Wednesday, July 8, 2026 2:33 am

नए साल के मौके पर मणिपुर सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया, अब मिलेगा 39% महंगाई भत्ता

मणिपुर नए साल के मौके पर मणिपुर सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 7% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों को 39% महंगाई भत्ता मिलेगा, जो पहले 32% था। सरकार के इस कदम से राज्य के 1 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा। केंद्र से अब भी कम DA हालांकि, यह महंगाई भत्ता अभी भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मुकाबले 14% कम है। केंद्र के कर्मचारी वर्तमान में 53% DA प्राप्त कर रहे हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता हर छह महीने में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत बढ़ाया जाता है। माना जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी जल्द ही बढ़ सकता है। विस्थापितों के लिए बिना गारंटी लोन मणिपुर के मुख्यमंत्री ने राज्य में विस्थापित लोगों की सहायता के लिए भी अहम पहल की है। मुख्यमंत्री उद्यमिता सहायता योजना के तहत जातीय हिंसा के कारण विस्थापित 426 लोगों को 50,000 रुपये तक का कर्ज बिना किसी गारंटी के दिया जा रहा है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने सात स्टार्टअप्स की पहचान की है जो 432 विस्थापित लोगों को रोजगार देंगे। इसके अलावा, करीब 500 युवाओं को एयर इंडिया और इंडिगो में केबिन क्रू के रूप में शामिल होने के लिए दिल्ली में आवासीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मणिपुर सरकार का विकास पर जोर सीएम एन बीरेन सिंह ने बताया कि राज्य सरकार लगातार नई पहल कर रही है ताकि कर्मचारियों, उद्यमियों और युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। इस तरह की योजनाएं न केवल आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। recent visitors 55

नए वर्ष में प्रदेश के राजनीतिक समीकरण में कई बदलाव, साय सरकार के मंत्रिमंडल में जुड़ेंगे नए चेहरे

रायपुर नए वर्ष में प्रदेश के राजनीतिक समीकरण में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मंत्रिमंडल में नए विधायकों को जगह मिलने से नया राजनीतिक समीकरण बनेगा। हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश में भी 14 मंत्री बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी तो साय सरकार के मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरों को मौका मिलेगा। अभी प्रदेश की 90 सीटों वाली विधानसभा में 15 प्रतिशत के हिसाब से 13.5 प्रतिशत विधायकों को ही मंत्री बनाने का प्रविधान है। हालांकि हरियाणा में भी भाजपा सरकार है और वहां भी विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, इसके बावजूद वहां पर 14 मंत्री बनाए गए हैं। अभी साय मंत्रिमंडल में 11 मंत्री हैं ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में भी हरियाणा फार्मूला चल सकता है। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के रायपुर सांसद बनने के बाद साय मंत्रिमंडल में अभी 11 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल के अलावा साय सरकार 33 निगम मंडलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और सदस्यों की भी नियुक्ति करेगी। इसी तरह विधानसभा में उपाध्यक्ष और कांग्रेस की तरफ से उप नेता प्रतिपक्ष बनाने की भी कवायद हो सकती है। recent visitors 38

महतारी वंदन की राशि से पुष्पा कर रही है अपने पति की मदद

महासमुंद महासमुंद अंतर्गत वार्ड नम्बर 04 की निवासी पुष्पा यादव  को महतारी वंदना योजना का नियमित लाभ मिल रहा है। प्रतिमाह एक हजार रुपए मिलने वाली राशि से न केवल उनके दैनिक जीवन की जरूरतें पूरा हो रही है, बल्कि मासिक राशन खर्च के लिए भी मददगार साबित हो रहा है। पुष्पा ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग अपने पति के बढाई व्यवसाय में उपयोग होने वाले सामग्रियों की खरीद के लिए भी कर रही है। इससे उनके मन सुकून के साथ एक नए आत्मविश्वास जागृत हुआ है। साथ ही अब उनके पति का व्यवसाय आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहा है।     पुष्पा ने बताया कि जब भी वे अपने पति को परिश्रम करते देखती थी उनके मन में सहयोग की भावना जागृत होती थी लेकिन हाथ में पैसे नहीं होने के कारण वे सीधे मदद नहीं कर पा रही थी। महतारी वंदन की राशि मिलने से उन्होंने अपने पति के व्यवसाय के लिए कटर और रेंदा मशीन खरीदी जिससे उनके पति के बढ़ाई काम में गति आई। अब उनके पति गुणवत्तापूर्ण और तेज गति से कार्य करने में सक्षम हो गया है। उनके पति श्री संतोष यादव ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि से मेरे व्यवसाय में गति आई है। अब मैं उसी सामग्री को कम समय में और सफाई के साथ बना लेता हूं। बेहतर काम करने के कारण अब मुझे काम की भी कमी नहीं रहती है। पुष्पा और उनके पति ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है। गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य तथा पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 01 हजार रूपए महिलाओं के बैंक खाते में अंतरित की जाती है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास जागृत हुआ है। जिले के लगभग 3 लाख 26 हजार महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। योजना अंतर्गत महतारी वंदन योजना की 10 किस्त की राशि जारी हो चुकी है। recent visitors 47

