पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-दुर्ग के धान खरीदी केंद्र से 80 बोरियां चोरी

दुर्ग। दुर्ग धमधा थाना क्षेत्र में एक सेवा सहकारी समिति केंद्र से धान चोरी का मामला सामने आया है। चोर धान खरीदी केंद्र से 80 बोरियां धान की चोरी कर लिए गए। धान चोरी को शिकायत के बाद पुलिस ने धान खरीदी केंद्र से धान चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। धमधा थाना प्रभारी युवराज साहू ने बताया कि ग्राम घोठा धान खरीदी केंद्र के सहायक प्रबंधक राजू पटेल ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि धान खरीदी केन्द्र ग्राम हिरेतरा में 14 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ हुआ है। जहां किसानों का धान खरीदी कर धान के बोरों को रखा गया था। 13 दिसंबर को धान बोरों का मिलान करने के बाद मंडी के चौकीदारों को बताकर वह ऑफिस काम से दूसरी सोसायटी ग्राम घोठा धान खरीदी केंद्र चला गया था। इसके बाद फिर 16 दिसंबर को निरीक्षण करने में धान बोरा की दो-तीन लाइन कम दिखाई दीं। इस पर गिनती कर मिलान किया तो पता चला कि करीब 80 बोरा धान गायब था। जिसका मंडी परिसर के आसपास तलाश की गई। लेकिन नहीं मिलने पर इसकी शिकायत पुलिस ने की गई। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। धान खरीदी केंद्र से 80 बोरा धान की कीमत 73 हजार 600 बताई है। पुलिस से घटना में इस्तेमाल मोटर साइकिल और चोरी के धान बरामद की है। आरोपी धान खरीदी पहुंचकर मोटर साइकिल में धान लोड कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे इस गिरोह के द्वारा धमधा के आसपास अन्य धान खरीदी केंद्र से धान के बोरा चोरी कर देवकर के एक व्यापारी को बेचते थे। इस गिरोह के सदस्य हिरेतरा धान खरीदी केंद्र में चोरी करने पहुंचे थे। धान चोरी करने ग्रामीणों ने करण पारधी और रघु पारधी को पकड़ लिया। और अन्य उनके साथी फरार हो गए ग्रामीणों ने पकड़े आरोपियों की जमकर पिटाई की। जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि अपने साथी प्रकाश पारधी, चंदन पारधी, गोविंद पारधी और नंदू पारधी को साथ मिलकर धान खरीदी केंद्रों से धान चोरी की वारदात को अंजाम देते थे पुलिस उनके साथी को तलाश में जुटी है। recent visitors 69

AIRPORT FLIGHTS ISSUE, जबलपुर एयरपोर्ट से कम उड़ानों के मामले में हाईकोर्ट सख्त, विमानन कंपनियों पर कड़ी टिप्पणी

जबलपुर ! मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर से अन्य बड़े शहरों के लिए एयर कनेक्टिविटी संबंधी मामले को गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने मंगलवार को दो विमानन कंपनियां स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब न आने पर सख्त टिप्पणी की है. युगलपीठ ने दोनों विमानन कंपनियों को जवाब के लिए आखिरी मोहलत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर जवाब न आने पर उनपर भारी जुर्माना लगाना शुरू किया जाएगा. कोर्ट ने एयरलाइंस कंपनियों को दो टूक कहा है कि अगर अगली सुनवाई तक जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी को लेकर उनका जवाब नहीं आया तो सभी पर बीस-बीस हजार रु का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही न्यायालय ने इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस को पक्षकार बनाने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए हैं. युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित की है. दरअसल, ये जनहित का मामला नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव की ओर से दायर किया गया था. इसमें कहा गया है कि जबलपुर में अन्य शहरों की तुलना में कम फ्लाइट हैं. पूर्व में जबलपुर से मुम्बई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरू आदि शहरों के लिए फ्लाइटें संचालित होती थीं और जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर व भोपाल के सामान थी. लेकिन लगातार फ्लाइटें बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. याचिका में कहा गया कि पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वहीं अब इनकी संख्या घटकर 5 हो गयी है, जिससे जबलपुर का विकास अवरुद्ध हो रहा है. इस मामले में इंडिगों विमान कंपनी ने अपना जवाब पेश कर दिया था. जबकि अनावेदक स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब प्रतीक्षित था. मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने का आखिरी मौका दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा. recent visitors 126

जिले वासियों को निःशुल्क अयोध्या और बाबा विश्वनाथ के दर्शन करवाए , विशेष ट्रेनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा की सुविधाएं उपलब्ध करवाई

