Sunday, July 5, 2026 8:43 pm

घड़ियाल राज्य है मध्यप्रदेश, देश में घड़ियालों की संख्या 3044 है और उसमें से मध्यप्रदेश में 2456

भोपाल वन्य जीवन से समृद्ध मध्यप्रदेश बाघ प्रदेश, चीता प्रदेश, तेंदुआ प्रदेश के साथ अब घड़ियाल प्रदेश भी है। यहाँ गिद्धों का आदर्श रहवास है। देश में घड़ियालों की संख्या 3044 है और उसमें से मध्यप्रदेश में 2456 है। इस प्रकार देश में 80 प्रतिशत से अधिक घड़ियालों का घर है मध्यप्रदेश। यहाँ पर डॉल्फिन का भी रहवास है। मध्यप्रदेश में अथक प्रयासों से घड़ियालों के संरक्षण का कार्य किया गया। उनके प्राकृतिक रहवास को सुरक्षित बनाया गया और अवैध शिकार पर रोक लगायी गयी। साथ ही अवैज्ञानिक मछली पकड़ने के तौर-तरीकों को बंद किया गया। 435 किलोमीटर क्षेत्र को किया चंबल घड़ियाल अभयारण्य घोषित चंबल नदी के 435 किलोमीटर क्षेत्र को चंबल घड़ियाल अभयारण्य घोषित किया गया है। चंबल नदी मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बहती है। नदी में घड़ियालों की वृद्धि की वजह देवरी ईको सेंटर है। इस सेंटर में घड़ियाल के अण्डे लाये जाते हैं और उनसे बच्चे निकलने के बाद उनका पालन किया जाता है। बच्चों की आयु 3 साल होने पर उन्हें नदी में छोड़ दिया जाता है। प्रतिवर्ष 200 घड़ियाल को “ग्रो-एण्ड-रिलीज’’ कार्यक्रम के तहत नदी में छोड़ा जाता है। स्वच्छ नदियों में रहना और नदियों को स्वच्छ रखना घड़ियालों की विशेषता है। इसी वजह से कई राज्यों से इसकी माँग की जाती है। चंबल नदी के घड़ियाल प्रदेश एवं देश की नदियों की शान बढ़ा रहे हैं। जलीय जीव घड़ियाल नदियों का ईको सिस्टम मजबूत करते हैं। देश में वर्ष 1950 और 1960 के दशक के बीच घड़ियालों की आबादी में 80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी। भारत सरकार ने 1970 के दशक में इसे संरक्षण प्रदान किया। संरक्षण समूहों ने प्रजनन और पुन: प्रवेश कार्यक्रम शुरू किये। हालांकि, वर्ष 1997 और वर्ष 2006 के बीच घड़ियालों की आबादी में गिरावट आयी। घड़ियाल को गेवियलिस गैंगेटिकस, जिसे गेवियल या मछली खाने वाला मगरमच्छ भी कहा जाता है। वयस्क मादा घड़ियाल 2.6 से 4.5 मीटर (8 फीट 6 इंच से 14 फीट 6 इंच) लम्बी होती है और नर घड़ियाल 3 से 6 मीटर (9 फीट 10 इंच से 19 फीट 8 इंच) लम्बे होते हैं। वयस्क नर के थूथन के अंत में एक अलग सिरा होता है, जो घड़ा नामक मिट्टी के बर्तन जैसा दिखता है, इसलिये इसका नाम घड़ियाल पड़ा। घड़ियाल अपने लम्बी, संकरी थूथन और 110 आपस में जुड़े तीखे दाँतों की वजह से मछली पकड़ने में सहायक होते हैं। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की स्थापना के लिये 30 सितम्बर, 1978 में भारत सरकार की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। घड़ियालों का कुनबा बढ़ाने के लिये मुरैना में चंबल घड़ियाल सेंक्चुरी के देवरी घड़ियाल सेंटर में हेचिंग सेंटर शुरू किये जायेंगे। इन नदियों के किनारे बसे 75 गाँव के लोगों को जागरूक किया गया है। गाँव के 1200 लोग घड़ियाल मित्र के रूप में वन विभाग के साथ काम कर रहे हैं। पंजाब में वर्ष 1960-70 के बाद से वहाँ की नदियों से घड़ियाल गायब हो गये थे। चंबल नदी के देवरी घड़ियाल सेंटर से वर्ष 2017 में घड़ियाल पंजाब भेजे गये थे। वर्ष 2018 में 25 घड़ियाल सतलुज नदी के लिये भेजे गये और वर्ष 2020 में व्यास नदी के लिये 25 घड़ियाल भेजे गये थे। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य चंबल नदी के पारिस्थतिकी तंत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य बनाया गया था। तीन राज्यों में स्थित इस सेंचुरी का मुख्य आकर्षण घड़ियाल और दुर्लभ पक्षी ‘स्कीमर’ है। यह गंगेटिक में पायी जाने वाली डॉल्फिन, घड़ियाल, मगरमच्छ और साफ पानी के कछुओं के लिये प्रसिद्ध है। वर्ष 1979 में इसे राष्ट्रीय अभयारण्य घोषित किया गया था। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में फैला हुआ है। अब तक प्रवासी एवं यहाँ रहने वाले पक्षियों की 290 से अधिक प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है। इस अभयारण्य का मुख्य आकर्षण घड़ियाल और दुर्लभ पक्षी “इण्डियन स्मीकर’’ है। यह दुर्लभ पक्षी गर्मियों के मौसम में यहाँ अपना घरोंदा बनाते हैं। देश में अपनी कुल आबादी के करीब 80 फीसदी स्मीकर चंबल सेंचुरी में प्रवास करते हैं।   recent visitors 44

