मुख्यमंत्री डॉ. यादव 132 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

विदिशा जिले को 4 जनवरी को मिलेगी विकास की अनेक सौगातें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 4 जनवरी को विदिशा के लटेरी में लगभग 132 करोड़ रूपये की लागत का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इसका लाभ विदिशा जिले के सिरोंज और लटेरी क्षेत्र की जनता को मिलेगा। लटेरी में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये जायेंगे। विदिशा के सिरोंज और लटेरी अनुभाग क्षेत्र में जिन विभागों के करोड़ों की लागत से भूमि-पूजन और लोकार्पण होने जा रहे हैं, उनमें नगर पालिका परिषद के 20.6217 करोड़, जनपद पंचायत के 6.6352 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के 9.4179 करोड़, पीएमजेएसवाय के 7.0311 करोड़, लोक निर्माण विभाग के 24.8112 करोड़, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 15.7288 करोड़, शिक्षा विभाग के 38.8000 करोड़, राजस्व विभाग के 7.3200 करोड़, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 1.1604 करोड़ और महिला एवं बाल विकास विभाग के 0.4488 करोड़ की लागत के विकास कार्य शामिल हैं।   recent visitors 102

अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान बहुत जल्द होने की संभावना, फरवरी में चुनाव होने की उम्मीद

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीति गरमाती जा रही है। आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसके बीच ही चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान बहुत जल्द होने की संभावना है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, केंद्रीय चुनाव आयोग 7 या 8 जनवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। चुनावों की तिथि फरवरी के दूसरे हफ्ते में रखे जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद चुनाव परिणाम 15 या 16 फरवरी के आसपास घोषित होने की उम्मीद है। एक ही चरण में होंगे दिल्ली विधानसभा चुनाव केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होंगे और मतदान 11 से लेकर 13 फरवरी के बीच हो सकते हैं। यदि यह तारीखें तय होती हैं, तो चुनाव परिणाम की घोषणा 15 या 16 फरवरी तक की जा सकती है। इसके साथ ही, 6 जनवरी तक चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट भी जारी करेगा, जिससे नए मतदाताओं के नाम और वोटरों की संख्या में होने वाले बदलाव का पता चलेगा। इस लिस्ट के आधार पर ही चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। नई वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दिल्ली के चुनावी क्षेत्र में एक नई उम्मीद और उत्साह का माहौल बनेगा। यह लिस्ट दिल्ली की राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि नई वोटर लिस्ट में खासतौर पर युवा वोटरों और नए नागरिकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे पहले, 2015 और 2020 के चुनावों में भी युवा वोटर्स ने बड़ी भूमिका निभाई थी। फोकस  शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास के मुद्दों पर दिल्ली विधानसभा चुनावों को लेकर तीन प्रमुख दलों के बीच राजनीति और रणनीति का घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी, जो पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में सत्तारूढ़ रही है, ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी का लक्ष्य 2020 की तरह एक बार फिर एकतरफा जीत हासिल करना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। उनका फोकस मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास के मुद्दों पर है। पार्टी का दावा है कि दिल्ली में पिछले 5 वर्षों में हुए विकास कार्यों के आधार पर जनता उनके साथ है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP), जो दिल्ली में पिछले 27 साल से सत्ता से बाहर है, इस बार हर संभव कोशिश कर रही है ताकि वह दिल्ली में अपना खोया हुआ प्रभाव फिर से बना सके। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दिल्ली में विकास के नाम पर आम आदमी पार्टी ने केवल घोषणाएं की हैं और वास्तविक सुधारों की कमी है। बीजेपी इस चुनाव में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से दिल्ली की जनता को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी, जो कभी दिल्ली में एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति थी, अब अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस का वोट बैंक लगातार घटता जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस दिल्ली के पुराने वफादारों और उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां उनका प्रभाव था। पार्टी के नेता यह दावा कर रहे हैं कि वे एक नई शुरुआत के साथ मैदान में हैं और आने वाले चुनावों में अपनी खोई हुई साख को पुनः हासिल करेंगे। जानिए दिल्ली के चुनावी का इतिहास दिल्ली विधानसभा चुनावों के इतिहास पर नजर डालें तो पिछले कुछ चुनावों में AAP ने अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। 2020 के चुनाव में, AAP ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को मात देते हुए 70 सीटों में से 62 पर विजय प्राप्त की थी। AAP के उम्मीदवारों ने कई सीटों पर कम अंतर से जीत हासिल की थी, जो दर्शाता है कि दिल्ली के मतदाता इस बार भी सटीक चुनावी रणनीतियों को प्राथमिकता देंगे।दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं, और इनमें से अधिकतर सीटें ऐसी हैं, जहां जीत का अंतर काफी कम होता है। इसलिए इस चुनाव में उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रभाव और क्षेत्रीय समीकरणों का भी अहम योगदान हो सकता है। दिल्ली की सियासत में एक नई जनधारा का आना और विभिन्न क्षेत्रों में बदलते हुए मतदाता स्वरूप के कारण चुनावी परिणामों का पूर्वानुमान करना कठिन हो गया है। चुनाव में किसी भी मतदाता को समस्या न हो 6 जनवरी तक केंद्रीय चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट जारी करेगा, जिसमें नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और पुराने नामों में बदलाव किया जाएगा। दिल्ली में हर चुनाव से पहले इस लिस्ट का अपडेट किया जाता है ताकि चुनाव में किसी भी मतदाता को समस्या न हो। इस बार दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा मतदाता हैं, जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। इसके अलावा, कई प्रवासी नागरिक जो हाल ही में दिल्ली में आए हैं, उनके नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़े जा सकते हैं। नई वोटर लिस्ट का प्रभाव यह भी हो सकता है कि दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की जीत-हार के अंतर में बदलाव आए। साथ ही, यह लिस्ट चुनावी प्रचार में एक नया मोड़ ला सकती है क्योंकि पार्टियों को अब नए वोटर्स तक पहुंचने के लिए अपनी रणनीतियों को फिर से डिजाइन करना होगा।   recent visitors 77