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी  छत्तीसगढ़ सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना से एमसीबी जिले के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। इस योजना के माध्यम से यहॉ के श्रद्धालुओं का वर्षों पुराना सपना साकार हो रहा है। योजना के अंतर्गत जिले वासियों को निःशुल्क अयोध्या धाम और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करवाए जा रहे हैं। विशेष ट्रेनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जहां उन्हें उत्कृष्ट व्यवस्था के साथ धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जा रहा है। अयोध्या और काशी की यात्रा किसी भी श्रद्धालु के लिए आध्यात्मिक सुख और जीवन का महत्वपूर्ण अवसर है। इस योजना के माध्यम से एमसीबी जिले के लोग अपने आराध्य श्रीरामलला और बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। इस योजना ने श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसी सुविधा प्रदान की है, जो न केवल उनकी आस्था को मजबूत कर रही है बल्कि समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण कर भी रहा है। जिला एमसीबी के ओमप्रकाश जैन अपनी पत्नी के साथ रामलला के दर्शन करने गए थे। यात्रा के बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना ने उनके जैसे आम लोगों को भी अयोध्या और काशी के दर्शन का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सारी व्यवस्थाएं बेहतरीन था। और किसी को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। खाने-पीने की उत्तम व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया। ओमप्रकाश जैन ने भावुक होते हुए कहा कि अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। यह अवसर हमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की वजह से मिला है। उन्होंने अपना वादा निभाया और हमारे लिए यह अविस्मरणीय अनुभव बना दिया। उनकी पत्नी ने भी यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पूरे सफर के दौरान महिलाओं के लिए विशेष ध्यान रखा गया। ट्रेन में स्वच्छता से लेकर सुरक्षा तक की सारी व्यवस्था बहुत अच्छी थी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान हमने कभी यह महसूस नहीं किया कि हम किसी प्रकार की परेशानी में हैं। यात्रा बहुत सुखद और आनंदमयी रही। जिले में बढ़ती रही श्रद्धालुओं की संख्या रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत एमसीबी जिले से अब तक कुल 6 बार विशेष ट्रेन के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा करा चुके हैं। इस जिले से लगभग 322 श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन का अवसर मिला है। यात्रा से लौटने वाले श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री और राज्य शासन का बार-बार आभार व्यक्त किया। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि उनके लिए यह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सुखद अनुभव रहा। यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं का कहना है कि मुख्यमंत्री ने हमें यह अवसर देकर हमारे जीवन की सबसे बड़ी इच्छा पूरी कर दी है। हम भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर पाए, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। यात्रा के दौरान हमें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। व्यवस्था इतनी बेहतरीन थी कि हमें घर जैसा अनुभव हुआ। सुरक्षा और सुविधाओं का दिया जा रहा विशेष ध्यान यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। खाने-पीने की उत्तम व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया। ट्रेन में सफाई की व्यवस्था इतनी अच्छी थी कि यात्रियों ने विशेष रूप से इसका जिक्र किया। यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को समय-समय पर भोजन और नाश्ते की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधा और सहारा उपलब्ध था। श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा के दौरान न केवल हमारी जरूरतों का ध्यान रखा गया, बल्कि पूरे सफर को आनंददायक बनाने के लिए हर छोटी-बड़ी बात पर विषेश ध्यान दिया गया। सरकार की इस योजना ने हमें यह महसूस कराया   कवे हमारी आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हैं। श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा के सुखद अनुभव को किया साझा एमसीबी जिले के कई श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अयोध्या धाम पहुंचकर जब उन्होंने रामलला के दर्शन किए, तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल था। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन का अनुभव शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, बल्कि हमारे लिए जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य था। वहीं ओमप्रकाश जैन ने यात्रा को याद करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान हमें हर तरह की सुविधा मिली। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि हमें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खाने-पीने से लेकर आराम करने तक की सारी व्यवस्थाएं बहुत ही व्यवस्थित थीं। मुख्यमंत्री के प्रति श्रद्धालुओं ने जताया आभार व्यक्त यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और जिले वासियों से किया गया अपना वादा निभाया है। यह योजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक अवसर है बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था को भी सशक्त बना रही है। श्रद्धालुओं ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री ने हमें भगवान श्रीरामलला और बाबा विश्वनाथ के दर्शन करवाकर हमारी वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी कर दी। उनके प्रति हम सदैव कृतज्ञ रहेंगे। जिले में हो रहा रामलला दर्शन योजना का व्यापक असर श्रीरामलला दर्शन योजना का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। यह योजना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह सामाजिक एकता और सद्भाव को भी बढ़ावा दे रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोग इस यात्रा में शामिल होकर अपने जीवन का सबसे सुखद अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। जिला एमसीबी के श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से बार-बार अयोध्या और काशी की यात्रा पर जाना चाहते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि अवसर मिला तो हम लोग दोबारा यह यात्रा करना चाहेंगे। recent visitors 46