नाबालिग दूल्हा ने बकरे पर सवार हो निभाई शादी की रस्म लोहिया परिवार का अनोखा रिवाज

टीकमगढ़  भारतीय संस्कृति में मानव जीवन 16 संस्कारों से जुड़ा है। जन्मपूर्व से लेकर जीवन पर्यन्त हर संस्कार का अपना अलग महत्व है, इन्हीं संस्कार में से एक कर्णछेदन संस्कार का सैकड़ों वर्ष पुराना रिवाज भी अनोखा है, जिसमें कर्णछेदन संस्कार होने बाले बालक को दूल्हा बनाकर बकरे पर सवार कर उसकी पांच स्थानों से बारात निकाली जाती है। अपनी बड़ी भाभी से कराई शादी टीकमगढ़ के प्रतिष्ठित ठेकेदार व लोहा कारोबारी प्रकाश अग्रवाल के परिवार में अनोखी शादी हुई, शादी से पहले बारात निकाली गई। यहां 12 साल के बच्चे की घोड़ी की जगह बकरे पर बैठाकर बारात निकाली गई, बारात में बैंड-बाजों पर परिजनों ने जमकर डांस किया। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी हुई, इसके बाद दूल्हे की उसकी बड़ी भाभी से शादी की रस्म निभाई गई। शादी असल में नहीं बल्कि एक रिवाज शहर के प्रतिष्ठित लोहिया परिवार के कैलाश अग्रवाल कहते हैं कि हमारे यहां अनेकों पीढ़ियों में सैकड़ों साल से चली आ रही यह एक अनोखी परंपरा है। जिसमें परिवार के बड़े बेटे का कर्णछेदन का संस्कार शादी समारोह की तरह धूमधाम से किया जाता है। जिसमें तीन दिन का आयोजन होता है। कर्ण छेदन संस्कार में बड़े बेटे को दूल्हा बनाकर उसकी बारात बकरे पर बैठाकर निकालने की परंपरा है। इस शादी में परिवार के अलावा रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग शामिल होते हैं। इसके बाद विधि विधान से शादी की रस्में पूरी की जाती है। इस रिवाज की बजह अभी भी अज्ञात लोहिया परिवार के ही एक बुजुर्ग सदस्य का कहना है कि ये रिवाज कई पीढ़ियों से सैकड़ों वर्षों से चला आ रही है। आखिर बकरे पर बैठाकर नाबालिग की बारात और शादी की रस्म निभाने की परम्परा क्यों शुरू की गई होगी। इसका ठीक-ठीक कारण तो पता नहीं है, लेकिन परिवार में बड़े बेटे के कर्णछेदन संस्कार के समय इस तरह के आयोजन लोहिया परिवार में होते रहे हैं, जिसका हम सब पालन करते आ रहे हैं। ये हमारे परिवार के लिए शुभ है, जिस कारण हमारे परिवार इसको निभा रहे हैं। recent visitors 63

12 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा राजिम कुंभ कल्प, अध्यात्म और संस्कृति का भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।          मुख्यमंत्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। साय ने कहा कि "हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।          मुख्यमंत्री साय को अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी।             उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।             राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं।           बैठक में विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव धर्मस्व अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 54