नए साल में सतना को बड़ा तोहफा,सतना से पीएम पर्यटन हवाई सेवा की हुई शुरुआत

सतना आज पूरे भारतवर्ष में नए साल का जश्न बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। रात 12 बजे से ही लोग पटाखे फोड़ कर एक-दूसरे को बधाइयां देकर नए साल की शुरुआत कर रहे हैं। आज के दिन को स्पेशल बनाने के लिए लोग तमाम तरह की एक्टीविटिज करते हैं। दोस्तों के संग पिकनिक, पार्टी आदि करते हैं। कुछ लोग घर पर ही पार्टी ऑर्गेनाइजर करते हैं। कुछ लोग साल के पहले दिन मंदिर घूमने जाते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश की सतना वीडियो के लिए भी नया साल ढ़ेरों सौगात लेकर आया है। दरअसल, आज से पीएम पर्यटन हवाई सेवा शुरू हुई । जब रनवे पर सुबह 11:30 छह सीटर प्लेन उतरा । यह स्थानीय लोगों के लिए नए साल का बेहतरीन तोहफा माना जा रहा है। पीएम पर्यटन हवाई सेवा शुरू हवाई सेवा के शुरू होने से एक शहर से दूसरे शहर की कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुगम हो जाएगी। अब लोगों को कहीं जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। पहले कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण लोगों को दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन या बस का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब उनकी यह समस्या दूर हो चुकी है। हालांकि, यह हवाई सेवा सप्ताह में केवल दो दिन मिलेगी जिनमें रविवार और बुधवार शामिल है। रविवार को पैसेंजर्स सतना से वाया खजुराहो होकर भोपाल की यात्रा कर सकते हैं। वहीं, बुधवार को सतना से वाया जबलपुर होकर भोपाल के लिए फ्लाई ओला एयरलाइन की वायु सेवा जाएगा। यात्रा करने से पहले फ्लाइट के रूट के बारे में अवश्य जान लें। रूट     रविवार को सबसे पहले फ्लाइट भोपाल से खजुराहो आएगी। यहां से सतना आकर सिंगरौली जाएगी। उसके बाद सिंगरौली से फिर रवाना होकर सतना होते हुए खजुराहो होकर भोपाल को वापसी करेगी।     वहीं, बुधवार को भी भोपाल से जबलपुर और फिर सतना जाकर सिंगरौली जाएगी। इसी तरह वापसी में सिंगरौली से वापस सतना होते हुए जबलपुर के रास्ते भोपाल को पहुंचेगी। किराया किराए की बात करें तो यह यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बहुत कम रखा गया है। एक तरफ के लिए यात्रियों को 2500 से ₹4000 तक खर्च करने होंगे। recent visitors 38

नक्सलियों के गंगालूर एरिया कमेटी के डिप्टी कमांडर ने किया आत्मसमर्ण, 3 लाख का था इनामी

दंतेवाड़ा नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. नक्सलियों के गंगालूर एरिया कमेटी के डिप्टी कमांडर ने आज आत्मसमर्ण कर दिया है. SP गौरव रॉय और CRPF डीआईजी राकेश कुमार के सामने लोन वर्राटू (घर वापसी अभियान) के तहत सरेंडर किया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली हुर्रा के सिर पर 3 लाख रुपए का ईनाम घोषित था. जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पित माओवादी गंगालूर एरिया कमेटी अंतर्गत प्लाटून नंबर 12 में ए सेक्शन डिप्टी कमांडर के पद पर था सक्रिय. जिसने आज आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पित नक्सली को सरकार 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि और 10 हजार की मासिक 3 वर्ष तक आर्थिक सहायता प्रदान करेगी. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 209 ईनामी माओवादी सहित कुल 889 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके है. recent visitors 44

श्रीनाथ जी से प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दौसा के मेहंदीपुर बालाजी धाम एवं पूंछरी का लौठा में किए दर्शन

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष से पूर्व दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी धाम तथा डीग जिले के पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। श्री शर्मा ने सर्वप्रथम दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी धाम में दर्शन किए। मंदिर महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने मुख्यमंत्री को मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक श्री विक्रम बंशीवाल, श्री भागचंद टांकड़ा, जयपुर रेंज आईजी श्री अजयपाल लांबा, दौसा कलक्टर श्री देवेन्द्र कुमार, करौली कलक्टर श्री नीलाभ सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पूंछरी का लौठा में किए श्रीनाथ जी के दर्शन- मुख्यमंत्री इसके बाद पूंछरी का लौठा धाम पहुंचे तथा श्रीनाथ जी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नववर्ष 2025 में प्रदेश की प्रगति तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। श्री शर्मा ने पूंछरी ग्राम में आमजन के साथ भी आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, भरतपुर रेंज आईजी श्री राहुल प्रकाश, जिला कलेक्टर डीग श्री उत्सव कौशल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नववर्ष के प्रथम दिन 1 जनवरी (बुधवार) को पूंछरी का लौठा धाम में गिरिराज जी की विशेष पूजा-अर्चना कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके साथ ही वे स्थानीय कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। recent visitors 69

