Sunday, July 5, 2026 10:59 pm

किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान को गति देने और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सुव्यवस्था स्थापित करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जिला किस तरह अग्रणी हो, इसके लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में विभिन्न योजनाओं में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य 22 जनवरी तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में कलेक्टर की भूमिका विकास कार्यों और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती है। समाज के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कलेक्टर की पहचान कार्य और जनकल्याण के कार्यक्रमों के श्रेष्ठ क्रियान्वयन के आधार पर ही बनेगी। कुछ क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियों का आवश्यक प्रचार भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से किया जाए। इससे अन्य जिलों में अधिकारियों और अन्य सभी को भी ऐसे कार्यों को करने की प्रेरणा मिलेगी। कलेक्टर, देखें रैन बसेरों की व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्दी में रैन बसेरों में रहने वाले व्यक्तियों की अच्छी देखभाल सुनिश्चित करें। समय-समय पर रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें। इसके साथ ही कलेक्टर, थानों का आकस्मिक निरीक्षण भी करें। जिले की घटनाओं पर कलेक्टर की बारीक नजर होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों से संवाद और सम्पर्क में कमी नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा के महत्वपूर्ण सेक्टर्स में जिलों में ऐसे आयोजन हों, जो जिले के महत्व को बढ़ाते हों। टी.बी. रोग नियंत्रण में गतिविधियां बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निक्षय अभियान में देश के 347 जिले चिन्हित कर विशेष प्रयास कर क्षय रोग के नियंत्रण का अभियान प्रारंभ किया। यह अभियान आगामी 24 मार्च तक चलेगा। निक्षय अभियान में मध्यप्रदेश में 23 जिले चिन्हित किए गए हैं। प्रदेश में इस अभियान को गति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 5 जिले मंदसौर, नरसिंहपुर, मंडला, बैतूल और खंडवा इस अभियान के क्रियान्वयन में शीर्ष पर हैं। इसी तरह टी.बी. रोगियों को फूड-बॉस्केट के वितरण में जबलपुर, नरसिंहपुर, मंदसौर, अनूपपुर और मंडला सबसे आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टी.बी. नियंत्रण के कार्य में कलेक्टर विभिन्न नवाचार भी कर सकते हैं। स्वास्थ्य संचालक ने जानकारी दी कि मंदसौर में एक्सरे मशीन की खरीदी, सीहोर में जनप्रतिनिधियों द्वारा एक-एक टी.बी. रोगी की देखभाल का प्रण लेने और उज्जैन एवं नीमच में टी.बी. रोगियों के पंजीयन और उपचार के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेडक्रास सोसायटी, एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों का टी.बी. उन्मूलन अभियान के लिए सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान योजना में निर्धन वर्ग के नागरिकों की सहायता के लिए जिलों में समन्वय पूर्वक सहायता के कार्य किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया के रोगियों के उपचार के संबंध में कलेक्टर को निर्देशित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 74

छतरपुर के जंगलों से कराई जा रही लकड़ी की अवैध कटाई, बातचीत का ऑडिओ वायरल, निलंबित किया

