors 96

हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य की जनता के नाम अपने संदेश में कहा है कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है। हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा। बीते 12 महीनों में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के अपने संकल्प को पूरा करने की दिशा में हम सफलता के साथ लगातार आगे बढ़े हैं। इस दौरान हमने प्रदेश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम किया और उपलब्धियां हासिल की, हमारी प्राथमिकता में वे लोग रहे जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने हमें अंत्योदय का संदेश दिया है। इसी के अनुरूप हमने प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। हमने राज्य के जनजातीय समाज के गौरव को फिर से ऊंचाई पर स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। उनकी आय और रोजगार में वृद्धि के लिए अनेक कदम उठाए गए। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई, जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति में पर्यटन को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की। प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर तेजी से अमल करते हुए आवासों के निर्माण के लिए बड़ी राशि भी जारी की गई। इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नक्सलवाद के पूरी तरह खात्में के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ें हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि हम राज्य में सुशासन स्थापित करेंगे। इसके लिए तकनीक का प्रयोग करते हुए शासन-प्रशासन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में हमें अच्छी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास की नीति पर चलते हुए हम आने वाले दिनों में भी विकास के नये सोपान तय करेंगे। आप सभी को इन उपलब्धियों की बहुत-बहुत बधाई। recent visitors 101

वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों पर हमला, पथराव में एक गंभीर घायल

खंडवा। गुड़ी वन परिक्षेत्र में हजारों हेक्टयर वनभूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए वन विभाग की टीम जंगल में दो दिनों से कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार सुबह सरमेश्वर वन परिक्षेत्र में नवाड़ की जमीन से कब्जा हटाने के लिए 46 वनकर्मियों का दल गया था। वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दियावन भूमि में प्रवेश रोकने के लिए खंती खोदने का कार्य पोकलेन मशीन से करवाया जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे अतिक्रमणकारियों ने वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से वहां भगदड़ मच गई। पथराव में वन रक्षक संजय सिंह तोमर के सिर में पीछे की ओर पत्थर लगने से वह बेहोश हो गया। घटना में पांच-सात अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। गंभीर चोट लगने से वन रक्षक सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बिना अनुमति के जुलूस, धरना व प्रदर्शन करने पर लगा प्रतिबंधखंडवा मेंअपर जिला दंडाधिकारी केआर बड़ोले ने जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार सायबर अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर कैफे में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसकी कम से कम एक महीने तक रिकार्डिंग सुरक्षित रखना होगी। इसकी जिम्मेदारी सायबर कैफे संचालक की होगी।सायबर कैफे में कार्यरत कर्मचारियों की पूरी जानकारी परिचय पत्र व फोटो सहित निकटतम पुलिस थाने में जमा कराना होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध धारा 223 के तहत कार्यवाही की जाएगी। recent visitors 159