सबसे युवा विश्व शतरंज चैंपियन बने गुकेश, 18 की उम्र में रच डाला इतिहास

नई दिल्ली भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप के 14वें और अंतिम दौर में चीन के डिंग लिरेन को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। लिरेन को हराकर वह सबसे युवा विश्व शतरंज चैंपियन बन गए। 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने इतिहास रच दिया। 6.5 अंको के साथ खेल की शुरुआत हुई थी। अंतिम मैच भी ड्रॉ की तरफ बढ़ता दिख रहा था कि तभी लिरेन की एक गलती उनके लिए भारी पड़ गई और गुकेश को जीत दिला गई। भारतीय युवा स्टार ने लिरेन को 7.5-6-5 से हराकर विश्व खिताब अपने नाम किया। 12 साल के बाद किसी भारतीय ने इस खिताब पर कब्जा जमाने में कामयाबी हासिल की है। गुकेश ने 18 साल आठ महीने 14 दिन की उम्र में यह खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 22 वर्ष छह महीने 27 दिन की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश से पहले भारत के विश्वनाथन आनंद (2000-2002 और 2007-2013) विश्व शतरंज चैंपियन रहे। गुकेश के लिए साल का अंत शानदार रहा है। इस साल वे कई और खिताब जीते, जिनमें कैंडिडेट्स 2024 टूर्नामेंट और शतरंज ओलंपियाड शामिल है, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। दुनिया को कई बार चौंका चुके गुकेश शतरंज की दुनिया की नई सनसनी 17 वर्षीय गुकेश ने अपने करियर में कई बार दुनिया को चौंकाया है। वह इस छोटी सी उम्र में कई रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह 12 साल, सात महीने, 17 दिन की उम्र में भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बन गए थे और दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर का टैग केवल 17 दिनों से चूक गए थे। उन्होंने पिछले साल पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को पछाड़कर 36 साल बाद पहली बार देश के शीर्ष रैंकिंग खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया। अब उन्होंने उस प्रभावशाली सूची में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतने के साथ ही गुकेश 40 साल पहले महान गैरी कास्पारोव द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के चैलेंजर बन गए। रूस के पूर्व महान कास्पारोव 22 साल के थे जब उन्होंने 1984 में हमवतन अनातोली कारपोव के साथ भिड़ने के लिए क्वालिफाई किया था। तकनीकी इंजनों से दूर रहे गुकेश, ऐसे की तैयारी भारत में कम उपलब्धि पर ही स्टारडम हासिल करने वाले खिलाड़ियों के बीच गुकेश की पहचान तब तक छुपी रही जब तक उन्होंने अपने करियर में 2500 की रेटिंग पार नहीं कर ली। वह तकनीकी इंजनों से दूर रहे और अपनी तैयारी के लिए कंप्यूटर का कम से कम इस्तेमाल किया। गुकेश के इस तरीके की भारत के महानतम चेस खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने भी तारीफ की थी। उन्होंने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था- गुकेश इस तरह की सोच रखने वाले दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में हैं, जो अपने खेल के शीर्ष पर होने के बावजूद स्टार नहीं थे। यह एक बहुत ही स्वस्थ दृष्टिकोण है। महत्वपूर्ण बात यह थी कि उन्होंने सीधे किसी तरह का दृष्टिकोण नहीं अपनाया बल्कि अपने ट्रेनर की मदद ली। ऐसा ही होना चाहिए। एक खिलाड़ी को खेलने के स्किल पर ध्यान देना चाहिए और ट्रेनर उन्हें सबसे अच्छी जानकारी दे सकता है। विष्णु ने गुकेश को दिलाई विश्वस्तरीय पहचान गुकेश को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने वाले विष्णु प्रसन्ना खुद भी स्वीकार करते हैं कि यह एक जोखिम भरा कदम था। वह कहते हैं कि हमारा उद्देश्य बहुत सटीक होना और शतरंज के लिए अपने खुद के स्किल को विकसित करना था। जब आप खेल खेल रहे होते हैं, तो आप हमेशा पूरी तरह से निश्चित नहीं होते हैं। लेकिन अगर आप हमेशा कंप्यूटर से जांच कर रहे हैं तो यह आपको एक स्पष्ट परिभाषा देता है कि कोई कदम अच्छा है या बुरा। उस भ्रमित मानसिकता को दूर रखने के लिए हमने वह तरीका अपनाया। यह एक प्रयोग था। हमें नहीं पता था कि यह कैसे काम करेगा। मैंने सोचा कि यह एक उपयोगी प्रयोग होगा और चूंकि वह कभी स्थिर नहीं हुआ, इसलिए हमने इसे जारी रखा। गुकेश का नंबर वन बनने का जुनून विष्णु ने कहा- हमें कोई परेशानी नहीं हुई। वह दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बनने के काफी करीब थे। यह कहना मुश्किल है कि इंजनों (कंप्यूटर) के साथ काम करने से हमारे अवसरों में सुधार होता या नहीं (दुनिया के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बनने का रिकॉर्ड जो गुकेश 17 दिनों से चूक गए)। हमें लगा कि वह अच्छा खेल रहा है। उस रिकॉर्ड के इतने करीब पहुंचना अपने आप में यह सबूत है कि वह अच्छा कर रहे थे। इसके अलावा वे कौन से पहलू हैं जो गुकेश को इतना अच्छा बनाते हैं? इस बारे में बताते हुए विष्णु ने कहा- वह अपने खेल के प्रति बेहद जुनूनी हैं। वह किसी और चीज के बारे में नहीं सोचते। बस एक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। यह एक निश्चित जुनून है। मैंने जितने भी बच्चों के साथ काम किया है, उनमें से किसी ने भी वह जुनून नहीं दिखाया है जो गुकेश ने दिखाया है। खेल के बारे में जुनून और नंबर एक बनने की सनक। 2017 में विष्णु के साथ काम करना शुरू किया गुकेश ने 2017 में विष्णु के साथ काम करना शुरू किया था, जब वह मुश्किल से 11 साल के थे। हालांकि, उन शुरुआती दिनों में विष्णु ने गुकेश ने विश्व नंबर एक और विश्व चैंपियन बनने के लिए प्रेरित किया था। विष्णु बताते हैं- शुरुआत में हम विश्व चैंपियन और नंबर एक बनने के बारे में बात करते थे। वह साढ़े 10 या 11 साल के रहे होंगे। वह सच में एक शानदार एथलीट है। हम शीर्ष स्तर पर खेलने जैसी परिस्थितियों के बारे में सोचते थे। मैं खुद उनसे यह बात करता था क्योंकि उनकी महत्वाकांक्षाएं उस उम्र में भी मेरे लिए स्पष्ट थीं।   recent visitors 63

बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की उठ रही मांग

बेंगलुरु पत्नी और उसके परिवार वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जान देने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष को न्याय देने की मांग उठ रही है। देश भर में हलचल तेज है और मांग उठ रही है कि अब दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा को लेकर बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है। ऐसा इसलिए ताकि किसी के भी साथ पक्षपात न हो। इस बीच गुरुवार को बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग हुई। एक एनजीओ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग ईको स्पेस सोसायटी के बाहर जुटे। इसके अलावा कई शहरों में अतुल सुभाष के लिए मार्च निकाले गए हैं। इन लोगों के हाथों में कैंडल, अतुल सुभाष की तस्वीर वाले पोस्टर थे। इसके अलावा सोसायटी के बाहर जुटे लोगों ने हम न्याय चाहते हैं के नारे भी लगाए। टेक प्रोफेशनल सुभाष ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से ही चर्चा तेज है कि क्या देश में कानून में कुछ बदलाव की जरूरत है। सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन नाम के एनजीओ से जुड़े शख्स सजीत ने कहा, 'हम अतुल सुभाष की मौत से बेहद दुखी हैं। वह फर्जी केसों और कानून के बेजा इस्तेमाल से परेशान थे। हम उनकी यादों का सम्मान करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए हम मार्च निकाल रहे हैं।' इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को कंपनी को नौकरी से हटा देना चाहिए। इन लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला ने अपने पति पर आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली होती तो उसे तुरंत अरेस्ट कर लिया जाता। लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया है। इसी प्रदर्शन में आए एक शख्स नरसिंह ने तो दावा किया कि वह भी ऐसे ही एक मामले का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा भी पत्नी के साथ 2020 से मुकदमा चल रहा है और तब से मैं अपने बच्चे को देख भी नहीं पाया हूं। नरसिंह ने कहा, 'अतुल की तरह ही मैं भी कानूनी लड़ाई में उलझा हूं। मैंने अपने बेटे को तब से दो बार ही देखा है और एक बार तो थाने में देखने को मौका मिला था। मुझसे कहा जा रहा है कि यदि फर्जी केसों से बचना है तो फिर 5 करोड़ रुपये दो। समस्या यह है कि हम लोगों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। पुलिस और अदालत हमेशा महिला का ही पक्ष लेती है। हमें संघर्ष में अकेला छोड़ दिया जाता है।' बता दें कि अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले करीब डेढ़ घंटे का एक वीडियो शेयर किया था और वह 24 पन्नों का एक लेटर भी लिखकर गए थे। recent visitors 147

संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमले बोले

नई दिल्ली संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमले बोले। उन्होंने कहा कि आज लोग संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं। लेकिन ये समझने की जरूरत है कि किसने संविधान का सम्मान किया है और किसने अपमान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में कुल 62 बार संविधान संशोधन किया गया। अब तक 62 बार संशोधन राजनाथ ने सत्ता पक्ष की तरफ से बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि आजाद भारत के इतिहास को देख लीजिए। कांग्रेस ने न केवल संविधान संशोधन किया है बल्कि दुर्भावना के साथ-साथ धीरे-धीरे संविधान को बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू जब देश के पीएम थे,तो उस समय लगभग 17 बार संविधान में बदलाव किया गया। इंदिरा गांधी के समय लगभग 28 बार संविधान में बदलाव किए गए। राजीव गांधी के समय लगभग 10 बार और मनमोहन सिंह के वक्त 7 बार संविधान में बदलाव किया गया। प्रेस पर भी किया हमला राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों द्वारा किए गए अधिकांश संविधानिक संशोधन या तो विरोधियों और आलोचकों को चुप कराने के लिए किए गए या तो गलत नीतियों को लागू करने के लिए किए गए। उन्होंने कहा कि आप पहले संविधान संशोधन को ही ले लीजिए, साल 1950 में प्रेस में कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों की आलोचना हो रही थी। ऐसे में तब की कांग्रेस की सरकार ने आरएसएस के साप्ताहिक प्रकाशन ऑर्गेनाइजर और मद्रास से निकलने वाली पत्रिका क्रॉस रोड को प्रतिबंधित कर दिया था। एक पूर्व जस्टिस का राजनाथ ने किया जिक्र राजनाथ ने कहा कि आज संविधान की रक्षा की बात की जा रही है,ये समझने की जरूरत है कि किसने संविधान का सम्मान किया है और किसने अपमान किया है? उन्होंने इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एच आर खन्ना की आत्मकथा,नाइदर रोजेज नॉर थार्न किताब से एक पंक्ति उदृत किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस खन्ना ने लिखा कि मैं अपनी छोटी बहन संतोष को कहा कि मैंने एक जजमेंट तैयार किया है जिसके कारण मैं देश का चीफ जस्टिस नहीं बन पाऊंगा। recent visitors 68

सत्रह वर्षीय अपहृत बालिका को अनूपपुर पुलिस ने सिवनी से दस्तयाब कर परिजनो के किया सुपुर्द