​छतरपुर ​छतरपुर में शुक्रवार देर रात वन विभाग के डिप्टी रेंजर रवि खरे को अवैध वन कटाई मामले में शामिल होने के चलते निलंबित किया गया है। शुक्रवार दोपहर काे उनका एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इसके बाद रात काे बीट गंगवाहा क्र. पी-648 में एक ट्रैक्टर ट्राली में अवैध सागौन की लकड़ी जब्त की गई। इसके बाद वन मंडल अधिकारी सर्वेश सानवानी ने डिप्टी रेंजर पर वन विभाग की छवि खराब करने और वन कटाई में शामिल होने के चलते तत्काल कार्रवाई की। निलंबन अवधि में मुख्यालय भेजा उन पर सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1956 के नियम 3 का उल्लंघन करने के लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9 (क) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें मुख्यालय वन परिक्षेत्र बक्सवाहा भेजा गया है। यह था मामला बसारी रेंज में गुरुवार रात तीन बजे वन विभाग की टीम ने लगभग दो लाख रुपए की सागौन की लकड़ी को ट्रैक्टर सहित जब्त किया। आरोप लगा था कि, वहां विभाग के डिप्टी रेंजर रवि खरे की शह पर लंबे समय से सागौन लकड़ी की तस्करी चल रही थी। इसके कुछ ऑडियो भी शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन वायरल ऑडियो में डिप्टी रेंजर रवि खरे पेड़ों की कटाई अपनी जिम्मेदारी पर रात के अंधेरे में करने को कह रहे थे। साथ ही ऑडियो में वह पैसों के लेन-देन की भी बात करते सुनाई दे रहे थे। इसके बाद डिप्टी रेंजर रवि खरे को निलंबित किया गया। वायरल ऑडियो में हुई बातचीत…     लकड़ी तस्कर- साहब काम शुरू करवा दूं?     डिप्टी रेंजर रवि खरे – सुबह तक नहीं करना, रात में ही कर लो     तस्कर -सुबह नहीं होगी। मशीन लिए हैं, वो लोग रात में ही कटवा देंगे।     डिप्टी रेंजर -वो लोग आ गए क्या?     तस्कर – नहीं वो लोग नहीं आए हैं। हम ने मना कर दिया, क्योंकि गांव में 13वीं का कार्यक्रम चल रहा है और आवाज आएगी। इसलिए 11 बजे के लगभग शुरू करेंगे।     तस्कर – गांव वाले आएंगे तो हम क्या कहेंगे?     डिप्टी रेंजर- कोई दिक्कत नहीं है। गांव वाले आए तो बोल देना साहब से बात हो गई थी और हमारे विभाग का कोई नहीं आएगा और पैसे जमा हो गए या नहीं?     तस्कर – पहले हम पैसा जमा करवा लेंगे। उसके बाद ही उन लोगों को हम काम शुरू करने देंगे।   recent visitors 43

‘झगड़े के लिए नहीं सीखते हैं लाठी चलाना, बल्कि…’, इंदौर में क्या बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे और स्वर शतकम कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया और बताया कि लाठी चलाना क्यों सीखना जरूरी है। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में हमारा देश पीछे रहने वाला नहीं है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के पास जो है, वो हमारे देश के पास नहीं है, ऐसे नहीं हो सकता है। हमारा देश पीछे रहने वाला मुल्क नहीं है। हम भी ऐसा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। विश्व के देशों की पहली पंक्ति में बैठकर हम भी बता सकते हैं कि हमारे पास क्या-क्या है? उन्होंने आगे कहा कि एक बात और है। संघ कोई भी कार्य प्रदर्शन के लिए नहीं करता है, बल्कि जो काम करता है उसी का प्रदर्शन हो जाता है। संघ के जितने भी कार्यक्रम होते हैं और जिसका आप प्रदर्शन देखते हैं। हम शाखा में भी ये कार्यक्रम करते हैं, लेकिन वो प्रदर्शन के लिए नहीं करते हैं। कार्यक्रम करते हैं, इसलिए उसका प्रदर्शन होता है। मोहन भागवत ने आगे कहा कि संघ के कार्यक्रमों से इंसान की प्रवृति, स्वभाव और संस्कार बनता है। उनके सद्गुणों में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि हम संघ में दंड सीखते हैं। लाठी चलाना प्रदर्शन या झगड़े करने के लिए नहीं सीखते हैं। अगर सीख गए और दोनों प्रसंग आए तो दोनों में काम आ जाते हैं। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि हमें उत्सवों में प्रदर्शन करना पड़ता है। हम झगड़ा नहीं करते हैं। अगर कोई आकर झगड़ा करने लगे तो उसका इलाज करना ही पड़ता है। लाठी चलाना इसलिए नहीं सीखते हैं। लाठी चलाना इसलिए सीखते हैं, क्योंकि लाठी चलाने वाले व्यक्तियों में वीरता आती है। वो किसी से डरता नहीं है। recent visitors 235

वाशिंग पाउडर और साबुन से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, लूटने के लिए दौड़ पड़े लोग

पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज रोड पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया. जानकारी के मुताबिक, हादसा पन्ना जिले के इटवा के पास हुआ. ट्रक में निरमा साबुन भरा हुआ था. ट्रक के पलटने के बाद किसी तरह से ड्राइवर और हेल्पर ने अपनी जान बचाई. वहीं हादसे के बाद ट्रक में भरे निरमा की लूट करने के लिए लोग पहुंच गए. वहीं इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. पन्ना में हुए सड़क हादसे में लोगों ने आपदा में अवसर का मौका ढूंढते हुए निरमा और साबुन की लूट शुरू कर दी. दरअसल, मामला मध्य प्रदेश के पन्ना जिले का है. जहां पन्ना अमानगंज रोड अंतर्गत आने वाले इटवा के पास एक तेज रफ्तार निरमा साबुन से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया. वहीं हादसे के बाद आसपास के लोग और राहगीर निरमा और साबुन की लूट करने लगे. लोगों द्वारा निरमा साबुन लूटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से लोग लूट करने में जुटे हैं. वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने लुट कर रहे लोगों को भगाया. पुलिस ने लोगों को भगाया किसी तरह चालक और हेल्पर ने अपनी जान तो बचा ली, लेकिन सड़क पर पड़े निरमा और साबुन के पैकेट एवं बोरियों को देख राहगीरों एवं आसपास के लोग निरमा व साबुन की लूट करने के लिए पहुंच गए. वहीं देखते ही देखते वहां पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. हालांकि जानकारी मिलने के कुछ देर बाद मौके पर पुलिस पहुंची और लूट कर रहे लोगों को भगाया. पहले भी हो चुके हैं हादसे वहीं घटना में चालक वह हेल्पर को मामूली चोटें आई हैं. फिलहाल घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है. वहीं घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. हालांकि घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है, क्योंकि कई बार पहले भी इसी मार्ग में घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कुछ महीनो पूर्व एक तेल से भरा टैंकर भी इसी मार्ग में पलट गया था जिसके बाद वहां तेल लूटने की भी होड़ मच गई थी.   recent visitors 52

भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट से जुड़ेगा मामला, सुनवाई अब सीजेआई करेंगे

धार  हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्थलों पर चल रहे विवादों की सभी कार्यवाही पर रोक लगाने का फैसला सुनाया था। इस हालिया फैसले के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट ने  आदेश दिया कि एमपी के धार जिले में भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद परिसर पर चल रही कानूनी लड़ाई को पूजा स्थल अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के साथ जोड़ा जाए और सुना जाए। इस मामले में सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर रही है। पिछले साल अप्रैल में, सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को साइट का सर्वेक्षण करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि बिना उसकी अनुमति के सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की जाए। इसने एएसआई को परिसर में ऐसी कोई भी खुदाई नहीं करने का भी निर्देश दिया, जिससे संरचना के चरित्र में बदलाव हो सकता है। सुनवाई में ये हुई चर्चा सुनवाई की शुरुआत में, जस्टिस हृषिकेश रॉय और एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि इस मामले को पूजा स्थल अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए। इन याचिकाओं में सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने किसी भी पूजा स्थल के स्वामित्व और शीर्षक को चुनौती देने वाले नए मुकदमे दायर करने या अगले आदेश तक विवादित धार्मिक स्थलों के सर्वेक्षण का आदेश देने पर रोक लगाने का आदेश पारित किया था। वकील के तर्क पर क्या बोली पीठ? हिंदू पक्ष की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि यह विवाद पूजा स्थल अधिनियम से संबंधित नहीं है और उन्होंने न्यायालय से मामले की सुनवाई कर निर्णय देने का आग्रह किया। पीठ ने संकेत दिया कि यदि वह मामले की सुनवाई करती है, तो उसके आदेश का उल्लंघन करने के लिए अवमानना नोटिस जारी करना होगा। न्यायालय ने कहा कि याचिका के साथ दायर की गई तस्वीरों से पता चलता है कि उसके आदेश के बावजूद खुदाई की गई और पक्षों को पहले अवमानना नोटिस का जवाब देना होगा। इसके बाद न्यायालय ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह मुख्य न्यायाधीश से निर्देश प्राप्त करने के बाद मामले को अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दे। यह है विवाद 11वीं शताब्दी का यह स्मारक हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद का केंद्र है। हिंदुओं का मानना है कि यह देवी वाग्देवी का मंदिर है, जो देवी सरस्वती का अवतार हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। 11 मार्च को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एएसआई को छह सप्ताह में भोजशाला परिसर का 'वैज्ञानिक सर्वेक्षण' करने का निर्देश दिया था। recent visitors 63