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा की

 एसीआई के डॉक्टरों ने कोरोनरी धमनी में जमे कैल्शियम को डायमंड कोटेड ड्रिल डिवाइस की मदद से नसों के अंदर महीन चूर्ण के रूप में पीसकर निकाला एसीआई में कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए उपचार सुविधा की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा की रायपुर पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में  दो हृदय रोगियों के धमनियों में जमे कैल्शियम को ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिये हटाते हुए हृदय में रक्त प्रवाह को सुगम बनाया गया। एथेरेक्टोमी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी से पहले कैल्सीफाइड ब्लॉक (प्लाक) को खोलने के लिए किया जाता है। इसमें 1.25 मिमी का डायमंड-कोटेड ड्रिल डिवाइस होता है जो कैल्शियम को लगभग दो माइक्रोन आकार के महीन कणों में बदल देता है। सरल शब्दों में कहें तो यह कैल्शियम को चूर-चूर करके महीन आकार के कण बना देता है। इस पद्धति के जरिये धमनियों को अच्छी तरह से साफ करके रक्त प्रवाह को सुगम बनाया जाता है। आर्बिटल एथेरेक्टोमी का उपयोग भारी (हैवी) कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों वाले रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतले कैथेटर के जरिये धमनी के अंदर अपने अक्ष पर घूमने वाला हीरे का लेप किये हुए बर को प्रविष्ट कराया जाता है जो कैल्सिफाइड सतह को धीरे-धीरे पीस कर बाहर निकालता है और धमनी की सतह को चिकना कर देता है। इस चिकनी सतह में रक्त का प्रवाह सुगमता से होता है जिससे दिल के दौरे पड़ने की संभावना कम हो जाती है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों के सफल उपचार के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। एसीआई में हृदय रोग विशेषज्ञों की अनुभवी एवं समर्पित टीम ने कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए नयी उपचार सुविधा की शुरुआत की है। शासकीय चिकित्सालय में इस तकनीक का उपयोग कर एसीआई ने उपलब्धि हासिल की है। हृदय रोग के उपचार की दिशा में एसीआई की टीम द्वारा किये जा रहे नवाचार मरीजों में अच्छे जीवन की नई उम्मीद जगा रहे हैं। केस के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी 77 वर्षीय को-मॉर्बिड बुजुर्ग मरीज को बी. पी., शुगर की समस्या के साथ-साथ उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता काफी कम थी। एंजियोग्राफी रिपोर्ट में हृदय की बायीं मुख्य एवं तीनों नसों में कैल्शियम का जमाव था। इस वजह से सामान्य एंजियोप्लास्टी पद्धति से एंजियोप्लास्टी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में ऑर्बिटल एथरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिए कैल्शियम को हटाते हुए एंजियोप्लास्टी की गई। वहीं भिलाई निवासी 68 वर्षीय मरीज की नसों में कैल्शियम का जमाव था। बाहर के अस्पताल में एंजियोग्राफी करवाया था। वहां पर बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया गया। मरीज वहां से सुझाव लेकर एसीआई आया और एसीआई में उसके लेफ्ट साइड की मुख्य नस में बहुत ज्यादा कैल्शियम जमा होने की वजह से ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक एंजियोप्लास्टी कर दी गई। एक दिन में ही मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चला गया। क्या है ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया कार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल ओस्तवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया में धमनी में एक पतली कैथेटर डाली जाती है। इस कैथेटर में एक घूमता हुआ हीरा-लेपित बर (डायमंड कोटेड बर (किसी उपकरण या धातु की खुरदरी सतह)) होता है जो विशेष वृत्ताकार धुरी पर 360 डिग्री घूमते हुए नसों के अंदर जमे हुए कैल्शियम को खुरचकर निकालता है। कैल्शियम के जमाव को तोड़कर या पीसकर, यह प्रक्रिया रक्त प्रवाह के लिए एक चिकनी सतह बनाती है, जिससे एंजियोप्लास्टी करने एवं स्टंट लगाने में सहूलियत प्राप्त होती है और रुकावटों की संभावना कम हो जाती है। ऐसी नसें जिनमें सामान्य तरीके से एंजियोप्लास्टी एवं स्टंटिंग नहीं की जा सकती। उनमें यह तरीका अपनाया जाता है। यह कैल्शियम को इतने छोटे टुकड़ों में तोड़ता है कि वह आर्टरिज के कैपिलरी के द्वारा ही निकल जाता है। recent visitors 50