5 जनवरी को राहगीरी के आनंदोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद शामिल होंगे, अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के शहर उज्जैन में राहगीरी का आयोजन किया जा रहा है. इस राहगीरी में 5 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद शामिल होंगे, इसलिए लेकर तैयारी शुरू हो रही है. राहगीरी का आयोजन कोरोना काल के पहले उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ही शुरू किया था. यह आयोजन नगर निगम और जिला प्रशासन के सहयोग से होता है. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करने के उद्देश्य से राहगीरी को शुरू किया गया था.  राहगीरी के माध्यम से स्थानीय खेल को भी काफी बढ़ावा मिलता है.  यह आयोजन उज्जैन का अपना अलग ही आयोजन है. इसे नगर निगम, जिला प्रशासन, आनंद विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है. अभी नहीं आया है CM यादव का अधिकृत कार्यक्रम 5 जनवरी और 19 जनवरी को उज्जैन में कोठी मार्ग पर इसका आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां की जा रही है. इस आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की शामिल होंगे. अभी उनका अधिकृत कार्यक्रम नहीं आया है, लेकिन उन्होंने उज्जैन आगमन की स्वीकृति दी है. राहगीरी का आयोजन 1 किलोमीटर लंबे मार्ग पर होता है इस रविवार को ही आयोजित किया जाता है, ताकि सभी लोगों को शामिल होने का अवसर मिल सके. अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन राहगीरी कार्यक्रम में संगीत खेलकूद व्यायाम नृत्य सहित विद्यार्थियों से लेकर बड़ों तक अपनी कला का प्रदर्शन किया जाता है. म्यूजिकल ग्रुप के संयोजक वैभव यादव के मुताबिक आयोजन में लोग बढ़ चढकर हिस्सा लेते हैं. यह आयोजन पिछले कई सालों से उज्जैन में लगातार हो रहा है. इसका एक उद्देश्य कलाकारों को प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराना है. recent visitors 70

विदाई / सम्मान समारोह के आयोजन से शासन प्रशासन में संस्कार, संस्कृति और परम्परा का समावेश अजाक्स

Inclusion of rituals, culture and tradition in the administration by organizing farewell / felicitation ceremony Ajax सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल । मंत्रालय अजाक्स इकाई के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया ने बताया कि भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले की जयंती के शुभ अवसर दिनाक 03 जनवरी 2025 दिन शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे वल्लभ भवन के सामने स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में मंत्रालय सेवा से वर्ष 2024 में (31 जनवरी से 31 दिसम्बर, 2024 तक) सेवानिवृत्त हुए सभी वर्गों के अधिकारी एवं कर्मचारियों का विदाई समारोह का आयोजन किया गया। माता सावित्री बाई फुले और बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर जी के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर देश भक्ती गीत और मध्यप्रदेश गायन से कार्यक्रम की सुआत की गई। इस अवसर पर माता सावित्री बाई फुल द्वारा भारत की महिलाओं के लिए किये गये सघर्ष  योगदान व समाजहित में समर्पित जीवन पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  जगदीश देवडा थे। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को बधाई एवं शुभकानाए दी और दीर्घ आयु स्वास्थ्य जीवन की कामना की। साथ ही कहा आप  शासन की सेवा से सेवानिवृत्त हुए है। हमारे लिए आप सदा महत्वपूर्ण रहेंगे आपको जब भी कोई परेशानी हो बिना संकोच के मुझे बताये हर समय मदद आपकी की जावेगी। उन्होंने कहा मंत्रालय अजाक्स शाखा के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया एवं जे.एन कांसोटिया जी और उनकी टीम द्वारा जो सभी वर्गा का प्रत्येक वर्ष विदाई समरोह का आयोजन विगत 05 वर्षों से किया जा रहा है वह अत्यंत सराहनी कार्य है। सामाजिक दायित्व के निर्वहन के साथ समरसता व भाईचारा और वरिष्ठो के प्रति सम्मान की प्रतीक है। वर्ष 2024 में  कुल 84 शासकीय सेवक सेवानिवृत्त हुए है। सभी का  उपमुख्यमंत्री एवं कांसोटिया द्वारा साल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। पूरे समय कार्यक्रम में उपस्थित रहें । मध्यप्रदेश अजाक्स क प्रांतीय अध्यक्ष जेएन. कांसोटिया, वरिष्ठ (आईएएस) महानिदेश आर. सी. व्ही. पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल द्वारा  सभी शासकीय सेवको को शुभकामनाये दी अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और अपने अनुभव का उपयोग युवाओ के लिए करने का अग्रह किया।  अजाक्स की मंत्रालय इकाई के अध्यक्ष भकोरिया ने कहा अजाक्स द्वारा वर्ष में एक बार सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को आमांत्रेत कर, एक साथ विदाई समारोह के आयोजन द्वारा उनका सम्मान किया जाना वरिष्ठों के प्रति सम्मान के साथ शासन प्रशासन में संस्कार, संस्कृति और एक नई परम्परा की पहल माध्यप्रदेश अजाक्स द्वारा की जा रही है, इससे वरिष्ठों के प्रति सम्मान और आपसी समन्वय की भावना जागृत होगी और शासकीय कार्य का सम्पादन सहजता सरलता होगी । सुभाष वर्मा ने मंत्रालय के शासकीय सेवकों की लंबित मांगें मान. उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखी पदोन्नति, चौथा समयमान वेतनमान  आदि और अजाक्स मंत्रालयीन  शाखा द्वारा किये जा रहे कार्य की सराहना की। इस अवसर पर गौतम पाटिल, ए आर सिंह, एन पी प्रजापति, कमल मेहरा,  विमला हिरकने एस सी ओसले, विनोद बट्टी, संजय राठौर, आबिद खान, प्रहलाद नरवारे, हरिमोहन अहिरवार, घनश्याम  इनवाती, हरिशंकर अहिरवार, सच्चिदानंद धुर्वे, प्रतीक मेहरा, रामजीलाल कोली, बसंत मेश्राम, नरेश धौलपुरिया recent visitors 142

