दिल्ली विधानसभा चुनाव: संजय राउत कांग्रेस और AAP की जंग पर I.N.D.I.A. चिंतिंत बोले- मर्यादा में रहें, जनता देख रही है

मुंबई. दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही आम आदमी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने में जुटी हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन में लड़ी थी। अब विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ उतरने पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं को भाजपा की जीत का डर सताने लगा है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच छिड़ी जंग पर चिंता जताई है। संजय राउत ने दी नसीहत संजय राउत ने कहा कि इससे सिर्फ भाजपा को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि लड़ाई दिल्ली और पूरे देश में भाजपा के खिलाफ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने झगड़ा जिस लेवल पर चल रहा है, वह देश की जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि जब हम अगले लोकसभा में एक साथ लड़ने जाएंगे, तो लोग हमारे बर्ताव के बारे में सवाल करेंगे। राउत बोले- मर्यादा में रहें संजय राउत ने कहा कि 'आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जो इंडिया ब्लॉक के सदस्य हैं, वह यहां लड़ रहे हैं। हम यहां अपनी ताकत क्यों खर्च करें। चुनाव से पहले अखाड़ा चल रहा है। अखाड़े में सब पहलवाल एक-दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं, ये ठीक नहीं है।' उन्होंने कहा, 'अरविंद केजरीवाल को जनता ने चुनकर 10 साल मुख्यमंत्री बनाया है, आप उन पर देशद्रोही का टैग लगाना चाहते हैं। आप एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ें, लेकिन मर्यादा और संयम के तहत रहना चाहिए, क्योंकि कभी न कभी एक साथ आना ही है।' कांग्रेस ने लगाए थे आरोप आपको बता दें कि कांग्रेस नेता अलका लांबा ने मंगलवार को कहा था कि दिल्ली में केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी है। उन्होंने कहा कि जनता ने एक दशक का कार्यकाल देख लिया है और अब वह कांग्रेस के लिए वोट करेगी। भाजपा पर हमला बोलते हुए अलका ने कहा था कि उनके पास कोई एजेंडा नहीं है और वह केवल पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ते हैं।   recent visitors 73

Delhi Election 2025 Date: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान, 8 को आएंगे नतीजे

Delhi Election 2025 Date

Delhi Assembly Election 2025 Date: चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा। 8 फरवरी 2025 को मतगणना होगी और इसी के साथ यह तय हो जाएगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनने जा रही है? चुनाव की अधिसूचना- 10 जनवरीनामांकन की आखिरी तारीख- 17 जनवरीनामांकन पत्रों की जांच- 18 जनवरीनाम वापसी का अंतिम दिन- 20 जनवरीमतदान की तारीख- 5 फरवरीमतगणना की तारीख- 8 फरवरी मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हम पर यह सवाल उठाए गए कि शाम पांच बजे के बाद कैसे मतदान का आंकड़ा बढ़ जाता है? करोड़ों वोट कैसे बढ़ जाते हैं? यह ध्यान रखना होगा कि सुबह 9:30 बजे, 11:30, दोपहर 1:30, 3:30 और शाम 5:30 बजे के बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान का आंकड़ा इकट्ठा करते हैं। वोटिंग खत्म होने के समय फॉर्म 17-सी दिया जाता है। जब शाम 7:30 बजे तक अधिकारी तक सारी मशीनें इकट्ठा करता है, तब उसके मतदान केंद्र का अंतिम आंकड़ा पता चल पाता है, जबकि हमसे कहा जाता है कि छह बजे ही आंकड़ा बता दें। लोग ये भूल जाते हैं कि दुनिया के बड़े देशों में तो एक-एक महीना मतगणना चल रही है। Read More: दिल्ली चुनाव: कांग्रेस ने किया ‘प्यारी दीदी’ योजना का ऐलान, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये https://mysecretnews.com/delhi-elections-congress-announces-pyaari-didi-scheme/ उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ईवीएम में नई बैटरी डाली जाती है। उसी दिन उसे सील किया जाता है। जिस दिन मतदान होता है, उस दिन सील पोलिंग एजेंट के सामने तोड़ी जाती है। मॉक पोल किया जाता है। पोलिंग एजेंट रिकॉर्ड रखते हैं कि कौन आया, कौन गया। किसमें कितने वोट पड़े, इसकी संख्या उनको दी जाती है। काउंटिंग के दिन भी पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है। फॉर्म 17 सी से मिलान होता है। उसके बाद किसी भी पांच वीवीपैट से भी मिलान किया जाता है। हमारी प्रक्रिया पर कई बार सवाल उठाए गए हैं। चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि भारतीय मतदाता बेहद जागरूक हैं। मतदाता सूचियों को लेकर अब भी कहानियां चल रही हैं। करीब 70 सीटें हैं। जिसमें राजनीतिक दल और उम्मीदवार हमारे साथ रहते हैं, जितने भी दावे और आपत्तियां आती हैं। उन्हें सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाता है। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता। चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं है। ईवीएम में वायरस या बग आने का कोई सवाल ही नहीं है। ईवीएम में अवैध वोट होने का सवाल ही नहीं है। कोई धांधली संभव नहीं है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट अलग-अलग फैसलों में लगातार यही कह रहे हैं और क्या कहा जा सकता है? ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस है। टेम्परिंग के आरोप बेबुनियाद हैं। हम अभी बोल रहे हैं क्योंकि चुनाव के समय हम नहीं बोलते। recent visitors 265