प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार रेल कर्मियों की जैकेट से ‘डिजिटल रेल टिकट’ बनाने की सुविधा प्रदान करेगा

प्रयागराज महाकुंभ-2025 को 'दिव्य-भव्य' के साथ 'डिजिटल' बनाने का संकल्प डबल इंजन की सरकार ने लिया है। इस दिशा में भारतीय रेलवे एक अनूठी पहल करने जा रहा है। प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार रेल कर्मियों की जैकेट से 'डिजिटल रेल टिकट' बनाने की सुविधा प्रदान करेगा। इस पहल के कारण महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को टिकट की लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। साथ ही रेलवे प्रशासन को भी टिकट बनाने की प्रक्रिया में कुछ राहत मिलेगी। इसके अलावा भारतीय रेलवे ने पहले ही टोल फ्री नंबर, वेबसाइट और महाकुंभ मेला ऐप जारी कर 'डिजिटल महाकुंभ' को सफल बनाने में सार्थक प्रयास किए हैं। 'महाकुंभ-2025' को ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने डिजिटल तकनीक के उपयोग से टिकटिंग प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। इस बारे में बताते हुए प्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने कहा, ''महाकुंभ के दौरान, रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी प्रयागराज जंक्शन पर हरे रंग की जैकेट पहनकर विशेष ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इन जैकेट्स के पीछे क्यूआर कोड अंकित होगा, जिसे श्रद्धालु अपने मोबाइल से स्कैन कर सीधे यूटीएस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप यात्रियों को बिना लाइन में खड़े अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा प्रदान करेगा।'' प्रयागराज रेल मंडल की इस पहल से श्रद्धालु रेलवे स्टेशन पर लंबी लाइनों से बचते हुए आसानी से टिकट प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान के माध्यम से टिकट बुकिंग की यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को टिकट लाइन की समस्या से भी दूर रखेगी। सीनियर पीआरओ ने बताया, ''रेलवे कर्मी क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनकर रेलवे परिसर में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहेंगे, जिससे श्रद्धालु आसानी से टिकट बुक कर सकें। साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से यात्री टिकट बुकिंग के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठा सकेंगे।'' उत्तर मध्य रेलवे की पहल डबल इंजन सरकार की 'डिजिटल इंडिया' और 'डिजिटल महाकुंभ' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी अनोखा और सुखद अनुभव प्रदान करेगा।   recent visitors 72

आदिगुरु शंकराचार्य ने सिर्फ 32 साल की उम्र में देश के चार कोनों में स्थापित किए चार मठ