अब पेंशन और अवकाश नियम में होगा संशोधन, बदल जाएगा 1977 का ये रूल, रिटायर अधिकारी बनाएंगे नए नियम

भोपाल मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के अवकाश और पेंशन के नियम लंबे समय बाद संशोधित किए जाएंगे। इन्हें केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग ने सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों का समूह बनाया है, जो मार्च 2025 तक अनुशंसा देगा। पेंशन और अवकाश नियम में संशोधन इसके आधार पर नियम वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पहले नियम को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है। वित्त विभाग ने पेंशन और अवकाश नियम में संशोधन के लिए गठित समूह में वित्त सेवा के आरके जैन, सामान्य प्रशासन विभाग के एमके बातव को शामिल किया गया है। इसके साथ ही वित्त सेवा के दो अन्य अधिकारी भी इस काम को देखेंगे। इन नियमों में परिवर्तन उल्लेखनीय है कि भारत सरकार पेंशन नियमों में कई परिवर्तन कर चुकी हैं। इसमें 25 वर्ष से अधिक अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्याक्ता को परिवार पेंशन देने का प्रविधान है। पेंशनरों की मांग को देखते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीपी सिंघल की अध्यक्षता वाले कर्मचारी आयोग ने पेंशन नियम का परीक्षण करके संशोधन संबंधी अपनी रिपोर्ट वित्त विभाग को तीन वर्ष पहले दी थीं। इस पर विभाग ने पेंशन संचालनालय से अभिमत भी मांगा था, जो दिया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी तरह अवकाश संबंधी 1977 के नियम भी वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए बदले जाएंगे। recent visitors 42

ठंड का कहर जारी, दिल्‍ली में फिर बारिश के आसार, 4 और 5 जनवरी को बर्फबारी से देश में बढ़ सकती है ठंड

नई दिल्‍ली देश भर में इन दिनों ठंड का कहर जारी है। कई शहर शीतलहर की चपेट में हैं। उत्‍तर और मध्‍य भारत के कुछ शहरों में बीते सप्‍ताह बारिश भी हुई। इसके चलते ठिठुरन और बढ़ी है। अब मौसम विभाग का ताजा अनुमान बताता है कि अगले तीन से चार दिनों तक बारिश और सर्दी की संभावना है। उत्तर भारत के मौसम का अपडेट आईएमडी के वैज्ञानिक ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की जानकारी दी। उन्होंने अगले 4-5 दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बर्फबारी की भविष्यवाणी की। 4 और 5 जनवरी को जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी हो सकती है। उन्होंने कहा, "पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। अगले 4-5 दिनों में पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की से मध्यम बर्फबारी होगी। 4 और 5 जनवरी को जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी की उम्मीद है। आस-पास के मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 6 जनवरी को दिल्ली में हल्की बारिश की उम्मीद है। दिल्ली का मौसम अपडेट दिल्ली में इस सप्ताह बारिश होने की उम्मीद है। आईएमडी के दिल्ली के मौसम अपडेट के अनुसार 6 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। दिल्ली में शुक्रवार को घने कोहरे की चादर छाने के बाद कुछ इलाकों में दृश्यता शून्य हो जाने से मौसम की स्थिति और खराब हो गई। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दिल्ली में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार से दिल्ली ठंड के दिनों से जूझ रही है और आज कोहरे ने हालात और खराब कर दिए हैं। शुक्रवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बीच, अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। दिल्ली में ठंडे दिन की स्थिति "ठंडा दिन" तब होता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम होता है और उच्चतम या निम्नतम तापमान किसी विशिष्ट अवधि के लिए सामान्य माने जाने वाले तापमान से कम से कम 4.5 डिग्री कम होता है।शुक्रवार को कुछ क्षेत्रों में दृश्यता शून्य हो गई। मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर बहुत घना कोहरा रहा, दृश्यता 0 मीटर दर्ज की गई। इसने कहा कि सभी रनवे CAT-III मानदंडों के तहत काम कर रहे हैं – एक नेविगेशन सिस्टम जो विमानों को कम दृश्यता के तहत उतरने में मदद करता है। recent visitors 84