CRPF बल के अभियानों की समीक्षा करने बीजापुर पहुंचे DG वितुल कुमार

रायपुर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक वितुल कुमार अपने बल के अभियानों की समीक्षा करने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे। इसके अलावा यहां वह बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट का विश्लेषण करेंगे। बता दें कि सोमवार को नक्सलियों के द्वारा किए गए विस्फोट में आठ सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। इस घटना में उनके वाहन के असैन्य चालक की भी मौत हो गयी थी। इस घटना के बाद पूरा देश शोक में है। बता दें कि कुछ समय पहले हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को समाप्त कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अर्द्धसैनिक बल के कार्यवाहक प्रमुख के घटनास्थल का दौरा करने, शहीद जवानों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लेने तथा अपने बल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि वितुल कुमार मंगलवार को बस्तर क्षेत्र में कुछ सीआरपीएफ शिविरों का भी दौरा करेंगे। छत्तीसगढ़ में दो साल में सुरक्षा बलों पर अपने सबसे घातक हमले में नक्सलियों ने सोमवार को अपराह्न करीब सवा दो बजे कुटरू थाना क्षेत्र के अंबेली गांव के पास 60-70 किलोग्राम के शक्तिशाली आईईडी का इस्तेमाल कर एक वाहन को उड़ा दिया था।   recent visitors 71

विधानसभा चुनाव में झोंकेंगे ताकत, नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल का दो पूर्व CM के बेटों से मुकाबला

नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग आज तारीखों का एलान कर सकता है। सत्तासीन आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा तीनों ने ही अपने कुछ उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है। इनमें जिस सीट की आज हम बात करने जा रहे हैं, वह इस साल का सबसे बड़ा और रोचक मुकाबला हो सकता है। दरअसल, यह सीट है नई दिल्ली की, जहां से कभी शीला दीक्षित जीतकर मुख्यमंत्री बनी थीं। बाद में इसी नई दिल्ली सीट पर शीला दीक्षित को हराकर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जीत दर्ज की और वे अब तक इसी सीट से दिल्ली के विधायक बने हुए हैं। इस बार भी आम आदमी पार्टी की तरफ से इस सीट पर अरविंद केजरीवाल ही उम्मीदवार हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस सीट पर संदीप दीक्षित को उतारा है। संदीप दीक्षित दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे हैं और केजरीवाल से 11 साल पहले अपनी मां की हार का बदला लेने के लिए मैदान में हैं। इसके अलावा तीसरा नाम भाजपा के प्रत्याशी प्रवेश वर्मा का है। वे खुद भी दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। इन तीन नेताओं के मुकाबले ने नई दिल्ली सीट पर विधानसभा चुनावों को सबसे दिलचस्प बना दिया है। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर नई दिल्ली विधानसभा सीट का इतिहास क्या है? इस बार इस सीट से खड़े हो रहे उम्मीदवारों का सियासी इतिहास क्या है? उनकी ताकत कितनी है? इसके अलावा उनकी संपत्ति कितनी है? आइये जानते हैं… नई दिल्ली विधानसभा सीट का क्या इतिहास? दिल्ली विधानसभा की 70 सीट में से सबसे अहम सीटों में से एक है नई दिल्ली की विधानसभा सीट। दरअसल, इसका इतिहास और यहां से खड़े होने वाले चेहरे इस सीट को हमेशा से खास बनाते रहे हैं। 1993 में नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के अस्तित्व में आने से पहले इसे गोले बाजार विधानसभा सीट कहा जाता था। हालांकि, नई दिल्ली की अलग सीट बनने के बाद से ही यहां बड़े-बड़े नेता लगातार अपनी किस्मत आजमाते रहे हैं। 1. पहली बार में ही आई भाजपा के हाथ 1993 से लेकर अब तक नई दिल्ली विधानसभा सीट पर सात बार चुनाव हो चुके हैं। सबसे पहली बार जब इस सीट पर चुनाव हुए थे, तब भारतीय जनता पार्टी के कीर्ति आजाद ने यहीं से कांग्रेस के प्रत्याशी बृज मोहन भामा को शिकस्त दी थी। हालांकि, यह मुकाबला काफी करीबी रहा था और हार-जीत का अंतर 3500 वोटों का था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चुनाव के बाद से भाजपा अब तक नई दिल्ली की सीट को दोबारा नहीं जीत पाई। अगले छह चुनाव में तीन बार कांग्रेस तो तीन बार आम आदमी पार्टी ने कब्जा जमाया। 2. फिर कांग्रेस ने मजबूत रखा अपना दावा इस सीट पर 1998 में हुए दूसरे चुनाव में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को जीत मिली थी। शीला दीक्षित तब कांग्रेस में एक कद्दावर नेता की पहचान बना रही थीं। इस जीत ने दिल्ली में उनके दावे को मजबूत किया और पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। शीला दीक्षित ने इसके बाद यहां से दो और बार- 2003 और 2008 में जीत दर्ज की और मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहीं। 3. अरविंद केजरीवाल को नहीं हरा पा रहे कांग्रेस-भाजपा 2013 में दिल्ली विधानसभा के लिए फिर चुनाव कराए गए। इस बार यहां एक नए दल आम आदमी पार्टी ने किस्मत आजमाई और इस सीट से पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को चुनौती देने की ठानी। वे इस चुनौती में सफल भी रहे और उन्होंने शीला दीक्षित और कांग्रेस के 15 साल के शासन को खत्म कर सरकार बनाने में सफलता हासिल की। केजरीवाल की जीत कितनी बड़ी थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें एक मुख्यमंत्री के खिलाफ 26 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल हुई थी। केजरीवाल को इस सीट पर 44,269 वोट मिले थे, जबकि शीला दीक्षित को 18,405 वोट हासिल हुए थे। भाजपा के विजेंद्र गुप्ता इस सीट पर 17,952 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे। 2013 में त्रिशंकु विधानसभा बनने के बाद कांग्रेस ने आप को बाहर से समर्थन देकर सरकार बनाई। तब नई दिल्ली विधानसभा सीट से जीतने वाले अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम बने। हालांकि, 2015 में ही कांग्रेस ने यह समर्थन वापस ले लिया और दिल्ली में फिर चुनाव हुए। इस बार फिर केजरीवाल इसी सीट से चुनाव लड़े और 64 फीसदी वोट हासिल कर बंपर जीत हासिल करने में सफल रहे। केजरीवाल को 57 हजार से ज्यादा वोट मिले और उन्होंने भाजपा की नूपुर शर्मा (25,630) वोट और कांग्रेस की किरण वालिया (4,781 वोट) को आसानी से हरा दिया। इस तरह केजरीवाल लगातार दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल फिर नई दिल्ली सीट से ही उतरे। सात साल की एंटी-इन्कंबेंसी के कारण केजरीवाल (46,758 वोट) के वोटों की संख्या में गिरावट जरूर आई। लेकिन उनकी जीत का मार्जिन 20 हजार वोटों से ऊपर ही रहा। उन्हें इस चुनाव में 61 फीसदी वोट मिले। वहीं भाजपा के सुनील कुमार यादव (25,061) और कांग्रेस के रोमेश सभरवाल (3,220 वोट) यहां से चुनाव हार गए। इस बार मैदान में उतरे लोगों की सियासी ताकत कितनी? 1. अरविंद केजरीवाल इस बार नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल फिर मैदान में हैं। बीती तीन जीत ने उनकी सियासी ताकत को लेकर काफी खुलासे पहले ही कर दिए हैं। हालांकि, उनकी निजी जिंदगी और संपत्ति के बारे में भी बात करना जरूरी है। 2020 में चुनाव से पहले दिए गए उनके हलफनामें उनकी (अरविंद और उनकी पत्नी की) कुल संपत्ति 3 करोड़ 44 लाख 42 हजार 870 रुपये बताई गई थी। उनके पास कुल कैश 22,000 रुपये, बैंक में जमा 33 लाख 29 हजार रुपये, बॉन्ड-स्टॉक्स के तौर पर 15 लाख 31 हजार रुपये, 6 लाख 20 हजार के करीब मोटर वाहनों में और 12 लाख 40 हजार रुपये की ज्वैलरी शामिल थी। यानी केजरीवाल और उनकी पत्नी के पास 2020 के चुनाव से पहले 67 लाख रुपये की संपत्ति चल संपत्ति थी। इतना ही नहीं केजरीवाल के पास 1 … Read more

