Monday, July 6, 2026 2:35 pm

श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे ने राजनीति के साथ समाज और संस्कृति के उत्थान में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को स्थापित करने, सामान्य व्यक्तियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बनाने के लिए प्रेरित करने जैसी सकारात्मक गतिविधियों में श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने प्रदेश की राजनीति के साथ समाज और संस्कृति के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठन को विस्तार देने और पारिवारिक स्तर पर राष्ट्रवादी विचारों के प्रसार में श्रद्धेय ठाकरे जी का योगदान अविस्मरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्य-तिथि पर कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार स्थित उनकी प्रतिमा पर मार्ल्यापण और नमन कर सभा को संबोधित कर रहे थे। श्रद्धेय पटवा और श्रद्धेय ठाकरे के संस्मरण पर हो पुस्तक का प्रकाशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संगठन को स्थापित करने और उसे विस्तार देने की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और जनसामान्य पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा एवं कुशाभाऊ ठाकरे जी के सम्पर्क में आए और उनसे प्रेरित हुए। दोनों ही वरिष्ठजन ने व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को त्याग कर संगठन के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों वरिष्ठजन के साथ बिताए क्षणों, प्राप्त प्रेरणा और संस्मरण पर केन्द्रित पुस्तक प्रकाशित करने का विचार रखा। सांसद श्री वी.डी. शर्मा, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, श्री हितानंद शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी सहित जन-प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धेय ठाकरे जी की प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।   recent visitors 49

सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय निवासियों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़ें जाए: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पेसा कानून में प्रस्तुत समस्त दावों का निराकरण समय-सीमा निर्धारित कर प्राथमिकता पर किया जाए, आगामी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में इसकी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य विभाग में पेसा सेल गठित करने पर सहमति प्रदान की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में समस्त पात्र भाई-बहनों का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश तेंदूपत्ते का बड़ा उत्पादक है, लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग अन्य राज्यों में होता है। तेंदूपत्ता संग्राहकों और इससे जुड़े विभिन्न व्यवसायों को प्रदेश में ही प्रोत्साहित करने एवं जनजातीय भाई-बहनों को इसके लाभ दिलवाने के लिए रणनीति बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने पर दिए गए दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने के लिए राज्य शासन द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन अनुसार ग्रामवासियों को रिकार्ड ऑफ राइट्स शीघ्र प्रदानकिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर वन, राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी समन्वय से कार्य करें। प्रदेश में विद्यमान 925 वन ग्रामों में से 827 को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 792 को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कर अब तक 790 ग्रामों का गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। जीवन स्तर में सुधार और वन क्षेत्रों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार और वन क्षेत्रों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय निवासियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं को जोड़ते हुए गतिविधियों का विस्तार किया जाए। बैठक में मध्यप्रदेश वन अधिकार अनिधियम के प्रावधानों और उसके क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में विधि विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद दांडेकर, विषय विशेषज्ञ डॉ. शरद लेले, श्री मिलिंद थत्ते, पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम, श्री राम दांगोरे, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 58

पाकिस्तान के हमले और जवाबी कार्रवाई के बाद से पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा

इस्लामाबाद दक्षिण एशिया में एक बार फिर युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है और दोनों देश युद्ध के कगार पर खड़े नजर आ रहे हैं। टीटीपी यानि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हमले और पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच तालिबान के 15 हजार लड़ाके पाकिस्तान की सीमा की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने भी पेशावर और क्वेटा से अपनी सेना को सीमा पर तैनात कर दिया है। पिछले दिनों पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में टीटीपी के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जिसके जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। तालिबान के हजारों लड़ाके पाकिस्तानी सीमा पर तैनात हैं और दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। हालांकि, अभी तक कोई बड़ी झड़प नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच हालात काफी नाजुक हैं। पाकिस्तानी दूतावास को तलब किया पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब किया है। अफगानिस्तान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे दोनों देशों के संबंधों में दरार डालने का प्रयास बताया है। दोनों देशों के बीच क्यों बढ़ तनाव? टीटीपी, पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा बना हुआ है। यह संगठन पाकिस्तान में कई हमले कर चुका है और पाकिस्तानी सेना के जवानों को निशाना बनाता रहा है। वहीं अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही देश की स्थिति अस्थिर है। देश में आर्थिक संकट है और सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा विवाद भी रहा है और अब तक दोनों देश अपनी-अपनी सीमा रेखा को लेकर आज तक स्पष्ट नहीं हैं। क्या होंगे इस संघर्ष के परिणाम? अगर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध छिड़ता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। इस युद्ध से लाखों लोग प्रभावित होंगे और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी। इसके अलावा, इस युद्ध का असर आतंकवाद पर भी पड़ सकता है। इस संकट का क्या है समाधान? इस संकट से निपटने के लिए दोनों देशों को बातचीत का रास्ता अपनाना होगा। दोनों देशों को एक-दूसरे के साथ मिलकर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए काम करना होगा। इसके अलावा, दोनों देशों को सीमा विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना होगा। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ना क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है। दोनों देशों को इस संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। अगर दोनों देश युद्ध के रास्ते पर चलते हैं तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। recent visitors 61

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किए गए 50 जूनियर डॉक्टरों की नौकरी पर खतरा

रायपुर लोक सेवा आयोग के जरिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किए गए 50 जूनियर डॉक्टरों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है. एनएमसी के नियम विपरीत होने के कारण इन पदों को सरेंडर करने के लिए पत्र लिखा गया है. रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के डीन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है. जिसमें बताया गया कि एनएमसी के अनुसार, भर्ती पोस्ट ग्रेजुएट की होनी थी, लेकिन अंडर ग्रेजुएट की मेडिकल शिक्षा विभाग द्वारा नियम विरुद्ध भर्ती की गई है. कांग्रेस शासनकाल में हुई इन नियुक्तियों पर पत्र के अनुसार फैसला लेने से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था चरमरा जाएगा. इसका असर केवल छात्रों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि उपचार के लिए आने वाले मरीजों पर भी पड़ेगा. recent visitors 57