प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है. इसमें देश के 13 प्रमुख अखाड़े भी शामिल हो रहे हैं. सभी अखाड़ों में सर्वोच्च पद महामडंलेश्वर का होता, लेकिन एक अखाड़ा ऐसा भी है, जहां कोई महामडंलेश्वर नहीं है. हम जिस अखाड़े की बात कर रहे हैं, वो है श्रीशंभू पंचायती अटल अखाड़ा. शंकराचार्य के निर्देश पर हुई थी स्थापना इसके पीछे का करण अखाड़े में कड़ा अनुशासन और संन्यास देने की कठिन परिक्षा को माना जाता है. क्योंकि कठिन परीक्षा में ज्यादातर सफल नहीं हो पाते. इस अखाड़े की स्थापना गोंडवाना में 569 ईस्वी आदिगुरु शंकराचार्य के निर्देश पर हुई थी. आज हम आपको उन्हीं आदिगुरु शंकराचार्य के जीवन के बारे में बताने जा रहे हैं. कब हुआ था आदिगुरु शकंराचार्य का जन्म आदिगुरू शकंराचार्य केरल में जन्मे थे. आदि शकंराचार्य का जन्म केरल के कालड़ी गांव में 508-9 ईसा पूर्व हुआ माना जाता है. उनकी मां का नाम आर्याम्बा और पिता का नाम शिवगुरु था. उन्होंने जंगलों, पहाड़ों से होते हुए ओंकारेश्वर में ज्ञान प्राप्त किया. ओंकारेश्वर से वो वेदांत के प्रचार के लिए निकल पड़े. जब वो वेदांत के प्रचार के लिए निकले उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 12 साल थी. ओंकारेश्वर से ज्ञान प्राप्त कर वो काशी की ओर चल पड़े. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, आदिगुरु शंकराचार्य ने सिर्फ 32 साल की उम्र में देश के चार कोनों में चार मठ स्थापित कर दिए थे. इनको ज्योतिष्पीठ बदरिकाश्रम, श्रृंगेरी पीठ, द्वारिका शारदा पीठ और पुरी गोवर्धन पीठ के नाम से जाना जाता है. आज के समय में ये चारों पीठ बहुत ही पवित्र माने जाते हैं. इन चारों पीठों पर जो संन्यासी आसीन हैं उन्हें शंकराचार्य कहा जाता है. आदिगुरु शंकराचार्य की ओर से स्थापित किए गए मठों का मकसद पूरे भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ना था. आदिगुरु शंकराचार्य ने पूरे भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ा. आदिगुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म को देश के कोने-कोने में पहुंचाया. recent visitors 182

मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को प्रदर्शित करने का माध्यम बनेगा राजिम कुंभ कल्प

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री श्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। श्री साय ने कहा कि "हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री श्री साय को अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं। बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव धर्मस्व श्री अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद श्री दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 45

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्री रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी, 2025 को मनाई जाएगी