मई में निकाय चुनाव 2025 की सम्भावना, बीजेपी महापौर प्रत्याशी के लिए मीनल चौबे प्रबल दावेदार

रायपुर मई महीने में निकाय चुनाव 2025 होने की संभावना जताई जा रही है। आज यानी 7 जनवरी को निकाय चुनाव के लिए आरक्षण की पहली प्रक्रिया पूरी हुई। लेकिन आगामी महीने में बोर्ड परीक्षा के पहले रिवीजन क्लासेस और सारी प्रक्रिया को देखते हुए टीचरों का उपलब्ध होना और स्कूल खोले रखना कठिनाई भरा होगा। वैसे भी सभी नगर पालिका निगम में सुचारु रूप से कार्य संचालन हेतु नगर में प्रशासक बिठाए गए है। जिससे निगम के सभी कामकाज प्रभावित ना हो। इसी सब कारणों से चुनाव मई महीने में संपन्न कराए जा सकते है। निगम चुनाव रायपुर में बीजेपी से महापौर प्रत्याशी के लिए मीनल चौबे प्रबल दावेदार मानी जा रही है। दरअसल प्रदेश के 14 नगर निगम में 5 महापौर सीट महिला के लिए आरक्षित रहेगी। रायपुर में सामान्य वर्ग की महिला मेयर का चुनाव लड़ेगी। रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में चल रही है। 1.रायपुर- सामान्य महिला 2.बीरगांव-सामान्य महिला 3.दुर्ग- ओबीसी महिला 4.भिलाई-OBC 5.भिलाई चरौदा-OBC 6.बिलासपुर-OBC 7.कोरबा-सामान्य महिला 8.धमतरी-समान्य 9.रायगढ़ – SC 10.अम्बिकापुर ST 11.रिसाली-SC महिला 12.चिरमिरी- सामान्य 13.जगदलपुर-सामान्य 14. राजनांदगांव -सामान्य   recent visitors 58

अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट पर भी 5 फरवरी को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे: चुनाव आयोग