संसदीय इतिहास में पहली बार भाजपा ने रची भेदभाव की परिभाषा

सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने भाजपा सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति पर कटाक्ष करते हुए मोहन सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। विधायक पट्टा ने कहा कि यह सरकार कहने को तो कुछ भी कह देती है, लेकिन उसकी असल सच्चाई कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए की राशि विकास कार्यों के लिए दी है, लेकिन कांग्रेसी विधायकों को कुछ भी नहीं। इस बात का जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने विरोध किया तो मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों को भी 5 – 5 करोड रुपए देने के लिए घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा ही रह गई। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए मिले, वह राशि भी आज तक विधायकों को पता नहीं चला कि मिली या नहीं मिली। मुख्यमंत्री मोहन यादव सिर्फ घोषणा ही कर रहे हैं। इतना बड़ा भेदभाव संसदीय इतिहास में किसी भी सरकार ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ नहीं किया। विधायक पट्टा ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और विपक्ष विरोधी है। मुख्यमंत्री आप हमारे साथ भेदभाव कर दीजिए, पर क्षेत्र की जनता के साथ ऐसा मत कीजिए। उनका कहना है कि यह हमारे साथ नहीं, बल्कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता के साथ भेदभाव कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेेगी। recent visitors 107

मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर, 15 हजार से अधिक पदों पर भर्ती, जारी किया कैलेंडर

भोपाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में आयोजित होने वाली परीक्षा का कैलेंडर जारी कर दिया है। यह भर्ती प्रक्रिया मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है। इसमें 15 भर्ती परीक्षा और पांच प्रवेश परीक्षा की तिथियों का जिक्र है। कैलेंडर में मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में 15,000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा शेड्यूल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। कर्मचारी चयन मंडल ने पहली बार भर्ती के लिए विभिन्न पदों की संख्या को सार्वजनिक किया है, जिससे अभ्यर्थियों को आने वाली भर्ती प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इस बार कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पांच अलग-अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षाएं विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए आयोजित की जाएंगी और इनसे जुड़ी तारीखों को पहले ही कैलेंडर में शामिल किया गया है। परीक्षा की जानकारी के साथ-साथ कर्मचारी चयन मंडल ने रिजल्ट जारी होने की तीथि भी स्पष्ट कर दी है। कैलेंडर के मुताबिक, 15 फरवरी से नर्स संयुक्त भर्ती परीक्षा की शुरुआत होगी, जिसमें 2267 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके परिणाम अप्रैल में घोषित होने की संभावना जताई गई है। पीएसटी प्रवेश परीक्षा मई 2025 में और पीएनएसटी जून 2025 में होगी।   recent visitors 61

एमपी गजब : ‘धूम-3’ स्टाइल में चोरी: जुड़वा भाइ एक चोरी करता..दूसरा CCTV के सामने खड़ा रहता

रीवा, मऊगंज। मध्यप्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। चोरी करने का तरीका बॉलीवुड की मशहूर फिल्म धूम-3 से प्रेरित था, जिसमें जुड़वा भाइयों ने मिलकर पुलिस को चकमा दिया। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इस चालाकी का पर्दाफाश कर दिया। यह मामला तब उजागर हुआ जब मऊगंज पुलिस ने 22 दिसंबर की रात चाकमोड़ निवासी सत्यभान सोनी के घर हुई चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस वारदात में घर से लाखों के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों—रविशंकर विश्वकर्मा, संजीव वर्मा, और जगन्नाथ केवट—को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का सामान बरामद किया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी संजीव वर्मा का जुड़वा भाई सौरभ वर्मा उसकी हर चोरी में शामिल था। दोनों भाइयों की शक्ल और कद-काठी एक जैसी होने का फायदा उठाते हुए उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। जब संजीव चोरी करने जाता, तो सौरभ ठीक उसी वक्त एक जैसे कपड़े पहनकर किसी सीसीटीवी कैमरे के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराता था। इस तरीके से, यदि चोरी के संदेह में पुलिस संजीव तक पहुंचती, तो सौरभ के सीसीटीवी फुटेज दिखाकर उनकी मौजूदगी किसी अन्य जगह साबित हो जाती थी। हालांकि, पुलिस की गहन जांच और सावधानी ने इस अनोखी चालाकी का भंडाफोड़ कर दिया। मऊगंज पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके जुड़वा भाई वाली योजना का राज़ उजागर किया। आरोपियों के पास से चोरी हुए जेवरात और नकदी भी बरामद कर ली गई है। यह मामला अपने आप में अनोखा है और इसे फिल्मी कहानी जैसा बताया जा रहा है। धूम-3 की कहानी में जुड़वा भाई अपने चालाक तरीकों से सभी को मात देते हैं, लेकिन मऊगंज में असल जिंदगी में जुड़वा भाइयों की चालाकी पुलिस के आगे टिक नहीं पाई। इस सफलता के बाद मऊगंज पुलिस की सतर्कता और कार्यकुशलता की सराहना हो रही है। नवगठित जिले में यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, बल्कि उनकी क्षमता को साबित करने वाला भी रहा। पुलिस की सतर्कता ने अपराधियों को पकड़कर एक बार फिर यह दिखा दिया कि कानून से बच पाना मुश्किल है। मऊगंज पुलिस की इस कामयाबी से स्थानीय लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं, और यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। recent visitors 128