अनूपपुर दिनांक 24.11.24 को थाना राजेन्द्रग्राम अंतर्गत निवासी व्यक्ति द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी सत्रह वर्षीय नाबालिग बालिका जो अपने घर से कम्पयूटर सीखने जाने कहकर घर से निकली थी जो घर वापस नहीं आई है। जो रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 498/24 धारा 137(2) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर तलाश पतासाजी की गई। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के निर्देशन में थाना कोतवाली अनूपपुर से सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र प्रताप सिहं, प्रधान आरक्षक महेन्द्र राठौर, महिला आरक्षक ऊषा सिहं को अपहृत नाबालिग बालिका की दस्तयाबी हेतु जिला सिवनी भेजी गई जो जिला सिवनी अंतर्गत ग्राम विजयपानी थाना कुरई से अपहृत हुई नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर परिजनो को सुपुर्द किया है। नाबालिग बालिका के परिजनो ने अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया है। recent visitors 26

पाकिस्तान क्रिकेट टीम में फ‍िर भूचाल, 1 घंटे बाद साउथ अफ्रीका के लिए होना था रवाना… हेड कोच ने दिया इस्तीफा

कराची पाकिस्तान क्रिकेट टीम लंबे समय से विभिन्न कारणों से सुर्खियों में रही है, और हाल ही में एक और बड़ी घटना ने इस चर्चा को और बढ़ा दिया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के साथ टीम मैनेजमेंट में उथल-पुथल जारी है, जिसमें कप्तान, कोच और सेलेक्टर्स के इस्तीफे शामिल हैं. अब, पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक और झटका सामने आया है, जब कोच जेसन गिलेस्पी (Jason Gillespie) ने पाकिस्तान की टेस्ट टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका के आगामी दौरे पर जाने से इनकार कर दिया है और रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने पीसीबी को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है. पाकिस्तान क्रिकेट की बिगड़ती हालत इस घटना के पीछे कुछ अहम कारण सामने आए हैं. पाकिस्तान टीम की वर्तमान स्थिति वर्ल्ड क्रिकेट में बिगड़ती जा रही है, और टीम के प्रदर्शन में निरंतर गिरावट दिखाई दे रही है. साल की शुरुआत में, पाकिस्तान ने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच गैरी कर्स्टन को व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में हेड कोच की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन कुछ महीनों बाद ही उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम से अपने कार्यकाल को बीच में छोड़ दिया. अब, जेसन गिलेस्पी ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को बड़ा झटका दिया है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में पाकिस्तान की स्थिति पहले से ही नाजुक है, और टीम के लिए स्थिति को बचाने का अंतिम मौका दक्षिण अफ्रीका दौरे से जुड़ा हुआ था. लेकिन क्रिकबज की रिपोर्ट्स के अनुसार, गिलेस्पी ने पाकिस्तान टीम के साथ इस दौरे पर जाने से साफ इनकार कर दिया है. इसके अलावा, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है. इस्तीफे के पीछे मुख्य वजह गिलेस्पी की कोचिंग में पाकिस्तान ने हाल ही में इंग्लैंड और बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली थी. इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान ने 2-1 से सीरीज जीतने में सफलता हासिल की, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ टीम को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा. गिलेस्पी के इस्तीफे के पीछे मुख्य वजह पीसीबी के कुछ फैसले हैं, जिनसे वह नाखुश थे. खासकर सहायक कोच टिम नीलसन के कॉन्ट्रैक्ट को न बढ़ाने का फैसला, गिलेस्पी के लिए निराशाजनक था, और इसी कारण उन्होंने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को एक बार फिर अपनी टीम मैनेजमेंट के मामलों को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, क्योंकि लगातार हो रहे बदलाव टीम के प्रदर्शन पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं. recent visitors 58

इंदौर में भिखारी के पास 75 हजार कैश देखकर हैरान रह गए अधिकारी, बोली- एक हफ्ते की कमाई है