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर सीट पर भी चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. दिल्ली के साथ अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट पर भी 5 फरवरी को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे.  मिल्कीपुर सीट पर उम्मीदवारों का नॉमिनेशन 10 जनवरी से शुरू होगा और 17 जनवरी तक चलेगा. उसके बाद 18 जनवरी को प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी और जो प्रत्याशी अपना नामांकन वापस लेना चाहें, वो 20 जनवरी तक वापस ले सकते हैं. अगर वोटिंग की बात करें तो यहां 5 फरवरी को वोटिंग होगी और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे.   अवधेश प्रसाद के इस्तीफे से खाली हुई सीट 2022 के विधानसभा चुनावों में मिल्कीपुर सीट से समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद विधायक चुने गए थे. अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें फैजाबाद (अयोध्या) सीट से टिकट दिया और वो बीजेपी के लल्लू सिंह को हराकर चुनाव जीते, जिसके बाद उन्होंने मिल्कीपुर विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया और इस सीट पर अब उपचुनाव हो रहे हैं. यूपी की 9 सीटों पर पहले ही हो चुके हैं उपचुनाव इससे पहले यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो चुके हैं. इनमें से 7 सीटों पर एनडीए जबकि दो सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी. करहल और सीसामऊ सीट पर समाजवादी पार्टी जीती थी, जबकि मझवां, कुंदरकी, खैर, गाजियाबाद सदर, कटेहरी और फूलपुर में बीजेपी और मीरापुर में आरएलडी ने जीत दर्ज की थी. सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नतीजा कुंदरकी का रहा था क्योंकि ये सीट बर्क परिवार की मानी जाती रही है. इस बार बीजेपी के रामवीर सिंह ने कुंदरकी में कमल खिलाया है. मिल्कीपुर में क्यों नहीं हुआ था चुनाव? चुनाव आयोग ने बताया था कि पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की हुई थी. ये याचिका 2022 विधानसभा चुनाव के बाद गोरखनाथ बाबा ने सपा के अवधेश प्रसाद के चुनाव जीतने को लेकर दायर की थी, जो कोर्ट में लंबित थी. हालांकि अब इस याचिका को वापस ले लिया गया है. उम्मीदवारों का ऐलान करें तो सपा ने मिल्कीपुर विधानसभा सीट से अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है. हालांकि बीजेपी ने अबतक यहां अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. recent visitors 71

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, एक ही चरण में होगा मतदान, 5 फरवरी को वोटिंग, 8 को आएंगे परिणाम

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आज चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि एक ही चरण में 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव 5 फरवरी को होंगे, जबकि नतीजे 8 फरवरी को आएंगे।  दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने की रखी बात राजीव कुमार ने जनता से लोकतंत्र में अपनी भागीदारी बढाते रहने की गुजारिश की। उन्होंने कहा, ''सभी लोग लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाते रहें। लोकसभा चुनाव में नया रिकॉर्ड बना है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में भी लोकतंत्र मजबूत होता रहेगा। साल 2024 चुनाव से भरा साल रहा। इस बार दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर वोट होने की उम्मीद है।" उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए गए, लेकिन सभी शंकाएं दूर की गईं। देश में 99 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं।  कहा गया कि वोटर लिस्ट में गलत एंट्री हुई। धीमी मतगणना के आरोप लगाए गए। कहा गया कि ये ईवीएम इलेक्शन है।'' इन्हें मिलेगी घर से मतदान करने की सुविधा इसके अलावा चुनाव में 85 वर्ष से अधिक आयु के तथा दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा रहेगी। मतदान में आसानी के लिए मतदान केंद्रों पर स्वयंसेवक, व्हीलचेयर तथा रैंप बनाए जाएंगे।साथ ही चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को नसीहत भी दी। राजीव कुमार ने कहा, ''चुनाव प्रचार में भाषा का ख्याल रखें। महिलाओं के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल न करें।'' अंतिम मतदाता सूची भी हुई जारी इससे पहले चुनाव आयोग ने बीते सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस सूची में कुल 1,55,24,858 मतदाता हैं। इनमें 85,49,645 पुरुष, 71,73,952 महिलाएं और 1,261 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 18 से 19 वर्ष के करीब 2 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जाते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 (नाम जोड़ने) और फॉर्म 7 (नाम हटाने) का इस्तेमाल होता है। राजनीति दलों को समय-समय पर इन बदलावों की जानकारी दी जाती है। नए मतदाता और हटाए गए नाम आयोग के मुताबिक 29 अक्टूबर से 28 नवंबर के बीच 3,08,942 नए नाम जोड़े गए जबकि 1,41,613 नाम सूची से हटाए गए। इस तरह 1,67,329 नए मतदाता जुड़े हैं सभी आवेदनों की जांच हुई चुनाव आयोग ने बताया कि 16 दिसंबर से एक महीने में 5.10 लाख से अधिक नए आवेदन आए। इनमें से 3 लाख से ज्यादा नाम अंतिम सूची में जोड़े गए। सभी आवेदनों की जांच पूरी गंभीरता से की गई और अधिकारियों को हर आवेदन का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। दिल्ली में वोटर्स का गणित मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि दिल्ली में अब कुल एक करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 मतदाता है। इनमें कुल 83 लाख 49 हजार 645 पुरुष और 71 लाख 73 हजार 952 महिला मतदाता हैं। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1261 है। recent visitors 56