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी तिथि के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी तदनुसार 11 जनवरी को है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसे “प्रतिष्ठा द्वादशी “ का नाम दिया है। इस अवसर पर 11 जनवरी से 13 जनवरी तक राम मंदिर में चार स्थानों पर तीन दिवसीय आयोजन होंगे। अयोध्या के संत भी होंगे आमंत्रित समारोह में अयोध्या के संतो को आमंत्रित किया जा रहा है। जिसके लिए बैठक की गई और आमंत्रित करने वाले संतो की सूची फाइनल की गई। “प्रतिष्ठा द्वादशी “ के आयोजन पर अंगद टीला पर होने वाले समस्त कार्यक्रमों में सम्पूर्ण समाज को आमंत्रित किया जा रहा है। इसके लिए आमंत्रण पत्र भी बटना शुरू हो गया हैं। यहां आने के लिए आम श्रद्धालुओं को भी सुरक्षा सम्बन्धी कोई बाधा , रोक टोक नहीं होगी और प्रतिदिन भोजन प्रसाद भी सभी के लिए उपलब्ध रहेगा। ट्रस्ट महामंत्री चंपत राय ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का प्रथम वर्ष भारतीय काल गणना के अनुसार मनाया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी (22 जनवरी 2024) को की गई थी । वर्ष 2025 के जनवरी मास में पौष शुक्ल द्वादशी 11 जनवरी को है। इसे “प्रतिष्ठा द्वादशी “ कहा जाएगा, इस अवसर पर चार स्थानों पर तीन दिवसीय आयोजन होंगे। मंदिर परिसर के यज्ञ मण्डप में होंगे आयोजन उन्होंने बताया कि शुक्ल यजुर्वेद मध्यन्दनी शाखा के 40 अध्यायों के 1975 मंत्रो से अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी, 11 वैदिक मन्त्रोंच्चार करेंगे| होम का यह कार्य प्रातः काल 8 से 11:00 बजे तक और अपराह्न 2 से सायं 5:00 बजे तक होगा। श्रीराम मंत्र का जप यज्ञ भी इसी कालखंड में दो सत्रों में होगा, 6 लाख मंत्र जप किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, पुरुष सूक्त, श्री सूक्त, आदित्य हृदय स्तोत्र, अथर्वशीर्ष आदि के पारायण भी होंगे। द्वितीय स्थान मन्दिर के भूतल पर होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि दक्षिणी दिशा के प्रार्थना मंडप में नित्य अपराह्न 3 से 5 बजे तक भगवान को राग सेवा प्रस्तुत की जाएगी। मंदिर की कोली में नित्य सायं काल 6 से 9:00 बजे तक रामलला के सम्मुख बधाई गान प्रस्तुत होंगे। तृतीय स्थान यात्री सुविधा केंद्र पर होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर के यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर तीन दिवसीय संगीतमय मानस पाठ होगा। चतुर्थ स्थान अंगद टीला के मैदान में होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि अंगद टीला के मैदान पर नित्य अपराह्न 2 से 3:30 बजे तक राम कथा और अपराह्न 3:30 से 5:00 बजे तक मानस पर प्रवचन होंगे। नित्य सायंकाल 5:30 से 7:30 बजे तक अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसी स्थान पर 11 जनवरी को प्रातः काल से भगवान के भोजन प्रसाद का वितरण प्रारंभ होगा|उन्होंने बताया कि अंगद टीला के समस्त कार्यक्रमों में सम्पूर्ण समाज सादर आमंत्रित है। यहां सुरक्षा सम्बन्धी कोई बाधा / रोक टोक नहीं होगी। इन स्थलों पर 11 से 13 जनवरी तक रोज होंगे कार्यक्रम 1- यज्ञ मंडप (मंदिर परिसर) – शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों से अग्निहोत्र (सुबह 8-11 बजे और दोपहर 2-5 बजे) – छह लाख श्रीराम मंत्र जाप, रामरक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, आदि का पाठ 2- मंदिर भूतल पर कार्यक्रम – राग सेवा (3 से 5 बजे) – बधाई गान (6 से 9 बजे) 3-यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर – संगीतमय मानस पाठ 4- अंगद टीला – रामकथा (2 से 3:30 बजे) – मानस प्रवचन (3:30 से 5 बजे) – सांस्कृतिक कार्यक्रम (5:30 से 7:30 बजे) – भगवान का प्रसाद वितरण (प्रातः काल से) recent visitors 139

इंदौर प्रशासन ने अब भीख देने और भिखारियों से कोई सामान खरीदने पर कानूनी रोक लगाई

इंदौर इंदौर को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने की कोशिशों में जुटे प्रशासन ने अब भीख देने और भिखारियों से कोई सामान खरीदने पर कानूनी रोक लगा दी है और इस प्रतिबंध के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इंदौर में यदि अब कोई भीख देता हुआ पकड़ा गया तो 1000 रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी आशीष सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेश में कहा, 'किसी भी प्रकार की भिक्षावृत्ति को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। भिक्षुओं को भिक्षास्वरूप कुछ भी देना या उनसे किसी भी प्रकार का सामान खरीदना प्रतिबंधित किया जाता है।' आदेश में कहा गया कि जो व्यक्ति भिखारियों को भिक्षास्वरूप कोई भी चीज देता या उनसे कोई सामान खरीदता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी इस आदेश के उल्लंघन पर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस कानूनी प्रावधान के तहत दोषी को एक वर्ष तक के कारावास या 5,000 रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं से दंडित किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन के आदेश में भिक्षावृत्ति की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है। महिला और बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि शहर में गुजरे चार महीनों के दौरान भिक्षावृत्ति में शामिल करीब 400 लोगों को पुनर्वास के लिए एक आश्रय स्थल भेजा गया है, जबकि 64 बच्चों को बाल देखरेख संस्थान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा, 'पिछले चार महीनों के दौरान हमने लोगों को भिक्षावृत्ति के खिलाफ जागरूक करने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए। अब भीख लेने वाले और भीख देने वाले, दोनों तरह के लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।' केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के 10 शहरों को भिक्षुकमुक्त बनाए जाने की प्रायोगिक (पायलट) परियोजना शुरू की है जिनमें इंदौर शामिल है। recent visitors 59