Indore से Prayagraj के लिए 11 जनवरी से उड़ान शुरू

 इंदौर इंदौर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट का संचालन 11 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। इस रूट पर फ्लाइट का संचालन एलायंस एयर कंपनी करेगी। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, यह फ्लाइट प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है। फ्लाइट संख्या 9I342 हर शनिवार को शाम 8:05 बजे इंदौर से उड़ान भरकर रात 10:05 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वहीं, वापसी की फ्लाइट 9I340 हर सोमवार को प्रयागराज से शाम 7:40 बजे रवाना होकर रात 9:40 बजे इंदौर लौटेगी। कुंभ मेले की विशेष तैयारी एलायंस एयर ने इस फ्लाइट की बुकिंग तीन कैटेगरी में शुरू कर दी है। सुपर सेवर कैटेगरी का किराया ₹4724 रखा गया है। वैल्यू कैटेगरी में किराया ₹12074 होगा, जबकि फ्लेक्सिबल कैटेगरी का किराया ₹20999 है। कंपनी इस सेवा के लिए ATR-72 विमान का उपयोग करेगी, जिसमें 48 से 78 सीटों तक की क्षमता होती है। यह रूट पहले भी संचालित हो चुका है, लेकिन विंटर शेड्यूल में इसे बंद कर दिया गया था। अब कुंभ मेले की विशेष तैयारियों के तहत इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।  ट्रेवल एजेंट्स और एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इस रूट पर यात्रियों की भारी मांग थी। इंदौर से प्रयागराज के लिए यात्रियों की inquiries लगातार आ रही थीं, और कुंभ मेले के समय इस रूट की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। प्रयागराज कुंभ मेले में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस कारण एयरलाइंस कंपनियां अपनी सेवाओं में नए रूट जोड़कर यात्रियों की सुविधा का ध्यान रख रही हैं। ट्रेवल एजेंट टीके जोश के अनुसार, इंदौर से प्रयागराज के लिए यह फ्लाइट काफी लाभकारी साबित होगी। इसके अतिरिक्त, सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो कंपनी भी इस रूट पर जल्द ही अपनी फ्लाइट शुरू कर सकती है।     recent visitors 137

SBI, HDFC Bank के ग्राहकों को होगा फायदा, FD पर इतना बढ़कर मिलेगा ब्याज

नई दिल्ली  फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई और सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी ने कुछ डिपॉजिटर्स के लिए एफडी पर ब्याज बढ़ाने की घोषणा की है। एसबीआई ने 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजंस की एक नई कैटगरी शुरू की है। ऐसे डिपॉजिटर्स को सीनियर सिटीजंस की तुलना में 10 आधार अंक ज्यादा ब्याज मिलेगा। वहीं एचडीएफसी बैंक ने बल्क डिपॉजिट (5 करोड़ रुपये और उससे अधिक) पर रिटर्न को 5-10 आधार अंकों तक संशोधित किया है। एसबीआई का रिवीजन सेविंग्स के बड़े हिस्से को हासिल करने के लिए डिपॉजिट पर इनोवेशन करने की रणनीति का हिस्सा है। बैंक 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए ज्यादा ब्याज देने के अलावा ने अपनी स्कीम को रिस्ट्रक्चर किया है। इनके तहत ग्राहक अपने बचत लक्ष्य तय कर सकते हैं और उसके अनुसार रिकरिंग डिपॉजिट के लिए साइन अप कर सकते हैं। बैंक में ब्याज दरों में ऐसे समय संशोधन किया है जब ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई से नीतिगत दरों में कटौती की मांग की जा रही है। आरबीआई के आंकड़ों से पता चला है कि बैंक जमा और बैंक ऋण दिसंबर के मध्य तक 11.5% की समान गति से बढ़ रहे थे। दूसरे बैंक भी बढ़ाएंगे ब्याज? एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद दूसरे बैंक भी ऐसा कर सकते हैं। हालांकि सूत्रों ने कहा कि एचडीएफसी बैंक ने दूसरे बैंकों के बराबर आने के लिए ब्याज दरों में बदलाव किया है। उच्च जमा दरें भी उधार दरों की सीमांत लागत में संशोधन के कारण उच्च उधार लागत में तब्दील हो जाती हैं, जो सीधे जमा की लागत से जुड़ी होती हैं। दिसंबर 2024 को समाप्त तिमाही के लिए व्यावसायिक आंकड़ों की घोषणा करने वाला पहला बड़ा बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा है। उसका कहना है कि उसके ग्लोबल एडवांसेज और ग्लोबल डिपॉजिट में क्रमशः 11.7% और 11.8% की बढ़ोतरी हुई है। recent visitors 105