नए साल में मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने विभिन्न योजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली 1 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं और पैकेजों को मंजूरी दी। इन फैसलों से किसानों को राहत मिल सकती है, खासकर उर्वरकों और फसल बीमा से जुड़े मामलों में। डीएपी उर्वरक कंपनियों के लिए स्पेशल पैकेज केंद्र सरकार ने डीएपी (डायअमोनियम फास्फेट) उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के लिए एक स्पेशल पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत कंपनियों को मिलने वाली सब्सिडी के अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। डीएपी उर्वरक की मांग भारत में बहुत अधिक है, लेकिन इसके अधिकतर कच्चे माल का आयात किया जाता है, खासकर चीन, सऊदी अरब और मोरक्को जैसे देशों से। वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण डीएपी की लागत बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए उर्वरक की कीमतें भी बढ़ी हैं। सरकार ने इन कंपनियों को वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है ताकि उर्वरक की कीमतों को स्थिर रखा जा सके और किसानों को राहत मिले। यह पैकेज 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा, जिससे अगले कुछ वर्षों तक किसानों को महंगे उर्वरकों से राहत मिलेगी और उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी। फसल बीमा योजना में किए सुधार केंद्र सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी या अन्य कारणों से फसल को हुए नुकसान के लिए किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अब, सरकार ने इस योजना के नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया है, ताकि यह किसानों के लिए और अधिक सुलभ हो। सरकार के मुताबिक, फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम की दर को कम किया जाएगा और बीमा प्राप्त करना किसानों के लिए आसान बनाया जाएगा। पहले जहां किसानों को बीमा लेने के लिए जटिल प्रक्रिया का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इसे सरल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार इस योजना में कवरेज की सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, ताकि किसानों को और अधिक सहायता मिल सके। इस कदम से छोटे और मझले किसानों को फायदा होने की संभावना है, क्योंकि उन्हें कम खर्च में अधिक बीमा कवर मिलेगा और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्राप्त होगी। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से किया मना इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के साथ बातचीत करने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने एसकेएम को 3 जनवरी 2025 को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था, लेकिन एसकेएम ने इसे ठुकरा दिया। एसकेएम का कहना है कि वे किसी भी न्यायालयिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते क्योंकि उनकी लड़ाई केंद्र सरकार के साथ नीतिगत मुद्दों पर है, और इसमें न्यायालय की कोई भूमिका नहीं हो सकती। एसकेएम ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने संघर्ष को न्यायालय से बाहर, सीधे तौर पर सरकार से करेंगे। एसकेएम के नेताओं का कहना है कि वे सरकार से किसानों के लिए ज्यादा राहत देने और उनके मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करेंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के साथ कोई भी बैठक नहीं करेंगे। खनौरी बॉर्डर पर महापंचायत की घोषणा संयुक्त किसान मोर्चा ने 4 जनवरी 2025 को खनौरी बॉर्डर पर एक महापंचायत बुलाने की घोषणा की है। इस महापंचायत में पंजाब और आसपास के राज्यों के किसानों को आमंत्रित किया गया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने इस महापंचायत का आयोजन किया है, और उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में किसानों को महत्वपूर्ण संदेश दिए जाएंगे। किसान नेताओं का कहना है कि इस महापंचायत में आगामी आंदोलन की रणनीतियों और किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, किसान नेताओं का कहना है कि महापंचायत के माध्यम से वे सरकार को यह संदेश देंगे कि किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उनके हितों के खिलाफ किसी भी नीतिगत फैसले को मंजूरी नहीं दी जाएगी। किसानों के संघर्ष की निरंतरता किसान आंदोलन ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण मोड़ लिए हैं, और अब यह आंदोलन कृषि नीतियों के विरोध में केंद्र सरकार से सीधे संवाद की ओर बढ़ रहा है। जबकि सरकार ने अब तक कई फैसले किसानों के पक्ष में लिए हैं, एसकेएम और अन्य किसान संगठन चाहते हैं कि सरकार उनके द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर पूरी तरह से ध्यान दे और ठोस कदम उठाए। इस महापंचायत में किसानों को आगामी फैसलों और रणनीतियों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। एसकेएम के नेता इसे किसानों की आवाज को और अधिक मजबूत करने के एक मौके के रूप में देख रहे हैं। सरकार के फैसलों का असर सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों का असर किसानों पर पड़ेगा, क्योंकि ये न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। विशेषकर डीएपी की सब्सिडी और फसल बीमा में सुधार से किसानों को सीधी राहत मिल सकती है, जो उनकी आय को स्थिर रखने में मदद करेगा। सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र के सुधारों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है, जो किसानों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। recent visitors 53