स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 का हुआ सरलीकरण 30 बिस्तर तक के चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत , फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 में संशोधन करते हुए चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बदलाव को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।  इस अधिसूचना के तहत 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु नियमों को लचीला बना दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश में सभी क्लिनिक को आवेदन के साथ निर्धारित मापदंडों का पालन करने हेतु शपथ पत्र देने पर स्वत लाइसेंस दे दिया जाएगा, जिसे वे  ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें से 10 प्रतिशत संस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा और यदि कोई कमी पाई गई तो एक माह के भीतर उक्त कमियों को दूर करना  होगा। 1 से 10 बिस्तर तक के अस्पतालों को आवेदन के साथ मापदंडों का पालन करने हेतु शपथपत्र देने पर लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा तथा 3 महीने के अंदर उन्हें मापदंडों को पूरा करना होगा। 11 से 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को नियमों के तहत आवेदन करना होगा तथा चिकित्सा अधिकारी के द्वारा उनका 3 महीने के अंदर उनका निरीक्षण कर लाइसेंस जारी किया जाएगा । यदि 3 महीने के अंदर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो ऐसी संस्थाएं स्वत पंजीकृत मानी जाएगी तथा ऑनलाइन लाइसेंस की प्रति डाउनलोड कर सकेंगी। 30 बिस्तर से अधिक अस्पतालों को लाइसेंस प्राप्त करने हेतु सभी नियमों का पूर्ववर्त पालन करना होगा परंतु उन्हें फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट दी गई है । इसके  लिए उन्हें अलग से नियमों का पालन करना होगा। नियमों की सरलीकरण से क्लीनिक 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को अब पंजीयन कराने में काफी आसानी होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और राज्य के लोगों को पहले से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। recent visitors 73

पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा है हवाई सेवाओं का विस्तार रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर शहरों को जोड़ने नई विमान सेवा 19 दिसंबर से शुरू होगी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999 सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी उड़ानें रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत शुरू हो रही नई उड़ान सेवाओं का उद्देश्य हवाई यात्रा को न केवल किफायती बनाना है बल्कि क्षेत्र में यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प भी बनाना है। इन उड़ानों के शुरू होने से व्यापारिक यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों को बहुत लाभ होगा, समय की बचत होगी और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।       इसी कड़ी में रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इन तीनों शहरों को जोड़ने के लिए नई उड़ान सेवा का संचालन 19 दिसंबर, 2024 से शुरू होने जा रहा है।       रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली नई उड़ानें सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होंगी। यह नई सेवा न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि इंटरसिटी यात्राओं को एक आरामदायक और सुविधाजनक बनाएगी, जिससे पर्यटन, व्यापार के अवसरों और क्षेत्रीय विकास को और बढ़ावा मिलेगा। इन शहरों में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर यात्री विमान सेवा के लिए बुकिंग करा सकते हैं। इस नई उड़ान सेवा का शुरुआती किराया मात्र 999 रूपए रखा गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी और बुकिंग के लिए  recent visitors 41

विधान सभा के रजत जयंती वर्ष में ‘स्मृतियां’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ

विधान सभा के रजत जयंती वर्ष में ‘स्मृतियां’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने किया शुभारंभ रायपुर छत्तीसगढ़ विधान सभा के ‘‘रजत जयंती वर्ष’’ के उपलक्ष्य में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आज विधान सभा परिसर में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी के शुभारंभ के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित मंत्रियों एवं विधायकों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। इस अवसर पर विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे । छायाचित्र प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के 25 वर्षों के ऐतिहासिक सफर के महत्वपूर्ण अवसर के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्रों की इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधान सभा के आरंभ से लेकर वर्तमान तक विशिष्ट अतिथियों के छत्तीसगढ़ विधानसभा में विभिन्न कार्यक्रमों में आगमन एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष भर विधान सभा परिसर में लगी रहेगी। प्रदर्शनी स्थल पर नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधान सभा भवन के ‘‘मॉडल’’ को भी प्रदर्शित किया गया है। recent visitors 44