इंदौर इंदौर शहर का अपना मिजाजा है, इसे मिनी मुंबई भी कहा जाता है। हाल ही में यहां से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसके बारे में जानकर हर कोई दंग है। इस शहर को भिक्षुक मुक्त करने के अभियान चलाया जा रहा है, इसी बीच एक महिला भिक्षुक का रेस्क्यू करने जब अफसर पहुंचे तो उसने अपनी साड़ी में 75 हजार से अधिक कैश छिपाकर रखे थे। पुलिस अधिकारी ने जब एक रुपये से लेकर 500 तक के नोट देखे तो वे दंग रह गए। महिला के पास नोट ही नोट निकलने लगे। अधिकारी के अनुसार, महिला ने बताया कि यह उसकी एक हफ्ते की कमाई है। दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर को भिक्षुक मुक्त करने की दिशा में महिला बाल विकास विभाग बड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत 14 भिक्षुओं को पकड़ा गया है। इनमें एक महिला ने भीख मांगकर हफ्ते में 75 हजार रुपये इकट्ठा कर लिए। अधिकारी महिला के पास इतना कैश देख दंग रह गए। महिला ने यह कैश अपनी साड़ी में छिपाकर रखे थे। इस हिसाब से यह महिला महीने में 3 लाख और सालाना इनकम 36 लाख रुपये कमाती होगी। अधिकारी ने इस महिला को महिला बाल विकास विभाग ने उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा है। उज्जैन के सेवा धाम आश्रम ले जा रहे सभी भिक्षुक कलेक्टर आशीष सिंह इंदौर शहर को भिक्षुक मुक्त करने के अभियान चला रहे हैं। महिला बाल विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में लगभग 14 अलग-अलग टीमें शहर के तमाम इलाकों में जाकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों से भिक्षा वृत्ति करने वाले लोगों को पड़कर सेवा धाम आश्रम उज्जैन भेज रही हैं। अब तक टीम ने कई इलाकों से महिलाओं और बुजुर्गों को पकड़कर उज्जैन के सेवा धाम आश्रम भेज दिया है। इस दौरान अधिकारी की नजर राजवाड़ा के समीप शनि मंदिर के पास भीख मांग रही एक महिला पर पड़ी। जब उसकी जांच की गई तो उसने अपनी साड़ी में 75 हजार से अधिक कैश छिपाकर रखे थे। अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि महिला ने एक सप्ताह में 75 हजार रुपये भिक्षा वृत्तिकर यह राशि जमा की थी महिला इंदौर के पालदा इलाके की बताई जा रही है। ऐसे कई और लोगों को भी पकड़ा गया है जो 7 से 8 बार भिक्षावृत्ति करते हुए पहले भी पकड़े गए थे, इनका पेशा की भिक्षावृत्ति है। उज्जैन के सेवा धाम आश्रम में इनकी काउंसलिंग की जाएगी और फिर इ्न्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का काम किया जाएगा, ताकि ये सामान्य जिंदगी जी सकें। recent visitors 53

पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की, फिर किया गंगा पूजन, देंगे 5500 करोड़ की सौगात

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। पीएम मोदी यहां विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी संगम नगरी को 5500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने यहां महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया। पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। पीएम ने मां गंगा का किया दर्शन पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे की शुरुआत मां गंगा के दर्शन पूजन के साथ की। पीएम मोदी ने मां गंगा का विधिविधान से पूजन अर्चन किया। उन्हें दूध और चुनरी अर्पित की और आरती उतार कर देश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां गंगा का पूजन किया। पीएम मोदी ने संगम तट पर स्थित अक्षय वट वृक्ष स्थल की भी पूजा अर्चना की और बाद में उन्होंने लेटे हुए हनुमान हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे प्रयागराज पहुंचे। जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। संगम नगरी को 5500 करोड़ की सौगात प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ देर तक महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेंगे और संगम नगरी में 5500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।  प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों को रोकने, टैप करने, मोड़ने और उपचारित करने की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे नदी में बिना उपचार वाले जल का गंगा नदी में पहुंचना पूरी तरह से रोक पाना सुनिश्चित होगा। वे पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मंदिर के प्रमुख गलियारों और चैटबॉट का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे। इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक' चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे। यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा। सुरक्षा के हैं चाक चौबंद इंतजाम प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के आगमन को लेकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एयरपोटर् से लेकर संगम तक का बड़ा क्षेत्रफल नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। सेना के जल, थल और नभ तीनों कोर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के साथ ही नौ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा आरएएफ और पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद नजर आ रहे हैं। जरूरी स्थानों अचूक निशानेबाज (स्नाइपर) तैनात किए गये हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एंटी सबोटाज की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद है। recent visitors 130